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Fantasy Devil

Mr Rahul Sharma

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मेरा नाम सोनू है, उम्र 20 साल है और मेरी माँ का नाम प्रभा है और उम्र 39 साल है। मम्मी एकदम गोरी है और लम्बाई करीब 5 फुट 3 इंच है। छोटी बहन शीतल 18 साल की है।
बात है जब मेरे पिताजी का देहांत हो गया 4 साल पहले और हम दूसरे शहर में आके बस गए। रात को मैं माँ और छोटी बहन सब साथ ही सोते हैं एक ही बिस्तर पर।
एक साल तक बहुत मुश्किल से दिन काट रहे थे चूँकि तब मैं पढ़ाई कर रहा था और छोटी बहन भी स्कूल में थी; बहुत मुश्किल से घर चल रहा था।
उस वक़्त तक माँ सिर्फ साड़ी पहनती थी लेकिन करीब एक साल के बाद मेरी माँ ने जीन्स, स्कर्ट, टॉप और सेक्सी सेक्सी कपड़े पहनना शुरू कर दिया और वही पहन कर बाहर भी जाती आती थी। शुरू शुरू में मुझे आश्चर्य हुआ लेकिन फिर धीरे धीरे आदत बन गयी। मम्मी से पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्होंने नयी नौकरी शुरू की है तो वहां साड़ी में अच्छा नहीं लगता।
और वो 11 बजे सुबह निकलती तो कभी कभी रात 12 बजे तक आ जाती और बहुत बार अगले दिन सुबह आती थी।
3 साल ऐसे ही चलता रहा फिर मुझे शक होने लगा अभी करीब 2 महीने पहले फिर मैंने पीछा किया हफ्ते भर तक माँ का… तब पता चला कि ये तो अलग अलग होटल में जाती हैं अब तो मुझे यकीन हो गया था कि अचानक से इतने पैसे कैसे आने लगे हमारे घर में।
मैंने पहले भी मम्मी को पापा से चुदवाते हुए देखा है एवं आवाज़ सुनी है तो मम्मी को चोदने का मूड काफी पहले से था।
एक रात जब मैं मम्मी के साथ सो रहा था, तभी करीब 3 बजे मेरी नींद टूट गयी और लौड़ा खड़ा था एकदम जोश में। मैंने अपने पैर मम्मी के पैरों पे रख रखे थे फिर मैं और चिपक गया मम्मी से और मेरा लंड उनकी कमर को छू रहा था, इससे मेरा जोश और बढ़ रहा था।
फिर मैंने धीरे धीरे मम्मी की साड़ी उठानी शुरू की और कमर तक उठा दी, मम्मी सो रही थी तब भी।
उसके बाद मैंने उसकी चूत छुई तो देखा पानी आया हुआ है फिर मैं भी पायजामा उतार के चिपक गया उससे।
मैंने पहले उंगली डाली तो वो सिसकारी भरने लग गयी, यह सुन मेरा जोश सातवें आसमां पे चढ़ गया।
मैंने माँ की ब्लाउज खींची तो उसके हुक टूट गए, और मां उठ गयी और मुझे घूरने लगी उठ के। मैंने भी माँ के बाल पकड़े और चढ़ गया उनके ऊपर और बूबे मसलने लगा।
मेरा लौड़ा मम्मी की चूत से रगड़ खा रहा था. थोड़ी देर बाद वो एकदम शांत हो गयी और मैंने बिना कंडोम ही उसकी चूत में लौड़ा पेल दिया और माँ की दोनों टांगें उठा कर उसे कस कस के चोदने लगा. अब वो भी मजा लेने लगी थी.
करीब 10 मिनट चोदने के बाद मेरी मुठ मम्मी की चूत में ही गिर गयी और फिट वो तुरंत उठ के बाथरूम भागी फिर आकर बिस्तर पे लेट के मुझे प्यार करने लगी।
मेरी माँ के साथ चूत की चुदाई की आवाज़ सुन कर मेरी बहन शीतल भी जागी हुई थी लेकिन वो कुछ बोली नहीं, चुपचाप सब देख रही थी।
करीब सुबह के चार बजे मम्मी ने बिस्कुट खाया फिर कोई लंबी सी दवाई खायी, मैंने पूछा किस चीज़ की दवा है तो वो हँसने लगी और आकर मेरा लंड चूसने लग गयी। मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था।
थोड़ी देर में मेरा लंड दुबारा से खड़ा हो गया, मैं पुनः जोश में भर चुका था और मम्मी ने शायद कोई जोशवर्धक दवाई खायी थी जिससे वो एकदम बेकाबू हो चुकी थी। यह देख कर मेरी छोटी बहन शीतल का भी कण्ट्रोल छुट चुका था। मैंने महसूस किया वो अपनी चूत रगड़ रही थी।
मैंने शीतल की जांघों को छुआ तो वो गीली थी. मैं समझ गया कि मेरी छोटी बहन भी गर्म हो चुकी है मम्मी की चुदाई देख कर।
मम्मी अब नीचे बैठ गई और मैं खड़ा था, वो मेरा लौड़ा अपने मुख में पूरा अंदर लेकर चूस रही थी. इसी बीच मैंने शीतल के बूब्स मसल कर कहा- छोटी उठ… आ जा… साथ मिल के मम्मी को चोदते हैं।
शीतल उठ के खड़ी हो गयी, उसने हाफ पैंट और टॉप पहना हुआ था और खड़े खड़े मैं और बहन एक दूसरे को चूम रहे थे।
तभी नीचे मेरा लौड़ा चूसती हुई मम्मी बोली- ये शीतल रंडी भी आ गयी चुदवाने?? शीतल को खुद के लिए रंडी शब्द सुनकर गुस्सा आया और मुझसे पूछने लगी- भैया इस कुतिया को मैं पीटना चाहती हूँ। इसने मुझे रंडी बोला!
मैंने कहा- मार साली को… मार खा के इसे और जोश आता है।
शीतल ने मम्मी के बाल पकड़े और मेरे लौड़े के साथ टट्टे भी उसके मुंह में डलवा दिए और बोली- साली प्रभा, छिनाल तू मम्मी नहीं, तू रंडी है, तुझे तो कुत्ते से चुदवाऊँगी मैं।
यह सुन के मम्मी भी जोश में भर गयी और बोली- हाँ रंडी, चुदवा मुझे और थप्पड़ भी मार! तभी मैंने खींच कर 4 थप्पड़ मारे साली मम्मी को।
मम्मी ने कहा- मुझे चोद बेटा… मार मार के चोद… गाली दे मुझे! रंडी समझ के चोद मुझे! अपनी माँ को चोद दे!
मम्मी के मुख से ये सुन कर मेरा तो दिमाग ही घूम गया और मैंने भी साली को और मारना शुरू कर दिया उसकी फूली हुई गांड पे। जितना मारता वो उतना ही आअह्ह आअह्ह्ह्ह्ह करती!
ये सब सुन कर मेरा और बहन दोनों का जोश और बढ़ता जा रहा था, जोश जोश में मैंने पूछा मम्मी से- साली प्रभा, अभी इतना जोश है 38 की उम्र में तो जवानी में कैसे बर्दाश्त करती थी रंडी? वो बोली- साले, जितने तेरे झाँट में बाल नहीं है उससे ज्यादा तो लौड़े लिए हैं मैंने अपनी चूत में। अब मैं समझ चुका था के ये मेरी माँ साली छिनाल है।
अब मैंने उसे नीचे पटका और उस पर चढ़ कर उसके बूबे मसलते हुए चूस रहा था और मम्मी हाथों से मेरे बाल सहला रही थी, मेरी माँ पूरे जोश में थी तो मैंने सोचा कि इसी जोश में इसके अतीत को खंगाला जाए।
मैंने शीतल को इशारा किया कि माँ के हाथ दोनों हाथ बांध दे! उसने बाँध दिए.
तब मैंने कहा- शीतल अब अपनी चूत लेकर इसके मुख पे बैठ जा… अपनी चूत चुसवा साली को! तब तक मैं इस माँ की चूत चोदता हूँ।
शीतल ने बाल पकड़े मम्मी के और चूत माँ के मुह पे टिका दी और अपनी चूत चुसवाने लगी और मैं मम्मी की चूत में जीभ डाल कर चाट रहा था। शीतल की जवानी पूरी उछाल मार रही थी. उसने कहा- सोनू भैया, मेरे पास डिल्डो है, मैं उसे पहन लेती हूँ. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, मैं मम्मी की गांड मारना चाहती हूँ डिल्डो से और आप चूत चोदना गोद में उठा के।
मुझे आईडिया पसंद आया, मैंने कहा- ठीक है। शीतल ने फटाफट डिल्डो बांध लिया कमर पे और 8 इंच का रबर का लौड़ा लगा था उसमें।
अब मैंने शीतल को कहा- उठा साली को! शीतल ने माँ के बाल खींच के 4 थप्पड़ मारे और खड़ा कर दिया उसे।
अब मैं भी खड़ा था और मम्मी की जांघें पकड़ कर उसकी चूत में अपना लंड घुसाते हुए अपनी गोद में उठा लिया और शीतल को कहा- मार बहन गांड मम्मी की। पीछे से शीतल ने एकाएक पूरा डिल्डो पेल दिया मम्मी की गांड में और अब मैं दोनों भाई बहन मम्मी को चोद रहे थे।
शीतल ने कहा- सोनू भैया, इस रांड कुतिया के पेट में अपना बच्चा डालो आप रोज़ चोद चोद के… आपको मेरी कसम। मैंने कहा- ठीक है छोटी, तू कहती है तो बच्चा टिका देता हूँ मम्मी में! लेकिन जब ये गर्भवती हो जायेगी तब मैं किसे चोदूंगा? शीतल ने कहा- भैया आप मुझे यानि अपनी छोटी बहन को चोदना! लेकिन मुझे इसकी कोख में तुम्हारा बच्चा देखना है। मैंने हामी भर दी।
अब मैंने शीतल को कहा- अब मैं तुझे चोदूंगा थोड़ा सा।
अब मैंने मम्मी को बेड पे पटक दिया. हमने और शीतल को कुतिया बना के चोदने लगा, मेरी बहन पहली बार लौड़ा ले रही थी अपनी चूत में… बहन की चूत की सील टूटी तो उसे दर्द हुआ हल्का सा लेकिन उसे मज़ा आया। वो डिल्डो से अपनी चूत के साथ खेलती थी पहले से ही तो उसे ज्यादा दर्द नहीं हुआ!
वो जल्दी ही झड़ गयी और लेट गयी।
मैं अब फिर से मम्मी पे चढ़ गया वो अभी भी जोश में थी। अब मैं पूरी तरह खुल चुका था प्रभा मम्मी के साथ और उसे रंडी समझ के ही चोदना शुरू कर दिया जैसे मैंने उसे चोद चोद कर पैसे वसूल करने हों।
अब मैंने चप्पल उठाई और मम्मी के गांड पे मारना शुरू किया, वो साली और जोश में आ गयी और कहने लगी- और मार मादरचोद। मैं भी जोश से भर गया और तेज़ उसी घोड़ी बना कर बाल खींच खींच कर पीटने लगा और बीच बीच में उसकी गांड में लौड़ा घुसेड़ दे रहा था।
अब मम्मी को बेड पे पटक के चढ़ कर चूत चोदने लगा उसकी किस करते हुए… इस बार मेरा और मम्मी दोनों का साथ में गिर गया और मैं उसी के ऊपर ही लेट गया।
तब से अब तक हमारे बीच सब कुछ खुलेआम होता है मैं अपनी मामी को बहन के सामने और बहन को मम्मी के सामने चोदता हूँ. और पैसे के लिए मम्मी के जिस्म को ग्राहक को देते हैं और पैसे का सारा हिसाब किताब हम दोनों भाई बहन रखते हैं। सिर्फ मेरी मम्मी ही चुदाने जाती है, मेरी बहन तो सिर्फ मुझसे ही चुदाई करवाती है.
 

Mr Rahul Sharma

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अब आइये मैं आपको आगे की बात बताता हूँ जो पिछले कुछ दिनों में हुई है।
अब सिर्फ बाहर के लोगों के सामने ही हम प्रभा को मम्मी कहकर पुकारते थे अन्यथा हम लोग उस साली को रांड, कुतिया छिनाल कहकर ही बुलाते हैं और मम्मी को भी ये बहुत अच्छा लगता है कि मैं और बहन उसे गाली दें।
शीतल ने भी अपने लिए सेक्सी कपड़े मंगवा लिये, अब वो वही पहनती है जो मुझे अच्छा लगता है. और मम्मी कब किसके साथ चुदेगी, कितने में चुदेगी, इस सबका हिसाब और मैनेजमेंट मैं और शीतल ही देखा करते हैं।
मम्मी तो पहले से ही छोटे कपड़े पहनती थी लेकिन अब मेरे और शीतल के हिसाब से पहनती हैं ताकि वो और सेक्सी लगे और ग्राहक मिलें। लेकिन हम मम्मी को सिर्फ इतना ही चुदवाते है जितने में हमारा घर आराम से चल जाए।
जैसा कि आप लोगों को ध्यान होगा कि शीतल ने मुझे कसम दी थी कि मम्मी की कोख में वो मेरा बच्चा देखना चाहती है. लेकिन इस शहर में अधिकतर लोग पहचान के थे तो यहाँ यह संभव नहीं था तो एक रोज़ मैंने मम्मी और शीतल ने मिल कर प्लान किया कि हम किसी दूसरे शहर में चले जाते हैं लेकिन वहां भी बच्चा होने के पहले समाज को बताना पड़ेगा हमारा रिश्ता और सच रिश्ते बता कर बच्चा नहीं हो सकता और न ही कोई फ्लैट देगा किराये पे रहने को।
तो शीतल ने दिमाग चलाया और मेरी गोद में आकर बैठ गयी और कहा- सोनू भैया, हम ऐसा करते हैं कि तुम और ये रांड यानि मम्मी शादी कर लो समाज को दिखाने के लिए ताकि बच्चा टिके तो समाज में बदनामी न हो और मैं इस साली छिनाल की छोटी बहन बन के रहूंगी।
इतना सुनते ही मेरा लौड़ा तन के खड़ा हो गया, मैंने मम्मी की बूबे मसल दिए वो साली सिसकारी मारने लगी. तभी शीतल उठी और बाल खींच के नीचे पटक कर उसके 4-6 थप्पड़ मार के बोली- साली, अभी कुछ दिन सिसकारी मत मार तू… अभी कुछ रोज़ तक नहीं चुदेगी, अब सीधा सोनू भैया सुहागरात पे चोदेगा तुझे! तू जितनी प्यासी रहेगी, उतना ही मज़ा देगी मेरे भाई को! इसलिए कुछ दिन रुक, अब रही बात भैया की तो चूत उसे मैं भी नहीं दूंगी, बस मुठ मार के गिरा दूंगी ताकि तुम दोनों माँ बेटे की सुहागरात जबरदस्त रहे।
इतना कहकर शीतल अपने घुटने पे बैठ गयी और मेरा लौड़ा पकड़ कर मुठ मारने लगी और जोश दिलाने की लिए बोलने लगी- भैया अब तो तुम मम्मी के पति बनोगे, सोचो इतनी प्यासी औरत कितना मज़ा देगी तुम्हें, इसकी कोख में तुम्हारा बच्चा जन्मेगा और मैं तो तुम्हारी हूँ ही, मैं भी तुम्ही से शादी करूँगी जब बच्चे का दिल करेगा तो।
यह सब सुनते ही मेरा फर्श पे गिर गया।
अब हम लोगों ने शहर सोचना शुरू किया और पाया कि ऐसे काम के लिए कोलकाता बढ़िया जगह है। हमने इंटरनेट से खाली फ्लैट देखा, बात की और मैं अकेले फ्लैट देखने गया. फ्लैट काफी पसंद आया और मैंने एडवांस किराया दे दिया और कहा कि 3-4 दिनों में हम आ जायेंगे पूरे परिवार समेत।
करीब 10 दिन निकल गए इसमें।
अब हम लोग सब कोलकाता के लिए निकल पड़े और फ्लैट अपार्टमेंट में था और चाभी मेरे पास थी तो हम घर में घुसे और सामान रखा।
शीतल को भूख लगी थी तो हमने पिज़्ज़ा आर्डर किया। पिज़्ज़ा खाकर फिर हम लोगों ने आराम किया और शाम को उठे।
शाम को शीतल ने कहा- भैया कल तुम और मम्मी शादी कर लो मंदिर में, फिर कल ही सुहागरात मनाना। मैंने कहा- ठीक है… लेकिन पंडित कहाँ से लायें, इस शहर में हम नये हैं। शीतल ने कहा- बाहर पता करते हैं, मिला तो ठीक, वर्ना मैं ही शादी करवा दूंगी घर में ही। फिर शादी का जोड़ा, पैंटी वगैरह ले लेते हैं।
मैं और शीतल बाहर निकले लेकिन पंडित नहीं मिल पाया तो हमने खरीदारी की, शादी का लाल जोड़ा लिया, ब्राइडल पैंटी और ब्रा खरीदी, माला ली रोली, सिन्दूर और जो जो सामान हमने इंटरनेट पे देखा शादी के लिए वो सब ले लिया और घर आ गये।
काफी रात हो गयी थी तो खाना वगैरह खा के शीतल ने मम्मी को मेहँदी वगैरह लगा दी और हम सब सो गए, सुबह हमारी शादी होनी थी। हमने घर में ही शादी करने का फैसला किया.
तो सुबह नाश्ता वगैरह करके हमने घर सजाना शुरू कर दिया और करीब 2 बजे तक सारा घर सज़ा दिया गया और सुहागरात मानाने के लिए बेड भी सजा दिया। अब मैं और मम्मी और शीतल तीनों नहा कर तैयार हो गए। मैंने मैरून रंग की शेरवानी पहनी और मम्मी ने लाल लहंगा पहना, चूड़ा पहना और वो भी तैयार हो गयी।
शीतल ने सूट पहना और पूजा स्थान तैयार किया और मुझे बिठाया, फिर इंटरनेट से पढ़ के मंत्र बोलने लगी। फिर उसने मम्मी को बुलाया- प्रभा कुतिया आ जा, आ के बैठ भैया के बगल में, तेरी 15 दिन की चुदाई की प्यास आज मिटेगी!
मम्मी बैठ गयी बगल में मेरे, फिर शीतल ने कहा- मम्मी को सिन्दूर लगाओ! मैंने मम्मी की मांग भर दी और फिर मंगलसूत्र पहनाया।
करीब 8 बजे हमारी शादी संपन्न हो गयी. फिर हमने खाना खाया, मम्मी को अपनी जांघों पे बिठा के खाना खिलाया मैंने। और अब सुहागरात की तैयारी करने लगे।
करीब 10 बजे मैं बिस्तर पे आया, शीतल ने कहा- मैं देखूँगी और तुम्हारी मदद करूँगी यहीं रह कर!
तो वो टाइट स्कर्ट और टॉप पहन कर मम्मी को लेकर आई और उसे बिस्तर पे बिठा दिया और खुद कुर्सी पे बैठ गयी।
पहले शीतल ने जोशवर्धक दवा खिलाई मम्मी को… फिर मुझे चूमा होठों पे और बोली- चूत फाड़ देना साली की आज, भैया। रंडी समझ के चोदना इसे कि इसकी चुदाई देखकर मेरी चूत में पानी भर जाए।
मम्मी जो अब मेरी पत्नी थी, लेटी थी, उसके दोनों गाल पे पहले मैंने एक थप्पड़ मारा फिर कस के दांत से काटा और चूमा। दवा ने असर दिखाना शुरू कर दिया था, प्रभा रांड सिसकारी मारने लगी, मैंने साली के दोनों बूबे कस के मसल के उन पे दांत काटा।
शीतल ने कहा- भैया, चोली फाड़ के बूब्स बाहर निकाल साली के! मैंने तुरंत ही मम्मी की चोली पकड़ी और फाड़ डाला; अंदर लाल ब्रा में साली के बूब्स बहुत प्यारे लग रहे थे। मैंने ब्रा के ऊपर से बूब्स मसल के दांत काटा और ब्रा उतार दी साली की। अब कमर के ऊपर मम्मी पूरी नंगी थी।
तभी शीतल ने लिक्विड चॉक्लेट मम्मी के बूब्स पे डाली और कहा- भैया सारा चॉकलेट चूस लो अपनी बीवी के बूब्स पर से। मैंने निप्पल पे दांत काटा, फिर जीभ से चाट पे और बूब्स मुह में लेकर मम्मी के बूब्स पर से सारी चॉकलेट खाने लगा।
प्रभा रांड के जोश का अब कोई ठिकाना ना रहा; कस कस के सिसकारी मार रही थी और बोली- आह मेरे पतिदेव, आज तो मुझे सच में रंडी छिनाल समझ के चोद। सालों बाद ऐसा मज़ा मिल रहा है। अब मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और एकदम नंगा हो गया और मम्मी के पेट एवं नाभि पे चॉकलेट चाटने लगा।
अब मम्मी की कमर पे दांत काटा और मम्मी का लहंगा धीरे धीरे उसके बदन को चूमते हुए नीचे सरकाने लगा।
अब सिर्फ पैंटी बची थी, शीतल ने उसकी पैंटी में ढेर सारा चॉकलेट उड़ेल दिया। अब मैंने दांतों से पकड़ कर उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत चाटने लगा जिससे मम्मी गांड उठा के पटकने लगी बेड पे जोश में! इस पे शीतल ने कहा- भैया, ये छिनाल बहुत गांड पटक रही है… रंडी की गांड मारो पहले।
यह सुनते ही जोश में भरी मेरी प्यारी पूजनीय रंडी मम्मी बोली- मारिये पतिदेव मेरी गांड को… साले भड़वे मेरा मरद बना है शादी करके तो अपनी बीवी की गांड और चौड़ी कर कि लोग सड़क पे देख के बता दें कि साली ने खूब गांड मरवाई हैं अपने पति से।
इतने सुनते ही शीतल ने बाल पकड़े मम्मी के और उसे कहा- कुतिया बन साली, मरवाती हूँ तेरी गांड आज ढंग से।
अब मम्मी कुतिया बन के बैठी थी बेड पे, मामी की गोल गोल मोटी गांड मेरा जोश और बढ़ा रहे थे मैंने दोनों साइड कस के दांत काटा फिर जैसे ही लौड़ा छेद पे रखा, शीतल ने आकर मुझे रोक दिया और अपनी हील वाली सैंडल देकर बोली- भैया पहले इसकी गांड पे थप्पड़ और सैंडल से मारो ताकि लाल हो जाए! इतना कहकर शीतल ने खींच खींच के मम्मी की गांड पे थप्पड़ मारे और मैंने सैंडल। मम्मी ‘आह्ह्ह्ह साले… और मार मादरचोद रंडी की औलाद… और मार, बहुत अच्छा लग रहा है…’ कहने लगी।
हम दोनों भाई बहन ने और खींच खींच के मारे और साली की गांड लाल कर दी. फिर शीतल ने मेरा लौड़ा उसके छेद पे लगाया और बोली- एक ही बार में ठेल दो पूरा लौड़ा! मैंने वैसा ही किया, मम्मी की साँस रुकने जैसे हो गयी तो शीतल ने आगे जाकर उसे थप्पड़ मारे गाल पे, उसके बाल पकड़ के और मुझे कहा- भैया, तुम मम्मी की गांड मारो अब।
मैंने बूब्स पकड़ के साली की गांड मारना शुरू किया, छेद कसा हुआ था, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मम्मी को भी।
करीब 10 मिनट गांड मारने के बाद शीतल ने कहा- लौड़ा साली के मुंह में दे! मैंने वैसा ही किया, उसकी छाती पे बैठ पे लौड़ा साली के मुख में पेल दिया और मुख चोदने लगा।
थोड़ी देर बाद शीतल ने कहा- भैया, अब असली चीज़… इसकी चूत चोदो गोदी में उठा कर। मैंने तुरंत ही मम्मी को गोदी में उठा लिया, मम्मी ने अपने पैर मेरी कमर पे लपेट लिए और शीतल ने पीछे से मेरा लौड़ा मम्मी की चूत के छेद पे रख दिया और बोली- भैया घुसाओ अब साली की चूत में। मैंने भी सटाक से पेल दिया लौड़ा मम्मी की चूत में और गोद में लेकर चोदने लगा, पीछे से शीतल मम्मी की गांड पे मारे जा रही थी।
शीतल बोली- भैया, कस के चोदो साली छिनाल को, इस बार इसका महीना आएगा उसके अगले ही दिन चोदना और बच्चा टिकाना, पटको साली को बेड पे! मेरी चूत पूरी गीली हो गयी है, चटवाती हूँ कुतिया से, तुम चूत चोदते जाना।
मैंने तुरंत बेड पे पटका मम्मी को और टांगें उठा कर चूत कस के पेलने लगा और शीतल ने अपनी चूत मम्मी के मुख में ठूँस दी और बाल पकड़ के बोली- पी साली छिनाल पी… सब मेरी चूत का पानी।
मम्मी भी भयानक जोश में थी तो मम्मी ने अपनी जीभ शीतल की चूत में घुसा दी और मुख में चूत भरकर उसका पानी पीने लगी। इतने में शीतल का पानी मम्मी के मुख में ही गिर गया, मम्मी भी झड़ गयी, मेरे लौड़े पे उसका गरम पानी महसूस हो रहा था. तभी जोश में मेरा भी मुठ मम्मी की चूत में ही गिर गया।
फिर हम सभी नंगे ही सो गए, मैं मम्मी के ऊपर लौड़ा बिना निकले ही सो गया और 3 बजे सुबह में एक बार फिर से चोदा साली मम्मी को।
अगले दिन काफी देर से उठे हम सब!
अब घर से बाहर मैं और मम्मी पति पत्नी जैसे चलते हैं।
और बहुत जल्द मेरी मम्मी मेरा बच्चा अपनी कोख में लेगी। मम्मी के गर्भवती होने पे मैं शीतल को चोद के काम चलाऊंगा. और शीतल ने वादा किया है कि वो बढ़िया से बढ़िया लड़कियाँ देगी मुझे चोदने के लिए और उसके पैसे मम्मी को लोगों से चुदवाकर आएंगे और उसी से हमारा घर चलता रहेगा। लेकिन बाहरी लोग कंडोम लगा के ही चोदते हैं मम्मी को।
 

netsunil

मैं काग़ज़ बेरंग.. तू रंगरेज़ मेरे अल्फ़ाज़ों का
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अब आइये मैं आपको आगे की बात बताता हूँ जो पिछले कुछ दिनों में हुई है।
अब सिर्फ बाहर के लोगों के सामने ही हम प्रभा को मम्मी कहकर पुकारते थे अन्यथा हम लोग उस साली को रांड, कुतिया छिनाल कहकर ही बुलाते हैं और मम्मी को भी ये बहुत अच्छा लगता है कि मैं और बहन उसे गाली दें।
शीतल ने भी अपने लिए सेक्सी कपड़े मंगवा लिये, अब वो वही पहनती है जो मुझे अच्छा लगता है. और मम्मी कब किसके साथ चुदेगी, कितने में चुदेगी, इस सबका हिसाब और मैनेजमेंट मैं और शीतल ही देखा करते हैं।
मम्मी तो पहले से ही छोटे कपड़े पहनती थी लेकिन अब मेरे और शीतल के हिसाब से पहनती हैं ताकि वो और सेक्सी लगे और ग्राहक मिलें। लेकिन हम मम्मी को सिर्फ इतना ही चुदवाते है जितने में हमारा घर आराम से चल जाए।
जैसा कि आप लोगों को ध्यान होगा कि शीतल ने मुझे कसम दी थी कि मम्मी की कोख में वो मेरा बच्चा देखना चाहती है. लेकिन इस शहर में अधिकतर लोग पहचान के थे तो यहाँ यह संभव नहीं था तो एक रोज़ मैंने मम्मी और शीतल ने मिल कर प्लान किया कि हम किसी दूसरे शहर में चले जाते हैं लेकिन वहां भी बच्चा होने के पहले समाज को बताना पड़ेगा हमारा रिश्ता और सच रिश्ते बता कर बच्चा नहीं हो सकता और न ही कोई फ्लैट देगा किराये पे रहने को।
तो शीतल ने दिमाग चलाया और मेरी गोद में आकर बैठ गयी और कहा- सोनू भैया, हम ऐसा करते हैं कि तुम और ये रांड यानि मम्मी शादी कर लो समाज को दिखाने के लिए ताकि बच्चा टिके तो समाज में बदनामी न हो और मैं इस साली छिनाल की छोटी बहन बन के रहूंगी।
इतना सुनते ही मेरा लौड़ा तन के खड़ा हो गया, मैंने मम्मी की बूबे मसल दिए वो साली सिसकारी मारने लगी. तभी शीतल उठी और बाल खींच के नीचे पटक कर उसके 4-6 थप्पड़ मार के बोली- साली, अभी कुछ दिन सिसकारी मत मार तू… अभी कुछ रोज़ तक नहीं चुदेगी, अब सीधा सोनू भैया सुहागरात पे चोदेगा तुझे! तू जितनी प्यासी रहेगी, उतना ही मज़ा देगी मेरे भाई को! इसलिए कुछ दिन रुक, अब रही बात भैया की तो चूत उसे मैं भी नहीं दूंगी, बस मुठ मार के गिरा दूंगी ताकि तुम दोनों माँ बेटे की सुहागरात जबरदस्त रहे।
इतना कहकर शीतल अपने घुटने पे बैठ गयी और मेरा लौड़ा पकड़ कर मुठ मारने लगी और जोश दिलाने की लिए बोलने लगी- भैया अब तो तुम मम्मी के पति बनोगे, सोचो इतनी प्यासी औरत कितना मज़ा देगी तुम्हें, इसकी कोख में तुम्हारा बच्चा जन्मेगा और मैं तो तुम्हारी हूँ ही, मैं भी तुम्ही से शादी करूँगी जब बच्चे का दिल करेगा तो।
यह सब सुनते ही मेरा फर्श पे गिर गया।
अब हम लोगों ने शहर सोचना शुरू किया और पाया कि ऐसे काम के लिए कोलकाता बढ़िया जगह है। हमने इंटरनेट से खाली फ्लैट देखा, बात की और मैं अकेले फ्लैट देखने गया. फ्लैट काफी पसंद आया और मैंने एडवांस किराया दे दिया और कहा कि 3-4 दिनों में हम आ जायेंगे पूरे परिवार समेत।
करीब 10 दिन निकल गए इसमें।
अब हम लोग सब कोलकाता के लिए निकल पड़े और फ्लैट अपार्टमेंट में था और चाभी मेरे पास थी तो हम घर में घुसे और सामान रखा।
शीतल को भूख लगी थी तो हमने पिज़्ज़ा आर्डर किया। पिज़्ज़ा खाकर फिर हम लोगों ने आराम किया और शाम को उठे।
शाम को शीतल ने कहा- भैया कल तुम और मम्मी शादी कर लो मंदिर में, फिर कल ही सुहागरात मनाना। मैंने कहा- ठीक है… लेकिन पंडित कहाँ से लायें, इस शहर में हम नये हैं। शीतल ने कहा- बाहर पता करते हैं, मिला तो ठीक, वर्ना मैं ही शादी करवा दूंगी घर में ही। फिर शादी का जोड़ा, पैंटी वगैरह ले लेते हैं।
मैं और शीतल बाहर निकले लेकिन पंडित नहीं मिल पाया तो हमने खरीदारी की, शादी का लाल जोड़ा लिया, ब्राइडल पैंटी और ब्रा खरीदी, माला ली रोली, सिन्दूर और जो जो सामान हमने इंटरनेट पे देखा शादी के लिए वो सब ले लिया और घर आ गये।
काफी रात हो गयी थी तो खाना वगैरह खा के शीतल ने मम्मी को मेहँदी वगैरह लगा दी और हम सब सो गए, सुबह हमारी शादी होनी थी। हमने घर में ही शादी करने का फैसला किया.
तो सुबह नाश्ता वगैरह करके हमने घर सजाना शुरू कर दिया और करीब 2 बजे तक सारा घर सज़ा दिया गया और सुहागरात मानाने के लिए बेड भी सजा दिया। अब मैं और मम्मी और शीतल तीनों नहा कर तैयार हो गए। मैंने मैरून रंग की शेरवानी पहनी और मम्मी ने लाल लहंगा पहना, चूड़ा पहना और वो भी तैयार हो गयी।
शीतल ने सूट पहना और पूजा स्थान तैयार किया और मुझे बिठाया, फिर इंटरनेट से पढ़ के मंत्र बोलने लगी। फिर उसने मम्मी को बुलाया- प्रभा कुतिया आ जा, आ के बैठ भैया के बगल में, तेरी 15 दिन की चुदाई की प्यास आज मिटेगी!
मम्मी बैठ गयी बगल में मेरे, फिर शीतल ने कहा- मम्मी को सिन्दूर लगाओ! मैंने मम्मी की मांग भर दी और फिर मंगलसूत्र पहनाया।
करीब 8 बजे हमारी शादी संपन्न हो गयी. फिर हमने खाना खाया, मम्मी को अपनी जांघों पे बिठा के खाना खिलाया मैंने। और अब सुहागरात की तैयारी करने लगे।
करीब 10 बजे मैं बिस्तर पे आया, शीतल ने कहा- मैं देखूँगी और तुम्हारी मदद करूँगी यहीं रह कर!
तो वो टाइट स्कर्ट और टॉप पहन कर मम्मी को लेकर आई और उसे बिस्तर पे बिठा दिया और खुद कुर्सी पे बैठ गयी।
पहले शीतल ने जोशवर्धक दवा खिलाई मम्मी को… फिर मुझे चूमा होठों पे और बोली- चूत फाड़ देना साली की आज, भैया। रंडी समझ के चोदना इसे कि इसकी चुदाई देखकर मेरी चूत में पानी भर जाए।
मम्मी जो अब मेरी पत्नी थी, लेटी थी, उसके दोनों गाल पे पहले मैंने एक थप्पड़ मारा फिर कस के दांत से काटा और चूमा। दवा ने असर दिखाना शुरू कर दिया था, प्रभा रांड सिसकारी मारने लगी, मैंने साली के दोनों बूबे कस के मसल के उन पे दांत काटा।
शीतल ने कहा- भैया, चोली फाड़ के बूब्स बाहर निकाल साली के! मैंने तुरंत ही मम्मी की चोली पकड़ी और फाड़ डाला; अंदर लाल ब्रा में साली के बूब्स बहुत प्यारे लग रहे थे। मैंने ब्रा के ऊपर से बूब्स मसल के दांत काटा और ब्रा उतार दी साली की। अब कमर के ऊपर मम्मी पूरी नंगी थी।
तभी शीतल ने लिक्विड चॉक्लेट मम्मी के बूब्स पे डाली और कहा- भैया सारा चॉकलेट चूस लो अपनी बीवी के बूब्स पर से। मैंने निप्पल पे दांत काटा, फिर जीभ से चाट पे और बूब्स मुह में लेकर मम्मी के बूब्स पर से सारी चॉकलेट खाने लगा।
प्रभा रांड के जोश का अब कोई ठिकाना ना रहा; कस कस के सिसकारी मार रही थी और बोली- आह मेरे पतिदेव, आज तो मुझे सच में रंडी छिनाल समझ के चोद। सालों बाद ऐसा मज़ा मिल रहा है। अब मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और एकदम नंगा हो गया और मम्मी के पेट एवं नाभि पे चॉकलेट चाटने लगा।
अब मम्मी की कमर पे दांत काटा और मम्मी का लहंगा धीरे धीरे उसके बदन को चूमते हुए नीचे सरकाने लगा।
अब सिर्फ पैंटी बची थी, शीतल ने उसकी पैंटी में ढेर सारा चॉकलेट उड़ेल दिया। अब मैंने दांतों से पकड़ कर उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत चाटने लगा जिससे मम्मी गांड उठा के पटकने लगी बेड पे जोश में! इस पे शीतल ने कहा- भैया, ये छिनाल बहुत गांड पटक रही है… रंडी की गांड मारो पहले।
यह सुनते ही जोश में भरी मेरी प्यारी पूजनीय रंडी मम्मी बोली- मारिये पतिदेव मेरी गांड को… साले भड़वे मेरा मरद बना है शादी करके तो अपनी बीवी की गांड और चौड़ी कर कि लोग सड़क पे देख के बता दें कि साली ने खूब गांड मरवाई हैं अपने पति से।
इतने सुनते ही शीतल ने बाल पकड़े मम्मी के और उसे कहा- कुतिया बन साली, मरवाती हूँ तेरी गांड आज ढंग से।
अब मम्मी कुतिया बन के बैठी थी बेड पे, मामी की गोल गोल मोटी गांड मेरा जोश और बढ़ा रहे थे मैंने दोनों साइड कस के दांत काटा फिर जैसे ही लौड़ा छेद पे रखा, शीतल ने आकर मुझे रोक दिया और अपनी हील वाली सैंडल देकर बोली- भैया पहले इसकी गांड पे थप्पड़ और सैंडल से मारो ताकि लाल हो जाए! इतना कहकर शीतल ने खींच खींच के मम्मी की गांड पे थप्पड़ मारे और मैंने सैंडल। मम्मी ‘आह्ह्ह्ह साले… और मार मादरचोद रंडी की औलाद… और मार, बहुत अच्छा लग रहा है…’ कहने लगी।
हम दोनों भाई बहन ने और खींच खींच के मारे और साली की गांड लाल कर दी. फिर शीतल ने मेरा लौड़ा उसके छेद पे लगाया और बोली- एक ही बार में ठेल दो पूरा लौड़ा! मैंने वैसा ही किया, मम्मी की साँस रुकने जैसे हो गयी तो शीतल ने आगे जाकर उसे थप्पड़ मारे गाल पे, उसके बाल पकड़ के और मुझे कहा- भैया, तुम मम्मी की गांड मारो अब।
मैंने बूब्स पकड़ के साली की गांड मारना शुरू किया, छेद कसा हुआ था, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मम्मी को भी।
करीब 10 मिनट गांड मारने के बाद शीतल ने कहा- लौड़ा साली के मुंह में दे! मैंने वैसा ही किया, उसकी छाती पे बैठ पे लौड़ा साली के मुख में पेल दिया और मुख चोदने लगा।
थोड़ी देर बाद शीतल ने कहा- भैया, अब असली चीज़… इसकी चूत चोदो गोदी में उठा कर। मैंने तुरंत ही मम्मी को गोदी में उठा लिया, मम्मी ने अपने पैर मेरी कमर पे लपेट लिए और शीतल ने पीछे से मेरा लौड़ा मम्मी की चूत के छेद पे रख दिया और बोली- भैया घुसाओ अब साली की चूत में। मैंने भी सटाक से पेल दिया लौड़ा मम्मी की चूत में और गोद में लेकर चोदने लगा, पीछे से शीतल मम्मी की गांड पे मारे जा रही थी।
शीतल बोली- भैया, कस के चोदो साली छिनाल को, इस बार इसका महीना आएगा उसके अगले ही दिन चोदना और बच्चा टिकाना, पटको साली को बेड पे! मेरी चूत पूरी गीली हो गयी है, चटवाती हूँ कुतिया से, तुम चूत चोदते जाना।
मैंने तुरंत बेड पे पटका मम्मी को और टांगें उठा कर चूत कस के पेलने लगा और शीतल ने अपनी चूत मम्मी के मुख में ठूँस दी और बाल पकड़ के बोली- पी साली छिनाल पी… सब मेरी चूत का पानी।
मम्मी भी भयानक जोश में थी तो मम्मी ने अपनी जीभ शीतल की चूत में घुसा दी और मुख में चूत भरकर उसका पानी पीने लगी। इतने में शीतल का पानी मम्मी के मुख में ही गिर गया, मम्मी भी झड़ गयी, मेरे लौड़े पे उसका गरम पानी महसूस हो रहा था. तभी जोश में मेरा भी मुठ मम्मी की चूत में ही गिर गया।
फिर हम सभी नंगे ही सो गए, मैं मम्मी के ऊपर लौड़ा बिना निकले ही सो गया और 3 बजे सुबह में एक बार फिर से चोदा साली मम्मी को।
अगले दिन काफी देर से उठे हम सब!
अब घर से बाहर मैं और मम्मी पति पत्नी जैसे चलते हैं।
और बहुत जल्द मेरी मम्मी मेरा बच्चा अपनी कोख में लेगी। मम्मी के गर्भवती होने पे मैं शीतल को चोद के काम चलाऊंगा. और शीतल ने वादा किया है कि वो बढ़िया से बढ़िया लड़कियाँ देगी मुझे चोदने के लिए और उसके पैसे मम्मी को लोगों से चुदवाकर आएंगे और उसी से हमारा घर चलता रहेगा। लेकिन बाहरी लोग कंडोम लगा के ही चोदते हैं मम्मी को।
Start Bahut Accha Likha Bhai Apne
 
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