रोहन की बुआ और हाल-फिलहाल की बनी बहन ' अनु मैडम ' के तेवर , हाव-भाव , प्रोफेशन और विहेवियर देखकर लगा था कि वह वास्तव मे एक अच्छी महिला है । उनका चरित्र बेदाग है पर ,
ऊंची दुकान फीके पकवान उनकी असलियत है । दिखावा ज्यादा लेकिन गुण कम ...एक निम्फोमाॅनियाक औरत ।
अपने क्लाइंट को बरी कराने के लिए जज के गोद मे सो गई । उस क्लाइंट के लिए जो बेकसूर था और उसके बेगुनाही का साक्ष्य भी मौजूद था ।
अदालत की प्रकिया काफी लंबी होती है । अगर सेशन कोर्ट के फैसले से आप संतुष्ट नही हो तो आप हाईकोर्ट जा सकते है और हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ।
लेकिन यह मोहतरमा खुद को सर्वश्रेष्ठ लाॅयर मानती है और एक लोवर कोर्ट के जजेज के पक्षपात से ही घबरा भी जाती है । खुद को सरेंडर कर देती है ।
खैर जो भी हो पर , रोहन साहब ने फेमिली ट्री के दूसरे फल का भी रसास्वादन प्राप्त कर लिया । इस फेमिली ट्री पर कई फल लगे हैं पर रोहन साहब का इन फल को प्राप्त करने की स्पीड बहुत ही स्लो है ।
थोड़ी रफ्तार इन्हे अवश्य बढ़ाने चाहिए ।
सभी अपडेट शानदार थे माणिक भाई ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट ।