Ab kya kare nashe me ho gayaNashe main nahi hosh main chodna tha
Gajab update... mujhe lagta hai iam lacking words to praise your writing skills... Thanks writer jiUpdate 25
Jishu carrying out his plan
शीतल झूलने लगी थी जुबान लड़खड़ा रही थी उसकी शरीर के साथ आओ भाव में । जिशू का थोड़ा बोहोत नशा हो गया था वो भी इतने पियक्कर नहीं था । दोस्तो के साथ कभी कबर पिता था लिमिट में । लेकिन नशा ऐसा होता हे इंसान की दिमाग को खोखला कर देता है चीजों बढ़ा चढ़ा देता है सत्र विचार नहीं लेने देते । नशा पलते हुए गुस्से और अंहकार को बढ़ा देता है । जिशू जहा कुछ देर शीतल के लिए पेशिश हो गया था वोही अब मस्ती के मूड में आया था दिल खोल के पेश आ रहा था दिमाग में जो सर्प पनब रहा था वो उबाल उठा था ।
जिशू ।" आंटी आपको नशा हो गया हे ।"
शीतल हस्ती हुई ।" हिहिही खुदी पीला के बोलते हो नशा हो गया है । तुम कमीने हो " (देख लिया नशे का असर जो औरत सायेद ही कभी ऐसी शब्द बोली हो होश में आज नशे में बेबाकी से कैसे कमीने बोल रही है )
जिशू ।" हा हा हा आप नीति हो आंटी ।"
शीतल ।" में नहीं तुम नॉटी हो बदमाश ।"
जिशु करीब जाता है शीतल के और एक दम जांघ से जांघ चिपका के बैठ जाता हे । और शीतल की गले में एक हाथ डाल कर बोलता है ।" आंटी आप इतनी सुंदर हो मुझे लगता है मुझे आपसे प्यार हो गया है । "
शीतल हस्ती है और उसका मुंह पकड़ के हिलाते हुए बोली जैसे छोटे बच्चो को किया जाता है ।" अभी बच्चे हो तुम पहले बड़े हो जाओ फिर प्यार करना ।"
जिशू उसे बेड पे गिरा देता है और उसके ऊपर चढ़ के उसकी कलाई दोनो तरफ कस के माचो मैन की तरह बोलता है ।" एक बार आजमा के देखो "
शीतल खिलखिलाती हुई बोली ।" तुम्हारी नाक हील रही है जैसे दो दो नाक है ।"
दोनों के चेहरे इतने पास थे की दोनो के सासें एक दूसरे को महसूस हो रहे थे । जिशु के गठीला शरीर का भाड़ शीतल की ऊपर थी जिससे वो दबी हुई महसूस कर रही थी । और जिशु को उसकी गोलाइया अपनी छाती से दबी हुई महसूस कर के ही उत्तेजित हो गया था ।(क्या माल हो आंटी तुम । आह क्या सुगंध है तेरी )
शीतल कसमसाने लगी । " उन्ह्ह्ह उठो मुझे पिच दोगे क्या नालायक ।"
जिशू उसकी नाक पे नाक रगड़ के बोला ।" आप कितनी खूबसूरत हे । आप मुझसे शादी कर लो ना आंटी ।"
नशे की सुरूर बढ़ती जा रही थी दोनो की । शीतल को उस माहौल को समझने की ज्ञान नही थी । होश में होती तो पक्का जिशु एक थप्पर लगा के सबक सिखा देती लेकिन इस वक्त उसे अपनी तारीफ सुन के खुश हो रही थी । और तारीफ एक ऐसी चीज है जो किसी की भावनाओं को वस में किया जा सकता हे ।
लेकिन जिशू की पकड़ मजबूत था जो शीतल के लिए थोड़ी तकलीफ और एक मरदाना एहसास थी ।
शीतल ।" में पहले से ही शादीशुदा हूं । देख लो मेरे मांग में सिंदूर है और मंगलसूत्र भी गले में "
जिशु ।" कोई बात नही अब मेरे नाम का सिंदूर लगाओ और मेरे नाम का मंगलसूत्र पहन लो ।"
शीतल ।" ऐसा कैसे हो सकता हे । छोड़ो मुझे बदमाश"
जिशू ।" आंटी क्या आपको अच्छा नही लगता । क्या में बुरा दिखता हूं ।"
शीतल मुस्कुरा के ।" अच्छा क्यूं नही लगोगे भला मेरा इतनी खयाल रखते हो मेरी मदद करते हो मेरे लिए चीज़े ला देते हो मैंने खाना खाया की नही ये तक पूछते हो तो क्यों अच्छे नही लगोगे । बोहोत अच्छे लगते हो तुम मुझे और सनी देओल की तरह हैंडसम लगते हो तुम मुझे । "
जिशु ।" पता है में आपकी इतना क्यूं खयाल रखता हूं क्यू की मुझे आपसे प्यार हो गया है । प्लीज मेरा प्यार एसेप्ट कर लो ।"
शीतल ।" फट्ट ऐसा भी होता हे क्या । में तुम्हे बेटा मानती हूं ।"
जिशु और बहस नहीं करना चाहता अपनी प्यासा होंठ सीधा शीतल की गुलाबी होंठो पे मिला देता है और निचले होंठों को चूसने लगता है । शीतल नशे में थी पर फिर भी उसे सोक लगती है और थोड़ी विरुद्ध करती है लेकिन जिशू को रोक नही पाती हे ।
कितनी देर से बस जिशू होठ चूसे जा रहा था की शीतल की आंखे बंद हो गई थी और प्यार से अपनी हाथ जिशू के पीठ पर रख दी थी । होंठो की गीली मिलन उसे भी आनंद दिला रही थी और दुनिया से बेखबर कर रही थी ।
गरम सासों की ताप बढ़ती चली जा रही थी जब दोनो की आंखे एक दूसरे से टकराई तो दोनो बस एक दूसरे की ही आंखों में खो गए कुछ पल ।
जिशु उत्तेजित हो कर शीतल की गर्दन चूमने लगता है और गंध लेता है । शीतल कसमसाने लगी और मुंह से बोलने लगी ।" नेही ऐसा मत करो बेटा । मत करो । मत करो ।"
लेकिन जिशु नहीं रुक रहा था उसकी गोरी चिकनी त्वासा से जीव से चाट खा रहा था । बहरहाल इतना आनंददायक एहसास को भला केसे नकार सकती है शीतल जैसी प्यासी बेकरार औरत । उसने आनंद में जिशू की पीठ के शर्ट को ही कस के पकड़ ली ।
जिशु स्वाद लेते हुए नीचे हो रहा था और उसने प्यार से पल्लू हटा दिया । शीतल की चूची उभार के नजर आने लगी । शीतल ना ना शिर हिलाने लगी । जिशू मुस्कुरा के आंख मार दिया और उसकी सैतानी देख के शीतल की भी मुस्कान निकल गई और शर्मा गई ।
शीतल उसे विरोध ना करे इसलिए उसकी कलाई पकड़ के ऊपर कर दी जिशू ने और उसकी शीतल की नंगी बगल में जा के अटकी जहा शीतल कभी वैक्सिंग वागेरा नेही करती जिस वजह उसकी गोरी बगल में खूबसूरत मात्रा में काले बाल थी । जिशु अपनी नाक उसकी बगल पे ले जाता हे और गंध सूंघ लेता है । जिशू और जोश में आ जाता है और शीतल की क्लीवेज पे चाटने लगता है और दोनो हाथो से ब्लाउज की हुक खोलने लगता है ।
शीतल ।" बेटा मत करो ऐसा । ये गलत हे ऐसा मत करो ।,"
जिशू दोनो हाथो से चूचियों को मसल देता हे शीतल आनंद से तड़प उठती है " इस्सससस मां " कर के सिसकती है ।
जिशु ब्लाउज के हुक खोल के दोनो चौड़े को फैला देती हे । सफेद ब्रा पे दोनो कबूतर आजाद होने के बेकरार थे । जिशू कमर की इर्द गिर्द घुटनो में खड़ा होता है और शीतल को उठने की इशारा करता है मगर शीतल शर्म से अपनी हाथो से चेहरा छुपा लेती है ।
जिशु उसका हाथ पकड़ के बैठा लेता है और जल्दी जल्दी में शीतल का ब्लाउज और ब्रा भी पीछे की हुक खोल के उतार देता है । बापच शीतल को लिटा देता है । और झुक के नीचे हो के दोनो चूची हाथो में मसलते हुए भूरे रंग के अंगूर जैसे मोती घुंडी मुंह में चूसने लगता है ।
शीतल को इतना आनंद आता हे आंखे भींच देती थे और आह्ह्सस्सस आसस्सस्सस आअह्ह्ह कर के सिसकारी मरने लगती है । जिशू दूध पीने की अंदाज से छपर छपर चूसे जा रहा था । शीतल काम उत्तेजित हो के जिशु की बालो से खेल रही थी ।
चूस चूस के शीतल को पागल भेसिया बना दिया जिशू ने । जिशू बेड से उतरता हे और एक एक कर के कपड़े उतार के खड़ा हो जाता है । शीतल उसकी सिक्स पैक एब्स देख के मुस्कुराने लगती है लेकिन उसकी नजर जब नीचे गई तो उसका मुंह खुला का खुला रह जाता है । और मन में सोचती है (इतना बड़ा सच में)
जिशु मुस्कुराता है और शीतल की हाथ पकड़ कर बिस्तर से उतार लिया और शीतल भी इस बार प्यार से मान गई । फिर एक बार जिशु उसे बाहों में भर के किस करने लगा । शीतल भी इस बार उसकी होंठ चूसती है ।
Update 26
love pleasure
जिशु उसकी गले से मंगलसूत्र उतारने लगा तो शीतल उसकी आंखो में देख कर बोली ।" बेटा ये क्या कर रहे हो । "
जिशु तब तक मंगलसूत्र को पूरा ही उतार देता है और बोला ।" आंटी आज आप मेरी पत्नी होगी "
नशे में भी शीतल उसे आचार्यजनक हो के देखती है । जिशु कमरे में रखी एक नुकीली चीज उठता है और अपनी अंगूठा काट के खून भरी मांग कर देता है शीतल की मांग । शीतल हैरान उसे देखती रहती है ।
जिशु ।" आज से आप मेरी पत्नी हुई ।"
जिशु शीतल की सारी उतर के पूरी तरह से नंगी कर देता है और बिस्तर पे लेटा देता हे । शीतल की चूत झांटों से भरी थी फूली हुई चूत और उभरी हुई दिख रही थी ।
जिशू उसे कोई मौका नहीं देता और उसकी टांगे फैला के मुंह घुसा देता है । शीतल की चूत पहले से ही बोहोत गीली हो चुकी थी और चुसाई की आनंद में और गीली होती जा रही थी ।
जिशु चूत की भूरे रंग की होंठ को चाट रहा था और शीतल अअह्ह्ह्ह आआह्ह्हह्ह कर रही थी मजे में ।
कुछ मिनट चूत चाट के जिशु ऊपर चढ़ जाता है और चूत पे सुपाड़ा लगा के शीतल की मासूम चेहरे को अपने हथेलियों में दबा के पकड़ता है । शीतल मन में (उफ्फ बाबा इतना बड़ा कैसे घुसेगा ) एक सुख अनुभती और दर की लहर उसकी मन में चल रही थी ।
जिशु होंठ चूस के बोला ।" आज हमारा सुहाग दिन है । लोग सुहाग रात मनाते है लेकिन हम सुहाग दिन माना के दुनिया में नया नियम बनायेंगे हम नए पति पत्नी ।"
शीतल कोई जवाब नही देती तो जिशु थोड़ा धक्का मारता है और उसका लंड शीतल की गीली चूत में सुपाड़े से ज्यादा घुस जाता है । शीतल की दर्द से तिलमिलाती हुई चीख के साथ " आन्नन्न्ह हानन्नन " निकल जाती है ।
शीतल अपनी चूत कभी फैली और कसी हुई महसूस नही की । वैसे ही नशे में जिशू की कटपुतली बनी हुई थी और इतने सालो बाद कुंवारी चूत जैसी दर्द महसूस कर के मन ही मन जिशू की दीवानी हो गई थी ।
जिशू और थोड़ा धीरे धीरे पुश करते हुए झड़ तक लंड घुसा दिया । शीतल की आंखे चिकुड़ती गई दर्द से । " आन्नन्न निकालो "
जिशु कोई परवा नहीं करता है और पूछता है ।" मुझे पति बोलो ।"
शीतल उसके बगल से हाथ निकल के उसका कंधा पकड़ के बोलती है तकलीफ में " आह्ह्ह्ह्ह जी हां निकालो ।"
जिशू उसके चेहरे को प्यार से चूम के धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगता है । शीतल बेचारी दबी हुई आह्ह्ह्ह निकल के सेहती जाती है ।
कुछ वक्त के बाद उसकी चूत अपने आप अच्छे से जिशु के लंड का स्वागत करती हे फिर भी चूत कसा हुआ महसूस करती हे और बोहोत मजा भी आने लगती है उसे।
जिशु उसकी आखों में देख रहा होता है और शीतल भी उसकी आंखो में देख रही होती है और मुंह खोल के आहे भर रही होती हे । जिशू प्यार से कमर हिलाते रहता है ।
जिशु ।" मजा आ रहा है ।"
शीतल " आह्ह्ह ऊऊंघ । आईएसएसएसएस आह्ह्हह्ह उफफ्फ बाबा ।"
शीतल की मसूस चेहरा काम उत्तेजक से और ज्यादा कामुक और लुभावना लग रही थी । जिशू उसके मुंह से जवाब सुनना चाहता था और थोड़ा जोर से धक्का मार देता है । " बेबी बोलो ना । आज से में आपको बेबी बुलाऊंगा और आप मुझे क्या कर के बुलाएगी बोलो नह्ह्हह ।"
शीतल अपनी चूत में इतनी मोटी इतना लंबा घुसते हुए आनंद उठाती हे की उस आनंद की तरंग में जवाब दे देती है ।" जी अह्ह्ह्ह्ह मेरे नए पति ।" और बोल के शर्मा जाती हे
शीतल को सेक्स करते वक्त बोलने की आदत नही थी । लेकिन जिशु जैसे नवजवान सिक्स पैक वाला इतने बड़े वरदान प्राप्त लंड के मजे पा कर उड़ रही थी और कुछ वक्त के लिए खुद को जिशू के बाहों में शॉप दी थी ।
जिशु ।" बोलो ना क्या बुलाऊगी मुझे ।"
शीतल शर्माती तो है लेकिन कान में बोलती है ।" आन्ह्ह्ह जानूऊऊ "
जिशू मुस्कुराता हे और बेतासा चूमने लगता है । फिर थोड़ी देर के लिए चूत से लंड निकाल के अलग हो जाता है ।
जिशु बड़े प्यार से कर रहा था जो भी कर रहा था । अश्लील बाते भी प्यार भरी सुर में कर रहा था जिससे शीतल को भी आरामदायक सुखदाई उत्तेजित लग रही थी ।
शीतल को हेडबोर्ड पे तकिया टीका के उसे अध लेती कर के उसे बाहों मे भर के इस बार पूरे जोश में झटके मार मार के तेजी से चोदने लगता है ।
शीतल उसकी कंधे पे हाथ रख के चिल्लाती रहती है ।" आ आ नहीं । आआह्ह्हह्ह । उह्ह्ह्ह ओहहह्ह नहीं । दर्द हो रहा है ऊंगह । मत करो ना ऐसे । उफफफ्फ में मर गई । उपच्छ आह्ह्ह्ह ।" शीतल शिर पटकती रहती है लेकिन उसे भी बेहद आनंद आता हे ।
जिशू उसे आधे घंटे तक ऐसे ही तेजी से चोदता रहता है जिससे शीतल कोई बार पानी की फावड़े निकल के बेड शीट गिला कर देती है ।
जिशू भी थक के बाद में धीमा पड़ जाता है और धीरे धीरे चोदते हुए बोला ।" बेबी को मजा आया ।"
शीतल ।" आज तक उन्ह्ह्ह ऐसा मजा नही आया मुझे ।"
जिशु ।" नए पति के साथ खुश हो."
शीतल शर्मा जाती है ।" हम्मम्म ।"
जिशु ।" ठीक से बोलो ।"
शीतल मुस्कुराती हुई " जी जानु "
जिशू उसकी मुंह को दो उंगली में दबा के जोश में एक जोड़ का झटका दें के बोला ।" पक्का ना "
शीतल किसी तरह दर्द सेह के बोली ।" जी पक्का आह्ह्ह्ह्ह । आपने मेरी जान निकल दी जी ।,"
जिशू ।" क्यू की में असली मर्द हूं । कौन हे मर्द में या वो ।"
शीतल ।," आप " और खुद ही जिशु के होंठ चूसने लगते है ।
जिशु चोदता रहा वक्त बीतता रहा शीतल की चूत से पानी निकल निकल के थक गई थी । दिल से जिशु के लिए कदरदान थी वो । जिशु मज़े से उचकी चूत के अंदर झाड़ जाता है और वो सुख हासिल कर लेता हे जिसके लिए कायनात बदलने को तैयार रहते मर्द जात ।
दोनो एक दूसरे के बाहों में आराम फरमाते हैं घमचम चुदाई के बाद ।

Ek dum mast update. Finally jishu ne apna badla le hi liya.Update 26
love pleasure
जिशु उसकी गले से मंगलसूत्र उतारने लगा तो शीतल उसकी आंखो में देख कर बोली ।" बेटा ये क्या कर रहे हो । "
जिशु तब तक मंगलसूत्र को पूरा ही उतार देता है और बोला ।" आंटी आज आप मेरी पत्नी होगी "
नशे में भी शीतल उसे आचार्यजनक हो के देखती है । जिशु कमरे में रखी एक नुकीली चीज उठता है और अपनी अंगूठा काट के खून भरी मांग कर देता है शीतल की मांग । शीतल हैरान उसे देखती रहती है ।
जिशु ।" आज से आप मेरी पत्नी हुई ।"
जिशु शीतल की सारी उतर के पूरी तरह से नंगी कर देता है और बिस्तर पे लेटा देता हे । शीतल की चूत झांटों से भरी थी फूली हुई चूत और उभरी हुई दिख रही थी ।
जिशू उसे कोई मौका नहीं देता और उसकी टांगे फैला के मुंह घुसा देता है । शीतल की चूत पहले से ही बोहोत गीली हो चुकी थी और चुसाई की आनंद में और गीली होती जा रही थी ।
जिशु चूत की भूरे रंग की होंठ को चाट रहा था और शीतल अअह्ह्ह्ह आआह्ह्हह्ह कर रही थी मजे में ।
कुछ मिनट चूत चाट के जिशु ऊपर चढ़ जाता है और चूत पे सुपाड़ा लगा के शीतल की मासूम चेहरे को अपने हथेलियों में दबा के पकड़ता है । शीतल मन में (उफ्फ बाबा इतना बड़ा कैसे घुसेगा ) एक सुख अनुभती और दर की लहर उसकी मन में चल रही थी ।
जिशु होंठ चूस के बोला ।" आज हमारा सुहाग दिन है । लोग सुहाग रात मनाते है लेकिन हम सुहाग दिन माना के दुनिया में नया नियम बनायेंगे हम नए पति पत्नी ।"
शीतल कोई जवाब नही देती तो जिशु थोड़ा धक्का मारता है और उसका लंड शीतल की गीली चूत में सुपाड़े से ज्यादा घुस जाता है । शीतल की दर्द से तिलमिलाती हुई चीख के साथ " आन्नन्न्ह हानन्नन " निकल जाती है ।
शीतल अपनी चूत कभी फैली और कसी हुई महसूस नही की । वैसे ही नशे में जिशू की कटपुतली बनी हुई थी और इतने सालो बाद कुंवारी चूत जैसी दर्द महसूस कर के मन ही मन जिशू की दीवानी हो गई थी ।
जिशू और थोड़ा धीरे धीरे पुश करते हुए झड़ तक लंड घुसा दिया । शीतल की आंखे चिकुड़ती गई दर्द से । " आन्नन्न निकालो "
जिशु कोई परवा नहीं करता है और पूछता है ।" मुझे पति बोलो ।"
शीतल उसके बगल से हाथ निकल के उसका कंधा पकड़ के बोलती है तकलीफ में " आह्ह्ह्ह्ह जी हां निकालो ।"
जिशू उसके चेहरे को प्यार से चूम के धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगता है । शीतल बेचारी दबी हुई आह्ह्ह्ह निकल के सेहती जाती है ।
कुछ वक्त के बाद उसकी चूत अपने आप अच्छे से जिशु के लंड का स्वागत करती हे फिर भी चूत कसा हुआ महसूस करती हे और बोहोत मजा भी आने लगती है उसे।
जिशु उसकी आखों में देख रहा होता है और शीतल भी उसकी आंखो में देख रही होती है और मुंह खोल के आहे भर रही होती हे । जिशू प्यार से कमर हिलाते रहता है ।
जिशु ।" मजा आ रहा है ।"
शीतल " आह्ह्ह ऊऊंघ । आईएसएसएसएस आह्ह्हह्ह उफफ्फ बाबा ।"
शीतल की मसूस चेहरा काम उत्तेजक से और ज्यादा कामुक और लुभावना लग रही थी । जिशू उसके मुंह से जवाब सुनना चाहता था और थोड़ा जोर से धक्का मार देता है । " बेबी बोलो ना । आज से में आपको बेबी बुलाऊंगा और आप मुझे क्या कर के बुलाएगी बोलो नह्ह्हह ।"
शीतल अपनी चूत में इतनी मोटी इतना लंबा घुसते हुए आनंद उठाती हे की उस आनंद की तरंग में जवाब दे देती है ।" जी अह्ह्ह्ह्ह मेरे नए पति ।" और बोल के शर्मा जाती हे
शीतल को सेक्स करते वक्त बोलने की आदत नही थी । लेकिन जिशु जैसे नवजवान सिक्स पैक वाला इतने बड़े वरदान प्राप्त लंड के मजे पा कर उड़ रही थी और कुछ वक्त के लिए खुद को जिशू के बाहों में शॉप दी थी ।
जिशु ।" बोलो ना क्या बुलाऊगी मुझे ।"
शीतल शर्माती तो है लेकिन कान में बोलती है ।" आन्ह्ह्ह जानूऊऊ "
जिशू मुस्कुराता हे और बेतासा चूमने लगता है । फिर थोड़ी देर के लिए चूत से लंड निकाल के अलग हो जाता है ।
जिशु बड़े प्यार से कर रहा था जो भी कर रहा था । अश्लील बाते भी प्यार भरी सुर में कर रहा था जिससे शीतल को भी आरामदायक सुखदाई उत्तेजित लग रही थी ।
शीतल को हेडबोर्ड पे तकिया टीका के उसे अध लेती कर के उसे बाहों मे भर के इस बार पूरे जोश में झटके मार मार के तेजी से चोदने लगता है ।
शीतल उसकी कंधे पे हाथ रख के चिल्लाती रहती है ।" आ आ नहीं । आआह्ह्हह्ह । उह्ह्ह्ह ओहहह्ह नहीं । दर्द हो रहा है ऊंगह । मत करो ना ऐसे । उफफफ्फ में मर गई । उपच्छ आह्ह्ह्ह ।" शीतल शिर पटकती रहती है लेकिन उसे भी बेहद आनंद आता हे ।
जिशू उसे आधे घंटे तक ऐसे ही तेजी से चोदता रहता है जिससे शीतल कोई बार पानी की फावड़े निकल के बेड शीट गिला कर देती है ।
जिशू भी थक के बाद में धीमा पड़ जाता है और धीरे धीरे चोदते हुए बोला ।" बेबी को मजा आया ।"
शीतल ।" आज तक उन्ह्ह्ह ऐसा मजा नही आया मुझे ।"
जिशु ।" नए पति के साथ खुश हो."
शीतल शर्मा जाती है ।" हम्मम्म ।"
जिशु ।" ठीक से बोलो ।"
शीतल मुस्कुराती हुई " जी जानु "
जिशू उसकी मुंह को दो उंगली में दबा के जोश में एक जोड़ का झटका दें के बोला ।" पक्का ना "
शीतल किसी तरह दर्द सेह के बोली ।" जी पक्का आह्ह्ह्ह्ह । आपने मेरी जान निकल दी जी ।,"
जिशू ।" क्यू की में असली मर्द हूं । कौन हे मर्द में या वो ।"
शीतल ।," आप " और खुद ही जिशु के होंठ चूसने लगते है ।
जिशु चोदता रहा वक्त बीतता रहा शीतल की चूत से पानी निकल निकल के थक गई थी । दिल से जिशु के लिए कदरदान थी वो । जिशु मज़े से उचकी चूत के अंदर झाड़ जाता है और वो सुख हासिल कर लेता हे जिसके लिए कायनात बदलने को तैयार रहते मर्द जात ।
दोनो एक दूसरे के बाहों में आराम फरमाते हैं घमचम चुदाई के बाद ।