MomLuV
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Update 26
love pleasure
जिशु उसकी गले से मंगलसूत्र उतारने लगा तो शीतल उसकी आंखो में देख कर बोली ।" बेटा ये क्या कर रहे हो । "
जिशु तब तक मंगलसूत्र को पूरा ही उतार देता है और बोला ।" आंटी आज आप मेरी पत्नी होगी "
नशे में भी शीतल उसे आचार्यजनक हो के देखती है । जिशु कमरे में रखी एक नुकीली चीज उठता है और अपनी अंगूठा काट के खून भरी मांग कर देता है शीतल की मांग । शीतल हैरान उसे देखती रहती है ।
जिशु ।" आज से आप मेरी पत्नी हुई ।"
जिशु शीतल की सारी उतर के पूरी तरह से नंगी कर देता है और बिस्तर पे लेटा देता हे । शीतल की चूत झांटों से भरी थी फूली हुई चूत और उभरी हुई दिख रही थी ।
जिशू उसे कोई मौका नहीं देता और उसकी टांगे फैला के मुंह घुसा देता है । शीतल की चूत पहले से ही बोहोत गीली हो चुकी थी और चुसाई की आनंद में और गीली होती जा रही थी ।
जिशु चूत की भूरे रंग की होंठ को चाट रहा था और शीतल अअह्ह्ह्ह आआह्ह्हह्ह कर रही थी मजे में ।
कुछ मिनट चूत चाट के जिशु ऊपर चढ़ जाता है और चूत पे सुपाड़ा लगा के शीतल की मासूम चेहरे को अपने हथेलियों में दबा के पकड़ता है । शीतल मन में (उफ्फ बाबा इतना बड़ा कैसे घुसेगा ) एक सुख अनुभती और दर की लहर उसकी मन में चल रही थी ।
जिशु होंठ चूस के बोला ।" आज हमारा सुहाग दिन है । लोग सुहाग रात मनाते है लेकिन हम सुहाग दिन माना के दुनिया में नया नियम बनायेंगे हम नए पति पत्नी ।"
शीतल कोई जवाब नही देती तो जिशु थोड़ा धक्का मारता है और उसका लंड शीतल की गीली चूत में सुपाड़े से ज्यादा घुस जाता है । शीतल की दर्द से तिलमिलाती हुई चीख के साथ " आन्नन्न्ह हानन्नन " निकल जाती है ।
शीतल अपनी चूत कभी फैली और कसी हुई महसूस नही की । वैसे ही नशे में जिशू की कटपुतली बनी हुई थी और इतने सालो बाद कुंवारी चूत जैसी दर्द महसूस कर के मन ही मन जिशू की दीवानी हो गई थी ।
जिशू और थोड़ा धीरे धीरे पुश करते हुए झड़ तक लंड घुसा दिया । शीतल की आंखे चिकुड़ती गई दर्द से । " आन्नन्न निकालो "
जिशु कोई परवा नहीं करता है और पूछता है ।" मुझे पति बोलो ।"
शीतल उसके बगल से हाथ निकल के उसका कंधा पकड़ के बोलती है तकलीफ में " आह्ह्ह्ह्ह जी हां निकालो ।"
जिशू उसके चेहरे को प्यार से चूम के धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगता है । शीतल बेचारी दबी हुई आह्ह्ह्ह निकल के सेहती जाती है ।
कुछ वक्त के बाद उसकी चूत अपने आप अच्छे से जिशु के लंड का स्वागत करती हे फिर भी चूत कसा हुआ महसूस करती हे और बोहोत मजा भी आने लगती है उसे।
जिशु उसकी आखों में देख रहा होता है और शीतल भी उसकी आंखो में देख रही होती है और मुंह खोल के आहे भर रही होती हे । जिशू प्यार से कमर हिलाते रहता है ।
जिशु ।" मजा आ रहा है ।"
शीतल " आह्ह्ह ऊऊंघ । आईएसएसएसएस आह्ह्हह्ह उफफ्फ बाबा ।"
शीतल की मसूस चेहरा काम उत्तेजक से और ज्यादा कामुक और लुभावना लग रही थी । जिशू उसके मुंह से जवाब सुनना चाहता था और थोड़ा जोर से धक्का मार देता है । " बेबी बोलो ना । आज से में आपको बेबी बुलाऊंगा और आप मुझे क्या कर के बुलाएगी बोलो नह्ह्हह ।"
शीतल अपनी चूत में इतनी मोटी इतना लंबा घुसते हुए आनंद उठाती हे की उस आनंद की तरंग में जवाब दे देती है ।" जी अह्ह्ह्ह्ह मेरे नए पति ।" और बोल के शर्मा जाती हे
शीतल को सेक्स करते वक्त बोलने की आदत नही थी । लेकिन जिशु जैसे नवजवान सिक्स पैक वाला इतने बड़े वरदान प्राप्त लंड के मजे पा कर उड़ रही थी और कुछ वक्त के लिए खुद को जिशू के बाहों में शॉप दी थी ।
जिशु ।" बोलो ना क्या बुलाऊगी मुझे ।"
शीतल शर्माती तो है लेकिन कान में बोलती है ।" आन्ह्ह्ह जानूऊऊ "
जिशू मुस्कुराता हे और बेतासा चूमने लगता है । फिर थोड़ी देर के लिए चूत से लंड निकाल के अलग हो जाता है ।
जिशु बड़े प्यार से कर रहा था जो भी कर रहा था । अश्लील बाते भी प्यार भरी सुर में कर रहा था जिससे शीतल को भी आरामदायक सुखदाई उत्तेजित लग रही थी ।
शीतल को हेडबोर्ड पे तकिया टीका के उसे अध लेती कर के उसे बाहों मे भर के इस बार पूरे जोश में झटके मार मार के तेजी से चोदने लगता है ।
शीतल उसकी कंधे पे हाथ रख के चिल्लाती रहती है ।" आ आ नहीं । आआह्ह्हह्ह । उह्ह्ह्ह ओहहह्ह नहीं । दर्द हो रहा है ऊंगह । मत करो ना ऐसे । उफफफ्फ में मर गई । उपच्छ आह्ह्ह्ह ।" शीतल शिर पटकती रहती है लेकिन उसे भी बेहद आनंद आता हे ।
जिशू उसे आधे घंटे तक ऐसे ही तेजी से चोदता रहता है जिससे शीतल कोई बार पानी की फावड़े निकल के बेड शीट गिला कर देती है ।
जिशू भी थक के बाद में धीमा पड़ जाता है और धीरे धीरे चोदते हुए बोला ।" बेबी को मजा आया ।"
शीतल ।" आज तक उन्ह्ह्ह ऐसा मजा नही आया मुझे ।"
जिशु ।" नए पति के साथ खुश हो."
शीतल शर्मा जाती है ।" हम्मम्म ।"
जिशु ।" ठीक से बोलो ।"
शीतल मुस्कुराती हुई " जी जानु "
जिशू उसकी मुंह को दो उंगली में दबा के जोश में एक जोड़ का झटका दें के बोला ।" पक्का ना "
शीतल किसी तरह दर्द सेह के बोली ।" जी पक्का आह्ह्ह्ह्ह । आपने मेरी जान निकल दी जी ।,"
जिशू ।" क्यू की में असली मर्द हूं । कौन हे मर्द में या वो ।"
शीतल ।," आप " और खुद ही जिशु के होंठ चूसने लगते है ।
जिशु चोदता रहा वक्त बीतता रहा शीतल की चूत से पानी निकल निकल के थक गई थी । दिल से जिशु के लिए कदरदान थी वो । जिशु मज़े से उचकी चूत के अंदर झाड़ जाता है और वो सुख हासिल कर लेता हे जिसके लिए कायनात बदलने को तैयार रहते मर्द जात ।
दोनो एक दूसरे के बाहों में आराम फरमाते हैं घमचम चुदाई के बाद ।





