निराशा जनक अपडेट
उम्मीद के मुताबिक अपडेट नहीं रहा.
बहुत सी बातें मन मन मे ही हो गयी,
कोई वाकई मे पछताया या नही, किसे पता चला,
किसी ने कोई सफाई नही दी,
तानिया का बात बताने के लिए हिम्मत ना जुटाने की बात सोचना हास्यास्पद लगा,
बताने की हिम्मत नही पर अपने बेटे के दोस्त से लगातार चुदने जाने की बहुत हिम्मत थी
जीशू का तपन को कहना कि तानिया से प्यार करता था तो उसे बताता,
यदि तपन बोल देता कि "मैं तेरी माँ से प्यार करता हूँ " तो क्या जीशू कहता कि तू सच्चा प्यार करता है इसलिए जाकर मेरी माँ को चोद कर मजे कर.
या ये कहना चाहिए था, कि हम 1 परिवार थे, मेरी माँ, तेरी माँ सब समान थी तो ऐसा गंदा रिश्ता रखने का सोचा भी कैसे ?
तानिया को बचा कर तपन उसका सच्चा आशिक साबित हो गया,
इससे आगे भी तानिया बिना पछतावे के तपन से चुदने जाती रहेगी,
जब सबको बुलाया तो सबके सामने सारी बातो का जवाब लेना चाहिए था,
शीतल को ठीक से पता ही नही चला की वाकई मे पुरा मामला क्या था,
वो तो बस अनुमान ही लगा रही है कि शायद तपन और तानिया के बीच कुछ था.