chapter 9
सुबह विवान उठता है आँगन मे आता है तो सुमिता खाना बना रही थी विवान पीछे से सुमिता को बाहो मे लेके गाल मे किस करते हुवे
विवान - मेरी प्यारी मा
सुमिता मुस्कुराते हुवे विवान को देख प्यार से सर पे हाथ फेरते हुवे
सुमिता - मेरा राजा बेटा
विवान - मा मासी दिख नही रही है
सुमिता - बेटा दीदी नहाने गई है
विवान - अच्छा समझ गया
विवान घर के पीछे आता है असल मे घर के पीछे ही नहाने वाला बाथरूम बना था और पीछे से ही खेत की तरफ जाने का रास्ता था विवान बाथरूम के पास खरा हो जाता है अंदर सुनीता नहा रही थी तो पानी गिरने की आवाजे आ रही थी
विवान मुस्कुराते हुवे - किया बात है मासी आज इतनी देर कैसे हो गई पे उठता था तब तब तो आप उठ के नाहके रेडी हो जाती थी लगता है रात अच्छे से नींद नही आई आपको
सुनीता बहोत हैरान होती है जानके विवान बाहर खरा है और विवान की बाते सुन भी हैरान हो चुकी थी
सुनीता - बेसरम नालायल यहा किया कर रहा है देखने की कोसिस अंदर करना भी मत समझ गया
विवान हस्ते हुवे - नही करुगा वैसे मासी नंगी नहा रही है या कपड़े पहन के
सुनीता - तुझे कियु बताऊ चल भाग यहा से
सुनीता मन मे - एक तो रात को अच्छे से सो नही पाई मेरा अपना भांजा मुझसे गंदी बाते कर रहा है ऐसी गंदी बाते जो मेने आज तक किसी से ना की ना किसी ने ने मुझसे
विवान - मासी बता दीजिये नही तो अंदर आ जाउंगा
सुनीता जल्दी से - बेसरम पेटीकोट पहन रखा है
विवान - और उपर आपके दोनों बरे मुलायम चुचे नंगे है ना
सुनीता हैरान होके मन मे - इस बेसरम को कैसे पता
सुनीता - हा है अब जा नही तो छोटकी को बुला लुगी
विवान - अच्छा बाबा लास्ट आपके बुर् पे बाल है या नही
सुनीता बहोत जायदा शर्मा जाती है
सुनीता धीरे से - है अब जा यहा से नहाने दे मुझे
विवान हस के - अच्छा बाबा जा रहा हु
विवान खेत की तरह चला जाता है अंदर सुनीता बैठी अपने आप को देखती है और सोचने लगती है इस उमर मे आके अपने भांजे से गंदी बाते करने मे उसे अजीब तो लग रहा था पर बहोत मजा भी आ रहा था
विवान खेत की तरफ जाते हुवे मन मे - मुझे मासी को एहसास करवाना होगा मे सिर्फ उनको लेके गंदी सोच नही रखता बल्कि प्यार करता हु तब जाके आगे मेरा सारा task पुरा करने मे आसान हो जायेगा मासी ऐसी औरत नही है जिसे गंदी सोच के साथ पाया जा सके मासी को प्यार से ही पुरा पाया जा सकता है
systam - किया बात है host आप तो बहोत समझदार है इतना दिमाग है समझते है कैसे किसी को पटाना है तो आज तक एक लरकी कियु नही पता पाये
विवान - आ गया मेरा मजाक उराने कमीना साला
विवान घर आके नाहके रेडी होके सब के साथ खाना पीना करता है फिर बाते करते है थोरि सुमिता खेत चली जाती है
विवान इस मोक्के का ही इंतज़ार कर रहा था विवान सुनीता को कमरे मे लेके आता है सुनीता हैरान खरी विवान को देखती रहती है विवान सुनीता को देखता सुनीता की खूबसूरती फिगर देख विवान का जोस बढ़ने लगता है सुनीता जो विवान की मासी के साथ एक बला थी
विवान सुनीता के के करीब जाने लगता है सुनीता घबराई हुई पीछे हटने लगती है विवान आगे बढ़ता रहता है सुनीता पीछे हटती रहती है एंड मे सुनीता के पीछे दीवार आ जाती है

विवान सुनीता के पास चिपक के खरा होके दोनों सुनीता के दोनों हाथो को दीवार से चिपाक के कस के पकरे हुवे सुनीता को देख
विवान - किया बात है मासी डर कियु रही है
सुनीता थोरा घबराते हुवे - देख लाला कुछ करना मत प्लेस
विवान सुनीता के गुलाबी रसीले होठो को करीब से देखते हुवे
विवान - मौसा जी ने आपके इस रसीले होठो को चुस के रस पिया है
सुनीता नजरे नीचे करते हुवे - कैसी बात कर लाला तु

विवान सुनीता के चेहरे को पकर होठो पे उंगली फेरते हुवे
विवान - यानी नही चुसा है मासी आपने तो जिंदगी के असली मजे लिये ही नही है इसमे आपकी गलती नही है पहले के मर्द बहोत सिम्पल होते थे बस चुदाई करना जानते थे लेकिन आपको पता है आज कल चुदाई के अलावा भी बहोत तरीके है औरत को मजा खुश करने का जैसे गंदी बाते अभी आप जो फिल कर रही है वैसा कभी मौसा के साथ फिल किया सच बताना मासी
सुनीता विवान के गर्म सासे एक दूसरे से टकरा रही थी सुनीता की लाइफ मे सीधे सेक्स अलावा कुछ नही रहा हुआ था इस तरफ गंदी बाते करना विवान की हरकते सब नया एहसास था सुनीता के लिये और सबसे बरी बात इस उमर मे उसका भांजा खुल के गंदी बाते कर रहा था
सुनीता सासे बहोत तेज लेने लगी थी सुनीता के चुचे तेज सासे लेने से उपर नीचे हो रहे थे जिसे सुनीता मदहोस भी हो चुकी थी हल्के पसीने चेहरे मे आने लगे थे विवान बेवकूफ नही था अपनी मासी की हालत देख समझ गया था उसकी मासी गर्म हो चुकी है
सुनीता सुमिता माधुरी जूलिया पूनम सब के खून मे ही ऐसा था की उनकी उमर जितनी भी होगी उसके जवान ही दिखेगी यही कारण था मदन बूढ़ा हो गया था और सुनीता अब तक पूरी फिट थी तो जाहिर है सुनीता के अंदर सेक्स की चाह खतम नही हुई थी उस सेक्स की चाह को विवान मे फिर भरका के जगा दिया था पर इस से ये केहना सही नही होगा सुनीता विवान के साथ सेक्स कर लेगी फिल्हाल विवान का प्लान ये था ही नही विवान बहोत आगे का सोच चल रहा था और अभी अपने task पुरा करने की कोसिस कर रहा था
सुनीता खुद को संभालते हुवे - देख लाला
विवान बीच मे ही सुनीता के चेहरे को पकरते हुवे प्यार से देख
विवान - मासी जनता हु सेक्स करने नही दोगी आप लेकिन थोरा प्यार तो हम कर सकते है ना मुझे आपके रसीले होठो का रस पीना है

सुनीता धीरे से - नही ये गलत हो जायेगा लाला मे तेरी मासी हु
विवान सुनीता को बाहो मे कस के पकरे हुवे धीरे से - आप फिल नही करना चाहती किस करने मे कैसा मजा आता है
विवान सुनीता के गले पे किस करता है धीरे से पीछे सुनीता के मोटे गांड पे हाथ ले जाके गांड को सहलाने लगता है
सुनीता सिहर के कपने लगती है सुनीता के मुह से आह मा निकल जाता है सुनीता कस के विवान को बाहो मे पकर लेती है बस विवान समझ जाता है यही मोक्का है आगे बढ़ने का

विवान सुनीता को बाहो मे पकरे सुनीता अपनी करक खूबसूरत कातिल मासी के गले पे गाल पे चूमने लगता है और सुनीता इस नये प्यार एहसास मे मदहोस होके आखे बंद किये फिल करके पागल सी होने लगती है सुनीता नही जानती थी एक औरत को इस तरफ भी प्यार किया जाता है गर्म किया जाता है पर अब एहसास हो रहा था विवान के लिये ये पल किसी सपने से कम नही था विवान बहोत अच्छे से अपनी मासी के गले गाल को चूम के गिला कर देता है

विवान मोक्का समय ना गवाते हुवे सीधे सुनीता के चेहरे को पकर होठो से होठो चिपका के किस करने लगता है सुनीता अंदर से सिहर जाती है सालों बाद बुर मे हलचल होने लगती है विवान अपने मासी के नर्म रसीले गुलाबी होठो का रस चुसके पीने लगता है विवान के लिये सुनीता के होठो का रस अमृत से कम नही था और स्वाद ऐसा किसका मुकाबला कोई ना कर सके सुनीता भी विवान के जैसे ही किस मे साथ देने लगती है तो सुनीता को और मजा आने लगता है असल मे सुनीता तो सब भूल गई थी किया हो रहा है दोनों मासी भांजे एक दूसरे के होठो का रस तब तक पीते रहते है जब तक दोनों की सासे फूलने नही लगती है एकदम से दोनों किस तोर देते है
किस टूटते ही सुनीता जल्दी से हफ्ते हुवे दीवार पकरे तेज तेज सासे लेना सुरु कर देती है जबकि विवान खरा एक बार अपने होठो पे हाथ फेरते हुवे सुनीता को देखने लगता है
सुनीता हफ्ते तेज सासे लेते हुवे मन मे - ये कैसा एहसास था मेने किस किया हम मासी भांजे के बीच पति ने मुझे कभी ऐसा किस नही किया फिल्मो मे फोटो मे देखा है बस लेकिन अब जब मुझे विवान ने किस किया तो एहसास हुआ बहोत मजा आता है किस करने मे पर क्या ये सही है हमारे बीच ये होना चाहिये था
विवान सुनीता के पास आके सुनीता को अपनी तरफ करता है सुनीता की हिम्मत नही हो रही थी विवान से नजरे मिलाने की
विवान सुनीता को देखता है एक उंगली से सुनीता के चेहरे को उपर करता है सुनीता सर्म से आखे बंद कर लेती है - मासी आपने फिल कर ही लिया होगा एक औरत को बहोत तरीके से मजा दिया जा सकता है ये सुरवात है आगे बहोत कुछ है पर जैसा मेने कहा आपके मर्ज़ी के बगैर
विवान सुनीता के कान मे धीरे से - आपके चुचे बुर जैसी जगह को टच नही करुगा
विवान की बाते सुन सुनीता और तेज सासे लेने लगती है
विवान - पर बाकी जगह टच कर सकता हु ना मासी बोलिये ना
सुनीता होठो को दबाती है काटती है फिर धीरे से कहती है - हा

अपनी मासी की बात सुन विवान नीचे घुटने पे बैठ जाता है सुनीता हल्की आखे खोल नीचे बैठे विवान को देखने लगती है विवान सुनीता के पेट से सारी हटा के अपनी मासी के मुलायम सॉफ्ट दूध जैसे पेट को गेहरे नेवल को देखने लगता है सुनीता और भी सरमा जाती है
सुनीता मन मे - कोई कोई नेवल पेट को भी इतने प्यार से देख सकता है किया उफ ये लरका किया कुछ नही जनता करना
विवान - मासी इस उमर मे भी पेट आपका बाहर नही निकला है फिट है कोई निसान नही ओप्रेसन का यानी भाई बहन को बुर से ही निकाला है आपने सही कहा ना
सुनीता की हालत ही खराब हो जाती है इतनी गंदी बाते सुन के लेकिन विवान की बाते सुनीता के ऊपर बुर मे बहोत असर कर रही थी

विवान एक उंगली सुनीता के गहरी ढोरी मे घुसाके उंगली करते हुवे
विवान - मेरे सवाल का जवाब नही दिया अपने मासी
विवान के ढोरी मे उंगली करने से सुनीता जोर से आह मा करती है सिसकते हुवे मदहोस होके - उफ लाला मत कर ना
विवान सुनीता की तरफ देखते हुवे - जवाब दीजिये मेरे सवाल का
सुनीता मुठी कसते कपते होठो से - हा वही से निकाला है
विवान पेट को पकर् मसलते हुवे - साफ और खुल के बोलिये
सुनीता दर्द मे सिसक के - उफ मा दर्द हो रहा है हा मेने बुर से निकाला है अब छोर दे लाला आह रुक जा

विवान बस एक काम और बाकी है विवान सुनीता के नेवल पेट को चूमने चाटने लगता है सुनीता के लिये इतना सब बहोत जायदा हो गया था बुर तो गीली होके चिप चिप कर रही थी सुनीता के पैर भी कपने लग गये थे सुनीता विवान के बाल को कस के पकर् के
सुनीता -उफ लाला किया कर रहा है आह मत कर अच्छा लग रहा है लेकिन मुझे सहा नही जा रहा रुक जा
जब विवान नही रुकता तो सुनीता विवान को दूर करके तेजी से भाग के अपने कमरे मे चली जाती है
विवान मुस्कुराते हुवे बिस्तर मे जाके आराम से लेत जाता है
systam - 2 और 3 task भी पुरा हुआ होस्ट मान गये आपको उमीद से जायदा जल्दी अपनी मासी को प्यार दे दिया
विवान - systam मासी के अंदर सेक्स की चाहता है उसे निकल रहा था और मासी को खोल रहा था ताकि आगे बाकी टास्क मे दिकत ना आये
systam - वाह बहोत तेज निकले अब तो नंबर 4 task तो आसान है बस नजरे रखनी परेगी
वही सुनीता पूरी हिली परी थी वजह थी बुर पूरी गीली रस से भरी जांघों तक गिला कर चुकी थी विवान ने जो किया सुनीता ने जो फिल किया सुनीता को जो मजा आया सुनीता ने सोचा नही था
सुनीता बिस्तर मे बैठ - मे एक मा हु 44 साल की औरत लेकिन एक लरके के सामने जो मेरा भांजा है मे उसके कंट्रोल मे थी जैसे एक पति के विवान जो कर रहा था गंदी बाते और मुझे मजा आ रहा था
सुनीता अपने होठो पे उंगली फेरते हुवे - और वो किस का एहसास अभी भी हो रहा है ये लरका बहोत खतरनाक है बच के रहना परेगा
सुनीता बिस्तर पे लेत के मन मे - कितनी गंदी बाते करता सर्म भी नही आती है नालायक को मुझसे ऐसी बाते करते हुवे
रात का समय खाना पीना के बाद )
आँगन मे सुनीता सुमिता बातें करने मे लगे थे वही विवान घर के बाहर तेहलते हुवे अंजलि को फोन करता है
अंजलि - कैसे याद आई आ गई देवर जी को मेरी
विवान हस के - याद तो रोज करता हु भाभी किया हो रहा है
अंजलि - बस सोने की तैयारी
विवान - बहोत जल्दी लगता है आज प्यार चाहिये भैया से हु
अचानक विवान की ऐसी बाते सुन अंजलि बहोत जायदा शर्मा जाती है
अंजलि - बहोत मरुगी
विवान हस्ते हुवे - मे तैयार भी मारने वाली मेरी खूबसूरत भाभी है तो
अंजलि और शर्मा जाती है
अंजलि - बहोत नटखट है मस्ती मजाक करने वाले भी
विवान - भाभी जब आप जैसी हो तो मस्ती तो बनती ही है
अंजलि - अच्छा जी
विवान - हा जी
विवान कुछ मिनट बाते करके जूलिया को फोन लगा देता है
विवान - दीदी अभी कैसी है आप
जूलिया - ठीक हु भाई मुझे लेके सोच सोच कियु परेसान दुखी हो रहा है
विवान इमोसनल होके - कैसे ना हू परेसान दुखी मेरी दीदी इतना सब सेह रही हमसे दूर जा रही तो कैसे हम खुश रहे
जूलिया इमोसनल होके - जाने वाले को कोई रोक नही सकता भाई जा भी रही हु तेरे आने के बाद ना तेरी शादी देख पाउंगी ना तेरी बीवी बच्चे को
जूलिया कहते हुवे रो परती है राज बगल मे ही था जूलिया को संभलने लगता है विवान के भी आखो मे आसु आ जाते है विवान systam की मदद से जूलिया को बचा लेगा जनता है लेकिन अभी जो दर्द सेह रही है जूलिया उसे लेके विवान बहोत दुखी था
विवान आसु साफ करते हुवे - किया बता चमत्कार हो आप पूरी जिंदगी हामरे साथ रहो
जूलिया - तु बार बार चमत्कार की बाते कियु करने लगता है जो सच है वो यही है मुझे जाना ही पड़ेगा भाई साचाइ को मान ले
जूलिया फोन कट करके राज के गले लग फुट फुट के रोने लगती है
विवान मुठी कसते हुवे - मे आपको जाने नही दुगा दीदी
माधुरी के ससुराल )
माधुरी नाइटी पहन लेती थी रजत माधुरी को देख - माधुरी आज मन है अगर तुम
माधुरी रजत को देखते हुवे - ठीक है जी करते है
माधुरी जानती थी जूलिया को लेके सब दुखी है जिसकी वजह से रजत उनके बीच सेक्स कई दोनों से नही हुआ था लेकिन जिंदगी तो जीना ही था
रजत माधुरी के ऊपर आता है एक धक्का और माधुरी के मुह से आह निकल जाती है
यहा विवान खुद को संभाल अंदर आता है सुनीता विवान को देख नजरे घूमा लेती है विवान सुमिता के पास जाके बैठ जाता है
सुमिता - समझ नही आता मे किया करू मेरा लाल तो मुझे मिल गया लेकिन मेरी प्यारी बेटी हमे छोर जाने वाली है
सुमिता एक मा थी खुद को संभाल कभी हस लेती थी बाते कर लेती थी लेकिन सच ये था अंदर से जूलिया को लेके बहोत दुखी रहती थी
सुनीता दुखी होके - छोटकी खुद को संभाल अब उस एंड पे आके फसे है यहा जूलिया के लिये हम कुछ नही कर सकते
सुमिता - जनती हु लेकिन मे एक मा हु मेरी प्यारी बेटी न किसी का बुरा नही किया कितनी मासूम है लेकिन उपर वाले ने उसके साथ ऐसा कियु कर रहे है
सुनीता सुमिता के पास बैठ इमोसनल होके - काश हम कुछ कर पाते लेकिन सच ये है हम कुछ कर नही सकते
विवान बैठा था अंदर से बहोत दुखी सब देख सुन रहा था फिल्हाल विवान कुछ कर भी नही सकता था
सुमिता सोने के लिये चली जाती है विवान अपने कमरे मे सुनीता उठके घर के पीछे पिसाब करने जाती है विवान और विवान जो दरवाजे पे खरा देख रहा था चुप के जल्दी से पीछे चला जाता है
सुनीता सारी पेटीकोट उठा के के बैठ पिसाब करने लगती है अंधेरे की वजह से सब साफ दिख नही रहा था लेकिन पिसाब सिटी की आवाज विवान साफ सुन पा रहा था विवान का लंड तो टाइट हो गया था विवान जल्दी से कमरे मे आके लेत जाता है
systam - आपने चारों task पुरे कर लिये है ये रहा आगे का task
Task
( 5 ) अपनी मासी को अपना मोटा लम्बा लंड दिखाइये
( 6 ) अपनी मासी से मुठ मरवाइये
( 7 ) अपनी मासी को लंड का स्वाद चखाइये
( 8 ) अपनी मासी के मुह मे लंड डालके मुह चुदाई करके अपना गर्म माल पिलाइये
बाकी आगे का task पुरा होने पे बता दिया जायेगा
विवान task देख मन मे - मुझे जल्दी करना होगा मे लेकिन संभल के मुझे बस जल्दी से दीदी के task चाहिये लेकिन केह नही सकता मासी के task पुरा होने के बाद मुझे जूलिया दीदी का ही टास्क मिलेगा पर जो भी हो मुझे इतना तो पता है task मेरे अपनो का ही मिलेगा तो जो task मिले जल्दी पुरा करुगा तो दीदी का नंबर आ ही जायेगा
सुनीता कमरे मे आती है विवान को देख - जगा कियु है
विवान मुस्कुराते हुवे - आपका इंतज़ार कर रहा था
सुनीता - देख लाला हम जो कर रहे है वो गलत है हमे यही रुक जाना चाहिये तूने जैसे मुझसे बाते ही मेरे साथ किया वो सब तेरे मौसा ने भी आज तक नही किया मेरे साथ लेकिन तूने किया सब मेरे लिये अजीब नया था पर अब बस बहोत हो गया
विवान सुनीता के पास आके खरा होके - 44 की है आप फिर भी फिट है मौसा जी की उमर हो गई मासी मेने आपके साथ कुछ गलत किया आपके मर्ज़ी बगैर
सुनीता नजरे नीचे किये हुवे - लेकिन तूने किस किया मुझे चुमा मेने हा नही कहा था
विवान सुनीता के और करीब आके सुनीता को बाहो मे लेके सीने से चिपका लेता है सुनीता के दोनों बरे टाइट मुलायम चुचे विवान के सीने से दब के चिपक जाते है जिसे फिल करके विवान पागल सा हो जाता है
विवान सुनीता को देखते हुवे - ठीक है केह दीजिये मेने किस किया आपको चुमा पेट पे नेवल पे आपसे गंदी बाते की सब मे आपको मजा नही आया
सुनीता चुप रहती है कुछ नही कहती
विवान - आप चुप है यानी मजा आया मासी मे कहा कुछ आपकी मर्ज़ी बगैर कर रहा हु जहा लगे मे आपकी मर्ज़ी से जायदा कुछ कर रहा हु मुझे रोक देना मे नही करुगा मासी अभी आप फिट है हम थोरि मस्ती प्यार कर लेगे तो किया हो जायेगा
विवान सुनीता के चेहरे को पकर् आखो मे देख प्यार से
विवान - आपको मजा आया ना किस किया तो
सुनीता शर्मा के धीरे से - हु
विवान - मासी अगर आपको डर है किसी को पता चल जायेगा तो नही चलेगा हमारा रिस्ता ही ऐसा है कोई सोचेगा नही हमारे बीच किया चल रहा है तो किया कहती है जारी रखे या खतम सब
सुनीता धीरे से - बस किसी को पता चलने मत देना
विवान - नही चलेगा वैसे मासी मौसा आपकी चुदाई करना बंद कर दिये तो उसके बाद बुर मे उंगली करती होगी
सुनीता बहोत शर्मा जाती है विवान से चिपक के शर्म से
सुनीता - करती थी लाला कुछ महीने बाद बंद कर दिया
विवान सुनीता के पीठ को सेहलते हुवे - उसके बाद नही किया अब तक
सुनीता - नही
विवान - मासी मन तो बहोत करता होगा ना लंड लेने का
सुनीता शर्मा के विवान को खुद से दूर करते हुवे - करता है तो
विवान हस के - मेरा लेलो मजा आयेगा
सुनीता मुस्कुराते हुवे - सपने देख समझ गया बचु नही मिलेगी तुझे
विवान - किया नही मिलेगा मुझे
सुनीता कामुक् आवाज मे - मेरी बुर मे समझ गया जितना मिल रहा है उसी मे खुश रह
विवान सुनीता के पास जाने लगता है तो सुनीता जल्दी से बिस्तर के पीछे चली जाती है खुद को बचाते हुवे
सुनीता - ना ना पास मत आ बेशर्म
विवान हस्ते हुवे - ये तो गलत है मासी थोरा प्यार करने दो ना
सुनीता - बारा आया प्यार करने वाला बीवी लेके आ करना दिन रात प्यार अपनी बीवी को
विवान तेजी से सुनीता की तरफ बढ़ता है सुनीता जल्दी से दूसरी तरफ चली जाती है
विवान - अच्छा पक्रम पकराइ खेलना है आपको पकर लिया ना तो देख लेना
सुनीता मुस्कुराते हुवे - पहले पकर् तो ले
विवान - मासी आपके साथ जो मजा है किसी के साथ नही आयेगा
सुनीता - अच्छा वो कियु
विवान - कियुंकी आप मेरी मासी है खूबसूरत है हॉट है फिगर मॉडल से कम नही जानती है मासी लरको को ऑन्टी जायदा पसंद आता है
सुनीता हैरान होके - अच्छा ऑन्टी ही कियु
विवान मुस्कुराते हुवे - सब बरे बरे होते है
सुनीता विवान के बातो तो समझ शर्मा के - छी बेसरम
विवान हस्ते हुवे - सही तो केह रहा हु आपके भी बरे है बहोत चुचे गांड बुर भी बहोत गर्म मोती होगी
अब सुनीता थोरि गर्म होने लगती h विवान के बातो का असर होने लगता है
सुनीता - अच्छा तुझे मुझसे किया अच्छा लगता है
विवान - सब कुछ मुझे तो आप पूरी अच्छी लगती है
विवान सुनीता के पास आता है इस बार सुनीता नही भगती विवान सुनीता को बाहो मे लेते हुवे - मासी आपको देखता हु तो सब भूल जाता हु आपकी ये प्यारी आखे खूबसूरत चेहरा गुलाबी होठ आपकी बॉडी की मेहक बॉडी की गर्मी सब फिल करके मे पागल होने लगता हु
सुनीता महदोस् होके - सच
विवान - सच मासी आपकी बुर बहोत मोती फाको वाली है ना
सुनीता धीरे से - हा इस उमर मे बॉडी के साथ हो जाती है
विवान - फिल हो रहा है बहोत गर्म है आपकी बुर
सुनीता शर्मा के - बुर हमेसा गर्म ही रहती है लाला
विवान मन मे - मासी तो अब बिना झिझक बाते करने लगी है जोकि मेरे लिये बहोत अच्छा है
विवान बिस्तर मे बैठ सुनीता को गोद मे बैठा के बाहो मे भरते हुवे
सुनीता - तो मासी बताइये अपने भजे से बात करके मस्ती कैसा लग रहा है
सुनीता - अच्छा मेरे लिये लाला सब अजीब तो है पर नया है तू मेरा भांजा है मेरे बेटे के उमर का मे तेरी मा जैसी हु पर तुझे जिस तरह मुझे बाहो मे लेता है गंदी बाते करता है मुझे बहोत अच्छा लगता तेरी बाहो मे भी लेकिन लाला मे तुझे आगे कुछ करने नही दे सकती
विवान - चलेगा लेकिन थोरा प्यार करने दोगी ना एक बार
सुनीता विवान के तरफ होके गोद मे बैठ - अच्छा जी
विवान मुस्कुराते हुवे - डर रही है बुर आपकी गीली हो जायेगी
सुनीता विवान के सीने पे मारते हुवे - छी कितना गंदा बोलता है
विवान हस के - अच्छा ये बताइये मौसा जी का लंड कितना बारा मोटा है
सुनीता शर्मा के - तुझे कियु जानना है
विवान - बताइये ना
सुनीता - वही 5 या 6 इंच लम्बा 2 के पास मोटा होगा
विवान - अच्छा मेरी गोद मे बैठी है फिल करके बताइये मेरा लंड कितना बारा मोटा होगा
विवान की बात सुन मन मे सुनीता हैरान होके - अरे हा कई बार लाला ने मुझे गोद मे लिया लेकिन मेने लंड लाला का फिल जायदा किया ही नही लगता है बहोत छोटा है
विवान सुनीता को सोचता देख मन मे हस के - छोटा नही है मेने अपने लंड को कंट्रोल करके रखा है जब तक मे ना चाहू खरा नही होगा
सुनीता बैठी थी विवान की गोद मे तो सुनीता सीधा विवान के लंड पे बैठी थी विवान तो साफ सुनीता के न् बुर की गर्मी फिल कर रहा था जबकि सुनीता अपनी बुर पे विवान का लंड फिल तो कर रही थी पर विवान का लंड सोया था या कहे विवान ने कंट्रोल करके रखा था तो सुनीता को जायदा मोटा लम्बा फिल नही होता
सुनीता - जितना तेरे मौसा का है उतना ही तो है बारा आया
विवान मुस्कुराते हुवे - सच केह रही है
सुनीता - हा एकदम सच
तभी विवान अपने लंड से कंट्रोल हटा देता है वैसे ही विवान का लंड पुरे ओकात मे आके जब खरा होता है तो सुनीता के बुर मे जाके लगता है सुनीता शोक हैरान जल्दी से विवान के गोद से नीचे उतर जाती है
सुनीता हैरान विवान को देखती रहती है विवान खरा होता है तो पैंट का उभार देख सुनीता काप् सी जाती है
सुनीता मुह पे हाथ रखे मन मे - ये किया है
विवान मुस्कुराते हुवे - मौसा के अलावा किसी का लंड अपने देखा है
सुनीता शर्मा के - नही
विवान - मेरा देखेगी
सुनीता हैरान होके - किया नही मुझे नही देखना
विवान - जाने दो फिर समझ गया आप डर गई है डरपोक
सुनीता गुस्से मे - किया बोला मे कियु डरूँगी ठीक है दिखा मे मे भी देखी तेरा लंड जिसपे तुझे इतना गुमान है
विवान मुस्कुराते हुवे मन मे - फस गई मासी
systam मन मे - मेरा host कमीना बहोत है दिमाग का तेज भी लेकिन दिल का साफ भी है लगे रहिये host धमाल बचा दीजिये
आज के लिये इतना ही