chapter 14
अंजलि अपनी चुचे के फोटो send बटन पे पास रखते हुए - भेज रही हु देवर जी सोचा बहोत अजीब है समझ नही आ रहा एकदम से मे आपके साथ बात करते हुवे अपने चुचे के फोटो भेज रही हु पर देख के करेगे किया
विवान हस के - हीलाउग
अंजलि - तब तो नही भेजने वाली
विवान जल्दी से - नही नही भाभी प्लेस भेज दो ना अपने देवर को मत तरपाइये
अंजलि हस्ते हुए - अच्छा ठीक है भेज दिया देख लीजिये
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विवान अंजलि के भेजी चुचे को देखने लगता है अंजलि ने बिस्तर पे लेते हुवे खुद चुचे की फोटो ली थी अंजलि के चुचे बरे टाइट फैले हुवे मस्त लग रहे थे गोरे हल्के काले निपल थे विवान मन मे - किया मस्त चुचे है भाभी के लेकिन भाभी ने अपने नंगे चुचे की फोटो इतनी आसानी से कियु भेज दी कही भाई के साथ भाभी को मजा नही आता
अगर ऐसा है तो भाभी की बुर मिल जायेगी
विवान - भाभी बहोत खूबसूरत गजब के चुचे है आपके देख के मन कर रहा है आपके पास आके आपके चुचे को पकर के जोर जोर से मसल के दबाने मुह मे लेके चुसु दूध को पीलू
विवान की बाते अंजलि को बेचैन कर देती है गर्म ससे लेते अंजलि खुद को संभालते हुवे
अंजलि - अच्छा जी सपने देखिये अपने नंगे चुचे देखा दिये ये बहोत है
विवान - ठीक है ठीक है ये बताइये ये फोटो कब ली थी आपके
अंजलि - एक साल पहले का h जब आपके भैया सेहर कमाने गये थे तो उन्होंने मंगा तो भेजा था
विवान मुस्कुराते हुवे - चुचे का मांगा भैया ने फोटो तो बुर का भी मांगा होगा भाभी बुर की फोटो भेजिये ना आपके फोन मे होगा ही प्लेस
अंजलि - वाह देवर जी लालच अच्छी बात नही समझ अब मे सोने जा रही हु मेरी फोटो किसी को दिखाना मत समझ गये
विवान - ठीक है समझ गया
फोन कट
अंजलि अपने फोन मे विवान का लंड देख नाइटी उठा के अपनी बुर मे खरे खरे उंगली करने लगती अंजलि - उफ आह कितना मोटा है देवर जी का लंड आह ये लंड देवर जी का मेरी बुर मे जायेगा तो आह बहोत दर्द के साथ मजा आयेगा लेकिन मे अपने पति को धोका नही दे सकती
यहा विवान अंजलि के चुचे के फोटो देखते हुवे - लगता है भाभी का टास्क आसानी से पूरा हा जायेगा भाभी को तगरा लंड चाहिये पर बीच मे भैया आ रहे है कोई ना कर लेगे
system - task 3 तक पूरा हुवा
विवान - अब आगे का करना है 4 task तो फोन पे हो जायेगा बाकी task पूरा करने के लिये मुझे भाभी के यहा जाना होगा या बुलाना होगा
सुबह 9 )
सुमिता सुनीता पूनम विवान सब साथ मे मे बैठे खा खा रहे थे बाते भी थोरि हो रही थी
पूनम - मासी मे कल मा जाने वाले है मे मायके भाई पापा सब से मिलके सीधा वही से ससुराल चली जाउंगी
सुमिता - क्या बेटी पूनम कुछ दिन और रुक जाती
पूनम - मासी नही रुक सकती यहा 3 दिन रुक गई मायके 2 दिन रुकुगि ससुराल मे बहोत काम है मे यहा रह नही सकती
सुनीता - चोटकी पूनम सही केह रही है अब इसका घर ससुराल ही है यहा तो मेहमान है कुछ दिनों के
सुमिता - सही कहा दीदी बेटी तो पराई होती है शादी के बाद मेहमाम् मनके आती है कुछ दिनों के चली जाती है काश सब पास मे होते तो जाना जाना मिलना आसान हो जाता
सुनीता - तूने सही कहा चोटकी पर किया ही कर सकते है
ding ding ding
Task
system - host को सुनीता पूनम आरती जूलिया और अपना घर लाइन से एकदम पास बनना होगा ताकि कोई भी 10 कदम चलके किसी से मिल सके reword आप जितना पैसा लगाके घर मनायेगे अपने लिये सब के लिये उसका डबल मिल जायेगा आपको कोई टाइम लिमिट नही है
विवान खाते हुवे मन मे - ये साला system तो सब की बाते सुन task भी दे दिया लेकिन ये तो अच्छा ही है हम सब साथ रहेगे पास पास मे कोई किसी से दूर नही रहेगा
पूनम - कियु भाई तु चुप कियु है कुछ बोलेगा नही
विवान - अरे दीदी मेरा किया है जब मन करेगा मे खुद आपके पास मिलने आ जाउंगा
पूनम - ओ मेरा भाई कितना अच्छा है
सुमिता सुनीता विवान की बात सुन मुस्कुरा देते है
10 बजते है पूनम सुमिता के साथ खेत चली जाती है ताकि सुमिता की मदद कर सके यहा विवान को मोक्का मिल जाता है और सुनीता को कमरे मे बिस्तर मे लेता के चढ़ जाता है
सुनीता शर्मा के - छोर ना लाला जाने दे
विवान मुस्कुराते हुवे - नही पेलना है आपको और हा रात आपकी गांड मारुंगा कल आप चली जायेगी इस लिये
सुनीता शोक हैरान होके - किया कमीने गांड कोई मारता है
विवान हस के - मारते है मासी
सुनीता डरते हुवे - देख मे ऐसा कियु नही करने वाली मे वाहा नही करने डुगी
सुनीता सुनीता के ब्लाउस के बटन खोल चुचे निकाल दबाने चूसने लगता है सुनीता आह उफ मा लाला आराम से विवान सुनीता को किस करते हुवे चुचे दबाने चूसने के न् बाद
विवान सुनीता कपड़े निकाल नँगा हो जाता है सुनीता को देख - चूसियो

सुनीता विवान का लंड मजे से चूसने लगती है उसके बाद विवान बिस्तर से नीचे खरा होके सारी पेटीकोट उपर करके सुनीता के पैर फैला के बुर को चाटने चूसने के बाद विवान लंड सुनीता के बुर के छेद पे रख धक्के से घुसा देता है सुनीता दर्द मे मर गई दर्द हो रहा है

विवान सुनीता के मोटे जांघों को फैलाये अपनी मासी की फूली गर्मी काले बालों वाली बुर की चुदाई करने लगता है जबकि सुनीता मुह मे हाथ रखे दर्द मे तरप् मचलने लगती है सुनीता - आह आह आह मर गई उफ मा इतना तेज धक्के मत मार लग रहा है लाला
विवान सुनीता को देख धक्के मरते हुए - बस आप मजे लो दर्द मे
सुनीता - बहोत दर्द हा रहा है समझ ना
लेकिन विवान जोरदार चुदाई अपनी मासी की 30 मिनट तक करता है
सुनीता हफ्ते हुवे विवान को देख ब्लाउस के बटन लगाते हुवे - दर्द मे देख तुझे मजा आता है कमीने मेरी जान जाती है तू धक्के मारता रहता है
विवान मुस्कुराते हुवे - किया करू मासी आप है ही कयामत रोक नही पता खुद को
सुनीता मन मे - एक औरत सेक्स के लिये तरपति है चाहती है उसका मर्द खूब जम के चोदे यहा ये लरका मजे ले साथ जान निकाल देता है
साम 3 बजे )
विवान मस्त रेडी होके नीलम के घर निकल परता है यहा नीलम आरती भी रेडी हो रहे थे
हा दोनों विवान को मोक्का देना चाहते थे कियुंकी दोनों को विवान के आखो मे बातो मे एक सचाई नजर आई थी पर सिर्फ ये एक वजह नही थी दूसरी भी बरी वजह थी और वो वजह थी दोनों का कोई भाई नही था ऐसे मे रि दोनों की शादी होगी तब जाया अकेली पर जायेगी
इस लिये नीलम शादी ना करके आरती की शादी करवाने का सोच लिया था और वो खुद मा जाया के साथ रहके अपनी मा का ख्याल रख सके पर आरती भी जिद पे थी नीलम को शादी करने को कहती थी और वो खुद मा का खयाल रखेगी लेकिन इसी बीच विवान आया अपनी बात रखी तो दोनों को वो मिल गया जिसके लिये दोनों बहनो के बीच बेहस् होती थी
नीलम रेडी होते हुवे - तेरी वजह से मानी हु नही तो मुझे वो लरका कमीना ही लगता है
आरती - दीदी अभी शादी थोरि करनी है देखते है ना कैसा है दीदी अगर विवान अच्छा लरका है तो हम साथ रहेगे मा भी
नीलम आरती की बात सुन कुछ नही कहती है
आरती नीलम को पीछे से बाहों मे भरते हुवे - वैसे भी उसने बोला भी है वो अकेले हम दोनों बहनो को संभाल लेगा
आरती कहते हुवे हसने लगती है वही नीलम आरती के सर पे मारते हुवे
नीलम - तुझे बहोत गर्मी चढ़ी है बेसरम कही की
आरती आउच करते अपने सर को सेहलते हुवे - मुझे तो चढ़ी हैं मे भी एक लरकी हु मन तो होगा ही लेकिन आपका किया आपका भी तो
नीलम बीच मे - मार खायेगी आगे बोला तो
नीलम मन मे - अगर विवान अच्छा लरका है शादी हो भी गई तू एक साथ कैसे उफ
ये सोच नीलम के गाल लाल होने लगते है ये देख आरती मुस्कुराते हुवे नीलम के कान मे - लड्डू तो आपके मन मे भी फुट रहे है दीदी
नीलम - रुक बेशर्म तुझे बताती हुए बहोत बोलने लगी है
आरती भागते हुवे - हाथ नही आने वाली
विवान गाव के एक लरके को 500 देके उसका बाइक लेके आता है रास्ते मे ही खेत किनारे नीलम आरती खरे थे विवान दोनों को देख बाइक पास मे रोक दोनों के पास जाता है

नीलम आरती दोनों मे सुत सलवार पहना था जिसमे दोनों बहोत खूबसूरत लग रही थी विवान दोनों का देख मे - मा की सम कॉपी दोनों है सुत सलवार मे मस्त लग रही है लेकिन जीन्स टॉप पेहनेगी तो उफ बवाल लगेगी दोनों बहने विवान खुद मे खोया था जबकि नीलम आरती विवान को यू घूरता देख गुस्से मे विवान के पास आके दोनों एक साथ जोरदार चाटा लगा देते है
विवान एकदम से होस मे आते हुवे अपने गाल पे हाथ रखे दोनों को देख - मारा कियु मुझे
नीलम - हमे घूर कियु रहे थे
विवान - तुम दोनों बहोत खूबसूरत लग रही हो इस लिये तुम दोनों को देखने मे खो गया इसमें मेरी किया गलती है
विवान की बाते सुन नीलम आरती के गाल पे हल्के सर्म की लाली आ जाती है तारीफ जो की थी विवान ने लेकिन ठहरे दोनों बहने अपने उसी एटीटुय्ड मे आती है
आरती - ठीक है ठीक है यू घुरना मत नही तो चाटा परेगा
विवान - हद है याद देख भी नही सकता
विवान बाइक पे बैठ जाता है
विवान - बैठो
आरती नीलम दोनों बैठे जाते है
आरती - कहा लेके जा रहे हो देखो अकेले मे लेके जाके हमारे साथ कुछ गलत करने की कोसिस की तो देख लेना
विवान - बस यही सुनना बाकी रह गया था नीलम आगे थी विवान के कंधे पे अपने दोनों हाथो को थोरा सर्माते हुवे रख लेती है थी तो लरकी ये पहला एहसास था लरके के साथ बाइक पे बैठने का
विवान निकल परता है रास्ते मे एक ब्रेकर एकदम से आता है तो विवान जल्दी से ब्रेक मारता है नीलम सीधा अपने मोटे बरे चुचे के साथ विवान के सीने से जा तकराती वैसे ही नीलम के मुह से हल्की आह निकल जाती है बजकि विवान नीलम के दोनों चुचे को दबे पीठ पे फिल करके मस्त मजा लेने लगता है पीछे आरती भी नीलम से चिपक गई थी अब दोनों को गुस्सा आ जाता है तब विवान को एहसास होता है अब मजा के बाद सजा मिलेगी
आरती गुस्से से - दीदी देखा अपने इसने जान बुझ के किया है
नीलम गुस्से मे - सही कहा कितना कमीना ठरकी है
विवान - अरे यार मेने जान बुझ के नही किया तुम बहने हर बात पे मुझे ही गलत ठेहरा देती हो
आरती - देख लुगी कमीना
विवान बाजार लेके आता है एक छोटे होटल मे दोनों को खाना खिलता है बाते करता है कॉफि पिलाता है और घूमने लगता है
विवान जब बाते करते जा रहा था तब विवान की नजर एक जाती लरकी पे चली जाती है जिसने टाइट जीन्स टॉप पहना था उस लरकी के बरे चुचे गांड हिलती कमर विवान देखने मे खो जाता h
नीलम आरती ये देख लेते है और दोनों को बहोत गुस्सा आता है दोनों एक साथ विवान को जोरदार चाटा मारते हुवे - कमीना कुता सब मर्द एक जैसे होते है और केह दोनों जाने लगते है
विवान दोनों को रोकते हुवे - रुको रुको यार नजर चली गई माफ करदो तुम दोनों को देखता हु तो तुम दोनों को गलत लगता है किसी और लरकी को देखता हु तब भी अब मे करू किया बोलो
नीलम आरती एक साथ - हमे कुछ नही सुनना घर छोर दो
विवान भी गहरी सास लेता है और दोनों को घर छोर देता है
विवान - कल आऊगा
नीलम - जरूरत नही है कभी मत आना
आरती - दीदी
नीलम - बस फैसला हो गया तुम जाओ प्लेस फिर मत आना
विवान हैरान होता है लेकिन कुछ कर नही सकता था
विवान - ठीक है नही आऊगा
विवान बाइक लरके को देके घर आ जाता है
रात 7 बजे आगन् मे )
सुमिता के गोद मे लेता सर रखे विवान सब से से बाते कर रहा था
विवान - मेरी मा जैसी खूबसूरत अच्छी मा किसी की नही है
सुमिता मुस्कुराते हुवे - मेरे लाल जैसा बेटा भी कोई नही
सुनीता मन मे हस्ते हुवे - तुझे किया पता चोटकी तेरा लाल कैसा है तुझे हमारा सच या किसी को पता ना चले यही अच्छा है
पूनम - और मे खूबसूरत नही हु मा खूबसूरत नही है
विवान - है पर मेरी मा से जायदा नही
सुमिता विवान के गाल पे किस करते हुवे - बिल्कुल सही कहा मेरे बच्चे ने
विवान मुस्कुराते हुवे - देखा प्यारी किस्सी मिल गई इसे प्यार बोलते है
विवान की बात सुन सुमिता हसने लगती है
सुनीता मन मे -कमीना मेरा तो सब लेके आराम से लेता है
पूनम - अरे मे किस्सी नही देती झूठा
विवान - देती है मासी भी देती है लेकिन देखो भाई मेरी मा के आगे सब फेल है फिके है बस बात खतम
सुमिता हस के - हा बात खतम मेरे लाल ने बोल दिया
सुनीता - सही है तुम मा बेटों का
ऐसे ही 8 बजे तक बात होती है फिर सुमिता पूनम सुनीता सोने चले जाते है पर 9 बजे विवान सुनीता के कमरे मे ही आ जाता है

विवान सुनीता को बाहों मे लिये किस करने लगता है अपनी मासी के होठो को चूस के पीने लगता है सुनीता भी पूरा साथ दे रही थी सुनीता मन मे - अब मे इस लरके की दीवानी हो गई हु इस उमर मे बुर की भाग अपने भाँजे के लंड से भुजा रही हु मे कैसे इस लरके से फस गई पर जो भी हो ये बहोत सुकून वाला है

विवान सुनीता के नाइटी निकाल बिस्तर पे लेता के बुर चाटने लगता है सुनीता - आह भाँजे मेरे लाल चाट चूस अपनी मासी की बुर को आह तेरे मौसा ने कभी चुसा नही अब तुही चूस चाट उफ ये मजा सुकून मुझे पागल कर देता है आह लाला अंदर बुर मे छेद मे जिब डालके चाट अच्छे से बहोत पानी है मेरी बुर मे सब पीजा उफ आने वाला है सुनीता झर जाती है

विवान बुर के फाको के बीच लंड घिसने के बाद सुनीता के ऊपर लेत के चुचे दबाने हुवे चुस्टे हुवे जोरदार धक्के से लंड घुसा देता है सुनीता विवान को बाहों मे पकरे - आह मर गई जब भी तेरा जाता है मेरी बुर दर्द मजे मे रोने लगती है भाजे चोद धक्के मार निकाल दे मेरी बुर की गर्मी को विवान धक्के मरने लगता है विवान , उफ मासी किया मस्त माल है आप जितनी चुदाई करलू मन नही भरता
20 मिनट चुदाई के बाद
विवान - अब गांड की बरी घोरी बन जाइये
सुनीता डरते हुवे - लाला दर्द होगा
विवान - चिंता मत करिये पहले अच्छे से से तेल लगा के छेद फैला के दालुगा दर्द कम होगा
सुनीता - पक्का ना देख जायदा दर्द होगा तो करने नही डुगी
विवान - ठीक है मासी

सुनीता थोरि डरी सहमी घोरी बन जाती है विवान सुनीता के गांड को फैला के गांड की छेद देखने लगता है फिर मोती बुर फाको को देखता है विवान - उफ मासी इस लिये हम लरको को ऑन्टी पसंद आती है आह ये मोती गांड मोती फूली बुर भरा बदन साला देख कर ही जोर खून लंड मे उबाल आ जाता है
विवान तेल लेके आता है छेद मे डाल उंगली से फैलाने लगता है सुनीता आह सिसकते हुवे मन मे - ये आह आज कल के लरके गांड भी नही छोरते उफ दर्द हो रहा है गांड भी कोई मारता है

विवान फिर सुनीता के गांड को फैला के जिब से अपनी मासी के गांड को चाटने लगता है अपनी गांड की छेद पे गीली जिब फिल करके सुनीता पूरी शोक मे आह लाला किया कर रहा है पागल वो गंदी जगह है मत चाट पर विवान अपने काम मे लगा रहता है सुनीता को धीरे धीरे गांड चटवाने मे भी अलग मजा आने लगता है सुनीता मन मे - उफ ये कैसा मजा है ये लरका जो भी करता है उसमे बहोत मजा आता है
सुनीता - चाट पे लाला अपनी मासी की गांड के छेद को चाट ले
विवान गांड का स्वाद लेते हुवे मन मे - मा की गांड का स्वाद कैसा होगा सोच कर ही उफ पागल होने लगता हु

विवान गांड का स्वाद लेने के बाद लंड को पकर गांड की छेद पे रख धीरे धीरे अंदर घुसने लगता है सुनीता दर्द मे - आराम से लाला धीरे
विवान लंड अंदर घुसते हुवे - बस मासी एक बार घुस गया दर्द नही होगा
सुनीता दर्द मे - घुसने से पहले मेरी जान निकल जायेगी उफ मा बहोत दर्द हो रहा है ऐसा लग रहा है फट जायेगी मेरी गांड
विवान जोरदार धक्के से पूरा बचा लंड घुसा देता है सुनीता दर्द मे तरप् उठती है हल्के आसु भी निकल आते है

विवान लंड निकाल फिर एकदम से घुसा देता है अब गांड की छेद फैल गई थी लंड मे अपनी जगह बना ली थी तो आराम से अंदर जा रहा था
विवान विवान धीरे धीरे चुदाई करने लगता है विवान - किया मस्त मोती गांड है मासी आपकी और आपकी कसी गांड मे लंड डालने चुदाई करने मे तो बहोत मजा आ रहा है टाइट सील पैक गांड है आपकी मे पहला हु जो आपकी बुर के गांड पहली बार गांड मार रहा हु

विवान दोनों हाथ सुनीता के मोटे गांड पे रख तेज धक्के मरने लगता है सुनीता आह आह उफ उफ मर गई मेरा भांजा मेरी गांड मार के फार देगा उफ बहोत दर्द हो रहा है दर्द नही होगा बोल रहा था तु आह
विवान धक्के मारते हुवे - मजा आ रहा है या नही ये बताइये मासी
सुनीता दर्द मे - दर्द मे मजा आयेगा कमीने उफ मा तेरी बात पे भरोसा नही करना था मेरी गांड फैला डी तूने
पर ये कुछ देर तक ही था थोरि देर बाद सुनीता को बहोत मजा आने लगता है दर्द मे मजा और मजे से लंड लेने लगती है गांड मे
सुनीता - आह उफ लाला अब जाके मजा आने लगा है सच मे आह पहली बार मेरी गांड मे लंड गया है वो भी तेरा ये अलग हि मजा है चोद लाला अपनी मासी की मोती गांड चोद अच्छे से
विवान भी जोस मे पेलने लगता है
46 मिनट बाद चुदाई खतम होती है
सुनीता अपनी गांड के छेद पे उंगली रख फिल करके विवान का देख - पूरा फैला दिया तूने बेसरम
विवान हस्ते हुवे सुनीता को बाहों मे लेके किस करते हुए - मजा तो आपको भी आया मजे से ले रही थी लंड गांड मे
सुनीता शर्मा के - तू ना बहोत कमीना बेसरम है
सुनीता कपड़े पहन विवान को किस करके - लाला तूने मुझे असली मजा सुकून चुदाई का एहसास करवाया है जिससे मे बेखबर थी पहले मे उलझन मे थी जो कर रही हु सही है या गलत पर अब कोई फर्क नही परता लोव यू
विवान - लोव यू मासी
सुनीता चली जाती है
विवान नँगा लेता मन मे - मासी तो मेरी हो गई लेकिन नीलम आरती किया मेरी किस्मत मे दोनों नही है
नीलम के घर )
कमरे मे आरती नीलम लेते हुवे थे साथ मे
आरती - दीदी आपने सही नही किया कियु माना किया विवान को अच्छा तो है हमने कई बार चाटा मारा पर वो हस के मजाक मे ले लेता था बुरा नही मानता था
नीलम - वो थरकी है बहन देखा नही कैसे आती जाती लरकी को देख रहा था
आरती - दीदी देख ही तो रहा था ऐसे तो हर लरके करते है देखने मे करने वैसा होने मे फर्क है और वैसे भी अगर शादी विवान से होती है तो हम दोनों सुधार देते ना
आरती की बातो का जवाब नीलम के पास नही था
नीलम - मुझे नही पता बस मुझे वो अच्छा नही लगा तुझे अगर वो कमीना पसंद है तो तु शादी करले
आरती - आप नही करेगी तो मे नही करुगी
जाया दरवाजे पे खरी दोनों की बाते सुन रही थी
जाया मन मे - तो वो लरका विवान है जिसके साथ मेरी दोनों बेटी गई थी
आरती - पर दीदी दिल से सोचिये विवान अच्छा लरका हो मे केह सकती हु हमारा मा का सब का खयाल रखने वाला हमे कहा मिलेगा वैसे भी मा हमारी शादी करवा के रहेगी पता नही जिससे शादी होगी वो कैसा होगा मे बस चाहती हु हमारी शादी जिससे हो वो अच्छा हो हमारी मा का ख्याल रख सके जोकि विवान है
नीलम थोरा गुस्से मे - अच्छा एक मुलाकात मे ही तुझे वो कमीना अच्छा लगने लगा
आरती - एक मुलाकात मे वो विवान आपको बुरा भी लगने लगा आपने तय कर लिया वो गिरा कमीना है
आरती की कही बाते फिर से नीलम को चुप करवा देती है
जाया अंदर आते हुवे - मुझे लगता है उस लरके को मोक्का देना चाहिये
अपनी मा को देख दोनों हैरान शोक मे मा आप
जाया दोनों के पास बैठ - हा मे सुनी दोनों की बाते मेरी वजह से तुम दोनों शादी नही करुगी वो मे होने नही दुगी रही मे अकेली रेह लुगी बस तुम दोनों शादी करलो मेरी पसंद से करना हो या खुद की पसंद से तय करलो पर मे तुम दोनों के लिये अच्छा लरका ढूढ़ पाउंगी ये केह नही सकती एक काम करो कल लरके को बुलाओ मे बात करुगी
आरती नीलम हैरान शोक मे - किया
जाया - या मे खुद जाके बात करू बताओ कहा रहता है
आरती - बगल वाले गाव मे सुमिता का बेटा है
जाया थोरा हैरान होके - वही सुमिता दीदी जिनके बेटे को उठा के लेके कोई चला गया था
आरती - हा वही है विवान आ गया वापस
जाया हैरान होके - किया
जाया - ठीक है मे जाके विवान से पहले बात करुगी अच्छा लगा तो दोनों की उससे शादी करनी परेगी एक साथ रहोगी अच्छा रहेगा
जाया मन मे - विवान मेरी दोनों बेटियों दे शादी करना चाहता है पर वो कैसा है कियु दोनों से करना चाहता है सब पता करना होगा कल जाके मिलके बात करुगी
रात 10 बजे
विवान अंजलि को फोन करता है अंजलि नंबर देख अपने पति बेटी को देख फोन लेके उठ से घर के पीछे आके फोन उठती है
अंजलि - कियु फोन किया देवर जी नींद नही आ रही
विवान - नही आ रही भाभी आखे बंद करता हु तो आपके चुचे नंगी बॉडी दिखाई देने लगती है तो लंड खरा हो जाता है
अंजलि शर्मा के - मन को लंड को कामु मे रखिये जिसके आप सपने देख रहे है वो नही मिलने वाली
विवान - ऐसा मत बोलिये भाभी अपने देवर मे दया करिये
अंजलि - दया कल करके अपनी चुचे की फोटो दी तो
विवान - आज बुर गांड देखा दीजिये
अंजलि - डिमांड बढ़ते जा रहे है आपके आपकी बीवी नही हुए मे
विवान - पर भाभी तो है प्लेस ना भाभी
अंजलि - नही
विवान - पैर परता हु आपके दिखा दीजिये ना
अंजलि - पर आपको मेरे बुर गांड ही कियु देखने है
विवान - कियुंकी आप बहोत खूबसूरत है आपकी बुर गांड कैसी होगी कल रात आपके चुचे देखने के बाद सोच रहा हु अब तक भाभी चुचे तो देखा ही दिये है ना तो बुर गांड भी देखा दीजिये
अंजलि - ठीक है पर उसके बाद कुछ नही
विवान जल्दी से - चुचे दबाते बुर मे उंगली करते भी देखना है
अंजलि हैरान होके - बेसरम फिर डिमांड बढ़ गये आपके
विवान -प्लेस भाभी प्लेस मेरी अच्छी प्यारी भाभी
अंजलि - मस्का मत मरीये
अंजलि खरी कुछ सोचने लगती है थोरि देर बाद
अंजलि - ठीक है उसके आगे कुछ बोले देख लेना
विवान - नही बोलुगा
अंजलि खाली कमरे मे आके बेड मे बैठे मन मे - पता नही मे कियु कर रही हु
अंजलि - ठीक है बोलिये किया करू
विवान - पहले आप अपनी बुर गांड की फोटो भेजिये
अंजलि शर्मा के - अच्छा ठीक है भेजती हु रुकिये थोरा
आज के लिये इतना ही



