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MMstUpdate 22
मैं जाने लगी तो, जैकी भी मेरे पीछे पीछे चलने लगा
मेरे हिप्स थिरक रहे थे और वो बदमाश जैकी मेरी थिरकती हिप्स को देखते हुए बढ रहा था
मैं बहुत कोशिश कर रही थी की मेरी कमर लचके नहीं पर मेरे धीरे चलने से भी मेरी गूद्देदार नितम्बों में उछाल आ ही रही थी और सीढ़ियां चढते समय तो और ज्यादा
मैं जल्दी से रूम में आकर मैनें डोर बंद किया पर लॉक नहीं क्योंकि सुमन आने पर मुझे जगना पडता
मेरी धडकन तेज चल रही थी
धम्म् से बिस्तर पर गिरी और लेट गई
शायद जैकी भी अपने कमरे में जा चुका था
उधर सुमन और राज रोमांस में लगे थे और मैं नींद के आगोश में
जब मेरी आँख खुली तो देखा ,सुमन कब में आकर लेट गई थी शाम के पांच बज रहे थे
मैं बाहर आई और रिसॉट के गार्डन में टहलने लगी
वहां और भी कप्पलस घूम रहे थे
वहीं एक बेंच पर जैकी पहले से बैठ कर मोबाइल पर कुछ कर रहा था, तभी जैकी की नजर मुझ पर पडी
जैकी - मेमसाहब, जग गयी आप
मैं - हां, और राज कहां है
जैकी - बैठिए न मैम
मैं - हां हां बैठूंगी पहले ये गार्डन घूम लू
जैकी - राज साहब तो, अभी तक सो रहे हैं ,मैडम जी एक बात कहूं
मैं -हां
बोल कर चलने लगी तो जैकी भी खडा हो गया और बोला
जैकी -क्या मैं भी आपके साथ साथ चल सकता हूँ
मैं -चलो.. मुझे भी कंपनी मिल जायेगी
जैकी और मैं साथ चलने लगे, यहां बाग बगीचा बहुत ही खूबसूरत और बडा था
लोग हमें देखकर कप्पलस ही समझ रहे होगें
मैं - और.... कहां के रहने वाले हो
जैकी - इंदौर का
मैं - वो....बहुत ही खूबसूरत जगह है इंदौर
जैकी ने फुसफुसाहट में कहा वो तो है पर आप से ज्यादा नहीं
मैं - कुछ कहा क्या
उसने बात घुमाते हुए कहा
जैकी - जी, बहुत ही मनमोहक नजारा है यहां का
मैं -हां, पर यहां अकेले आने में मजा नहीं आयेगा
जैकी - मैडम जी, आपकी शादी हो गई
मैं (हंसते हुए) -अरे... अभी तक तो नहीं और तेरी
जैकी - हो गई है, पर सभी इंदौर में रहते हैं मैं यहां अकेला, वहीं कैम्पस में ही एक रूम मिला है
जब साहब को कहीं जाना हो तो तुरंत आना पडता है
जैकी -मैडम जी, सुमन जी आपकी बहन है या दोस्त
मैं -बहन है, पर तुम मुझे मैडम मत बोला करो
जैकी - आदत हो गई है केवल साहब और मैडम जी बोलने की
मैं -तुम मुझे अंजू बुला सकते हो
जैकी -जी, अच्छा
अंधकार अब होने लगा और चारो ओर जगमगाती लाइटें जल चुकी थी ,मानो कोई महल लग रहा था
जैकी -अंजू मैडम आप बहुत खूबसूरत हैं
मैं -क्या कहा, चौंक कर
जैकी -बहुत खूबसूरत लगती हो आप
सुनकर मेरे गोरे गाल पर 1 लाली छा गयी
मैं - धत्
जैकी - सच में, आपको देख कोई भी पागल हो जाएगा
मैं - एैसा क्या है, मुझे में
जैकी -आपका, फीगर लुक बहुत ही सेक्सी है
मैं -जैकी तुम न कुछ भी..... बोलते हो
जैकी - आपको नहीं लग रहा, पर नजर उठा कर देखिए सब आपको ही ताक रहे हैं
मैनें देखा बहुत से लडके सही में मेरी गदरायी जवानी को लालची निगाहों से घूर रहे थे
चलते चलते हम दोनो के शरीर कभी कभी आपस में सट जा रहे थे, मैने एक शॉट पैंट और टोप पहना हुआ था
चलते चलते हम दूर एक छोर पर पुहंच चुके थे वहां से सामने पहाड़ की तराई से गिरता झरना बहुत ही खूबसूरत दिख रहा था पर यहां कोई नहीं था, शायद बहुत कम लोग ही इधर आते होगें या शाम होने की वजह से लौट चुके थे, ये जगह भी रिसॉट के कैंम्पस के अंदर ही है पर रिसॉट से दूर हम अंतिम छोर पर थे
मैं -हमें वापस चलना चाहिए
पर उसने कुछ कहा नहीं और पीछे से मुझे अपनी बांहो में जकड़ लिया
मैं शॉक थी,
मैं - जैकी ये क्या कर रहे हो
पर वो तो मेरी चूचियों को पकड़े हुए पीठ पर किस करने लगा मैं उसकी कैद से आजाद होना चाहती थी
पर वो तो कामुकतापूर्ण मेरे बदन से छेड़छाड़ करने लगा
मैं - छोडो न, जैकी......
कोई देख लेगा
जैकी - कोई नहीं है
मैं -मैं चिल्ला दूंगी
जैकी मेरी बातें सुन कर थोडा ढीला पड़ गया
मैनें उसे धकेल दिया तो गिरते गिरते उसने मेरा हाथ पकड लिया और मैं भी उसके उपर गिर गयी
मेरी छाती, जैकी की शरीर से दब गयी तो उसने मुझे फिर से अपनी हाथों के घेरे में बाधं लिया और अब मेरे टॉप के उपर से ही चूची को मुह में भर लिया
मैं -आह्हहहहहह................
वो चूसने लगा
और मैं आह्हहहहहह............ आह.......
मैं -उफ् प्लीज .....
जैकी ने मुझे उठाया और किनारे झाडी की तरफ ले आया फिर से उसने मेरी चूची की घुंडियों को घुमाते हुए कहा कैसा लग रहा है मैडम
मैं भी मदहोशी में हां बहुत अच्छा लग रहा है
जैकी का लंड विकराल रूप में पैंट के अंदर ही उभर रहा था
जैकी मेरे गले में किस करने लगा
मैं -आ.... आ...... आह्हहहहहह और एक हाथ से मेरी पैंट का बटन जीप खोलकर हाथ पैंटी के अंदर योनी में घुमाने लगा
मेरे बदन में तो आग भडक चुकी थी मैं भी शर्म हया छोड़ कर उसके लंड को पकड लिया
वो लगातार मेरी बूर में झांटों और क्लीट में उंगलियों को फेरने लगा और बीच बीच में 1 अंगुली बूर के छेद में डाल दे रहा था
मैं उचकने लगी मेरे मुंह से आहें निकल रही थी
तभी उसने मुझे नीचे बैठा दिया और फिर लंड को मेरे मुंह में डाल दिया
जैकी - बहुत मस्त लग रहा है उम्ममममम....... एैसे ही चूसो
मै भी मस्ती में चूमने चूसने लगी, लंड पूरा लसलसाहट के साथ मेरे हलक में अंदर बाहर हो रहा था
जैकी ने जानबूझ जोर से मेरे मुंह में डाल दिया तो लंड गले की नली तक पुहंच गया मेरी तो सांस अटक गयी थी, लंड को खींचा तो, मेरे मुंह से लार का थक्का निकला मैं खांसने लगी
मेरे बूर से रस चूने लगा था, लग रहा था कब लंड बूर को मिलेगा
तभी किसी के आने की आहट सुनाई पडा हम तुरंत सतर्क होकर और भी घनी झाड़ियों में दुबक गये
वो रिसॉट का गार्ड कीपर था जो वहां से गुजरा पर हमें देख नही पाया
मैं - जैकी चलो यहां से
मैं अपने आपको सम्भालते हुए बोली, क्योंकि मुझे डर लग रहा था, पर जैकी कहां मानने वाला था
उसने मेरी पैंट उतारना चाही तो मैं ने मना किया आज नहीं, लंड का नशा तो मुझे भी हो रहा था पर मैनें इच्छा दबा दी
जैकी -मेरा लंड को शांत कर दो मैडम
बोलकर उसने मेरा चेहरा पकड़ा और फिर से लंड को मेरे मुंह में डाल दिया और मेरे गुलाबी होंठ की चुदाई चालू रखी
मैं- उम्ममममम .............आह ््हहहहहहह....
जैकी 10 मिनट बाद लंड को पूरे जोश में मेरे मुंह में पेलने लगा
जैकी -हा हा ह ाााा......सीसीसीसी.......... की आवाज निकाल रहा था
उसका शरीर अकडने लगा और एक ही बार में पूरा वीर्य मेरे मुंह में उडेल दिया जो बाहर भी चू रहा था
मैनें किसी तरह रूमाल से साफ किया और कपडे ठीक कर हम वापस रिसॉट की ओर आ गये
सामने सुमन और राज बैठे थे, दोनों देखकर एक साथ बोले अरे कहां चले गए थे तुम दोनो
मैं -जरा लास्ट छोर तक चले गए थे
जैकी तो रूम की ओर चल पडा पर मैं बैठ गयी
राज- अंजू दी, काफी मंगा दू, हमने तो पी ली
मैं -हां
राज ने वेटर को बोला
सुमन - ये गंध कैसा...
मेरे रूमाल में जैकी का सारा माल लगा था जो बहुत जोर से महक रहा था
मेरा ध्यान आया तो मैं भी कॉफी आने से पहले वाशरूम में चल दी
वापस आने तक वेटर कॉफी लेकर आया तो वेटर की नजर सुमन के सीने पर थी
सुमन ने अंदर ब्रा नहीं पहना था और अपनी कुर्ती के सारे बटन खुला ही छोड रखा था जिसमें से उसकी चूचियां नजर आ रही थी
जो वेटर मेरे कॉफी पीने तक खडा रहा है मेरी बहन के बुब्स को आंखों के बाण से नैनचुदाई करने लगा
Nice dearUpdate 22
मैं जाने लगी तो, जैकी भी मेरे पीछे पीछे चलने लगा
मेरे हिप्स थिरक रहे थे और वो बदमाश जैकी मेरी थिरकती हिप्स को देखते हुए बढ रहा था
मैं बहुत कोशिश कर रही थी की मेरी कमर लचके नहीं पर मेरे धीरे चलने से भी मेरी गूद्देदार नितम्बों में उछाल आ ही रही थी और सीढ़ियां चढते समय तो और ज्यादा
मैं जल्दी से रूम में आकर मैनें डोर बंद किया पर लॉक नहीं क्योंकि सुमन आने पर मुझे जगना पडता
मेरी धडकन तेज चल रही थी
धम्म् से बिस्तर पर गिरी और लेट गई
शायद जैकी भी अपने कमरे में जा चुका था
उधर सुमन और राज रोमांस में लगे थे और मैं नींद के आगोश में
जब मेरी आँख खुली तो देखा ,सुमन कब में आकर लेट गई थी शाम के पांच बज रहे थे
मैं बाहर आई और रिसॉट के गार्डन में टहलने लगी
वहां और भी कप्पलस घूम रहे थे
वहीं एक बेंच पर जैकी पहले से बैठ कर मोबाइल पर कुछ कर रहा था, तभी जैकी की नजर मुझ पर पडी
जैकी - मेमसाहब, जग गयी आप
मैं - हां, और राज कहां है
जैकी - बैठिए न मैम
मैं - हां हां बैठूंगी पहले ये गार्डन घूम लू
जैकी - राज साहब तो, अभी तक सो रहे हैं ,मैडम जी एक बात कहूं
मैं -हां
बोल कर चलने लगी तो जैकी भी खडा हो गया और बोला
जैकी -क्या मैं भी आपके साथ साथ चल सकता हूँ
मैं -चलो.. मुझे भी कंपनी मिल जायेगी
जैकी और मैं साथ चलने लगे, यहां बाग बगीचा बहुत ही खूबसूरत और बडा था
लोग हमें देखकर कप्पलस ही समझ रहे होगें
मैं - और.... कहां के रहने वाले हो
जैकी - इंदौर का
मैं - वो....बहुत ही खूबसूरत जगह है इंदौर
जैकी ने फुसफुसाहट में कहा वो तो है पर आप से ज्यादा नहीं
मैं - कुछ कहा क्या
उसने बात घुमाते हुए कहा
जैकी - जी, बहुत ही मनमोहक नजारा है यहां का
मैं -हां, पर यहां अकेले आने में मजा नहीं आयेगा
जैकी - मैडम जी, आपकी शादी हो गई
मैं (हंसते हुए) -अरे... अभी तक तो नहीं और तेरी
जैकी - हो गई है, पर सभी इंदौर में रहते हैं मैं यहां अकेला, वहीं कैम्पस में ही एक रूम मिला है
जब साहब को कहीं जाना हो तो तुरंत आना पडता है
जैकी -मैडम जी, सुमन जी आपकी बहन है या दोस्त
मैं -बहन है, पर तुम मुझे मैडम मत बोला करो
जैकी - आदत हो गई है केवल साहब और मैडम जी बोलने की
मैं -तुम मुझे अंजू बुला सकते हो
जैकी -जी, अच्छा
अंधकार अब होने लगा और चारो ओर जगमगाती लाइटें जल चुकी थी ,मानो कोई महल लग रहा था
जैकी -अंजू मैडम आप बहुत खूबसूरत हैं
मैं -क्या कहा, चौंक कर
जैकी -बहुत खूबसूरत लगती हो आप
सुनकर मेरे गोरे गाल पर 1 लाली छा गयी
मैं - धत्
जैकी - सच में, आपको देख कोई भी पागल हो जाएगा
मैं - एैसा क्या है, मुझे में
जैकी -आपका, फीगर लुक बहुत ही सेक्सी है
मैं -जैकी तुम न कुछ भी..... बोलते हो
जैकी - आपको नहीं लग रहा, पर नजर उठा कर देखिए सब आपको ही ताक रहे हैं
मैनें देखा बहुत से लडके सही में मेरी गदरायी जवानी को लालची निगाहों से घूर रहे थे
चलते चलते हम दोनो के शरीर कभी कभी आपस में सट जा रहे थे, मैने एक शॉट पैंट और टोप पहना हुआ था
चलते चलते हम दूर एक छोर पर पुहंच चुके थे वहां से सामने पहाड़ की तराई से गिरता झरना बहुत ही खूबसूरत दिख रहा था पर यहां कोई नहीं था, शायद बहुत कम लोग ही इधर आते होगें या शाम होने की वजह से लौट चुके थे, ये जगह भी रिसॉट के कैंम्पस के अंदर ही है पर रिसॉट से दूर हम अंतिम छोर पर थे
मैं -हमें वापस चलना चाहिए
पर उसने कुछ कहा नहीं और पीछे से मुझे अपनी बांहो में जकड़ लिया
मैं शॉक थी,
मैं - जैकी ये क्या कर रहे हो
पर वो तो मेरी चूचियों को पकड़े हुए पीठ पर किस करने लगा मैं उसकी कैद से आजाद होना चाहती थी
पर वो तो कामुकतापूर्ण मेरे बदन से छेड़छाड़ करने लगा
मैं - छोडो न, जैकी......
कोई देख लेगा
जैकी - कोई नहीं है
मैं -मैं चिल्ला दूंगी
जैकी मेरी बातें सुन कर थोडा ढीला पड़ गया
मैनें उसे धकेल दिया तो गिरते गिरते उसने मेरा हाथ पकड लिया और मैं भी उसके उपर गिर गयी
मेरी छाती, जैकी की शरीर से दब गयी तो उसने मुझे फिर से अपनी हाथों के घेरे में बाधं लिया और अब मेरे टॉप के उपर से ही चूची को मुह में भर लिया
मैं -आह्हहहहहह................
वो चूसने लगा
और मैं आह्हहहहहह............ आह.......
मैं -उफ् प्लीज .....
जैकी ने मुझे उठाया और किनारे झाडी की तरफ ले आया फिर से उसने मेरी चूची की घुंडियों को घुमाते हुए कहा कैसा लग रहा है मैडम
मैं भी मदहोशी में हां बहुत अच्छा लग रहा है
जैकी का लंड विकराल रूप में पैंट के अंदर ही उभर रहा था
जैकी मेरे गले में किस करने लगा
मैं -आ.... आ...... आह्हहहहहह और एक हाथ से मेरी पैंट का बटन जीप खोलकर हाथ पैंटी के अंदर योनी में घुमाने लगा
मेरे बदन में तो आग भडक चुकी थी मैं भी शर्म हया छोड़ कर उसके लंड को पकड लिया
वो लगातार मेरी बूर में झांटों और क्लीट में उंगलियों को फेरने लगा और बीच बीच में 1 अंगुली बूर के छेद में डाल दे रहा था
मैं उचकने लगी मेरे मुंह से आहें निकल रही थी
तभी उसने मुझे नीचे बैठा दिया और फिर लंड को मेरे मुंह में डाल दिया
जैकी - बहुत मस्त लग रहा है उम्ममममम....... एैसे ही चूसो
मै भी मस्ती में चूमने चूसने लगी, लंड पूरा लसलसाहट के साथ मेरे हलक में अंदर बाहर हो रहा था
जैकी ने जानबूझ जोर से मेरे मुंह में डाल दिया तो लंड गले की नली तक पुहंच गया मेरी तो सांस अटक गयी थी, लंड को खींचा तो, मेरे मुंह से लार का थक्का निकला मैं खांसने लगी
मेरे बूर से रस चूने लगा था, लग रहा था कब लंड बूर को मिलेगा
तभी किसी के आने की आहट सुनाई पडा हम तुरंत सतर्क होकर और भी घनी झाड़ियों में दुबक गये
वो रिसॉट का गार्ड कीपर था जो वहां से गुजरा पर हमें देख नही पाया
मैं - जैकी चलो यहां से
मैं अपने आपको सम्भालते हुए बोली, क्योंकि मुझे डर लग रहा था, पर जैकी कहां मानने वाला था
उसने मेरी पैंट उतारना चाही तो मैं ने मना किया आज नहीं, लंड का नशा तो मुझे भी हो रहा था पर मैनें इच्छा दबा दी
जैकी -मेरा लंड को शांत कर दो मैडम
बोलकर उसने मेरा चेहरा पकड़ा और फिर से लंड को मेरे मुंह में डाल दिया और मेरे गुलाबी होंठ की चुदाई चालू रखी
मैं- उम्ममममम .............आह ््हहहहहहह....
जैकी 10 मिनट बाद लंड को पूरे जोश में मेरे मुंह में पेलने लगा
जैकी -हा हा ह ाााा......सीसीसीसी.......... की आवाज निकाल रहा था
उसका शरीर अकडने लगा और एक ही बार में पूरा वीर्य मेरे मुंह में उडेल दिया जो बाहर भी चू रहा था
मैनें किसी तरह रूमाल से साफ किया और कपडे ठीक कर हम वापस रिसॉट की ओर आ गये
सामने सुमन और राज बैठे थे, दोनों देखकर एक साथ बोले अरे कहां चले गए थे तुम दोनो
मैं -जरा लास्ट छोर तक चले गए थे
जैकी तो रूम की ओर चल पडा पर मैं बैठ गयी
राज- अंजू दी, काफी मंगा दू, हमने तो पी ली
मैं -हां
राज ने वेटर को बोला
सुमन - ये गंध कैसा...
मेरे रूमाल में जैकी का सारा माल लगा था जो बहुत जोर से महक रहा था
मेरा ध्यान आया तो मैं भी कॉफी आने से पहले वाशरूम में चल दी
वापस आने तक वेटर कॉफी लेकर आया तो वेटर की नजर सुमन के सीने पर थी
सुमन ने अंदर ब्रा नहीं पहना था और अपनी कुर्ती के सारे बटन खुला ही छोड रखा था जिसमें से उसकी चूचियां नजर आ रही थी
जो वेटर मेरे कॉफी पीने तक खडा रहा है मेरी बहन के बुब्स को आंखों के बाण से नैनचुदाई करने लगा