मेरे मन में शालिनी के लिए अब इज्जत बढ़ गई थी कि वो मेरी हर जरूरत को समझ रही थी और उसने पेन्टी का बोलकर मुझे सही समय पर मूठ मारने को बोल दिया नहीं तो में बहक सकता था ।
शालिनी कुछ सोच रही थी पर वो बोल नहीं रही थी ।में भी थोड़ा शर्मिंदा था कि वो मेरे बारे में क्या सोच रही होगी लेकिन में खुश था । शालिनी का अनुभव या नॉलेज बहुत गजब का था और में यही सोच रहा था कि आखिर उसे इतना जल्दी इतना अनुभव कैसे मिला होगा क्योंकि उसे कॉलेज जाते अभी तीन महीने भी पूरे नहीं हुए थे ।
शालिनी मुस्करा कर,-- क्या सोच रहे हो भाई जी ।
में ,- साली , मुझे भाई जी मत बोल
शालिनी ,-- ओह्ह… मुझे लगा कि अब लोड कम होते ही आपको बहन की याद आ गई होगी ।
में ,-- अब मुझे बहन बोलकर शर्मिंदा मत कर । हम अब बहुत आगे निकल चुके है उस रिश्ते से ।
शालिनी मुस्करा कर - तो अभी बहन चोद तो नहीं बने ना ।
में ,-- एक बहन तो चोद ही ली ना ।
शालिनी ,-- वो तो मैने ही कहा था सुनीता भाभी से की मेरे भाई को बहन बनकर चुदवाना ताकि उसे मेरे सामने शरम नहीं आए ।
में ,-- बहुत शैतान है तू ।
शालिनी ,-- अभी तक शैतान ही हूं पर अब तुम मुझे भी मॉडर्न बनाओ भाई जी ।
में ,-- अब मैने वादा किया है कि तेरी खुशी के लिए सब कुछ करूंगा तो बनाना ही पड़ेगा ।
शालिनी ,-- चलो तुम्हे अपना वादा याद तो है।
में ,-- इतना जल्दी थोड़े ही भूल जाऊंगा ।
शालिनी ,-- कुछ सोचा है ड्रेस के अलावा भी ।
में ,-- सोचना ही पड़ेगा अब ।में नेट खंगालूंगा तेरे लिए की क्या ही सकता है ।
शालिनी ,-- अभी एक घंटा बहस की तब तुमको मेरी खुशी का समझ में आया।
में ,-- कौनसी।
शालिनी ,-- मेरा बॉय फ्रेंड मेरी सहेली को चोद कर खुश होगा तो मुझे खुशी होगी ।
में ,-- रियली ।
शालिनी ,-- ऐसे मेरी पेन्टी सूंघ कर कितने दिन काम चलाओगे ।
..
में ,-- जब तक तू चाहेगी ।
शालिनी ,-- उसके लिए आपको अभी इंतजार करना पड़ेगा भाई जी । मुझे मेंटली थोड़ा प्रिपेयर होने दीजिए और थोड़ी थ्योरी भी स्टडी करने दीजिए ।
में ,-- तुम मेरे साथ फिजिक्ल होने को रेड्डी है।
शालिनी ,-- बोला ना मेंटली प्रिपेयर होने दीजिए ।
में ,-- तुम्हे आपति नहीं होगी भाई के साथ ।
शालिनी मुस्करा कर,,-- अगर आपत्ति होती तो यहां थोड़े ही आती ।
में ,-- क्या मतलब ।
शालिनी ,,-- आप को क्या लगता है में सुंदर नहीं हूं ।
में ,-- तू बहुत सुंदर है और सेक्सी भी ।
शालिनी ,-- मेरे से दोस्ती करने को स्कूल में कई लड़के प्रपोज किए थे और एक टीचर भी ।लेकिन में किसी को भाव नहीं दी । मेरी सहेली का भाई तो पागल था मेरे पीछे
में ,-- फिर ।
शालिनी ,-- मुझे लाइफ एंजॉय करनी थी जो वो नहीं करवा सकते थे वो मुझे चूस कर छोड़ देते ।
में ,-- और में ।
शालिनी ,-- आप के साथ में सैफ़ हूं और अपनी सब फैंटेसी पूरी कर सकती हूं जो शादी के बाद कभी पूरी नही कर सकती ।
में उदास होकर ,-- तुम शादी करोगी ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- अभी पांच साल तक तो मेरा इरादा नहीं है ।
में ,-- ओह्ह , मतलब मुझे अभी और पांच साल इंतजार करना पड़ेगा ।
शालिनी ,-- तो आप कर लो शादी ।में आपके लिए सुंदर सी दुल्हन ढूंढूंगी ।
में ,-- मुझे तुम सुंदर लगती हो ।
शालिनी ,-- ऐसा क्या है मुझमे ।
में ,-- तेरा ये माशूम चेहरा ।
शालिनी ,-- और
में ,-- तेरी ये झील सी आंखे ।
शालिनी ,-- बस रहने दो तुम्हे तारीफ भी करनी नहीं आती ढंग से ।
में ,-- शालू , तेरा भाई ऐसा नहीं है । पिताजी की मौत के बाद में बहुत दबाव में थे इसलिए पढ़ने शहर आ गया और फिर तुम दोनों की जिम्मेदारी मुझ पर थी इसलिए कभी दोस्तों के साथ भी उतना क्लोज नहीं हुआ वरना उनके साथ रहता तो मुझे भी तारीफ करनी आती।
शालिनी ,-- अच्छा , दोस्त क्या करते थे ।
में ,-- बहुत बिगड़े हुए थे वो ।
शालिनी ,-- अगर बहन को बताने में शरम आ रही है तो अपनी सेक्सी गर्ल फ्रेंड समझ कर बता दो ।
में मुस्करा कर ,-- तुम्हे शायद बुरा लगेगा ।
शालिनी ,-- रहने दो फिर भाई जी , आप मुझे बहन ही समझो और हिलाते रहना । पहले सुनीता दीदी की चुचि देख कर हिलाते थे अब मेरी पेन्टी सूंघ कर हिला लिया करो ठीक है ना भाई जी ।
में ,-- तू मुझे अन्यथा तो नहीं लेगी ना जब में पूरी बात बताऊंगा तो ।
शालिनी , मुस्करा कर ,-- नहीं मादर चोद , अब बोल ।
में ,-- मेरे चार दोस्त थे कमिने , चारों पैसे वाले थे और पूरे रांड बाजी और दारू बाज़ी में एक्सपर्ट थे । उन्होंने कॉलेज में एक प्रोफेसर को भी फंसा रखा था ।
शालिनी ,-- मुझे बहन समझ कर सुना रहे हो या गर्ल फ्रेंड समझ कर ।
में ,- बहन के सामने ऐसे खुल के बोल सकता हूं क्या।
शालिनी ,-- इसको खुलकर बोलना कहते है क्या ।
में ,-- और कैसे खुल कर बोलूं
शालिनी - , ये फंसा कर रखना क्या होता है ।इसे बोल कि उसकी चूत मारते थे।
में ,-- हां , वो चारों कॉलेज में पैसे के दम पर लड़कियां चोदते थे जो कॉलेज में ।
शालिनी ,-- बस ।
में ,-- और एक प्रोफेसर जो उनकी मां की उम्र की थी उसे उसके घर में जाकर चोदते थे ।
शालिनी अपने स्कर्ट पर से चूत मसल कर ,-- तेरा मन नहीं करता था ।
…
में ,-- में बोला ना तुमको मुझ पर जिम्मेदारी थी इसलिए वो जब बोलते कि चल आज मंडी में रांड चोदने तो में मना कर देता था ।
शालिनी ,कॉलेज की लडकियो को कहा चोदते थे वो लोग ।
में ,-- लाइब्रेरी में , मुझे वो चौकीदारी करने को छोड़ देते थे और चारों बारी बारी से चोद कर आते थे ।
शालिनी मुस्करा कर,-- और प्रोफेसर को ।
में ,-- उनके क्वार्टर में
…

.
शालिनी ,-- मतलब वो भी गर्म औरत होगी मां की तरह।
में ,-- मां की तरह , मतलब ।
शालिनी ,-- बहुत भोले हो भाई आप । मां सच ही बोलती है।
में ,- कैसे ।
शालिनी ,-- आप ने नोट नहीं किया जब मां आई थी तो वो दिन भर फोन में लगी रहती थी ।
में ,-- हां , मैने सोचा कि आफिस में काम करती है तो आफिस से फोन आता होगा ।
शालिनी मुस्करा कर,-- मां बैंक में पियोन से ऊपर की पोस्ट पर है ।उनको फाइल और इधर उधर के काम करने होते है ।
में ,-- हां तो ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- आप उनका फोन चेक कर लेते तो शायद आप की सारी गलत फहमी दूर हो जाती।
में मन में सोचा कि हा बहना में सच में भोला तो हूं जो अब तक नहीं समझ पाया कि मां कब संस्कारी औरत से रन्डी बन गई पर मुझे अब पता चला कि मां पूरी रांड बन चुकी है।
में ,-- फोन तो तुम भी चलाती हो मैने तुम्हारा फोन कभी चेक किया क्या ।
शालिनी ,,-- तुम चाहो तो चेक कर लेना ।मेरा बर्थ ईयर ही मेरा पास वर्ड है ।
में ,-- मुझे क्या करना है तुम्हारा फोन चेक करके।
शालिनी ,-- इसीलिए तो बोल रहा हूं कि तुम भोले हो बिल्कुल ।
में ,-- तुम बोल रही हो तो मान लेता हूं ।
शालिनी ,-- मेरा ये दूसरा फोन है ।
में ,-- फिर पहला ।
शालिनी ,-- वो मां ने तोड़ दिया था ।
में ,-- क्यों ।
शालिनी ,-- तुम मां से ही पूछ लेना कभी । अगर तुमने मेरा fb id वगैरह देखी होती तो तुम्हे समझ में आ जाता कि में चार साल से फोन चला रही हूं ।
में ,-- ह्म्म ।
शालिनी ,-- मैने आपका फोन भी देखा है ।
में हैरानी से ,-- कब ।
शालिनी ,-- जब आई थी तभी चेक किया था बिल्कुल बच्चों के जैसे कार्टून टाइप के प्रोग्राम देखते हो आप।
में मन में सोचा तो तुझे मेरी हिडन फाइल देखने का मौका थोड़े ही देता ।
में ,-- अब तुम मुझे बताना बड़ों के जैसी प्रोग्राम कैसे होते हैं।
शालिनी ,-- ह्म्म । बताना ही पड़ेगा नहीं तो तू बड़ा कैसे बनेगा ।
हम दोनों को बातें करते करते शाम हो गई थी और हमारी बातें खत्म हो नहीं हो रही थी तो शालिनी बोली,- अब खाना भी खाओगे या बातों से ही पेट भरना है।
में ,-- में होटल से मंगवा लेता हूं खाना। आज तेरे से खुलकर बात करने में मजा आ रहा है ।
शालिनी ,-- चलो फिर में चेंज कर लेती हूं आप भी रिलेक्स हो जाओ ।
शालिनी उठकर चली गई रूम में तो में उसकी मोटी गांड को देखा जो बहुत मस्त हो चुकी थी ।
…
शालिनी उठकर रूम में गई पर घुसने से पहले उसने मुझे अपनी गांड घूरते हुए देख लिया और वो मुस्करा कर रूम में चली गई।
में भी सोचा कि बरमूडा के नीचे अब चड्डी खोल देता हूं लंड आराम से रहेगा तो जल्दी से चड्डी निकाल कर फेंक दी और होटल में फोन को किया जहाँ से में टिफिन मंगवाता था पहले।
कुछ देर में शालिनी नाइट ड्रेस पहन कर आई तो मेरा मुंह खुला रह गया क्योंकि उसने सेवन पीस वाली नाइटी का तीसरा पीस पहना था और उसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी ।
शालिनी मुझे देख कर मुस्करा रही थी क्योंकि मेरा लंड अब बिना चड्डी के पूरा क्लियर दिख रहा था बरमूडा को उठाये हुए ।