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Shayari Kavita-sayri

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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बिल में घुसकर नहीं, सामने दहाड़ते है,
अजी बिल में घुसकर नहीं, सामने दहाड़ते है,
और अपना रूतबा ही ऐसा है दोस्त, हम सामने वाले की कहकर फाड़तें हैं। :approve:
 
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Raj_sharma

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Raj_sharma

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दीदार हम से कीजिए हमारी तस्वीर से नही
बाते हम से कीजिए हमारी परछाई से नहीं
दिल हम से लगाई हमारी शायरी से नही
Nice one:perfect:
 

Raj_sharma

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उसे देखकर ही, मेरी नजरें बहक जाती थीं,
ये उन दिनों की बात है, जब वो स्कूल आती थी,

पढ़ना सबसे कठिन मेरे लिए था, कठिन था स्कूल जाना
पर उसके आने से पूरी पाठशाला महक जाती थी,

उसे देखना इश्क़ था या था बचपना मेरा,
सब पढ़ते रहते थे किताबें वो नजरें मिलाती थी,

मैं किताबों से चुरा नजरें उससे मिलाता था,
उसे इश्क़ था या नहीं पर वो भी मुस्कुराती थी

चोरी से चुराई थी किताब से फोटो मैंने उसकी
मुझे ही छोड़कर के वो, सबको चोर बताती थी,

दिन बीत गये वो यादें हो गयीं अब धुंधली सी
वो भूल गई थी मुझको, मुझे यादें सताती थीं।

ना मिलती थी कभी ना बोलती थी कभी मुझसे,
कैसा प्यार था उसका वो कैसी प्रीत निभाती थी।

मेरा मन नहीं लगता था उस दिन स्कूल में
जिस दिन वो भी स्कूल न आती थी

मैं तो आज भी उससे ही मोहब्बत करता हूं
पर तब किसी और से झूठा प्यार करके वो मुझे आजमाती थी।।
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम ।।
 
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Raj_sharma

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आसरा तेरे दर से है आज मेरी आस मिटा दे
तू आन मेरी तु शान मेरी तु जान के ये बता दे
दीदार तेरा करता रहु मेरे जिन्दगी के मालिक
तू हर दिल मे अजीज रहे बस इत्ता सा पता दे

हौसला कभी सिलवटें न ले रग में तड़प बस खुदा दे
तेरी राह पे चलकर खिल सकु ये अगाज अदा दे
हुकूमत कातिल ए दिल पर रहे अपनी अरदास मेरी
जब तक जिए तेरी छाव में प्यार मिले न खता दे

आज वायदा इस नजर से है नजर से ही जता दे
तेरी रहमत का गुलीस्ता तक्दीर पलटा दे
मुकम्मल हो अपनी भी जिन्दगानी करम सफ़र है
न शिकवा करे न गिला करे बस हर पल सजदा दे
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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Khafa bhi rahte ho aur wafa bhi karte ho....

Pana bhi nahi chahte aur khone se bhi darte ho ....
Wahh kya baat hai sabbo ji:love1:
Itne din baad aai ho? Humse naaraaj ho kya aap?:kiss1:Kitna yaaj kiya
 
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Raj_sharma

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