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नजिया अब आदर्श की बातो पर ब्लॉक करने की धमकी नही देती थी।
नजिया को आदर्श होने लगी थी जो बेरुखा पन आज तक उसे मिला आदर्श के घर परिवार मे उसे अपनापन से मन खुश हो चुका था
नजिया को कभी एहसास भी नही हुआ था की ऐसे परिवार भी होते है जो लड़कियो को इज्जत प्यार भरपूर देते हो।
नजिया: आदर्श जी आपने मेरी जिंदगी बदल दी है मै हंसना सीख गयी हु मै आपका जितना शुक्रिया अदा करू उतना कम है
आदर्श : मेरी जान तुम इतनी खूबसूरत हो की भगवान ने दिल खोल के तुम मे खूबसूरती डाली है और भगवान के ऐसे प्यारे तोहफे को बस खुश रहने का और प्यार करने का हक है।
नजिया : आप भी ना आदर्श जी। आप बहुत अच्छे हो नसीब वाली होगी आपकी बेगम बेइंतहा इश्क़ करोगे आप उससे
आदर्श : मै तो आपको अपनी माशुका चाहता हु
नजिया : आदर्श जी ऐसा ना बोलिये
आदर्श : सच मे नजिया मै तुम मे ही अपना इश्क देखता हु आँख बन्द करता हु तो भी बस तुम नजर आती ह
नजिया : आदर्श जी आप समझो मै nik@hi हु। काश आप मेरे शौहर होते पर ऐसा नही है
नजिया ने जाने अंजाने आज आदर्श की मोहबत कबूल ली थी और साफ साफ कह दिया था की वो भी आदर्श को अपना शौहर बना लेती
आदर्श : नजिया शौहर नही तो आशिक ही बना लो।
नजिया : आदर्श जी आप समझिए ये सही नही
आदर्श: मेरी जान क्या जब मैने तुमको बाहों मे भरा तो तुमको अच्छा नही लगा
नजिया : मुझे नही पता
आदर्श और नजिया रोमांटिक बातो के समुद्र मे घुस चुके थे और वो समुद्र उन्हे जहाँ ले जा रहा था वो दोनो को नही पता था पर एक बात पक्की थी दोनो खुश और सुकून मे थे
नजिया को आदर्श होने लगी थी जो बेरुखा पन आज तक उसे मिला आदर्श के घर परिवार मे उसे अपनापन से मन खुश हो चुका था
नजिया को कभी एहसास भी नही हुआ था की ऐसे परिवार भी होते है जो लड़कियो को इज्जत प्यार भरपूर देते हो।
नजिया: आदर्श जी आपने मेरी जिंदगी बदल दी है मै हंसना सीख गयी हु मै आपका जितना शुक्रिया अदा करू उतना कम है
आदर्श : मेरी जान तुम इतनी खूबसूरत हो की भगवान ने दिल खोल के तुम मे खूबसूरती डाली है और भगवान के ऐसे प्यारे तोहफे को बस खुश रहने का और प्यार करने का हक है।
नजिया : आप भी ना आदर्श जी। आप बहुत अच्छे हो नसीब वाली होगी आपकी बेगम बेइंतहा इश्क़ करोगे आप उससे
आदर्श : मै तो आपको अपनी माशुका चाहता हु
नजिया : आदर्श जी ऐसा ना बोलिये
आदर्श : सच मे नजिया मै तुम मे ही अपना इश्क देखता हु आँख बन्द करता हु तो भी बस तुम नजर आती ह
नजिया : आदर्श जी आप समझो मै nik@hi हु। काश आप मेरे शौहर होते पर ऐसा नही है
नजिया ने जाने अंजाने आज आदर्श की मोहबत कबूल ली थी और साफ साफ कह दिया था की वो भी आदर्श को अपना शौहर बना लेती
आदर्श : नजिया शौहर नही तो आशिक ही बना लो।
नजिया : आदर्श जी आप समझिए ये सही नही
आदर्श: मेरी जान क्या जब मैने तुमको बाहों मे भरा तो तुमको अच्छा नही लगा
नजिया : मुझे नही पता
आदर्श और नजिया रोमांटिक बातो के समुद्र मे घुस चुके थे और वो समुद्र उन्हे जहाँ ले जा रहा था वो दोनो को नही पता था पर एक बात पक्की थी दोनो खुश और सुकून मे थे