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Ye koi kahani nhi hai bewakuf insaan mai jhuth nhi likhungi daily diary ka matlab bhi jaante ho...Bas itna hi Kiya Aaj![]()
Nice one... Aise hi apne saath hui ghatnao se avgat karati rhiye humein.. diary ke roop mein...डियर डायरी!
आज सारा दिन बस बारिश होती रही मैं घर पर ही रही अपने रूम में कहीं भी नहीं गई। घर पर आर दिन पड़े पड़े बोर होती रही पहले सोचा कोई मूवी देख लूं लेकिन मूवी में भी मन नहीं लगा तो मन शैतानी होने लगापता नहीं कैसे उंगलियां अपने आप पोर्न टाइप करने लगीं ।
पोर्न देखते देखते न जाने कब हाथ पैंटी के अंदर पहुंच गया और उंगलियों उसके साथ खेलने लगीं देखते ही देखते 2 घंटे कैसे बीत गए पता ही नहीं चला लेकिन आज कुछ अलग ही एहसास हुआ बाहर बारिश हो रही थी और इधर गीली मेरी पैंटी हो रही थी।।
Bas itna hi kr ke thak gai hoडियर डायरी!
आज सारा दिन बस बारिश होती रही मैं घर पर ही रही अपने रूम में कहीं भी नहीं गई। घर पर आर दिन पड़े पड़े बोर होती रही पहले सोचा कोई मूवी देख लूं लेकिन मूवी में भी मन नहीं लगा तो मन शैतानी होने लगापता नहीं कैसे उंगलियां अपने आप पोर्न टाइप करने लगीं ।
पोर्न देखते देखते न जाने कब हाथ पैंटी के अंदर पहुंच गया और उंगलियों उसके साथ खेलने लगीं देखते ही देखते 2 घंटे कैसे बीत गए पता ही नहीं चला लेकिन आज कुछ अलग ही एहसास हुआ बाहर बारिश हो रही थी और इधर गीली मेरी पैंटी हो रही थी।।
Ye koi kahani nhi hai bewakuf insaan mai jhuth nhi likhungi daily diary ka matlab bhi jaante ho...