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दोस्तों आज मैं इस कहानी का नया अपडेट पोस्ट करूँगा.... आज से आपको मेरी जंग के रेगुलर अपडेट मिलते रहेंगे...... प्लीज दोस्तों पहले की तरह अपना सपोर्ट मुझे देते रहें...
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अपडेट 121 -
आखिरकार सभी को अपनी तरफ देखते हुए पाकर मि. प्रभू ने कहा
मि. प्रभू- लेकिन तुम्हारे इस एक्सपेरीमेंट को पूरा करने के लिए यह जरूरी है कि ऐजेंट जीरो और बाकी लोगों को सुरक्षित यहाँ बापिस लाया जाऐ।
मि. प्रभू की बात सुनकर सभी लोग लगभग एक साथ बोल पडे
“हम लाऐंगे ऐजेंट जीरो और उनकी टीम को सुरक्षित बापिस, आप बस हमें इजाजत दीजिए सर”
लेकिन मि. प्रभू उन सभी लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए बोले
मि. प्रभू- नहीं मैं तुम सभी को एक साथ वहाँ जाने की इजाजत नहीं दे सकता, तुम सभी मेरे बच्चों की तरह हो, इसलिए ऐजेंट जीरो के बाद अब मैं किसी और की जान खतरे में नहीं डाल सकता, बैसे भी तुम सभी लोगों को इस खतरे से बचाने के लिए ही ऐजेंट जीरो खुद इस मिशन पर गई थी।
मि. प्रभू की बात सुनकर अज्जू तुरंत बोला
अज्जू- ठीक है सर मैं आपकी बात समझ गया…. लेकिन आप मुझे परमीशन दीजिए, मैं अकेले ही ऐजेंट जीरो की मदद करने के लिए जाना चाहता हूँ।
मि. प्रभू- नहीं अजय, अब मैं तुम्हें भी वहाँ पर जाने की इजाजत नहीं दे सकता हूँ, जब मेरी आखिरी बार ऐजेंट जीरो से बात हुई थी, तो उसने कहा था कि उसके मरने के बाद तुम्हें ही इस स्पेशल टीम का हेड बनाया जाऐ। इसलिए तुम हमारे लिए बहुत खास हो, बैसे भी ऐजेंट जीरो के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए इस देश को अब तुम्हारी जरूरत है।
अज्जू- आई एम सॉरी सर…. पर मैं इस स्पेशल टीम को लीड करने के बिल्कुल भी लायक नहीं हूँ, अब तक मैंने जितना ऐजेंट जीरो के बारे में जाना है, उसके हिसाब से तो ऐजेंट जीरो की जगह कोई भी नहीं ले सकता है, पर मैं इतना जरूर चाहता हूँ कि आप मुझे एक मौका दें, ताकि मैं ऐजेंट जीरो को सुरक्षित बापिस ला सकूँ। यह सब मेरी बजह से हुआ है, इसलिए अब मुझे ही इसे ठीक करने का मौका मिलना चाहिए।
अज्जू की बात सुनकर मि. प्रभू ने कहा
मि. प्रभू- यह सब इतना आसान भी नहीं है अजय, जितना तुम समझ रहे हो। उस जगह पर हमारी उम्मीदों से कहीं ज्यादा हमारे दुश्मन मौजूद हैं। ऐजेंट जीरो का इस तरह घायर होना यह साबित करता है कि वहाँ पर खतरा बहुत बडा है, बहुत ही ज्यादा बडा।
मि. प्रभू की बात सुनकर मोहित जो कि पहले इण्डियन आर्मी में आर्मस् स्पेशलिस्ट रह चुता था, अचानक से बोला
मोहित- तो फिर आपको हम सभी को वहाँ जाने की परमीशन देनी होगी सर, ताकि हम सभी वहाँ पर ऐजेंट जीरो की हेल्प करने के लिए जा सकें। सर हिन्द की शेरनी ना केवल रॉ का गर्व है, बल्कि हमारे देश की सबसे बडी ताकत भी है। इसलिए हम सभी लोग अपने देश को यूँ ही कमजोर होते हुए और दुशमनों के सामने घुटने टेकते हुए नहीं देख सकते हैं।
मि. प्रभू- पर ऑपरेशन चक्रव्यू अब एक खतरनाक रूप ले चुका है।
मोहित- सर यही तो सबसे अच्छा समय है रॉ की ताकत सारी दुनिया को दिखाने का।
मोहित की बात सुनकर मि. प्रभू कुछ देर तक खामोशी से पूरी स्थिती के बारे में सोचने लगे, असल वो भी कहीं ना कहीं मोहित की बातों से सहमत थे। इसलिए वो बोले
मि. प्रभू- अगर तुम सभी लोगों की यही इच्छा है तो फिर ठीक है, हम लोग ऐजेंट जीरो को रेश्क्य करने के लिए "ऑपरेेशन हिन्द की शेरनी" शूरू करेंगे, पर इसके लिए एक प्रॉपर प्लान का होना जरूरी है।
मि. प्रभू की इजाजत मिलते ही अज्जू खुश होते हुए तुरंत बोला
अज्जू- यह काम आप मुझपर छोड दीजिऐ सर…..
मि. प्रभू- तो फिर ठीक है अजय… जैसा की ऐजेंट जीरो चाहती थी कि उसके बाद तुम इस टीम को लीड करो, इसलिए मैं फिलहाल तुम्हें इस ऑपरेशन का इंजार्ज बनाता हूँ, अभी इसी पल से तुम ऑपरेशन हिन्द की शेरनी को लीड करोगे, तुम इन सभी लोगों में से अपनी टीम चुन सकते हो, पर एक बात याद रखना कि तुम्हारा काम केवल ऐजेंट जीरो और बाकी लोगों को सुरक्षित बापिस लाना है, इसलिए ऑपरेशन के दौरान अगर अगर तुम लोगों कहीँ भी ऐसा लगे कि वहाँ पर खतरा बहुत ज्यादा है, तो तुम्हें अपने आप को मुशीवत में डालने की जगह, ऑपरेशन को वहीं पर अवॉर्ट करके बापिस आना होगा। मुझे तुम सभी लोग यहाँ सुरक्षित बापिस चाहिए, क्योंकि मैंने ऐजेंट जीरो से तुम सभी की सुरक्षा का वादा किया है।
मि. प्रभू की बात सुनकर अज्जू ने कहा
अज्जू- जी सर मैं समझ गया….
मि. प्रभू- तो फिर ठीक है है… यह तय रहा कि तुम लोग आज ही ऑपरेशन पर जा रहे हो, अजय तुम अपना पूरा प्लान तैयार करके एक घंटे के अंदर मुझे रिपोर्ट करो. तब तक मैं ऑपरेशन हिन्द की शेरनी के लिए हमरे एन.एस.ए. के साथ मिलकर महामहिम राष्ट्रपति जी से इजाजत लेकर आता हूँ। अब रॉ की इज्जत तुम लोगों के हाथों में है मेरे बच्चों।
इतना बोलकर मि. प्रभू वहां से चले गए, जबकि मोनू बाकी लोगों का परिचय अज्जू से करवाने में बिजी हो गया। लगभग एक घंटे बाद अज्जू और मोनू मि. प्रभू के ऑफिस में बैठे हुए थे।
अज्जू- सर मेरे साथ मनोज, हिना, योगेन्द्र, करतार सिंह और मोहित फील्ड पर होंगे, जो ऐजेंट जीरो और बाकी लोगों को उस इलाके में सर्च करने में मेरी मदद करेंगे, जबकि रोहित का काम हमें उस इलाके में हैलीकॉप्टर से ड्रॉप करना और रेश्क्यू करना होगा। हाँलाकि मोनिका भी रोहित के साथ उसकी हेल्क करने के लिए रहेगी, लेकिन उसका असली काम ऑपरेशन पूरा होने के बाद शुरू होगा, क्योंकि ऑपरेशन के बाद ऐजेंट जीरो और बाकी लोगों को तुरंत मेडिशिन की जरूरत पडेगी, जो कि मोनिका आसानी से हैंडिल कर लेगी। जबकि डॉली का काम लोकल सिटी या फिर आस पास के इलाके से हमारे लिए जरूरी सामान और जानकारी इकट्ठा करना होगा, या फिर सिचुऐशन के हिसाब से हमारी किसी भी तरह की हेल्प करना होगा। इसलिए डॉली को मैं पहले ही पैसेंजर प्लेन से वहाँ भेज चुका हूँ, हमारे वहाँ पहुँचने से पहले ही वो अपना काम शुरू कर देगी।
इतना बोलकर अज्जू कुछ देर रुक कर मि. प्रभू का रिऐक्शन देखने लगा, जब उसे मि. प्रभू के चेहरे पर कोई भी रिऐक्शन दिखाई नहीं दिया तो उसने दोबारा बोलना शुरू किया।
अज्जू- सर इन सबके अलावा गगन और प्रिया का काम सबसे ज्यादा इम्पोर्टेंट है, जब रोहित हमें वहाँ ड्राप करेगा और रेस्क्यू करेगा, तो उस दौरान गगन और प्रिया वहाँ की ऑथोरिटी और आर्मी के सिग्नल को हैक करेंगें, ताकि किसी को भी हमारे वहाँ पहुँचने के बारे में पता ना चले, हम नहीं चाहते हैं कि हमें दुशमनों के साथ साथ वहाँ की लोकल ऑथोरिटी का भी सामना करना पडे, इसके अलावा हमें कपिल के बनाऐ कुछ गैजेट्स की भी जरूरत पडेगी, खासकर इलेक्ट्रो मैग्नेटिक जनरेटर की, जिसकी हेल्प से हम दुशमनों के सिग्नलस् को पूरी तरह से जैम कर देंगे, ताकि हमारे दुशमन एक दूसरे से किसी भी तरह का कॉन्टेक्ट ना कर पाऐं, जबकि सोनल क्वीन ही हेल्प से लगातार हमसे कम्युनिकेट करती रहेगी और हमें जरूरी इंफार्मेशन देती रहेगी। अब से ठीक एक घंटे बाद हम लोग यहाँ से रवाना होंगे, वहाँ पहँचते ही हम दो टीमों में अलग अलग दिशा से दुशमन के इलाके में दाखिल होंगे, चूँकि इकराम के सिग्नल हमें रेगुलर मिल रहे हैं, इसलिए क्वीन हमें इकराम की एग्जेक्ट लोकेशन पह पहुँचने में हेल्प करेगी।
अपनी पूरी बात खत्म करने के बाद अज्जू ने एक बार फिर मि. प्रभू की तरफ देखा, लेकिन इस वार मि. प्रभू के चेहरे पर मुश्कान थी, अज्जू के चुप होते ही वो बोले।
मि. प्रभू- बैल डन अजय…. तुमने सभी लोगों को एक साथ खतरे में डाले बगैर ही, पूरी टीम को इस ऑपरेशन में सामिल कर लिया, ताकि किसी को भी ऐसा ना लगे कि वो इस इंपोर्टेंट मिशन का हिस्सा नहीं है। लेकिन तुमने अपने इस प्लान में मुझे तो सामिल किया ही नहीं।
अज्जू- सर आप भी मेरे इस प्लान का हिस्सा हैं…. असल में आपका काम हमारे लिए जरूरी हथियार और मेडिशन के अलावा एक हाई स्पीड हैलीकॉप्टर का इंतजाम करना है। आई होप इन सभी का इंतजाम करने के लिए एक घंटा काफी होगा।
अज्जू की बात सुनकर मि. प्रभू मुस्कुराते हुए बोले
मि. प्रभू- डोंट वरी अजय… इन सभी का इंतजाम मैं पहले ही कर चुका हूँ। आई होप तुम इस ऑपरेशन में सफल रहो।
अज्जू- थैंक्स सर…. अब आप हमें इजाजत दीजिए, हमें भी ऑपरेशन पर जाने की तैयारी करनी है।
इतना बोलकर जैसे ही अज्जू और मोनू वहाँ से जाने लगे तो मि. प्रभू ने उन्हें रोकते हुए कहा
मि. प्रभू- अजय बैसे तो मुझे यह बात तुम्हें नहीं बतानी चाहिए, पर फिर भी आज की परिस्थिती के आगे मजबूर होकर मुझे यह बताना पड रहा है कि ऐजेंट जीरो का सुरक्षित बापिस आना ना केवल रॉ और हमारे देश के लिए जरूरी है, बल्कि तुम्हारे लिए भी ऐजेंट जीरो का जिंदा बापिस आना जरूरी है।
मि. प्रभू की बात सुनकर अज्जू और मोनू बुरी तरह से चौंकते हुए अपनी जगह पर जम गए और हैरानी से मि. प्रभू को देखने लगे, कुछ देर की खामोशी के बाद आखिरकार मोनू ने मि. प्रभू से सवाल किया
मोनू- यह आप क्या कह रहे हैं सर…….
मि. प्रभू- मैं सही कह रहा हूँ मनोज….. अगर तुम लोग ऐजेंट जीरो को बचाने में नाकामयाब रहे, तो याद रखना कि तुम लोग निशा को भी हमेशा हमेशा के लिए खो दोगे और वह बात भी कभी नहीं जान पाओगे, जो निशा अजय को बताना चाहती थी।
मि. प्रभू की बात सुनकर उन दोनों के होश पूरी तरह से उड चुके थे, उन्हें मि. प्रभू की बात का असली मतलब समझने में कुछ ज्यादा ही मेहनत करनी पड रही थी, आखिरकार मोनू ने सबसे पहले अपने आपको संभालते हुए कहा
मोनू- हम आपकी बात का मतलब नहीं समझे सर…. ऐजेंट जीरो का निशा दी से क्या लेना देना है…..
मोनू का सबाल सुनकर अचानक से मि. प्रभू को यह एहसास हुआ कि निशा की फिक्र करते हुए अनजाने में ही उन्होंने निशा का राज उन दोनों के सामने खोल दिया है, पर जल्द ही मि. प्रभू ने अपने आपको संभाल लिया और अपनी गलती सुधारते हुए बोले
मि. प्रभू- मेरा मतलब था कि इस दुनिया में केवल ऐजेंट जीरो ही एक मात्र ऐसी इंशान है, जो निशा के बारे में सब कुछ जानती है। उसके बिना कोई भी निशा तक नहीं पहुँच सकता है।
मि. प्रभू की बात सुनकर अज्जू ने कहा
अज्जू- मैं आपकी बात समझ गया सर… पर हम यह जानना चाहते हैं कि ऐजेंट जीरो का निशा से क्या कनेक्शन है….
मि. प्रभू- शायद वो दोनों बेस्ट फ्रेंडस् हैं….
अज्जू- यह "शायद" क्यूँ???
मि. प्रभू- क्योंकि मैं श्योर नहीं हूँ….
अज्जू- आप श्योर नहीं हो…. या आप बताना नहीं चाहते हो…..
मि. प्रभू- अगर बताना नहीं चाहता तो ऐजेंट जीरो और निशा की दोस्ती के बारे में भी तुम लोगों को नहीं बताता अजय
अज्जू- आखिर आपके कहने का क्या मतलब है सर…
मि. प्रभू- बस इतना समझ लो कि मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है, जितना जानता था वो मैं तुम्हें पहले ही बता चुका हूँ।
मि. प्रभू की पहेलियों बाली बातों को सुनकर मोनू ने कहा
मोनू- यह आप कैसी बात कर रहे हैं सर… ऐसा कैसे हो सकता है कि आपको इस बारे में पता ना हो…. जब आपको यह पता है कि ऐजेंट जीरो निशा के बारे में सब कुछ जानती है, तो फिर आप बाकी बातें भी जरूर जानते होगे।
मि. प्रभू- ऐजेंट जीरो के काम करने का यही तरीका है मनोज, पिछले काफी समय से कई लोग ऐजेंट जीरो की असली पहचान जानने की कोशिश कर रहे हैं, पर जब उसके अपने टीम मेंबर्स आज तक उसका असली नाम तक नहीं जान पाऐ, तो भला ऐजेंट जीरो के बाकी सीक्रेट्स कोई कैसे जान सकता है।
मि. प्रभू की बात सुनकर मोनू को अपनी गलती का एहसास हुआ, असल में वो खुद भी पिछले तीन सालों से रॉ के लिए रैगुलर काम कर रहा था, पर आज तक उसने ऐजेंट जीरो को देखा तक नहीं है, लेकिन अज्जू को यह समझते देर नहीं लगी कि मि. प्रभू जरूर उन लोगों से कोई बहुत बडा राज छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए वो मि. प्रभू को कुरेदने की कोशिश करते हुए बोला
अज्जू- चलिए सर आपकी बात मान लेते हैं… पर जितना मैं निशा के बारे में जानता हूँ, उसके हिसाब से निशा की ऐजेंट जीरो की तरह कोई फ्रेंड नहीं है।
अज्जू की बात सुनकर मि. प्रभू मुस्कुराते हुए बोले
मि. प्रभू- असल में सच बात तो यह है अजय कि तुम खुद भी कभी निशा को अच्छी तरह से समझ ही नहीं पाऐ, तुम केवल अपने आपको यह कहकर दिलाशा दे सकते हो कि तुम निशा को सबसे अच्छी तरह से जानते हो और तुम्हारी यही सोच तो तुम्हें उससे दूर ले गई है। खैर छोडो यह बातें…. चूँकि यह तुम्हारा पर्सनल मैटर है, इसलिए मुझे इस बारे में कुछ भी कहने का कोई हक नहीं है। रही बात ऐजेंट जीरो और निशा की दोस्ती की तो मैं तुम्हें बता दूँ कि ऐजेंट जीरो सबसे पहले निशा से 5 साल पहले तब मिली थी, जब तुम इंदौर में अपने चाचा जी यानि चीफ से बदला ले रहे थे, उसके बाद से ऐजेंट जीरो लागातार निशा के कान्टेक्ट में रही है।
मि. प्रभू की बात सुनकर अज्जू कुछ देर तक तो उन्हें बस हैरानी से देखता ही रहा, कुछ देर बाद जब उसने अपने इमोशंस को कंट्रोल किया तो उसने मि. प्रभू से सबाल किया
अज्जू- सर कहीं आप ऐजेंट जीरो की सुरक्षित वापिसी के लिए हमसे झूठ तो नहीं बोल रहे हैं।
अज्जू की बात सुनकर मि. प्रभू ने बिना किसी रिऐक्शन के कहा
मि. प्रभू- मुझे जो भी कहना था वो मैं कह चुका हूँ, लेकिन मेरी बातों पर यकीन करना है या नहीं करना है, यह अब तुम्हारी मर्जी है।
इतना बोलकर मि. प्रभू फोन पर विजी हो गए, अब जबकि मोनू और अज्जू का वहाँ पर कोई काम नहीं रह गया था, इसलिए वो दोनों भी मि. प्रभू के ऑफिस से बाहर निकल गए।