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redhat.ag

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अपडेट 134 -

जब निशा ने इकराम को बताया कि उसके ब्लड के कारण इकराम की बॉडी में कुछ चेंज आऐ हैं और अब वो एक महिने के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाऐगा। तो इकराम ने एक राहत की सांस ली, जिसके बाद उस कमरे में एक लम्बी खामोशी छा गई, जिसे आखिरकार इकराम ने भंग करते हुए निशा से सबाल किया

इकराम- आपने अपना ब्लड मेरी बॉडी के अंदर इंजेक्ट किया है, इस बारे में कौन कौन जानता है….

निशा- बस तुम और मोनिका…. असल में मैं अकेले यह सब नहीं कर सकती थी, इसलिए मुझे मोनिका की हेल्प लेनी पडी। लेकिन उसने मुझसे वादा किया है कि वो इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं कहेगी, और तुम भी ध्यान रखना कि इस बारे में किसी को कुछ भी पता ना चले।

इकराम- आप निश्चिंत रहो अप्पी मैं खुदा की कसम खाता हूँ कि मरते दम तक यह बात किसी से नहीं कहूँगा, बल्कि मैं तो खुद ही आपसे यही कहने बाला था कि आप इस बारे में किसी से कुछ भी मत बताना। क्योंकि अगर आपका ब्लड मुझे मौत के मूँह से बाहर निकाल सकता है तो यह दूसरों के लिए भी उतना ही चमत्कारी होगा। अगर गलती से भी यह बात हमारे दुशमनों या फिर क्रिमनल्स को पता चल गई तो वो अपने आप को और भी ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए आपके पीछे पड जाऐंगे और किसी बैम्पायर की तरह आपके शरीर से खून की हर एक बूंद को चूस लेंगे।

इकराम की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- मुझे पता है मेरे भाई… इसीलिए तो मैंने मोनिका से वादा लिया है…..

तभी अचानक से इकराम को कुछ याद आया और वो बुरी तरह से हैरान होते हुए बोला

इकराम- एक मिनट… अभी कुछ देर पहले आपने कहा था कि मेरा ऑपरेशन मोनिका और जीजा जी ने किया था

निशा- हाँ

इकराम- अब इसका क्या मतलब है…. क्या जीजा जी आपको ढूंडने के लिए अबतक बांधवगढ नहीं गए।

निशा- नहीं… शायद उन्हें अब धीरे धीरे अपनी गलतियों का एहसास हो रहा है, इसलिए वो य़हीं रुककर अपना फर्ज पूरा करना चाहते हैं।

इकराम- अब यहाँ पर उनका कौन सा काम अधूरा रह गया है….

निशाा- उन्हें लगता है कि अभी मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हूँ। इसलिए जब तक मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक वो यहीँं रहकर मेरी मदद करना चाहते हैं।

इकराम- आपकी मदद… पर क्यों… क्या उन्होंने आपको पहचान लिया है….

निशा- नहीं…. पहचाना मेरे भाई…. वो तो बस मिशन पर ना जाने का अपना गिल्ट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि अगर वो पहले ही इस ऑपरेशन पर चले जाते तो मेरे और तुम्हारे साथ वो सब नहीं होता।

इकराम- हुम्म तो यह बात है…. चलो अच्छा ही है… इस बहाने आप दोनों के बीच की दूरियाँ थोडी बहुत तो कम होंगी

निशा- बस बस अब ज्याद बातें मत करो…. तुम्हें अभी अभी तो होश आया है…. और तुम्हारे वार्ड के बाहर तुमसे मिलने बालों की एक लम्बी लाईन लगी है, इसलिए फटाफट सबसे मिलकर थोडा रेस्ट कर लेना। मैं शाम को फिर तुमसे मिलने आऊँगी…..

इतना बोलकर निशा मुस्कुराते हुए इकराम के वार्ड से बाहर निकल गई। निशा के बाहर आते ही बाकी लोग भी दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में इकराम से मिलने उसके वार्ड के अंदर जाने लगे, लेकिन उन लोगों ने इकराम का ज्यादा समय नहीं लिया, बस उसके हालचाल पूछकर बाहर निकल आऐ, ताकि इकराम रेस्ट कर सके। सभी लोगों से मिलने के दौरान इकराम भी काफी थकान महसूस करने लगा था, जिस कारण सबसे मिलने के बाद उसने अपनी आँखें बंद की और सोने की कोशिश करने लगा। अगले एक हफ्ते के अंदर इकराम काफी हद तक रिकरवर हो चुका था और उसके जिद करने पर उसे निशा के एकदम बगल बाले वार्ड में सिफ्ट कर दिया गया था।

ताकि वो जब चाहे तब निशा से मिल सके और हुआ भी ऐसा ही, निशा के बगल बाले वार्ड में सिफ्ट होने के बाद तो जब भी इकराम का मन करता वो निशा के वार्ड में जाकर उससे बातें करने लगता, या फिर निशा खुद ही उसके वार्ड के अंदर चली जाती। इस बीच बाकी लोग भी उनके पास आ जाते थे, जिसके बाद वो लोग घंटो तक एक दूसरे से हंसी मजाक करते रहते। इसीबीच एक दिन जब निशा अपने वार्ड में अकेली बैठी हुई थी, तभी हिना उसके कमरे में आई, पर कमरे में निशा को अकेला देखकर उसने सबाल किया

हिना- मैम वो वो आज आपके वार्ड में कोई दिखाई नहीं दे रहा है…. कहाँ गए सब….

हिना की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- कहीं नहीं… सब लोग अपने अपने ऑफिस में पेंडिंग काम निपटा रहे हैं… इतने दिनों से मेरे साथ टाईम पास करने के दौरान उन लोगों का काफी सारा काम पेंडिंग हो गया था।

हिना- अच्छा तो यह बात है… बैसे इकराम भी दिखाई नहीं दे रहा…. मैं उसके वार्ड में भी गई थी, लेकिन वो वहां पर भी नहीं था

निशा- हाँ वो असल में मोनिका के कहने पर मिस्टर अजय और मिस्टर मनोज के साथ वॉक पर गया है। ताकि उसके आर्गन प्रॉपर तरीके से काम कर सकें और वो जल्द से जल्द रिकवर हो सके।

हिना- ओह अच्छा तो यह बात है….. तो फिर ठीक है मैम मैं भी कुछ देर बाद आती हूँ…

इतना बोलकर हिना जैसे ही जाने लगी तो निशा उसे टोकते हुए बोली

निशा- मतलब कि अगर इकराम यहाँ नहीं होगा तो तुम भी मेरे पास नहीं रुकोगी

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत अपनी जगह पर फ्रिज हो गई, ऐसा लग रहा था जैसे उसकी कोई चोरी पकडी गई हो। इससे पहले वो अपनी सफाई में कुछ कहती निशा मुस्कुराते हुऐ बोली

निशा- इतना हैरान होने की जरूरत नहीं है…. मुझे सब पता है कि जबसे वो हादशा हुआ है, तब से ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने उसके वार्ड में ना गई हो, मैंने क्वीन की हेल्प से अपने कमरे में लगी टी.बी. में साफ साफ देखा है कि इकराम के होश में आने से पहले तुम घंटों तक इकराम के पास बैठकर उससे बातें करती रहती थी, ताकि इकराम के अंदर जिंदा रहने की इच्छा बनी रहे…. इसलिए तुम्हारा यह एहसान मैं कभी नहीं भूल सकती…. और इकराम के होश में आने के बाद भी ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने नहीं आई हो, फिर भले ही वो अपने वार्ड में हो या मेरे वार्ड में।

अब जब हिना का सारा सच निशा के सामने आ चुका था, तो हिना और ज्यादा अनजान बनने का नाटक नहीं कर सकती थी, लेकिन इस बारे में निशा से बात करने में उसे शर्म भी आ रही थी, इसलिए जैसे तैसे अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल करते हुए हिना ने कहा

हिना- नहीं मैम ऐसा कुछ भी नहीं है और ना ही आपको मेरा कोई एहसान मानने की जरूरत है। क्योंकि आपने ही तो कहा था कि हम सभी एक ही परिवार का हिस्सा हैं। तो फिर वो सब तो मेरा फर्ज था, बैसे भी आपने इकराम के लिए जो कुछ भी किया है उसके आगे तो मेरे वो छोटे मोटे एफर्टस कोई मायने ही नहीं रखते हैं।

निशा- हुम्म तुम्हारी यह बात भी सही है कि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं… लेकिन यह भी सच है कि तुम्हारे इन छोटे मोटे एफर्टस के कारण ही इकराम अब तक सर्वाईब कर पाया है। इसलिए तुम्हारे वो छोटे मोटे एफर्सट मेरे और इकराम के लिए बहुत कीमती हैं। बैसे सच सच बताना क्या तुम इकराम को पसंद करती हो….

निशा की बात सुनकर हिना का चेहरा शर्म के कारण गुलाबी हो गया। जिसे देखकर निशा को अपना जबाब मिल चुका था। लेकिन निशा हिना के मूंह से सारा सच जानना चाहती थी। वहीं दूसरी तरफ हिना की शर्म के कारण हालत खराब हो रही थी, साथ ही साथ वो इतनी जल्दी अपनी फीलिंग्स किसी के सामने कन्फेस भी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने बहाना बनाते हुए कहा

हिना- नहीं मैम आप जैसा सोच रहीं हैं, बैसा कुछ भी नहीं है… हम दोनों तो बस अच्छे दोस्त हैं।

लेकिन निशा कहाँ हार मानने बाली थी, उसने हिना को उक्साते हुए कहा

निशा- देखो हिना अच्छी तरह से सोच समझकर अपना जबाब देना… कहीं ऐसा ना हो कि अपने एक गलत जबाब के कारण तुम्हें बाद में पछताना पडे। क्योंकि अब जब इकराम तेजी से रिकवर हो रहा है तो मैं चाहती हूँ कि उसके पूरी तरह से ठीक होने के बाद मैं जल्द से जल्द उसकी शादी करके अपने लिए एक प्यारी सी भाभी ले आऊं। लेकिन अगर इकराम तुम्हें पसंद नहीं है तो कोई बात नहीं, मैं उसके लिए कोई दूसरी लडकी ढूड लूँगी।

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से डर गई और तुरंत निशा के पास आकर एक चेयर पर बैठते हुए बोली बोली

हिना- नहीं नहीं मैम प्लीज ऐसा मत करना…. वो वो मैं उन्हें सच में पसंद करती हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा इठलाते हुऐ बोली

निशा- हूम्म तो अब आई ना लाईन पर…. चलो ठीक है तुम मुझे मेरी भाभी के रूप में एक्सेप्ट हो…. लेकिन एक प्राब्लम है

निशा की बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

हिना- लेकिन क्या मैम

निशा- अगर तुम्हें मेरी भाभी बनना है तो तुम्हें खुद से ही पहल करनी होगी… क्योंकि मेरा भाई तो इस प्यार व्यार के मामले में पूरी तरह से लल्लू है…. और हाँ जो भी करना है जल्दी करना होगा, क्योंकि इकराम के पीछे लडकियों की एक लम्बी लाईन लगी हुई है… पता नहीं कब कौन सी लडकी मेरी भाभी बनकर आ जाऐ……

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से परेशान होते हुए बोली

हिना- नहीं नहीं मै ऐसा नहीं होने दे सकती…. अगर इकराम को कोई और लडकी पसंद आ गई तो फिर मेरा क्या होगा….. जोया मैम प्लीज कुछ कीजिऐ ना…..

हिना को इस तरह परेशान देख निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- रिलेक्स हिना….. अभी अभी तो भाई को होश आया है…. अभी तो उसे पूरी तरह से ठीक होने में अच्छा खासा समय लगेगा, तब तक तुम्हारे पास भी उसके दिल में जगह बनाने के लिए पर्याप्त समय है। और अगर फिर भी बात ना बने तो फिर मै तो हूँ ही… लेकिन मेरे एक शर्त है….

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत बोली

हिना- क्या….. प्लीज मैम जल्दी बताईऐ ना आपकी क्या शर्त है… मैं आपकी हर शर्त मानने के लिए तैयार हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा सोचने का नाटक करते हुए बोली

निशा- उम्म्ममम तो फिर ठीक है… तुम्हें मेेरे लिए घऱ से बना टेस्टी और चटपटा खाना लाना होगा…. मैं यहाँ का फीका और बेस्वाद खाना खाकर बोर हो गई हूँ….

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए बोली

हिना- बस इतनी सी बात….. थैक्स गॉड आपने तो मुझे डरा ही दिया था… अगर आप कहें तो मैं हर दिन आपके लिए घर का बना खाना लाने के लिए तैयार हूँ…..

निशा- तो फिर ठीक है… आज से तुम मेरी मास्टर सेफ हो….. और हाँ तुम चाहो तो आज से मुझे मैम कहने की जगह दीदी या फिर इकराम की तरह आपा, अप्पी जो ठीक लगे बोल सकती हो… मुझे अच्छा लगेगा…

हिना- थैंक्स मैम…. ओह सॉरी सॉरी जोया अप्पी मैं ध्यान रखूँगी…

अभी निशा और हिना आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी उनके कमरे में इकराम, अज्जू और मोनू आ गए। इकराम इस वक्त पहले से काफी बेहतर लग रहा था। कमरे में अंदर आते ही इकराम ने अपने हाथ में पकडा हुआ पैकेट निशा की तरफ बडाते हुए कहा

इकराम- लो अप्पी आपके फेवरेट मसरूम नूडल्ट और चीज सेंडविच बिद एक्ट्रा चिली सॉस

इकराम की बात सुनकर निशा की आँखों में चमक आ गई और उसने किसी छोटे बच्चे की तरह खुश होते हुए इकराम से तुरंत वो पैकेट ले लिया। लेकिन अज्जू शायद निशा के इस तरह चुपके चुपके फास्ट फूड खाना खाने से बिल्कुल भी खुश नहीं था। इसलिए वो निशा पर कमेंट्स करते हुए बोला

अज्जू- अभी ठीक हुऐ जुम्मा जुम्मा चार दिन भी नहीं हुऐ और मैडम जी को बाजार का तीखा खाना खाना है… वाह भई वाह.. कमाल की जोडी है दोनों भाई बहनों की… अपने खाने पीने पर कोई कंट्रोल ही नहीं है……

अज्जू की बात सुनकर निशा ने उसे गुस्से से घूरा और फिर लापरवाही के साथ बोली

निशा- मिस्टर अजय अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुकी हूँ, इसलिए अब मैं यह सब खा सकती हूँ… बैसे भी मैंने मोनिका से पहले ही परमीशन ले ली थी, और हाँ फास्ट फूड का भला मेरे बीमार होने से क्या संबंध है…. बैसे भी जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।

जोया की बात सुनकर अचानक अज्जू को एक झटका लगा और वो कुछ पलों के लिए अपनी पुरानी यादों में खो गया, उसे याद आया कि कैसे जब भी वो निशा के साथ कहीं बार घूमने या मार्केट जाता था तो निशा उससे हमेशा जोया की तरह ही तीखा और चटपटा खाना खाने की जिद्द करती थी, और जब अज्जू उसे ज्यादा तीखा खाने से रोकता तो निशा हमेशा अज्जू से वही बात कहती थी जो ऐजेंट जीरो यानि जोया ने उससे कही है। यानि “जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।”

इसलिए जोया के मूँह से निशा का वही डायलॉग सुनकर अज्जू को एक पल के लिए उस पर शक हुआ, पर अगले ही पल उसने इसे एक संयोग मानकर अपने दिमाग से निकाल िदिया। क्योंकि निशा और जोया दोनों के ही चेहरे एक दूसरे से काफी अलग थे। तभी अज्जू की नजर जोया यानि निशा पर पडी। जो पूरी तरह से वेफिक्र होकर सेंडबिच खा रही थी, उस वक्त निशा के चेहरे पर आऐ सेटिस्फेक्शन के एक्सप्रेशन देखकर अज्जू के चेहरे पर भी अपने आप ही मुस्कान आ गई थी, लेकिन पता नहीं क्यों उसे यह सब काफी ज्यादा जाना पहचाना लग रहा था, साथ ही साथ उसे निशा की भी याद आ रही थी। तभी एक बार फिर कमरे का दरवाजा खुला और मोनिका कमरे के अंदर आई। लेकिन जैसे ही उसने देखा कि निशा सेंडबिच खा रही है तो वो थोडा गुस्सा होते हुए बोली

मोनिका- यह सब क्या है जोया मैम

मोनिका को अचानक वहाँ देखकर निशा ने तुरंत अपने नूडल्स अपने पीछे छिपा लिए और बोली

निशा- क कुछ भी तो नहीं

इतना बोलकर निशा ने अपन हाथों में बचा हुआ सेंडबिच एक ही बार में अपने मूँह में ठूँस लिया। जिसके कारण उसके दोनों गाल फूल गए थे। इसलिए निशा इस वक्त देखने में काफी फनी लग रही थी। निशा को इस हालत में देखकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। तभी मोनू निशा के मजा लेते हुए बोला

मोनू- ओह माई गॉड जोया मैम को भी किसी से डर लगता है….

मोनू की बात सुनकर निशा ने गुस्से में उसे घूरा और जल्दी जल्दी अपना सेंडविच चबाते हुए बोली

निशा- डरती तो मैं किसी के बाप से नहीं हूँ…. बो तो बस मोनिका इस वक्त मेरी डॉक्टर है तो उसकी बात माननी पडती है।

मोनिका- अगर ऐसा है तो आप सेंडबिच क्यों खा रहीं थीं

निशा- सेंडबिच… कहाँ….. कौन सा सेंडबिच…. कैसा सैंडबिच…… मैंने तो कोई सेंडबिच नहीं खाया

मोनिका- झूठ मल बोलिऐ जोया मैम… मैंने अपनी आखों से आपको सेंडविच खाते हुए देखा है।

मोनिका की बात सुनकर निशा याद करने का नाटक करते हुए बोली

निशा- अच्छा बो…. वो तो मिस्टर अजय मेरे लिए लेकर आऐ थे….. आज सुबह सुबह ही उन्होंने मेरा ब्लड टेस्ट करके मुझे बताया था कि मेरे शरीर में चिली बिटामिन की कमी हो गई है। इसलिए मुझे ढेर सारा तीखा और चटपटा खाना खाना पडेगा। पर मैंने उन्हें साफ साफ मना कर दिया था कि मैं मोनिका से पूछे बगैर कुछ भी नहीं खाऊँगी…. पर वो माने ही नहीं और मेरे लिए चीज सेंडबिच विद एक्सट्रा चिली सॉस के साथ लेकर आ गए। अब कोई प्यार से कुछ खाने के लिए लाऐगा, तो उस मना करना अच्छा नहीं लगता। बैसे भी मेरा मानना है कि टेस्टी खाने को कभी ना नहीं कहना चाहिए वर्ना देवी अन्नपूर्ना नाराज हो जाती हैं।

निशा की बात सुनकर अज्जू बुरी तरह से हैरान रह गया, उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो कब जोया मैडम के लिए सेंडबिच लाया और उसने जोया मैडम का ब्लड टेस्ट आखिर कब किया। सबसे बडी बात जिसने अज्जू के दिमाग को हिला कर रख दिया था वो थी…. चिली बिटामिन…. अपनी अब तक कि जिंदगी में अज्जू ने कभी भी चिली बिटामिन का नाम नहीं सुना था।


कहानी जारी है.........
 

kas1709

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जब निशा ने इकराम को बताया कि उसके ब्लड के कारण इकराम की बॉडी में कुछ चेंज आऐ हैं और अब वो एक महिने के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाऐगा। तो इकराम ने एक राहत की सांस ली, जिसके बाद उस कमरे में एक लम्बी खामोशी छा गई, जिसे आखिरकार इकराम ने भंग करते हुए निशा से सबाल किया

इकराम- आपने अपना ब्लड मेरी बॉडी के अंदर इंजेक्ट किया है, इस बारे में कौन कौन जानता है….

निशा- बस तुम और मोनिका…. असल में मैं अकेले यह सब नहीं कर सकती थी, इसलिए मुझे मोनिका की हेल्प लेनी पडी। लेकिन उसने मुझसे वादा किया है कि वो इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं कहेगी, और तुम भी ध्यान रखना कि इस बारे में किसी को कुछ भी पता ना चले।

इकराम- आप निश्चिंत रहो अप्पी मैं खुदा की कसम खाता हूँ कि मरते दम तक यह बात किसी से नहीं कहूँगा, बल्कि मैं तो खुद ही आपसे यही कहने बाला था कि आप इस बारे में किसी से कुछ भी मत बताना। क्योंकि अगर आपका ब्लड मुझे मौत के मूँह से बाहर निकाल सकता है तो यह दूसरों के लिए भी उतना ही चमत्कारी होगा। अगर गलती से भी यह बात हमारे दुशमनों या फिर क्रिमनल्स को पता चल गई तो वो अपने आप को और भी ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए आपके पीछे पड जाऐंगे और किसी बैम्पायर की तरह आपके शरीर से खून की हर एक बूंद को चूस लेंगे।

इकराम की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- मुझे पता है मेरे भाई… इसीलिए तो मैंने मोनिका से वादा लिया है…..

तभी अचानक से इकराम को कुछ याद आया और वो बुरी तरह से हैरान होते हुए बोला

इकराम- एक मिनट… अभी कुछ देर पहले आपने कहा था कि मेरा ऑपरेशन मोनिका और जीजा जी ने किया था

निशा- हाँ

इकराम- अब इसका क्या मतलब है…. क्या जीजा जी आपको ढूंडने के लिए अबतक बांधवगढ नहीं गए।

निशा- नहीं… शायद उन्हें अब धीरे धीरे अपनी गलतियों का एहसास हो रहा है, इसलिए वो य़हीं रुककर अपना फर्ज पूरा करना चाहते हैं।

इकराम- अब यहाँ पर उनका कौन सा काम अधूरा रह गया है….

निशाा- उन्हें लगता है कि अभी मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हूँ। इसलिए जब तक मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक वो यहीँं रहकर मेरी मदद करना चाहते हैं।

इकराम- आपकी मदद… पर क्यों… क्या उन्होंने आपको पहचान लिया है….

निशा- नहीं…. पहचाना मेरे भाई…. वो तो बस मिशन पर ना जाने का अपना गिल्ट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि अगर वो पहले ही इस ऑपरेशन पर चले जाते तो मेरे और तुम्हारे साथ वो सब नहीं होता।

इकराम- हुम्म तो यह बात है…. चलो अच्छा ही है… इस बहाने आप दोनों के बीच की दूरियाँ थोडी बहुत तो कम होंगी

निशा- बस बस अब ज्याद बातें मत करो…. तुम्हें अभी अभी तो होश आया है…. और तुम्हारे वार्ड के बाहर तुमसे मिलने बालों की एक लम्बी लाईन लगी है, इसलिए फटाफट सबसे मिलकर थोडा रेस्ट कर लेना। मैं शाम को फिर तुमसे मिलने आऊँगी…..

इतना बोलकर निशा मुस्कुराते हुए इकराम के वार्ड से बाहर निकल गई। निशा के बाहर आते ही बाकी लोग भी दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में इकराम से मिलने उसके वार्ड के अंदर जाने लगे, लेकिन उन लोगों ने इकराम का ज्यादा समय नहीं लिया, बस उसके हालचाल पूछकर बाहर निकल आऐ, ताकि इकराम रेस्ट कर सके। सभी लोगों से मिलने के दौरान इकराम भी काफी थकान महसूस करने लगा था, जिस कारण सबसे मिलने के बाद उसने अपनी आँखें बंद की और सोने की कोशिश करने लगा। अगले एक हफ्ते के अंदर इकराम काफी हद तक रिकरवर हो चुका था और उसके जिद करने पर उसे निशा के एकदम बगल बाले वार्ड में सिफ्ट कर दिया गया था।

ताकि वो जब चाहे तब निशा से मिल सके और हुआ भी ऐसा ही, निशा के बगल बाले वार्ड में सिफ्ट होने के बाद तो जब भी इकराम का मन करता वो निशा के वार्ड में जाकर उससे बातें करने लगता, या फिर निशा खुद ही उसके वार्ड के अंदर चली जाती। इस बीच बाकी लोग भी उनके पास आ जाते थे, जिसके बाद वो लोग घंटो तक एक दूसरे से हंसी मजाक करते रहते। इसीबीच एक दिन जब निशा अपने वार्ड में अकेली बैठी हुई थी, तभी हिना उसके कमरे में आई, पर कमरे में निशा को अकेला देखकर उसने सबाल किया

हिना- मैम वो वो आज आपके वार्ड में कोई दिखाई नहीं दे रहा है…. कहाँ गए सब….

हिना की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- कहीं नहीं… सब लोग अपने अपने ऑफिस में पेंडिंग काम निपटा रहे हैं… इतने दिनों से मेरे साथ टाईम पास करने के दौरान उन लोगों का काफी सारा काम पेंडिंग हो गया था।

हिना- अच्छा तो यह बात है… बैसे इकराम भी दिखाई नहीं दे रहा…. मैं उसके वार्ड में भी गई थी, लेकिन वो वहां पर भी नहीं था

निशा- हाँ वो असल में मोनिका के कहने पर मिस्टर अजय और मिस्टर मनोज के साथ वॉक पर गया है। ताकि उसके आर्गन प्रॉपर तरीके से काम कर सकें और वो जल्द से जल्द रिकवर हो सके।

हिना- ओह अच्छा तो यह बात है….. तो फिर ठीक है मैम मैं भी कुछ देर बाद आती हूँ…

इतना बोलकर हिना जैसे ही जाने लगी तो निशा उसे टोकते हुए बोली

निशा- मतलब कि अगर इकराम यहाँ नहीं होगा तो तुम भी मेरे पास नहीं रुकोगी

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत अपनी जगह पर फ्रिज हो गई, ऐसा लग रहा था जैसे उसकी कोई चोरी पकडी गई हो। इससे पहले वो अपनी सफाई में कुछ कहती निशा मुस्कुराते हुऐ बोली

निशा- इतना हैरान होने की जरूरत नहीं है…. मुझे सब पता है कि जबसे वो हादशा हुआ है, तब से ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने उसके वार्ड में ना गई हो, मैंने क्वीन की हेल्प से अपने कमरे में लगी टी.बी. में साफ साफ देखा है कि इकराम के होश में आने से पहले तुम घंटों तक इकराम के पास बैठकर उससे बातें करती रहती थी, ताकि इकराम के अंदर जिंदा रहने की इच्छा बनी रहे…. इसलिए तुम्हारा यह एहसान मैं कभी नहीं भूल सकती…. और इकराम के होश में आने के बाद भी ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने नहीं आई हो, फिर भले ही वो अपने वार्ड में हो या मेरे वार्ड में।

अब जब हिना का सारा सच निशा के सामने आ चुका था, तो हिना और ज्यादा अनजान बनने का नाटक नहीं कर सकती थी, लेकिन इस बारे में निशा से बात करने में उसे शर्म भी आ रही थी, इसलिए जैसे तैसे अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल करते हुए हिना ने कहा

हिना- नहीं मैम ऐसा कुछ भी नहीं है और ना ही आपको मेरा कोई एहसान मानने की जरूरत है। क्योंकि आपने ही तो कहा था कि हम सभी एक ही परिवार का हिस्सा हैं। तो फिर वो सब तो मेरा फर्ज था, बैसे भी आपने इकराम के लिए जो कुछ भी किया है उसके आगे तो मेरे वो छोटे मोटे एफर्टस कोई मायने ही नहीं रखते हैं।

निशा- हुम्म तुम्हारी यह बात भी सही है कि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं… लेकिन यह भी सच है कि तुम्हारे इन छोटे मोटे एफर्टस के कारण ही इकराम अब तक सर्वाईब कर पाया है। इसलिए तुम्हारे वो छोटे मोटे एफर्सट मेरे और इकराम के लिए बहुत कीमती हैं। बैसे सच सच बताना क्या तुम इकराम को पसंद करती हो….

निशा की बात सुनकर हिना का चेहरा शर्म के कारण गुलाबी हो गया। जिसे देखकर निशा को अपना जबाब मिल चुका था। लेकिन निशा हिना के मूंह से सारा सच जानना चाहती थी। वहीं दूसरी तरफ हिना की शर्म के कारण हालत खराब हो रही थी, साथ ही साथ वो इतनी जल्दी अपनी फीलिंग्स किसी के सामने कन्फेस भी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने बहाना बनाते हुए कहा

हिना- नहीं मैम आप जैसा सोच रहीं हैं, बैसा कुछ भी नहीं है… हम दोनों तो बस अच्छे दोस्त हैं।

लेकिन निशा कहाँ हार मानने बाली थी, उसने हिना को उक्साते हुए कहा

निशा- देखो हिना अच्छी तरह से सोच समझकर अपना जबाब देना… कहीं ऐसा ना हो कि अपने एक गलत जबाब के कारण तुम्हें बाद में पछताना पडे। क्योंकि अब जब इकराम तेजी से रिकवर हो रहा है तो मैं चाहती हूँ कि उसके पूरी तरह से ठीक होने के बाद मैं जल्द से जल्द उसकी शादी करके अपने लिए एक प्यारी सी भाभी ले आऊं। लेकिन अगर इकराम तुम्हें पसंद नहीं है तो कोई बात नहीं, मैं उसके लिए कोई दूसरी लडकी ढूड लूँगी।

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से डर गई और तुरंत निशा के पास आकर एक चेयर पर बैठते हुए बोली बोली

हिना- नहीं नहीं मैम प्लीज ऐसा मत करना…. वो वो मैं उन्हें सच में पसंद करती हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा इठलाते हुऐ बोली

निशा- हूम्म तो अब आई ना लाईन पर…. चलो ठीक है तुम मुझे मेरी भाभी के रूप में एक्सेप्ट हो…. लेकिन एक प्राब्लम है

निशा की बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

हिना- लेकिन क्या मैम

निशा- अगर तुम्हें मेरी भाभी बनना है तो तुम्हें खुद से ही पहल करनी होगी… क्योंकि मेरा भाई तो इस प्यार व्यार के मामले में पूरी तरह से लल्लू है…. और हाँ जो भी करना है जल्दी करना होगा, क्योंकि इकराम के पीछे लडकियों की एक लम्बी लाईन लगी हुई है… पता नहीं कब कौन सी लडकी मेरी भाभी बनकर आ जाऐ……

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से परेशान होते हुए बोली

हिना- नहीं नहीं मै ऐसा नहीं होने दे सकती…. अगर इकराम को कोई और लडकी पसंद आ गई तो फिर मेरा क्या होगा….. जोया मैम प्लीज कुछ कीजिऐ ना…..

हिना को इस तरह परेशान देख निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- रिलेक्स हिना….. अभी अभी तो भाई को होश आया है…. अभी तो उसे पूरी तरह से ठीक होने में अच्छा खासा समय लगेगा, तब तक तुम्हारे पास भी उसके दिल में जगह बनाने के लिए पर्याप्त समय है। और अगर फिर भी बात ना बने तो फिर मै तो हूँ ही… लेकिन मेरे एक शर्त है….

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत बोली

हिना- क्या….. प्लीज मैम जल्दी बताईऐ ना आपकी क्या शर्त है… मैं आपकी हर शर्त मानने के लिए तैयार हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा सोचने का नाटक करते हुए बोली

निशा- उम्म्ममम तो फिर ठीक है… तुम्हें मेेरे लिए घऱ से बना टेस्टी और चटपटा खाना लाना होगा…. मैं यहाँ का फीका और बेस्वाद खाना खाकर बोर हो गई हूँ….

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए बोली

हिना- बस इतनी सी बात….. थैक्स गॉड आपने तो मुझे डरा ही दिया था… अगर आप कहें तो मैं हर दिन आपके लिए घर का बना खाना लाने के लिए तैयार हूँ…..

निशा- तो फिर ठीक है… आज से तुम मेरी मास्टर सेफ हो….. और हाँ तुम चाहो तो आज से मुझे मैम कहने की जगह दीदी या फिर इकराम की तरह आपा, अप्पी जो ठीक लगे बोल सकती हो… मुझे अच्छा लगेगा…

हिना- थैंक्स मैम…. ओह सॉरी सॉरी जोया अप्पी मैं ध्यान रखूँगी…

अभी निशा और हिना आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी उनके कमरे में इकराम, अज्जू और मोनू आ गए। इकराम इस वक्त पहले से काफी बेहतर लग रहा था। कमरे में अंदर आते ही इकराम ने अपने हाथ में पकडा हुआ पैकेट निशा की तरफ बडाते हुए कहा

इकराम- लो अप्पी आपके फेवरेट मसरूम नूडल्ट और चीज सेंडविच बिद एक्ट्रा चिली सॉस

इकराम की बात सुनकर निशा की आँखों में चमक आ गई और उसने किसी छोटे बच्चे की तरह खुश होते हुए इकराम से तुरंत वो पैकेट ले लिया। लेकिन अज्जू शायद निशा के इस तरह चुपके चुपके फास्ट फूड खाना खाने से बिल्कुल भी खुश नहीं था। इसलिए वो निशा पर कमेंट्स करते हुए बोला

अज्जू- अभी ठीक हुऐ जुम्मा जुम्मा चार दिन भी नहीं हुऐ और मैडम जी को बाजार का तीखा खाना खाना है… वाह भई वाह.. कमाल की जोडी है दोनों भाई बहनों की… अपने खाने पीने पर कोई कंट्रोल ही नहीं है……

अज्जू की बात सुनकर निशा ने उसे गुस्से से घूरा और फिर लापरवाही के साथ बोली

निशा- मिस्टर अजय अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुकी हूँ, इसलिए अब मैं यह सब खा सकती हूँ… बैसे भी मैंने मोनिका से पहले ही परमीशन ले ली थी, और हाँ फास्ट फूड का भला मेरे बीमार होने से क्या संबंध है…. बैसे भी जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।

जोया की बात सुनकर अचानक अज्जू को एक झटका लगा और वो कुछ पलों के लिए अपनी पुरानी यादों में खो गया, उसे याद आया कि कैसे जब भी वो निशा के साथ कहीं बार घूमने या मार्केट जाता था तो निशा उससे हमेशा जोया की तरह ही तीखा और चटपटा खाना खाने की जिद्द करती थी, और जब अज्जू उसे ज्यादा तीखा खाने से रोकता तो निशा हमेशा अज्जू से वही बात कहती थी जो ऐजेंट जीरो यानि जोया ने उससे कही है। यानि “जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।”

इसलिए जोया के मूँह से निशा का वही डायलॉग सुनकर अज्जू को एक पल के लिए उस पर शक हुआ, पर अगले ही पल उसने इसे एक संयोग मानकर अपने दिमाग से निकाल िदिया। क्योंकि निशा और जोया दोनों के ही चेहरे एक दूसरे से काफी अलग थे। तभी अज्जू की नजर जोया यानि निशा पर पडी। जो पूरी तरह से वेफिक्र होकर सेंडबिच खा रही थी, उस वक्त निशा के चेहरे पर आऐ सेटिस्फेक्शन के एक्सप्रेशन देखकर अज्जू के चेहरे पर भी अपने आप ही मुस्कान आ गई थी, लेकिन पता नहीं क्यों उसे यह सब काफी ज्यादा जाना पहचाना लग रहा था, साथ ही साथ उसे निशा की भी याद आ रही थी। तभी एक बार फिर कमरे का दरवाजा खुला और मोनिका कमरे के अंदर आई। लेकिन जैसे ही उसने देखा कि निशा सेंडबिच खा रही है तो वो थोडा गुस्सा होते हुए बोली

मोनिका- यह सब क्या है जोया मैम

मोनिका को अचानक वहाँ देखकर निशा ने तुरंत अपने नूडल्स अपने पीछे छिपा लिए और बोली

निशा- क कुछ भी तो नहीं

इतना बोलकर निशा ने अपन हाथों में बचा हुआ सेंडबिच एक ही बार में अपने मूँह में ठूँस लिया। जिसके कारण उसके दोनों गाल फूल गए थे। इसलिए निशा इस वक्त देखने में काफी फनी लग रही थी। निशा को इस हालत में देखकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। तभी मोनू निशा के मजा लेते हुए बोला

मोनू- ओह माई गॉड जोया मैम को भी किसी से डर लगता है….

मोनू की बात सुनकर निशा ने गुस्से में उसे घूरा और जल्दी जल्दी अपना सेंडविच चबाते हुए बोली

निशा- डरती तो मैं किसी के बाप से नहीं हूँ…. बो तो बस मोनिका इस वक्त मेरी डॉक्टर है तो उसकी बात माननी पडती है।

मोनिका- अगर ऐसा है तो आप सेंडबिच क्यों खा रहीं थीं

निशा- सेंडबिच… कहाँ….. कौन सा सेंडबिच…. कैसा सैंडबिच…… मैंने तो कोई सेंडबिच नहीं खाया

मोनिका- झूठ मल बोलिऐ जोया मैम… मैंने अपनी आखों से आपको सेंडविच खाते हुए देखा है।

मोनिका की बात सुनकर निशा याद करने का नाटक करते हुए बोली

निशा- अच्छा बो…. वो तो मिस्टर अजय मेरे लिए लेकर आऐ थे….. आज सुबह सुबह ही उन्होंने मेरा ब्लड टेस्ट करके मुझे बताया था कि मेरे शरीर में चिली बिटामिन की कमी हो गई है। इसलिए मुझे ढेर सारा तीखा और चटपटा खाना खाना पडेगा। पर मैंने उन्हें साफ साफ मना कर दिया था कि मैं मोनिका से पूछे बगैर कुछ भी नहीं खाऊँगी…. पर वो माने ही नहीं और मेरे लिए चीज सेंडबिच विद एक्सट्रा चिली सॉस के साथ लेकर आ गए। अब कोई प्यार से कुछ खाने के लिए लाऐगा, तो उस मना करना अच्छा नहीं लगता। बैसे भी मेरा मानना है कि टेस्टी खाने को कभी ना नहीं कहना चाहिए वर्ना देवी अन्नपूर्ना नाराज हो जाती हैं।

निशा की बात सुनकर अज्जू बुरी तरह से हैरान रह गया, उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो कब जोया मैडम के लिए सेंडबिच लाया और उसने जोया मैडम का ब्लड टेस्ट आखिर कब किया। सबसे बडी बात जिसने अज्जू के दिमाग को हिला कर रख दिया था वो थी…. चिली बिटामिन…. अपनी अब तक कि जिंदगी में अज्जू ने कभी भी चिली बिटामिन का नाम नहीं सुना था।


कहानी जारी है.........
Nice update....
 
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Mahesh007

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Ek taraf hina ekram ko pasand karrahi he dusri taraf nisha ke sabd ajju ko nisha ki bate yad arhi he lekin pehchan nahi paraha he
Kya ajju nisha ko pehchan payega kyo ki koi aur family membar to es jagah nihi paravesh kar sakta dekhte he ange kya hota he
 

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जब निशा ने इकराम को बताया कि उसके ब्लड के कारण इकराम की बॉडी में कुछ चेंज आऐ हैं और अब वो एक महिने के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाऐगा। तो इकराम ने एक राहत की सांस ली, जिसके बाद उस कमरे में एक लम्बी खामोशी छा गई, जिसे आखिरकार इकराम ने भंग करते हुए निशा से सबाल किया

इकराम- आपने अपना ब्लड मेरी बॉडी के अंदर इंजेक्ट किया है, इस बारे में कौन कौन जानता है….

निशा- बस तुम और मोनिका…. असल में मैं अकेले यह सब नहीं कर सकती थी, इसलिए मुझे मोनिका की हेल्प लेनी पडी। लेकिन उसने मुझसे वादा किया है कि वो इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं कहेगी, और तुम भी ध्यान रखना कि इस बारे में किसी को कुछ भी पता ना चले।

इकराम- आप निश्चिंत रहो अप्पी मैं खुदा की कसम खाता हूँ कि मरते दम तक यह बात किसी से नहीं कहूँगा, बल्कि मैं तो खुद ही आपसे यही कहने बाला था कि आप इस बारे में किसी से कुछ भी मत बताना। क्योंकि अगर आपका ब्लड मुझे मौत के मूँह से बाहर निकाल सकता है तो यह दूसरों के लिए भी उतना ही चमत्कारी होगा। अगर गलती से भी यह बात हमारे दुशमनों या फिर क्रिमनल्स को पता चल गई तो वो अपने आप को और भी ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए आपके पीछे पड जाऐंगे और किसी बैम्पायर की तरह आपके शरीर से खून की हर एक बूंद को चूस लेंगे।

इकराम की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- मुझे पता है मेरे भाई… इसीलिए तो मैंने मोनिका से वादा लिया है…..

तभी अचानक से इकराम को कुछ याद आया और वो बुरी तरह से हैरान होते हुए बोला

इकराम- एक मिनट… अभी कुछ देर पहले आपने कहा था कि मेरा ऑपरेशन मोनिका और जीजा जी ने किया था

निशा- हाँ

इकराम- अब इसका क्या मतलब है…. क्या जीजा जी आपको ढूंडने के लिए अबतक बांधवगढ नहीं गए।

निशा- नहीं… शायद उन्हें अब धीरे धीरे अपनी गलतियों का एहसास हो रहा है, इसलिए वो य़हीं रुककर अपना फर्ज पूरा करना चाहते हैं।

इकराम- अब यहाँ पर उनका कौन सा काम अधूरा रह गया है….

निशाा- उन्हें लगता है कि अभी मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हूँ। इसलिए जब तक मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक वो यहीँं रहकर मेरी मदद करना चाहते हैं।

इकराम- आपकी मदद… पर क्यों… क्या उन्होंने आपको पहचान लिया है….

निशा- नहीं…. पहचाना मेरे भाई…. वो तो बस मिशन पर ना जाने का अपना गिल्ट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि अगर वो पहले ही इस ऑपरेशन पर चले जाते तो मेरे और तुम्हारे साथ वो सब नहीं होता।

इकराम- हुम्म तो यह बात है…. चलो अच्छा ही है… इस बहाने आप दोनों के बीच की दूरियाँ थोडी बहुत तो कम होंगी

निशा- बस बस अब ज्याद बातें मत करो…. तुम्हें अभी अभी तो होश आया है…. और तुम्हारे वार्ड के बाहर तुमसे मिलने बालों की एक लम्बी लाईन लगी है, इसलिए फटाफट सबसे मिलकर थोडा रेस्ट कर लेना। मैं शाम को फिर तुमसे मिलने आऊँगी…..

इतना बोलकर निशा मुस्कुराते हुए इकराम के वार्ड से बाहर निकल गई। निशा के बाहर आते ही बाकी लोग भी दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में इकराम से मिलने उसके वार्ड के अंदर जाने लगे, लेकिन उन लोगों ने इकराम का ज्यादा समय नहीं लिया, बस उसके हालचाल पूछकर बाहर निकल आऐ, ताकि इकराम रेस्ट कर सके। सभी लोगों से मिलने के दौरान इकराम भी काफी थकान महसूस करने लगा था, जिस कारण सबसे मिलने के बाद उसने अपनी आँखें बंद की और सोने की कोशिश करने लगा। अगले एक हफ्ते के अंदर इकराम काफी हद तक रिकरवर हो चुका था और उसके जिद करने पर उसे निशा के एकदम बगल बाले वार्ड में सिफ्ट कर दिया गया था।

ताकि वो जब चाहे तब निशा से मिल सके और हुआ भी ऐसा ही, निशा के बगल बाले वार्ड में सिफ्ट होने के बाद तो जब भी इकराम का मन करता वो निशा के वार्ड में जाकर उससे बातें करने लगता, या फिर निशा खुद ही उसके वार्ड के अंदर चली जाती। इस बीच बाकी लोग भी उनके पास आ जाते थे, जिसके बाद वो लोग घंटो तक एक दूसरे से हंसी मजाक करते रहते। इसीबीच एक दिन जब निशा अपने वार्ड में अकेली बैठी हुई थी, तभी हिना उसके कमरे में आई, पर कमरे में निशा को अकेला देखकर उसने सबाल किया

हिना- मैम वो वो आज आपके वार्ड में कोई दिखाई नहीं दे रहा है…. कहाँ गए सब….

हिना की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- कहीं नहीं… सब लोग अपने अपने ऑफिस में पेंडिंग काम निपटा रहे हैं… इतने दिनों से मेरे साथ टाईम पास करने के दौरान उन लोगों का काफी सारा काम पेंडिंग हो गया था।

हिना- अच्छा तो यह बात है… बैसे इकराम भी दिखाई नहीं दे रहा…. मैं उसके वार्ड में भी गई थी, लेकिन वो वहां पर भी नहीं था

निशा- हाँ वो असल में मोनिका के कहने पर मिस्टर अजय और मिस्टर मनोज के साथ वॉक पर गया है। ताकि उसके आर्गन प्रॉपर तरीके से काम कर सकें और वो जल्द से जल्द रिकवर हो सके।

हिना- ओह अच्छा तो यह बात है….. तो फिर ठीक है मैम मैं भी कुछ देर बाद आती हूँ…

इतना बोलकर हिना जैसे ही जाने लगी तो निशा उसे टोकते हुए बोली

निशा- मतलब कि अगर इकराम यहाँ नहीं होगा तो तुम भी मेरे पास नहीं रुकोगी

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत अपनी जगह पर फ्रिज हो गई, ऐसा लग रहा था जैसे उसकी कोई चोरी पकडी गई हो। इससे पहले वो अपनी सफाई में कुछ कहती निशा मुस्कुराते हुऐ बोली

निशा- इतना हैरान होने की जरूरत नहीं है…. मुझे सब पता है कि जबसे वो हादशा हुआ है, तब से ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने उसके वार्ड में ना गई हो, मैंने क्वीन की हेल्प से अपने कमरे में लगी टी.बी. में साफ साफ देखा है कि इकराम के होश में आने से पहले तुम घंटों तक इकराम के पास बैठकर उससे बातें करती रहती थी, ताकि इकराम के अंदर जिंदा रहने की इच्छा बनी रहे…. इसलिए तुम्हारा यह एहसान मैं कभी नहीं भूल सकती…. और इकराम के होश में आने के बाद भी ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने नहीं आई हो, फिर भले ही वो अपने वार्ड में हो या मेरे वार्ड में।

अब जब हिना का सारा सच निशा के सामने आ चुका था, तो हिना और ज्यादा अनजान बनने का नाटक नहीं कर सकती थी, लेकिन इस बारे में निशा से बात करने में उसे शर्म भी आ रही थी, इसलिए जैसे तैसे अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल करते हुए हिना ने कहा

हिना- नहीं मैम ऐसा कुछ भी नहीं है और ना ही आपको मेरा कोई एहसान मानने की जरूरत है। क्योंकि आपने ही तो कहा था कि हम सभी एक ही परिवार का हिस्सा हैं। तो फिर वो सब तो मेरा फर्ज था, बैसे भी आपने इकराम के लिए जो कुछ भी किया है उसके आगे तो मेरे वो छोटे मोटे एफर्टस कोई मायने ही नहीं रखते हैं।

निशा- हुम्म तुम्हारी यह बात भी सही है कि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं… लेकिन यह भी सच है कि तुम्हारे इन छोटे मोटे एफर्टस के कारण ही इकराम अब तक सर्वाईब कर पाया है। इसलिए तुम्हारे वो छोटे मोटे एफर्सट मेरे और इकराम के लिए बहुत कीमती हैं। बैसे सच सच बताना क्या तुम इकराम को पसंद करती हो….

निशा की बात सुनकर हिना का चेहरा शर्म के कारण गुलाबी हो गया। जिसे देखकर निशा को अपना जबाब मिल चुका था। लेकिन निशा हिना के मूंह से सारा सच जानना चाहती थी। वहीं दूसरी तरफ हिना की शर्म के कारण हालत खराब हो रही थी, साथ ही साथ वो इतनी जल्दी अपनी फीलिंग्स किसी के सामने कन्फेस भी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने बहाना बनाते हुए कहा

हिना- नहीं मैम आप जैसा सोच रहीं हैं, बैसा कुछ भी नहीं है… हम दोनों तो बस अच्छे दोस्त हैं।

लेकिन निशा कहाँ हार मानने बाली थी, उसने हिना को उक्साते हुए कहा

निशा- देखो हिना अच्छी तरह से सोच समझकर अपना जबाब देना… कहीं ऐसा ना हो कि अपने एक गलत जबाब के कारण तुम्हें बाद में पछताना पडे। क्योंकि अब जब इकराम तेजी से रिकवर हो रहा है तो मैं चाहती हूँ कि उसके पूरी तरह से ठीक होने के बाद मैं जल्द से जल्द उसकी शादी करके अपने लिए एक प्यारी सी भाभी ले आऊं। लेकिन अगर इकराम तुम्हें पसंद नहीं है तो कोई बात नहीं, मैं उसके लिए कोई दूसरी लडकी ढूड लूँगी।

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से डर गई और तुरंत निशा के पास आकर एक चेयर पर बैठते हुए बोली बोली

हिना- नहीं नहीं मैम प्लीज ऐसा मत करना…. वो वो मैं उन्हें सच में पसंद करती हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा इठलाते हुऐ बोली

निशा- हूम्म तो अब आई ना लाईन पर…. चलो ठीक है तुम मुझे मेरी भाभी के रूप में एक्सेप्ट हो…. लेकिन एक प्राब्लम है

निशा की बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

हिना- लेकिन क्या मैम

निशा- अगर तुम्हें मेरी भाभी बनना है तो तुम्हें खुद से ही पहल करनी होगी… क्योंकि मेरा भाई तो इस प्यार व्यार के मामले में पूरी तरह से लल्लू है…. और हाँ जो भी करना है जल्दी करना होगा, क्योंकि इकराम के पीछे लडकियों की एक लम्बी लाईन लगी हुई है… पता नहीं कब कौन सी लडकी मेरी भाभी बनकर आ जाऐ……

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से परेशान होते हुए बोली

हिना- नहीं नहीं मै ऐसा नहीं होने दे सकती…. अगर इकराम को कोई और लडकी पसंद आ गई तो फिर मेरा क्या होगा….. जोया मैम प्लीज कुछ कीजिऐ ना…..

हिना को इस तरह परेशान देख निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- रिलेक्स हिना….. अभी अभी तो भाई को होश आया है…. अभी तो उसे पूरी तरह से ठीक होने में अच्छा खासा समय लगेगा, तब तक तुम्हारे पास भी उसके दिल में जगह बनाने के लिए पर्याप्त समय है। और अगर फिर भी बात ना बने तो फिर मै तो हूँ ही… लेकिन मेरे एक शर्त है….

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत बोली

हिना- क्या….. प्लीज मैम जल्दी बताईऐ ना आपकी क्या शर्त है… मैं आपकी हर शर्त मानने के लिए तैयार हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा सोचने का नाटक करते हुए बोली

निशा- उम्म्ममम तो फिर ठीक है… तुम्हें मेेरे लिए घऱ से बना टेस्टी और चटपटा खाना लाना होगा…. मैं यहाँ का फीका और बेस्वाद खाना खाकर बोर हो गई हूँ….

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए बोली

हिना- बस इतनी सी बात….. थैक्स गॉड आपने तो मुझे डरा ही दिया था… अगर आप कहें तो मैं हर दिन आपके लिए घर का बना खाना लाने के लिए तैयार हूँ…..

निशा- तो फिर ठीक है… आज से तुम मेरी मास्टर सेफ हो….. और हाँ तुम चाहो तो आज से मुझे मैम कहने की जगह दीदी या फिर इकराम की तरह आपा, अप्पी जो ठीक लगे बोल सकती हो… मुझे अच्छा लगेगा…

हिना- थैंक्स मैम…. ओह सॉरी सॉरी जोया अप्पी मैं ध्यान रखूँगी…

अभी निशा और हिना आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी उनके कमरे में इकराम, अज्जू और मोनू आ गए। इकराम इस वक्त पहले से काफी बेहतर लग रहा था। कमरे में अंदर आते ही इकराम ने अपने हाथ में पकडा हुआ पैकेट निशा की तरफ बडाते हुए कहा

इकराम- लो अप्पी आपके फेवरेट मसरूम नूडल्ट और चीज सेंडविच बिद एक्ट्रा चिली सॉस

इकराम की बात सुनकर निशा की आँखों में चमक आ गई और उसने किसी छोटे बच्चे की तरह खुश होते हुए इकराम से तुरंत वो पैकेट ले लिया। लेकिन अज्जू शायद निशा के इस तरह चुपके चुपके फास्ट फूड खाना खाने से बिल्कुल भी खुश नहीं था। इसलिए वो निशा पर कमेंट्स करते हुए बोला

अज्जू- अभी ठीक हुऐ जुम्मा जुम्मा चार दिन भी नहीं हुऐ और मैडम जी को बाजार का तीखा खाना खाना है… वाह भई वाह.. कमाल की जोडी है दोनों भाई बहनों की… अपने खाने पीने पर कोई कंट्रोल ही नहीं है……

अज्जू की बात सुनकर निशा ने उसे गुस्से से घूरा और फिर लापरवाही के साथ बोली

निशा- मिस्टर अजय अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुकी हूँ, इसलिए अब मैं यह सब खा सकती हूँ… बैसे भी मैंने मोनिका से पहले ही परमीशन ले ली थी, और हाँ फास्ट फूड का भला मेरे बीमार होने से क्या संबंध है…. बैसे भी जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।

जोया की बात सुनकर अचानक अज्जू को एक झटका लगा और वो कुछ पलों के लिए अपनी पुरानी यादों में खो गया, उसे याद आया कि कैसे जब भी वो निशा के साथ कहीं बार घूमने या मार्केट जाता था तो निशा उससे हमेशा जोया की तरह ही तीखा और चटपटा खाना खाने की जिद्द करती थी, और जब अज्जू उसे ज्यादा तीखा खाने से रोकता तो निशा हमेशा अज्जू से वही बात कहती थी जो ऐजेंट जीरो यानि जोया ने उससे कही है। यानि “जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।”

इसलिए जोया के मूँह से निशा का वही डायलॉग सुनकर अज्जू को एक पल के लिए उस पर शक हुआ, पर अगले ही पल उसने इसे एक संयोग मानकर अपने दिमाग से निकाल िदिया। क्योंकि निशा और जोया दोनों के ही चेहरे एक दूसरे से काफी अलग थे। तभी अज्जू की नजर जोया यानि निशा पर पडी। जो पूरी तरह से वेफिक्र होकर सेंडबिच खा रही थी, उस वक्त निशा के चेहरे पर आऐ सेटिस्फेक्शन के एक्सप्रेशन देखकर अज्जू के चेहरे पर भी अपने आप ही मुस्कान आ गई थी, लेकिन पता नहीं क्यों उसे यह सब काफी ज्यादा जाना पहचाना लग रहा था, साथ ही साथ उसे निशा की भी याद आ रही थी। तभी एक बार फिर कमरे का दरवाजा खुला और मोनिका कमरे के अंदर आई। लेकिन जैसे ही उसने देखा कि निशा सेंडबिच खा रही है तो वो थोडा गुस्सा होते हुए बोली

मोनिका- यह सब क्या है जोया मैम

मोनिका को अचानक वहाँ देखकर निशा ने तुरंत अपने नूडल्स अपने पीछे छिपा लिए और बोली

निशा- क कुछ भी तो नहीं

इतना बोलकर निशा ने अपन हाथों में बचा हुआ सेंडबिच एक ही बार में अपने मूँह में ठूँस लिया। जिसके कारण उसके दोनों गाल फूल गए थे। इसलिए निशा इस वक्त देखने में काफी फनी लग रही थी। निशा को इस हालत में देखकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। तभी मोनू निशा के मजा लेते हुए बोला

मोनू- ओह माई गॉड जोया मैम को भी किसी से डर लगता है….

मोनू की बात सुनकर निशा ने गुस्से में उसे घूरा और जल्दी जल्दी अपना सेंडविच चबाते हुए बोली

निशा- डरती तो मैं किसी के बाप से नहीं हूँ…. बो तो बस मोनिका इस वक्त मेरी डॉक्टर है तो उसकी बात माननी पडती है।

मोनिका- अगर ऐसा है तो आप सेंडबिच क्यों खा रहीं थीं

निशा- सेंडबिच… कहाँ….. कौन सा सेंडबिच…. कैसा सैंडबिच…… मैंने तो कोई सेंडबिच नहीं खाया

मोनिका- झूठ मल बोलिऐ जोया मैम… मैंने अपनी आखों से आपको सेंडविच खाते हुए देखा है।

मोनिका की बात सुनकर निशा याद करने का नाटक करते हुए बोली

निशा- अच्छा बो…. वो तो मिस्टर अजय मेरे लिए लेकर आऐ थे….. आज सुबह सुबह ही उन्होंने मेरा ब्लड टेस्ट करके मुझे बताया था कि मेरे शरीर में चिली बिटामिन की कमी हो गई है। इसलिए मुझे ढेर सारा तीखा और चटपटा खाना खाना पडेगा। पर मैंने उन्हें साफ साफ मना कर दिया था कि मैं मोनिका से पूछे बगैर कुछ भी नहीं खाऊँगी…. पर वो माने ही नहीं और मेरे लिए चीज सेंडबिच विद एक्सट्रा चिली सॉस के साथ लेकर आ गए। अब कोई प्यार से कुछ खाने के लिए लाऐगा, तो उस मना करना अच्छा नहीं लगता। बैसे भी मेरा मानना है कि टेस्टी खाने को कभी ना नहीं कहना चाहिए वर्ना देवी अन्नपूर्ना नाराज हो जाती हैं।

निशा की बात सुनकर अज्जू बुरी तरह से हैरान रह गया, उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो कब जोया मैडम के लिए सेंडबिच लाया और उसने जोया मैडम का ब्लड टेस्ट आखिर कब किया। सबसे बडी बात जिसने अज्जू के दिमाग को हिला कर रख दिया था वो थी…. चिली बिटामिन…. अपनी अब तक कि जिंदगी में अज्जू ने कभी भी चिली बिटामिन का नाम नहीं सुना था।


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जब निशा ने इकराम को बताया कि उसके ब्लड के कारण इकराम की बॉडी में कुछ चेंज आऐ हैं और अब वो एक महिने के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाऐगा। तो इकराम ने एक राहत की सांस ली, जिसके बाद उस कमरे में एक लम्बी खामोशी छा गई, जिसे आखिरकार इकराम ने भंग करते हुए निशा से सबाल किया

इकराम- आपने अपना ब्लड मेरी बॉडी के अंदर इंजेक्ट किया है, इस बारे में कौन कौन जानता है….

निशा- बस तुम और मोनिका…. असल में मैं अकेले यह सब नहीं कर सकती थी, इसलिए मुझे मोनिका की हेल्प लेनी पडी। लेकिन उसने मुझसे वादा किया है कि वो इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं कहेगी, और तुम भी ध्यान रखना कि इस बारे में किसी को कुछ भी पता ना चले।

इकराम- आप निश्चिंत रहो अप्पी मैं खुदा की कसम खाता हूँ कि मरते दम तक यह बात किसी से नहीं कहूँगा, बल्कि मैं तो खुद ही आपसे यही कहने बाला था कि आप इस बारे में किसी से कुछ भी मत बताना। क्योंकि अगर आपका ब्लड मुझे मौत के मूँह से बाहर निकाल सकता है तो यह दूसरों के लिए भी उतना ही चमत्कारी होगा। अगर गलती से भी यह बात हमारे दुशमनों या फिर क्रिमनल्स को पता चल गई तो वो अपने आप को और भी ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए आपके पीछे पड जाऐंगे और किसी बैम्पायर की तरह आपके शरीर से खून की हर एक बूंद को चूस लेंगे।

इकराम की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- मुझे पता है मेरे भाई… इसीलिए तो मैंने मोनिका से वादा लिया है…..

तभी अचानक से इकराम को कुछ याद आया और वो बुरी तरह से हैरान होते हुए बोला

इकराम- एक मिनट… अभी कुछ देर पहले आपने कहा था कि मेरा ऑपरेशन मोनिका और जीजा जी ने किया था

निशा- हाँ

इकराम- अब इसका क्या मतलब है…. क्या जीजा जी आपको ढूंडने के लिए अबतक बांधवगढ नहीं गए।

निशा- नहीं… शायद उन्हें अब धीरे धीरे अपनी गलतियों का एहसास हो रहा है, इसलिए वो य़हीं रुककर अपना फर्ज पूरा करना चाहते हैं।

इकराम- अब यहाँ पर उनका कौन सा काम अधूरा रह गया है….

निशाा- उन्हें लगता है कि अभी मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हूँ। इसलिए जब तक मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक वो यहीँं रहकर मेरी मदद करना चाहते हैं।

इकराम- आपकी मदद… पर क्यों… क्या उन्होंने आपको पहचान लिया है….

निशा- नहीं…. पहचाना मेरे भाई…. वो तो बस मिशन पर ना जाने का अपना गिल्ट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि अगर वो पहले ही इस ऑपरेशन पर चले जाते तो मेरे और तुम्हारे साथ वो सब नहीं होता।

इकराम- हुम्म तो यह बात है…. चलो अच्छा ही है… इस बहाने आप दोनों के बीच की दूरियाँ थोडी बहुत तो कम होंगी

निशा- बस बस अब ज्याद बातें मत करो…. तुम्हें अभी अभी तो होश आया है…. और तुम्हारे वार्ड के बाहर तुमसे मिलने बालों की एक लम्बी लाईन लगी है, इसलिए फटाफट सबसे मिलकर थोडा रेस्ट कर लेना। मैं शाम को फिर तुमसे मिलने आऊँगी…..

इतना बोलकर निशा मुस्कुराते हुए इकराम के वार्ड से बाहर निकल गई। निशा के बाहर आते ही बाकी लोग भी दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में इकराम से मिलने उसके वार्ड के अंदर जाने लगे, लेकिन उन लोगों ने इकराम का ज्यादा समय नहीं लिया, बस उसके हालचाल पूछकर बाहर निकल आऐ, ताकि इकराम रेस्ट कर सके। सभी लोगों से मिलने के दौरान इकराम भी काफी थकान महसूस करने लगा था, जिस कारण सबसे मिलने के बाद उसने अपनी आँखें बंद की और सोने की कोशिश करने लगा। अगले एक हफ्ते के अंदर इकराम काफी हद तक रिकरवर हो चुका था और उसके जिद करने पर उसे निशा के एकदम बगल बाले वार्ड में सिफ्ट कर दिया गया था।

ताकि वो जब चाहे तब निशा से मिल सके और हुआ भी ऐसा ही, निशा के बगल बाले वार्ड में सिफ्ट होने के बाद तो जब भी इकराम का मन करता वो निशा के वार्ड में जाकर उससे बातें करने लगता, या फिर निशा खुद ही उसके वार्ड के अंदर चली जाती। इस बीच बाकी लोग भी उनके पास आ जाते थे, जिसके बाद वो लोग घंटो तक एक दूसरे से हंसी मजाक करते रहते। इसीबीच एक दिन जब निशा अपने वार्ड में अकेली बैठी हुई थी, तभी हिना उसके कमरे में आई, पर कमरे में निशा को अकेला देखकर उसने सबाल किया

हिना- मैम वो वो आज आपके वार्ड में कोई दिखाई नहीं दे रहा है…. कहाँ गए सब….

हिना की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- कहीं नहीं… सब लोग अपने अपने ऑफिस में पेंडिंग काम निपटा रहे हैं… इतने दिनों से मेरे साथ टाईम पास करने के दौरान उन लोगों का काफी सारा काम पेंडिंग हो गया था।

हिना- अच्छा तो यह बात है… बैसे इकराम भी दिखाई नहीं दे रहा…. मैं उसके वार्ड में भी गई थी, लेकिन वो वहां पर भी नहीं था

निशा- हाँ वो असल में मोनिका के कहने पर मिस्टर अजय और मिस्टर मनोज के साथ वॉक पर गया है। ताकि उसके आर्गन प्रॉपर तरीके से काम कर सकें और वो जल्द से जल्द रिकवर हो सके।

हिना- ओह अच्छा तो यह बात है….. तो फिर ठीक है मैम मैं भी कुछ देर बाद आती हूँ…

इतना बोलकर हिना जैसे ही जाने लगी तो निशा उसे टोकते हुए बोली

निशा- मतलब कि अगर इकराम यहाँ नहीं होगा तो तुम भी मेरे पास नहीं रुकोगी

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत अपनी जगह पर फ्रिज हो गई, ऐसा लग रहा था जैसे उसकी कोई चोरी पकडी गई हो। इससे पहले वो अपनी सफाई में कुछ कहती निशा मुस्कुराते हुऐ बोली

निशा- इतना हैरान होने की जरूरत नहीं है…. मुझे सब पता है कि जबसे वो हादशा हुआ है, तब से ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने उसके वार्ड में ना गई हो, मैंने क्वीन की हेल्प से अपने कमरे में लगी टी.बी. में साफ साफ देखा है कि इकराम के होश में आने से पहले तुम घंटों तक इकराम के पास बैठकर उससे बातें करती रहती थी, ताकि इकराम के अंदर जिंदा रहने की इच्छा बनी रहे…. इसलिए तुम्हारा यह एहसान मैं कभी नहीं भूल सकती…. और इकराम के होश में आने के बाद भी ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने नहीं आई हो, फिर भले ही वो अपने वार्ड में हो या मेरे वार्ड में।

अब जब हिना का सारा सच निशा के सामने आ चुका था, तो हिना और ज्यादा अनजान बनने का नाटक नहीं कर सकती थी, लेकिन इस बारे में निशा से बात करने में उसे शर्म भी आ रही थी, इसलिए जैसे तैसे अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल करते हुए हिना ने कहा

हिना- नहीं मैम ऐसा कुछ भी नहीं है और ना ही आपको मेरा कोई एहसान मानने की जरूरत है। क्योंकि आपने ही तो कहा था कि हम सभी एक ही परिवार का हिस्सा हैं। तो फिर वो सब तो मेरा फर्ज था, बैसे भी आपने इकराम के लिए जो कुछ भी किया है उसके आगे तो मेरे वो छोटे मोटे एफर्टस कोई मायने ही नहीं रखते हैं।

निशा- हुम्म तुम्हारी यह बात भी सही है कि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं… लेकिन यह भी सच है कि तुम्हारे इन छोटे मोटे एफर्टस के कारण ही इकराम अब तक सर्वाईब कर पाया है। इसलिए तुम्हारे वो छोटे मोटे एफर्सट मेरे और इकराम के लिए बहुत कीमती हैं। बैसे सच सच बताना क्या तुम इकराम को पसंद करती हो….

निशा की बात सुनकर हिना का चेहरा शर्म के कारण गुलाबी हो गया। जिसे देखकर निशा को अपना जबाब मिल चुका था। लेकिन निशा हिना के मूंह से सारा सच जानना चाहती थी। वहीं दूसरी तरफ हिना की शर्म के कारण हालत खराब हो रही थी, साथ ही साथ वो इतनी जल्दी अपनी फीलिंग्स किसी के सामने कन्फेस भी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने बहाना बनाते हुए कहा

हिना- नहीं मैम आप जैसा सोच रहीं हैं, बैसा कुछ भी नहीं है… हम दोनों तो बस अच्छे दोस्त हैं।

लेकिन निशा कहाँ हार मानने बाली थी, उसने हिना को उक्साते हुए कहा

निशा- देखो हिना अच्छी तरह से सोच समझकर अपना जबाब देना… कहीं ऐसा ना हो कि अपने एक गलत जबाब के कारण तुम्हें बाद में पछताना पडे। क्योंकि अब जब इकराम तेजी से रिकवर हो रहा है तो मैं चाहती हूँ कि उसके पूरी तरह से ठीक होने के बाद मैं जल्द से जल्द उसकी शादी करके अपने लिए एक प्यारी सी भाभी ले आऊं। लेकिन अगर इकराम तुम्हें पसंद नहीं है तो कोई बात नहीं, मैं उसके लिए कोई दूसरी लडकी ढूड लूँगी।

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से डर गई और तुरंत निशा के पास आकर एक चेयर पर बैठते हुए बोली बोली

हिना- नहीं नहीं मैम प्लीज ऐसा मत करना…. वो वो मैं उन्हें सच में पसंद करती हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा इठलाते हुऐ बोली

निशा- हूम्म तो अब आई ना लाईन पर…. चलो ठीक है तुम मुझे मेरी भाभी के रूप में एक्सेप्ट हो…. लेकिन एक प्राब्लम है

निशा की बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

हिना- लेकिन क्या मैम

निशा- अगर तुम्हें मेरी भाभी बनना है तो तुम्हें खुद से ही पहल करनी होगी… क्योंकि मेरा भाई तो इस प्यार व्यार के मामले में पूरी तरह से लल्लू है…. और हाँ जो भी करना है जल्दी करना होगा, क्योंकि इकराम के पीछे लडकियों की एक लम्बी लाईन लगी हुई है… पता नहीं कब कौन सी लडकी मेरी भाभी बनकर आ जाऐ……

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से परेशान होते हुए बोली

हिना- नहीं नहीं मै ऐसा नहीं होने दे सकती…. अगर इकराम को कोई और लडकी पसंद आ गई तो फिर मेरा क्या होगा….. जोया मैम प्लीज कुछ कीजिऐ ना…..

हिना को इस तरह परेशान देख निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- रिलेक्स हिना….. अभी अभी तो भाई को होश आया है…. अभी तो उसे पूरी तरह से ठीक होने में अच्छा खासा समय लगेगा, तब तक तुम्हारे पास भी उसके दिल में जगह बनाने के लिए पर्याप्त समय है। और अगर फिर भी बात ना बने तो फिर मै तो हूँ ही… लेकिन मेरे एक शर्त है….

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत बोली

हिना- क्या….. प्लीज मैम जल्दी बताईऐ ना आपकी क्या शर्त है… मैं आपकी हर शर्त मानने के लिए तैयार हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा सोचने का नाटक करते हुए बोली

निशा- उम्म्ममम तो फिर ठीक है… तुम्हें मेेरे लिए घऱ से बना टेस्टी और चटपटा खाना लाना होगा…. मैं यहाँ का फीका और बेस्वाद खाना खाकर बोर हो गई हूँ….

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए बोली

हिना- बस इतनी सी बात….. थैक्स गॉड आपने तो मुझे डरा ही दिया था… अगर आप कहें तो मैं हर दिन आपके लिए घर का बना खाना लाने के लिए तैयार हूँ…..

निशा- तो फिर ठीक है… आज से तुम मेरी मास्टर सेफ हो….. और हाँ तुम चाहो तो आज से मुझे मैम कहने की जगह दीदी या फिर इकराम की तरह आपा, अप्पी जो ठीक लगे बोल सकती हो… मुझे अच्छा लगेगा…

हिना- थैंक्स मैम…. ओह सॉरी सॉरी जोया अप्पी मैं ध्यान रखूँगी…

अभी निशा और हिना आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी उनके कमरे में इकराम, अज्जू और मोनू आ गए। इकराम इस वक्त पहले से काफी बेहतर लग रहा था। कमरे में अंदर आते ही इकराम ने अपने हाथ में पकडा हुआ पैकेट निशा की तरफ बडाते हुए कहा

इकराम- लो अप्पी आपके फेवरेट मसरूम नूडल्ट और चीज सेंडविच बिद एक्ट्रा चिली सॉस

इकराम की बात सुनकर निशा की आँखों में चमक आ गई और उसने किसी छोटे बच्चे की तरह खुश होते हुए इकराम से तुरंत वो पैकेट ले लिया। लेकिन अज्जू शायद निशा के इस तरह चुपके चुपके फास्ट फूड खाना खाने से बिल्कुल भी खुश नहीं था। इसलिए वो निशा पर कमेंट्स करते हुए बोला

अज्जू- अभी ठीक हुऐ जुम्मा जुम्मा चार दिन भी नहीं हुऐ और मैडम जी को बाजार का तीखा खाना खाना है… वाह भई वाह.. कमाल की जोडी है दोनों भाई बहनों की… अपने खाने पीने पर कोई कंट्रोल ही नहीं है……

अज्जू की बात सुनकर निशा ने उसे गुस्से से घूरा और फिर लापरवाही के साथ बोली

निशा- मिस्टर अजय अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुकी हूँ, इसलिए अब मैं यह सब खा सकती हूँ… बैसे भी मैंने मोनिका से पहले ही परमीशन ले ली थी, और हाँ फास्ट फूड का भला मेरे बीमार होने से क्या संबंध है…. बैसे भी जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।

जोया की बात सुनकर अचानक अज्जू को एक झटका लगा और वो कुछ पलों के लिए अपनी पुरानी यादों में खो गया, उसे याद आया कि कैसे जब भी वो निशा के साथ कहीं बार घूमने या मार्केट जाता था तो निशा उससे हमेशा जोया की तरह ही तीखा और चटपटा खाना खाने की जिद्द करती थी, और जब अज्जू उसे ज्यादा तीखा खाने से रोकता तो निशा हमेशा अज्जू से वही बात कहती थी जो ऐजेंट जीरो यानि जोया ने उससे कही है। यानि “जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।”

इसलिए जोया के मूँह से निशा का वही डायलॉग सुनकर अज्जू को एक पल के लिए उस पर शक हुआ, पर अगले ही पल उसने इसे एक संयोग मानकर अपने दिमाग से निकाल िदिया। क्योंकि निशा और जोया दोनों के ही चेहरे एक दूसरे से काफी अलग थे। तभी अज्जू की नजर जोया यानि निशा पर पडी। जो पूरी तरह से वेफिक्र होकर सेंडबिच खा रही थी, उस वक्त निशा के चेहरे पर आऐ सेटिस्फेक्शन के एक्सप्रेशन देखकर अज्जू के चेहरे पर भी अपने आप ही मुस्कान आ गई थी, लेकिन पता नहीं क्यों उसे यह सब काफी ज्यादा जाना पहचाना लग रहा था, साथ ही साथ उसे निशा की भी याद आ रही थी। तभी एक बार फिर कमरे का दरवाजा खुला और मोनिका कमरे के अंदर आई। लेकिन जैसे ही उसने देखा कि निशा सेंडबिच खा रही है तो वो थोडा गुस्सा होते हुए बोली

मोनिका- यह सब क्या है जोया मैम

मोनिका को अचानक वहाँ देखकर निशा ने तुरंत अपने नूडल्स अपने पीछे छिपा लिए और बोली

निशा- क कुछ भी तो नहीं

इतना बोलकर निशा ने अपन हाथों में बचा हुआ सेंडबिच एक ही बार में अपने मूँह में ठूँस लिया। जिसके कारण उसके दोनों गाल फूल गए थे। इसलिए निशा इस वक्त देखने में काफी फनी लग रही थी। निशा को इस हालत में देखकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। तभी मोनू निशा के मजा लेते हुए बोला

मोनू- ओह माई गॉड जोया मैम को भी किसी से डर लगता है….

मोनू की बात सुनकर निशा ने गुस्से में उसे घूरा और जल्दी जल्दी अपना सेंडविच चबाते हुए बोली

निशा- डरती तो मैं किसी के बाप से नहीं हूँ…. बो तो बस मोनिका इस वक्त मेरी डॉक्टर है तो उसकी बात माननी पडती है।

मोनिका- अगर ऐसा है तो आप सेंडबिच क्यों खा रहीं थीं

निशा- सेंडबिच… कहाँ….. कौन सा सेंडबिच…. कैसा सैंडबिच…… मैंने तो कोई सेंडबिच नहीं खाया

मोनिका- झूठ मल बोलिऐ जोया मैम… मैंने अपनी आखों से आपको सेंडविच खाते हुए देखा है।

मोनिका की बात सुनकर निशा याद करने का नाटक करते हुए बोली

निशा- अच्छा बो…. वो तो मिस्टर अजय मेरे लिए लेकर आऐ थे….. आज सुबह सुबह ही उन्होंने मेरा ब्लड टेस्ट करके मुझे बताया था कि मेरे शरीर में चिली बिटामिन की कमी हो गई है। इसलिए मुझे ढेर सारा तीखा और चटपटा खाना खाना पडेगा। पर मैंने उन्हें साफ साफ मना कर दिया था कि मैं मोनिका से पूछे बगैर कुछ भी नहीं खाऊँगी…. पर वो माने ही नहीं और मेरे लिए चीज सेंडबिच विद एक्सट्रा चिली सॉस के साथ लेकर आ गए। अब कोई प्यार से कुछ खाने के लिए लाऐगा, तो उस मना करना अच्छा नहीं लगता। बैसे भी मेरा मानना है कि टेस्टी खाने को कभी ना नहीं कहना चाहिए वर्ना देवी अन्नपूर्ना नाराज हो जाती हैं।

निशा की बात सुनकर अज्जू बुरी तरह से हैरान रह गया, उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो कब जोया मैडम के लिए सेंडबिच लाया और उसने जोया मैडम का ब्लड टेस्ट आखिर कब किया। सबसे बडी बात जिसने अज्जू के दिमाग को हिला कर रख दिया था वो थी…. चिली बिटामिन…. अपनी अब तक कि जिंदगी में अज्जू ने कभी भी चिली बिटामिन का नाम नहीं सुना था।


कहानी जारी है.........
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parkas

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जब निशा ने इकराम को बताया कि उसके ब्लड के कारण इकराम की बॉडी में कुछ चेंज आऐ हैं और अब वो एक महिने के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाऐगा। तो इकराम ने एक राहत की सांस ली, जिसके बाद उस कमरे में एक लम्बी खामोशी छा गई, जिसे आखिरकार इकराम ने भंग करते हुए निशा से सबाल किया

इकराम- आपने अपना ब्लड मेरी बॉडी के अंदर इंजेक्ट किया है, इस बारे में कौन कौन जानता है….

निशा- बस तुम और मोनिका…. असल में मैं अकेले यह सब नहीं कर सकती थी, इसलिए मुझे मोनिका की हेल्प लेनी पडी। लेकिन उसने मुझसे वादा किया है कि वो इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं कहेगी, और तुम भी ध्यान रखना कि इस बारे में किसी को कुछ भी पता ना चले।

इकराम- आप निश्चिंत रहो अप्पी मैं खुदा की कसम खाता हूँ कि मरते दम तक यह बात किसी से नहीं कहूँगा, बल्कि मैं तो खुद ही आपसे यही कहने बाला था कि आप इस बारे में किसी से कुछ भी मत बताना। क्योंकि अगर आपका ब्लड मुझे मौत के मूँह से बाहर निकाल सकता है तो यह दूसरों के लिए भी उतना ही चमत्कारी होगा। अगर गलती से भी यह बात हमारे दुशमनों या फिर क्रिमनल्स को पता चल गई तो वो अपने आप को और भी ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए आपके पीछे पड जाऐंगे और किसी बैम्पायर की तरह आपके शरीर से खून की हर एक बूंद को चूस लेंगे।

इकराम की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- मुझे पता है मेरे भाई… इसीलिए तो मैंने मोनिका से वादा लिया है…..

तभी अचानक से इकराम को कुछ याद आया और वो बुरी तरह से हैरान होते हुए बोला

इकराम- एक मिनट… अभी कुछ देर पहले आपने कहा था कि मेरा ऑपरेशन मोनिका और जीजा जी ने किया था

निशा- हाँ

इकराम- अब इसका क्या मतलब है…. क्या जीजा जी आपको ढूंडने के लिए अबतक बांधवगढ नहीं गए।

निशा- नहीं… शायद उन्हें अब धीरे धीरे अपनी गलतियों का एहसास हो रहा है, इसलिए वो य़हीं रुककर अपना फर्ज पूरा करना चाहते हैं।

इकराम- अब यहाँ पर उनका कौन सा काम अधूरा रह गया है….

निशाा- उन्हें लगता है कि अभी मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हूँ। इसलिए जब तक मैं पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक वो यहीँं रहकर मेरी मदद करना चाहते हैं।

इकराम- आपकी मदद… पर क्यों… क्या उन्होंने आपको पहचान लिया है….

निशा- नहीं…. पहचाना मेरे भाई…. वो तो बस मिशन पर ना जाने का अपना गिल्ट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि अगर वो पहले ही इस ऑपरेशन पर चले जाते तो मेरे और तुम्हारे साथ वो सब नहीं होता।

इकराम- हुम्म तो यह बात है…. चलो अच्छा ही है… इस बहाने आप दोनों के बीच की दूरियाँ थोडी बहुत तो कम होंगी

निशा- बस बस अब ज्याद बातें मत करो…. तुम्हें अभी अभी तो होश आया है…. और तुम्हारे वार्ड के बाहर तुमसे मिलने बालों की एक लम्बी लाईन लगी है, इसलिए फटाफट सबसे मिलकर थोडा रेस्ट कर लेना। मैं शाम को फिर तुमसे मिलने आऊँगी…..

इतना बोलकर निशा मुस्कुराते हुए इकराम के वार्ड से बाहर निकल गई। निशा के बाहर आते ही बाकी लोग भी दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में इकराम से मिलने उसके वार्ड के अंदर जाने लगे, लेकिन उन लोगों ने इकराम का ज्यादा समय नहीं लिया, बस उसके हालचाल पूछकर बाहर निकल आऐ, ताकि इकराम रेस्ट कर सके। सभी लोगों से मिलने के दौरान इकराम भी काफी थकान महसूस करने लगा था, जिस कारण सबसे मिलने के बाद उसने अपनी आँखें बंद की और सोने की कोशिश करने लगा। अगले एक हफ्ते के अंदर इकराम काफी हद तक रिकरवर हो चुका था और उसके जिद करने पर उसे निशा के एकदम बगल बाले वार्ड में सिफ्ट कर दिया गया था।

ताकि वो जब चाहे तब निशा से मिल सके और हुआ भी ऐसा ही, निशा के बगल बाले वार्ड में सिफ्ट होने के बाद तो जब भी इकराम का मन करता वो निशा के वार्ड में जाकर उससे बातें करने लगता, या फिर निशा खुद ही उसके वार्ड के अंदर चली जाती। इस बीच बाकी लोग भी उनके पास आ जाते थे, जिसके बाद वो लोग घंटो तक एक दूसरे से हंसी मजाक करते रहते। इसीबीच एक दिन जब निशा अपने वार्ड में अकेली बैठी हुई थी, तभी हिना उसके कमरे में आई, पर कमरे में निशा को अकेला देखकर उसने सबाल किया

हिना- मैम वो वो आज आपके वार्ड में कोई दिखाई नहीं दे रहा है…. कहाँ गए सब….

हिना की बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- कहीं नहीं… सब लोग अपने अपने ऑफिस में पेंडिंग काम निपटा रहे हैं… इतने दिनों से मेरे साथ टाईम पास करने के दौरान उन लोगों का काफी सारा काम पेंडिंग हो गया था।

हिना- अच्छा तो यह बात है… बैसे इकराम भी दिखाई नहीं दे रहा…. मैं उसके वार्ड में भी गई थी, लेकिन वो वहां पर भी नहीं था

निशा- हाँ वो असल में मोनिका के कहने पर मिस्टर अजय और मिस्टर मनोज के साथ वॉक पर गया है। ताकि उसके आर्गन प्रॉपर तरीके से काम कर सकें और वो जल्द से जल्द रिकवर हो सके।

हिना- ओह अच्छा तो यह बात है….. तो फिर ठीक है मैम मैं भी कुछ देर बाद आती हूँ…

इतना बोलकर हिना जैसे ही जाने लगी तो निशा उसे टोकते हुए बोली

निशा- मतलब कि अगर इकराम यहाँ नहीं होगा तो तुम भी मेरे पास नहीं रुकोगी

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत अपनी जगह पर फ्रिज हो गई, ऐसा लग रहा था जैसे उसकी कोई चोरी पकडी गई हो। इससे पहले वो अपनी सफाई में कुछ कहती निशा मुस्कुराते हुऐ बोली

निशा- इतना हैरान होने की जरूरत नहीं है…. मुझे सब पता है कि जबसे वो हादशा हुआ है, तब से ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने उसके वार्ड में ना गई हो, मैंने क्वीन की हेल्प से अपने कमरे में लगी टी.बी. में साफ साफ देखा है कि इकराम के होश में आने से पहले तुम घंटों तक इकराम के पास बैठकर उससे बातें करती रहती थी, ताकि इकराम के अंदर जिंदा रहने की इच्छा बनी रहे…. इसलिए तुम्हारा यह एहसान मैं कभी नहीं भूल सकती…. और इकराम के होश में आने के बाद भी ऐसा कोई दिन नहीं बीता है जब तुम इकराम से मिलने नहीं आई हो, फिर भले ही वो अपने वार्ड में हो या मेरे वार्ड में।

अब जब हिना का सारा सच निशा के सामने आ चुका था, तो हिना और ज्यादा अनजान बनने का नाटक नहीं कर सकती थी, लेकिन इस बारे में निशा से बात करने में उसे शर्म भी आ रही थी, इसलिए जैसे तैसे अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल करते हुए हिना ने कहा

हिना- नहीं मैम ऐसा कुछ भी नहीं है और ना ही आपको मेरा कोई एहसान मानने की जरूरत है। क्योंकि आपने ही तो कहा था कि हम सभी एक ही परिवार का हिस्सा हैं। तो फिर वो सब तो मेरा फर्ज था, बैसे भी आपने इकराम के लिए जो कुछ भी किया है उसके आगे तो मेरे वो छोटे मोटे एफर्टस कोई मायने ही नहीं रखते हैं।

निशा- हुम्म तुम्हारी यह बात भी सही है कि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं… लेकिन यह भी सच है कि तुम्हारे इन छोटे मोटे एफर्टस के कारण ही इकराम अब तक सर्वाईब कर पाया है। इसलिए तुम्हारे वो छोटे मोटे एफर्सट मेरे और इकराम के लिए बहुत कीमती हैं। बैसे सच सच बताना क्या तुम इकराम को पसंद करती हो….

निशा की बात सुनकर हिना का चेहरा शर्म के कारण गुलाबी हो गया। जिसे देखकर निशा को अपना जबाब मिल चुका था। लेकिन निशा हिना के मूंह से सारा सच जानना चाहती थी। वहीं दूसरी तरफ हिना की शर्म के कारण हालत खराब हो रही थी, साथ ही साथ वो इतनी जल्दी अपनी फीलिंग्स किसी के सामने कन्फेस भी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने बहाना बनाते हुए कहा

हिना- नहीं मैम आप जैसा सोच रहीं हैं, बैसा कुछ भी नहीं है… हम दोनों तो बस अच्छे दोस्त हैं।

लेकिन निशा कहाँ हार मानने बाली थी, उसने हिना को उक्साते हुए कहा

निशा- देखो हिना अच्छी तरह से सोच समझकर अपना जबाब देना… कहीं ऐसा ना हो कि अपने एक गलत जबाब के कारण तुम्हें बाद में पछताना पडे। क्योंकि अब जब इकराम तेजी से रिकवर हो रहा है तो मैं चाहती हूँ कि उसके पूरी तरह से ठीक होने के बाद मैं जल्द से जल्द उसकी शादी करके अपने लिए एक प्यारी सी भाभी ले आऊं। लेकिन अगर इकराम तुम्हें पसंद नहीं है तो कोई बात नहीं, मैं उसके लिए कोई दूसरी लडकी ढूड लूँगी।

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से डर गई और तुरंत निशा के पास आकर एक चेयर पर बैठते हुए बोली बोली

हिना- नहीं नहीं मैम प्लीज ऐसा मत करना…. वो वो मैं उन्हें सच में पसंद करती हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा इठलाते हुऐ बोली

निशा- हूम्म तो अब आई ना लाईन पर…. चलो ठीक है तुम मुझे मेरी भाभी के रूप में एक्सेप्ट हो…. लेकिन एक प्राब्लम है

निशा की बात सुनकर हिना थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

हिना- लेकिन क्या मैम

निशा- अगर तुम्हें मेरी भाभी बनना है तो तुम्हें खुद से ही पहल करनी होगी… क्योंकि मेरा भाई तो इस प्यार व्यार के मामले में पूरी तरह से लल्लू है…. और हाँ जो भी करना है जल्दी करना होगा, क्योंकि इकराम के पीछे लडकियों की एक लम्बी लाईन लगी हुई है… पता नहीं कब कौन सी लडकी मेरी भाभी बनकर आ जाऐ……

निशा की बात सुनकर हिना बुरी तरह से परेशान होते हुए बोली

हिना- नहीं नहीं मै ऐसा नहीं होने दे सकती…. अगर इकराम को कोई और लडकी पसंद आ गई तो फिर मेरा क्या होगा….. जोया मैम प्लीज कुछ कीजिऐ ना…..

हिना को इस तरह परेशान देख निशा मुस्कुराते हुए बोली

निशा- रिलेक्स हिना….. अभी अभी तो भाई को होश आया है…. अभी तो उसे पूरी तरह से ठीक होने में अच्छा खासा समय लगेगा, तब तक तुम्हारे पास भी उसके दिल में जगह बनाने के लिए पर्याप्त समय है। और अगर फिर भी बात ना बने तो फिर मै तो हूँ ही… लेकिन मेरे एक शर्त है….

निशा की बात सुनकर हिना तुरंत बोली

हिना- क्या….. प्लीज मैम जल्दी बताईऐ ना आपकी क्या शर्त है… मैं आपकी हर शर्त मानने के लिए तैयार हूँ।

हिना की बात सुनकर निशा थोडा सोचने का नाटक करते हुए बोली

निशा- उम्म्ममम तो फिर ठीक है… तुम्हें मेेरे लिए घऱ से बना टेस्टी और चटपटा खाना लाना होगा…. मैं यहाँ का फीका और बेस्वाद खाना खाकर बोर हो गई हूँ….

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए बोली

हिना- बस इतनी सी बात….. थैक्स गॉड आपने तो मुझे डरा ही दिया था… अगर आप कहें तो मैं हर दिन आपके लिए घर का बना खाना लाने के लिए तैयार हूँ…..

निशा- तो फिर ठीक है… आज से तुम मेरी मास्टर सेफ हो….. और हाँ तुम चाहो तो आज से मुझे मैम कहने की जगह दीदी या फिर इकराम की तरह आपा, अप्पी जो ठीक लगे बोल सकती हो… मुझे अच्छा लगेगा…

हिना- थैंक्स मैम…. ओह सॉरी सॉरी जोया अप्पी मैं ध्यान रखूँगी…

अभी निशा और हिना आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी उनके कमरे में इकराम, अज्जू और मोनू आ गए। इकराम इस वक्त पहले से काफी बेहतर लग रहा था। कमरे में अंदर आते ही इकराम ने अपने हाथ में पकडा हुआ पैकेट निशा की तरफ बडाते हुए कहा

इकराम- लो अप्पी आपके फेवरेट मसरूम नूडल्ट और चीज सेंडविच बिद एक्ट्रा चिली सॉस

इकराम की बात सुनकर निशा की आँखों में चमक आ गई और उसने किसी छोटे बच्चे की तरह खुश होते हुए इकराम से तुरंत वो पैकेट ले लिया। लेकिन अज्जू शायद निशा के इस तरह चुपके चुपके फास्ट फूड खाना खाने से बिल्कुल भी खुश नहीं था। इसलिए वो निशा पर कमेंट्स करते हुए बोला

अज्जू- अभी ठीक हुऐ जुम्मा जुम्मा चार दिन भी नहीं हुऐ और मैडम जी को बाजार का तीखा खाना खाना है… वाह भई वाह.. कमाल की जोडी है दोनों भाई बहनों की… अपने खाने पीने पर कोई कंट्रोल ही नहीं है……

अज्जू की बात सुनकर निशा ने उसे गुस्से से घूरा और फिर लापरवाही के साथ बोली

निशा- मिस्टर अजय अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुकी हूँ, इसलिए अब मैं यह सब खा सकती हूँ… बैसे भी मैंने मोनिका से पहले ही परमीशन ले ली थी, और हाँ फास्ट फूड का भला मेरे बीमार होने से क्या संबंध है…. बैसे भी जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।

जोया की बात सुनकर अचानक अज्जू को एक झटका लगा और वो कुछ पलों के लिए अपनी पुरानी यादों में खो गया, उसे याद आया कि कैसे जब भी वो निशा के साथ कहीं बार घूमने या मार्केट जाता था तो निशा उससे हमेशा जोया की तरह ही तीखा और चटपटा खाना खाने की जिद्द करती थी, और जब अज्जू उसे ज्यादा तीखा खाने से रोकता तो निशा हमेशा अज्जू से वही बात कहती थी जो ऐजेंट जीरो यानि जोया ने उससे कही है। यानि “जिंदगी का असली मजा तो तीखा और चटपटा खाना खाने में ही है।”

इसलिए जोया के मूँह से निशा का वही डायलॉग सुनकर अज्जू को एक पल के लिए उस पर शक हुआ, पर अगले ही पल उसने इसे एक संयोग मानकर अपने दिमाग से निकाल िदिया। क्योंकि निशा और जोया दोनों के ही चेहरे एक दूसरे से काफी अलग थे। तभी अज्जू की नजर जोया यानि निशा पर पडी। जो पूरी तरह से वेफिक्र होकर सेंडबिच खा रही थी, उस वक्त निशा के चेहरे पर आऐ सेटिस्फेक्शन के एक्सप्रेशन देखकर अज्जू के चेहरे पर भी अपने आप ही मुस्कान आ गई थी, लेकिन पता नहीं क्यों उसे यह सब काफी ज्यादा जाना पहचाना लग रहा था, साथ ही साथ उसे निशा की भी याद आ रही थी। तभी एक बार फिर कमरे का दरवाजा खुला और मोनिका कमरे के अंदर आई। लेकिन जैसे ही उसने देखा कि निशा सेंडबिच खा रही है तो वो थोडा गुस्सा होते हुए बोली

मोनिका- यह सब क्या है जोया मैम

मोनिका को अचानक वहाँ देखकर निशा ने तुरंत अपने नूडल्स अपने पीछे छिपा लिए और बोली

निशा- क कुछ भी तो नहीं

इतना बोलकर निशा ने अपन हाथों में बचा हुआ सेंडबिच एक ही बार में अपने मूँह में ठूँस लिया। जिसके कारण उसके दोनों गाल फूल गए थे। इसलिए निशा इस वक्त देखने में काफी फनी लग रही थी। निशा को इस हालत में देखकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। तभी मोनू निशा के मजा लेते हुए बोला

मोनू- ओह माई गॉड जोया मैम को भी किसी से डर लगता है….

मोनू की बात सुनकर निशा ने गुस्से में उसे घूरा और जल्दी जल्दी अपना सेंडविच चबाते हुए बोली

निशा- डरती तो मैं किसी के बाप से नहीं हूँ…. बो तो बस मोनिका इस वक्त मेरी डॉक्टर है तो उसकी बात माननी पडती है।

मोनिका- अगर ऐसा है तो आप सेंडबिच क्यों खा रहीं थीं

निशा- सेंडबिच… कहाँ….. कौन सा सेंडबिच…. कैसा सैंडबिच…… मैंने तो कोई सेंडबिच नहीं खाया

मोनिका- झूठ मल बोलिऐ जोया मैम… मैंने अपनी आखों से आपको सेंडविच खाते हुए देखा है।

मोनिका की बात सुनकर निशा याद करने का नाटक करते हुए बोली

निशा- अच्छा बो…. वो तो मिस्टर अजय मेरे लिए लेकर आऐ थे….. आज सुबह सुबह ही उन्होंने मेरा ब्लड टेस्ट करके मुझे बताया था कि मेरे शरीर में चिली बिटामिन की कमी हो गई है। इसलिए मुझे ढेर सारा तीखा और चटपटा खाना खाना पडेगा। पर मैंने उन्हें साफ साफ मना कर दिया था कि मैं मोनिका से पूछे बगैर कुछ भी नहीं खाऊँगी…. पर वो माने ही नहीं और मेरे लिए चीज सेंडबिच विद एक्सट्रा चिली सॉस के साथ लेकर आ गए। अब कोई प्यार से कुछ खाने के लिए लाऐगा, तो उस मना करना अच्छा नहीं लगता। बैसे भी मेरा मानना है कि टेस्टी खाने को कभी ना नहीं कहना चाहिए वर्ना देवी अन्नपूर्ना नाराज हो जाती हैं।

निशा की बात सुनकर अज्जू बुरी तरह से हैरान रह गया, उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो कब जोया मैडम के लिए सेंडबिच लाया और उसने जोया मैडम का ब्लड टेस्ट आखिर कब किया। सबसे बडी बात जिसने अज्जू के दिमाग को हिला कर रख दिया था वो थी…. चिली बिटामिन…. अपनी अब तक कि जिंदगी में अज्जू ने कभी भी चिली बिटामिन का नाम नहीं सुना था।


कहानी जारी है.........
Bahut hi shaandar update diya hai redhat.ag bhai....
Nice and lovely update....
 
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