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Adultery Mummy uncle or mera secret

Black Daimond

Member
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Excellent and amazing start. My request,please don't hurry up for early sex encounter. Let there be slow and steady seduction by Abdul and Savita to resist herself heart and soul not to fall into Abdul's evil sex trap but she will gradually become weak because of Abdul's continuous slow and steady seduction and finally she will begin to feel unwanted and forbidden sexual excitement and pleasure by Abdul's illicit and forbidden seduction. And the son observe his conservative,religious and faithful mom's illicit and forbidden affairs with Abdul secretly and let there be intense romantic and passionate chats between Abdul and loving mom using WhatsApp and let the son to install spy software in his loving mom's smartphone
Yes,agree with you ❤️
 

Raj Rohit

New Member
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राज: अब्दुल अंकल आइए अंदर

अब्दुल तो यही चाहता था

राज: मम्मी आ रही है आप बैठिए

अब्दुल: ठीक है बेटा

तभी सविता किचेन से चीनी ले के आ जाती है

राज: लो मम्मी आ गई

अब्दुल: थैंक्यू .... आपका नाम

सविता: जी सविता

अब्दुल: बहुत सुंदर नाम है

सविता( मुस्कुराके) थैंक्यू

राज: अंकल चीनी किसलिए

अब्दुल: बेटा वो चाय पीने का मन हुआ लेकिन देखा तो चीनी ही खत्म हो गई

राज: अरे तो यहां पी लो

सविता: राज को आंख दिखाती है

अब्दुल: नहीं आप लोगों को दिक्कत होगी

राज: कैसी दिक्कत कोई दिक्कत नहीं क्यों है ना मम्मी

सविता(बेमन): सही तो कह रहा है रुकिए मैं चाय बना देती हूं

इतना बोलके सविता मुड़ के किचन में जाने लगती है अपनी गाड़ मटकाते पसीने के बूंद उसकी नंगी पीठ से हो के सारी के अंदर जा रहे थे जिसे देख के अब्दुल को नशा चढ़ जाता है।

अब्दुल: तुम्हारी मम्मी बहुत अच्छी है

राज: हां अंकल

अब्दुल: तुम्हारे पापा कहां हैं

राज(उदास हो जाता है): अंकल वो बाहर रहते हैं

अब्दुल: बाहर मतलब

राज: कभी कभी आते हैं कोलकाता में रहते हैं

अब्दुल का चेहरा खिल जाता है

अब्दुल: कितने दिन पर आते हैं

राज: दो महीने में एक बार

अब्दुल: (मन में) साला ये तो और आसान हो गया इतनी गड़ाई माल का मालिक कोलकाता में तो ये तो तड़पती होगी। कोई नहीं रानी तेरा सांड आ गया है अब तेरी फसल की जुताई करने के लिए।

राज: क्या सोच रहे अंकल

अब्दुल: कुछ नहीं बेटा सोच रहा तुम दोनों अकेले कैसे रहते होगे

राज: अब क्या कर सकते हैं

तभी सविता किचेन से आ जाती है और अब्दुल जो चाय देती है चाय देने समय अब्दुल जान के उसकी उंगली छू लेता है लेकिन सविता को लगता है उसने गलती से छू लिया।

अब्दुल: राज बता रहा था उसके पापा बाहर रहते हैं

सविता एक लंबी सांस में अब्दुल की सुगंध अपने में भरते हुए जो अब्दुल अच्छे से नोटिस कर रहा था

सविता: हां वो काम के सिसिल में बाहर ज्यादा रहते हैं

अब्दुल: तो मन लग जाता है आपका

सविता: हां लग जाता है राज है ना

अब्दुल : ठीक है मैं चलता हूं

राज: अंकल आप आज शिफ्ट हुए तो आज रात का खाने हमारे यहां आ जाना

अब्दुल: ठीक है

फिर अब्दुल चला जाता है अपने घर

अब्दुल घर में:

आह सविता साली क्या माल है तू। साली अभी भी एक दम जवान लगती है तुझे देख के ही मेरा लौड़ा फट रहा साली तुझे तो तेरे घर के हर एक कोने में उठा उठा के चोदूंगा। तेरा पति भी नहीं। तू कितना भी मना करे पति की कमी ने तेरी चूत भी प्यासी बना दी होगी।

उधर सविता और राज

सविता: बेटा क्या जरूरी थे चाय काफी है रात में क्यों बुलाया खाने

राज: मम्मी पड़ोसी है hm लोगों के जान पहचान भी हो जाएगी अच्छे से

सविता: बेटा नए लोगों से इतना नहीं घुलते मिलते

राज: मम्मी अपने देखा नहीं वो कितने अच्छे से बात कर रहे थे वो अच्छे इंसान लगते हैं

सविता: अच्छा चल क्या बनाऊं

राज: ये तो पूछा ही नहीं अंकल से रुको पूछ के आता हूं

सविता: ठीक है जा

सविता राज के जाने के बाद: ये राज भी ना किसी को भी बुला लेता है । लेकिन उनकी परफ्यूम काफी अच्छी थी

राज निकल के अब्दुल के घर पहुंच जाता है

रूम खुला हुआ था आवाज आ रही थी

राज देखता है अब्दुल अपना विशाल लंड हिला रहा था। वो सविता कर कर के हिला रहा होता है

अब्दुल: ahhh सविता क्या चीज है तू। अब्दुल राज को अपने शीशे में देख लेता है तभी उसके दिमाग की खुराफाती शुरू हो जाती है।
 
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