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Incest Sagar (Completed)

TheBlackBlood

Keep calm and carry on...
Supreme
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354
थैंक्यू शुभम भाई.... अपडेट तो दे दिया है लेकिन आप की तरह मेरी भी कुछ शारीरिक प्रोब्लम चल रही है....आप को पांव में शायद दर्द था वहीं मुझे भी Slip disc की प्रोब्लम है... ये दर्द बहुत असहनीय हो जाती है ।
Apni sehat ka khayaal rakhiye Sanju bhai. Mausam bhi badal raha hai,,,,:hug:

Mere kamar ke niche ka hissa paanv tak dard karta hai jo ki bimaari ki vajah se hai. Dawa chal rahi hai, dekhte hain kab tak thik hota hai,,,:dazed:


Naya update aa gaya,,,,:vhappy:
 

firefox420

Well-Known Member
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143
Update 26 Continue.

" क्या तुम इस खंजर को पहचानते हो ?"- इंस्पेक्टर कोठारी ने मुझे गौर से खंजर को निहारते हुए देख पुछा ।

" हां "- बड़ी मुश्किल से मैंने कहा ।

अभी वो कुछ कहता कि पुलिस का डाक्टर वहां पहुंच गया और वो उससे बातें करने में मशगूल हो गया । मैं मौका देख कर तुरंत फ्लैट से बाहर निकल कर गलियारे में आ गया और श्वेता दी को फोन लगाया ।

उनके ' हैलो' कहते ही मैंने कहा -" श्वेता दी , आपके पास एक जापानी एनटिक खंजर थी ना ?"

" हां "- उन्होंने कहा ।

" कहां है अभी ? क्या वो खंजर अभी आप के पास है ?"

" सागर , वो खंजर तीन चार दिनों से मिल नहीं रहा है । पता नहीं चोरी हो गया है या कहीं मैंने गिरा दिया है ।"

मुझे ऐसा ही अंदेशा था ।

" खंजर के बारे में क्यों पुछ रहे हो ? "- श्वेता दी ने पूछा ।

" आप के पड़ोसी वकील साहब मनीष जैन का किसी ने खून कर दिया है और उन्हें उसी तरह के खंजर से मारा गया है जैसा खंजर आप के पास था ।"

" क्या ?"- वो चौंकते हुए बोली -" मनीष जी का खून हो गया ? कब ? कैसे ?"

" आज सुबह ही उनकी लाश अपने फ्लैट में पाई गई है और पुलिस अभी छानबीन कर रही है ।"

" लेकिन तुम्हें कैसे पता ?"

" मुझे एक पुलिस वाले ने ही बताया और मैं भी वहीं उनके फ्लैट पर ही हूं ।"

" उनको जिस खंजर से मारा गया क्या वो खंजर मेरा वाला है ?"- वो परेशान होते हुए बोली ।

" लगता तो हुबहू वैसा ही है । वैसे ये खंजर आप ने किस से खरीदी थी ?"

" रीतु की फ्रेंड काजल के डैड के दुकान से ।"

काजल के डैड अरविंद शर्मा की एंटीक चीजों की दुकान थी , ये मैं जानता था ।

" तुम फोन रखो , मैं थोड़ी देर में दुबारा काॅल करता हूं ।"

मैंने काजल को फोन लगाया ।

" हैलो "- काजल की चहकती हुई आवाज आई ।

" काजल तुम्हारे डैड कहां है , एक जरूरी बात करनी है ।"

" क्या हुआ ?"

" बताऊंगा लेकिन पहले अपने डैड से मेरी बात करवा ।"

" दो मिनट वेट करो ।"

थोड़ी देर बाद उसके डैड की आवाज आई -" क्या बात है सागर बेटा ?"

" अंकल आप को याद है कि आप के दुकान पे जापानी एनटिक खंजर सेल के लिए रखा था ।"

" हां । मुझे पुरा याद है ।"

" क्या वो खंजर अभी तक आप के पास है ?"

" नहीं । वो तो करीब डेढ़ साल पहले ही बिक चुका है ।"

" वैसे खंजर कितने पीस थे ?"

" तीन पीस ही था जिसे मैंने अन्य सामानों के साथ बाहर से मंगवाया था । एक तो मेरे घर पर है और बाकी दो बेच दिया था ।"

" आप को याद है आप ने किसे बेचा था ?"

" बात क्या है ? उस खंजर के लिए इतना इन्क्वायरी क्यों ?"

" जैसा खंजर आप के पास था ठीक वैसे ही खंजर से एक आदमी का खून हो गया है ।"

" ओह "- वो चौंकते हुए बोले -" ये तो बहुत बुरा हुआ । जरूर उन दो लोगों में से किसी के पास वाले खंजर से कतल हुआ होगा ।"

" वो दो लोग कौन थे जिसे आप ने खंजर बेचा था ?"

" अब नाम और चेहरा तो याद नहीं है लेकिन सेल बुक से मालूम हो जायेगा कि वो दोनों कौन थे ।"

" थैंक्यू अंकल ।"

मैंने दोबारा श्वेता दी को फोन किया ।

उनके फोन उठाते ही मैंने कहा -" श्वेता दी , देर सबेर पुलिस को खंजर के बारे में पता चल ही जाएगा इसलिए यदि पुलिस आप से खंजर के बारे में इन्क्वायरी करे तो आप यही कहना कि खंजर अभी भी आप के पास मौजूद है । कोई चोरी या गिरने की बात मत करना ।"

" जब पुलिस मुझसे खंजर मांगेगी तो क्या करूंगी ?"

" उनसे सिर्फ यही बोलना की खंजर मेरे पास है ।"

" लेकिन तुम्हारे पास कहां से आ गई ? क्या खंजर तुम्हारे पास है ?"

" नहीं । लेकिन जैसा मैंने कहा है वैसे ही पुलिस को कहना ।"

मैं वापस फ्लैट के अन्दर दाखिल हुआ । मुझे देखते ही कोठारी ने मेरे बांह को पकड़ कर ड्राइंगरुम के कोने में ले गया ।

" अब बताओ खंजर के बारे में तुम क्या जानते हो ?"

" सर ऐसा ही खंजर मेरी सिस्टर श्वेता के पास था जो फिलहाल मेरे पास है " - मैंने बड़ी सावधानी से कहा ।

कोठारी मुझे एक टक कुछ देर तक घुरता रहा फिर पुछा -" अभी भी तुम्हारे पास है ?"

" यहां नहीं घर पर है ।"

" शाम तक खंजर थाने में ले आकर मिलो "- उसने हुक्म सुना दिया ।

" जी ।"

" तुम्हें कतल की खबर कैसे हुई ?"

मैंने इमानदारी से रमणीक लाल के बारे में बता दिया ।

" सर आपको क्या लगता है कहीं इसका भी सम्बन्ध अमर के कतल से तो नहीं है ?"

" तुम्हें ऐसा क्यों लगता है ?" - कोठारी ने कहा ।

" सामने वाले फ्लैट में करीब एक महीना पहले अमर का खून हुआ और अब यहां मनीष जी का तो हो सकता है दोनों कतल का आपस में कोई लिंक हो ।"

इंस्पेक्टर कुछ नहीं बोला ।

" सर कतल के बारे में कुछ बताइए और उनकी पत्नी अनुपमा जी कहां है ?"

" ये खबर अनुपमा जी ने ही पुलिस को दी थी । वो अपने मायके जयपुर से आज सुबह वापस आई थी । उन्हें फ्लैट का मेन दरवाजा खुला पाया मिला था । जब वो अंदर गई तो उन्होंने अपने हसबैंड को ड्राइंगरुम में मरा पाया। "

जब रविवार को श्वेता दी और जीजू अपने फ्लैट से दिल्ली आने के लिए तैयारी कर रहे थे तब अनुपमा जी से मुलाकात हुई थी । आज गुरुवार है । इसका मतलब रविवार के बाद ही किसी दिन वो जयपुर चली गई थी । और दो तीन दिन रहकर आज वापस आई थी ।

" अभी कहां है वो ?" - मैंने कहा ।

" बगल वाले फ्लैट में । रमाकांत जी के यहां ।"

" खून कब हुआ होगा ?"

" डाक्टर का अंदाजा है इसे मरे हुए पांच छः घंटे हो चुका है । बाकी रिपोर्ट तो पोस्ट मार्टम के बाद ही मिलेगा ।"

कोठारी फिर से अपने काम में व्यस्त हो गया । मैं उससे इजाजत लेकर फ्लैट से बाहर निकल गया । सोचा एक बार अनुपमा जी से मुलाकात कर लूं । रमाकांत जी का फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था । मैं उनके फ्लैट में दाखिल हुआ । अनुपमा जी उनके कमरे में चार पांच औरतों से घिरी हुई बैठी थी । उनकी आंखें रो रो कर सूज गई थी । उन्होंने मुझे एक नजर देखा फिर अपनी नजरें झुका ली । जानकी आंटी भी वहीं बैठी हुई थी । मैं उनसे भी अनुष्का और वीणा के उनके रिश्ते के बारे में बात करना चाहता था लेकिन अभी इन सब बातों के लिए मुझे मुनासिब वक़्त नहीं लगा । रमाकांत जी मुझे नजर नहीं आए ।

मैं घर निकल गया ।

घर पहुंच कर माॅम की हालचाल पूछा फिर अपने कमरे में चला गया । पैंट शर्ट उतार कर हाथ मुंह धोया और बिस्तर पर जाकर लेट गया ।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर चक्कर क्या है । किसने मनीष जैन को मारा । वो वकील था । उसके कई दुश्मन हो सकते हैं । क्या उन्हीं में से किसी ने उसे मारा या उसने मारा जिसने अमर का खून किया था । लेकिन क्यों ?

अमर और मनीष जैन का क्या लिंक हो सकता है ? क्या वजह हो सकती है इन दोनों की हत्याओं की ? और मुझ पर भी तो आगरा में अटैक हुआ था - लेकिन क्यों ? मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था ।

खंजर की क्या कहानी हो सकती है ? श्वेता दी की खंजर किस ने चुराई ? क्या खंजर मनीष जैन को मारने के लिए चुराया गया था ? लेकिन खंजर ही क्यों ?

खंजर..... मैं सहसा खड़ा हुआ । पैंट शर्ट पहना और बाइक लेकर अमर के घर चला गया जहां श्वेता दी रह रही थी ।

श्वेता दी ने दरवाजा खोला । वो कुछ कहती इससे पहले मैंने कहा-" आप अपने रूम में चलो... मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं ।"

उन्होंने सहमति में सिर हिलाया और ऊपर तल्ले अपने कमरे में चली गई ।

मैंने अमर के कमरे का दरवाजा खोला . खंजर उसी जगह पर था ।

मैंने खंजर को मूठ से पकड़ा और फल से बाहर की ओर खिंचने लगा । थोड़ी सी कोशिश के बाद मूठ फल से बाहर निकल गया । मूठ एक तसबीर से लिपटी हुई थी ।

OH Fuck!! .. ab ek aur uljhan ya fir ek suljhan .. ab agle update par he pata chalega ki ye aakhir tasveer hai kiski .. aur agar iss chaaku ke andar ek tasveer hai to kya us hatya wale chaaku ke andar bhi .. aur teesra chaaku Kajal ke ghar par hai .. kambakht har naye update mein kucch na kucch naya locha ho jaata hai .. aur ye paheli sulajhane ke bajaye aur ulajhti jaa rahi hai ...

ab sala pata nahi aur kya dekhne ko milega .. pata nahi aur kitni sambhaavnaye ubhar aayi hai .. aur wo pehle wale culprits (gym wale miya/biwi) se to focus he hat chuka hai .. Ramakaant ji ki gharwali se bhi Sagar ne bahut kucch jaan-na hai ...

aur ye Mrs. Jain bhi Ramakaant ji ke flat par baith kar tesu baha rahi hai .. par muzhe lagti ye bhi tedhi kheer hai ...
 

TheBlackBlood

Keep calm and carry on...
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Update 26 Continue.

" क्या तुम इस खंजर को पहचानते हो ?"- इंस्पेक्टर कोठारी ने मुझे गौर से खंजर को निहारते हुए देख पुछा ।

" हां "- बड़ी मुश्किल से मैंने कहा ।

अभी वो कुछ कहता कि पुलिस का डाक्टर वहां पहुंच गया और वो उससे बातें करने में मशगूल हो गया । मैं मौका देख कर तुरंत फ्लैट से बाहर निकल कर गलियारे में आ गया और श्वेता दी को फोन लगाया ।

उनके ' हैलो' कहते ही मैंने कहा -" श्वेता दी , आपके पास एक जापानी एनटिक खंजर थी ना ?"

" हां "- उन्होंने कहा ।

" कहां है अभी ? क्या वो खंजर अभी आप के पास है ?"

" सागर , वो खंजर तीन चार दिनों से मिल नहीं रहा है । पता नहीं चोरी हो गया है या कहीं मैंने गिरा दिया है ।"

मुझे ऐसा ही अंदेशा था ।

" खंजर के बारे में क्यों पुछ रहे हो ? "- श्वेता दी ने पूछा ।

" आप के पड़ोसी वकील साहब मनीष जैन का किसी ने खून कर दिया है और उन्हें उसी तरह के खंजर से मारा गया है जैसा खंजर आप के पास था ।"

" क्या ?"- वो चौंकते हुए बोली -" मनीष जी का खून हो गया ? कब ? कैसे ?"

" आज सुबह ही उनकी लाश अपने फ्लैट में पाई गई है और पुलिस अभी छानबीन कर रही है ।"

" लेकिन तुम्हें कैसे पता ?"

" मुझे एक पुलिस वाले ने ही बताया और मैं भी वहीं उनके फ्लैट पर ही हूं ।"

" उनको जिस खंजर से मारा गया क्या वो खंजर मेरा वाला है ?"- वो परेशान होते हुए बोली ।

" लगता तो हुबहू वैसा ही है । वैसे ये खंजर आप ने किस से खरीदी थी ?"

" रीतु की फ्रेंड काजल के डैड के दुकान से ।"

काजल के डैड अरविंद शर्मा की एंटीक चीजों की दुकान थी , ये मैं जानता था ।

" तुम फोन रखो , मैं थोड़ी देर में दुबारा काॅल करता हूं ।"

मैंने काजल को फोन लगाया ।

" हैलो "- काजल की चहकती हुई आवाज आई ।

" काजल तुम्हारे डैड कहां है , एक जरूरी बात करनी है ।"

" क्या हुआ ?"

" बताऊंगा लेकिन पहले अपने डैड से मेरी बात करवा ।"

" दो मिनट वेट करो ।"

थोड़ी देर बाद उसके डैड की आवाज आई -" क्या बात है सागर बेटा ?"

" अंकल आप को याद है कि आप के दुकान पे जापानी एनटिक खंजर सेल के लिए रखा था ।"

" हां । मुझे पुरा याद है ।"

" क्या वो खंजर अभी तक आप के पास है ?"

" नहीं । वो तो करीब डेढ़ साल पहले ही बिक चुका है ।"

" वैसे खंजर कितने पीस थे ?"

" तीन पीस ही था जिसे मैंने अन्य सामानों के साथ बाहर से मंगवाया था । एक तो मेरे घर पर है और बाकी दो बेच दिया था ।"

" आप को याद है आप ने किसे बेचा था ?"

" बात क्या है ? उस खंजर के लिए इतना इन्क्वायरी क्यों ?"

" जैसा खंजर आप के पास था ठीक वैसे ही खंजर से एक आदमी का खून हो गया है ।"

" ओह "- वो चौंकते हुए बोले -" ये तो बहुत बुरा हुआ । जरूर उन दो लोगों में से किसी के पास वाले खंजर से कतल हुआ होगा ।"

" वो दो लोग कौन थे जिसे आप ने खंजर बेचा था ?"

" अब नाम और चेहरा तो याद नहीं है लेकिन सेल बुक से मालूम हो जायेगा कि वो दोनों कौन थे ।"

" थैंक्यू अंकल ।"

मैंने दोबारा श्वेता दी को फोन किया ।

उनके फोन उठाते ही मैंने कहा -" श्वेता दी , देर सबेर पुलिस को खंजर के बारे में पता चल ही जाएगा इसलिए यदि पुलिस आप से खंजर के बारे में इन्क्वायरी करे तो आप यही कहना कि खंजर अभी भी आप के पास मौजूद है । कोई चोरी या गिरने की बात मत करना ।"

" जब पुलिस मुझसे खंजर मांगेगी तो क्या करूंगी ?"

" उनसे सिर्फ यही बोलना की खंजर मेरे पास है ।"

" लेकिन तुम्हारे पास कहां से आ गई ? क्या खंजर तुम्हारे पास है ?"

" नहीं । लेकिन जैसा मैंने कहा है वैसे ही पुलिस को कहना ।"

मैं वापस फ्लैट के अन्दर दाखिल हुआ । मुझे देखते ही कोठारी ने मेरे बांह को पकड़ कर ड्राइंगरुम के कोने में ले गया ।

" अब बताओ खंजर के बारे में तुम क्या जानते हो ?"

" सर ऐसा ही खंजर मेरी सिस्टर श्वेता के पास था जो फिलहाल मेरे पास है " - मैंने बड़ी सावधानी से कहा ।

कोठारी मुझे एक टक कुछ देर तक घुरता रहा फिर पुछा -" अभी भी तुम्हारे पास है ?"

" यहां नहीं घर पर है ।"

" शाम तक खंजर थाने में ले आकर मिलो "- उसने हुक्म सुना दिया ।

" जी ।"

" तुम्हें कतल की खबर कैसे हुई ?"

मैंने इमानदारी से रमणीक लाल के बारे में बता दिया ।

" सर आपको क्या लगता है कहीं इसका भी सम्बन्ध अमर के कतल से तो नहीं है ?"

" तुम्हें ऐसा क्यों लगता है ?" - कोठारी ने कहा ।

" सामने वाले फ्लैट में करीब एक महीना पहले अमर का खून हुआ और अब यहां मनीष जी का तो हो सकता है दोनों कतल का आपस में कोई लिंक हो ।"

इंस्पेक्टर कुछ नहीं बोला ।

" सर कतल के बारे में कुछ बताइए और उनकी पत्नी अनुपमा जी कहां है ?"

" ये खबर अनुपमा जी ने ही पुलिस को दी थी । वो अपने मायके जयपुर से आज सुबह वापस आई थी । उन्हें फ्लैट का मेन दरवाजा खुला पाया मिला था । जब वो अंदर गई तो उन्होंने अपने हसबैंड को ड्राइंगरुम में मरा पाया। "

जब रविवार को श्वेता दी और जीजू अपने फ्लैट से दिल्ली आने के लिए तैयारी कर रहे थे तब अनुपमा जी से मुलाकात हुई थी । आज गुरुवार है । इसका मतलब रविवार के बाद ही किसी दिन वो जयपुर चली गई थी । और दो तीन दिन रहकर आज वापस आई थी ।

" अभी कहां है वो ?" - मैंने कहा ।

" बगल वाले फ्लैट में । रमाकांत जी के यहां ।"

" खून कब हुआ होगा ?"

" डाक्टर का अंदाजा है इसे मरे हुए पांच छः घंटे हो चुका है । बाकी रिपोर्ट तो पोस्ट मार्टम के बाद ही मिलेगा ।"

कोठारी फिर से अपने काम में व्यस्त हो गया । मैं उससे इजाजत लेकर फ्लैट से बाहर निकल गया । सोचा एक बार अनुपमा जी से मुलाकात कर लूं । रमाकांत जी का फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था । मैं उनके फ्लैट में दाखिल हुआ । अनुपमा जी उनके कमरे में चार पांच औरतों से घिरी हुई बैठी थी । उनकी आंखें रो रो कर सूज गई थी । उन्होंने मुझे एक नजर देखा फिर अपनी नजरें झुका ली । जानकी आंटी भी वहीं बैठी हुई थी । मैं उनसे भी अनुष्का और वीणा के उनके रिश्ते के बारे में बात करना चाहता था लेकिन अभी इन सब बातों के लिए मुझे मुनासिब वक़्त नहीं लगा । रमाकांत जी मुझे नजर नहीं आए ।

मैं घर निकल गया ।

घर पहुंच कर माॅम की हालचाल पूछा फिर अपने कमरे में चला गया । पैंट शर्ट उतार कर हाथ मुंह धोया और बिस्तर पर जाकर लेट गया ।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर चक्कर क्या है । किसने मनीष जैन को मारा । वो वकील था । उसके कई दुश्मन हो सकते हैं । क्या उन्हीं में से किसी ने उसे मारा या उसने मारा जिसने अमर का खून किया था । लेकिन क्यों ?

अमर और मनीष जैन का क्या लिंक हो सकता है ? क्या वजह हो सकती है इन दोनों की हत्याओं की ? और मुझ पर भी तो आगरा में अटैक हुआ था - लेकिन क्यों ? मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था ।

खंजर की क्या कहानी हो सकती है ? श्वेता दी की खंजर किस ने चुराई ? क्या खंजर मनीष जैन को मारने के लिए चुराया गया था ? लेकिन खंजर ही क्यों ?

खंजर..... मैं सहसा खड़ा हुआ । पैंट शर्ट पहना और बाइक लेकर अमर के घर चला गया जहां श्वेता दी रह रही थी ।

श्वेता दी ने दरवाजा खोला । वो कुछ कहती इससे पहले मैंने कहा-" आप अपने रूम में चलो... मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं ।"

उन्होंने सहमति में सिर हिलाया और ऊपर तल्ले अपने कमरे में चली गई ।

मैंने अमर के कमरे का दरवाजा खोला . खंजर उसी जगह पर था ।

मैंने खंजर को मूठ से पकड़ा और फल से बाहर की ओर खिंचने लगा । थोड़ी सी कोशिश के बाद मूठ फल से बाहर निकल गया । मूठ एक तसबीर से लिपटी हुई थी ।
Waaah bahut hi shandaar sanju bhai,,,,:claps:
Case me ek aur twist. Khanzar wala chakkar. Aakhir kya maajra hai is khanzar se hone wale khoon ka.??? Iske pahle laga tha ki zahen me kuch baate fit baith rahi hain magar ab fir se uljhan badh gayi hai aur dimaag kund sa pad gaya hai,,,,:confuse:

Zabardast kahani hai aur usse bhi zyada zabardast hai kahani me bheja ghuma dene wala suspense. Jin logo ke khoon huye unka aapas me kya connection ho sakta hai.? Amar ke khoon ki paheli veena aur anushka ke milne se laga ki samajh aane lagi hai ki magar manish jain ke khoon ne fir bheja ghuma diya. Samajhna mushkil hai ki itne sare logo ke sath aisa kya kaaran ho sakta hai jiske tahat maamla khoon tak pahuch gaya.??? :dazed:

Khair dekhte hain sanju bhai aage kya raaz kholte hain. Waise khanzar ki mooth me tasveer ka kya chakkar hai.??? :hmm:

Agle update ka badi shiddat se intzaar rahega,,,,:waiting:
 

amita

Well-Known Member
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Update 26 Continue.

" क्या तुम इस खंजर को पहचानते हो ?"- इंस्पेक्टर कोठारी ने मुझे गौर से खंजर को निहारते हुए देख पुछा ।

" हां "- बड़ी मुश्किल से मैंने कहा ।

अभी वो कुछ कहता कि पुलिस का डाक्टर वहां पहुंच गया और वो उससे बातें करने में मशगूल हो गया । मैं मौका देख कर तुरंत फ्लैट से बाहर निकल कर गलियारे में आ गया और श्वेता दी को फोन लगाया ।

उनके ' हैलो' कहते ही मैंने कहा -" श्वेता दी , आपके पास एक जापानी एनटिक खंजर थी ना ?"

" हां "- उन्होंने कहा ।

" कहां है अभी ? क्या वो खंजर अभी आप के पास है ?"

" सागर , वो खंजर तीन चार दिनों से मिल नहीं रहा है । पता नहीं चोरी हो गया है या कहीं मैंने गिरा दिया है ।"

मुझे ऐसा ही अंदेशा था ।

" खंजर के बारे में क्यों पुछ रहे हो ? "- श्वेता दी ने पूछा ।

" आप के पड़ोसी वकील साहब मनीष जैन का किसी ने खून कर दिया है और उन्हें उसी तरह के खंजर से मारा गया है जैसा खंजर आप के पास था ।"

" क्या ?"- वो चौंकते हुए बोली -" मनीष जी का खून हो गया ? कब ? कैसे ?"

" आज सुबह ही उनकी लाश अपने फ्लैट में पाई गई है और पुलिस अभी छानबीन कर रही है ।"

" लेकिन तुम्हें कैसे पता ?"

" मुझे एक पुलिस वाले ने ही बताया और मैं भी वहीं उनके फ्लैट पर ही हूं ।"

" उनको जिस खंजर से मारा गया क्या वो खंजर मेरा वाला है ?"- वो परेशान होते हुए बोली ।

" लगता तो हुबहू वैसा ही है । वैसे ये खंजर आप ने किस से खरीदी थी ?"

" रीतु की फ्रेंड काजल के डैड के दुकान से ।"

काजल के डैड अरविंद शर्मा की एंटीक चीजों की दुकान थी , ये मैं जानता था ।

" तुम फोन रखो , मैं थोड़ी देर में दुबारा काॅल करता हूं ।"

मैंने काजल को फोन लगाया ।

" हैलो "- काजल की चहकती हुई आवाज आई ।

" काजल तुम्हारे डैड कहां है , एक जरूरी बात करनी है ।"

" क्या हुआ ?"

" बताऊंगा लेकिन पहले अपने डैड से मेरी बात करवा ।"

" दो मिनट वेट करो ।"

थोड़ी देर बाद उसके डैड की आवाज आई -" क्या बात है सागर बेटा ?"

" अंकल आप को याद है कि आप के दुकान पे जापानी एनटिक खंजर सेल के लिए रखा था ।"

" हां । मुझे पुरा याद है ।"

" क्या वो खंजर अभी तक आप के पास है ?"

" नहीं । वो तो करीब डेढ़ साल पहले ही बिक चुका है ।"

" वैसे खंजर कितने पीस थे ?"

" तीन पीस ही था जिसे मैंने अन्य सामानों के साथ बाहर से मंगवाया था । एक तो मेरे घर पर है और बाकी दो बेच दिया था ।"

" आप को याद है आप ने किसे बेचा था ?"

" बात क्या है ? उस खंजर के लिए इतना इन्क्वायरी क्यों ?"

" जैसा खंजर आप के पास था ठीक वैसे ही खंजर से एक आदमी का खून हो गया है ।"

" ओह "- वो चौंकते हुए बोले -" ये तो बहुत बुरा हुआ । जरूर उन दो लोगों में से किसी के पास वाले खंजर से कतल हुआ होगा ।"

" वो दो लोग कौन थे जिसे आप ने खंजर बेचा था ?"

" अब नाम और चेहरा तो याद नहीं है लेकिन सेल बुक से मालूम हो जायेगा कि वो दोनों कौन थे ।"

" थैंक्यू अंकल ।"

मैंने दोबारा श्वेता दी को फोन किया ।

उनके फोन उठाते ही मैंने कहा -" श्वेता दी , देर सबेर पुलिस को खंजर के बारे में पता चल ही जाएगा इसलिए यदि पुलिस आप से खंजर के बारे में इन्क्वायरी करे तो आप यही कहना कि खंजर अभी भी आप के पास मौजूद है । कोई चोरी या गिरने की बात मत करना ।"

" जब पुलिस मुझसे खंजर मांगेगी तो क्या करूंगी ?"

" उनसे सिर्फ यही बोलना की खंजर मेरे पास है ।"

" लेकिन तुम्हारे पास कहां से आ गई ? क्या खंजर तुम्हारे पास है ?"

" नहीं । लेकिन जैसा मैंने कहा है वैसे ही पुलिस को कहना ।"

मैं वापस फ्लैट के अन्दर दाखिल हुआ । मुझे देखते ही कोठारी ने मेरे बांह को पकड़ कर ड्राइंगरुम के कोने में ले गया ।

" अब बताओ खंजर के बारे में तुम क्या जानते हो ?"

" सर ऐसा ही खंजर मेरी सिस्टर श्वेता के पास था जो फिलहाल मेरे पास है " - मैंने बड़ी सावधानी से कहा ।

कोठारी मुझे एक टक कुछ देर तक घुरता रहा फिर पुछा -" अभी भी तुम्हारे पास है ?"

" यहां नहीं घर पर है ।"

" शाम तक खंजर थाने में ले आकर मिलो "- उसने हुक्म सुना दिया ।

" जी ।"

" तुम्हें कतल की खबर कैसे हुई ?"

मैंने इमानदारी से रमणीक लाल के बारे में बता दिया ।

" सर आपको क्या लगता है कहीं इसका भी सम्बन्ध अमर के कतल से तो नहीं है ?"

" तुम्हें ऐसा क्यों लगता है ?" - कोठारी ने कहा ।

" सामने वाले फ्लैट में करीब एक महीना पहले अमर का खून हुआ और अब यहां मनीष जी का तो हो सकता है दोनों कतल का आपस में कोई लिंक हो ।"

इंस्पेक्टर कुछ नहीं बोला ।

" सर कतल के बारे में कुछ बताइए और उनकी पत्नी अनुपमा जी कहां है ?"

" ये खबर अनुपमा जी ने ही पुलिस को दी थी । वो अपने मायके जयपुर से आज सुबह वापस आई थी । उन्हें फ्लैट का मेन दरवाजा खुला पाया मिला था । जब वो अंदर गई तो उन्होंने अपने हसबैंड को ड्राइंगरुम में मरा पाया। "

जब रविवार को श्वेता दी और जीजू अपने फ्लैट से दिल्ली आने के लिए तैयारी कर रहे थे तब अनुपमा जी से मुलाकात हुई थी । आज गुरुवार है । इसका मतलब रविवार के बाद ही किसी दिन वो जयपुर चली गई थी । और दो तीन दिन रहकर आज वापस आई थी ।

" अभी कहां है वो ?" - मैंने कहा ।

" बगल वाले फ्लैट में । रमाकांत जी के यहां ।"

" खून कब हुआ होगा ?"

" डाक्टर का अंदाजा है इसे मरे हुए पांच छः घंटे हो चुका है । बाकी रिपोर्ट तो पोस्ट मार्टम के बाद ही मिलेगा ।"

कोठारी फिर से अपने काम में व्यस्त हो गया । मैं उससे इजाजत लेकर फ्लैट से बाहर निकल गया । सोचा एक बार अनुपमा जी से मुलाकात कर लूं । रमाकांत जी का फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था । मैं उनके फ्लैट में दाखिल हुआ । अनुपमा जी उनके कमरे में चार पांच औरतों से घिरी हुई बैठी थी । उनकी आंखें रो रो कर सूज गई थी । उन्होंने मुझे एक नजर देखा फिर अपनी नजरें झुका ली । जानकी आंटी भी वहीं बैठी हुई थी । मैं उनसे भी अनुष्का और वीणा के उनके रिश्ते के बारे में बात करना चाहता था लेकिन अभी इन सब बातों के लिए मुझे मुनासिब वक़्त नहीं लगा । रमाकांत जी मुझे नजर नहीं आए ।

मैं घर निकल गया ।

घर पहुंच कर माॅम की हालचाल पूछा फिर अपने कमरे में चला गया । पैंट शर्ट उतार कर हाथ मुंह धोया और बिस्तर पर जाकर लेट गया ।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर चक्कर क्या है । किसने मनीष जैन को मारा । वो वकील था । उसके कई दुश्मन हो सकते हैं । क्या उन्हीं में से किसी ने उसे मारा या उसने मारा जिसने अमर का खून किया था । लेकिन क्यों ?

अमर और मनीष जैन का क्या लिंक हो सकता है ? क्या वजह हो सकती है इन दोनों की हत्याओं की ? और मुझ पर भी तो आगरा में अटैक हुआ था - लेकिन क्यों ? मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था ।

खंजर की क्या कहानी हो सकती है ? श्वेता दी की खंजर किस ने चुराई ? क्या खंजर मनीष जैन को मारने के लिए चुराया गया था ? लेकिन खंजर ही क्यों ?

खंजर..... मैं सहसा खड़ा हुआ । पैंट शर्ट पहना और बाइक लेकर अमर के घर चला गया जहां श्वेता दी रह रही थी ।

श्वेता दी ने दरवाजा खोला । वो कुछ कहती इससे पहले मैंने कहा-" आप अपने रूम में चलो... मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं ।"

उन्होंने सहमति में सिर हिलाया और ऊपर तल्ले अपने कमरे में चली गई ।

मैंने अमर के कमरे का दरवाजा खोला . खंजर उसी जगह पर था ।

मैंने खंजर को मूठ से पकड़ा और फल से बाहर की ओर खिंचने लगा । थोड़ी सी कोशिश के बाद मूठ फल से बाहर निकल गया । मूठ एक तसबीर से लिपटी हुई थी ।
Bahut hi shaandar
 

amita

Well-Known Member
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थैंक्यू शुभम भाई.... अपडेट तो दे दिया है लेकिन आप की तरह मेरी भी कुछ शारीरिक प्रोब्लम चल रही है....आप को पांव में शायद दर्द था वहीं मुझे भी Slip disc की प्रोब्लम है... ये दर्द बहुत असहनीय हो जाती है ।
Aap apana khyaal rakhiye. Slip disc gehan samasya hai, isse najarandaz na kijiye. Pura ilaaz karwaiye.
Dhanyawad
 
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nice update ..kya shweta ke paas bhi ek khanjar tha aur last me jo amar ke ghar se nikala wo alag khanjar hai ?...japani khanjar shayad kisi aur antique ki dukan me bhi ho sakta hai jise kisine kharida ho ??..

agar sirf 3 khanjar hai to ek amar ke room me hai ,ek shweta ke paas to aur ek kajal ke ghar pe ,,,
खंजर और सागर वाला अपडेट तो शुरुआत के कुछेक अपडेट में ही आ गया था ।
 
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par usse kya hoga ?? update 26 continue par agar dusre update ko 27 kahoge to bhi kya farak padega ..
अपडेट के काउंटिंग में गड़बड़ी हुई है.... तजुर्बा जो नहीं था । लेकिन असल में देखा जाय तो साठ सत्तर अपडेट तो पक्का ही हुए होंगे ।
 
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shweta ke ghar se 2 ya 3 din pehle khanjar chori ho gaya ,,aisa kaise ??....ab ye sochna hai ki utne din me uske ghar kaun aaya tha ,kyunki shweta to ghar par hi rehti hai to chori karne ka sawaal hi nahi ,,,koi pehechan wala hi ghar se khanjar gayab kiya hai ??..

kya amar ki maa tirthyaatra se laut aayi hai ???

jyada yaad nahi par shweta ki saheli jiske saath hero ne threesome kiya tha wo bhi ghar aati hogi ??..

manish ki patni mayke gayi thi to kisine dekha to nahi ki wo kitne baje ghar aayi ?? ..
इसके लिए आप के ही शब्दों में.... इन्तजार किजिए अगले अपडेट का :D
 
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Brilliant update sir ji :claps:
Fir se aapne naye twist daal ke story ko aur confusing bana diya hai :bow:

Aur khanjar shweta ke pass tha to usse kon chura sakta hai wo bhi 2 ya 3 din pehle, urvarshi aur uska husband aur sagar in teeno ke alawa to koi aaya hi nahi hoga.

Aur is waqt shak ki suyi har insaan par ghum rahi hai.

Shweta par kyuki khanjar hi uska hai,

Aur shweta ke husband pe bhi shak jata hai kyuki wo mumbai gaya hua hai, aisa usne kaha hai lekin sachai kuch bhi ho sakti hai.

Anushka bhi ho sakti hai lekin uske paas khanjar kaise aaya

Matlab is update se jinpe shak ki sui thi wo ab mud ke doosro pe aa gayi hai .

Aur ye amar ka kya chakkar ho sakta hai manish ke sath aur manish ki wife ko bhi usi din aana tha jis din manish mara aur wo bhi itni subah kon aata hai safar karke :idea:

I am confused :confuse:
Dekhte hai aage kya hota hai,

Brilliant update :claps:
स्लेयर भाई.... ऐसा कब कहा कि खंजर दो तीन दिनों में चोरी हुआ है..... खंजर श्वेता के पास हर समय रहती थी। अब वो खंजर कब और कहां चोरी हुई.... ये अगले कुछेक अपडेट में पता चल जाएगा ।
बात तो सही है....शक की सुई सभी पर है लेकिन मकसद क्या है ये पता नहीं है ।

Thank you Slayer bhai for your Valuable & Lovely comments ?
 
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