संध्या भाभी बड़े प्यार से देवर को समझाये
आनंद बाबू कुंवारी चूत को कैसे चोदा जाए
जब किसी औरत का होता है ख़तम महीना
हचक हचक के तब लेवे बुर में लंड हसीना
चूत के अंदर खारिश की उठती है जब चुल
लम्बा मोटा लन चाहे वो सब जाती है भूल

बंद गुलाब की कली होती है हर चूत कुँवारी
सुनो ध्यान से ऐसी चूत कैसी जाती है फाड़ी
कोमल चूतड के नीचे तकिया एक लगा के
दोनों टांगों को मोड़ के कधे पे जरा टीका के
दोनो पुतियो को चूत की उँगलि से फेलाना
बड़े चाव फ़िर अंदर तक कड़वा तेल लगाना

वैसलीन में चुपड़ के उंगली हल्के से घुसाओ
कैंची की फाल की तरह अच्छे से फेलाओ
बाबू बहुत कड़ा और मोटा है ये तेरा सुपाड़ा
थोड़ी चिकनी करलेना आराम से घुसे तुम्हारा

गिल्ली चूत की फाँको पे रगड़ हल्के से लौड़ा
अंदर तक पूरा घुसा देना प्यार से थोड़ा थोड़ा
पहले बार वो चीखेगी जोर से भी चिल्लाएगी
लौड़ा बाहर निकाल लो तुमसे गुहार लगाएगी
पहली बार का दर्द है यह उससे बस ये कहना
और नीचे से लड चूत में लगातर पेलते रहना
धीरे-धीरे बढ़ने लगेगी चूत में जब चिकनाई
गांड उठाउठा करवायेगी वो तुमसे तब चुदवाई

पूरी रात रखो फिर ये लंड और चूत सटा के
पूरी रात हचक के चोदो लन पे उसे बिठा के
पूरी रात मिलकर खेलो लन व चूत का खेल
मौका मिले तो दिन में भी पटक के देना पेल