• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Incest बेटे की ख्वाहिश

🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

singhwasim

New Member
52
67
18
Jaise goa mai golu ke mummy uske or uske papa ke samne bikne phene papa ke samne hei thoda golu se open ho uske papa bhi usme shamil hojaye phir kusum mosi ki entry phir uski husband aur dono beto ki entry ho wo bhi dheere dheere golu ki family se miljaye unse open ho toh Puri ek family story baan jayege but jaise abhi apne slow seduction likha hai waise hei sab dheere dheere ho aur itni hei respect ke sath
 
  • Like
Reactions: Gorgeous Ridhimaa

Gorgeous Ridhimaa

रिद्धिमा ✨
110
333
64
Jaise goa mai golu ke mummy uske or uske papa ke samne bikne phene papa ke samne hei thoda golu se open ho uske papa bhi usme shamil hojaye phir kusum mosi ki entry phir uski husband aur dono beto ki entry ho wo bhi dheere dheere golu ki family se miljaye unse open ho toh Puri ek family story baan jayege but jaise abhi apne slow seduction likha hai waise hei sab dheere dheere ho aur itni hei respect ke sath

Kosish karungi 😊
 
  • Like
Reactions: singhwasim
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

Gorgeous Ridhimaa

रिद्धिमा ✨
110
333
64
Update 18

दो दिन बाद, हम सुबह-सुबह ही फ्लाइट से गोवा पहुँच गए। जैसा कि तय हुआ था, गोलू के पापा ने एक बेहद खूबसूरत और शांत इलाके में होटल बुक किया था, जिसके ठीक पीछे एक खूबसूरत प्राइवेट बीच (Beach) था। होटल पहुँचकर जब मैंने आईने में खुद को देखा, तो मैं बहुत सुंदर लग रही थी। मैंने आसमानी रंग का हैवी वर्क वाला सलवार-सूट पहना हुआ था, कानों में बड़े झुमके थे और खुले हुए सीधे बाल मेरे कंधों पर बिखरे थे। चेहरे पर सफ़र की हल्की सी थकान के साथ एक अजीब सी नशीली चमक थी।

kajal-Agarwal-D.jpg


होटल के कमरे में दाखिल होते ही मुझे एक बड़ा सरप्राइज मिला। गोलू के पापा ने हम तीनों के लिए सिर्फ एक ही बड़ा कमरा बुक किया था। उनके चेहरे पर एक गहरी खुशी थी, वो मुस्कुराते हुए बोले, "इस बार हम सब यहाँ साथ में खूब मस्ती करेंगे। मुझे तुम दोनों के साथ ढेर सारा वक्त बिताना है। दफ्तर के चक्कर में मैं वैसे भी तुम लोगों को बहुत कम समय दे पाता हूं... यही वजह है कि मैंने सिर्फ एक ही बड़ा रूम लिया है।"

जैसे ही गोलू कमरे का मुआयना करने के लिए बाहर बालकनी की तरफ गया, मेरे पति ने बिना एक सेकंड गंवाए कमरे का दरवाज़ा बंद किया और पीछे से आकर मुझे अपनी बाहों के घेरे में कस लिया। उनका तपा हुआ सीना मेरी पीठ पर भींच गया और उन्होंने मेरी नंगी गर्दन पर अपने गर्म होंठ टिकाते हुए गहरी, काँपती आवाज़ में कहा, "मेरी जान... मुझसे नाराज़ मत होना कि मैंने सिर्फ एक कमरा बुक किया। मुझे यहाँ तुम दोनों का ढेर सारा प्यार चाहिए। जैसे सालों पहले हम सब एक साथ एक ही बिस्तर पर सोया करते थे, मुझे बिल्कुल वैसे ही सोना है। पता नहीं वक्त के साथ हम सब इतने दूर-दूर कब हो गए... लेकिन यहाँ ये कुछ दिन हम सब साथ में खुलकर जिएंगे और खूब मस्ती करेंगे।" उनकी आँखों में मेरे लिए एक अजीब सी तड़प और लाड़ साफ झलक रहा था।

d3dcdf5558d18faedbf782b2dd19eb36.gif


मैंने घबराकर बालकनी की तरफ देखा, जहाँ गोलू खड़ा था। मैंने अपने चेहरे पर झिझक लाते हुए उन्हें थोड़ा पीछे धकेलने का नाटक किया, "अरे! छोड़िए ना... गोलू देख लेगा, आप हटिए यहाँ से।"

"देखने दो उसे भी!" मेरे पति के चेहरे पर एक अधिकार भरी मुस्कान थी, "उवे भी तो पता होना चाहिए कि उसके पापा उसकी मम्मी से आज भी कितना टूटकर प्यार करते हैं।"

इतना कहते ही वो मेरे और करीब आए, उनका पूरा बदन मेरे जिस्म पर कस गया। उन्होंने मेरी आँखों में आँखें डालकर थोड़ा डांटते हुए लहजे में कहा, "और सुनो रिधिमा... तुम यहाँ गोवा में भी ये सब साड़ी-सूट पहनने आई हो क्या? जाओ, फटाफट कोई अच्छे से कपड़े पहन लो। अगर यहाँ फिर से साड़ी या सूट में दिखीं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा, समझी तुम?" इतना कहते ही उन्होंने उतावली में अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे उन भारी, मोटे स्तनों को अपने हाथ की हथेली में लेकर बहुत ज़ोर से भींच दिया।

"उफ़्फ़अअ... राजीव...!" मेरे मुँह से एक बेहद तीखी और मादक सिसकारी निकल गई, और मेरी आँखें मूँद गईं।

AjORP67.png


मुझे तो जैसे समझ ही नहीं आ रहा था कि उन्हें अचानक क्या हो गया था। पिछले कुछ दिनों से वो काफी बदल गए थे और मुझे साफ़ महसूस हो रहा था कि वो मुझ पर अपना मर्दाना हक़ पूरी तरह से जता रहे थे। मैं तो लाज और खौफ के मारे अंदर तक पानी-पानी हो गई कि कहीं बालकनी से घूमकर गोलू अचानक अंदर न आ जाए और हमें इस हाल में न देख ले।


Private-Beach-in-Goa.jpeg


कुछ देर बाद, हम सब कपड़े बदलकर होटल के पीछे वाले प्राइवेट बीच पर पहुँच गए। वहाँ सचमुच कोई ज़्यादा भीड़ नहीं थी; बस दूर एक-दो कपल्स पानी में मस्ती कर रहे थे। बीच की ठंडी हवा हमारे बदन से टकरा रही थी। समंदर की उठती-गिरती लहरों के बीच हम तीनों वहाँ खड़े थे। मैंने अपनी नज़रें घुमाकर हम तीनों के जिस्मों को अपनी ही आँखों से बहुत गहराई से परखा। मेरे सीधे-साधे पति राजीव शर्टलेस होकर सिर्फ काले रंग के छोटे शॉर्ट्स में खड़े थे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका गठीला और गहुँआ बदन सूरज की तीखी धूप में चमक रहा था, और आँखों पर काला चश्मा लगाए वो बेहद रसीले और हैंडसम लग रहे थे।

Screenshot-2025-01-24-094958-2025-01-b0e8f023811d5c5faaeb4cf985cd1e84.png


लेकिन वहीं दूसरी तरफ, जब मेरी नज़र मेरे जवान बेटे गोलू पर पड़ी, तो साड़ी और सूट के बंधनों से दूर खड़ी मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। वह नीले रंग के छोटे से पाजामे में शर्टलेस खड़ा था। उसका सीना कड़ा और चौड़ा था, उसके सुगठित एब्स (Abs) और मजबूत बाहें किसी ग्रीक देवता जैसी लग रही थीं। उसके घने बाल हवा से थोड़े बिखरे हुए थे और उसकी तीखी, मर्दाना आँखें इस वक्त सिर्फ और सिर्फ मुझ पर ही टिकी हुई थीं। वह अपने पापा की मौजूदगी में भी एक जंगली भेड़िये की तरह मेरे जिस्म की टोह ले रहा था।

siddharth-nigam-3-1663046063.jpg


मैंने खुद उस समय सफ़ेद रंग की एक मखमली और ढीली-ढाली शॉर्ट्स पहनी हुई थी और उसके ऊपर हल्के आसमानी रंग का एक ढीला, जालीदार नेट वाला क्रॉप-टॉप डाल रखा था, जिसके पार से मेरी त्वचा साफ़ झलक रही थी। तभी गोलू अपनी भारी मर्दाना चाल-ढाल के साथ रेत पर चलता हुआ सीधे मेरे बिल्कुल पास आकर रुक गया। उसके बदन की सोंधी खुशबू हवा में घुली और वह मुस्कुराते हुए बेहद नटखट आवाज़ में बोला:

"मम्मी! ये क्या... आप बीच पर भी ये सब कपड़े लपेटकर खड़ी हो? अब इन्हें निकाल भी दो और हम दोनों के साथ पानी में आओ ना।"


7156b77e776dcc29482d10dd3149dffc.jpg


उसकी बात ख़त्म होते ही मेरे पति राजीव भी जोर से हंस पड़े और गोलू का साथ देते हुए बोले, "हाँ रिधिमा! गोलू बिल्कुल ठीक कह रहा है। ऐसे कपड़ों में क्या मज़ा आएगा? देखो, यहाँ कोई तुम्हें देखने नहीं आया है, हम दोनों ही तो हैं। अब शर्माना बंद करो और जाओ, ये सब ऊपर के कपड़े निकाल कर आओ। इतनी महँगी बिकिनी खरीदकर लाई हो, अब क्या उसका आचार डालना है?"

अपने पति और जवान बेटे के मुँह से एक साथ ऐसी बेबाक बात और उनकी हसीं सुन के, मैं तो लाज और शर्म के मारे वहीं रेत पर पूरी तरह पानी-पानी हो गई। मेरे गाल एकदम तमतमा उठे। मैंने अपनी धड़कनों को सँभालने के लिए थोड़ा अपने आस-पास नज़र दौड़ाई। कुछ ही दूरी पर मुझसे भी ज़्यादा उम्र की एक औरत अपने जवान बेटे और पति के साथ पानी में बेफिक्र होकर मस्ती कर रही थी। थोड़ा आगे एक लड़का अपनी शायद गर्लफ्रेंड को पानी में फेंक रहा था और दोनों हंस रहे थे। सचमुच, वहाँ कोई भी मुझे नहीं देख रहा था, सब अपनी धुन में मस्त थे।

लेकिन... लेकिन मेरा वो जवान बेटा गोलू! वो तो सिर्फ और सिर्फ मुझे ही देखेगा, उसकी आँखें तो मेरी इस काया की एक-एक इंच की गवाही लेंगी... यह भयानक और असीम कामुक ख्याल जैसे ही मेरे दिमाग में आया, शॉर्ट्स के भीतर मेरी योनि से कामुक रस का एक गरम कतरा और रिस गया और वह पूरी तरह गीली हो गई। लेकिन मैं उन दोनों मर्दों की इस ज़िद को अब टाल भी नहीं सकती थी। मैं दबे पाँव जहाँ हमारा सामान रखा था, वहाँ गई और धड़कते दिल के साथ, एक-एक करके मैंने अपनी उस सफ़ेद शॉर्ट्स और हल्के आसमानी क्रॉप-टॉप को अपने बदन से उतार कर फेंक दिया।


1393583efbae5fd6ea00317263d5ce9c.jpg


जैसे ही वो कपड़े हटे, दूर खड़े दोनों मर्द आँखें फाड़कर सिर्फ और सिर्फ मेरे इस नग्नप्राय जिस्म को घूरने लगे। इस गहरे काले रंग की बेहद छोटी टू-पीस बिकिनी में मेरी जवानी और मेरी बेपनाह खूबसूरती पूरी तरह से उफन रही थी। मेरी गोरी, मखमली और चिकनी त्वचा समंदर की तेज़ धूप में सोने की तरह चमक रही थी। ख़ासकर मेरे दोनों गोरे, बेहद मोटे और भारी स्तन तो इस पतली सी बिकिनी के तंग डोरियों वाले कप में समा ही नहीं रहे थे, वो आधे से ज़्यादा ऊपर से बाहर छलक रहे थे और उनके कड़े निप्पल्स साफ़ अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे थे। मेरी पतली, गोरी और सुडौल कमर और गहरी नाभि के ठीक नीचे इस छोटी सी पैंटी की बारीक डोरियाँ बँधी हुई थीं, जिससे मेरे कूल्हों का भारीपन और पीछे मेरी उभरी हुई बड़ी गाँड़ पूरी तरह नंगी होकर धूप में दमक रही थी। मेरी छाती और पेट की सुडौल बनावट किसी जवान मॉडल जैसी कातिलाना लग रही थी, जिसने उम्र को जैसे थाम रखा था।

मैं भी मन ही मन सोच रही थी कि मैं कितनी पागल थी। दुकान पर शॉपिंग करते वक्त मैं खुद जानबूझकर इतनी छोटी और कातिलाना बिकिनी चुनकर लाई थी, जबकि मुझे अच्छे से पता था कि वो दोनों बाप-बेटे मुझे बिना बिकिनी में देखे यहाँ से जाने नहीं देंगे। यानी... क्या मैं खुद ही यह सब जाने-अनजाने में सोचकर आई थी? क्या अंदर ही अंदर मेरी यह योनि और मेरा यह बदन भी इसी बात के लिए तड़प रहा था कि मेरा जवान बेटा मुझे इस कदर नंगा और बेपर्दा देखे? इस कामुक सच को सोचते ही मेरी सांसें धौंकनी की तरह चलने लगीं।

लेकिन तभी, इससे पहले कि मैं लाज के मारे अपने हाथ आगे कर पाती, गोलू के पापा राजीव भागते हुए रेत पर आए। उनके चेहरे पर अपनी इस खूबसूरत बीवी को पा लेने का एक अजीब सा नशा था। उन्होंने बिना एक पल गंवाए, आगे बढ़कर मुझे अपनी मजबूत बाहों में हवा में उठा लिया और दौड़ते हुए समंदर के उस नीले, ठंडे पानी की तरफ ले जाने लगे। मैं शर्म और उत्तेजना के उस चरम जाल में पूरी तरह फंसकर, उनके कंधों को पकड़े बस ज़ोर-ज़ोर से हांफने लगी, जबकि दूर खड़ा गोलू पानी के भीतर अपनी माँ की इस बड़ी गाँड़ और हिलते हुए स्तनों को देखकर अपने शॉर्ट्स के भीतर पूरी तरह बेकाबू हो रहा था।


kaho-na-pyaar-hai-1-7-f_2025011371305.jpg


राजीव ने मुझे अपनी बाहों में उठाया और दौड़ते हुए समंदर की उठती हुई ठंडी लहरों के बीच ले आए। पानी का वो पहला अहसास मेरे तपते हुए बदन को अंदर तक कँपा गया। लेकिन इससे पहले कि मैं संभल पाती, उन्होंने मस्ती भरे अंदाज़ में मुस्कुराते हुए मुझे पानी में एक हल्का सा धक्का दे दिया। मेरे पैर लड़खड़ाए और पानी के बहाव की वजह से मैं सीधे पीछे खड़े गोलू की मजबूत और चौड़ी बाहों में जा गिरी।

"ओह... मम्मी! आराम से..."

गोलू ने बिना एक सेकंड गंवाए, बेहद शिद्दत और दीवानी ताकत के साथ मुझे अपनी बाहों के घेरे में भींच लिया। उसका वह कड़ा, जवां और शर्टलेस सीना सीधे मेरी नंगी पीठ से जा टकराया। पानी की बूंदों से भीगा उसका बदन इस कदर तप रहा था कि मुझे ठंडे समंदर में भी गर्मी का अहसास होने लगा। गोलू के हाथ शांत नहीं रहे; पानी के नीचे ही उसकी उंगलियाँ बहुत ही बेबाक अंदाज़ में मेरी बिकिनी से झांकती गोरी जाँघों और मेरी पतली कमर की त्वचा को बुरी तरह सहलाने लगीं।


1C5035762-110112-stephanie-seymore-son-vmed-1130a.jpg


जैसे ही मैंने हड़बड़ाकर उसकी तरफ देखा, उसने अपने पापा के ठीक सामने ही, एक नटखट हक़ के साथ आगे बढ़कर अपने होंठ सीधे मेरे भीगे गालों पर टिका दिए। उसने सबके सामने ही मुझे बहुत गहराई से चूम लिया। बेटे के होठों का वह गीला और मर्दाना स्पर्श जैसे ही मेरे चेहरे पर पड़ा, मेरी आँखें मूँद गईं।

"अरे! तुम दोनों अकेले ही मज़े लोगे क्या? मैं भी हूँ भाई!"

तभी पीछे से राजीव भी हंसते हुए आगे बढ़े। उन्होंने बिना वक्त गंवाए मुझे पीछे से अपनी बाहों में जकड़ लिया। अब मेरी हालत देखने लायक थी; आगे से मेरा जवान बेटा गोलू मुझे थामे हुए था और पीछे से मेरे पति राजीव ने मुझे कसकर भींच रखा था। मैं तो लाज, शर्म और असीम उत्तेजना के मारे वहीं पानी में जैसे मर ही गई। मेरा पूरा वजूद काँप रहा था।

hq720.jpg


पानी के उस बहाव और लहरों के थपेड़ों के बीच, मुझे गोलू के शॉर्ट्स के भीतर का वह बड़ा, लंबा और भयंकर सख्त होता लंड बार-बार अपने पेट के निचले हिस्से पर साफ़ महसूस हो रहा था। और दूसरी तरफ, पीछे से राजीव का लिंग तो मेरी इस छोटी सी बिकिनी पैंटी के पार से मेरी गाँड़ की गहरी दरार में जैसे पूरी तरह फँस ही गया था। दोनों मर्दों की उस दोहरी मर्दाना छुअन ने मेरी योनि के भीतर कामुक रस का एक और गरम सैलाब छोड़ दिया।

16bd139e30150658dc8219edd1577fe7.gif


उन दोनों के लिए मैं इस वक्त जैसे कोई बेहद खूबसूरत और नाज़ुक खिलौना बन चुकी थी। कभी वो दोनों मिलकर मुझे पानी में गिरा देते, कभी गोलू मुझे उठाकर चूम लेता, तो कभी दोनों मिलकर मुझे अपनी बाहों में उठाते और हवा में उछालकर समंदर के गहरे पानी में दूर फेंक देते। पानी से बाहर निकलते वक्त, उस छपाक और उछल-कूद की वजह से मेरी बिकिनी के तंग कप बार-बार नीचे खिसक जाते। मेरे दोनों गोरे, बेहद मोटे और भारी स्तन जैसे पूरे के पूरे बाहर छलक कर पानी में तैरने लगते, और उनके कड़े निप्पल्स उन दोनों मर्दों की आँखों के सामने पूरी तरह बेपर्दा हो जाते।

nipple-slipped-out-from-the-black-swimsuit-1.jpg


"रिधिमा! सच कहूँ तो तुम आज इस पानी में कयामत ढा रही हो। तुम्हें देखकर तो कोई कह ही नहीं सकता कि तुम इस जवान लड़के की माँ हो। तुम तो बिल्कुल बॉलीवुड एक्ट्रेस काजल अग्रवाल जैसी दिख रही हो, एकदम रसीली और कड़क!" राजीव ने पानी के भीतर मेरे स्तनों के उभार को अपनी उँगलियों से हल्के से टोकते हुए, भारी आवाज़ में कहा।


satc-mmf.png


यह सुनते ही गोलू ने तुरंत अपने पापा की बात काटी। उसने मुझे अपनी तरफ और कसकर खींचा, जिससे उसके शॉर्ट्स का वह सख्त लोहा मेरी नाभि पर रगड़ खा गया। वह सीधे मेरे चेहरे के करीब आकर अपनी मदहोश आँखों से बोला, "नहीं पापा! आप गलत बोल रहे हो। मम्मी काजल अग्रवाल जैसी नहीं, बल्कि कसम से बिल्कुल करीना कपूर जैसी कातिलाना दिख रही हैं! इनका ये फिगर, ये गोरा बदन और इनके ये बड़े-बड़े स्तन... उफ़्फ़! करीना भी इनके सामने फेल है।"

बाप-बेटे के मुँह से अपने स्तनों के उभार और अपनी इस सुडौल जवानी की ऐसी खुली, नंगी तारीफें सुनकर मेरे गाल लाज के मारे सुर्ख लाल हो गए। मैंने पानी की बूंदों को उनके चेहरे पर छिड़कते हुए, एक मचलती हुई औरत की तरह मस्ती भरा जवाब दिया, "आप दोनों बाप-बेटे भी ना... बहुत बिगड़ गए हो गोवा आकर! कुछ भी बहकी-बहकी बातें करते हो। बीच पर सब लोग हैं, कोई सुनेगा तो क्या सोचेगा?"

"अरे! सुनने दो रिधिमा," राजीव ने पीछे से मेरे कूल्हों को सहलाते हुए कहा, "जब बीवी इतनी बेमिसाल हो, तो तारीफ तो बनती है ना? ज़रा देखो तो सही, तुम्हारे ये स्तन इस पानी में कैसे मचल रहे हैं। इनका साइज़ तो पहले से भी ज़्यादा भारी लग रहा है।"

"हाँ मम्मी! पापा बिल्कुल सही कह रहे हैं," गोलू ने अपनी उँगलियों को मेरे स्तन के ठीक पास लाकर, एक गहरी और कामुक सांस लेते हुए कहा, "आपकी ये खूबसूरती और आपके ये कड़े अंग... आज तो इस समंदर का पानी भी आपकी गर्मी से उबलने लगा है। मम्मी, आप सच में बहुत कातिलाना लग रही हो।"

"अच्छा बाबा बस करो! अब अपनी इस बूढ़ी होती मम्मी की इतनी तारीफ मत करो," मैंने अपनी काँपती और हांफती हुई आवाज़ में दोनों को शांत करने की कोशिश की, "अब जल्दी से पानी से बाहर चलो, मुझे बहुत ठंड लग रही है और शर्म भी आ रही है।"

"अभी कहाँ मम्मी! अभी तो मस्ती शुरू हुई है," गोलू ने एक नटखट ठहाका लगाया और राजीव के साथ मिलकर मुझे एक बार फिर पानी की ऊँची लहरों के बीच हवा में उछाल दिया। समंदर का वह शांत किनारा हमारी खिलखिलाहटों, दोनों मर्दों की बेबाक कामुक तारीफों और मेरी दबी-दबी रसीली सिसकारियों से पूरी तरह गूंज उठा।
 
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories
Top