Kahin baat beta dono mil kar toh nahi bajane walle..
Agar aisa hai toh na hi karo toh accha hai..
Dono ka pyar alag hi rahne do
रिद्धिमा बाप और बेटे दोनों को हैंडल कर रही है , और गोलू तो बाप के सामने ही रिद्धिमा के चुचियो को चूस जाना चाहता है । ये काफ़ी कामुक इमैजिनेशन है । और लग रह है इस कहानी में एक बाप , बेटे और मां का थ्रीस्म देखने को मिल सकता है । आपका लेखन बहुत अदभुत है ।Update 19
समंदर का वह नीला, खारा पानी हमारी छाती तक हिलोरे मार रहा था और हवा की ठंडी रंगत बदन से टकराकर बिकनी की कसी हुई डोरियों के भीतर एक अजीब सी कँपकँपी पैदा कर रही थी। राजीव पानी के भीतर पूरी तरह मदहोश हो चुके थे और सामने से आती एक बहुत ऊँची लहर का मज़ा लेने के लिए थोड़े आगे बढ़ गए थे। जैसे ही राजीव का ध्यान हमसे हटा, समंदर की उस लहर के छपाक की ओट में गोलू का जवान, भीगा हुआ चौड़ा सीना पीछे से सीधे मेरी नंगी पीठ पर आकर कस गया।
![]()
पानी के नीचे, जहाँ बाहर से कुछ भी देखना मुमकिन नहीं था, गोलू के दोनों मजबूत और तपते हुए हाथ मेरी पतली कमर पर आकर कस गए। मैं अपनी सांसों को संभालती और अपनी धड़कनों को छुपाती हुई, राजीव के सामने ही उसे धीरे से डांटने लगी ताकि लोक-लाज की दीवार बची रहे।
मैंने चेहरा थोड़ा घुमाकर दबी, भारी आवाज़ में कहा, "गोनू! यह क्या बदतमीज़ी है? तू अभी बीच पर पापा के सामने क्या बकवास कर रहा था... हँ? मैं तुझे 'करीना कपूर' जैसी कातिलाना दिख रही हूँ? पापा के सामने सीधे मेरे स्तनों के उभार के बारे में क्या बोल रहा था तू? हाँ गोलू... तू कुछ ज़्यादा ही बिगड़ गया है गोवा आकर! चुपचाप पीछे हट!"
मेरी इस बनावटी डांट का गोलू पर कोई असर नहीं हुआ। इसके विपरीत, वह मुझे और भी कसकर अपनी बाहों के घेरे में भींचने लगा। पानी के गहरे बहाव और लहरों के थपेड़ों के बीच अचानक मेरे होश उड़ गए। मुझे साफ अहसास हुआ कि गोलू की शॉर्ट्स के ढीले कपड़े के भीतर से उसका वह विशाल, ७-इंच लंबा और भयानक रूप से मोटा लंड शायद पूरी तरह से पानी में बाहर निकल आया था!
उस नंगे, लोहे जैसे सख्त और बेहद गर्म अंग का सीधा स्पर्श पानी की लहरों के साथ सीधे मेरी जाँघों के ऊपरी हिस्से और मेरी योनि के द्वार पर बार-बार साफ़ महसूस हो रहा था। वह अहसास इतना तीखा और सीधा था कि साड़ी-ब्लाउज की पुरानी बंदिशें पल भर में ढहने लगीं। लेकिन मैं अपने पति के ठीक सामने खड़े होने के कारण पूरी तरह से अनजान बनने का नाटक कर रही थी, जैसे कि पानी के नीचे मुझे कुछ महसूस ही नहीं हो रहा हो।
ठीक उसी पल, राजीव पानी में हाथ मारते हुए मुस्कुराकर वापस पलटे, "अरे रिधिमा! देखा कितनी कमाल की लहर थी... तुम दोनों पीछे क्यों रुक गए? आओ ना आगे!"
पति को ठीक अपने सामने इस तरह खड़े देखकर लाज, खौफ और एक अनजानी चरम कामुकता के भयंकर मिश्रण ने मेरे पूरे वजूद को सुन्न कर दिया। मेरा माँ का दिल डर के मारे हलक में आ गया था, लेकिन दूसरी तरफ, गोलू के उस भीगे, पूरी तरह बाहर आए विशाल अंग की लगातार लगती सीधी रगड़ और पानी के नीचे उसकी उँगलियों के उस मखमली स्पर्श ने मेरी योनि के भीतर कामुक रस का एक ऐसा भयंकर बवंडर उठा दिया कि मेरी बिकनी पैंटी अंदर से पूरी तरह तर-ब-तर होकर गीली हो गई।
![]()
मैं बिना कुछ बोले, बस अपनी आँखें आधी मूँदे, गोलू के उस चौड़े सीने के दबाव में खुद को पूरी तरह बेबस महसूस कर रही थी। बाहर मेरे सीधे-साधे पति हमें बहुत प्यार से निहार रहे थे, और पानी की गहरी, गुप्त परतों के नीचे मेरी ही कोख से जन्मा मेरा राजा बेटा अपनी इस खूबसूरत माँ के बदन को चूसने और पाने के लिए जवानी की पूरी कयामत ढा रहा था।
समंदर की लहरों के बीच काफी देर मस्ती करने के बाद, उसके पापा काफी थक गए थे। उन्होंने हाँफते हुए अपने बदन का पानी पोंछा और बोले, "रिधिमा, मैं बहुत थक गया हूँ... मैं आराम करने के लिए होटल के कमरे में जा रहा हूँ। तुम दोनों अभी बीच पर ही रुको और मज़े करो।"
जैसे ही उन्होंने यह कहा, मेरा दिल अंदर तक काँप उठा। मैं भी उनके साथ ही तुरंत कमरे में जाना चाहती थी, क्योंकि मैं अच्छी तरह जानती थी कि उनके जाने के बाद गोलू अकेला पाकर मेरे साथ क्या-क्या कर सकता है। मैं एक बेहद भरे-पूरे, सुडौल और भारी बदन की औरत थी, जिसे इस तंग टू-पीस बिकनी में देखकर कोई भी मर्द अपना आपा खो दे। लेकिन थी तो मैं भी आखिर एक औरत ही, और औरत का वजूद ही बना है एक भूखे मर्द की आग को शांत करने के लिए। मेरे ही बेटे की आँखों में सुलगती वह जवानी की मर्दाना आग मुझे अंदर तक डरा भी रही थी और एक अनजाना नशा भी दे रही थी।
![]()
आखिर एक भूखे मर्द के आगे औरतें कभी न कभी घुटने टेक ही देती हैं; उनके तीखे हक़ और ताकत के आगे हम औरतें कितनी भी मजबूत क्यों न हों, अंदर से कमज़ोर पड़ ही जाती हैं। बस यही सोच-सोचकर मेरी चूत के भीतर एक ऐसी तीखी सिहरन दौड़ रही थी कि कामुक रस की कुछ बूंदें वहीं पैंटी में टपक पड़ी थीं।
लेकिन गोलू ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे जाने नहीं दिया। उसके उस ज़िद्दी और मासूमियत भरे चेहरे के आगे, मेरा माँ का दिल और एक औरत का कमज़ोर वजूद एक बार फिर मोम की तरह पिघल गया।
राजीव के जाने के बाद, हम दोनों भी समंदर से निकलकर किनारे पर बने एक शेड के नीचे लगे सन-बेड पर लेट गए। गोलू कुछ देर तो चुपचाप शांत रहा, लेकिन उसकी मतवाली आँखें लगातार मेरी बिकनी से छलकती जवानी को ही निहार रही थीं। फिर वह अचानक थोड़ा करीब खिसका और बहुत ही लाड़ से बोला, "मम्मी, चलो ना उस तरफ चलते हैं... देखो उस ओर समंदर का पानी कितना साफ़ दिख रहा है और वे पेड़ भी कितने खूबसूरत हैं। वहाँ हमारे अलावा कोई है भी नहीं।"
![]()
मैंने जानबूझकर उसे चिढ़ाते हुए कहा, "नहीं जाना मुझे कहीं! तू बहुत बदमाश हो गया है गोलू... सीधे-सीधे अपनी माँ को अकेले में ले जाना चाहता है? क्या इरादा है तेरा?"
गोलू ने तुरंत बहुत ही मासूम चेहरा बनाया और मेरे गाल को सहलाते हुए फुसफुसाया, "मम्मी यार, आप भी ना! अपनी मम्मा को थोड़ा और करीब से देखना चाहता हूँ, इसमें क्या बुराई है? चलो ना प्लीज... वरना आप देख लो.. फिर मत बोलना सब देख रहे है ।"
उसकी इस मीठी धमकी के आगे मैं हार गई और हम दोनों उस सुनसान पेड़ों वाले कोने की तरफ चल दिए। वहाँ पहुँचकर देखा तो सच में दूर-दूर तक कोई इंसान नहीं था; अब हमें वहाँ कोई देख ही नहीं सकता था।
जब गोलू को इस बात का पूरा यक़ीन हो गया कि यहाँ कोई नहीं आएगा, तो वह रुक गया। उसने बड़े प्यार, दीवानगी और हक़ से मेरी आँखों में देखते हुए कहा, "मम्मी... आपके ये बूब्स कितने प्यारे हैं... आप इस बिकनी में यहाँ सबसे खूबसूरत दिख रही हो। मम्मी... क्या मैं इन्हे पूरा बाहर नंगा देख सकता हूँ? प्लीज मम्मी... बस एक बार दिखा दो ना..."
उसकी इस जवां और बेबाक माँग को सुनकर मेरे दिमाग पर एक अजीब सा नशा सा छाने लगा। मेरा भारी बदन उत्तेजना की वजह से और भी ज़्यादा कड़ा होने लगा था। मैंने मुस्कुराते हुए, उसे थोड़ा परेशान करने और चिढ़ाने के लिए हँसते हुए कहा, "अच्छा! मम्मी का दूध पीना है मेरे बच्चे को? रुक, मैं तेरे दोस्तों को बता दूँगी कि गोलू इतना बड़ा होकर भी अभी तक अपनी मम्मी के दूध के लिए रोता है!"
![]()
मेरी यह बात सुनकर गोलू थोड़ा सा खीझ गया और बहुत लाड़ से बोला, "मम्मी यार... प्लीज ना! मुझे सिर्फ देखना है... आप मुझे परेशान मत करो, नहीं तो मैं खुद ही देख लूँगा!"
उसकी यह बात सुनकर मैं एकदम खामोश हो गई। क्या मैं सच में गोलू को रोक सकती थी? उसका यह जवान, सुगठित और चौड़ा होता हुआ जिस्म मेरी जैसी नाज़ुक और कमज़ोर औरत को अपने काबू में बड़ी आसानी से कर सकता था। यह सोचते ही मेरी जाँघों के बीच फिर से गीलापन बढ़ गया और मेरी चूत पानी से पूरी तरह भीग गई।
जैसे ही गोलू मेरी तरफ बढ़ने लगा, मैं लाज और घबराहट के मारे आगे की तरफ भागने लगी। लेकिन मैं उस रेतीली ज़मीन पर अपनी भारी काया लेकर ज़्यादा दूर नहीं भाग पाई। कुछ ही पलों में गोलू की जवां और मजबूत उँगलियाँ मेरी पीठ तक पहुँच गईं और झटके से उसने मेरी बिकनी ब्रा के पिछले हिस्से को पकड़ लिया। एक ही झटके में मेरी ब्रा मेरे सीने से सरकती हुई आगे की तरफ गिर गई, और मेरी पूरी नंगी, गोरी पीठ सीधे गोलू के सामने आ गई। उसके हाथों में मेरी ब्रा थी, जिसे उसने वहीं रेत पर फेंक दिया और मेरी तरफ आगे बढ़ा।
मैं फिर भी अपनी आबरू छुपाने के लिए आगे की तरफ भागती रही। ब्रा के बिना, भागने की वजह से मेरे दोनों बड़े, मोटे और भारी स्तन हवा में बुरी तरह उछल रहे थे। वह नज़ारा इतना कातिलाना था कि कोई भी मर्द अगर मुझे उस हालत में देख लेता, तो उसका पानी वहीं रेत पर निकल गया होता। मेरा पूरा बदन इस खुली हवा में नंगा होकर कामुकता के चरम पर पहुँच चुका था।
![]()
भागते-भागते अचानक मेरा पैर फिसला और मैं सीधे समंदर के उथले पानी में जा गिरी। गोलू भी हाँफते हुए मेरे ठीक पास आकर रुका, और उसकी दोनों भूखी आँखें सीधे पानी से बाहर निकले मेरे उन दोनों पूरी तरह नंगे, रसीले और गोरे स्तनों पर आकर जम गईं। ठंड और पानी की वजह से उनके निप्पल्स पूरी तरह तने हुए थे।
![]()
वह धीरे से पानी के भीतर ही मेरे ऊपर आया और दीवानों की तरह मेरी गर्दन, मेरे गालों और कंधों पर यहाँ-वहाँ चूमने लगा। वह मेरे उन दोनों नंगे, उभरे हुए बूब्स को अपने हाथों में भींचते हुए उनकी तारीफ करने लगा, "उफ़ मम्मी... ये कितने बड़े और मखमली हैं... मेरा तो दिल कर रहा है मैं यहीं डूब जाऊँ।"
![]()
मैंने उसके हाथों को रोकने की कोशिश करते हुए हाँफते हुए कहा, "देख लिया ना... अब हट यहाँ से! कोई देख लेगा... हट जा बेटा... अह्ह्ह्ह... बस कर मेरे लाल...!"
"मम्मी नहीं... आप हमेशा मना करती हो। बड़ी मुश्किल से आज आप मेरे हाथ लगी हो... आज तो मैं इनका पूरा दूध पीकर ही रहूँगा, मुझे ये बहुत पसंद हैं!" गोलू ने मदहोशी में मेरे एक स्तन को अपने मुँह में भरने की कोशिश करते हुए कहा।
उसका वह पागलपन और उसकी मर्दाना ताकत देखकर मेरा वजूद पूरी तरह घुटने टेक चुका था। मैंने अपनी साँसों को संभाला और एक नया दांव खेलते हुए बहुत ही लाड़ से कहा, "अच्छा ठीक है... पी लेना मेरे बच्चे, लेकिन यहाँ इस खुले आसमान के नीचे नहीं... मैं तुझे बाद में कमरे में आराम से पिला दूँगी। तू जो कहेगा वो करूंगी... बस, अब तो मुझे अपनी ब्रा पहनने दे... कोई तेरी माँ को इस हाल में देख लेगा, क्या तू यही चाहता है?"
मेरी यह बात सुनकर गोलू थोड़ा शांत हुआ और उसकी आँखों में एक जीत वाली चमक आ गई। उसने अपनी पकड़ ढीली की। मैंने तुरंत पानी से उठकर रेत पर पड़ी अपनी ब्रा उठाई और उसे झटपट पहन लिया। ब्रा पहनते ही मेरा हौसला वापस आया, मैंने उसकी तरफ देखकर ज़ोर से हँसी और उसे चिढ़ाते हुए भाग खड़ी हुई, "उल्लू बनाया... बड़ा मज़ा आया! मेरा भोला बच्चा...!"
![]()
और मैं तेज़ी से भागते हुए वापस उसी सुरक्षित शेड की तरफ दौड़ पड़ी, जहाँ से हम आए थे, और गोलू पीछे खड़ा मुस्कुराता रह गया।
रिद्धिमा बाप और बेटे दोनों को हैंडल कर रही है , और गोलू तो बाप के सामने ही रिद्धिमा के चुचियो को चूस जाना चाहता है । ये काफ़ी कामुक इमैजिनेशन है । और लग रह है इस कहानी में एक बाप , बेटे और मां का थ्रीस्म देखने को मिल सकता है । आपका लेखन बहुत अदभुत है ।
मगर कहानी की शुरुआत जिस तरह इंगेजिंग लगा था , वो शायद मुझे उतना इंगेजिंग नहीं लग पा रहा । मेरा आपके लेखन में मेहनत को लेके कोई सवाल नहीं है , और शब्दों में कामुकता भी भर भर के है । पर कहानी रियलिस्टिक अप्रोच छोड़ता जा रहा है। मां और मौसी का लेस्बियन सेक्स की जरूरत नहीं थी, हालांकि अलग अलग पाठकों की राय अलग हो सकती है , मुझे वो कम पसंद आया । वही रिद्धिमा का उसके पति के साथ सेक्स में एक्टिव रहना और बार बार उन दोनों का संभोग होते रहना कहानी का एक्साइटमेंट खत्म कर रहा है। कहानी अगर बस गोलू पे फोकस रहती तो ज्यादा मजा आता । जब रिद्धिमा एक्टिव सेक्स नहीं कर रही होती और वो तब गोलू के साथ मिलन के लिए तरस जाती तब अदभुत लगता , साथ में मौसी मदद करती दोनों की इसमें तो मजा दुगना हो जाता ।
मेरे कॉमेंट को बस फीडबैक की तरह ले । मै कहानी की बुराई नहीं कर रहा हूं। कहानी अच्छी है । बस मुझे थोड़ी कम इंजेजिंग लगने लगी है उपरोक्त कारणों की वजह से ।
आशा करता हु अगले कुछ अपडेट में कहानी अपना रीयलिस्टिक सब्जेक्ट लाइन को पकड़ के चलेगी ।
अपडेट के लिए धन्यवाद।