बहुत ही सुंदर अपडेट,कान में झुमका
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शाप असिटेंट ने वो डिब्बा खोला और बोली ,
" ये स्टड हमारी ओर से गिफ्ट ,इयर पियर्सिंग तो अब मेल्स में होने लगी है लेकिन नोज अभी भी बहुत अनकॉमन है। "
" नहीं नहीं स्टडस नहीं ,अरे इनकी प्यारी प्यारी सास की ओर से ,मैं लायी हूँ न इनके लिए , और उन्होंने ज्वेलरी का एक छोटा सा डिब्बा खोला।
उसमें झुमके और नोज रिंग्स थीं एक दम जो मैंने और मम्मी ने पहने थे उससे मैचिंग।
मम्मी और उस असिस्टेंट ने मिलके उन्हें झुमके पहना दिया और नोज रिंग्स भी।
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वो लड़की भी ,एकदम उनकी रगड़ाई करने में ,...
उनका गाल सहलाते हुए उसने ,उनके सामने एक मिरर ला के रख दिया और चिढ़ाते बोली ,
"रूप निखर आया है ,... "
हम लोगों के चलने के पहले वो उनको वार्न करते बोली ,अगले तीन चार दिन इसको उतारने की कोशिश भी मत करियेगा ,वरना जो वूंड होगा न उसका हील करना मुश्किल होगा। और उसके बाद भी किसी फीमेल की हेल्प से ही ,... "
मम्मी के हाथ में एक और डिब्बा था , प्लेटिनम ईयर नोज रिंग्स का।
" बेटे क्या नाम है तुम्हारा , ये मेरी गिफ्ट। .. "
" नैंसी ,... नैन्सी गुप्ता। "
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थैंक्स देके उसने गिफ्ट एक्सेप्ट कर ली।
मैंने पहले से ही मोबाइल और व्हाट्सएप्प नम्बर एक्सचेंज कर लिए थे।
" चलिये मिलते हैं ब्रेक के बाद , निप्स रिंग्स के लिए आप आएंगे न , आई विल डू इट इन अ वे ,दे विल बी मोस्ट टाकड अबाउट निप्स इन टाउन। "
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वो हंस के उनसे और मुझ से हाथ मिलाते बोली।
" एकदम बेटी यही तो वो चाहते हैं , तूने उनके मन की बात कह दी। "
मम्मी हंस के बोली और हम लोग शाप से बाहर निकल आये।
जब हम चले तो मैं ड्राइव कर रही थी और वो माम के साथ पिछली सीट पर बैठे थे।
और बस मम्मी ने उनके झुमकों ,नथ और उनकी मायकेवालियों को ले कर उन्हें चिढाना शुरू कर दिया। एकदम चिपक के बैठी थीं वो।
और उनकी हालत ख़राब हो रही थी।
"तेरे गोरे गोरे चेहरे पे ये झुमके कितने फबते हैं, एकदम जानमारू , घर पहुँचते ही तुझे दिठौना लगाऊंगी,
किसी की नजर न लग जाए। "
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मम्मी उनके चिकने ,मक्खन से गाल को सहलाते बोलीं , फिर उन्होंने अपने तरकश के सारे तीर मेरी ननद पे चला दिया।
"क्यों कहाँ खो गए हो ,नैंसी की बात याद आ रही है क्या , तेरी उस बहना के निप्स एकदम खड़े रहेंगे।
कित्ता अच्छा लगेगा , सारे लौंडे तो बस उसी को , बल्कि उसी का ,... हैं न। ये असल में बेस्ट गिफ्ट था जो तुम दे सकते थे अपनी प्यारी प्यारी बहना को। "
"और क्या मम्मी ,वैसे भी रक्षाबंधन आने ही वाला है , एडवांस गिफ्ट। "
आगे से ड्राइव करते हुए मैंने भी टुकड़ा लगाया। फिर जोड़ दिया ,
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" टू बी प्रिसाईज मम्मी ,उसके बूब्स और निप्स , ट्विन प्वाइंट्स ,... "
" तेरे शहर के तो लौंडो की चाँदी हो जायेगी ,
मम्मी उनको इग्नोर करते हुए अब सीधे मुझसे बोल रही थीं और उन्होंने इंस्ट्रक्शन भी मुझे सुना दिए ,
"सुन ,याद है नैन्सी ने क्या कहा था। उसे हाफ कप ब्रा ही पहनाना , पुश अप ,जिससे सिर्फ नीचे से वो सपॉर्ट करे ,बस पकड़े रहे और निप्स उसके , ...
टी ,टाप ,फ़्राक जो भी वो पहने उससे बस रगड़ते रहें ,हलके हलके झलकते रहें। नैन्सी ने बोला था न की अगर वो हलके हलके भी कपड़ों से रगड़ेंगे तो बस ,सोच ले ३२ सी पर एक इंच के निप्स , टाप्स से झलकते ,...लौंडो का तो उसे देख के ही टनटना जाएगा। क्यों है न, ... "
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" अरे मम्मी लौंडो की जो हालत होगी उस बिचारी को हालत तो सोचिये , चुनमुनिया हरदम फड़फड़ाती रहेगी। एकदम गीली रहेगी। ऊपर कड़े कड़े निप्स और नीचे , ... भीगे होंठ , नीचे वाले। "
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हम दोनों खिलखिलाने लगे।
सुन वो भी रहे थे कान पार के लेकिन मोबाइल में कुछ देखने का बहाना कर रहे थे।
और मम्मी ने उनका मोबाइल जब्त कर सीधे अपने झोला साइज पर्स में रख लिया और बोलीं ,उन्हीसे ,
" तेरा तो नहीं टनटना रहा है , अपनी बहन के निप्स के बारे में सोच के। "
"अरे मम्मी हाथ कंगन को आरसी क्या ,आपके बगल में ही तो बैठे हैं ,ज़िप खोल के देख लीजिये न। "
मैंने रियर व्यू मिरर थोड़ा एडजस्ट किया , अब सब कुछ दिख रहा था।
माम ने ज़िप तो नहीं खोली तो लेकिन उनके तने तम्बू पे अपने कोमल कोमल हाथ रख दिए थे।
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" अरे कुछ दिन में मायके जाएगा न अपने तो बस ले आना। अभी तो उसकी छुट्टियां भी होगीं , और निपल रिंग का पैसा तो उसने एडवांस ले ही लिया है। "
मम्मी अब सीधे उनसे बोल रही थीं।
" चल तेरे साथ एक सेल्फी ले लेतीं हूँ ,झुमकों की मस्त फोटो आएगी। "
और जब तक वो सम्हलें ,मम्मी का हाथ उन कन्धों पे , मम्मी एकदम उनसे एकदम चिपक गयीं। कंधो पर हाथ होने से उनके स्लीवलेस डीप कट ब्लाउज से न सिर्फ उनकी कांख बल्कि साइड से बूब्स , गहरा क्लिवेज सब कुछ दिख रहा था। "
सेल्फी एक नहीं दो चार ली गयी और सीधे व्हाट्सएप से ,..
वो बिचारे ,एकदम लिक्विड आक्सीजन वाली हालत हो रही थी। मजा भी आरहा था और मम्मी और मेरे डबल छेड़ने से ,... हालत भी खराब हो रही थी।
बस वो सोच रहे थे किसी तरह घर पहुंचे ,....
अजीब तो उन्हें लग ही रहा था,क्या पता उन्हें कौन देख ले। अब तक तो जो कुछ भी सिंगार था,सब घर के अंदर और वो भी ज्यादातर मैंने उनके बर्थ डे या री बर्थ वाले तीन दिनों में ,... उन्होंने शीशे गाडी के चढ़ा लिए थे पर मम्मी भी न ,
वो कोई काम आधा अधूरा नहीं करती थीं, फिर आयी भी तो वो उनकी सारी झिझक दूर कर के उनका ट्रांसफार्मेशन पूरा करने के लिए ,
बस उन्होंने कार के शीशे खुलवा दिए।
" अरे बाहर इतनी अच्छी हवा चल रही है। ए सी बंद कर ,... नेचुरल चीज के मजे और हैं ,क्यों हैं न "
हामी भी उन्होंने उन्ही से दिलवायी।
लेकिन मैंने कुछ मलहम लगाया , आगे से नैंसी ने जो डिब्बा दिया था वो मैंने उन्हें मुस्कराते हुए दिखाया ,
" अरे देखो मैं ये ले आयी हूँ अब आफिस में झुमके पहन के तो जा नहीं सकते और ये स्टड तो इन थिंग्स हैं ,आधे माडल पहनते है। अभी तो लांग वीकेंड चल रहा है बाद में तू ने दो दिन की छुट्टी भी ली है न ,बस उसके बाद ,... "
उनका मन कुछ शांत हुआ पर मम्मी ने बुरा सा मुंह बनाया जैसे मैंने दल बदल कर उनकी सरकार के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
फिर बस हम घर के ड्राइव वे में घुस ही रहे थे , उन्हें लग रहा था की बस एक दो मिनट की की बात है ,
लेकिन मम्मी ने आखिरी मिनट में गोल कर दिया।
कोमल रानी जी ! ये स्टोरी मेरी पढ़ी हुई नहीं होती तो मैं कमेन्टस का बाढ़ लगा देता लेकिन मैंने संयोग से XS.पे पढ़ा हुआ है । यही नहीं मैंने आपकी सारी कहानियां पढ़ी है ।
आप सच में बहुत ही क्रियेटिव हो... फागुन के दिन चार.... ये मेरी आल टाइम फेवरेट स्टोरी है में से एक है ।
मैं इस स्टोरी के लिए कमेन्टस नहीं कर पा रहा हूं इसका मुझे बहुत अफसोस है ।