अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
Nice and superb update...अँड़तालीसवाँ भाग
एक दिन मैं और अभिषेक अपने कमरे पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से फोन आया। मैंने फोन उठाकर अपने कान में लगाया और उधर के शख्स की बात सुनकर मेरे मुँह से निकल गया।
मैं- संजू.........। कौन संजू।
संजू- वो मैं बाद में बताता हूँ पहले ये बताओ तुम नयन ही बोल रहे हो न।
मैं- हाँ मैं नयन ही हूँ, लेकिन मैंने आपको पहचाना नहीं।
संजू- मैं संजू। अनामिका को जानते हो।
अनामिका का नाम सुनकर मैं सोच मैं पड़ गया तभी बगल में बैठे अभिषेक ने मुझसे फोन को स्पीकर में डालने के लिए इशारा किया। मैने अभिषेक की बात मानते हुए फोन स्पीकर में डाल दिया। मेरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर उसने फिर से कहा।
संजू- क्या हुआ नयन मैं संजू हूँ अनामिका का प्रेमी। क्या तुम अनामिका को जानते हो।
मैं उसकी बात सुनकर सकते में आ गया। ये तो अनामिका का प्रेमी था। मैं क्या बोलूँ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा।
मैं- मैं अनामिका नाम की किसी भी लड़की को नहीं जानता।
संजू- बड़ी जल्दी भूल गए। अरे वही अनामिका जिससे साथ तुमने उसकी सहेली के कमरे में सेक्स किया था। जिसके साथ अभी भी तुम्हारा कुछ न कुछ चल रहा है। अब कुछ याद आया या मैं कुछ और बताऊँ याद दिलाने के लिए।
संजू ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया था। उससे तो पता चल गया कि इसे सबकुछ पता है। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो उसने सामान्य रूप से बात करने के लिए इशारा किया।
मैं- मैंने कहा न कि मैं अनामिका नाम की लड़की को नहीं जानता। और न ही मेरा किसी के साथ चक्कर है। इसलिए बेहतर होगा आप बार फोन रख दें।
संजू - देखो पहली बात तो मुझे धमकी मत देना और मुझसे ज्यादा होशियारी भी मत करना। अनामिका और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे मिलने या उसके साथ कुछ भी करने से मना करने के लिए तुम्हारे पास फोन नहीं किया है। मुझे तुम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है। जब अनामिका ने ही मुझे धोखा दिया है तो मैं तुम्हें क्या बोल सकता हूँ। मैंने उस पर बहुत भरोसा किया था मगर उसने मेरे भरोसे को तोड़ दिया। तो मैं किसी से क्या उम्मीद करूँ कि वो मेरी बात मानेगा या मुझे समझने की कोशिश करेगा। मैंने तो तुम्हें यह समझाने कै लिए फोन किया है कि उसके पेट में जो तुम्हारा पाप या बच्चा जो तुम समझना चाहो समझ सकते हो। तो मैं ये कह रहा था कि अनामिका गर्भवती है तो उसका ठीकरा तुम मेरे ऊपर मत फोड़ना। क्योंकि उसके गर्भवती होने में मेरे कोई योगदान नहीं है। इसलिए आगे से अनामिका और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को तुम खुद ही संभालो। मैंने बस तुम्हें यही बताने के लिए फोन किया था कि इन सबको इल्जाम मेरे ऊपर नहीं आना चाहिए। तुम दोनों ने मिलकर जो फूल खिलाया है उसको मेरे ऊपर मत चढ़ाना। अनामिका और अपने बच्चे को अपना लेना।
संजू की बात सुनकर मेरे ऊपर बहुत जोरदार धमाका हुआ। मेरे हाथों से फोन छूटकर बिस्तर पर गिर पड़ा। मैं तो ये बात सुनकर मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। मैंने अभिषेक की तरफ देखा तो वो सशंकित दृष्टि से मुझे देख रहा था जैसे पूछ रहा है कि साले ये तूने क्या कर दिया। उधर से मेरी तरफ से कोई जवाब न पाकर संजू हेलो हेलो करता रहा। कुछ देर बात उसने फोन काट दिया। कुछ पल बाद फिर से मेरे फोन की घंटी बजी। उधर से संजू ही था। अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी उसका फोन उठाने की। मैं तो अभी भी अभिषेक को ही देख रहा था। घंटी बजकर बंद हो चुकी थी। कुछ पल बाद फिर सो फोन बजने लगा। तो अभिषेक ने फोन उठाया और बोला।
अभिषेक- हेलो। मैं अभिषेक। नयन का दोस्त।
संजू- जो मैंने बताया अपने दोस्त को बोलना कि मेरी बातो को संजीदगी से ले। क्योंकि मैं जितना अच्छा हूँ उससे भी ज्यादा बुरा भी हूँ। अगर तुम्हारे दोस्त ने कोई चालाकी करके मुझे फँसाने की कोशिश की तो बहुत बुरा होगा उसके साथ, क्योंकि अगर वो मेरा बच्चा होता तो मैं दुनिया से लड़कर उसे अपनाता। इसलिए मेरी बात मान लेने में ही उसकी भलाई है।
अभिषेक- देखिए संजू जी। आपकी बात से मैं इनकार नहीं कर रहा हूँ लेकिन मैं अपने दोस्त को अच्छी तरह से जानता हूँ। वो कोई ऐसा वैसा काम नहीं कर सकता। अनामिका को गर्भवती करने में मेरे दोस्त को कोई हाथ नहीं है।
संजू- वेटा मुझे चूतिया समझ रहे हो क्या। मैंने बहुत दुनिया देखी है। चलो मान लेता हूँ कि तुम्हारे दोस्त कोई ऐसा वैसा काम नहीं किया, लेकिन ये जो हुआ है ऐसे वैसे काम की वजह से हुआ है। जोश जोश में गलती हो जाती है। तुम्हारे दोस्त से भी जोश जोश में गलती हो गई होगी। तो अपनी गलती मान लेने में ही भलाई है। क्योंकि अनामिका उस बच्चे का ठीकरा मेरे ऊपर फोड़ रही है।
अभिषेक- संजू जी। एक बात बताइए। आपके कहने के मुताबिक जोश जोश में मेरे दोस्त से गलती हो सकती है। तो ऐसा भी तो हो सकता है कि जोश जोश में आपसे ही ये गलती हुई हो।
संजू- बहुत दिमाग वोले मालूम पड़ रहे हो तुम। तुम्हारी बात को भी नकारा नहीं जा करता। नयन के उस दिन उसकी सहेली के घर से जाने के बाद मैं आया था। क्योंकि मैं और अनामिका उसकी सहेली के घर पर ही मिलते थे। अनामिका ने मुझे उस दिन वहाँ वुलाया था। मैं होटल में रुकने के बजाय सीधा वहाँ पर चला गया। तो अनामिका के दिए गए समय से पहले ही वहाँ पहुँच गया। मैंने तुम्हारे दोस्त को उसके घर से निकलते हुए देखा था। मुझे थोड़ा बहुत शक हुआ था, लेकिन अनामिका से इतना प्यार करता था कि उसने बताया कि नयन उसका दोस्त है और कोई जरूरी बात करने आया था तो मैंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उस दिन मैंने और अनामिका ने भी सेक्स किया था, लेकिन मैंने जब भी उसके साथ सेक्स किया है। कंडोम लगाकर ही सेक्स किया है। क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था और शादी से पहले मैं उसकी या अपनी बदनामी नहीं होने देना चाहता था।
अभिषेक- लेकिन संजू जी। मेरे दोस्त का इसमें कोई हाथ नहीं है।
संजू- बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो। दुनिया को मैं चराता हूँ और तुम मुझे चरा रहे हो।
संजू की बात सुनकर अभिषेक मेरी तरफ देखने लगा। मैं गरदन हिलाकर अपनी गरदन न में हिलाई। अभिषेक फिर से उससे मुखातिब होते हुए बोला।
अभिषेक- क्या आप हमसे मिल सकते हो।
संजू- हाँ क्यों नहीं। मैं भी इलाहाबाद से ही हूँ। दो दिन पहले घर आया हूँ कल मिलते हैं फिर
अभिषेक- ठीक है तो कल कंपनी गार्डेन में मिलते हैं सुबह 11.00 बजे के करीब।
संजू- ठीक है। मिलते हैं कल फिर।
संजू से बात करने के बाद अभिषेक ने मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था। मैंने अभिषेक की आँखों में देखा तो उसकी आँखों में अगारे जल रहे थे तो मैंने अपना सिर नीचे कर लिया। अभिषेक ने मुझसे गुस्से में कहा।
अभिषेक- ये सब क्या किया तूने साले। बस यही दिन देखना रह गया था बाकी। इतनी आग लगी थी कि बरदास्त नहीं हुआ तुझसे।
मैं- (गरदन नीचे करके) मैंने कुछ नहीं किया है। वो झूठ बोल रहा है।
अभिषेक- अपनी नजर नीची करके बात न कर मुझसे। अगर तू सच कह रहा है तो मेरी आँखों में आँखें डालकर बोल मुझसे।
अभिषेक की बात सुनकर मैंने अपनी गरदन ऊपर की और अभिषेक की आँखो में देखते हुए वोला।
मैं- मैं सच कह रहा हूँ मैंने कुछ नहीं किया। वो मुझे फँसाने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक- देख नयन तुमने इसके पहले भी मुझसे झूठ बोला है उस अनामिका की खातिर। और अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है।
मैं- नहीं भाई तू मेरा दोस्त है। मैं तुझसे झूठ नहीं बोल रहा हूँ।
अभिषेक- देख नयन। हो सकता है तुझसे जोश जोश में गलती हो गई हो। तो अगर ऐसा कुछ हुआ हो तो मुझे बता। मैं सभी दोस्तों को बुलाता हूँ मिल बैठ कर बात करेंगे कोई न कोई समाधान जरूर निकाल लेगे। तुझे इस मुसीबत से जरूर बाहर निकालेंगे। इसलिए सच सच बता कि बात क्या है।
मैं- मैं अपनी दोस्ती की कसम खाकर कहता हूँ कि मैंने कुछ नहीं किया है ये सब मुझे फंसाने की साजिश है। मैंने उस दिन अनामिका के साथ सेक्स किया था, लेकिन मैंने उस दिन जितनी बार सेक्स किया कंडोम लगाकर किया। तो ऐसा कैसे हो सकता है यार तू ही बता।
अब मैंने दोस्ती की कसम खाई थी तो अभिषेक का मेरे ऊपर जो भी संदेह था इस बारे में वो तुरंत मिट गया, क्योंकि अभिषेक भी ये जानता था कि मैं उसके झूठ बोल सकता हूँ लेकिन दोस्ती की झूठी कसम नहीं खा सकता। इसलिए अभिषेक ने मुझसे कहा।
अभिषेक- अगर तूने सेक्स करते समय कंडोम पहना था और संजू बता रहा था कि उसने भी सेक्स करते समय कंडोम पहना था तो फिर अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। और तो और संजू के कहने के मुताबिक वो अपने बच्चे का बाप उसे बता रही है, लेकिन संजू का कहना है कि इस बच्चे का बाप तू है। अरे यार बहुत बड़ा लोचा हो गया है। ये अनामिका हम सबकी जिंदगी में पनौती बनकर आई है। जब से आई है कोई न कोई नया बखेड़ा होता रहता है।
मैं- तो अब क्या करना है। क्या ये बात रेशमा और पल्लवी, महेश और रश्मि को बतानी चाहिए।
अभिषेक- जरूर बतानी चाहिए आखिर वो अपने दोस्त हैं। हो सकता है किसी के दिमाग में कोई ऐसी बात आ जाए जिससे इस समस्या का समाधान खोजा जा सके।
फिर अभिषेक ने तुरंत महेश के पास फोन लगाया। महेश ने फोन उठाया।
महेश- हाँ भाई कैसा है बड़े दिन बाद याद किया। नूनू कैसा है।
अभिषेक- अरे भाई वो सब छोड़। बहुत बड़ा लोचा हो गया है। तेरे नूनू का नूनू कटने वाला है। तू 15 दिन की छुट्टी लेकर तुरंत इधर आ जा। क्योंकि हम दोनों का दिमाग काम नहीं कर रहा है।
महेश- अबे पहले बता कि बात क्या है। तब न मैं छुट्टी के लिए कुछ सोचू। हो सकता है यहीं पर बैठे बैठे कुछ समाधान कर दूँ।
महेश की बात सुनकर अभिषेक ने अभी संजू के साथ जो भी बातें हुई उसको महेश को बता दिया। पूरी बात सुनने के बाद महेश ने कहा।
महेश- बात तो वाकई बहुत गंभीर है। ये सब साले इस मंदबुद्धि नूनू की वजह से हो रहा है। अगर इसने पहले ही सबकुछ बता दिया होता तो आज ये सब न होता। दो दिन तो नहीं आ पाऊँगा क्योंकि दो दिन बहुत ही जरूरी काम है। दो दिन के बाद मैं आता हूँ और पूरा मामला रफा-दफा करने के बाद ही दोबारा ड्यूटी जाऊँगा। और आने के बाद सबसे पहले बकचोद नूनू को पेलूँगा। साला काम का न काज का दुश्मन अनाज का। तब तक तू संभाल ले भाई।
इतना कहकर महेश ने फोन रख दिया अभिषेक ने फोन स्पीकर पर डाला था इसलिए जो कुछ भी महेश ने कहा वो सब मैंने भी सुना जिसे सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान थी, महेश ने चाहे मुझे जो कुछ भी कहा हो। लेकिन उसकी बातों में मेरे लिए फिकर थी। फिर अभिषेक ने रेशमा को फोन किया। रेशमा ने फोन उठाया।
रेशमा- हाँ अभिषेक बोलो कोई काम था।
अभिषेक- काम नहीं बहुत बड़ा काम है। जल्दी कमरे पर पहुँचो पल्लवी को लेकर।
रेशमा- क्या बात है। अभी शाम को कोचिंग में मिल ही रहे हैं।
अभिषेक- इस नयन ने फिर से कांड कर दिया है। (हँसते हुए) अनामिका को गर्भवती कर दिया है इसने।
रेशमा- क्या। क्यो बोल रहे हो तुम।
अभिषेक- इसीलिए आने के लिए बोल रहा हूँ। पूरी बात फोन पर नहीं बता सकता। इसलिए जल्दी से कमरे पर आओ।
इतना कहकर अभिषेक ने फोन रख दिया मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखते हुए कहा।
मैं- साले क्या बोल रहा था रेशमा को। मैंने अनामिका को गर्भवती कर दिया है। क्या सोच रही होगी मेरे बारे में वो।
अभिषेक- यही सोचेगी कि तू कितना बड़ा ठरकी है। दोस्तों से छुपाकर अनामिका को गर्भवती कर दिया।
अभिषेक ने ये बात हँसते हुए कही थी। उसकी बात सुनकर मैं उसके ऊपर टूट पड़ा। इस मजाक का फायदा यह हुआ कि संजू से बात करने के बाद माहौल जो थोड़ा भारी ही गया था वो हलका हो गया।
थोड़ा देर बाद पल्लवी और रेशमा भी आ गई। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। पूरी बात सुनने के बाद रेशमा ने कहा।
रेशमा- अरे यार अब ये क्या नया लफ़ड़ा है। नयन सच सच बताना। कहीं तुमने सच में कुछ उल्टा सीधा तो नहीं किया न।
मैं- अरे यार मैं सच बोल रहा हूँ। ये मुझे फँसाने के लिए कोई चाल है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।
पल्लवी- पहले एक काम करो। कल उस लड़के से मिलो। बात करो फिर सोचते हैं आगे क्या करना है। बिना पूरी बात जाने इस बात पर सोचना बेमतलब होगा। अभी अपना दिमाग थोड़ा शांत रखो और थोड़ा पढ़ाई भी कर लो।
इसके बाद हम सभी ने थोड़ी देर बैठकर पढ़ाई की। फिर कोचिंग के समय जाकर कोचिंग क्लास किया और वापस घर आ गए। अगले दिन 11 बजे संजू के बताए हुए जगह पर हम लोग पहुँच गए। अभिषेक ने उसे फोन किया तो पाँच मिनट में आने के लिए बोला। लगभग 5 मिनट बाद एक लड़का हम लोगों के पास आया और बोला।
लड़का- क्या आप नयन और अभिषेक हैं।
मैं- हाँ मैं ही नयन हूँ ये मेरे दोस्त अभिषेक आप संजू हैं।
संजू- हाँ मैं संजू हूँ। आइये पार्क के अंदर बैठ कर बात करते हैं।
संजू ने हम दोनों से हाथ मिलाते हुए कहा। संजू लगभग सवा छः फिट के ऊपर की लंबाई वाला हट्टा कट्टा इंसान था। वह टी-शर्ट और जींस पहनकर आया था तो टी-शर्ट में से उसके डील-डौल अच्छे खासे नजर आ रहे थे। हम तीनों पार्क के अंदर चले गए और एक खाली जगह पर बैठ गए। दोपहर का समय होने के कारण ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी उस समय पार्क में। वहाँ बैठने के बाद संजू ने मुझसे कहा।
संजू- हाँ तो तुमको कुछ बात करनी थी मुझसे। बताओ क्या बात है।
मैं- देखिए संजू जी। आप जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं है। डेढ़ महीने पहले ही हमारा अलगाव हो गया है। उसने मुझे शादी का झाँसा देकर सेक्स किया। जब मुझे उसकी हकीकत पता चली तो मैंने उससे अलगाव कर लिया। पिछले डेढ़ महीने से हम मिले नहीं है। और आप कह रहे हैं कि उसके बच्चे का बाप मैं हूँ।
संजू- वो इसलिए कह रहा हूँ कि उसके गर्भवती होने की तारीख भी लगभग 40-45 दिन के आस-पास की है।
मैं- लेकिन मैं सच कह रहा हूँ। मैंने उससे उस दिन पहली बार सेक्स किया था। हाँ ये जरूर है कि पहली मर्तबा में ही 3 बार हमने किया था सेक्स, लेकिन मैंने हर बार कंडोम लगाकर ही उसके साथ सेक्स किया था। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मुझसे झूठ बोला।
संजू- मैं समझा नहीं। पूरी बात बताओ।
फिर मैंने संजू को उससे मुलाकात से लेकर अपने अलगाव तक की सारी कहानी बता दी। जिसे सुनने के बाद संजू संजीदा हो गया और बोला।
संजू- मतलब तुमने उससे शादी का आश्वासान मिलने के बाद सेक्स किया। और सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल किया।
मैं- हाँ उस रात पहली और आखिरी बार।
संजू- इसका मतलब वो तुम्हारा बच्चा नहीं है और वो मेरा भी बच्चा नहीं है, क्योंकि मैंने भी डेढ़ महीने पहले ही उससे सेक्स किया था, लेकिन उस समय मैंने भी कंडोम का उपयोग किया था। तो अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं है और मेरे नहीं है। तो ये बच्चा है किसका।
मैं- मुझे नहीं पता भाई। मैं सच कह रहा हूँ। उस बच्चे से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
संजू- मुझसे चालाकी करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हो न तुम दोनों।
अभिषेक- हम आपसे चालाकी क्यों करेगे भाई। कल आपसे बात करने के बाद मैंने भी इससे बहुत पूछा लेकिन ये कल भी यही बता रहा था जो आज बता रहा है। लेकिन एक बात बताइए। आपको अनामिका के गर्भावस्था के बारे में कैसे पता। अनामिका ने आपको बताया क्या।
संजू- अरे यही तो अफसोस की बात है कि उसने आज तक मुझसे कभी सत्य बोला ही नहीं। मैंने तुम्हें कल बताया था न कि मैंने उस दिन अनामिका से जब मिलने उसकी सहेली के कमरे पर गया तो मेंने नयन को वहां से निकलते हुए देखा। तो इसी तरह मैं चार दिन पहले भी अनामिका से मिलने के लिए उसकी सहेली के कमरे पर गया तो अनामिका मुझे शयनकक्ष में बैठाकर रसोईघर में नाश्ता बनाने के लिए चली गई। मैं वहीं पर बैठकर वहाँ पर रखी हुई किताबें पलटकर देख रहा था तो एक किताब के बीच में मुझे मेडिकल रिपोर्ट दिखाई पड़ी। मैंने उत्सुकता वश उसे खोलकर देखा तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वो रिपोर्ट अनामिका के गर्भवती होने की रिपोर्ट थी। मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अनामिका गर्भवती कैसे हो गई। क्योंकि मैंने जब भी उसके साथ पिछले 2.5 सालों में सेक्स किया हमेशा कंडोम लगाकर किया।
मैं उससे शादी करना चाहता था। और मैंने उसे अपने घर में मम्मी पापा से भी मिलवाया। मेरे घर वालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन घर वालों ने सलाह दी कि ज्यादा मिलने जुलने के कोशिश मत करना तुम दोनों। क्योंकि माँ बाप को सब पता होता है कि मिलने जुलने पर क्या क्या हो सकता है। मुझे शादी तो उसी से करनी थी तो हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स किया। लेकिन जब भी किया कंडोम लगाकर किया। उस रिपोर्ट को देखने के बाद मुझे उस दिन की घटना याद आई जब नयन को मैंने कमरे से निकलते हुए देखा था। जिसके बारे में पूछने पर अनामिका ने सिर्फ दोस्त होने का बहाना बना दिया था जिसपर मैंने आँख बंद करके विश्वास कर लिया था। रिपोर्ट देखने के बाद मुझे इन दोनों पर शक हुआ इसलिए मैंने तुरंत उस रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल से निकाल कर रिपोर्ट वापस किताब में रख दी। मैं अब ये देखना चाहता था कि अनामिका इस रिपोर्ट के बारे में मुझसे क्या कहती है। उसके साथ मैं दो घंटे तक रहा, इस दौरान अनामिका ने मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे दिमाग में इस समय मेडिकल रिपोर्ट ही घूम रही थी जिसके बारे में अनामिका ने अभी तक कोई जिक्र नहीं किया। मैं किसी तरह बहाना बनाकर वहाँ से निकल आया। वो मुझे सेक्स के लिए बोल रही थी, लेकिन मेरा मन उससे उचट चुका था। इसलिए मैं बिना सेक्स किये ही वहाँ से चला आया। मैं पहले सच्चाई का पता लगाने के लिए उस हॉस्पिटल चला गया जहाँ की मेडिकल रिपोर्ट थी। वहाँ पर मैं महिला डॉ से मिला और उनको रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये मेडिकल रिपोर्ट यहीं की है।
डॉ- हाँ, ये मेडिकल रिपोर्ट इसी अस्पताल की है।
इतना सुनने के बाद मैंने अनामिका की फोटो दिखाते हुए पूछा।
संजू- क्या ये रिपोर्ट इसी लड़की की है। क्या यही लड़की आई थी टेस्ट के लिए।
पहले तो डॉ ने बताने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद बोली।
डॉ- देखिए। ये एक अस्पताल है। तो यहाँ दिन भर में बहुत से मरीज आते हैं जाँच के लिए। मुझे कुछ कुछ याद है कि ये लड़की आई थी जाँच के लिए। ये लड़की गर्भवती है।
संजू- आप यकीन के साथ कर सकती हैं कि ये लड़की गर्भवती है।
डॉ- आप कहना क्या चाहते हैं मान्यवर। क्या हमने ये नकली रिपोर्ट बनाई है क्या। देखिए ये शहर का जाना माना अस्पताल है यहाँ ऐसे घटिया काम नहीं होते। समझे।
डॉ. ने जिस तरीके से बात की। उसमें सच्चाई नजर आई। जिससे ये साफ हो गया कि अनामिका गर्भवती है।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।