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Adultery Freinds Forever (ek daastaan) - (COMPLETED)

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Kitno ko lagta he story


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Polakh555

𝕱𝖔𝖑𝖑𝖔𝖜 𝖞𝖔𝖚𝖗 𝖎𝖓𝖓𝖊𝖗 𝖒𝖔𝖔𝖓𝖑𝖎𝖌𝖍
1,484
3,451
159
Ab kya hoga aage...... Mujhe nehi lagta ki kahani yeha romance tak shimit ho jayegi ...... Writer shaab ka dinaag bohot shatir he..... Agla update kuch dhamakedaar hone wala he.....



Jab nasha utrega to asliyat ka parda hatega ...... Wo seen dekhne ke liye betur hoon lekhak shahab
Bohot bohot shukriya
 
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Reactions: Universekaka

Polakh555

𝕱𝖔𝖑𝖑𝖔𝖜 𝖞𝖔𝖚𝖗 𝖎𝖓𝖓𝖊𝖗 𝖒𝖔𝖔𝖓𝖑𝖎𝖌𝖍
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159
Update 27




Jishant fermhouse






समय 5 pm






सुस्त और एक सकून भरी नींद से जब जिशू जाग उठा तो पाया कि बिस्तर पे एक चादर में लिपटे खुद को अकेला पाया । वो इधर उधर देखा तो शीतल उसको कहीं नहीं मिला । वो जल्दी से अपने कपरे पहने और कमरे से बाहर निकल कर नीचे हल में गया ।



शीतल सोफे पे बैठी थी । जिशू उसके पास गया और बैठ गया । लेकिन शीतल रो रही थी शिर पकड़ के । जिशू को समझ नही आया इस परिस्थिति को कैसे संभाले । उसने प्यार से आवाज लगाया ।" आंटी "

शीतल शीर उठा के उसे देखती है और कस के थप्पड़ मारती है । जिशू का गाल झनझना गया एक पल के लिए वो सन्न रह गया उसको ऐसी थप्पड़ की उम्मीद जो नहीं थी ।

शीतल जो एक साधारण सी भोली भाली औरत थी जिसको बाहरी दुनिया से कोई समझ नही थी वो अभी नशे से आजाद परिस्थिति को समझ पा रही थी । और उसने क्या खोया क्या चाल चली गई उसके के साथ अब पूरी तरह से समझ पा रही थी ।


शीतल सोफे से उठ गई और एक थप्पड़ लगा के सारा गुस्सा निकल के बोलने लगी ।" सब समझ आ गया है मुझे । इसी के लिए अपनी चुपड़ी चुपड़ी बाते कर के मेरा दिल जीत के यही करनें के लिए इतने दिन नाटक करता रहा और आज अपना रंग दिखा ही दिया । एक बार भी नही सोचा की ये आंटी तुम्हे अपना बेटे जैसा मानती है । एक बार भी खयाल नही आया तुझे अपने दोस्त की अपने परिवार की । हम एक परिवार की तरह रहते हे जरा भी खयाल नही आया तुझे ।"


जिशू की बोलती बंद हो गई क्या जवाब दे की बहक गया था गलती हो गई । जिशू को भी समझ था एक पत्नी दर्जा क्या होती एक औरत की पवित्रता क्या होती है और उसने फायदा उठाया था ।


शीतल उसकी मुंह पे थूकती हे ।" कभी अपना घिनौना सकल मत दिखाना मुझे दुबारा । और याद रखना मेरा श्राप जरूर लगेगा तुझे । तेरे साथ भी वोही होगा अभी तो तेरी पूरी जिंगेदी पड़ी हे और तेरी लंबी जिंदगी मे ऊपरवाला तुझे ऐसा ही कर्म करवाया तेरे अपनी के साथ । कीड़े पड़ तुझे ।"


शीतल पेड़ पटकती हुई अपनी हैंड बैग उठा के बाहर की तरफ चली गई । जिशू एक बार बुलाता है ।" आंटी । आंटी सुनी तो ।"


लेकिन शीतल मुड़ कर भी नहीं देखती और तेज़ी से फॉर्महाउस से निकल गई ।



जिशू फ्रस्ट्रेशन चीखता है चीज़ों लात मारता है । " हां मैने किया गलत । तो क्या । मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है । देखा जाय तो हम एक जैसे हे अपनों की कुकर्म की सजा हम भुगत रहे हे । आपके साथ जो हुआ आपकी सपूत्र की वजह से हुआ । मेरे अंदर जो दर्द है वो मेरी मम्मी ने मुझे दिया हे अपनी पति के साथ बेवफा तो किया ही है अपने बेटे के दिल पे भी चोट दिया हे । ऐसा चोट जो मुझे नींद तक आने नहीं देता ।" (एक दिन जिशू ने अपनी मम्मी तानिया की पीछा किया तो उसने तानिया की एक किराए की मौकान तक पीछा किया हे जिस मकान में पहले से ही उसका दोस्त तपन मजूद था । दोनो ऐसे गले मिल रहे थे जैसे दोनो एक दुसरे की प्रियाखी हो गीली चुम्मा चाटी से जिशू का दिल वोही पिच पिच कर दिया था)









change of the world





हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां





एक पुराना खंडार था जिस वक्त जिशू पागलों की तरह हास रहा था । वो उस खंडार पे अकेला ही था । दिमाग में एक चतुर चाल होंठो पे एक ऐसी मुस्कान एक ऐसी हसी जिसपे विजयी रंजिश । जैसे एक तड़पता हुआ इंसान आज किसी वजह से बोहोत खुश था या फिर अब जो कांड होने वाला है वो पहले से अंजाम जानता था और वो अंजाम उसे बोहोत खुश करने वाला था या फिर वो अंजाम उसके लिए एक हसीं का पात्र बनने वाले था । इसी सोच ने उसको एक अलग ही रोमांस अनुभव हो रहा था जैसे इस खेल के वो एक चतुर बादशाह था या हे । मुट्ठी पे रेत लेकिन रेत मुट्ठी पे कैद एक अनु भी हाथ से नही गिरा । एक तपस्या थी एक कठिन प्रसेस्था के साथ उसने दर्द सह के आज खंडार की खंबे पे हाथ रख के दूर धुंधले पहाड़ को देख रहा था और उसकी मुस्कान काम नही हो रहा था । बस इंतजार था उसे ...............







Short flashback one




" उम्म उम्म्म नही । अभी नही हे बेब जिशू के पापा के आने के वक्त हो गया है ."

"बेबी पर आपने तो कहा था वो लेट आने वाला है ।"


" हां सही कहां था मैंने 7 बज गए है । वो 6 बजे ही आ जाते हे रेगुलर ड्यूटी से । और वो आने ही वाला है ।"

" तो क्या हुआ वो आयेंगे तो हमे पता चल ही जाएगा ।"

" बेबी मुझे अधूरा काम हमेशा बेचैन करती है । इसलिए । समझ रहे हो ना"...

तानिया ने एक कामुक आदा से इतराती हुई तपन के नाक से छेड़ खानी कर के जवाब दी ।तपन भी मुस्कुराने लगा ।



तभी दोनो के मोबाइल में एक एमएमएस आया ।दोनो मोबाइल में वो एमएमएस देखने लगे । दोनो की पेड़ो तले जमीन खिसक गई । जैसे दिल की धड़कने बंद हो गई हो । चेहरे पे सफेदी आंखे चंचल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं । कोई भाव नही चेहरे पे बस दर खौफ दिल की धड़कने तेज करती हुई । एमएमएस एंड में एक एड्रेस फ्लैश हो रहा था ।





Short flashback second



शेतन ।" यार ये तपन हमे यहां आने को बोल के अभी तक नही आया एक घंटे से इंतजार कर रहे हे ।"


विशू ।" पता नही कहा मर गया कमीना । ये जिशू का भी फोन ऑफ आ रहा है । तपन ने तुझे क्या बोला था ।"


शेतन ।" कुछ नही बोला की एक बात बतानी है और कुछ फैसला लेना है । पता नही क्या चल रहा है पागल के दिमाग में ।"

विशु ।" और थोड़ी देर रुकते हे ।"(अब क्या बात बताने वाला है क्या फैसला लेना बाकी रह गया । एक जिशू भी आज काल कुछ बताता नहीं ठीक से । पता नहीं हमारी दोस्ती को किसकी नज़र लग गई )



तभी दोनो के मोबाइल में एमएमएस आता है । और दोनो की हालत वैसी ही हो जाती है । विशू को गुस्सा तपन से ज्यादा जिशु के ऊपर आ रहा था की उसने ये क्यों किया ।



Short flashback third




शीतल उदास मन से कराई में मुफली तल रही थी शाम की नाश्ते के लिए भुजिया बना रही थी । जतिन अभी तक घर लौटा नही था । उसका मन अभी भी इस घटना के बकीये में ध्यान जा रही थी । कूची दिन हुए थे उस घटना को । जब भी अपने आपसे घृणा होता हे बाथरूम में जा के रगड़ रगड़ के नहाती थी । जिशू के नाम पर नजाने कितनी गालियां कितनी बुरा भला कह के कोचती थी ।




बुजिया तैयार करने के बाद वो गैस्टॉप ऑफ करती है । और उसकी मोबाइल में भी वोही एमएमएस आती है जिसे देख कर उसकी संतुलन खो देती है जमीन पे गिरते गिरते बचा वो कई बर्तन गिर के आवाज गूंज उठी । लेकिन घर पे कोई नही था दोनो नौकर अपने अपने सर्वेन्ट रूम थे उस वक्त उनलोगो ने ध्यान नही दिया बर्तन गिरने की आवाज पर ।


शीतल सुबक सुबक के तैयार होती है उस एड्रेस पे जाने के लिए ।
 
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Update 26





love pleasure



जिशु उसकी गले से मंगलसूत्र उतारने लगा तो शीतल उसकी आंखो में देख कर बोली ।" बेटा ये क्या कर रहे हो । "

जिशु तब तक मंगलसूत्र को पूरा ही उतार देता है और बोला ।" आंटी आज आप मेरी पत्नी होगी "



नशे में भी शीतल उसे आचार्यजनक हो के देखती है । जिशु कमरे में रखी एक नुकीली चीज उठता है और अपनी अंगूठा काट के खून भरी मांग कर देता है शीतल की मांग । शीतल हैरान उसे देखती रहती है ।


जिशु ।" आज से आप मेरी पत्नी हुई ।"


जिशु शीतल की सारी उतर के पूरी तरह से नंगी कर देता है और बिस्तर पे लेटा देता हे । शीतल की चूत झांटों से भरी थी फूली हुई चूत और उभरी हुई दिख रही थी ।



जिशू उसे कोई मौका नहीं देता और उसकी टांगे फैला के मुंह घुसा देता है । शीतल की चूत पहले से ही बोहोत गीली हो चुकी थी और चुसाई की आनंद में और गीली होती जा रही थी ।



जिशु चूत की भूरे रंग की होंठ को चाट रहा था और शीतल अअह्ह्ह्ह आआह्ह्हह्ह कर रही थी मजे में ।



कुछ मिनट चूत चाट के जिशु ऊपर चढ़ जाता है और चूत पे सुपाड़ा लगा के शीतल की मासूम चेहरे को अपने हथेलियों में दबा के पकड़ता है । शीतल मन में (उफ्फ बाबा इतना बड़ा कैसे घुसेगा ) एक सुख अनुभती और दर की लहर उसकी मन में चल रही थी ।



जिशु होंठ चूस के बोला ।" आज हमारा सुहाग दिन है । लोग सुहाग रात मनाते है लेकिन हम सुहाग दिन माना के दुनिया में नया नियम बनायेंगे हम नए पति पत्नी ।"


शीतल कोई जवाब नही देती तो जिशु थोड़ा धक्का मारता है और उसका लंड शीतल की गीली चूत में सुपाड़े से ज्यादा घुस जाता है । शीतल की दर्द से तिलमिलाती हुई चीख के साथ " आन्नन्न्ह हानन्नन " निकल जाती है ।



शीतल अपनी चूत कभी फैली और कसी हुई महसूस नही की । वैसे ही नशे में जिशू की कटपुतली बनी हुई थी और इतने सालो बाद कुंवारी चूत जैसी दर्द महसूस कर के मन ही मन जिशू की दीवानी हो गई थी ।


जिशू और थोड़ा धीरे धीरे पुश करते हुए झड़ तक लंड घुसा दिया । शीतल की आंखे चिकुड़ती गई दर्द से । " आन्नन्न निकालो "

जिशु कोई परवा नहीं करता है और पूछता है ।" मुझे पति बोलो ।"


शीतल उसके बगल से हाथ निकल के उसका कंधा पकड़ के बोलती है तकलीफ में " आह्ह्ह्ह्ह जी हां निकालो ।"


जिशू उसके चेहरे को प्यार से चूम के धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगता है । शीतल बेचारी दबी हुई आह्ह्ह्ह निकल के सेहती जाती है ।



कुछ वक्त के बाद उसकी चूत अपने आप अच्छे से जिशु के लंड का स्वागत करती हे फिर भी चूत कसा हुआ महसूस करती हे और बोहोत मजा भी आने लगती है उसे।


जिशु उसकी आखों में देख रहा होता है और शीतल भी उसकी आंखो में देख रही होती है और मुंह खोल के आहे भर रही होती हे । जिशू प्यार से कमर हिलाते रहता है ।



जिशु ।" मजा आ रहा है ।"


शीतल " आह्ह्ह ऊऊंघ । आईएसएसएसएस आह्ह्हह्ह उफफ्फ बाबा ।"


शीतल की मसूस चेहरा काम उत्तेजक से और ज्यादा कामुक और लुभावना लग रही थी । जिशू उसके मुंह से जवाब सुनना चाहता था और थोड़ा जोर से धक्का मार देता है । " बेबी बोलो ना । आज से में आपको बेबी बुलाऊंगा और आप मुझे क्या कर के बुलाएगी बोलो नह्ह्हह ।"


शीतल अपनी चूत में इतनी मोटी इतना लंबा घुसते हुए आनंद उठाती हे की उस आनंद की तरंग में जवाब दे देती है ।" जी अह्ह्ह्ह्ह मेरे नए पति ।" और बोल के शर्मा जाती हे



शीतल को सेक्स करते वक्त बोलने की आदत नही थी । लेकिन जिशु जैसे नवजवान सिक्स पैक वाला इतने बड़े वरदान प्राप्त लंड के मजे पा कर उड़ रही थी और कुछ वक्त के लिए खुद को जिशू के बाहों में शॉप दी थी ।


जिशु ।" बोलो ना क्या बुलाऊगी मुझे ।"


शीतल शर्माती तो है लेकिन कान में बोलती है ।" आन्ह्ह्ह जानूऊऊ "

जिशू मुस्कुराता हे और बेतासा चूमने लगता है । फिर थोड़ी देर के लिए चूत से लंड निकाल के अलग हो जाता है ।



जिशु बड़े प्यार से कर रहा था जो भी कर रहा था । अश्लील बाते भी प्यार भरी सुर में कर रहा था जिससे शीतल को भी आरामदायक सुखदाई उत्तेजित लग रही थी ।


शीतल को हेडबोर्ड पे तकिया टीका के उसे अध लेती कर के उसे बाहों मे भर के इस बार पूरे जोश में झटके मार मार के तेजी से चोदने लगता है ।


शीतल उसकी कंधे पे हाथ रख के चिल्लाती रहती है ।" आ आ नहीं । आआह्ह्हह्ह । उह्ह्ह्ह ओहहह्ह नहीं । दर्द हो रहा है ऊंगह । मत करो ना ऐसे । उफफफ्फ में मर गई । उपच्छ आह्ह्ह्ह ।" शीतल शिर पटकती रहती है लेकिन उसे भी बेहद आनंद आता हे ।


जिशू उसे आधे घंटे तक ऐसे ही तेजी से चोदता रहता है जिससे शीतल कोई बार पानी की फावड़े निकल के बेड शीट गिला कर देती है ।


जिशू भी थक के बाद में धीमा पड़ जाता है और धीरे धीरे चोदते हुए बोला ।" बेबी को मजा आया ।"

शीतल ।" आज तक उन्ह्ह्ह ऐसा मजा नही आया मुझे ।"

जिशु ।" नए पति के साथ खुश हो."

शीतल शर्मा जाती है ।" हम्मम्म ।"

जिशु ।" ठीक से बोलो ।"

शीतल मुस्कुराती हुई " जी जानु "

जिशू उसकी मुंह को दो उंगली में दबा के जोश में एक जोड़ का झटका दें के बोला ।" पक्का ना "

शीतल किसी तरह दर्द सेह के बोली ।" जी पक्का आह्ह्ह्ह्ह । आपने मेरी जान निकल दी जी ।,"


जिशू ।" क्यू की में असली मर्द हूं । कौन हे मर्द में या वो ।"

शीतल ।," आप " और खुद ही जिशु के होंठ चूसने लगते है ।



जिशु चोदता रहा वक्त बीतता रहा शीतल की चूत से पानी निकल निकल के थक गई थी । दिल से जिशु के लिए कदरदान थी वो । जिशु मज़े से उचकी चूत के अंदर झाड़ जाता है और वो सुख हासिल कर लेता हे जिसके लिए कायनात बदलने को तैयार रहते मर्द जात ।


दोनो एक दूसरे के बाहों में आराम फरमाते हैं घमचम चुदाई के बाद ।
Sahi badla liya jishu ne tapan se tapan ne taniya ke sath sirf gapa gap kiya tha lekin jishu usse do kam age niklkar shital ki mang apne khoon se bhar diya aur phir suhag din mana liya. Dono ke vich jo smbad hua majedar tha sex ki khumari dono ko le duba aur shital ne vah sab kar liya jiske bare me us jasi garuli aaorat kabhi soch hi nehi sakti. Jab shital par se vodka 🍸aur sex ka nasha utrega tab kiya prtikriya hoga ye dekhna bada hi rochak hoga.

Adbhut atulniue update tha
 

Polakh555

𝕱𝖔𝖑𝖑𝖔𝖜 𝖞𝖔𝖚𝖗 𝖎𝖓𝖓𝖊𝖗 𝖒𝖔𝖔𝖓𝖑𝖎𝖌𝖍
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Bahi yeh wala update samjh se pare hai .pata nahi hi jishu kya karna cha raha hai
Bhai iske aage ek mega updated aane wala he tab sab clear hoga :thanks:
 

Destiny

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Prime
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Update 27




Jishant fermhouse






समय 5 pm






सुस्त और एक सकून भरी नींद से जब जिशू जाग उठा तो पाया कि बिस्तर पे एक चादर में लिपटे खुद को अकेला पाया । वो इधर उधर देखा तो शीतल उसको कहीं नहीं मिला । वो जल्दी से अपने कपरे पहने और कमरे से बाहर निकल कर नीचे हल में गया ।



शीतल सोफे पे बैठी थी । जिशू उसके पास गया और बैठ गया । लेकिन शीतल रो रही थी शिर पकड़ के । जिशू को समझ नही आया इस परिस्थिति को कैसे संभाले । उसने प्यार से आवाज लगाया ।" आंटी "

शीतल शीर उठा के उसे देखती है और कस के थप्पड़ मारती है । जिशू का गाल झनझना गया एक पल के लिए वो सन्न रह गया उसको ऐसी थप्पड़ की उम्मीद जो नहीं थी ।

शीतल जो एक साधारण सी भोली भाली औरत थी जिसको बाहरी दुनिया से कोई समझ नही थी वो अभी नशे से आजाद परिस्थिति को समझ पा रही थी । और उसने क्या खोया क्या चाल चली गई उसके के साथ अब पूरी तरह से समझ पा रही थी ।


शीतल सोफे से उठ गई और एक थप्पड़ लगा के सारा गुस्सा निकल के बोलने लगी ।" सब समझ आ गया है मुझे । इसी के लिए अपनी चुपड़ी चुपड़ी बाते कर के मेरा दिल जीत के यही करनें के लिए इतने दिन नाटक करता रहा और आज अपना रंग दिखा ही दिया । एक बार भी नही सोचा की ये आंटी तुम्हे अपना बेटे जैसा मानती है । एक बार भी खयाल नही आया तुझे अपने दोस्त की अपने परिवार की । हम एक परिवार की तरह रहते हे जरा भी खयाल नही आया तुझे ।"


जिशू की बोलती बंद हो गई क्या जवाब दे की बहक गया था गलती हो गई । जिशू को भी समझ था एक पत्नी दर्जा क्या होती एक औरत की पवित्रता क्या होती है और उसने फायदा उठाया था ।


शीतल उसकी मुंह पे थूकती हे ।" कभी अपना घिनौना सकल मत दिखाना मुझे दुबारा । और याद रखना मेरा श्राप जरूर लगेगा तुझे । तेरे साथ भी वोही होगा अभी तो तेरी पूरी जिंगेदी पड़ी हे और तेरी लंबी जिंदगी मे ऊपरवाला तुझे ऐसा ही कर्म करवाया तेरे अपनी के साथ । कीड़े पड़ तुझे ।"


शीतल पेड़ पटकती हुई अपनी हैंड बैग उठा के बाहर की तरफ चली गई । जिशू एक बार बुलाता है ।" आंटी । आंटी सुनी तो ।"


लेकिन शीतल मुड़ कर भी नहीं देखती और तेज़ी से फॉर्महाउस से निकल गई ।



जिशू फ्रस्ट्रेशन चीखता है चीज़ों लात मारता है । " हां मैने किया गलत । तो क्या । मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है । देखा जाय तो हम एक जैसे हे अपनों की कुकर्म की सजा हम भुगत रहे हे । आपके साथ जो हुआ आपकी सपूत्र की वजह से हुआ । मेरे अंदर जो दर्द है वो मेरी मम्मी ने मुझे दिया हे अपनी पति के साथ बेवफा तो किया ही है अपने बेटे के दिल पे भी चोट दिया हे । ऐसा चोट जो मुझे नींद तक आने नहीं देता ।" (एक दिन जिशू ने अपनी मम्मी तानिया की पीछा किया तो उसने तानिया की एक किराए की मौकान तक पीछा किया हे जिस मकान में पहले से ही उसका दोस्त तपन मजूद था । दोनो ऐसे गले मिल रहे थे जैसे दोनो एक दुसरे की प्रियाखी हो गीली चुम्मा चाटी से जिशू का दिल वोही पिच पिच कर दिया था)









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हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां





एक पुराना खंडार था जिस वक्त जिशू पागलों की तरह हास रहा था । वो उस खंडार पे अकेला ही था । दिमाग में एक चतुर चाल होंठो पे एक ऐसी मुस्कान एक ऐसी हसी जिसपे विजयी रंजिश । जैसे एक तड़पता हुआ इंसान आज किसी वजह से बोहोत खुश था या फिर अब जो कांड होने वाला है वो पहले से अंजाम जानता था और वो अंजाम उसे बोहोत खुश करने वाला था या फिर वो अंजाम उसके लिए एक हसीं का पात्र बनने वाले था । इसी सोच ने उसको एक अलग ही रोमांस अनुभव हो रहा था जैसे इस खेल के वो एक चतुर बादशाह था या हे । मुट्ठी पे रेत लेकिन रेत मुट्ठी पे कैद एक अनु भी हाथ से नही गिरा । एक तपस्या थी एक कठिन प्रसेस्था के साथ उसने दर्द सह के आज खंडार की खंबे पे हाथ रख के दूर धुंधले पहाड़ को देख रहा था और उसकी मुस्कान काम नही हो रहा था । बस इंतजार था उसे ...............







Short flashback one




" उम्म उम्म्म नही । अभी नही हे बेब जिशू के पापा के आने के वक्त हो गया है ."

"बेबी पर आपने तो कहा था वो लेट आने वाला है ।"


" हां सही कहां था मैंने 7 बज गए है । वो 6 बजे ही आ जाते हे रेगुलर ड्यूटी से । और वो आने ही वाला है ।"

" तो क्या हुआ वो आयेंगे तो हमे पता चल ही जाएगा ।"

" बेबी मुझे अधूरा काम हमेशा बेचैन करती है । इसलिए । समझ रहे हो ना"...

तानिया ने एक कामुक आदा से इतराती हुई तपन के नाक से छेड़ खानी कर के जवाब दी ।तपन भी मुस्कुराने लगा ।



तभी दोनो के मोबाइल में एक एमएमएस आया ।दोनो मोबाइल में वो एमएमएस देखने लगे । दोनो की पेड़ो तले जमीन खिसक गई । जैसे दिल की धड़कने बंद हो गई हो । चेहरे पे सफेदी आंखे चंचल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं । कोई भाव नही चेहरे पे बस दर खौफ दिल की धड़कने तेज करती हुई । एमएमएस एंड में एक एड्रेस फ्लैश हो रहा था ।





Short flashback second



शेतन ।" यार ये तपन हमे यहां आने को बोल के अभी तक नही आया एक घंटे से इंतजार कर रहे हे ।"


विशू ।" पता नही कहा मर गया कमीना । ये जिशू का भी फोन ऑफ आ रहा है । तपन ने तुझे क्या बोला था ।"


शेतन ।" कुछ नही बोला की एक बात बतानी है और कुछ फैसला लेना है । पता नही क्या चल रहा है पागल के दिमाग में ।"

विशु ।" और थोड़ी देर रुकते हे ।"(अब क्या बात बताने वाला है क्या फैसला लेना बाकी रह गया । एक जिशू भी आज काल कुछ बताता नहीं ठीक से । पता नहीं हमारी दोस्ती को किसकी नज़र लग गई )



तभी दोनो के मोबाइल में एमएमएस आता है । और दोनो की हालत वैसी ही हो जाती है । विशू को गुस्सा तपन से ज्यादा जिशु के ऊपर आ रहा था की उसने ये क्यों किया ।



Short flashback third




शीतल उदास मन से कराई में मुफली तल रही थी शाम की नाश्ते के लिए भुजिया बना रही थी । जतिन अभी तक घर लौटा नही था । उसका मन अभी भी इस घटना के बकीये में ध्यान जा रही थी । कूची दिन हुए थे उस घटना को । जब भी अपने आपसे घृणा होता हे बाथरूम में जा के रगड़ रगड़ के नहाती थी । जिशू के नाम पर नजाने कितनी गालियां कितनी बुरा भला कह के कोचती थी ।




बुजिया तैयार करने के बाद वो गैस्टॉप ऑफ करती है । और उसकी मोबाइल में भी वोही एमएमएस आती है जिसे देख कर उसकी संतुलन खो देती है जमीन पे गिरते गिरते बचा वो कई बर्तन गिर के आवाज गूंज उठी । लेकिन घर पे कोई नही था दोनो नौकर अपने अपने सर्वेन्ट रूम थे उस वक्त उनलोगो ने ध्यान नही दिया बर्तन गिरने की आवाज पर ।


शीतल सुबक सुबक के तैयार होती है उस एड्रेस पे जाने के लिए ।
Ye to najara hi badal gaya kaun itna bada khel khel gaya tapan, taniya jishu, visu, setan, shital sab pareshan hai sirf ek mms se. Kair jo bhi ho aage dekha jayega.

Shatal samjhi lekin tab jab chidya chug gaya khet. Der se hi sahi usse samjh to aa gaya usne jo kiya ya uske saat jishu ne jo bhi kiya ek chal tha. Isliye shital ne jishu ko siraf bhi diya lekin shital ko nehi pata uska diya avisaf pahle se hi falit ho chuka hai.

Adbhut atulniue update tha
 
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Sahi badla liya jishu ne tapan se tapan ne taniya ke sath sirf gapa gap kiya tha lekin jishu usse do kam age niklkar shital ki mang apne khoon se bhar diya aur phir suhag din mana liya. Dono ke vich jo smbad hua majedar tha sex ki khumari dono ko le duba aur shital ne vah sab kar liya jiske bare me us jasi garuli aaorat kabhi soch hi nehi sakti. Jab shital par se vodka 🍸aur sex ka nasha utrega tab kiya prtikriya hoga ye dekhna bada hi rochak hoga.

Adbhut atulniue update tha
:thankyou: :yourock: dost thanks
 
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𝕱𝖔𝖑𝖑𝖔𝖜 𝖞𝖔𝖚𝖗 𝖎𝖓𝖓𝖊𝖗 𝖒𝖔𝖔𝖓𝖑𝖎𝖌𝖍
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Ye to najara hi badal gaya kaun itna bada khel khel gaya tapan, taniya jishu, visu, setan, shital sab pareshan hai sirf ek mms se. Kair jo bhi ho aage dekha jayega.

Shatal samjhi lekin tab jab chidya chug gaya khet. Der se hi sahi usse samjh to aa gaya usne jo kiya ya uske saat jishu ne jo bhi kiya ek chal tha. Isliye shital ne jishu ko siraf bhi diya lekin shital ko nehi pata uska diya avisaf pahle se hi falit ho chuka hai.

Adbhut atulniue update tha
Bade dhyaan de rahe ho guru ....... Sahi kaha ........ Achcha thanks
 
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