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Adultery Freinds Forever (ek daastaan) - (COMPLETED)

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Kitno ko lagta he story


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Funworld

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Bhai ............ Mera saral motive tha ki dosti naa tute ................... Apni galti ko juban pe lana bhi himmat ka kaam he dost jo sabki bas ka nehi he... story thori fast chal rahi he islye sabka point off view nehi darshaya kuch line me simit kar deta hoon,...hero pe Focus kar ke..,...... Maafi chahunga .........ki aapke pasand ka updated nehi de paya lekin iske agle updated he isi ke part ka ......
तानिया सब जानते समझते हुए भी तपन से चुदने जाती थी, अब तपन ने ही उसे जान पर खेल कर बचाया,

तो ऐसे मे तो तानिया की नज़र मे तो तपन उसका सच्चा आशिक हुआ,

तो आगे वो तपन से रिश्ता क्यों नही रखना चाहेगी.

जिनकी ( तपन और तानिया ) गलती के कारण जीशू को मजबूर होना पड़ा, उसको तपन और तानिया को जलील करते हुए जवाब लेना चाहिए था,

शीतल को भी सही से तपन और तानिया की करतूत का पता चले, जिससे उसे एहसास हो कि उसके साथ जो भी हुआ, वो उसके बेटे के हवस के कारण हुआ,

शीतल द्वारा तानिया को भी जलील करवाना चाहिए था, जिससे तानिया को अपने पत्नी धर्म, माँ का धर्म को भूल कर सिर्फ चुदने के लिए अपनो से धोखा देने पर पछतावा होना चाहिए था,

पर आपने सब गुड-गोबर कर दिया,

तानिया को घायल दिखा कर सबकी नजरो मे सहानुभूति पैदा कर दी, अब सब उसकी फिक्र करेंगे कोई उसकी करतूत के लिए कुछ नही बोलेगा,

तपन ने जान पर खेल कर तानिया को बचाने की कोशिश की तो वो सब दोष से मुक्त और सबकी नजरो मे हीरो हो गया,

जान बचाने के अहसान के बदले तानिया आगे भी तपन से चुदती रहेगी.

***********************
तानिया घायल हो गयी, तपन ने जान पर खेल कर तानिया को बचाने की कोशिश की,

अगले अपडेट के लिए बचा ही क्या है जो अब कोई तपन या तानिया को कुछ बोल पायेगा ?
 
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Rajizexy

Punjabi Doc💊
Supreme
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Update 19




Midnight In The Playground




जो लोग अंजान थे उनके लिए पार्टी समा बांधती हुई निकल गई लेकिन जो चार लोग जान गए थे उनके लिए पार्टी एक दिखावा बन कर रह गई । रात के डिनर के 10 बजे सभी एक दूसरे को विदा कर के अपने अपने घर में चले गए और अपने अपने बेडरूम में डकार ले रहे थे और तारीफ कर रहे थे जिस बबारजी ने इतना लजीज खाना बनाया था लंच और डिनर में ।



लेकिन किसी चार को चैन नही आ रहा था कोई डरे हुए थे तो कोई गुस्से में आग बबूला हो के बदले की आग में जलता जा रहा था । रात के एक बजे जिशु विशु को एक मैसेज करता है " मुझेसे अभी अड्डे पे मिलो दस मिनट में "





टाइम रात के एक बज कर 11 मिनट । प्ले ग्राउंड में एक छोटा सा स्टीडियम था जिसपे टावर लाइट्स जले हुए थे स्पेक्टेटर सीट्स में हुडी पहने दोनो मिल रहे थे ।


बिशु ।" भाई इतनी रात क्या अर्जेंट आ गई जो ऐसे बिना कारण बताए यहां बुला लिया ।"


जिशू ।" तूने किसी को बताया तो नहीं ना तुम यहां आ रहे हो किसी को पता तो नहीं ।"

विशु ।" अरे भाई तूने बताने को टाइम कहा दिया । दस मिनट में हाजिर हो गया में । बात क्या है कुछ परेशान लग रहे हो ।"


जिशू ।" तुम दोनो लग क्यू रहे थे ।"

विशू ।"हम लड़ रहे थे कुछ समझा नहीं ।"(इसको कैसे पता चला)

जिशु आगे की सीट पे लात मार के गुस्से में बोलता हे ।" तुम और तपन रूम में लड़ रहे थे ।"

विशु के मन में जो दर था वोही हुआ । उसका भी दिमाग खाली हो गया की अब जिशु को क्या जवाब देगा वो ।


जिशू बोहोत ही गुस्से में था जिस तरह से उसके आंखे लाल थे साफ पता चल रहा था की वो सबकुछ जान गया है । विशू को सामने एक चोट खाया हुआ जख्मी शेर दिखाई दे रहा था जो जखम का बदला लेने के लिए उतर चुका है मैदान में ।


जिशू ।" देख अगर तू भी मुझे धोखा देनें की या कुछ छुपाने की कशिश कर रहा है तो देखना अंजाम इतना बुरा होगा की तू सोच भी नही सकता है ।"

विशू ।" में में में क्यू तुझे धोखा दूंगा ।" विशू हकलाने लगा


जिशू गरजते हुए ।" सोचा नही था तपन ऐसा करेगा । इतना नीच हरकत करेगा और मेरी मम्मी भी छी ।"


विशू को कुछ समझ नही आ रहा था की परिस्थिति को कैसे संभाले । ऐसे परिस्थिति उसने कभी नही संभाला था लेकिन आज उसके कंधे पे बड़ी जमीदारी थी जिशू को संभालने की नही तो बोहोत बड़ा रणभूमि बना देगा ।

विशु ।" भाई भाई शांत हो जा बैठ के बात करते है आराम से ।"


जिशु ।" बात करने के लिए कुछ नही बचा अब तो जंग होगी ।"

विशु ।" ए भाई क्या बोल रहा है । मुझे दर लग रहा है प्लीज शांत हो जा फिर बात करते है । देखो जो कुछ भी हुआ शुरूवात अनजाने में हुआ था । "

जिशु ।" नेहिईईई । तू उसका साथ दे रहा है ।"

विशू ।" नही भाई में किसी का साथ नही दे रहा हु भाई भाई प्लीज शांत हो जा ।"

जिशु उसका कॉलर पकड़ के आंखो में आंखे डाल के बोला ।" बता तू किसकी तरफ खड़ा होगा ।"

विशु ।" में में में में में किसकी तरफ । भाई रूक ना बात करते है ।"

जिशु इतने गुस्से में था वो चिल्ला के फिर पूछा । अभी तक उनसे कॉलर नही छोड़ा था विशु का ।" बता बहनचोद किसकी साइड लेगा अभी के अभी । "

विशु मजबूर हो कर ।" में में तेरे साइड हूं भाई ।"


जिशु तब जा के उसका कोलर छोड़ता है ।" पक्का ना ."

विशू ।" पक्का" (मर गया कहा फांस गया इसे अब कैसे संभालू )


जिशू उसका कंधा थपथपा के बोला ।" गुड । देख तू मुझसे ताकतवर हो सकता है वरदान की वजह से लेकिन जिगरा मेरा भी बड़ा हे । धोखा देगा तो जरा भी हिसकिसाऊंगा नहीं तुझे सबक सिखाने को बाकी तो तू जानता है में कितना जिद्दी हूं और क्या क्या कर सकता हूं ।"

विशु ।" भाई तू करने क्या वाला हे ।"

जिशु कुटिल मुस्कान से ।" कसम खा की तू अन्त तक साथ देगा मेरा और किसी को इसके बारे में मत बताना शेतन को भी नही । "

विशु । " कसम खा लिया भाई ।" (पता नही तेरा दिमाग में क्या सरियंत्र रस रहा हे बलाल न खड़ा कर दे दूं ।"


जिशु ।" क्या लगता है तुझे मुझे क्या करना चाहिए ।"


विशु । " पहले ये बता तुझे क्या क्या पता है ।"

जिशू ।" शुरू से ले के अंत तक । जब तुम दोनो बात कर रहे थे में दरवाजे के बहा सब सुन रहा था ।"


विशू ।" देख ठंडे दिमाग से सुन और सोच के सही फैसला ले । उस दिन आंटी अनजाने में बने वो रिश्ता तोड़ने आई थी । उसे भी गलती का एहसास हो गई हे । इसलिए तू आंटी को लेके इतना खुन्नास ना हो । और तपन बोलता है की उसे आंटी से प्यार हो गया है । देख तू जानता है वो कैसा है बद दिमाग हे बिलकुल । उसे में गलती का एहसास कराऊंगा और उसे तेरे पेड़ो में गिरा के माफी मंगवाऊंगा । प्लीज तू ये जो भी सोच रहा है करने को ये सब मत कर । इसका अंजाम बुरा होगा ।"

जिशु ।" बोल लिया । अब सुन तू सिर्फ मेरी सुनेगा और मेरा साथ देगा । नही सुनना है तो पतली गली अभी के अभी निकल ले । तू नही तो में अकेला ही कर लूंगा । इतना तो दम है मेरे में ।"


विशू परेशान हो कर ।" आखिर तू करने क्या वाला है ।"

जिशु मुस्कुराने लगा । उसके मुस्कान में ऐसी चतुर चाल का एहसास हो रहा था की विशू को समझने देर नही लगा की ये बदला कायनात बदल देगा ।


जिशु ।" जो उसने किया में भी वोही करूंगा ।"

विशू ।" ए ये गलत है भाई । इसमें शीतल आंटी का क्या कसूर । उसने तेरा क्या बिगाड़ा है । तपन को सझा मुझे मंजूर है पर बेचारी शीतल आंटी का क्या कसूर । टू जनता हे वो कितनी संस्कारी शुशील हे हम अपने बेटे जैसा मानता है जब भी तपन के घर जाते हे हम बिना कुछ खिलाए आने नही देती कितना ख्याल रखती है वो हमारी । उनके साथ कुछ मत करो किसी बेकसूर को चोट पोहोचाने में में तेरे साथ नही दूंगा ।"

जिशु (इसे अभी प्लान थोड़ा छुपा के बताना पड़ेगा । इसको गुमराह करना होगा नहीं तो चारा प्लान खराब कर देगा ) " तू गलत सोच रहा है । में उनके साथ थोड़ी ऐसा करूंगा ।"

विशु ।" तो फिर तू करने क्या वाला है ।"


जिशू ।" देख भाई प्लान वैसा ही हे लेकिन एक ट्विस्ट है । में तपन जैसा इतना गिरा हुआ नही हूं । "

विशु ।" कुछ समझा नेही ।"

जिशू ।" देख शीतल आंटी के साथ में थोड़ा प्यार का नाटक करूंगा उनको थोड़ा लाइन बाईन मरूंगा । लेकिन उनको गलत तरीके से एक उंगली भी टच नही करूंगा । में जनता हूं वो मुझे कभी प्यार नही करेगी उस तरीके से कभी अपनी पति धर्म को कलंकित नही करेगी और ना ही में करने दूंगा । लेकिन हां में उनके साथ करीबी दोस्त की तरह उनके साथ ज्यादा वक्त बिताऊंगा और तू तपन को धीरे धीरे ये एहसास करवाएगा की मेरे और शीतल आंटी के साथ कुछ चल रहा हे मेरा ।तब जा के वो समझेगा जब किसी मां बहन के ऐसा करता है । जो दर्द मेने महसूस किया है वो दर्द उसे भी महसूस करवाऊंगा ।"



विशू गहरी सोच में पड़ गया (क्या ऐसा करना सही होगा । जहा तक मुझे दिख रहा है शीतल आंटी के साथ कुछ गलत नही होगा । लेकिन फिर भी ये पागल शीतल आंटी पे लाइन मारेगा कुछ अजीब लग रहा है दिखने में थोड़ा बोहोत तो गलत है । लेकिन तपन को सबक सिखाने के लिए एक दम परफेक्ट आइडिया हे ये । क्या लगता है इसका साथ देना चाहिए इस प्लान में । मुझे लगता है दे देना चाहिए लेकिन इससे ज्यादा इसने कुछ उल्टा सीधा करने की कशिश करेगा तो में इसे रोक दूंगा । )


विशू ।" ओके डॉन । "


दोनों हाथ मिलाते है और वाहा से घर जाते है ।"
Nice story
 
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Satya sharma

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Kafi drama se bhara hua update tha, Jo ki story ko aur interesting bana raha hai,dekhenge is beech Sheetal bichari aur jeeshu ke beech ke Pyar/rishta (Husband-wife) Jo unke Milan/sex par nashe ki halat me Kiya tha us ka Kya Hoga? uspar bhi readers ki Nazar Hogi,dekhte hai agle update me....Thanks Writer ji🙏🙏
 

A.A.G.

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Bhai jishu aur shital ka itna saral drishya nehi tha ..... Uske liye kuch updated lagenge yara ............ Hop ki aapke pasnd ka aage updated mile......... Me chah kar bhi dosti nehi tudwa sakta ....... Chaar hero chaar heroin....... Kisi ko bhi villain nehi bana skta ..... Haa kuch character level up me ek level zyada upar ho skte he....... Saayed aap log ek hero ek heroin maan ke chal rahe he......... Jab vishu aur shetan ka kahani aayega tab automatically jishu ,tapn , taniya ,shital ka seen kam ho ke vishu aur shetan un logo ka seen zyada honge aage jaa ke..........





Maafi chahunga lekin aap agar ek hero heroin maan ke chal rahe he to galat he.......... Dosti tutni nehi chahiye thi ye mang maine pura kiya ...... Aur me bhi nehi chchta tha dosti tute ......me aur lamba thriler dikhana chchta tha lekin jab dosti tutni nehi chchiye mang ho seen kam kar diya .........



Ab aap log bol rahe he tapan taniya ko villain bana do.... Sidha nehi keh rahe he pad indirectly yehi dikh raha he ........ Dosti pe narazgi dikha ya he aur agle update me iska nazriya bhi milega....... 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
bhai aapne dosti tutne nahi di yeh sahi hai lekin humari bas yahi umeed thi ki tapan aur taniya ko unke hawas ka ehsas ho aur woh apni galti ki maafi mange lekin yaha aisa kuchh huva hi nahi aur apne alg hi mod de diya..kyunki galti kari unn dono ne aur jyada saha hai jishu ne aur akhir me jishu ko taniya ko bachana chahiye tha lekin woh bhi nahi huva..!! aur bhale hi jishu ne plan karke shital ko pataya lekin jishu aur shital ki bhi kuchh feelings hongi ek dusre ke liye woh bhi nahi dikhi balki tapan aur taniya ki suruwat hi sex se huyi thi aur ab bhi woh sex hi kar rahe the..!! isliye muze laga ki jo bhi love story ka angle create hona chahiye tha woh jishu aur shital ke bich hona chahiye tha kyunki unki shuruwat sex se nahi huyi thi aur jishu ne shital ki mang bhi bhari thi..isliye mera focus jishu(hero) aur shital pe hi tha..!!

aur aage chal kar jab vishu aur shetan ki story shuru hogi toh usme bhi mai yeh nahi kahunga ki jishu aur shital pe focus karo kyunki waha par vishu aur shetan ki story chalegi lekin abhi jishu aur shital ki life hi jyada affect hone wali thi isliye muze aisa laga ki jishu aur shital ka hi love angle dikhana achha rahega..kyunki tapan aur taniya yeh deserve nahi karte..!!

aur bhai aap bura mat maniyega meri comments ka..mai comment isliye karta hu kyunki apki kahani se jud gaya hu..agar apko bura lag raha ho toh comment nahi karunga..bas aap likhte rahiye aapki story hai..!!🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
 
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A.A.G.

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तानिया सब जानते समझते हुए भी तपन से चुदने जाती थी, अब तपन ने ही उसे जान पर खेल कर बचाया,

तो ऐसे मे तो तानिया की नज़र मे तो तपन उसका सच्चा आशिक हुआ,

तो आगे वो तपन से रिश्ता क्यों नही रखना चाहेगी.

जिनकी ( तपन और तानिया ) गलती के कारण जीशू को मजबूर होना पड़ा, उसको तपन और तानिया को जलील करते हुए जवाब लेना चाहिए था,

शीतल को भी सही से तपन और तानिया की करतूत का पता चले, जिससे उसे एहसास हो कि उसके साथ जो भी हुआ, वो उसके बेटे के हवस के कारण हुआ,

शीतल द्वारा तानिया को भी जलील करवाना चाहिए था, जिससे तानिया को अपने पत्नी धर्म, माँ का धर्म को भूल कर सिर्फ चुदने के लिए अपनो से धोखा देने पर पछतावा होना चाहिए था,

पर आपने सब गुड-गोबर कर दिया,

तानिया को घायल दिखा कर सबकी नजरो मे सहानुभूति पैदा कर दी, अब सब उसकी फिक्र करेंगे कोई उसकी करतूत के लिए कुछ नही बोलेगा,

तपन ने जान पर खेल कर तानिया को बचाने की कोशिश की तो वो सब दोष से मुक्त और सबकी नजरो मे हीरो हो गया,

जान बचाने के अहसान के बदले तानिया आगे भी तपन से चुदती रहेगी.

***********************
तानिया घायल हो गयी, तपन ने जान पर खेल कर तानिया को बचाने की कोशिश की,

अगले अपडेट के लिए बचा ही क्या है जो अब कोई तपन या तानिया को कुछ बोल पायेगा ?
sahi bole ho bhai..mai bhi apse sehmat hu..!!
 

Destiny

Will Change With Time
Prime
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Destiny

Will Change With Time
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bhai baat yeh hai ki muze tapan naam se bahot chid hoti hai kyunki mere college me tapan maam ka banda tha aur bahot laddkiyon ko use and throw kar deta tha..uss harami ko maine mara bhi tha kyunki woh mere dost ki gf ke sath kuchh kand karne wala tha aur hume pehle hi pata chal gaya tha..!! isliye bhai tapan par jyada focus na rakho..apna hero toh jishu hai..usspe hi rakhiye apna focus..!!
Ab apki dushmani kisi era gega nathu khera tapan se hain to kiya aap us tapan ko story me dhundh rahe ho ye to galt hai bhai apka dusman vastavaik duniya ka hai lekin aap is waqt kalpanik duniya me ho to vaastavik jivan ki ghatnaon ko bhul kar kalpanik duniya ke tapan ka maja lo aur ek bat apko tapan naam se nafrat hai to iska matlab ye thodi na hota hai. Apke nafrat ki vajah se lekhak mahoday apne kirdar ko najar andaj kar de.
 
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Raja maurya

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Update 27




Jishant fermhouse






समय 5 pm






सुस्त और एक सकून भरी नींद से जब जिशू जाग उठा तो पाया कि बिस्तर पे एक चादर में लिपटे खुद को अकेला पाया । वो इधर उधर देखा तो शीतल उसको कहीं नहीं मिला । वो जल्दी से अपने कपरे पहने और कमरे से बाहर निकल कर नीचे हल में गया ।



शीतल सोफे पे बैठी थी । जिशू उसके पास गया और बैठ गया । लेकिन शीतल रो रही थी शिर पकड़ के । जिशू को समझ नही आया इस परिस्थिति को कैसे संभाले । उसने प्यार से आवाज लगाया ।" आंटी "

शीतल शीर उठा के उसे देखती है और कस के थप्पड़ मारती है । जिशू का गाल झनझना गया एक पल के लिए वो सन्न रह गया उसको ऐसी थप्पड़ की उम्मीद जो नहीं थी ।

शीतल जो एक साधारण सी भोली भाली औरत थी जिसको बाहरी दुनिया से कोई समझ नही थी वो अभी नशे से आजाद परिस्थिति को समझ पा रही थी । और उसने क्या खोया क्या चाल चली गई उसके के साथ अब पूरी तरह से समझ पा रही थी ।


शीतल सोफे से उठ गई और एक थप्पड़ लगा के सारा गुस्सा निकल के बोलने लगी ।" सब समझ आ गया है मुझे । इसी के लिए अपनी चुपड़ी चुपड़ी बाते कर के मेरा दिल जीत के यही करनें के लिए इतने दिन नाटक करता रहा और आज अपना रंग दिखा ही दिया । एक बार भी नही सोचा की ये आंटी तुम्हे अपना बेटे जैसा मानती है । एक बार भी खयाल नही आया तुझे अपने दोस्त की अपने परिवार की । हम एक परिवार की तरह रहते हे जरा भी खयाल नही आया तुझे ।"


जिशू की बोलती बंद हो गई क्या जवाब दे की बहक गया था गलती हो गई । जिशू को भी समझ था एक पत्नी दर्जा क्या होती एक औरत की पवित्रता क्या होती है और उसने फायदा उठाया था ।


शीतल उसकी मुंह पे थूकती हे ।" कभी अपना घिनौना सकल मत दिखाना मुझे दुबारा । और याद रखना मेरा श्राप जरूर लगेगा तुझे । तेरे साथ भी वोही होगा अभी तो तेरी पूरी जिंगेदी पड़ी हे और तेरी लंबी जिंदगी मे ऊपरवाला तुझे ऐसा ही कर्म करवाया तेरे अपनी के साथ । कीड़े पड़ तुझे ।"


शीतल पेड़ पटकती हुई अपनी हैंड बैग उठा के बाहर की तरफ चली गई । जिशू एक बार बुलाता है ।" आंटी । आंटी सुनी तो ।"


लेकिन शीतल मुड़ कर भी नहीं देखती और तेज़ी से फॉर्महाउस से निकल गई ।



जिशू फ्रस्ट्रेशन चीखता है चीज़ों लात मारता है । " हां मैने किया गलत । तो क्या । मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है । देखा जाय तो हम एक जैसे हे अपनों की कुकर्म की सजा हम भुगत रहे हे । आपके साथ जो हुआ आपकी सपूत्र की वजह से हुआ । मेरे अंदर जो दर्द है वो मेरी मम्मी ने मुझे दिया हे अपनी पति के साथ बेवफा तो किया ही है अपने बेटे के दिल पे भी चोट दिया हे । ऐसा चोट जो मुझे नींद तक आने नहीं देता ।" (एक दिन जिशू ने अपनी मम्मी तानिया की पीछा किया तो उसने तानिया की एक किराए की मौकान तक पीछा किया हे जिस मकान में पहले से ही उसका दोस्त तपन मजूद था । दोनो ऐसे गले मिल रहे थे जैसे दोनो एक दुसरे की प्रियाखी हो गीली चुम्मा चाटी से जिशू का दिल वोही पिच पिच कर दिया था)









change of the world





हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां





एक पुराना खंडार था जिस वक्त जिशू पागलों की तरह हास रहा था । वो उस खंडार पे अकेला ही था । दिमाग में एक चतुर चाल होंठो पे एक ऐसी मुस्कान एक ऐसी हसी जिसपे विजयी रंजिश । जैसे एक तड़पता हुआ इंसान आज किसी वजह से बोहोत खुश था या फिर अब जो कांड होने वाला है वो पहले से अंजाम जानता था और वो अंजाम उसे बोहोत खुश करने वाला था या फिर वो अंजाम उसके लिए एक हसीं का पात्र बनने वाले था । इसी सोच ने उसको एक अलग ही रोमांस अनुभव हो रहा था जैसे इस खेल के वो एक चतुर बादशाह था या हे । मुट्ठी पे रेत लेकिन रेत मुट्ठी पे कैद एक अनु भी हाथ से नही गिरा । एक तपस्या थी एक कठिन प्रसेस्था के साथ उसने दर्द सह के आज खंडार की खंबे पे हाथ रख के दूर धुंधले पहाड़ को देख रहा था और उसकी मुस्कान काम नही हो रहा था । बस इंतजार था उसे ...............







Short flashback one




" उम्म उम्म्म नही । अभी नही हे बेब जिशू के पापा के आने के वक्त हो गया है ."

"बेबी पर आपने तो कहा था वो लेट आने वाला है ।"


" हां सही कहां था मैंने 7 बज गए है । वो 6 बजे ही आ जाते हे रेगुलर ड्यूटी से । और वो आने ही वाला है ।"

" तो क्या हुआ वो आयेंगे तो हमे पता चल ही जाएगा ।"

" बेबी मुझे अधूरा काम हमेशा बेचैन करती है । इसलिए । समझ रहे हो ना"...

तानिया ने एक कामुक आदा से इतराती हुई तपन के नाक से छेड़ खानी कर के जवाब दी ।तपन भी मुस्कुराने लगा ।



तभी दोनो के मोबाइल में एक एमएमएस आया ।दोनो मोबाइल में वो एमएमएस देखने लगे । दोनो की पेड़ो तले जमीन खिसक गई । जैसे दिल की धड़कने बंद हो गई हो । चेहरे पे सफेदी आंखे चंचल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं । कोई भाव नही चेहरे पे बस दर खौफ दिल की धड़कने तेज करती हुई । एमएमएस एंड में एक एड्रेस फ्लैश हो रहा था ।





Short flashback second



शेतन ।" यार ये तपन हमे यहां आने को बोल के अभी तक नही आया एक घंटे से इंतजार कर रहे हे ।"


विशू ।" पता नही कहा मर गया कमीना । ये जिशू का भी फोन ऑफ आ रहा है । तपन ने तुझे क्या बोला था ।"


शेतन ।" कुछ नही बोला की एक बात बतानी है और कुछ फैसला लेना है । पता नही क्या चल रहा है पागल के दिमाग में ।"

विशु ।" और थोड़ी देर रुकते हे ।"(अब क्या बात बताने वाला है क्या फैसला लेना बाकी रह गया । एक जिशू भी आज काल कुछ बताता नहीं ठीक से । पता नहीं हमारी दोस्ती को किसकी नज़र लग गई )



तभी दोनो के मोबाइल में एमएमएस आता है । और दोनो की हालत वैसी ही हो जाती है । विशू को गुस्सा तपन से ज्यादा जिशु के ऊपर आ रहा था की उसने ये क्यों किया ।



Short flashback third




शीतल उदास मन से कराई में मुफली तल रही थी शाम की नाश्ते के लिए भुजिया बना रही थी । जतिन अभी तक घर लौटा नही था । उसका मन अभी भी इस घटना के बकीये में ध्यान जा रही थी । कूची दिन हुए थे उस घटना को । जब भी अपने आपसे घृणा होता हे बाथरूम में जा के रगड़ रगड़ के नहाती थी । जिशू के नाम पर नजाने कितनी गालियां कितनी बुरा भला कह के कोचती थी ।




बुजिया तैयार करने के बाद वो गैस्टॉप ऑफ करती है । और उसकी मोबाइल में भी वोही एमएमएस आती है जिसे देख कर उसकी संतुलन खो देती है जमीन पे गिरते गिरते बचा वो कई बर्तन गिर के आवाज गूंज उठी । लेकिन घर पे कोई नही था दोनो नौकर अपने अपने सर्वेन्ट रूम थे उस वक्त उनलोगो ने ध्यान नही दिया बर्तन गिरने की आवाज पर ।


शीतल सुबक सुबक के तैयार होती है उस एड्रेस पे जाने के लिए ।
Nice update Bhai
 
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Raja maurya

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Update 28





Purana Khandar




समय 7 बज 30 मिनट 45 सेकंड ।




जिशू तो पहले से मजूद था । लेकिन उसने जिन जिन लोगो को बुलाया था सब मजूद थे । और सब उसके खिलाफ थे । खिलाफ हो भी क्यों ना उसने काम ही ऐसा किया की सबकी दिल दुखा दिया था कोई ओ की तो जैसा पूछ पे आग लगा दिया था । पॉपकॉन की तरह तावे पे उछल रहा था ना बैठ पा रहा था ना उठ पा रहा था । सबके जले पे नमक छिड़कने वाला था आज वो । एक अकेला खिलाड़ी समझ बैठा था अपने मन आत्मविश्वास था उसका तदबीर आज और अभी कुछ ही देर पे पूरा होने वाला था । और सबको अपनी परसाई से वाकिफ करवाने वाला था ।






जिशु खंडार के लिंटर पे ऊपर 10 फीट ऊपर खड़ा था और नीचे (शेतन ,विशु ,तपन, तानिया और शीतल खड़ी थी) जो उसके ऊपर भड़ास निकाल रहा था ।



विशू ।" तूने प्रोमिस किया था की शीतल आंटी के साथ कुछ नही करेगा ।" (इसको आज में जिंदा नहीं छोडूंगा)

शेतन ।" भाई ये सब क्यों किया । एक बार भी मुझे तूने बताना ठीक नही समझा अभी विशु ने सब बता दिया लेकिन उसे भी नही पता था कि तू बदले में ये सब करने वाला है ।" (इसे बस जिशु की गलती दिख रही है अभी तपन की गलती के तरफ ध्यान नहीं दिया)


तपन जो गुस्से में अंगारे बन चुका था खंडार की दीवारों पे मुक्का मार के बोला ।" साले कमीने में तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा । " आग बबूला हुए जा रहा था एक सांड की तरह बस सिंह उपर कर के जीशू पे निशाना साध के रखा ।



तानिया ।" बेटा ये तूने क्या किया है । ऐसा क्यों किया मुझसे एक बार बात तो का लेते ।" ( अपनी गलती का पछतावा करती हुई)


अब वो जिसकी एमएमएस वायरल हुई थी ।शीतल बिलख बिलख के रोई जा रही थी ।" कमीने नरक में भी जगह नहीं मिलेगा तुझे । क्यूं किया मेरे साथ ऐसा क्यू । मुझे बर्बाद कर दिया तूने हरामखोर पाखंडी इंसान । सब मुझपे थूकेंगे अब । कहा मुंह छिपती फिरंगी कहा । मेरा घर उजार के क्या मिला तुझे ।"


जिशू लिंटर से जंप मार के नीचे उतरा । तपन गुस्से में जिशू के सामने जा के पूरी ताकत के साथ एक मुक्का मारता है ।





तभी जिशु सबकी आखों की पलकों में गायब हो जाता है और तपन का बार हवा में चला जाता लेकिन एक खंबे पे मुक्का पड़ जाता है । सभी आचार्य चकित रह गए क्यू की जिशू टेलीपोर्ट हो के दूसरी जगह प्रकट हो गया उन लोगो से दो गज दूर ।




हां हा हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां



ये हसी पूरे खंडार पे और उस पहाड़ी एलेका में गूंज उठी । और ये लोग हैरान थे ।


विशु ,तपन और शेतन मन में ये सोच रहे थे ( ये कमीना कैसे यहां से वाहा एक पलक में गायब हो के दूसरी जगह प्रकट हो सकता है । मतलब इसे भी वरदान में दूसरी सकती मिली थी और इसने हमे बताया तक नहीं । पर क्यूं । क्यू नही बताया इसने हमे । इतने दिनो तक ये हमे धोखा दे रहा था )



शीतल और तानिया भूत बनी खड़ी थी इस अद्भुत अविश्वसनीय दृश्य देख के । अच्यार्याचकीट हो के आंखे निकाल के जिशू को देख रही थी । सभी भूल गए थे एक पल के लिए की वो किस मकसद से खंडार के अंदर मजूद हे ।



जिशू थोड़ी और कर्तप दिखता है हास हास के ।सभी हैरान थे । सभी पागल की मानसिकता में थे । तानिया और शीतल तो कुछ समझ ही नही पा रही थी वो दोनो क्या अद्भुत कारनामा देख रही हे । दोनो साधारण इंसान थे उस वरदान की लक्षण समझ के परे थे ।


जिशू मुस्कुराते हुए बोला ।" तपन तुझे बोहोत घमंड है ना अपने ताकत का । आ ले मार ।मार मुझे भाई मार । आज तुझे में एहसास करवाऊंगा असली ताकत किसे कहते हे और इसकी सही प्रोयाग किया कैसे जाता है । बोहोत घमंड हे ना तुझे ।"

तपन कुछ जवाब नही दे पाया बस जिशू को देखता ही रह गया । जिशू के बातों ने जिशू के अंदाज से उसके लहेजे से उसके वो रूप देख के उसके दिमाग खाली हो गया था ।



एक पल के लिए सब लोग नजर नही हटा पा रहे थे जिशू के ऊपर से । सबकी बोलती बंद थी ।



जिशू के आखों से आसूं निकल आए नाजने किस दर्द में तड़प रहा था वो । उसने अपनी नजरे सिर्फ और सिर्फ अपनी मम्मी तानिया की तरफ कर के बोला ।" मम्मी आपको लगता है मैने जो किया वो गलत किया । लेकिन क्या आप जानते है मेरी गलती का नींव कहा से जुड़ा है । जानते हे आप मम्मी कहा से मेरी गलती की नीव जुड़ा हुई हे । मम्मी वो नींव आप और मेरे अजीज दोस्त मेरे भाई जिसे में सगे भाई मानता था तपन । वो नींव आप दोनो हो । मुझे मजबूर का दिया था आप दोनो ने । जिस दिन पता चला उसी दिन से में मर गया हूं । इस दुख से में कभी उभर नहीं पाया आज भी नहीं सायेद कभी नही । मुझे सहारा देने के लिए था मेरा एक भाई जिसे में सगा मानता हूं और वो है बिशु । जिसे ये बात मुझसे पहले पता चली नही तो में किसी को नही बताता । क्यू की इस हमारी दोस्ती टूट जाती हमारी परिवार टूट जाती । शेतन को इसलिए नहीं बताया मैंने उसे । विशु था मुझे सहारा देने के लिए लेकिन वो भी मजबूर था दो दोस्तो में से किसको सुने । मेरा घाव इतना बड़ा था की में जख्म पे मलहल लगाने के लिए कुछ नही था । मम्मी तुम सोच भी नही सकती मुझे कैसा लगता है जब भी आपको तपन के साथ ....(सेक्स ,रोमांस मोज,मस्ती) करते हुए । भला कौन अपनी मम्मी को किसी और के साथ वो भी अपने ही बेटों के दोस्त के साथ । मम्मी मानता हूं एक बार गलती से आपके हाथों से ये सब हो गया । लेकिन आप एक समझदार औरत और समझदार मां और पत्नी थी । पापा को नही बताया तो कमसे कम मुझे बता देते । आखरी मेरे ही दोस्त के साथ । ये तो हक है मेरा क्यू की आपने मेरे दोस्त के साथ रिश्ता बनाया । कोई और होता तो मम्मी ............. में सह भी लेता .............. लेकिन आपने मेरे ही दोस्त के साथ ............. क्यू मम्मी .......... इस हादसे को हुए अभी बोहोत टाइम हो गया है ....... इतने महीने में आपको गलती का एहसास भी नही हुआ और आप तपन के साथ ...........या आप इसे गलती नही जान बूझ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर समझ के .......... मम्मी मुझसे रहा नही गया और मैने बदले में जो सही लगा वो मैंने किया ।"



जिशू अभी तक बात खतम नही की उसने इस बार तपन से बोला ।" भाई तू मुझे मारने आया था ना । अगर इतना ही बहादुर है सच्चे मर्द होते तो मुझसे बात करते मुझसे कहते की में तुम्हारी मम्मी से प्यार करता हूं । लेकिन तुम कायर निकले । जब तूने मेरे साथ वफा नहीं निभाया तो मैं क्यों निभाऊं । मेने भी तुझे वही दर्द दिया है जो तूने मुझे दिया है दोस्त । कैसा लग रहा है अब । अब तुझे पता चल रहा हे कैसा लगता है जब एक दोस्त दूसरी दोस्त की मम्मी की बिस्तर .............. लगी ना तुझे । हा भाई ऐसे ही लगी थी मुझे और आज भी सहता आ रहा हूं में । अब हम दोनों एक ही नाव पे चबार हे । तू मुझे सबक सिखाना चाहता है और में तुझे । अगर दो दो हाथ भी करना चाहता है तो में तैयार हूं जब तू बोले । अपनी कहानी का तू नायक है और में अपनी कहानी का नायक हूं । "



जिशू शेतन की तरफ खुद एक गुनेगार ठहराते हुए दिखा के शेतन की आखों में देखता है ।" है मेरा भाई । तुझे पराया कर दिया ना मैने । चाय पी गिरी मक्खी की तरह उठा के फेक दिया था मैंने तुझे इस प्लान से । लेकिन में तुझे अपनी ऐसी दुखियारी प्लान में शामिल कर के तेरी हसी नही चिन न नहीं चाहता था । विशू को भी नही बताता लेकिन इसे मुझसे पहले ही पता चल गया था । तू चाहे तो मुझे सजा दे सकता हे ।"


जिशू अब शीतल की तरफ देखता हे ।" आंटी । में आपसे कोई सफाई नहीं दूंगा । बस इतना ही कहूंगा की आपने जो श्राप दी थी वो तो आपके देने से पहले ही लग चुकी थी जो मेरे अपनो के साथ होने वाला था । में जितना भी आपसे माफी मांगू प्रस्सित के लिए कुछ भी नही होगा । इसलिए में ये उचित समझता हूं आप जो भी सजा देना चाहती है जो भी चाहे पुलिस के हाथो पकड़वा के सजा देना चाहती हे । मुझे मंजूर है ।"



जिशु के आसू सुख गए थे स्वगत भाषण से । उसे भी एहसास था उसने गलत किया हे बदले की आग में । और वो खुद चाहता था की उसे सजा मिले ।



तानिया धम से शीर पकड़ के बैठ गई उसने कभी नही सोचा था कि इसका नतीजा इतना भयानक होगा मारने मरने तक तक आ जायेगा ।(नही बेटा में मान टी हूं में गुनेगार हूं । कई बार बेटा कई बार कई बार तुम्हे बताना चाहती थी । लेकिन रिश्ते ही ऐसे हे हमारा की बता नहीं पाई ।आखरी कैसे एक मां अपनी बेटे से उसकी अफेयर के बारे में बता सकती हे । फिर भी बोहोत कशिश की । बोहोत बेटा बोहोत । पर में कमजोर हूं । मुझमें इतनी हिम्मत नही थी लेकिन आज मेरी हिम्मत ना होने की नतीजा मुझे ही नही सबको भुगतना पड़ रहा है । I'm sorry बेटा । माफ कर दो मुझे )



तपन रद्दी में पड़े न्यूज पेपर की तरह मूल्यहीन हो गया था ।( हा दोस्त तुम सही हो । अब तुम्हराब दर्द मुझे एहसास हो रहा है । में भी कमजोर निकला जितनी मेरी ताकत हे उतनी ही खोखला निकला में । क्या फायदा हुए इस वरदान का कुछ नही । सब खत्म हो गया । काश माफी के लायक होता ।"


जिशु (दोस्त में समझता हूं तुम्हारा दर्द । लेकिन गलत तो गलत होता है । में भी सायेद तब तुम्हारा दर्द ठीक से समझ नही पाया जितना अब समझ पा रहा हूं । अगर समझ पाता तो सायेद में कुछ कर पता खुद । सब दर्द तेरे कंधे पे डाल दिया दोस्त । माफ कर दे यारा)


शेतन चिल्ला के बोला ।" ये सब हो क्या रहा है । क्या हे ये सब कोई बताएगा मुझे "


जिशु उसे साइड में ले के गया समझने ।


शीतल (ये क्या बोला रहा है । क्या सुन रहा हूं में । क्या मेरा बेटा और तानिया । क्या सच में । इसलिए जिशु ने मेरे साथ ऐसा किया )




अंधेरा हो रहा था सूरज कब का डाल चुका था । लेकिन आज चांद भी शर्मा रहा था इनलोगो की कायनात देख । तभी एक कड़क बादल गरज उठे आसमान में काली घने मेघ की तकरार कुछ अनहोनी होने का संकट दे रही थी ।जैसे प्रकृति भी नाराज हे इन दृश्य से ।




अचानक खंडार का पुराना चट्ट की मालवा गिरने लगे । विशु और शेतन तो साइड में थोड़ी दूर समझा बुझा सलाह मशरा कर रहे थे ।


जिशू जिस जगह पे था उसके ऊपर कोई मालवा नही था । शीतल , तानिया और तपन जिस जगह थे उस जगह पड़ खंबे टूट के गिर रहे थे । सब कुछ इतना जल्दी हो रहा था जिसकी उम्मीद नहीं थी ।


तीनों वाहा से भागने लगे । शीतल और तपन तो कामयाब हो गए लेकिन तानिया किसी दरार में पेड़ फंस गया । और तपन जल्दी से तानिया के पास गया और तानिया की पेड़ निकलने में लगे थे की उसके ऊपर एक खंबे का मालवा गिर पड़ा । जिसपे लगी दो रोड उसके पीठ से घुस के उसके चीनें से निकल आई ।



जिशु और शीतल एक साथ चिल्लाता है "तपन"
तानिया को कुछ समझ ही नही आया पलक झपटे ही ऐसा हादसा जो हो गया ।


शेतन आवाज सुन के दौर के आ गए और विशु तो अपनी रफ्तार से पहले ही पोहोच गया था तपन के पास ।




"Tapannnnnnnnn"
Awesome update Bhai
 
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