गाँव क रिवाज -भाई चढ़े बहिनिया पर
" अरे हमार बेटी नहीं डरने वाली , अपने भाइयों से बोल के रखों , कहीं वही नहीं पीछे ,... "
अब साथ पाकर छुटकी सवा सेर हो गयी , कुछ सास के कान में बोली , और सास ने इशारे से उससे कहा बोल दे न , घबड़ाय नहीं।
बस , वो एकदम मेरी बहन की तरह , नैना से बोली ,
" मेरी ननद रानी तोहार दो नहीं हम चार बात मान लेंगे , लेकिन बस दो छोट छोट बात हमार , पहली तो ई की हम उमरिया की बारी हैं , अपनी ननदन की तरह नहीं की हर खेत खरिहान में , अभिन खाली एक बार , अपने जीजू के साथ ,... "
ननदें कोई मौक़ा छोड़ती हैं जो नैना छोड़ती , और वो भी ऐसी पैदायशी छिनार , उसने जोर से छुटकी को घूरा और बोली , जीजू के साथ क्या
छुटकी जोर से मुस्करायी और बोली ,...
" और क्या साली का जो हक़ है जीजू पर , चुदवाने का , तो अब तक सिर्फ एक बार चुदवाया है अपने जीजू के साथ ,
हमारे यहाँ की लड़कियां , मेरी ननदों की तरह थोड़ी होती है की जैसे भैया का का खड़ा होने लगा , बस चढ़ गयी ऊपर ,...
तो अभिन हम एकै बार वो भी खाली जीजा हमें चोदे हैं , तो बस , एक छोट काम ,... हमको गुन ढंग तो है नहीं , ... तो तोहरे भइया लोगन के साथ ,... बस ननद रानी एक बार आप , खुद उनकर लंड मुंह में लैके चूस चूस के देखाय देना , अपने भैया का , ... की कैसे चूसते हैं
तो हमहू वैसे तोहरे भइया क लंड चूस लेंगे , हम मना नहीं कर रहें हैं ,... उसी तरह से एक बार आप अपने भइया क लंड आपन बुरिया में लैके देखाय सिखाय दो , जैसे तोहार भैया , आपन बहिनी क चोदत हैं , वैसे हमहुँ चोदाय लेब उनसे , ...
वैसे गाँड़ में भी एक बार अपने भैया क लंड लेके देखा दीजियेगा , पक्का हम जैसे आप अपने भइया से गाँड़ मरवाती है ,
वैसे ही मरवा लेंगे , मना नहीं करेंगे , एकबार भी , ... "
मेरी सास खूब खुश , वो समझ गयी इनकी बहु की छोटी बहन , एकदम इनकी बहू पर गयी है , और नैना भी खुश एकदम उसे अपनी तरह की सहेली मिली है
लेकिन अब छुटकी थोड़ा गर्मायी , और आवाज उसने तेज की , पहले तो नैना को देखा , फिर मेरी सास की
" लेकिन ये हमार भाई चोद छिनार ननद , एक बात समझ लो , हमरे जीजू का तो , ओनकर लंड तो जरूर पकडे मसले होगी , घोंटी होगी न ,... एकदम लोहे का रॉड है , खम्भे पर बजाओ , टनाटन बोलेगा , ....
वो तो अगर दीवार में धक्का मारें तो दीवार में छेद हो जाय , इतना मजबूत और कड़ा ,... तो अपने भाई लोगन को बताय दीजियेगा , की मेरी चूत तोहरे भाई लोगन क बहिन महतारी की तरह भोंसड़ा नहीं है , ताल पोखर ,... बहुत ताकत लगेगी , और खूब कड़ा होना चाहिए तभी घुसेगा ,... नहीं तो पहले ननद रानी तू चूस चूस के आपन भाई क लंड पहले खड़ा कर देना , खूब कड़ा , तभी घुस पायेगा ,... बस यही दो बात ,... "
नैना मारे खुसी के तुरंत छुटकी को अपने अँकवार में भर ली और चूमते हुए बोली , " एकदम अपने बड़की बहिन पर गयी हो , हमार तोहार रिश्ता और दोस्ती खूब निभी "
हमारी सास भी खूब खुस।
और दूसरी ओर से सासू जी ने बहुत दुलार से मेरी छुटकी बहिनिया को दुबका लिया और अब बना किस छिपाव के उसकी दोनों कच्ची अमिया सासू जी के हाथ में थीं, और जैसे उसके जीजू दबाते हैं एकदम उसी तरह कस कस के , रगड़ रगड़ के दबा रही थीं , कभी बस जस्ट आ रहे निपल को भी नोलेकिन च लेती थीं, उसे चूमते हुए बोलीं,
" अरे ये तुम ने तो अपनी ननदों के मन की बात कह दी,... इस गाँव का रिवाज है, सारी की सारी लड़कियां जो इस गाँव में पैदा होती हैं , एह गाँव क पानी पीती हैं , सब की सब पक्की भाईचोद,... बिना आपने भाई क लौंड़ा खाये इन छिनालों क ठीक से जवानी नहीं फूटती,... बिना उनसे मिजवाये, चुसवाये, रगड़वाये , जोबन में ढंग से उभार नहीं आता, चूत में झांट ,... और सगा भाई हो तो एकदम पक्का,... "
सासू जी बोल तो नैना से रही थीं , लेकिन बुलबुले मेरे मन मन में फूट रहे थे, इनके और मेरी मंझली ननद को ले कर सच में एकदम जबरदस्त जोबन है उनके और नन्दोई जी के पहले से तो यही मसल रहे हैं , खुद कबूला था अपनी सास के सामने,
स्कूल से उसके आते ही उसकी स्कर्ट उठा के ये पहले उसकी चूत चूस के चाट के झाड़ते थे
और मेरी ननद इनका नेकर खोलकर लंड मुंह में लेकर, बिना लंड का पानी पिए, ... नाश्ता नहीं करती थी, सगे भाई बहन , एक दो दिन की अंदर ही अपने सामने अपनी सैंया की सेज पर अपनी ननद को न सुलाए , खुद पकड़ कर उनकी टाँगे न उठायीं न तो अपनी ननद की भाभी नहीं।
लेकिन नैना को शायद ये पसंद नहीं आ रहा था की सासू जी ने एकदम से साइड बदल ली और छुटकी के सामने ही गाँव की सब लड़कियों की पोल पट्टी खोल रही हैं, वो सासू जी को घूर रही थी,...
और सासू जी ने ननदों की पोल खोल अभियान और तेज कर दिया , और मैं बाहर दरवाजे के पीछे से खड़ी, सुन देख रही थी , ... मुस्करा रही थी, बात सही थी, आखिर वो भी तो मेरी तरह से ही इस गाँव की बहू थीं,...
" अरे ये तुम ने तो अपनी ननदों के मन की बात कह दी,... इस गाँव का रिवाज है, सारी की सारी लड़कियां जो इस गाँव में पैदा होती हैं , एह गाँव क पानी पीती हैं , सब की सब पक्की भाईचोद,... बिना आपने भाई क लौंड़ा खाये इन छिनालों क ठीक से जवानी नहीं फूटती,... बिना उनसे मिजवाये, चुसवाये, रगड़वाये , जोबन में ढंग से उभार नहीं आता, चूत में झांट ,... और सगा भाई हो तो एकदम पक्का,... "




