जोरू का गुलाम भाग २५८- एम् ३ पृष्ठ १६२३
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खुल जा सिम-सिम...घुस गया, धंस गया, अंडस गया -रीनू स्साली के
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और जब गुड्डी ने सीटी मारी तो एक बार वो कस कस के अपनी साली की रसीली चूत चूस रहे थे , जीभ से लिक कर रहे थे , दोनों हाथ जोबन का रस ले रहे थे
और ये सीटी थी सीधे अटैक की , पेन्ट्रेशन, घुसा दो अंदर पूरा , ..., गुड्डी की सीटी की गूँज अभी हलकी भी नहीं पड़ी थी की ,...
साली की चीख , .... और रीनू की चीख गुड्डी की सीटी कई गुना तेज थी , दर्द की भी चीख मजे की भी चीख ,...
उसके जीजू ने, मेरे मरद ने एक बार में ही पूरा पेल दिया था , ...
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ऊँगली और जीभ के उनके दूतों ने , जी प्वाइंट का सही सही पता ठिकाना , जी पी एस लोकेशन के साथ ,...
बस , ... जब उन्होंने घुसेड़ा अपना मोटा भाला , तो बस हलके से तिरछे कर के , और सुपाड़ा , उस जी प्वाइंट को रगड़ते , दरेरते , ... और एक पल के लिए रीनू के जीजू ठहरे , अपनी साली की नाजुक कलाई दोनों अपने हाथों में कस के पकड़ी , ....
अपना जस्ट घुसा भाला , एक बार फिर हल्का सा बाहर निकाल कर , अपनी कमर की पूरी ताकत के साथ , .... ठेल दिया, धकेल दिया।
आज पहली बार साली अपनी जीजू की कमर की ताकत देख रही थी।
एक बार फिर उसी जादुई बटन को रगड़ते , मसलते हुए जो भाला अंदर घुसा , ... तिलस्म के सारे दरवाजे अपने आप खुल गए।
और ढाई किलो के मुक्के की तरह , ... किसी मुक्के से कम नहीं होती थी उनके सुपाड़े की चोट ,... सुपाड़ा सीधे साली के बच्चेदानी पर पूरी ताकत से ,
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साली वैसे ही जीभ और ऊँगली के डबल अटैक से थोड़ी देर पहले ही बार बार झड़ने के कगार पर पहुँच रही थी , और उसके जीजू की इस जबरदस्त चोट , और वो भी सीधे साली की बच्चेदानी पर ,
जैसे ज्वालामुखी फट पड़ा ही ,
उस तेज चीख के बाद रीनू , उनकी साली चीखती रही , चिल्लाती रही , ... बित्ते बित्ते भर चूतड़ उछाल रही थी ,
पर जीजू का जब बित्ते भर का अंदर धंसा हो , ... तो साली लाख चूतड़ पटके , चीखे चिल्लाये , ... कोई भी जीजू न छोड़ता है न निकालता है।
उन्होंने भी न छोड़ा न निकाला , बस कस के अपनी साली की नरमी कलाई पकडे रहे , आधी दर्जन चुरमुर करती चूड़ियां चूर चूर हो गयीं।
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यही तो मजा है , जीजू साली के रिश्ते का , ... और आज पहली बार वो जीजा साली के रिश्ते का असली मजा ले रहे थे।
रीनू झड़ती रही , झड़ती रही , उसके जीजू का मोटा खूंटा उसकी बच्चेदानी तक घुसा रहा , ...
और जब साली का झड़ना , थोड़ा हल्का हुआ , चीखें सिसकियों में बदल गयीं , तो उसके जीजू ने ,... बदमाश नम्बरी ,... लंड तो जड़ तक घुसा ही था , बस लंड के बेस को , अपनी साली के मटर के दाने के बराबर मांसल रसीली क्लिट पर , पहले तो हलके हलके , फिर जोर जोर से ,जबदरस्त घिस्से दे रहे थे थे वो ,
और कुछ देर में ही उनकी साली भी , रीनू उसी तरह अपनी कमर उचका उचका के उनके घिस्सों का जवाब , घिस्सों से दे रही थी ,
वो भी इस मैदान में पहली बार तो नहीं उतरी थी ,... झड़ना उसका रुक गया था , लेकिन एकदम नहीं रुका था ,
हलके हलके बीच बीच में , तूफ़ान में कांपते पत्तों की तरह उसकी देह सिहर उठती , काँप उठती वो जोर से इन्हे , अपने जीजू को अपनी मृणाल बाँहों में भींच लेती , अपने लम्बे नाख़ून इनके वृषभ कन्धों में धंसा देती ,
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जितना उन्हें अपनी साली रीनू को चोद कर ख़ुशी नहीं हो रही होगी, जितना रीनू को अपने जीजू, मेरे मरद के मोटे बांस से चुदवा के ख़ुशी नहीं हो रही होगी, उससे ज्यादा ख़ुशी मुझे अपने मरद को मेरी बहिनिया को चोदते देख के हो रहे थी,
और वो और रीनू मेरी बहिनिया मजे से पागल हो रहे थे, रीनू बहुत चुदी थी लेकिन आज जिस तरह मेरा सोना मोना उसे चोद रहा था,... मस्ती से उसकी हालत खराब थी।
और अब ये भी , अपनी पूरी देह से रस की गागर , अपनी साली का रस , ... लालची होंठ , कभी भौंरे की तरह रीनू के होंठों पर बैठते तो कभी कचकचा कर रीनू साली के गोर चम्पई गाल चूस लेते काट लेते। रीनू की बड़ी बड़ी पलकों को तो चूम कर उस खिलाड़ी ने पहले ही बंद कर दिया था। उनके हाथ भी कब की अपनी साली की नरम कलाइयों को छोड़ चुके थे और दोनों हाथ ,
जिसे देख कर हर जीजा का मन ललचाता है , ...और हर हर साली कभी बड़े गले के ब्लाउजमें से झुककर , कभी जानबूझ कर आँचल सरका कर , तो कभी टाइट टॉप में , जीजू की पेंट टाइट करती है ,
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वही दोनों जुबना इनके हाथ में थे , जीजू के हाथ में साली के जुबना हों और रगड़े न जाय मीजे मसले न जायँ ,... तो बस खूब रगड़ाई मसलाई इनकी साली की चूँचीयो की ,
और रीनू साली की चूँची थी बहुत जबरदस्त , ३४ डी ,... सिर्फ बड़ी ही नहीं , मांसल भी कड़ी कड़ी भी ,...
साली की चुदाई पूरे जोर से चालू हो गयी थी।
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खिलाड़ी बराबरी का हो तो..रीनू, मेरी बहन और मेरा मरद
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और रीनू साली की चूँची थी बहुत जबरदस्त , ३४ डी ,... सिर्फ बड़ी ही नहीं , मांसल भी कड़ी कड़ी भी ,...
साली की चुदाई पूरे जोर से चालू हो गयी थी।
और साली भी रीनू ऐसी , ...साली सिर्फ चुदवा ही नहीं रही थी अपने जीजू से , जीजू को चोद भी रही थी ,
हर धक्के का जवाब धक्के से चूतड़ उछाल उछाल कर , खुद अपनी चूँचियाँ अपने जीजू के चौड़ी छाती में रगड़ रही थी , घिस रही थी , चुम्मा चुम्मी अब सीधे टंग फाइट तक पहुँच गयी , जीजू की जीभ ऐसे चूस रही थी जैसे जीभ न हो जीजू का लंड हो। अपनी लम्बी छरहरी टाँगे , साली ने जीजू की देह में लता की तरह लपेट कर , ... रीनू की बाहें इनकी पीठ पर ,.... कभी जोर से सिसकती तो उसके नाख़ून उसके जीजू के पीठ में गड़ जाते , ... स्क्रैच के निशान उसके जीजू की छाती पर , पीठ पर ,... अगर कभी जीजा का धक्का रुकता तो खुद वो अपने जीजू को जोर से अपनी ओर खींच कर ,... जैसे प्यासी धरती हाथ बढ़ा कर सावन में बादल को बुला ले , ...
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और सिर्फ देह बाहर से ही नहीं , वो ट्रिक जो तीनो बहनों ने सीख रखी थी , .... नट क्रैकर ,..... उसकी मस्त रसीली गुलाबी चूत अब अपने जीजू का मोटा लंड , बार बार सिकोड़ रही थी , निचोड़ रही थी ,..
उनके धक्के भी अब लम्बे लम्बे , ... सुपाड़े तक लंड को वो बाहर निकालते , फिर एक धक्के में अपनी साली की बुर में पूरा लंड , ... साली सिसक उठती , लेकिन सुपाड़े का हर धक्का सीधे बच्चेदानी पर ,...
पर साली के जीजू की फेवरिट पोज तो कोई और थी न ,
और पूरा लंड घुसेड़े , घुसेड़े ,....
और साली भी कौन नयी बछेड़ी थी , ... और वो भी तो कब से तड़प रही थी जीजू का घोंटने को ,... साली ने भी अपना सारा जोर , अपनी कुहनी मोड़ कर हाथों पर ,
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और वो कुतिया बनी , ... हाँ लेकिन ये न इतने केयरिंग , ... ऐसे समय में भी ,... आस पास की सब तकिया , मसनद , साली के नीचे ,
कातिक की कुतिया झूठ जिस तरह से रीनू चुदवा रही थी , और ये चोद रहे थे , अपने पैरों को रीनू के दोनों खुले पैरों के बीच में डाल कर उन्होंने रीनू की खुली टांगो को और अच्छी तरह फैला दिया था इसलिए आराम से सटासट , सटासट लंड जा रहा था , निहुरी हुयी , कुतिया बनी स्साली गपागप गपागप लंड घोंट रही थी।
और तभी उन्होंने साली से बेईमानी कर दी , ... पर सालियाँ मण्डप में गाली देने से , कोहबर में छेड़ने से , ... कोई मौका छोड़ती नहीं तो कभी कभार जीजू का भी मौका ,... और जब उनका खूंटा जड़ तक घुसा था , बस अपनी दोनों टाँगे उन्होंने रीनू की टांगो के बीच से निकाल कर , अब उनके पैरों के बीच रीनू की लम्बी टाँगे , और धीरे धीरे कैंची की तरह सिकोड़ कर ,... उनकी साली की टाँगे एकदम चिपक गयीं और साथ ही टांगों के बीच का छेद भी एकदम कसा , सिकुड़ा और उसके अंदर मोटा भाला धंसा , ... हलके हलके निकाले उन्होंने ,....
पर असली मजा तो तब आया , जब उन्होंने पूरी ताकत से वापस घुसेड़ा , ... उसी कसी चिपकी बुर में ,...
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उईईई नहीं ,... जी.... जू ,... नहीं नहीं ओह्ह्ह्हह उईईईईई
साली जोर से चीखी ,
और कौन ननद ये मौका छोड़ देती और गुड्डी तो असल वाली , पक्की बचपन की छिनार ननद थी , रीनू को छेड़ा उसने ,
" क्यों भाभी , मजा आ रहा है न ननद के भाई के साथ ,... "
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उस दर्द के बाद भी कुतिया की तरह झुकी रीनू ने , गुड्डी की ओर मुड़ कर बोली ,
" स्साली , ... भाभी , ननद के भाई के साथ मजा नहीं लेगी तो क्या तेरी ऐसी छिनार भाइचोद ननद की तरह अपने भाई के सामने टाँगे फैलाएंगी। "
" अरे नहीं भाभी , आप अपने भाई के साथ भी मजे लीजिये , और मेरे भइया के साथ भी , आखिर भाभियाँ अपने मायके को छोड़ के आती ही इसलिए हैं , ननदों के भाइयों से चुदवाने ,... मैं तो बस ये पूछ रही हूँ मायके में अपने भाइयों के साथ ज्यादा मजा आता था , या मेरे भाई के साथ ,.... " गुड्डी खिलखलाई।
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" अपने बहनचोद भाई से तूने अपनी कुँवारी चूत की सील तो तुड़वा ही ली है , ... चल अब तुझे अपने मायके ले चल कर , अपने भाइयों से भी , ... पूरा गाँव चढ़ेगा तेरे ऊपर ननद रानी तब पूछूँगी , किसके साथ ज्यादा मजा आया। "
रीनू कौन चुप होने वाली ,
लेकिन कुछ वो और बोलती , उसके पहले साली की चीख निकल गयी।
ईंट का जवाब पत्थर से..गुड्डी और रीनू
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" क्यों भाभी , मजा आ रहा है न ननद के भाई के साथ ,... "
उस दर्द के बाद भी कुतिया की तरह झुकी रीनू ने , गुड्डी की ओर मुड़ कर बोली ,
" स्साली , ... भाभी , ननद के भाई के साथ मजा नहीं लेगी तो क्या तेरी ऐसी छिनार भाइचोद ननद की तरह अपने भाई के सामने टाँगे फैलाएंगी। "
" अरे नहीं भाभी , आप अपने भाई के साथ भी मजे लीजिये , और मेरे भइया के साथ भी , आखिर भाभियाँ अपने मायके को छोड़ के आती ही इसलिए हैं , ननदों के भाइयों से चुदवाने ,... मैं तो बस ये पूछ रही हूँ मायके में अपने भाइयों के साथ ज्यादा मजा आता था , या मेरे भाई के साथ ,.... "
गुड्डी खिलखलाई।
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" अपने बहनचोद भाई से तूने अपनी कुँवारी चूत की सील तो तुड़वा ही ली है , ... चल अब तुझे अपने मायके ले चल कर , अपने भाइयों से भी , ... पूरा गाँव चढ़ेगा तेरे ऊपर ननद रानी तब पूछूँगी , किसके साथ ज्यादा मजा आया। "
रीनू कौन चुप होने वाली ,
लेकिन कुछ वो और बोलती , उसके पहले साली की चीख निकल गयी।डॉगी पोज का फायदा समझिये , नुकसान समझिये , चोदने वाले को झुके हुए माल की गांड पर नजर पड़ ही जाती है , और इनकी साली के चूतड़ भी ,...
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एकदम जालिम , ..आग लगाउ ,... एक तो २५ की पतली कटीली कमरिया , और उसपर ३४ डी के जोबन ही कम नहीं थे , ... पर चूतड़ उनकी साली के पूरे ३६ ,... खूब भारी , गदराये ,... और निहुरने पर तो और ,...
एक ऊँगली उन्होंने जोर से घुसेड़ दी , और रीनू की चीख निकल गयी ,...
और गुड्डी क्यों छोड़ती ये मौक़ा , ....
फिर रीनू ने भी तो गुड्डी के साथ एकदम भाभी का धरम निभाया था , जबरन उसे पकड़ कर निहुरा कर , उसकी गांड फैलाकर उसमें मोटा खूंटा धंसवाया था , और अगली बार उसके मुंह में अपनी बड़ी बड़ी चूँची जबरदस्ती घुसेड़ कर , ... जबतक गुड्डी ने पूरा मोटा सुपाड़ा न घोंट लिया , ... उसके बाद भी अपनी जाँघों के बीच दबाकर ,... वो चीखती रही चिल्लाती रही बिसूरती रही , पर एक पक्की भौजाई की तरह ,... रीनू ने अपनी ननद की गांड भी फड़वाई , उसकी सैंडविच भी बनवायी ,
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" अरे भैया ये क्या कर रहे हैं , मेरी मीठी भाभी का एक ऊँगली से क्या होगा ,... मालूम नहीं मायके में अपने , पूरे कातिक में एक दिन भी नागा नहीं जाता था इनका कोई भी कुत्ता , देसी , बिदेसी ,... कोई भी भेदभाव नहीं करती थी मेरी ये मायके की छिनार मीठी भाभी ,... मुक्के ऐसी मोटी गांठ , घंटे घंटे भर ,... तो ऊँगली क्या ,.... ऊंट के मुंह में जीरा ,... "
गुड्डी ने चिढ़ाया।
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" साली तीन तीन से गांड मरवाकर मन नहीं भरा तेरा। जब फट रही थी कैसे चीख रही थी , भाभी बचा लीजिये आप , पैर छूती हूँ आपका , ... प्लीज मेरी अच्छी भाभी , प्रॉमिस ,... बस आज बचा लीजिये फटने से ,... जान निकल जायेगी ,... पक्का प्रॉमिस ,... आज के बाद कभी भी चूतड़ मटका मटका के नहीं चलूंगी , कभी टाइट जीन्स पहन के लौंडो के आगे अपने लौंडा छाप चूतड़ दिखा के नहीं ललचाऊँगी ,... "
रीनू एकदम पक्की मिमिक ,... एकदम गुड्डी की आवाज की नक़ल बना के बोल रही थी।
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गुड्डी बजाय बुरा मानने के और जोर जोर से खिलखिला रही थी ,
" भाभी , सच , सोलहे आना सच ,... लेकिन आपने बचाया तो नहीं न। फड़वा तो दी न मेरी , फिर ,... अब तो मैं और चूतड़ मटका मटका के चलूंगी , एक बार फट गयी , अब क्या डरना ,... लेकिन न आपने मेरी बचाई न मैं आप की बचाऊंगी , पट्टा पट्टी। भइआ अरे जरा हचक के , मेरी भाभी के जब तक हर छेद में मूसल न चले न ,... "
और रीनू की चीख अबकी कस के निकल गयी , इस बार दो दो उँगलियाँ गांड में हचक कर ,... एकदम जड़ तक ,
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अभी भी उन्होंने कस के अपनी साली की दोनों टाँगे अपनी टांगो के बीच में दबोच रखी थीं , हर धक्का सीधे साली की बच्चेदानी पर पड़ रहा था ,
पर अब छेद बदलने वाला था , ... इसलिए उन्होंने एक बार फिर अपनी टाँगे खोल दिन , साली की टांगों के बीच में डालकर , साली की टाँगे अच्छी तरह फैला दिन , और साथ में गोलकुंडा का छेद भी ,
अपने-अपने शस्त्र और अस्त्र को आजमाने के लिए १०-१० मिनट का मौका...
छोटी है तो क्या हुआ...
मुझे तो हर अपडेट में फुलटूस मजा आया...Komal Ji, me aapki writing ka bahut jyada kaayal hu...aap apni kalam se jo likh deti thi usse pure jism me aag lag jati thi..Bura mat maniyega but ab is story me wo spark nhi raha..apke flavour ka jo taste inn stories me aata tha wo ab nhi milta...ye kahani ab boring hone lagi hai...is kahani se dhime dhime interest ja raha hai...
Please apna wahi purana style of writing dikhaiye..
पहले रीनू रेफरी थी अब गुड्डी ..साली नांदिया छिनार बिच रेफरी बनकर बड़ा माझा ले रही है.
दोनों पार्टी मे मुजे सबसे ज्यादा पसंद आया मेरी बहन मेरा मर्द. अमेज़िंग जीजा साली की मस्ती हो तो ऐसी हो. माझा ला दिया. ये देखने का माझा कुछ और है. वो भी मर्द की बीवी के नजरिये से.
दोनों जीजा के बिच फसी साली कोमलिया तो सब का फेवरेट ही रहा है. सैंडविच बन ने वाला खास कर. मगर जो शारारत कोमलिया कर रही वो सब से मस्त वाला सीन. खुटे के टॉप को कुरेदना पूरा खुटा गटकना जड़ तक. अमेज़िंग.
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आँख बंद करके भी सिर्फ छुअन से पहचान लेगी...मार डाला इस अपडेटेड ने तो. अमेज़िंग. ये भी छोटा वर्ड है. क्या जबरदस्त सीन बनाया है. अपने साजन को अपनी बहन के साथ देखना. और वो भी इस तरह. मेरा वाला तो पहले से ही चाटोरा है. पर जो एक लाइन मे तारीफ करी. वो दिल खुश कर देती है.
सिर्फ इतना ही फ़िदा होने के लिए काफ़ी था.
लव इट, लव इट, लव इट.
साजन जी तो जितनी तारीफ हो दिल खुश हो जता है. बस रियल लाइफ मे थोड़ी जलन होती है.
साली नदिया छिनार सही मौके पर ही सिटी बजाएगी.
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दोनों.. बल्कि तीनों बहनों के किशोर मन की इच्छा जो पूरी हो रही है...जब आपने खुद ही साजन जी की तारीफ कर दी. आपने सवाल मे ही जवाब छोड़ दिया तो हमारी क्या मजाल. धन्य हो पति देवता. सही मरद मिला री तुझे कोमलिया. एकदम गचक के पेला तेरी बहन को. माझा ही ला दिया.
बस कमी रही तो कोमलिया फ्री होती. और दोनों के बगल मे होती. और सहेला रही होती दोनों को तो और माझा आता. पर वो भी क्यों छोड़े अपने जीजा को. उसके पास तो दो है.
ये वाली तारीफ दिल खुश कर गई.
जितना उन्हें अपनी साली रीनू को चोद कर ख़ुशी नहीं हो रही होगी, जितना रीनू को अपने जीजू, मेरे मरद के मोटे बांस से चुदवा के ख़ुशी नहीं हो रही होगी, उससे ज्यादा ख़ुशी मुझे अपने मरद को मेरी बहिनिया को चोदते देख के हो रहे थी,
धन्य हो पति देवता. पति देवो..... नहीं या नहीं. मेला छोना मोना.
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ये बिल्कुल सही कहा....