• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Romance Love in College. दोस्ती प्यार में बदल गई❣️ (completed)

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
42,848
77,661
304
Last edited:

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
42,848
77,661
304

Shetan

Well-Known Member
17,568
51,868
259
Update 10.

वीर: (मुस्कान के साथ) देखते हैं भाई थोड़े दिन रुक जा पता लग जाएगा ।
ये लोग ऐसे ही बात करते रहते हैं, फिर क्लास शुरू हो जाती है, लंच में सब लोग पहले कैंटीन में जाते हैं, लेकिन आज कुछ भी अप्रिय घटना नहीं घटी। ऐसे ही एक-एक करके दिन गुजर रहे थे की एक दिन.....!

अब आगे:

अगले दिन सुबह के नौ बजे क्लास में सब लोग बैठे हुए पढ़ रहे थे! (आज कल वीर का भी मन प्रिया के बार-2 कहने से पढ़ने को होने लगा था) तो वीर भी मन लगा कर पढ़ रहा था।

तभी त्रिपाठी जी और स्पोर्ट्स कोच दोनो क्लास में आते हैं। त्रिपाठी जी और हमारे क्लास टीचर के बीच कुछ बात होती है, तभी कॉल्स टीचर बोलते हैं:

सभी छात्र ध्यान से सुनें, अगले हफ्ते कॉलेज टूर मनाली के लिए जा रहा है! जो भी छात्र अपना नाम लिखाना चाहता है तो उसे अपना नाम त्रिपाठी सर या कोच सर को दे देना !!
नाम देने का समय 4 दिन का है, उसके बाद नाम नहीं लिखा जाएगा,
नाम के साथ 5000/- रुपये की राशि भी जमा करवा देना।

सनी: क्यू वीरे हो जाए तक धीना धिन..

वीर: हो जाये बन्धु ! पर अकेले जाओगे? प्रिया को भी तो पूछ ले!!

सनी: ये हुई ना बात! बेरो थो मन्ने(पता था मुझे) तू उसके बिना कहीं नहीं जाने वाला..इसीलिए तो मैं बोलता हूं कि ये कुछ तो और है !(मुस्कुराते हुए). साले वो भी अकेली थोड़ी जाएगी, उसको बोलना कंचन को भी साथ ले ले।

वीर: हसते हुए : मैं भी जाने थो बेटा तू भी कुछ बोलेगो (मुस्कुराते हुए मुझे भी पता था बेटा कि तू भी कुछ तो बोलेगा!),
देख वो मैं नहीं कर सकता वो तो केवल प्रिया ही कर सकती है उसको मनाने का काम।
क्यू की वो उसकी दोस्त है, और मैंने तो ज्यादा बात भी नहीं की कभी उससे।

सनी: ये नहीं चलेगा बंधु! तेरे वाली तेरे साथ जाएगी तो मुझे भी कोई कंपनी मिलनी चाहिए।

वीर: (कुछ सोचते हुए) हम्म! समझ गया बेटा माजरा क्या है? तो आग इधर लगी है! और कमीना मुझे बोलता है, कि तुझे ये हुआ वो हुआ!!

सनी: अबे ऐसा कुछ नहीं है मैं तो कंपनी के लिए बोल रहा था और कुछ नहीं।

वीर: रहने दे बेटा, मुझसे होशियारी नहीं चलेगी! तेरी हर रग से वाकिफ हूं मैं, साथ-2 में बड़े हुए हैं भाई मुझसे कुछ नहीं छुप सकता तेरा।

सनी: (नजरे चुराके) छोड़ ना भाई तेरी तो आदत हो गई है झूठी टांग खींचने की।

वीर: चल जा क्या याद रखेगा छोड़ देता हूँ आज! पर ये मत समझना तू मुझे गोली दे सकता है।

ना किसी से दुश्मनी है, सबसे अपनी यारी है,
मेरा तो बादमें देखेंगे, पहले तेरी बारी है!
कोई भी ना टिक सके सामने, ऐसी अपनी यारी है,
कर ले बेटा अपने दिल की, काहे हिम्मत हारी है..”


चल लंच में प्रिया से बात करते हैं। तू उसको मनाने में मेरी मदद करदेना! पता नहीं जाएगा या नहीं.

सनी: भाई मानेगी कैसे नहीं हम मना लेंगे।

क्लास चलती रहती है, इसी तरह लंच हो जाता है! और वो दोनों दोस्त खड़े हो गए कैंटीन जाने के लिए ।।

वीर ने एक नज़र सुप्रिया की और देखा तो पाया कि वो वही अपनी सहेली के साथ ही बैठी थी।

वीर: प्रिया आज कैंटीन नहीं चल रही क्या घंटी लगे हुए इतना टाइम हो गया।

सुप्रिया: (रहस्यमय -मुस्कान) ना वीर आज मूड नहीं है तुम दोनों जाओ..

वीर: ?? यार अब ऐसा क्यों कर रही है? चल चुप-चाप तू नहीं जाएगी तो मैं भी नहीं जाऊँगा.

सुप्रिया: चलो श्रीमान ! जैसे मेरे बिना तो रात को खाना भी नहीं खाते होगे आप? हे..हे..हे....चलो क्या याद रखोगे किस रहीस से पाला पड़ा है तुम्हारा।

ये बोलते हुए खड़े हो जाती है और अपनी सहेली को साथ लेकर कैंटीन की और निकल जाती है वीर के साथ। सबलोग कैंटीन में बैठ कर कॉफी पी रहे थे..
तभी वीर बोलता है कि प्रिया टूर का क्या करना है?

प्रिया: मैं क्या बताऊं (मुस्कुराते हुए) तुम देख लो जाना है तो फोरम भर दो! मैं तो जाउंगी नहीं. वो क्या है ना घर पर भी काम रखता है, माँ के पास रुकना पड़ता है पापा भी मना कर देंगे वैसे।

वीर: यार प्रिया ऐसे मत कर ना चिकुड़ी!! तू नहीं जाएगी तो मैं भी नहीं जाऊँगा! ये पक्की बात है.

प्रिया: (हाथ पे मुक्का मरते हुए, झूठे गुस्से से) तुझे कितनी बार बोला है तोते. कि मुझे इस नाम से मत बुलाया कर यहां सबके सामने अब मैं बिल्कुल भी नहीं जाऊंगी। तू हर बार ऐसे ही रो धो कर मुझे मना लेता है।

वीर:

“काश तू पूछे मुझसे मेरा हाल-ए-दिल, मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर."

और

"कटी हुई टहनियां कहा छाव देती है,
हद से ज्यादा उम्मीदें हमेशा घाव देती है ..”

जा प्रिया तूने भी दिखाया दी अपनी दोस्ती अब ये वीर कभी तुझे मजबूर नहीं करेगा।

प्रिया: कर दी ना गंवारों वाली बात बस हमेंसा का यही रोना है तेरा! जब देखो ये रोने धोने वाली शायरी सुनाकर इमोशनल ब्लैकमेल करता रहता है,
(कुछ सोच के) ठीक है-ठीक है अब रो मत माँ को पटाऊँगी शाम को और वो बाबा से बात कर लेगी, तो शायद हो जाए।

वीर: ये हुई ना बात मेरी चीकू..! सोरी प्रिया वाली. वैसे कंचन को भी साथ ले-ले.

प्रिया: (कंचन की और मुस्कुराहट से देख कर) वो क्यों भला?


वीर: वो क्या है ना तेरा भी तो मन लगना चाहिए।

प्रिया: पर ये तो मना कर रही है!! ये टूर पर जाती नहीं है, मतलब इसको पसंद नहीं है।

ये सुनते ही सनी का मुंह उतर जाता है, जिसे देख कर वीर प्रिया को प्लीज वाला इशारा करता है और आंख से सनी की तरफ इशारा करता है जो प्रिया समझ जाती है।

प्रिया: सुन यार कंचन तू भी चल ना मजा आएगा, मैं भी वहा अकेली बोर हो जाऊंगी ये लोग तो अपनी मस्ती मजाक में लगे रहेंगे मैं किससे बात करूंगी?

कंचन: ठीक है प्रिया जब तुम इतना बोल ही रही हो तो मैं भी चलूंगी, आख़िर तू ही तो मेरी एकलौती दोस्त है।

इतना सुनते ही सनी जोश जोश में जोर से चिल्लाता है ।

सनी: हुर्रे..... :rock1:सभी उसकी तरफ देखने लगे,
तब उसे एहसास हुआ कि वो क्या कह रहा है। और तुरन्त माफ़ी माँगता है।
सॉरी मुझे बस इसी बात की खुशी हो रही है कि हमारा ग्रुप साथ में जा रहा है, इसके लिए।

ये देख कर कंचन को भी हंसी आती है जब सनी की नजर कंचन पर पड़ती है तो वो अपनी नजर झुका लेती है।


तो दोस्तों इस अपडेट को यहीं विराम देते हैं और अगले अपडेट में आपको मनाली की ख़ूबसूरती मिलेगी..

अपने सुझाव और अपनी समीक्षा जरूर दे. dhanyawaad.


जारी है...:writing:
Ladke dill ki bat sidhi nahi kahe pate. Par apne jazbat bhi nahi chhupa pate. Amezing beautiful aur romantic update. Dill gud gudane vala.
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
42,848
77,661
304
Ladke dill ki bat sidhi nahi kahe pate. Par apne jazbat bhi nahi chhupa pate. Amezing beautiful aur romantic update. Dill gud gudane vala.
Thank you so much Shetan ji aap aaye bahaar aai :heart: Aapne sahi kaha ladke aise hi hote hai👍 acha laga sun kar ki aapko update pasand aaya :hug:Thanks
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
42,848
77,661
304

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
42,848
77,661
304
Update 11.

कंचन: ठीक है प्रिया जब तुम इतना बोल ही रही हो तो मैं भी चलूंगी, आख़िर तू ही तो मेरी एकलौती दोस्त है।

इतना सुनते ही सनी जोश जोश में जोर से चिल्लाता है हुर्रे..... सभी उसकी तरफ देखने लगे, तब उसे एहसास हुआ कि वो क्या कह रहा है। और तुरंत माफ़ी माँगता है।
सॉरी मुझे बस इसी बात की खुशी हो रही है कि हमारा ग्रुप साथ में जा रहा है, इसके लिए...!!

ये देख कर कंचन को भी हंसी आती है जब सनी की नजर कंचन पर पड़ती है तो वो अपनी नजर झुका लेती है।

अब आगे:

सब लोग बेल लगाने के बाद फिर से क्लास में चले जाते हैं, ऐसे ही पढ़ते या बात करते हुए दिन निकल जाता है,

छुट्टी होने पर रघुवीर, सुप्रिया, सनी, कंचन, चारो कॉलेज से निकलते हैं, सब लोग साथ में चलते हुए बातें करते हैं।

सनी: यार वीरे मजा आ जाएगा, इतने सालो बाद हम सब साथ हैं और ये सावन का मौसम हर तरफ हरियाली, और वो मनाली की खूबसूरत वादियां!

वीर: अबे सानिया साले अभी सावन कहां शुरू हुआ है? और तूने टर्र-टर्र करना शुरू कर भी दिया (मुस्कान) 😄 अबे अभी एक हफ्ता है जाने में।

और बरसात आई कहाँ है? हा तब तक हो सकती है वो अलग बात है!
रही बात जाने की तो तू बिल्कुल सही कह रहा है कि लगभाग 12 साल हो गए हम दोनों को साथ में कहीं घूमे!

मुझे आज भी याद है तेरे मामा की शादी में कितने मजे किये थे हमने।

सनी: हां यार वीरे सही कह रहा है तू, अरे मेरा तो और भी रुकने का मन था वाहा पर साले तेरी वजह से ना रुक पाया, वो चौधरी के लड़के का सर फोड़ दिया था तुमने तो तेरे मामा ने मामला रफादफा कर के हमें वाहा से भेज दिया था!

वीर: कमीने इसमें भी तेरी ही गलती थी! साले खुद जा कर हर किसी से लड़ाई कर लेता था, और बाद में मुझे निपटना पड़ता था, साले बचपन में एक बार भी चेन की सांस नहीं लेने दी तुमने जब देखो किसी न किसी से उलझा रहता था।

सनी: यार वीरे सही कह रहा है तू, लेकिन दो चीजें हैं एक तो अपने से गलत कुछ भी बर्दाश्त नहीं होता, ये तू भी जानता है, मेरे पापा ने हमेशा बचपन से ही यही सिखाया है कि गलत के सामने कभी झुकना नहीं! दूसरा मुझे इतना समझ नहीं था उस समय तो हो जाता था ऊपर नीचे। :D

सुप्रिया और कंचन दोनों की बातें सुनकर हस्ती हैं, सुप्रिया बोलती हैं,

सुप्रिया: अरे -अरे रुकोगे या यहीं पर आज कल्कि पुराण सुनने का इरादा है? हम लोग बात करते-करते कॉलेज से कंचन के घर के पास तक पहुंच गए लेकिन तुमलोगो ने अपनी बात ख़तम नहीं की।

वीर: देख ले सनी इसे कहते है जलकुकड़ी! ये चिकुड़ी जलती है हमसे, इसे बर्दाश्त नहीं हुआ कि हम दो बेचारे सीधे साधे लड़के हंसी मजाक करके समय बिता रहे हैं।

प्रिया: देख ले तोते मारूंगी एक तुझे बोला ना मुझे इस नाम से मत बुलाया कर।

वीर: मै तो बुलाऊंगा क्या कर लेगी "चिकुड़ी" (ये बोलके हसने लगता है साथ में सनी और कंचन भी हस्ती है)।
प्रिया: ठीक है फिर मैं भी सबको बोलूंगी कि ये ज्यादा बोलने वाला तोता है! और फिर तू मिल अकेले में तेरी खबर ना ली तो कहना?

सनी: अकेला? हे भगवान ये क्या हो रहा है? ये मैं क्या सुन रहा हूँ!!

प्रिया: ओए तू चुप कर वरना ये तो बच गया पर तू मेरे हाथ से जरूर पिटेगा।(मुस्कुराते हुए) ऐसे ही बाते करते हुए सब लोग कंचन को उसके घर के पास छोड़ कर वहां से अपने घर की और निकल जाते हैं सनी, वीर और सुप्रिया के घर थोड़ी-थोड़ी दूर पर ही थे तो तीनो अपने घर की और निकल जाते हैं ।

(वैसे सनी के) पिता जी पुलिस अधिकारी हैं तो गांव में साल में एक बार चुट्टियों में आते हैं अपना घर और जमीन देखने के लिए, वैसे सनी और वीर की तरह ही उनके पिता जी भी आपस में मित्र ही थे तो उन्हें कोई चिंता नहीं थी अपनी जमीन की)

वीर: यार सानिया टाइम निकाल के आना शाम को हवेली के चोबारे में बैठते हैं!

सनी: चल साले तू भी क्या याद करेगा किस रहीस से पाला पड़ा है! आता हूँ शाम को,

रघुवीर अपने घर चला जाता है जहां उसकी माता जी उसका इंतजार कर रही हैं ।

सीता देवी: आ गया बेटा, चल जल्दी से हाथ मुँह धो कर आजा कुछ खा ले! और रबड़ी (मोठ बाजरा और लस्सी से बनी) रक्खी है निकल के वो पी लेना गरमी बहुत पड़ रही है बेटा और तुम लोग धूप में आते हो!

वीर: ठीक है माँ!

वीर खाना खा कर चोबारे में चला जाता है जहां पर उसने गाने सुन ने के लिए टेप रिकॉर्डर और कैसेट्स रखे हुए थे! काफी खोज-बीन कर एक कैसेट निकला और टेप में लगाकर मध्यम आवाज में गाना चलाया! कूलर चालू कर के बिस्तर पर धड़ाम से कूद पड़ा!

लडकी: तू जब जब मुझको पुकारे मैं दौड़ी आऊं नदिया किनारे.. 🎶🎶

पुरुष: हर पल तेरा रास्ता निहारे.. दिल लागे नहीं तेरे बिना रे... :music:

मुझे सीने से लगा ले मुझे अपना बना ले मेरे भोले साथिया... तुझे दिल दे दिया...........
मेरा दिल ले लिया... :music:

गाना सुनते-सुनते वीर को नींद आ जाती है और वो सपनों में खो जाता है! जहां वो सपने में देखता है :

आज से कुछ साल पहले की यादे जब वीर और प्रिया आपस में नदी किनारे खेल रहे थे: तो वीर उसको कुछ हस्कर बोल रहा है, कुछ देर बाद सीन चेंज हो जाता है और उसमे वीर और सनी क्रिकेट खेल रहे हैं और किसी के साथ बात कर रहे हैं! फिर कुछ देर बाद वीर और प्रिया आपस में बात करते दिखे!

तभी वीर अपने आपको आज की प्रिया के साथ बैठा हुआ दिखायी देता है!

सपने में वीर से प्रिया बोलती है :
वीर ये प्यार क्या होता है?

वीर: प्यार क्या होता है? :


“जानती हो प्यार क्या होता है,
कभी पूछा है खुद से, कोसिस की है जान-ने की,
ये जो तुम्हारी आँखों में अजाती है चमक मेरे आने से,
और तुम्हें देखकर दिल मेरा भी धड़कने लगता है,
हाँ यही तो प्यार होता है!


या जब तुम दूर होती हो मुझसे, तो तड़फ उठता हूं मे,
तुम्हारा भी तो दिल बेचैन होता है,
हाँ यही तो प्यार होता है!


एक दूसरे की बाते याद करके अकेले में हसना, एक दूसरे की तस्वीर देख खिल उठना,
एक दूसरे से मिलने का इंतज़ार होता है,
हाँ यही तो प्यार होता है!


तुम्हारी गौद मैं सोना, तुम्हारा हाथ -हाथो में ले कर घण्टो बातें करना,
उस वक़्त जो एक दूसरे पर ऐतबार होता है,
हाँ यही तो प्यार होता है!”


सपने में अभी दोनों बातें कर रहे हैं कि जोर की आंधी आती है, वीर और प्रिया दोनों वहां से घर की और निकलते हैं पर आंधी इतनी तेज और धूल भरी थी कि दोनों को घेर लेती है जिसमें कुछ भी नहीं दिखता! आँधी की वजह से प्रिया और वीर की आँखों में धूल चली जाती है प्रिया अपने हाथ में जो कि वीर के हाथ में थी उससे छुड़वा के आँख साफ करती है!

वीर आवाज़ लगता है प्रिया....!!
मेरा हाथ पकड़ो लेकिन प्रिया की आवाज़ नहीं आती!

वीर: प्रिया कहाँ हो तुम? वीर बार-बार चिल्लाता है

तभी उसे प्रिया की आवाज सुनाई दी जो कहीं दूर से आ रही थी!

प्रिया: वीर बचाओ मुझे पता नहीं ये आंधी मुझे कहा उड़ाये ले जा रही है? बचाओ....!

वीर: मैने कहा था मेरा हाथ पकड़ो लेकिन तुम सुनती कहा हो! आ रहा हूँ मै! कहते हुए वीर आवाज की दिशा में दौड़ने लगता है,

(वो बहुत देर तक इधर-उधर घूमता रहता है काफी चिल्लाता है लेकिन कोई आवाज नहीं आती! तब तक आँधी भी जा चुकी है पर प्रिया का कोई पता नहीं,)
प्रिया……!!
कोई मेरी प्रिया को मिला दो मुझसे, कोई ढूंढ दो उसे कहते हुए वीर की आँखों में झर-झर आँसू बहने लगते हैं! तभी उसे जानी पहचानी आवाज सुनाई देती है: वीरे… वीरे!!

वीर: सनी मेरे भाई कहा है तू मुझे केवल तेरी आवाज सुना दे रही है!

भाई यार प्रिया कहीं खो गई है हमको ढूंढ़ना पड़ेगा, सनी मेरे दोस्त मुझे तू भी कहीं छोड़ कर मत जाना! सनी की आवाज़ फिर से सुनायी देती है:

वीरे मेरे भाई क्या हुआ है तुझे? आँखे खोल भाई ! तू रो क्यों रहा है बता मुझे क्या बात है आँख खोल भाई!

वीर: सनी कहा है तू भाई मेरे? मेरी प्रिया... तभी वीर की आंख खुल जाती है!

वीर की आंखे लाल हो राखी थी, और आंसू आ रहे थे।

सनी: (वीर को अपने सीने से लगाते हुए) वीरे क्या हुआ तुझे भाई? तेरी आँखे ऐसा लाल क्यों है? और तू रो क्यों रहा था? और तू नींद में प्रिया-प्रिया चिल्ला रहा था, इसका क्या कारण है?

वीर: भाई बहुत बुरा सपना देखा मैंने, मैंने देखा कि मेरी प्रिया मुझसे दूर हो गई कोई मुझे छीन ले गया उसको, कहते हुए वीर की आंखो में आंसू आने लगते हैं।

सनी: हम्म.. तो ये बात है! मैं ना कहता था कि बात कुछ और है!! अब सामने आ ही गया! तू चाहता है उसे ये साबित हो गया।

वीर: हां- हा मैं चाहता हूं उसे ! और उसके लिए कुछ भी कर सकता हूं! लेकिन मेरे भाई मैंने कभी भी अपने दिल की बात जुबान पर नहीं लाई, क्योंकि अगर वो मुझसे नाराज हो गई तो वो मुझसे दोस्ती भी खत्म कर लेगी, और मैं उसके बिना जी नहीं सकता.

Note: (सुप्रिया रघुवीर को बहुत पसंद करती है। बचपन से ही पर कभी कहती नहीं है और रघुवीर भी सुप्रिया को बहुत पसंद करता है। बचपन से दोनों एक दूसरे को पसंद करते है पर कभी एक दूसरे से नहीं कहते, दोनों डरते है कही हमारी दोस्ती खत्म ना हो जाए और एक दूसरे से दूर ना हो जाए)

(दो साल पहले) एक दिन रघुवीर की मम्मी कभी -कभी सुप्रिया को कहती है।

सीता देवी: बेटा तू ही रघुवीर का ख्याल रख सकती है। तू मेरे रघुवीर से शादी कर ले इस पागल को तेरे अलावा कोई नहीं समझा सकता है। रघुवीर तेरे अलावा किसी और की नहीं सुनता (रघुवीर की मम्मी सुप्रिया को पसंद करती है)। सुप्रिया को शर्म आ जाती है।

रघुवीर की मम्मी कहती है, हर रोज रघुवीर के पापा रघुवीर पर गुस्सा करते है। इतना सुनकर के सुप्रिया अपने घर चली जाती है क्योकि रघुवीर घर पर नहीं होता अपने पापा के साथ कही गया होता है।

जारी है...✍️
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
42,848
77,661
304
Nice update 👌👌👌

Bahut hi Awesome update bhai

Es update me to kahani se jyada to shayari hai bhai
Ekdm mast 👍🏻

Chalana hi padega or koi option bhi to nahi h

Besabari se intezaar rahega next update ka Raj_sharma bhai....

Beautiful story

आज के अपडेट का इंतजार कर रहा था ।

कभी-कभार मुझे लगता है रघुवीर का किरदार आपने खुद के लाइफ से प्रेरित होकर लिखा है । और सुप्रिया जी का किरदार शायद आपकी पत्नी या प्रेमिका से इंसपायरड होकर ।
शेरो- शायरी का शौक आपको भी है और इस स्टोरी के नायक रघुवीर को भी । इश्क - विश्क भी अवश्य आपने किया ही होगा । ऐसे खुबसूरत शायरी से हसीना नही पटे संभव नही है ।
अब लगे हाथ यह भी कबूल कीजिए कि आप अपने हमसफ़र से एक क्लास स्कूल मे नीचे थे । :D

खैर यह सब मजाक की बात हुई ।
रघुवीर साहब और सुप्रिया की अंडरस्टेंडिंग वाकई काफी अच्छी है । वगैर कहे , सुने दोनो एक दूसरे के दिल की बात समझ जाते हैं ।
रघुवीर साहब कालेज ट्रीप पर कहीं भी जाएं और सुप्रिया साथ न रहे , हो ही नही सकता । आखिर रघुवीर उसकी जिम्मेदारी भी तो है ।

इन दोनो के बहाने एक और लव वर्डस् का भला होते हुए भी दिखाई दे रहा है । शायद यह कालेज ट्रीप सन्नी और कंचन के बीच की दूरियाँ कम कर दे ।

आउटस्टैंडिंग अपडेट शर्मा जी ।
लगे रहिए और महिलाओं को तब तक आमंत्रित करते रहिए जब तक फोरम की सारी महिलाएं इस थ्रीड पर आ न जाएं ! :D

Bahut hi shaandar update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and lovely update....

Bhai aapki lekhni or shayri abbal number or update Jabardast superb dhasu :rock1:

Awesome update,
Dono दोस्तो ने पूरी प्लानिंग करके आखिर टूर के लिए प्रिया और कंचन को मना लिया,
ये टूर शायद सनी के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा कंचन को अपने दिल की बात बताने को,


Nice update....

Bhai ji maaf karna aapki story ka kya naam hai main jaroor read karoonga

Time lagne per ata hu :notme:

Are nawabi hai, hamare aapke liye time thodi hoga

Shandar update

Solid update bus updates me size ko thoda or bada kar do mitr toh story ka romanch duguna ho jayega…..

Nice and superb update....

Lajawaab update bhai 👍🏻

ये बाप बेटे तो पूरे हरामी निकले बाप ने अपने बेटे की गलती होते हुए भी उसी का पक्ष लिया और बेचारे त्रिपाठी की बेटी को किडनैप कर लिया ये बहुत ही गलत किया है

Bilkul waise he jaise aapko time nahi milta hamare leye bhi 😉😉

Story read karke comment post krti hu

OOOOYYYHHHOOOOEEEEEYYYYYYYY
Q61

बहुत ही सुंदर लाजवाब और अद्भुत रमणिय अपडेट है भाई मजा आ गया

Ladke dill ki bat sidhi nahi kahe pate. Par apne jazbat bhi nahi chhupa pate. Amezing beautiful aur romantic update. Dill gud gudane vala.

Bhai log new story start Kiya hu please aap sab log isse read karo aur apna support kariye please

waiting for the next update....
Riky007
kamdev99008
Tiger 786
manu@84

Update posted friends 🧡
Kindly give your valuable reviews
:declare:
 
Last edited:
Top