मेरे शब्दों का भी यही तात्पर्य था। हर किरदार भिन्न ही होना चाहिए कहानी में, तभी तो कहानी बनती है। परंतु अनु और शुभ्रा के मध्य का अंतर ही तो कारण है वीर और विक्रम के मध्य के अंतर के पीछे, इसे झुठलाया नहीं जा सकता। बच्चा गिराना या ना गिराना शुभ्रा का अपना फैसला था, वैसे भी अजन्मे शिशु पर मां का ही अधिकार होता है, यहां उस शिशु के ही साथ अन्याय हुआ बस।
बहरहाल, शुभ्रा ने स्वयं भी कहा था नंदिनी से की विवाह के पश्चात वो खुद भी क्षेत्रपाल उपनाम के तले दब गई थी अर्थात उसने भी क्षेत्रपालों के उन अवगुणों में से कुछ स्वीकार कर लिए थे।