जिन्दगि के लौडे कभी भी लग सकते है ।
इसीलिये आज मूठ मारने वाले हाथ टाइप कर रहा हू
एक दुखद सूचना है दोस्तो
बीते रविवार को लैपटाप के लौडे लग गये है ।
दो कम्प्लीट अपडेट के साथ साथ कुछ जरुरी डाटा भी उसी मे कैद है जिसके वजह से सामान्य दुकानो पर उसकी मरम्मत नही हो सकती है । नही मेरा कपटी और हवसी चेहरा जो समाज मे एक आदर्श स्थिति मे है उसके लौडे लग जायेन्गे ।
ऐसे मे मुझे ये लैपटाप मेरे होमटाउन लेके जाना पडेगा और वही गुप्त रूप से इसकी मरम्मत हो सकती है ।
परसो से काफी परेशान था फिर एक मित्र से कुछ तसल्ली भरे बोल सुने उसके बाद दिल मे राहत हुई।
फिर यहा आने का इच्छा-शक्ति जागा ।
फिल्हाल अभी मै घर नही जा सकता और ना ही वो अपडेट फिर से मोबाइल मे लिखने की इच्छा है ।
इसिलिए थोडा सबर रखे । उम्मीद है शनिवार को घर जाऊ तो ही शायद रविवार तक अपडेट मिले ।
धन्यवाद