• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Incest Meri maa

Esac

Maa ka diwana
316
1,886
124
,, रोहन की बात सुनकर सरोज के दिल की धड़कन बढ़ने लगती है,, उसे विश्वास नहीं था कि उसका बेटा इस बारे में भी मालूम करेगा,,, बका मास अपनी सांसों पर काबू पाने की कोशिश कर रही थी,, कुछ समय के लिए उसी ने अपने पति जीवन यादव का एहसास किया,,

Screenshot-20260530-191706 जिसे सोचते ही वह शर्मा गई,,, लेकिन उसने रोहन की बात का कोई जवाब नहीं दिया,, रोहिणी एक बार फिर पूछा,,

रोहन:- बताओ ना मम्मी क्या अपने पापा की मुट्ठी मारी थी कभी??????

,, रोहन के हर शब्द का असर सरोज के सीने पर हो रहा था,, आज उसे अपने स्तन में अकड़न महसूस होने लगी थी,, उसे महसूस हो रहा था कि जैसे उसके स्तन भारी हो रहे हैं,, और उसकी निप्पल अकड़न लगे हैं,, जब वह रोहन की बात का कोई जवाब नहीं देती तो रोहन फिर एक बार बोलता है,,

रोहन:- मम्मी अगर आपको बात ही नहीं करनी थी तो फिर फोन क्यों किया,,

,, इस बार सरोज कुछ देर सोचने के बाद अपने बेटे से बड़ी धीमी आवाज में रहती है,,

सरोज::- बेटा ऐसी बातें अपनी मम्मी से कौन पूछता है??? तो हमेशा यही सोचता रहता है इसीलिए तो तुझे दिक्कत होती है मेरे लाल,,,,

रोहन:- मैं इस बारे में कभी भी नहीं सोचता मम्मी लेकिन जब आप बात करती हो तो आपका वह चेहरा मुझे याद आता है,, इसीलिए मैं आपसे बात करना नहीं चाहता था,, आपकी बातों में ऐसा कर है और आपके चेहरे को याद करके न जाने मुझे क्या हो जाता है मम्मी,,, अगर आप नहीं बताना चाहती तो कोई बात नहीं मैं आपसे फिर कभी बात नहीं करूंगा,,

,, सरोज कुछ देर सोचने के बाद,,

सरोज:- और अगर बताऊंगी तो फिर क्या करेगा???

रोहन:- कुछ नहीं करूंगा मम्मी,, और मैं कर भी क्या सकता हूं इतनी दूर से,,

सरोज:- एक ही शर्त पर बताऊंगी,, तो वादा करके कभी फिर नाराज नहीं होगा मुझे,,

रोहन बड़े खुश होते हुए,,

रोहन :- मैं वादा करता हूं कभी आपसे नाराज नहीं हूं,, और ना ही कभी आपको उदास देखूंगा,,

सरोज:- और कभी सर आपके हाथ भी नहीं लगाएगा यह भी वादा कर मुझे,,,

रोहन:- मैं वादा करता हूं मम्मी कभी शराब को हाथ भी नहीं लगाऊंगा,,, लेकिन आप भी एक वादा करो कि जब मैं दीपावली पर आऊंगा तो आप अपने फोटो को मुझे रंग कर दिखाओगी,,, मैं आपके लिए एक सुंदर लाल रंग की लिपस्टिक लेकर आऊंगा,,,

,, सरोज पहले मन में कुछ सोचती है फिर उसके बाद,,

सरोज :- ठीक है जब दीपावली पर आएगा तब दिखा दूंगी,,,

रोहन:- अब बताओ क्या आपने कभी पापा की मुट्ठी मारी???

सरोज :- शर्म से लाल होते हुए,,, हां जब मेरा महीना चलता था तो वह मुझे हाथ से करवाते थे,, एक दो बार ही किया है बस,,,

रोहन:- फिर क्या पापा को सुकून मिल जाता था मम्मी???

सरोज: हां उन्हें सुकून मिल जाता था,, अब मैं रखती हूं तेरी नानी बुला रही है,,,

,, इतना कहकर सरोज फोन काट देती है,, क्योंकि इससे आगे बात करने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी,, नहीं उसने कभी ऐसी बातें किसी से की थी,, और यहां तो उसका अपना सागा बेटा इस तरह की बातें कर रहा था उसे बहुत शर्म आ रही थी,, वह और कुछ बोलना नहीं चाहती थी इसलिए वह फोन काट देती है,, इधर रोहन मुस्कुरा कर अपने मन में,,,

रोहन::-( मन में विचार करते हुए )… कब तक बचेगी इन बातों से तेरे हाथ में अपना ल** तो पड़वा कर रहूंगा मुट्ठी तो तुझे मरवा कर रहूंगा,,,, एक दिन तू ही इसकी मालिश करेगी,, तभी से सुकून मिलेगा,,, भोपाल कैसा होगा जब तू अपने हॉट रंग कर मुझे दिखाएंगे,,,

Screenshot-20260530-190657

,,, धीरे-धीरे समय बीतता रहता है और ऐसे ही 15 दिन गुजर जाते हैं,, सरोज अपने बेटे से बात तो करती थी लेकिन उसके इस तरह की बातें करने से पहले ही कोई बहाना बनाकर फोन काट देती थी,,, वह ज्यादातर अपने मम्मी पापा के सामने ही बात करती थी ताकि जी रोहन इस तरह की बातें ना करें,,, रोहन ने भी अपनी मम्मी से वादा किया था कि वह उसे कभी नाराज नहीं होगा,, इसलिए रोहन अब ज्यादा गुस्सा नहीं करता था,, उसे इंतजार था तो केवल दीपावली का,,, दीपावली के समय में केवल 7 दिन बचे थे,, एक-एक दिन रोहन के लिए बड़ी मुश्किल से गुजर रहा था,, उसके मन में कुछ और ही चल रहा था वह दीपावली पर अपनी मम्मी के लिए कुछ खास ले जाना चाहता था,, सभी कंपनियों में दीपावली पर बोनस भी मिलता है बोनस के रूप में जो पैसा मिलेगा वह अपनी मम्मी के लिए कुछ खरीद कर ले जाएगा यही सब सो रहा था,, हम बाहर अपनी मम्मी को ज्यादा फोन पर परेशान नहीं करता था,,

,,, ऐसे ही धीरे-धीरे समय बीतता रहता है,, और दीपावली का समय आता है दीपावली से एक दिन पहले ही,, सरोज का फोन रोहन के पास आता है,,

सरोज:- रोहन कैसा है बेटा कल आ रहा है ना तू,,,

रोहन:- हां मम्मी मैं कल आ रहा हूं और आपके लिए बहुत सारे गिफ्ट,, और नाना नानी जी के लिए भी कुछ लेकर आऊंगा,, लेकिन आपको आपका वादा याद है ना मैं आपके लिए लिपस्टिक भी लेकर आऊंगा,,

सरोज:- हां मुझे याद है मेरे लाल मैं दिखा दूंगी तुझे लगा कर,, लेकिन तेरे नाना जी के सामने नहीं,,, अगर मम्मी पापा ने देख लिया तो बड़ा अजीब लगेगा बोलेंगे यह क्यों लगाई है,,

रोहन:- ठीक है मम्मी हम दोनों तो एक ही कमरे में सोते हैं आप मुझे कमरे में लगा कर दिखा देना अकेले में,,, बहुत मन कर रहा है आपको देखने का आपके चेहरे को देखने का,,

सरोज:- यह सब सो कर इतना बेचैन ना होया कर मेरे लाल,, तभी तो तुझे फिर से दिक्कत होती है मैं कहीं नहीं जा रही हूं जब आएगा मन भर के देख लेना,, देखने के लिए मैं तुझे रोक थोड़ी ना रही हूं???

रोहन :- मम्मी एक बात बोलूं आप बुरा तो नहीं मानोगे,,,

सरोज:- कुछ बुरा नहीं मानूंगी बोल मेरे बच्चे क्या बोलना चाहता है,,

रोहन:- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो अगर,, अगर आप एक लड़की होती तो क्या मुझे पसंद करती मुझसे शादी कर लेती है,,

सरोज:- यह कैसी बातें कर रहा है मेरे लाल,,,

रोहन:- मैं तो बस इसलिए पूछ रहा हूं कि शायद मैं ही दुनिया में ऐसा बना हूं जिसको कोई लड़की पसंद नहीं करती,, क्या मैं इतना बुरा हूं मम्मी की किसी को भी पसंद नहीं आता,,,

सरोज :- मां छोटा मत कर मेरे लाल,,, तेरे जैसा बेटा तो दुनिया में हर किसी को नसीब भी नहीं होगा मेरे बच्चे,,,

रोहन:- तो फिर आप बताओ मम्मी क्या आप मुझे पसंद करती है अगर आप लड़की होती तो,,

सरोज :- हां मैं कर लेती मेरे बच्चे तुझे पसंद है,, तुझ में कोई बुराई नहीं है मेरे लाल न जाने क्यों दुनिया वाले हम लोगों को बुरा समझते हैं,, शायद मेरी किस्मत खराब है जो अभी तक बहू का मुंह नहीं देख पाई,,,

रोहन:- अगर ऐसी बात है तो मम्मी आप मेरी तकलीफ क्यों नहीं समझ पाते मेरा दर्द,,,, बहुत तकलीफ देता है,,,

सरोज:- तो इसके बारे में ज्यादा सोच मत कर मेरे बच्चे जब समय होगा तेरी शादी हो जाएगी,,, जल्दी मैं तेरी शादी कर आऊंगी मेरे लाल,, क्या तुझे अपनी मम्मी पर विश्वास नहीं है,,

रोहन:- मुझे आप पर पूरा विश्वास है मम्मी,,, आप मेरे लिए इतना कुछ कर सकती हो,, मैं जानता हूं आप मेरी तकलीफ भी दूर कर सकती हो लेकिन आप करना नहीं चाहती,,

सरोज:- तू जो बोलता है मैं वह करती हूं मेरे लाल,, और मैं तेरी तकलीफ दूर करने के लिए क्या कर सकती हूं,, मैं तेरी मां हूं,, यह तो सोच मेरे बच्चे से ज्यादा मैं तेरे लिए क्या कर सकती,,???

रोहन:- कर सकती हो मम्मी कुछ गलत भी नहीं होगा पहले आप वादा करो कि मैं जो बोलूंगा वह करोगी,,,

सरोज:- मैं वादा करती हूं जो तू बोलेगा वह करुंगी बोल मेरे बच्चे क्या चाहता है???

रोहन:-- जब मैं दीपावली पर कल आऊंगा आप एक बार पापा की तरह हाथ से कर देना मुझे भी,, हो सकता है आपके हाथ से मुझे शांति मिल जाए,,,

,,, सरोजिनी वादा तो कर दिया था लेकिन उसे विश्वास नहीं था कि उसका बेटा इस बात के लिए रहेगा,,, उसके दिल की धड़कन बढ़ने लगती है,,,
Please Saroj Mummy apne bete se pati ki tarah baat kare aur dhire dhire wo bhul jae ki wo uska beta hai
 

Rajkumarji5

New Member
89
204
34
,, वह इसी उलझन में थी कि क्या वह यह अपने बेटे के लिए कर पाएगी,, अब उसे और भी ज्यादा पसीना आने लगा था,, सांस ऊपर नीचे हो रही थी और उसकी आंखों के सामने उसके बेटे का विकराल लिंक दिखाई दे रहा था,,

Screenshot-20260530-222518
डर के कारण उसकी धड़कनें और बढ़ गई थी अपने बेटे के लैंड के बारे में सोच के,, उसके मुंह से कोई शब्द नहीं निकल रहे थे इसलिए रोहन फिर से एक बार कहता है,,

रोहन :- बोलो मम्मी कर दोगी ना एक बार अपने बेटे की परेशानी दूर,,

सरोज :- रोहन.... मुझे... तेरी नानी बुला रही है मैं फोन रखती हूं..

,, इतना कहकर सरोज फोन काट देती है,, रोहन को उसकी बात का जवाब नहीं मिला था लेकिन उसे पूरा विश्वास था कि यह काम उसकी मां कर सकती है उसके प्यार के लिए,,, रोहन मन ही मन सोच रहा था कि जो भी हो अब घर जाकर एक बार इसे मुट्ठी जरूर मरवाऊंगा,, कितना सिंपल होगा वह जब मेरी मां मेरा ल** पकड़ कर रही आएगी,,, रोहन यह सोचते हुए अपने काम में लग जाता है और बस उसे इंतजार तक घर जाने का,, दूसरी तरफ सरोज अपनी धड़कनों पर ख्वाबों पानी की कोशिश करती है और रसोई के काम में लग जाती है,, मेहमान भी यही सोच रही थी कि उसका बेटा आएगा और इस काम के लिए उसे जीत करेगा,, क्या वह अपने बेटे के मोटे लिंग को पकड़ पाएगी क्या उसे खिलाकर एक बार संतुष्ट कर पाएगी,, फिर मन में विचार करती है कि नहीं यह बहुत गलत है मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी,,,

IMG-20260530-221510
,, इसी तरह पूरा दिन भी जाता है,,, और रोहन अपने घर जाने की तैयारी करता है,, चारों तरफ खुशी का माहौल था दीपावली का दिन,,, सभी खुश नजर आ रहे थे सभी ने अपने-अपने घरों को अच्छे से सजाया हुआ था,, रोहन दीपावली के दिन अपने घर पहुंचता है,,, सबसे पहले अपने नाना और नानी जी के पैर छूकर आशीर्वाद लेता है उसके बाद अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद लेता है,,, कुछ समय के लिए अपनी मां के चेहरे को देखकर मुस्कुराते हुए अंदर चला जाता है,,, वह जो गिफ्ट और सामान लेकर आया था अपनी मार्को दे देता है,,

,, सभी बहुत खुश थे रोहन के आने से वह ढेर सारी मिठाइयां लेकर आया था दीपावली के दिन,, अच्छा अच्छा खाना बनाया था उसकी मां ने वह खाना खाने के लिए सभी बैठ जाते हैं,, रोहन सबसे अलग बैठा अपनी मम्मी को रसोई में काम करते हुए देख रहा था,, सरोज भी कभी-कभी अपने बेटे की ओर देख रही थी,, तभी रोहन अपने लिंग को सहलाते हुए,, अपनी मम्मी की ओर देखा है,, सरोजिया देखकर अपना गर्दन घुमा लेती है,,

सरोज:- बेशर्म यह भी नहीं देख रहा है किसके नाना नानी बैठे हैं,,

,, धीरे-धीरे समय बीतता है शाम होती है सभी दीपावली के दीए जलते हैं और,, गांव में कुछ लोग पटाखे भी फोड़ रहे थे,,

Screenshot-20260530-204452
लेकिन रोहन का ध्यान केवल अपनी मां पर ही था,, तभी रोहन की नई हीरोइन से कहती है,,

नानी:- रोहन बेटा अब तो दो-तीन दिन की छुट्टी पर आया होगा ना,,

रोहन:- हां नानी 3 दिन की छुट्टी पर आया हूं,,

नानाजी :- बेटा कंपनी वालों ने दीपावली पर तो गिफ्ट पार्टी होंगे,,

रोहन :- नानाजी गिफ्ट नहीं बाटे बोनस के रूप में पैसे दिए हैं और कुछ मिठाइयां भेज भाई,,

,, यही सब बातें चल रही थी कि रोहन खाना खाकर सीधा रसोई में जाता है और नजरे बचा कर अपनी मम्मी को पीछे से,,

Screenshot-20260507-190244
रोहन :- क्या कर रही हो मम्मी मेरी तरफ ध्यान भी नहीं दे रही आप??? डर लग रहा है क्या??

सरोज:- मुझे क्यों डर लगेगा और किस बात का डर,,

रोहन: तो फिर लिपस्टिक लगा कर दिखाओ ना मुझे आपके होंठ लाल देखने,,

सरोज :- अभी नहीं रात को दिखा दूंगी तो जाना अपने दोस्तों के पास दीपावली मना,,

रोहन:- ठीक है मम्मी मैं जाता हूं और रात को, मैं भी आपको कुछ दिखाना चाहता हूं,, देखोगी ना,,

सरोज:- क्या दिखाना चाहता है???

रोहन:- वही जो मुझे परेशान करता है,,

सरोज:- रोहन बेटा यह गलत है तो समझता क्यों नहीं,,

रोहन:- मुझे नहीं पता मम्मी बस एक बार मेरी मुट्ठी मार देना

सरोज:- मेरे लाल इस बात की जितना कर मैं देख लूंगी बस मगर यह नहीं करूंगी,,

रोहन: तो चलो निकालो इसे बाहर और देख लो एक बार,, कितना बेचैन है,,

सरोज:- अभी नहीं रोहन अभी तो कर रात को देख लूंगी तेरे नाना नानी है यहां पर,,,

रोहन:- ठीक है मम्मी मैं जाता हूं दोस्तों के पास लेकिन जब तक मैं हूं आप लिपस्टिक लगाकर मुझे तैयार मिलना,,

,, रोहिणी है बोलकर चला जाता है लेकिन सरोज की नजरे शर्म से बड़ी झुकी हुई थी उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें,,

IMG-20260530-203931

,, पूरे गांव में दीपावली का माहौल था रोहन जाकर अपने दोस्तों से मिलता है और दीपावली के आतिशबाजी में उनके साथ आतिशबाजी करने लगता है,, चारों तरफ पटाखे की गूंज और रोशनी से कौन जगमग रहा था

Screenshot-20260530-204308
,, धीरे-धीरे समय बीत रहा था काफी रात हो चुकी थी रोहन को ध्यान नहीं रहा कि उसे घर भी जाना है,, तभी रोहन के फोन पर उसकी मम्मी की कॉल आती है,,

रोहन:- हां बोलो मम्मी क्या बात है??

,, लेकिन दूसरी तरफ से भगवान की नानी जी की आवाज आती है और वह कहती है,,

नानी:- रोहन कहां है बेटा बहुत रात हो गई है अब घर वापस आ जा,,,

रोहन:- जी नानी आ रहा हूं थोड़ी देर में,,,

,,, रोहन घर वापस आता है तो देखा है कि उसके नाना नानी बाहर सो रहे हैं पर अंडे में और कमरे में उसकी मम्मी अंदर है,,, रोहन दरवाजा खोल कर अंदर जाता है,, उसे सामने है उसकी मम्मी नजर आती है जिसमें लाल रंग के अपने होठों पर लिपस्टिक लगाई हुई थी,, जिसकी नजरे झुकी हुई थी और नाक में बनाई हुई रोहन की नथनी दमक रही थी,,

Screenshot-20260530-215546

,, अपनी मम्मी को इस तरह देखकर रोहन अपने आप पर काबू नहीं पता और उसके लिंग में अकड़न शुरू हो जाती है,, उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि लिए लिपस्टिक लगाकर उसकी मां इतनी सुंदर लगती है,, चौहान का मन तो कर रहा था कि एक बार उसके फोटो को पी लो,, इन होटों का रस निको निकले के निकाल दो,, लेकिन वह अपने आप पर पागल कब उठाकर अपनी मम्मी के पास जाता है,, और उसके गर्दन को ऊपर उठकर बड़े प्यार से उसकी आंखों में देखते हुए कहता है,,

रोहन:- अपनी आंखें तो खोलो मम्मी,,

सरोज :- रोहन मैं तेरे नाना जी के पास जाकर सो जाती हूं बैठा था वहीं पर दूसरी चारपाई डालकर,, अब तो मैं तेरे मन की इच्छा पूरी कर दी तूने कहा था लिपस्टिक लगाने के लिए मैंने लगा ली,,

रोहन:- मम्मी बाकी आप बहुत सुंदर लग रही हो,, आप अपने बेटे की एक इच्छा और पूरी कर दो,,

,, रोहन हल्का सा अपनी मम्मी के बालों को पकड़ कर पीछे को खींचता है जिसकी वजह से उसका चेहरा उभर कर सामने आता है,, और उसकी आंखें खुल जाती है वह भी अपने बेटे की नजरों में देखते हुए,,

Screenshot-20260530-190657
सरोज:- बेटा यह गलत है एक मां अपने बेटे के साथ ऐसा कभी नहीं करती मेरे बच्चे,, यह तो तेरी पूजा के फूल है जो तेरी बीवी को चढ़ाए जाएंगे ऐसे क्यों बर्बाद करना चाहता है मेरे लाल,,

,, यह सुनकर रोहन को सोचने लगता है उसे समझ में नहीं आता मम्मी फूल की क्या बात कर रही है कौन सी पूजा के फूल किसको चढ़ाई जाएंगे,, पूजा के कौन से फूल बीवी को चढ़ाए जाते हैं हमें समझ नहीं पता,,,

कौन से पूजा के फुल

रोहन:- कौन सी पूजा के फूल मम्मी जो मैं बीवी को चढ़ाऊंगा क्या कह रही हो आप मेरी समझ में नहीं आया,,

,, रोहन की बात सुनकर सरोजों से प्यार से बुलाती है,

सरोज : यही मेरे लाल जो तुम मुझसे करवाना चाहता है यह तेरी बीवी का काम है,, और उसे काम के लिए पहले तेरी बीवी का ही बनता है,,

Screenshot-20260530-215326
रोहन:- ठीक है मम्मी आप ही नहीं पर सो जाओ मैं बाहर जाकर सो जाता हूं,, इतना कह कर रो हम बाहर चला जाता है,,

,, सरोज को कुछ समझ नहीं आता कि उसका बेटा इतनी आसानी से कैसे मांगे,, कहीं मैं फिर से नाराज तो नहीं हो गया,, नहीं मेरे बेटे ने वादा किया था क्या मुझसे नाराज नहीं होगा,,, सुमन बाहर जाकर सो जाता है सरोज भी लेट जाती है,, उसे समझ नहीं आता,, किसका बेटा उससे नाराज हुआ है या वह अपने मन से बाहर गया है,, फिर वह मन ही मां अपने आप से सवाल करती है कि जो उसका बेटा चाहता है क्या वह उसे कर देना चाहिए,, लेकिन मैं आज तक नहीं सुना की कोई मां अपने बेटे की मुट्ठी भी मार सकती है या उसके लिंग को हाथ में पड़ सकती है,, यह तो पाप है ऐसा तो कभी नहीं हो सकता,, लेकिन अगर बेटा जीत कर तो फिर मन को क्या करना चाहिए,, और जिसका एक ही बेटा हो वही जान से प्यार जो उसका घर चलना है उसके जीवन को सर्वत्र है,, बहन क्या करे थे उसका बेटा तकलीफ में है,, और ऊपर से उसका कोई दोस्त भी नहीं,, दोस्तों मेरा है कि मैं उसकी शादी नहीं कर पा रही इसलिए मेरा लाल इतना बेचैन रहता है,, मगर फिर भी कोई गलत काम नहीं करता मेहनत से काम करते हैं दो रोटी खिला है,,, और आज तो कितनी सारा सामान भी लेकर आया दीपावली पर खुशियां लेकर आया मेरा लाल,,

,, सही गलत और पाप पुण्य की लड़ाई में सरोज अपने आप से काफी देर तक लड़ती रहती है,, दो-तीन घंटे बीतने के बाद भी सरोज को नींद नहीं आती,, लेकिन उसे अपने बेटे के लिए बहुत दुख हो रहा था आखिरकार वह फैसला करती है कि जो होगा देखा जाएगा,, वह अपने बेटे को एक बार शांत कर दे,, मैं जरूर अपने बेटे को एक बार संतुष्टि दिलाऊंगा की हाथ से ही सही,,

IMG-20260530-203835
,, कुछ देर सोचने के बाद सर्वर चुपके से बाहर जाती है,, तुम्हें देखती है कि उसके मम्मी पापा गहरी नींद में सोए हुए हैं और उधर रोहन भी अपने बिस्तर पर लेटा हुआ सो रहा है,, अपने बेटे के पास चुपके से जाकर खड़ी हो जाती है,, लेकिन उसे उठाने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी इसलिए मैं प्यार से धीरे से उसके कान में बोलती है,,

सरोज :- रोहन.... रोहन... सो गया क्या बेटा...

,, उसकी सांसों की गति और आवाज से रोहन की आंख खुल जाती है तो वह देखता है कि उसकी मम्मी उसके पास में बैठी है... रोहन अपनी मम्मी के चेहरे को गौर से देखते हुए

Screenshot-20260530-202113
रोहन :- क्या हुआ मम्मी क्या बात है??

सरोज :- जालंधर चलो अंदर चलकर सो जाना,,

रोहन :- क्यों क्या हुआ अब क्या बात है???

सरोज:- कुछ नहीं मुझे अकेले को डर लग रहा है अंदर चल मेरे बच्चे अंदर चलकर सो जाना,,,

,, रोहन मन में विचार करते हुए,, लगता है मम्मी ने मत बना लिया है मेरी मुट्ठी मार देगी,, इसीलिए आई है रात में उठाने,,,
रोहन:- धीरे से पहले आप वादा करो कि एक बार मेरी मुट्ठी मरोगी,,

सरोज :- ठीक है तो अंदर चलो,,,
रोहन :- क्या ठीक है मुंह से बोलो ना,,

सरोज:- हां मेरे लाल तू अंदर चलना हाथ से एक बार कर दूंगी,,

रोहन : क्या कर दोगी मम्मी एक बार बोलो ना,,


IMG-20260530-203931
,, सरोज थोड़ी ड्राइवर से हमें लब्ज में शर्मा कर कहती है

सरोज:- चल मुट्ठी मार देता हूं तेरी,,

,,, रोहन बहुत खुश होता है और मैं अपनी मम्मी के चेहरे को देखते हैं उठकर बिस्तर से अंदर जाने लगता है,, सरोज भी धीरे-धीरे उसके पीछे जाती है और वहां अंदर जाकर अपनी मम्मी को हाथ पकड़ कर अंदर आता है और दरवाजा बंद कर देता है,,, अब्रोहण बेड पर बैठ जाता है और अपनी मम्मी का इंतजार करता है कि कब वह पहल करेगी,,,

,, ऐसे क्या देख रहा है,,

,, चलो मम्मी कर दो एक बार,,

,,, कपड़े तो निकाल ऐसे बाहर निकाल तभी तो करूंगी,,

,, नहीं आप खुद ही इसको बाहर निकालो,,

,, रोहन की बात सुनकर वह शरमाते हुए कांपते हुए हाथ तो उसे उसका लोगो नीचे करने लगती है,, धीरे-धीरे बजने को नीचे करती है तो जैसे ही फोन का लिंग बाहर आता है सरोज उसे देखकर डर जाती है,,

Screenshot-20260530-222518
,, क्या देख रही हो मम्मी बहुत परेशान करता है,, एक बार इसे पकड़ लो ना,, हो सकता है आपके प्यार भरे हाथों से मान जाए मुझे परेशान ना करें,, आज इसके एकड़ निकाल दो मम्मी बहुत पकड़ता है,, बहुत परेशान करता है,,

,, यह कहकर रोहन की आंखों में आंसू आ जाते हैं न जाने क्यों उसकी आंखों में इस दर्द के आंसू थे,,, रोहन की आंखों में आंसू देख कर सरोज तुरंत ही उसके लिंग को पकड़ लेती है,, और धीरे-धीरे हाथ चलने लगती है,,

Screenshot-20260530-211027

,,,, सर्विस शर्म है या के कारण अपनी बेशर्मी छुपाए रखते हैं,, उसे बहुत ही शर्म आ रही थी लेकिन मैं चाहते हुए भी वह अपने बेटे के लिंग को पकड़ लेती है,, और प्यार से अपने बेटे से कहती है,,


,,, रो मत मेरे लाल मैं कर दूंगी आज शांत चाहे जो भी दुनिया कहे लेकिन यह बात किसी को बताना नहीं मेरे बच्चे,, आदमी से शांत कर दूंगी,, चाहे जो हो जाए मैं अपने बेटे को आज शांत करके ही रहूंगी,,

23053523


,,,, ओ मम्मी कितना अच्छा लग रहा है आपके हाथों से,,
 

Rajkumarji5

New Member
89
204
34
Sabhi ko Mera बहुत-बहुत dhanyvad ki aap mera support kar rahe hain Itni let update hone ke bad bhi
 
Top