,,, सरोज की बात सुनकर रोहन को जोश आता है और मैं अपनी बाहों में भरकर उसे बिस्तर पर पटक देता है और उसे चूमने की कोशिश करता है लेकिन सरोज अपना चेहरा घूम लेती है फिर लोग उसकी आंखों में देखते हुए

,, अगर पत्नी धर्म निभा रही है तो पति से दूर क्यों भाग रही है,,, देख तेरे पति का क्या हाल है,,, जब से तेरी उसे प्यारी चीज की आवाज सुनी है,,,,
,,, यह कहकर रोहन अपनी मम्मी का एक हाथ पकड़ कर अपने लिंग पर रख देता है जो इस समय अकड़ रहा था,,,
,, जैसे ही सरोज अपने बेटे के लिंग पर हाथ रखती है उसे कारण सा लगता है और वह,,, दरवाजे की ओर देखते हैं कहीं उसकी मम्मी तो नहीं देख रही और घबराती है रहती है,,,
,,, आपकी नानी देख लेगी,, ji..... जाने दो....
,,, अगर अपना पति मानती है तो,, पति होने के नाते सब कुछ मेरा है,, यह 20 साल से रुकी हुई तड़पती हुई जवान भी मेरी है तेरी,, इसे तुम्हें जी भर के निचोड़ना चाहता हूं,,
,,, रोहन अपनी मम्मी के चेहरे को अपने हाथों से सहलाते हुए

,,, बोल है ना सब कुछ मेरा,,,
,,, सरोज दर और शर्म के मारे अपनी नज़रें झुका कर,,
,,, जी सब कुछ आपका ही है,,, पूरी तरह पत्नी होने के बाद सब कुछ आपका ही तो है अब तो जाने दो,,
,, रोहन अपनी मम्मी की नजरों में देखते हुए अपना एक हाथ में चले जाकर उसकी योनि को कपड़े के ऊपर से ही दबोच लेता है,,, जैसी हीरो होना अपनी मम्मी की योनि को तो पूछता है सरोज की चीज निकल जाती है और उसके मुंह से,,,
,,, हाय मम्मी मर गई..... नहीं रोना.... अ भी नहीं हाथ हटा लो वहां से.....जी.....
,,, रोहन अपना हाथ नहीं हटता सरोज उसका हाथ हटाने की कोशिश करती है और वह अपनी मम्मी के बाल पकड़ कर उसकी आंखों में देखते हुए कहता है,,,

,,, और यह किसकी है जिसके आवाज सुनकर मैं पागल हो गया,,,,
,,, सरोज उसकी बातों को कुछ जवाब नहीं देती मैं शर्म के मारे अपनी आंखें बंद कर लेती है,,, तभी रोहन फिर से पूछता है,,
,,, बोलना अगर आज से ही अपना पति मान चुकी है तो यह किसकी है जिसकी आवाज इतनी सुंदर है,,,
,,, इस बार सरोज अपनी कांपते हुए आवाज में आंखें खोलता है और करते हुए होठों से अपने बेटे की आंखों में देखते हुए कहती है,,,

,,, यह भी आपकी है जी.... सब कुछ आपका है तो हाथ हटा लो,,
,,,, अगर यह प्यारी सी आवाज वाली चीज मेरी है तो एक बार दिखा दे इसे देखने का बहुत मन है,,, जब से इसकी आवाज सुनी है पेशाब करते हैं न जाने क्यों बेचैनी बढ़ती जा रहे हैं,,
,,, सब कुछ दिखा दूंगी एक बार शादी तो हो जाने दो,,, 20 साल से मैंने अपने आप को रोक के रखा है अब आपसे इतना भी सवाल नहीं हो रहा है,,,
,,, रोहन अपनी मम्मी को ज्यादा परेशान नहीं करता,, क्योंकि आप उसे दर्द समय महसूस होने लगा था उसकी आंखों में आंसू छलक आए थे,,, इसलिए वह अपना हाथ वहां से हटा लेता है और प्यार से अपनी मम्मी की आंखों को चूमते हुए उसके कान में कहता है,,,
,,, सच में मैं बहुत भाग्यशाली हूं जो तेरे जैसी पत्नी मिलने वाली है,, मुझे नहीं मालूम था कि ऊपर वाला मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहा है लेकिन सबर का फल मीठा होता है,,, हां समझ में आया कि आज मुझे ऊपर वाले ने क्या दिया है,,, मुझे तो ऐसा फल दिया है कि मैं जितना भी खाऊं मन नहीं भरेगा 20 साल का rus इसके अंदर भरा हुआ है,,,, जिसे मैं निचोड़ निचोड़ कर पियूंगा,,,,
,,, यह कहकर रोहन अपनी मम्मी के भारी स्तन की ओर देखा है जो सांस लेने से ऊपर नीचे हो रहे थे,,,

,,, नाना नानी देख लेंगे बहुत देर हो गई है जाने दो ना जी अब......
,,,, तुझे जितना भी देखो मन नहीं भरता हम बर्दाश्त करना मुश्किल है,,, जल्द से जल्द तुझे अपनी दुल्हन बनाकर तेरा सारा रस पीना चाहता हूं,,, बोल पिलाएगी ना मुझे अपना सारा rus....
,,, जो मर्जी चाहे कर लेना पहले शादी तो कर लो.....
,,,, उसके बाद तो देगी ना मुझे यह प्यारी चीज जिसकी मैं आवाज सुनी है,,,,
,,, सब कुछ दूंगी जी..... मन भर दूंगी आपका जब चाहे ले लेना एक बार शादी कर लो..... जाने दो ना मम्मी पापा क्या सोचेंगे अब....
,,, रोहन ध्यान से अपनी मम्मी के होते की ओर देखा है जो अभी भी रात की लाली से रंगी हुई थी.... जिसे उसकी मां ने अपनी मम्मी पापा से छुपा रखा था लेकिन मन की नजरों से नहीं बचा पाई थी,,,
,,,, बाकी सब तो शादी के बाद पिऊंगा,, लेकिन इन लालसर्क होठों से रंगे हुए लिपस्टिक,, जो बार-बार मुझे पुकार रही है रात से तड़प रहे हैं इनका रास्ते में पीकर रहूंगा,,,
,,, यह सुनकर सा रोज थोड़ी घबरा जाती है और अपने लाल होठों से अपने बेटे की आंखों में देखते हुए कहते हैं,,,
,, ठीक है लेकिन चूम को चूसना नहीं दर्द होगा,,,,
,,, रोहन कब गुस्सा आता है और वह अपनी मम्मी की आंखों में देखते हुए कहता है,,,, जो मैं कुछ नहीं करता तुम बाहर जाओ नहीं करना मुझे कुछ भी,,,
,,,, रोहन को गुस्से में देख सरोज कभी मन बदल जाता है और वह प्यार से कहती है,,
,,, गुस्सा हो गए आप तो मैं तो मम्मी पापा की दर की वजह से बोल रही हूं,,, सब कुछ तो आपका है इतना भी सबर नहीं हो रहा है,, अब तो मम्मी पापा भी मान गए हैं थोड़ा सा और इंतजार कर लो,,,
,, रोहन कुछ नहीं कहता वह अपनी मम्मी को छोड़ देता है और चुपचाप बिस्तर पर बैठ जाता है,, गुस्से में,, रोहन को गुस्से में देख सरोज मुझसे प्यार से कहती है,,,
,,, ठीक है 2 मिनट रुको मैं मम्मी पापा को देखकर आती है,,, और वह बाहर दरवाजा खोल कर जाती है तो उसके मम्मी पापा बाहर बरामदे में बैठे थे,,, वह नाश्ता कर चुके थे और शरीफ उसके देखकर उसकी मम्मी कहते हैं,,,,
,,, बेटा यह बर्तन रख दो और ढूंढ दो हमने नाश्ता कर लिया है,,,,
,,, ठीक है मम्मी मैं अभी साफ कर देता हूं,,,
,, रोहन को नष्ट नहीं दिया अभी तक उठा नहीं है क्या,,,
,,, हां मम्मी मैंने उठाया है लेकिन फिर से सो गया है अभी उठेगा तो मैं उसको नाश्ता दे दूंगी,,,
,, ठीक है बेटा जो भी है करना है बड़े सोच समझकर करना कहीं बदनामी ना हो अब हम तो इस उम्र में बदनामी लेना नहीं चाहते मेरे बच्चे लेकिन तेरी खुशी के लिए हम तैयार हो गए हैं,, मैं और तेरे पिताजी जरा पशुओं को चारा डालने जा रहे हैं तब तक तुम,,, रोहन को नष्ट कर देना और अपनी बर्तन भी साफ कर लेना फिर बताना क्या करना है आगे,,,