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Thriller शतरंज की चाल

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Localmusafir

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अभी भी ऐसा क्यों लग रहा है कि ये सब किसी के मोहरे है ,
ऐसा म्हारे मोटे दिमाग का सोचना है, बाकी होए वोही जो तुम्ही रची रखा।
चलो अब तो मनीष को कुंवारी मिलेगी शिविका के रूप में।
ये ssp का क्या लोचा है समर भाई से?


बाकी सौ बात की एक बात, अब तबियत कैसी है आपकी , सब कुशल मंगल?
 
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Napster

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#अपडेट ३५


अब तक आपने पढ़ा -



"ओह, वो। अब वो नहीं है सर। और सस्पेक्ट क्या अब तो असली मुजरिम भी हमारी गिरफ्त में है।" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "समर, अंदर आओ।"


अमरकांत के पुकारने के बाद समर हॉल के अंदर आता है, और उसके साथ एक आदमी की हथकड़ी में अंदर लाया गया, जिसके चेहरे पर कपड़ा पद था, और साथ में वही इंस्पेक्टर था जो उस दिन मेरी कॉल रिकॉर्ड कर रहा था......


अब आगे -


"अमरकांत, ये कौन है, और कैसे पता कि ये ही असली मुजरिम है? और समर क्यों है यहां?" SSP ने थोड़े गुस्से में कहा।


"सर, समर यहां बस मेरी मदद के लिए है। और अगर वो नहीं होता तो शायद इस केस का असली मुजरिम कभी नहीं पकड़ा जाता।"


"मगर अमर तुम..." इससे पहले SSP आगे कुछ कहते, कमिश्नर ने बीच में टोकते हुए कहा, "पहले हमें केस को सॉल्व करना है रणवीर, किसने किया कैसे किया ये हम बाद में देखेंगे। हां तो अमर, आगे बताओ, ये कौन है, और कैसे ये असली मुजरिम है। और मनीष क्यों नहीं, जबकि उसे घटनास्थल पर संदिग्ध अवस्था में न सिर्फ पाया गया, बल्कि वो वहां से भाग भी गया?"


अमरकांत, "सर, मनीष का वहां पहुंचना भी इसकी ही प्लानिंग का हिस्सा था। और भागना जरूर उसकी गलती थी, मगर ये नहीं भागता, और हम इसे उसी समय गिरफ्तार कर लेते तो असली मुजरिम को पकड़ना बहुत ही मुश्किल होता, बल्कि शायद नामुमकिन ही होता। और आप सब से माफी चाहते हुए, अब मैं समर को आगे की सारी बात बताने कहता हूं। क्योंकि समर इस घटना की सबसे महत्वपूर्ण घटना, वाल्ट की डकैती, और नेहा की मौत को अपने सामने घटित होते देख है। समर..."


"सर ये कहानी न मनीष की है न मित्तल परिवार की, हां हिस्सा सब हैं इस कहानी का। ये कहानी है बिट्टू की। बिट्टू, इंदौर के एक निम्न माध्यम वर्गीय परिवार में जन्मा इकलौता लड़का, जिसके सपने बहुत बड़े थे पर उसके पास संसाधन कम थे, इसीलिए उन सपनों को पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार था। बिट्टू के पिताजी एक स्कूल में अध्यापक थे, और बिट्टू के मामा का घर काफी संपन्न था, इसीलिए उसकी मां ने उसे मामा के घर पढ़ाई करने उज्जैन भेजा। मामा के घर की सम्पन्नता ने बिट्टू के दिमाग में पैसा कमाने की सोच को पैदा किया, लेकिन कॉलेज में उसकी संगत कई ऐसे लोगों से हुई जो हर तरीके से पैसे कमाना चाहते थे। उसी समय इसकी मुलाकात नेहा से हुई, जो उससे २ साल जूनियर थी, और बिट्टू पर वो जान छिड़कती थी। बिट्टू भी उसे चाहता था, मगर उसका पहला प्यार बस पैसा ही था, और उसने ये सोचा कि जब तक वो खूब पैसा न कमा ले, वो नेहा को अपना नहीं सकता था। फिर वो उज्जैन से दिल्ली आता है, वहां से आगे की पढ़ाई करता है, और इसी बीच नेहा की शादी भी कहीं हो जाती है, लेकिन नेहा और बिट्टू का कॉन्टेक्ट नहीं टूटा। बिट्टू ने ही संजीव, नेहा के पति को फंसा कर सेना से भी निलंबित करवाया। और एक चिटफंड कंपनी में फंसा कर जेल भी करवाई। इसी बीच इसकी नौकरी मित्तल ग्रुप में लगी और यहां उसकी मुलाकात एक ऐसे इंसान से हुई जो उसकी बहुत पैसा कमाने की इक्षा को पूरा कर सकती थी। बिट्टू की एक और खास बात थी, वो लड़कियों पर अपना प्रभाव बहुत जल्दी ही छोड़ता था। इसीलिए उसने जल्द ही उस लड़की को भी अपने प्रभाव में ले लिया। मगर इसी बीच मनीष की एंट्री होती है मित्तल ग्रुप में और वो उसके राह की रुकावट बन जाता है। ये देखते हुए उसने फिर से एक बार नेहा को मोहरा बना कर अपनी चाल चली और मनीष उसमें फंसता चला गया। लेकिन वाल्ट में डकैती के बाद मित्तल सर को पता चल गया कि इन सब के पीछे कौन है, और वो इस बात को मनीष को बताने ही वाले थे, मगर उसके पहले ही बिट्टू और उसी लड़की ने मिल कर उन पर जानलेवा हमला कर दिया, और उसका इल्ज़ाम भी मनीष पर लगा दिया।"


कुछ रुक कर समर ने अमरकांत को कुछ इशारा किया, और अमरकांत ने स्टेज की ओर कुछ।


"और ये बिट्टू और कोई नहीं, बल्कि मित्तल ग्रुप के बैंकिंग डिवीजन का डीजीएम करण है।" ये बोल कर उसने अपने साथ लाय आदमी के चेहरे से कपड़ा हटा दिया। "और वो लड़की है मिस प्रिया मित्तल।" और इसी के साथ दो महिला हवलदार प्रिया की कुर्सी के पास आ कर उसको पकड़ लेती है।


ये सुनते ही प्रिया फूट फुट कर रोने लगती है, और बाकी लोग उसे आश्चर्य से देखने लगते हैं....
बहुत ही सुंदर लाजवाब और अद्भुत रमणिय अपडेट है भाई मजा आ गया
समर के प्रयासोंसे मित्तल साहब पर हमला कर के मनिष को फसाने वालें असली मुजरीम हैं बैंकींग डिवीजन का डीजीएम बिट्टू उर्फ करण और उसके साथ मित्तल परिवार की प्रिया मित्तल
बडा ही जबरदस्त अपडेट
खैर देखते हैं आगे क्या होता है
अगले रोमांचकारी धमाकेदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 

Ajju Landwalia

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#अपडेट ३५


अब तक आपने पढ़ा -



"ओह, वो। अब वो नहीं है सर। और सस्पेक्ट क्या अब तो असली मुजरिम भी हमारी गिरफ्त में है।" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "समर, अंदर आओ।"


अमरकांत के पुकारने के बाद समर हॉल के अंदर आता है, और उसके साथ एक आदमी की हथकड़ी में अंदर लाया गया, जिसके चेहरे पर कपड़ा पद था, और साथ में वही इंस्पेक्टर था जो उस दिन मेरी कॉल रिकॉर्ड कर रहा था......


अब आगे -


"अमरकांत, ये कौन है, और कैसे पता कि ये ही असली मुजरिम है? और समर क्यों है यहां?" SSP ने थोड़े गुस्से में कहा।


"सर, समर यहां बस मेरी मदद के लिए है। और अगर वो नहीं होता तो शायद इस केस का असली मुजरिम कभी नहीं पकड़ा जाता।"


"मगर अमर तुम..." इससे पहले SSP आगे कुछ कहते, कमिश्नर ने बीच में टोकते हुए कहा, "पहले हमें केस को सॉल्व करना है रणवीर, किसने किया कैसे किया ये हम बाद में देखेंगे। हां तो अमर, आगे बताओ, ये कौन है, और कैसे ये असली मुजरिम है। और मनीष क्यों नहीं, जबकि उसे घटनास्थल पर संदिग्ध अवस्था में न सिर्फ पाया गया, बल्कि वो वहां से भाग भी गया?"


अमरकांत, "सर, मनीष का वहां पहुंचना भी इसकी ही प्लानिंग का हिस्सा था। और भागना जरूर उसकी गलती थी, मगर ये नहीं भागता, और हम इसे उसी समय गिरफ्तार कर लेते तो असली मुजरिम को पकड़ना बहुत ही मुश्किल होता, बल्कि शायद नामुमकिन ही होता। और आप सब से माफी चाहते हुए, अब मैं समर को आगे की सारी बात बताने कहता हूं। क्योंकि समर इस घटना की सबसे महत्वपूर्ण घटना, वाल्ट की डकैती, और नेहा की मौत को अपने सामने घटित होते देख है। समर..."


"सर ये कहानी न मनीष की है न मित्तल परिवार की, हां हिस्सा सब हैं इस कहानी का। ये कहानी है बिट्टू की। बिट्टू, इंदौर के एक निम्न माध्यम वर्गीय परिवार में जन्मा इकलौता लड़का, जिसके सपने बहुत बड़े थे पर उसके पास संसाधन कम थे, इसीलिए उन सपनों को पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार था। बिट्टू के पिताजी एक स्कूल में अध्यापक थे, और बिट्टू के मामा का घर काफी संपन्न था, इसीलिए उसकी मां ने उसे मामा के घर पढ़ाई करने उज्जैन भेजा। मामा के घर की सम्पन्नता ने बिट्टू के दिमाग में पैसा कमाने की सोच को पैदा किया, लेकिन कॉलेज में उसकी संगत कई ऐसे लोगों से हुई जो हर तरीके से पैसे कमाना चाहते थे। उसी समय इसकी मुलाकात नेहा से हुई, जो उससे २ साल जूनियर थी, और बिट्टू पर वो जान छिड़कती थी। बिट्टू भी उसे चाहता था, मगर उसका पहला प्यार बस पैसा ही था, और उसने ये सोचा कि जब तक वो खूब पैसा न कमा ले, वो नेहा को अपना नहीं सकता था। फिर वो उज्जैन से दिल्ली आता है, वहां से आगे की पढ़ाई करता है, और इसी बीच नेहा की शादी भी कहीं हो जाती है, लेकिन नेहा और बिट्टू का कॉन्टेक्ट नहीं टूटा। बिट्टू ने ही संजीव, नेहा के पति को फंसा कर सेना से भी निलंबित करवाया। और एक चिटफंड कंपनी में फंसा कर जेल भी करवाई। इसी बीच इसकी नौकरी मित्तल ग्रुप में लगी और यहां उसकी मुलाकात एक ऐसे इंसान से हुई जो उसकी बहुत पैसा कमाने की इक्षा को पूरा कर सकती थी। बिट्टू की एक और खास बात थी, वो लड़कियों पर अपना प्रभाव बहुत जल्दी ही छोड़ता था। इसीलिए उसने जल्द ही उस लड़की को भी अपने प्रभाव में ले लिया। मगर इसी बीच मनीष की एंट्री होती है मित्तल ग्रुप में और वो उसके राह की रुकावट बन जाता है। ये देखते हुए उसने फिर से एक बार नेहा को मोहरा बना कर अपनी चाल चली और मनीष उसमें फंसता चला गया। लेकिन वाल्ट में डकैती के बाद मित्तल सर को पता चल गया कि इन सब के पीछे कौन है, और वो इस बात को मनीष को बताने ही वाले थे, मगर उसके पहले ही बिट्टू और उसी लड़की ने मिल कर उन पर जानलेवा हमला कर दिया, और उसका इल्ज़ाम भी मनीष पर लगा दिया।"


कुछ रुक कर समर ने अमरकांत को कुछ इशारा किया, और अमरकांत ने स्टेज की ओर कुछ।


"और ये बिट्टू और कोई नहीं, बल्कि मित्तल ग्रुप के बैंकिंग डिवीजन का डीजीएम करण है।" ये बोल कर उसने अपने साथ लाय आदमी के चेहरे से कपड़ा हटा दिया। "और वो लड़की है मिस प्रिया मित्तल।" और इसी के साथ दो महिला हवलदार प्रिया की कुर्सी के पास आ कर उसको पकड़ लेती है।



ये सुनते ही प्रिया फूट फुट कर रोने लगती है, और बाकी लोग उसे आश्चर्य से देखने लगते हैं....

Bahut hi dhamakedar update he Riky007 Bhai,

Karan par shaq to mujhe bhi tha............lekin na jane kyu use har baar ignore karta raha........

Khair Priya ki koi majburi bhi nahi thi......lekin karan urf bittu ke jaal me fans kar vo aisa kadam utha bethi............

Mittal sir ko goli bhi Priya ne hi maari hogi.........

Agale update ki pratiksha rahegi Bhai
 

urc4me

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Khoda pahad nikli chuhiya. Priya Mittal aur Karan hi nikle sare fasad ki jad. Bhala ho Samar ka jisne is gutthi ko suljhaya Romanchak. Pratiksha agle rasprad update ki
 
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dhparikh

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#अपडेट ३५


अब तक आपने पढ़ा -



"ओह, वो। अब वो नहीं है सर। और सस्पेक्ट क्या अब तो असली मुजरिम भी हमारी गिरफ्त में है।" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "समर, अंदर आओ।"


अमरकांत के पुकारने के बाद समर हॉल के अंदर आता है, और उसके साथ एक आदमी की हथकड़ी में अंदर लाया गया, जिसके चेहरे पर कपड़ा पद था, और साथ में वही इंस्पेक्टर था जो उस दिन मेरी कॉल रिकॉर्ड कर रहा था......


अब आगे -


"अमरकांत, ये कौन है, और कैसे पता कि ये ही असली मुजरिम है? और समर क्यों है यहां?" SSP ने थोड़े गुस्से में कहा।


"सर, समर यहां बस मेरी मदद के लिए है। और अगर वो नहीं होता तो शायद इस केस का असली मुजरिम कभी नहीं पकड़ा जाता।"


"मगर अमर तुम..." इससे पहले SSP आगे कुछ कहते, कमिश्नर ने बीच में टोकते हुए कहा, "पहले हमें केस को सॉल्व करना है रणवीर, किसने किया कैसे किया ये हम बाद में देखेंगे। हां तो अमर, आगे बताओ, ये कौन है, और कैसे ये असली मुजरिम है। और मनीष क्यों नहीं, जबकि उसे घटनास्थल पर संदिग्ध अवस्था में न सिर्फ पाया गया, बल्कि वो वहां से भाग भी गया?"


अमरकांत, "सर, मनीष का वहां पहुंचना भी इसकी ही प्लानिंग का हिस्सा था। और भागना जरूर उसकी गलती थी, मगर ये नहीं भागता, और हम इसे उसी समय गिरफ्तार कर लेते तो असली मुजरिम को पकड़ना बहुत ही मुश्किल होता, बल्कि शायद नामुमकिन ही होता। और आप सब से माफी चाहते हुए, अब मैं समर को आगे की सारी बात बताने कहता हूं। क्योंकि समर इस घटना की सबसे महत्वपूर्ण घटना, वाल्ट की डकैती, और नेहा की मौत को अपने सामने घटित होते देख है। समर..."


"सर ये कहानी न मनीष की है न मित्तल परिवार की, हां हिस्सा सब हैं इस कहानी का। ये कहानी है बिट्टू की। बिट्टू, इंदौर के एक निम्न माध्यम वर्गीय परिवार में जन्मा इकलौता लड़का, जिसके सपने बहुत बड़े थे पर उसके पास संसाधन कम थे, इसीलिए उन सपनों को पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार था। बिट्टू के पिताजी एक स्कूल में अध्यापक थे, और बिट्टू के मामा का घर काफी संपन्न था, इसीलिए उसकी मां ने उसे मामा के घर पढ़ाई करने उज्जैन भेजा। मामा के घर की सम्पन्नता ने बिट्टू के दिमाग में पैसा कमाने की सोच को पैदा किया, लेकिन कॉलेज में उसकी संगत कई ऐसे लोगों से हुई जो हर तरीके से पैसे कमाना चाहते थे। उसी समय इसकी मुलाकात नेहा से हुई, जो उससे २ साल जूनियर थी, और बिट्टू पर वो जान छिड़कती थी। बिट्टू भी उसे चाहता था, मगर उसका पहला प्यार बस पैसा ही था, और उसने ये सोचा कि जब तक वो खूब पैसा न कमा ले, वो नेहा को अपना नहीं सकता था। फिर वो उज्जैन से दिल्ली आता है, वहां से आगे की पढ़ाई करता है, और इसी बीच नेहा की शादी भी कहीं हो जाती है, लेकिन नेहा और बिट्टू का कॉन्टेक्ट नहीं टूटा। बिट्टू ने ही संजीव, नेहा के पति को फंसा कर सेना से भी निलंबित करवाया। और एक चिटफंड कंपनी में फंसा कर जेल भी करवाई। इसी बीच इसकी नौकरी मित्तल ग्रुप में लगी और यहां उसकी मुलाकात एक ऐसे इंसान से हुई जो उसकी बहुत पैसा कमाने की इक्षा को पूरा कर सकती थी। बिट्टू की एक और खास बात थी, वो लड़कियों पर अपना प्रभाव बहुत जल्दी ही छोड़ता था। इसीलिए उसने जल्द ही उस लड़की को भी अपने प्रभाव में ले लिया। मगर इसी बीच मनीष की एंट्री होती है मित्तल ग्रुप में और वो उसके राह की रुकावट बन जाता है। ये देखते हुए उसने फिर से एक बार नेहा को मोहरा बना कर अपनी चाल चली और मनीष उसमें फंसता चला गया। लेकिन वाल्ट में डकैती के बाद मित्तल सर को पता चल गया कि इन सब के पीछे कौन है, और वो इस बात को मनीष को बताने ही वाले थे, मगर उसके पहले ही बिट्टू और उसी लड़की ने मिल कर उन पर जानलेवा हमला कर दिया, और उसका इल्ज़ाम भी मनीष पर लगा दिया।"


कुछ रुक कर समर ने अमरकांत को कुछ इशारा किया, और अमरकांत ने स्टेज की ओर कुछ।


"और ये बिट्टू और कोई नहीं, बल्कि मित्तल ग्रुप के बैंकिंग डिवीजन का डीजीएम करण है।" ये बोल कर उसने अपने साथ लाय आदमी के चेहरे से कपड़ा हटा दिया। "और वो लड़की है मिस प्रिया मित्तल।" और इसी के साथ दो महिला हवलदार प्रिया की कुर्सी के पास आ कर उसको पकड़ लेती है।



ये सुनते ही प्रिया फूट फुट कर रोने लगती है, और बाकी लोग उसे आश्चर्य से देखने लगते हैं....
Nice update....
 
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Chutiyadr

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259
#अपडेट ३५


अब तक आपने पढ़ा -



"ओह, वो। अब वो नहीं है सर। और सस्पेक्ट क्या अब तो असली मुजरिम भी हमारी गिरफ्त में है।" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "समर, अंदर आओ।"


अमरकांत के पुकारने के बाद समर हॉल के अंदर आता है, और उसके साथ एक आदमी की हथकड़ी में अंदर लाया गया, जिसके चेहरे पर कपड़ा पद था, और साथ में वही इंस्पेक्टर था जो उस दिन मेरी कॉल रिकॉर्ड कर रहा था......


अब आगे -


"अमरकांत, ये कौन है, और कैसे पता कि ये ही असली मुजरिम है? और समर क्यों है यहां?" SSP ने थोड़े गुस्से में कहा।


"सर, समर यहां बस मेरी मदद के लिए है। और अगर वो नहीं होता तो शायद इस केस का असली मुजरिम कभी नहीं पकड़ा जाता।"


"मगर अमर तुम..." इससे पहले SSP आगे कुछ कहते, कमिश्नर ने बीच में टोकते हुए कहा, "पहले हमें केस को सॉल्व करना है रणवीर, किसने किया कैसे किया ये हम बाद में देखेंगे। हां तो अमर, आगे बताओ, ये कौन है, और कैसे ये असली मुजरिम है। और मनीष क्यों नहीं, जबकि उसे घटनास्थल पर संदिग्ध अवस्था में न सिर्फ पाया गया, बल्कि वो वहां से भाग भी गया?"


अमरकांत, "सर, मनीष का वहां पहुंचना भी इसकी ही प्लानिंग का हिस्सा था। और भागना जरूर उसकी गलती थी, मगर ये नहीं भागता, और हम इसे उसी समय गिरफ्तार कर लेते तो असली मुजरिम को पकड़ना बहुत ही मुश्किल होता, बल्कि शायद नामुमकिन ही होता। और आप सब से माफी चाहते हुए, अब मैं समर को आगे की सारी बात बताने कहता हूं। क्योंकि समर इस घटना की सबसे महत्वपूर्ण घटना, वाल्ट की डकैती, और नेहा की मौत को अपने सामने घटित होते देख है। समर..."


"सर ये कहानी न मनीष की है न मित्तल परिवार की, हां हिस्सा सब हैं इस कहानी का। ये कहानी है बिट्टू की। बिट्टू, इंदौर के एक निम्न माध्यम वर्गीय परिवार में जन्मा इकलौता लड़का, जिसके सपने बहुत बड़े थे पर उसके पास संसाधन कम थे, इसीलिए उन सपनों को पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार था। बिट्टू के पिताजी एक स्कूल में अध्यापक थे, और बिट्टू के मामा का घर काफी संपन्न था, इसीलिए उसकी मां ने उसे मामा के घर पढ़ाई करने उज्जैन भेजा। मामा के घर की सम्पन्नता ने बिट्टू के दिमाग में पैसा कमाने की सोच को पैदा किया, लेकिन कॉलेज में उसकी संगत कई ऐसे लोगों से हुई जो हर तरीके से पैसे कमाना चाहते थे। उसी समय इसकी मुलाकात नेहा से हुई, जो उससे २ साल जूनियर थी, और बिट्टू पर वो जान छिड़कती थी। बिट्टू भी उसे चाहता था, मगर उसका पहला प्यार बस पैसा ही था, और उसने ये सोचा कि जब तक वो खूब पैसा न कमा ले, वो नेहा को अपना नहीं सकता था। फिर वो उज्जैन से दिल्ली आता है, वहां से आगे की पढ़ाई करता है, और इसी बीच नेहा की शादी भी कहीं हो जाती है, लेकिन नेहा और बिट्टू का कॉन्टेक्ट नहीं टूटा। बिट्टू ने ही संजीव, नेहा के पति को फंसा कर सेना से भी निलंबित करवाया। और एक चिटफंड कंपनी में फंसा कर जेल भी करवाई। इसी बीच इसकी नौकरी मित्तल ग्रुप में लगी और यहां उसकी मुलाकात एक ऐसे इंसान से हुई जो उसकी बहुत पैसा कमाने की इक्षा को पूरा कर सकती थी। बिट्टू की एक और खास बात थी, वो लड़कियों पर अपना प्रभाव बहुत जल्दी ही छोड़ता था। इसीलिए उसने जल्द ही उस लड़की को भी अपने प्रभाव में ले लिया। मगर इसी बीच मनीष की एंट्री होती है मित्तल ग्रुप में और वो उसके राह की रुकावट बन जाता है। ये देखते हुए उसने फिर से एक बार नेहा को मोहरा बना कर अपनी चाल चली और मनीष उसमें फंसता चला गया। लेकिन वाल्ट में डकैती के बाद मित्तल सर को पता चल गया कि इन सब के पीछे कौन है, और वो इस बात को मनीष को बताने ही वाले थे, मगर उसके पहले ही बिट्टू और उसी लड़की ने मिल कर उन पर जानलेवा हमला कर दिया, और उसका इल्ज़ाम भी मनीष पर लगा दिया।"


कुछ रुक कर समर ने अमरकांत को कुछ इशारा किया, और अमरकांत ने स्टेज की ओर कुछ।


"और ये बिट्टू और कोई नहीं, बल्कि मित्तल ग्रुप के बैंकिंग डिवीजन का डीजीएम करण है।" ये बोल कर उसने अपने साथ लाय आदमी के चेहरे से कपड़ा हटा दिया। "और वो लड़की है मिस प्रिया मित्तल।" और इसी के साथ दो महिला हवलदार प्रिया की कुर्सी के पास आ कर उसको पकड़ लेती है।



ये सुनते ही प्रिया फूट फुट कर रोने लगती है, और बाकी लोग उसे आश्चर्य से देखने लगते हैं....
Bhai story bahut jaldi nipta diye :lol1:
Yahi story padhne aa raha tha idhar ab kya padunga
 

Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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Bhai story bahut jaldi nipta diye :lol1:
Yahi story padhne aa raha tha idhar ab kya padunga
Doctor साहब हम लंबी स्टोरी क्या, एग्जाम में लंबे आंसर भी नहीं लिख पाते थे 😌

बाकी आपकी कहानियां भी ऐसे ही छोटी छोटी होती हैं, और सच कहूं तो मुझे वही पसंद है। 500 700 अपडेट वाले कहानी कितने सालों तक पढ़ता रहूंगा :dontknow:
 

Chutiyadr

Well-Known Member
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Doctor साहब हम लंबी स्टोरी क्या, एग्जाम में लंबे आंसर भी नहीं लिख पाते थे 😌

बाकी आपकी कहानियां भी ऐसे ही छोटी छोटी होती हैं, और सच कहूं तो मुझे वही पसंद है। 500 700 अपडेट वाले कहानी कितने सालों तक पढ़ता रहूंगा :dontknow:
Baat to sahi hai lekin isme scope tha,10-15 update aur ho sakta tha,khair ab next shuru kar do
 
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