Update 21
आज सुमन बहुत खुश थी, क्यों कि आज पहली बार अपने मँगेतर से मिलने जो जाने वाली है
तभी राज ने दुबारा कॉल किया सुमन के फोन पर
दोनों की आपस में कुछ बाते हुई
मैं -क्या कहा राज ने
सुमन -कहा की कुछ ड्रेस रख लेना बाहर घूमने जाना है
मैं -मतलब आउटिंग
सुमन -यस, डियर सिस्टर
मैं -तो, मैं नहीं आती एक दो दिन लग जायेगा
सुमन -प्लीज़, दी
मैं -पर मां को...... तभी सुमन ने बोला कुछ करो न बडी मम्मी को मनाने के लिए
मैं अपनी बहन की जिद के आगे झुक गई
मैं -ठीक है, कुछ करती हूं
इतना सुनते ही सुमन नहाने चली गई और मैं किचन में आकर मां के कामों में हाथ बटाने लगी, ताकि मैं मां को मना सकू की हमलोग बाहर जा रहे हैं ,पर मन में डर था कि पता नहीं मां आउटिंग के लिए मानेगी या नहीं
किचन में काम करते हुए .....
मैं -मां मेरी कॉलेज की छुट्टी हो गई है
मां -ये बहुत अच्छी बात है
मैं - जी, मां एक बात बोलू
मां- हां हां बोल
मैं -हमलोग, बाहर आउटिंग पिकनिक के लिए जाना चाह रहे हैं
मां -किनके साथ
मैं थोडा सकपका गई पर तुरंत ही बोल दी
मैं -जी कॉलेज स्टॉफ सबके साथ
मां- पर सुमन....
मैं - चलेगा, मैनें लिस्ट में उसका भी नाम लिखवा दिया है
मां- जाना कहां है
मैं -अभी पता नहीं, पर आज 11 बजे तक कॉलेज पहुंचना है, सभी वहीं से बस में जायेगे
मां- पर.......
मैं -पर क्या मां प्लीज, सब पैसा भी जमा कर दी हूं
मां- लेकिन तू अब अचानक बता रही है
मैं - वो अंकल (कविता के ससुर) की तबीयत खराब होने से भूल गई थी मां
मां- ओ. के बाबा चली जा, हां दोनों एक दूसरे का ध्यान रखना
मैं ने मां को पूरा झूठ बोल दिया, पर खुश थी की चलो मां को मना तो लिया
मैं - थैंक्स मां बोल कर मां को गले लगा लिया
मां- धत् पगली कहीं की, जा अब नहाने देर हो जाएगा
मैं - वो सुमन नहा रही है
मैं भी कमरे में आकर बैग पैक करने लगी तबतक सुमन नहा कर बाहर आयी
दो घंटे के अंदर मैं और सुमन दोनो तैयार हो कर, मां को बॉय बोला और ऑटो के लिए जाने लगे

ये सुमन थी और अब मैं
मैं -सुमन राज ने कहां बुलाया है
सुमन -वो कार से यहीं लिंक रोड पर आ जायेगा
मैं -ओह हो एक बार मुझे से पूछा होता, यहां कोई देख लेगा और मां को बता दिया तो सब गडबड हो जाएगा, मैनें मां से कॉलेज पिकनिक का बहाना बनाया है
सुमन -कुछ नहीं होगा
हम चलते चलते थोडी देर में लिंक रोड पर आ गये थे,
मैं -राज को फोन करो और कहो की, लिंक रोड पर आगे सिगनल लाईट वाली चौराहे पर मिलेंगे
सुमन -पर दी वो तो काफी दूर है, हमलोग पैदल चल के थक जायेंगे
मैं -तू फोन कर
सुमन -जी
पर तभी एक चमचमाती ऑडी कार हमारे पीछे से आकर एकदम से रूक गयी
और एक बहुत ही हैंडसम नौजवान युवक बाहर निकला
सुमन -यही है राज (धीरे से बोली)
राज ने हमदोनों को हाय बोला
मैंनें सुमन को इशारा किया कि पहले कार के अंदर चलो बाकी बाते बैठ कर करना
क्योंकि घर से ज्यादा दूरी पर नहीं थे और डर रही थी कि कोई देख न ले जान पहचान वाले
हम सभी अंदर बैठ गये तो मैं चैन की सांस ली
राज अपने डाईवर के साथ आया था
कार चलने लगी, सुमन ने राज से मेरा परिचय कराया, हम सब बाते कर रहे थे तो मैनें नोटिस किया की राज बार बार मुड कर बाते कर रहा था
हमारी गाड़ी अब शहर से दूर निकल चुकी थी, तभी डाईवर ने हाईवे के एक पेट्रोल पंप पर गाडी रोक कर राज को बोला सर कितना का तेल लू
राज- फुल टैंक करवा लो, मैं वाशरूम से आता हूँ
और जैसे ही राज उतरा मैं भी उतर कर आगे की सीट पर बैठ गयी, राज आया तो बोला
अरे अंजू दी आप आगे
मैं -हां, अब तुम दोनों पीछे आराम से बाते करो और मैं सामने का नजारा
राज तो यही चाह रहा था, पर दोनों मेरी बातें सुनकर शरमा गये
सुमन -क्या दी तुम भी न......
मैं -अरे भई, सही तो किया, क्यों राज
राज- जी, दीदी
फिर हमारी यात्रा शुरू हुई,
राज और सुमन खूब बाते कर रहे थे, और कभी जोर से हंस देते, इधर मैं रास्ते का सीन देख रही थी बगल में जो डाईवर था दिखने में ठीक ठाक ही करीब 40-42 का लग रहा था
कभी कभी तिरछी नजर से देख रहा था, गौर किया की वो मेरे चूची को देख रहा जोकि सीटबेल्ट लगाने के कारण मेरी ज्यादा ही बाहर निकली हुई थी
थोडी बहुत बाते मैं भी उस डाईवर से करने लगी
मैं -आपका नाम क्या है
डाईवर -जैकी नाम है मेरा
मैं -लगता है जैकी दादा के फैन हो बोल कर हंस दी
सनी -जी, मेमसाहब मैं ज्यादा फिल्में नहीं देखता पर हां मैने उसकी रंगीला फिल्म बहुत बार देखी है
मैं झेंप गयी, बडी बोल्ड फिल्म थी
मुझे मेरी जांघों पर गुदगुदी सा एहसास हुआ
जैकी गियर चेंज करने के बहाने मेरी गोरी मांसल जाघों पर हाथ फिराने लगा
मैं जैसे ही नजर घुमाई, वो झट से हाथ स्टेयेरिंग पर लगा दिया, जैकी सकपका गया
जब मैं कुछ नहीं बोली तो, उसकी जान में जान आयी
इधर पीछे सुमन और राज अब बहुत ही सट बैठे थे राज ने सुमन की बाहों में अपना हाथ डाला हुआ था जिससे सुमन की बड़ी बड़ी चूचियां राज के सीने से रगड. खा रही थी दोनों एक दूसरे से मजे ले रहे थे
जो मुझे और जैकी को बैक मिरर पर साफ साफ दिखने लगा, शायद जैकी ने जानबूझ कर मिरर को थोडा घुमाकर रखा ताकि पीछे का सीन भी देख सके
फिर शीशे में दिखने लगा कि
राज ने रोमांटिक मुड में, सुमन के चेहरे को अपने हथेली में लिया और सुमन के गुलाबी होंठ पर अपने होठ सटा दिये, सुमन की पलकें झुकने लगी
राज ने सुमन को किस करना चालू किया और धीरे धीरे सुमन के होठों को चूसने लगा, सुमन भी साथ देने लगी
दोनों मदहोशी में एक दूसरे को किस कर रहे थे
और फिर राज ने अपना हाथ सुमन के चूची पर रख दिया और कपड़े के उपर से ही सहलाने लगा, सुमन पर मस्ती चढ़ रही थी, इधर उन दोनो को देखकर मेरा भी शरीर गर्म होने लगा और जैकी का लंड भी पैंट के अंदर ही सर उठा रहा था
सहलाते सहलाते राज ने सुमन के शॉट्स के अंदर हाथ बढ़ा डाला और कुछ इस तरह से उसके निप्पल से खेलने लगा
सुमन चुहंक गयी, उईईई....... .की हल्की सी आवाज मेरे कानों में आई, शायद जैकी ने भी सुना तो वह भी मिरर में देखने लगा,
वह बहुत ही आराम से स्लो चाल में गाडी चला रहा था कोई जल्दबाजी नहीं थी ,हो सकता है राज ने ही उसे बोला था स्लो ड्राईव के लिए
मिरर में देख जैकी ने फिर से मेरी जाघों को छूआ, पहले तो मैनें इग्नोर किया ,तो वो सहलाने लगा, मेरे बदन पर भी लगी चींटिंयां रेंगनें,
पर मैं ने उसके हाथ को हटा दिया
पर फिर उसने मेरी जांघो पर रख दिया
मैं बुदबुदाई ये क्या कर रहे हो
उसने मेरी ओर देख बेशरमी से दांत दिखाने लगा
जैकी जान चुका था कि उसे रोकने टोकने वाला कोई नहीं है, तो उसने अब जबरदस्ती मैरे लेग्स को सहलाने मसलने लगा
मुझ पर भी खुमार चढने लगा, जैकी सामने देखकर गाडी चला रहा था पर उसकी बायीं हाथ मेरी गोरी मांसल जाघों पर घूम रही थी
मेरे सीने उपर नीचे हो रही थी, सांसें तेज रफ्तार से चल रही थी, मजा आने लगा तो मैं थोडा सरक कर नजदीक हो कर हल्के से घूम गयी, जिससे जैकी हाथ मेरे जवानी के द्वार तक पुहंच गया, वो
मेरी स्कर्ट के उपर से ही रगड़ने लगा
उफ् मैं तो क्या बताऊं, बदन में सनसनाहट होने लगी , मैनें आज एक बहुत ही पतली सी झींनीदार पैंटीं पहनी थी, जैकी जब मेरी स्कर्ट के अंदर अपनी उंगलियों को घुसाने की कोशिश करने लगा पर मैनें उसका हाथ पकड़ लिया ,
मुझे तो लगा मैने पैंटी ही नहीं पहनी है, बहुत ही सुखद अनुभव हो रहा था, कई दिनों से सेव नहीं किया था तो मेरी झांटें बहुत बड़ी हो गई थी,
वह कोशिश में था की मेरी जवानी के द्वार तक पुहंचे
अचानक जैकी ने मेरी पैंटी को नीचे करने की कोशिश कि पर मैनें उसका हाथ रोक लिया
मैनें उसे इशारा किया नहीं...
गाडी चली जा रही थी, हमें कुछ पता नहीं था कि राज कहॉ ले जा रहा है, तभी सामने एकदम से गायों का झुंड पार होने लगा
जैकी ने जोर ब्रेक मारा और कार रूक गयी , तो पीछे भी राज और सुमन को होश आया कि वे कार में हैं, दोनों सम्भल कर सीधे बैठ गये
जंगल के बीच से हम जा रहे थे कुछ चरवाहे थे जो अपने जानवरों को रोड क्रॉस करने में लगे थे
शीशे में दिखने लगा कि सुमन अपने कपड़े ठीक कर रही थी,
सुमन -राज और कितनी दूर है
राज- नेट में तो 74 किलोमीटर मैं नें देखा था, यहां तो नेटवर्क भी नहीं है
गाडी रूकी हुई थी तो राज उतर कर, उन चरवाहों से जाकर बात करने लगा, तबतक सारी गायें रोड क्रॉस कर चुकी थी
राज गाडी में आकर बोला
राज- बस ये जंगल पार करके कुछ ही दूरी पर पैराडाइज रिसॉट है करीब यहां से और 7-8 किलोमिटर होगा, चरवाहे ने बताया
मैं -पर तुम्हें इस जगह के बारे किसने बताया
राज- मेरे कुछ दोस्तों ने वे अक्सर यहां आते रहते हैं
सुमन -तुम पहले कभी नहीं आये हो
राज- नहीं, यही तो सरपराईज है डियर
15 मिनट में हम जंगल पार करके एक खूबसूरत जगह पर पुहचे चारो ओर हरियाली थी और एक ओर पहाड़ जहां दूर एक झरना गिर रहा था
अब हमलोग रिसॉट में पुहंच चुके थे जहॉ राज ने पहले से ही दो कमरे बुक कर रखा था,
चाबी लेकर रूम बॉय हमें कमरे तक छोड़ आया
बहुत ही खूबसूरत और शानदार महल के जैसा रिसॉट था, सुमन तो खुशी से झूम उठी
मैं तो पहले नहाने के लिए बाथरूम में गई
और सुमन लॉन में घूम घूम कर देखने लगी
शॉवर के नीचे ठंडे ठंडे पानी की बूंदे जब मेरे नंगे बदन पर गिर रहा था तो मैं खामोशी से कार में बिताये वो दो घंटे के पलो को याद करने लगी
मेरे निप्पल तन गये, मैं बॉडी शॉप से मल मल कर नहाने लगी, कुछ देर में सुमन ने आवाज़ दी
सुमन -दी हुआ तेरा ,मुझे भी नहाना है
मैं -हां हां निकल रही हूं
फिर सुमन नहाने चली गई और मैं एैसे ही बिना कपडों के बेड पर सुसताने लगा
किसी ने दरवाजा नॉक किया
मैं हडबड़ा गई और पूछा
मैं -कौन.
राज- राज बोल रहा हूँ दी,
मैं -हां, बोलो
राज -अरे दरवाजा तो खोलिए
मैं तो एकदम से घबरा गई, क्योकि मैं पूरी तरह से नंगी अवस्था में बेड पर थी,मैं झट से उठने लगी
और पैंटी खोजने लगी
फिर बोली
मैं -रूको... रूको, खोलती हूं
बोलकर जल्दी जल्दी पैंटी पहने लगी
मेरे पूरे कपड़े पहनते पहनते, सुमन भी नहा कर निकली और बोली कौन बाहर बार बार नॉक कर रहा है
मैं -राज है
सुमन - अंजू दी तो अब तक क्यों उसे बाहर खड़ा कर रखा है
बोलकर सुमन खुद ही दरवाजे की ओर बढी पर तबतक शायद राज वापस जा चुका था
सुमन - वो चला गया, तुम भी न दीदी पता नहीं क्या कर रही थी
पर मैं कैसे सुमन से कहती की मैं पूरी तरह से नंगी अवस्था में बेड पर थी
फिर राज ने कॉल कर बोला नीचे खाने के टेबल पर इंतजार कर रहा है और सुमन और मैं नीचे जाने लगे
भूख जोरो की लगी थी,
एक से बढकर एक लजीज खाना परोसा जाने लगा सब ने भर पेट खाना खाया
राज और जैकी ने तो साथ में हल्का ड्रिंक भी लिया
लास्ट में आईसकिर्म का मजा वाह.....

सुमन आईसकिम के साथ और मैं खाने के बाद थोडा आराम के मूड में
जैकी बार बार मुझे ही घूर रहा था, मैं एैसे एेंगल से बैठी थी सोफे पर की मेरी चिकनी कांख नजर आ रही थी जिसे देख जैकी के दिल पे सांप लोटने लगे, राज और सुमन अपने में मस्त थे
तभी मैनें कहा....
मैं कुछ देर आराम करना चाहती हूं मैं चली
सुमन -दीदी तुम चलो मैं आती हूँ ...
To be continued..