मेरा योनी रस तो उन्होंने बहोत चखा था लेकिन अपनी ,'सीधी साधी बहन' की उंगली से...ये मौका पहला था ...
मैंने नीचे देखा तो...उनके हथियार की हालत ख़राब थी...पूरा तन्नाया जोश से पागल हो रहा था ...
मैंने गुड्डी के होंठों पे एक कस के किस ली और फिर सीधे नीचे...जिस रस कूप का रस छकने के लिए मेरे होंठ बेचैन थे ...
उसकी गोरी गोरी किशोर जांघे पूरी तरह खुली फैली ...और उनके बीच...
उसे देख के जब मेरी इत्ती हालत खराब हो गयी तो मेरे 'वो' तो पागल ही हो जायेंगे...
क्या जन्नत थी...
गुलाबी पुत्तियाँ एकदम कसी कसी...( अभी तक कुछ गया भी तो नहीं था उनमे मेरी उंगली के सिवाय वो भी सिर्फ टिप ...झिल्ल्ली तो मेरे 'उनको' फाड्नी थी )
रसीली एकदम मक्खन ...चिकनी ( उसे मालूम था की उसके भैय्या को झांटे एकदम नहीं पसंद थी तो आने के पहले उसने खुद एकदम सफाचट कर लिया था...)
मैंने अगल बगल जाँघों पे एक दो किस्सी ली और उसकी पुत्तियाँ...ऐसे काँप रही थी जैसे हवा के झोंकों से शाख पे कोई गुलाब की नन्ही सी कली काँप जाय .....
मैंने अपनी लम्बी जुबान निकाल के बस टिप से ...उसके ' बाहरी होंठों' के किनारे किनारे हलके से लिक कर लिया ..पहले हलके हलके और फिर जोर से जल्दी जल्दी
वो काँप रही थी मचल रही थी..लेकिन अब मैं रुकने वाली नहीं थी...उसका मटर का दाना ...क्लिट..घूँघट में बंद था..बस हलके से झाँक रहा था..मैंने पहला किस बहोत हल्का सा वहीँ लिया और फिर मेरे दोनों होंठों के बीच उसके निचले होंठ कैद थे...मैं हलके हलके चूस रही थी चुभला रही थी..बिना किसी जल्दी के ..
रस की पहली बूँद जब उसके कुंवे से निकली तो मैंने चाट ली...फिर अंगूठे और तरजनी से मैंने उसके गुलाबी होंठों को खोला ..मस्त गीला रस से भरा...
और मेरे जुबान की टिप वहां घुस के चपड चपड ...ऊपर से नीचे ..ऊपर से नीचे ...और फिर हलके से अन्दर बाहर...जैसे मेरी जीभ ना हो लंड हो जिससे मैं उसे चोद रही होऊं ...
रस अब बरस रहा था सावन की झड़ी लग गयी थी ...
वो भी पागल हो रही थी...सिसकियाँ भर रही थी चूतड पटक रही थी मेरे सर को दोनों हाथों से पकड़ के अपने परी पे रगड़ रही थी...
पागल वो भी हो रहे थे ...बंधे हुए हाथ कसर मसर हो रहे थे गांठों के अन्दर से..पलंग पे देह रगड़ रहे थे...जालीदार पैंटी से उनकी आँखे बंद जरूर थीं ...लेकिन काफी कुछ दिख रहा था...
मुझे भी एक शरारत सूझी मैंने खिंच के गुड्डी के एक हाथ की उंगली उसके उसके रस कूप में ...
वो समझ गयी मेरी बदमाशी..और उसने हाथ खींचने की कोशिश की पर मेरे आगे उस बिचारी की क्या बिसात
रस से अच्छी तरह भीगी लथपथ वो उंगली अब मैंने अपने हाथ से 'उनके' होंठों के बीच ...
उन्होंने सब चाट ली ...
क्यों कैसा लगा मेरी ननदी का चूत रस ...मैंने हंस के पुछा ...
जवाब में उन्होंने होंठ पे लगी एक बूँद को भी कस के चाट लिया...
देख तेरे भैय्या को कित्ता अच्छा लगता है तेरा आमरस मेरा मतलब है...काम रस...मैंने चिढाया ..
वो कैटरिना की तरह मुस्करा दी...
अब तेरी बारी मैंने उससे बोला...
" एकदम भाभी लेकिन..." उनकी आँखों पे बंधे पट्टी कम पैंटी की ओर देखती वो बोली...
" अरे तो खोल दे ना...देख तो वैसे भी वो रहे हैं ...फिर पैंटी भी तेरी भैय्या भी तेरे..."
खोल के अदा से उस कमसिन ने ऐसे फेंका की ...बस सीधे उनके लंड पे...मानो वहां टांग दिया हो...
अब तो वो थोडा बहोत पर्दा जो था वो भी ख़तम हो गया.
लेकिन बिना उसकी परवाह किये गुड्डी सीधे मेरे ऊपर...
भले ही वो नौसिखिया हो...लेकिन एक नयी नवेली का, कच्ची कली का मजा ही अलग है..
मैंने कस के उसे अपनी बांहों में भर लिया...भींच लिया.
कोई देख के कही नहीं सकता था की ये नयी खिलाडन है. गुड्डी ने मेरे सर को कस के पकड़ा और मेरे होंठों पे एक खूब गरमागरम चुम्बन जड़ दिया.
मैंने आज उसे ही सारी पहल करने देना चाहती थी.
फिर उसके किशोर होंठ कभी मेरे गालों पे कभी पलकों पे कभी कंधो पे ...वो चूम भी रही थी और मुस्करा भी रही थी. लेकिन अगली बार जब उसके होंन्थ मेरे होंठों से जुड़े तो बस मैंने पकड़ लिया तो फिर जो लिप लाक हुआ होंठ एक दूसरे से रगड़े गए और मैंने ज़रा सा होंठ खोला तो उसकी जुबान अन्दर...
अब की बिना इंतज़ार किये मैं ने उसकी जीभ चुसनी शुरू कर दी.
क्या रस था ...उसने जब छुड़ाने की कोशिह्स की तो मैं क्यों छोड़ती अपनी कुँवारी किशोर ननद का रस...
और अब गुड्डी के हाथ मैदान में aa गए मेरा सर छोड़ के मेरे उभारों पे ..
मैंने उसे बैठा दिया अब वो मेरी गोद में ...लेकिन पहल अभी भी वही कर रही थी...मेरे दोनों जोबन कस कस के मसल रही थी..होंठों को चूम रही थी चाट रही थी..
'उनके' हाथ भले ही बंधे हो लेकिन आँखे तो खुल ही गयी थीं इस लिए नयन सुख लेने से कौन रोक सकता था उनको...और मैं चाहती भी तो यही थी...उन्हें तडपाना तरसाना चाहती थी
और हो भी वही रहा था..उनकी आँखे हम दोनों से चिपकी हुयी थीं...फेविकोल से भी ज्यादा क़स के ...मैंने गुड्डी का ध्यान उनकी ओर दिलाया तो उसने उन्हें देख के मुंह चिढा दिया ओर एक फ्लाईंग किस दे दी...अब तो वे बदहाल