जोरू का गुलाम भाग २५८- एम् ३ पृष्ठ १६२३
अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें लाइक करें और कमेंट जरूर करें
अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें लाइक करें और कमेंट जरूर करें
Last edited:
Sure Madam. Zaroor..aapki story padh kar comments karta rahoonga. Thanks once again for your kind words.Thanks so much for the nice words and encouragement. Phagun ke din chaar was a novel in more ways than one, it included many Ras, apart from being erotic it was a thriller, there were sad scenes, who made people's eyes teary, and it covered not only the four cities of India but also moved beyond borders of India, looked into economics and sociology of terror.
Your appreciation helps me a lot. JKG will certainly cross that number. Thanks again aur aate jate raiye apki best wishes and comments bahoot support karte hain.
![]()
Thanks so much, your comments and like encourage me, thanks again.Awesome update
Amezing komalji. Aapne to romance ka level ko jabardast badha diya. Itna erotic. 2 female ke bich. Log male female ke bich ye romance nahi likh sakte. Amezi. Vo bhi bhabhi nanand ke bich. Ek alag fantasy peda ki. Botam aut top dono ki alag feeling ko likhna amezing laga muze. Dill jit liya. Kaiyo ko ye feelings ke bare me pata nahi hota. Bhabhi ho to esi amezing.
![]()
![]()
Thanks so much, aap ke comment aur appreciation regularly aate hain , and it helps me, supports me , thanks soooooooooooo muchSuperb superb update didi
लाज़वाब कोमल भाभी जी।।गुड्डी
![]()
हम दोनों ने ब्रेकफास्ट ख़तम किया ही था की फिर उसकी कोचिंग का एक पॉप अप चमका। दस बजे ,... जो अभी ऑनलाइन एग्जाम हुआ था , उस में जो इसके सवाल गलत हुए थे वो , उसे सही करने का तरीका और वैसे कुछ और सॉल्व्ड इक्जाम्प्ल , दस बजे ऑनलाइन। ... और इसे कॉपी भी नहीं कर सकते , ..सिर्फ पंद्रह मिनट के लिए। ... दस से सवा दस बस , इसी में न सिर्फ पढ़ना है बल्कि समझना है और आत्मसात भी करना है।
अभी ७ मिनट बाकी थे।
उस पर फरक नहीं पड़ा , वो व्हाट्सऐप पर किसी को स्माइली भेज रही थी।
" बच्ची की जान लेंगे क्या , ये कोचिंग वाले " बुदबुदाते मैं उठी प्लेटें समेटी फिर किचेन में।
और जब किचेन समेट कर मैं गुड्डी की ओर गयी तो वो कोचिंग की साइट से जूझ रही थी , इशारे से उसने बोला की उसके ६ सवाल गलत हुए थे।
लेकिन सवा दस बजे भी गुड्डी को छुट्टी नहीं मिली , एक ऑन लाइन ट्यूटोरियल , कैलकुलस पर और उसके लिए उसे कैलकुलस की कोई किताब भी डाउन लोड करनी थी , आई. ए.मारोंन की।
" बायोलॉजी साइड में कैलकुलस ,... " मैं उसके बगल में बैठी थी , और साथ में लैपटॉप में झाँक रही थी।
" अरे भौजी , यही तो , देखिये आपने किस कोचिंग में फंसा दिया ,... " हंस के वो बोली , फिर मेरे गाल पे पिंच कर के मुस्करायी और माना ,
![]()
" असल में गलती आपकी कोचिंग वालों की नहीं है , मैं ही मूढ़ मति हूँ , मेरा दिमाग थोड़ा ,... मुझे पहले भी किसी ने बोला था इस किताब के बारे में , मैंने कोशिश भी की ,... लेकिन मेरा दिमाग एकदम ठस्स है , एक दो चैप्टर पढ़े ,... और खुद अपने आप , और वहां समझाने सिखाने वाला तो कोई था नहीं , एकदम पल्ले नहीं पड़ा , बस ,... मैंने भी छोड़ दिया। अब इस किताब पर ही पौन घंटे का ये लोग ऑन लाइन ट्यूटोरियल करेंगे , और मुझे जो उन नर्ड्स के साथ बैठना है डेढ़ घंटे उस में भी इसी का इस्तेमाल कर के फिजिक्स न्यूमेरिकल सॉल्व करना सिखाएंगे। "
किताब डाउनलोड हो ही रही थी की उसका ऑन लाइन ट्यूटोरियल चालू हो गया।
चार पांच सवाल एक साथ शुरू में थे फिजिक्स न्यूमेरिकल के गुड्डी ने तीन साल्व कर दिए , फिर ऑनलाइन वाले ने समझाया की इसे आधे समय में कैसे कैलकुलस से हल कर लेंगे।
ये क्लास ऑनलाइन होने के साथ इंटरैक्टिव भी था , और गुड्डी को वेब कैम अपना ऑन करना था। इसलिए मैं बगल से हट गयी।
किचेन से देख रही थी , इस लड़की को देस दुनिया की जैसे खबर न हो , सिर्फ वो ढेर सारे साइन , नम्बर्स ,... उसका चेहरा एकदम ध्यान में डूबा , कम्प्लीट कंसन्ट्रेशन ,
लग रहा था अगर मैं इसके बगल में प्लेट ले जाकर पटक कर तोड़ दूँ तो भी उसे खबर नहीं होगी। सच में अगर उसे ये कैलकुलस और वैदिक मैथ्स में महारत हो गयी तो इसकी एक प्रॉब्लम तो दूर हो जाएगी। मिसेज मल्होत्रा का मानना था की उन लोगों का असेसमेंट है की एक महीने की रिगरस कोचिंग से , वो फिजिक्स न्यूमेरिकल में उनके टॉप स्टूडेंट्स की टक्कर में आ जायेगी। बायो और आर्गेनिक तो अभी ही उसकी सबसे अच्छी कैटगरी की है।
मैं गुड्डी के चेहरे की ओर देखती रही और अचानक मुझे बड़ी जोर से हंसी आ गयी , मुश्किल से रोकी मैंने हंसी।
![]()
उसका चेहरा देखकर , मुझे जानते हैं किसका चेहरा याद आया , और किसका , उसके भइया और मेरे सैंया का ,
वो भी जब आफिस की किसी प्राब्लम में उलझे होते तो ऐसा ही कंसन्ट्रेशन उनके चेहरे पर होता था , एकदम एक्जैक्टली जैसा गुड्डी का लग रहा है , वैसे ही लगता था , जोर जोर से ढोल भी बजाओ तो उनका ध्यान नहीं भटकता था , और मुझे लगा कहीं , ... मम्मी चिढ़ाती तो थीं इन्हे
" अरे ये अपने मामा का जना है , देखो न ,... इसका चेहरा अपनी उस ममेरी बहन से कितना मिलता है , मैं तो तुझसे कहती हूँ , उसने तेरी माँ चोद दी तो तू भी उसकी बेटी चोद दे। "
और वो तो उन्होंने चोद ही दी थी और क्या मस्त , चुदवाती थी ये उनकी सगी से भी बढ़कर ममेरी बहन ( सगी तो कोई थी नहीं , सबसे नजदीक की यही ,...} "
गुड्डी को अभी टाइम लगना था अपने ट्यूटोरियल में तो मैं घर का काम काज समेटने लगी। अब तो लेट इवनिंग ही लौटूंगी , गुड्डी को कोचिंग से लेते हुए , पहले गुड्डी को ड्राप करना , फिर मिसेज मोइत्रा के यहाँ और चार पांच घंटे तो कम से कम लेडीज क्लब में , पहले तो वो एन जी ओ वाली मीटिंग और फिर तीज की तैयारी की ,... शाम पांच छः बजेगा ही , और इनको भी टाइम मिल जाएगा रसगुल्लों को पटाने फंसाने का ,..
जब मैं किचेन समेट कर निकली तो बस गुड्डी लैपटॉप बंद कर रही थी , अभी अभी उसका ऑनलाइन ख़तम हुआ था।
गुड्डी को तो टाइम नहीं था , मैंने ही उसके भी कपडे निकाले और अपने भी। फिर कुछ सोच कर एक बैग में गुड्डी के चार पांच सेट कपडे और एक सैंडल उसमें रख दी।
और जैसे ही वो लैपी से उठी , उसे खींच कर मैं बाथरूम में
जब ननद भौजाई साथ साथ नहायेंगी तो थोड़ी बहुत शरारत तो होगी ही , तो वो हुयी।
![]()
और उससे ज्यादा बड़ी मुश्किल थी, डाक्टर गिल. आज शाम तक उसकी बिल में ऊँगली भी नहीं कर सकती थी, कल जो ख़ास ताला लगा था इसलिए। इसलिए शरारत के चांस भी लिमिटेड थे पर मेरी ननद को कौन रोक सकता था, मेरी चुनमुनिया को छेड़ने से,...
लेकिन ज्यादा मस्ती का टाइम नहीं था , मुझे भी १२ बजे के पहले मिसेज मोइत्रा के पास पंहुचना था और गुड्डी को भी साढ़े ग्यारह तक कोचिंग पहुँचाना था।
आज मीटिंग थीं , इसलिए मैंने थोड़ी फॉर्मल सी ही साड़ी अपने लिए निकाली थी।
और आज गुड्डी को भी एक सेशन तो नर्ड्स के साथ ए २ में रहना था , ... इसलिए जींस टॉप ,
![]()
लेकिन टॉप बहुत टाइट और झलकौवा।उसके टिट्स तो मेरी ननद के यू एस पी थे। उनकी झलक तो लौंडो को दिखनी ही थी।
" देख इस बैग में तेरे चार पांच ड्रेसेज मैंने रख दिए हैं , वहीँ अपने लाकर में रख देना , क्या पता कभी वहीँ से निकलना हो , और हाँ आज तुझे डिस्को भी चलना है , तो डिस्को वाली ड्रेसेज भी मैंने रख दी हैं अगर घर आने का तुझे टाइम नहीं मिला तो ,... "मैं बोली
" पता है , पता है ,... "जल्दी से दूध का ग्लास गटकते वो बोली फिर दूध लगे होंठ मेरे गालों पर रगड़ दिया कर साफ़ साफ़ बोला
" लेकिन हमार भौजी , तुझे नहीं हमें ,... आप नहीं चलेंगी तो मैं भी नहीं जाउंगी ,... और आप जाएंगी कैसे नहीं , आपके नए बने देवर आपको किडनैप कर के ले जाएंगे। " वो जिद्द करके बोली।
![]()
" अच्छा मेरी नानी , चलूंगी लेकिन अभी कोचिंग चल , देर हो रही है। "
खींच कर मैं उसे कार में ले आयी और गाडी स्टार्ट कर दी ,
सारे k सारे अपडेट बहुत ही शानदार है।।।गन्ने का रस
S -321
![]()
बस , दुनाली चल गयी , और न उन दोनों से सिर्फ उन आते हुए टेनिस बॉल्स साइज टॉप फाडू बूब्स की शेप और साइज देख ली , बल्कि गुड्डी के गले में टंगे , हाथ में लगे आर्म्स टैग से उसका कोचिंग का सोशल मीडिया नंबर भी देख लिया ,
S 321
नाम का कुछ भ्रम हो तो मैंने दूर कर दिया , आखिर मेरी ननद के पोटेंशियल यारों को हेल्प करना, मेरा फर्ज बनता था।
"संगीता , तेरी इस क्लास के बाद अगली क्लास में गैप है न। "
![]()
" हाँ ये वाली तो पौने दो के आसपास ख़तम होगी और अगली ढाई बजे , ... लंच मैं उसी बीच थर्ड फ्लोर वाली कैंटीन में ले लूंगी। "
![]()
नाम भी मालूम , और कहाँ मिल सकती है , ये भी ,.. और जिस तरह से उन लड़कों के हाथ में मोबाइल फोन आया , और गुड्डी का मोबाईल फोन खनका ,
इसका मतलब संदेसा आ गया।
गुड्डी ने बजाय मोबाइल में में हामी भरने के उन की ओर मुस्करा के हामी भर दी। आगे का संवाद , स्टाल वाले ने हम दोनों को ग्लास पकड़ा के काट दिया।
वास्तव में बड़ा था और ऊपर तक भरा भी ,..
" हे सीधे मुंह से लगाओ , वरना कहीं छलक गया तो ,... " मैंने उसे वार्न किया और हम दोनों गटक गटक ,...
तब तक लड़कों का एक और झुण्ड उस स्टाल पर , आस पास के गाँव के लगते थे , नए नए पैसे वाले ,... एक दो शायद कोचिंग के भी थे बाकी सब माल ताड़ने वाले
और सब की निगाह रस पीती मेरी ननद पर ,
" अरे यार गन्ने का रस पीने, पिलाने का असली मजा तो गन्ने के खेत में है " एक लड़का बोला।
" सच में यार ये शहर वालियों को क्या पता , गन्ने के खेत का मजा ,.. " उसका चमचा बोला।
--
मेरा मोबाइल चमका , उनका फोन। मिशन पार्टली पूरा होगया था , वो सालियों को स्कूल छोड़ के आ गए थे , आफिस में थे.
तबतक मेरी चमकी ,
" संगीता अरे यार तुझे तो पहले , ... ये बैग ,... फिर क्लास में न ,... पांच मिनट तो उसमें भी "
" हाँ सही याद दिलाया आपने ,... " वो बोली और झट से ग्लास एक घूँट में ख़तम करते , बैग लेकर कोचिंग के लिफ्ट की ओर झपटी।
मैं पैसे देकर अपनी कार की ओर ,
लिफ्ट में घुसते हुए हम दोनों ने हाई फाइव किया। बैग में उसके डिस्को के , पार्टी के कपडे थे , शूज भी ,... वो अपने क्लास रूम वाले फ्लोर में अपने लॉकर में रख देती , जैसे बाकी लड़के लड़कियों ने ,... किसी दिन क्लास से ही ,.. सीधे पार्टी में
और गाड़ी स्टार्ट के करने के पहले मैंने मिसेज मोइत्रा को मेसेज किया , ' बस दस मिनट में पहुँच रही हूँ । "
और मोबाईल खोल के इनका टेक्स्ट पढ़ने लगी , इन्होने अपना यात्रा वृतांत डेढ़ सौ शब्दों में , संक्षेप में लिखा था।