" अनाड़ी बना खिलाड़ी "
नो डाऊट , आनंद भाई साहब ने कामसूत्र के कई कलाओं का प्रयोग चंदा भाभी पर आजमाया । यह विश्वास करना कठीन था कि अपने प्रथम सेक्सुअल एनकाउंटर मे इन्होने चंदा भाभी जैसी मैच्योर एवं काम - देवी को चारो खाने चित्त कर दिया ।
इस काम क्रीड़ा खेल मे चंदा भाभी ने भले ही शुरुआत मे बागडोर अपने हाथ मे ले रखा था लेकिन उसके बाद जिस तरह से आनंद साहब ने इस सेक्सुअल क्रीड़ा का कमान उनके हाथों से छीनकर अपने हाथों मे लिया और उन्हें कई - कई बार चरम सुख के द्वार तक पहुंचाया वह वास्तव मे अविश्वसनीय था ।
फाॅरविडेन सेक्स और वाइफ - हसबैंड के पारम्परिक सेक्स मे प्रमुख अंतर ही यही होता है कि फाॅरविडेन सेक्स कामुकता और उतेजना के एहसास की हदें पार करवा देता है । यहां फोरप्ले के साथ साथ रोलप्ले की सम्भावना अधिक हो जाती है । अधिकांश हसबैंड वाइफ इस वजह से यह सब नही कर पाते है क्योंकि उन्हें लगता है यह सब करने से उनकी गलत छबी न बन जाए । उनका पार्टनर उसे बदचलन न समझ ले ।
इस खेल की सबसे बड़ी बाधा है झिझक टूटना । एक बार झिझक टूटा फिर चाहे लड़का हो या लड़की दिल - जिगर - गुर्दा सबकुछ मजबूत होना शुरू हो जाता है । आनंद साहब की झिझक टूट चुकी है । पहला किला फतह कर लिया है । शायद अब साहब के जलवे ही जलवे होंगे ।
बहुत ही बेहतरीन अपडेट कोमल जी । इरोटिक वर्णन करने मे , होली के अवसर पर नायक - नायिका के सेक्सुअल एनकाउंटर एवं उत्तेजक संवाद लिखने मे आपका कोई सानी नही ।
परफेक्ट रियलिस्टिक अंदाज मे लिखती है आप ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग एंड टू टू हाॅट अपडेट ।