imdelta
Member
- 472
- 1,098
- 138
कोई बात नहीं भाई...........लगे रहो...................लाॅक डॉउन का असर अब मुझ पर भी पड़ गया है...... तो प्रोब्लम होगी ही..... इसीलिए कोई भी अपडेट लिख नहीं पाया......
लिखना बड़ी बात नहीं है लेकिन जब किसी चीज में आपका दिल नहीं करता है तो वो चीजें नीरश हो जाती है....... लोगों को पसंद नहीं आती है ।
हमारे घरों में सब्जियां रोज बनती हैं..... लेकिन वही सब्जी कभी कभी बहुत अच्छी लगती है और कभी कभी बेस्वाद...... जबकि उन सब्जियों में सेम वही मसाला होता है.... और बनाने का तरीका भी वही होता है............ जिन सब्जियों का स्वाद लज्जतदार होता है..उसका कारण कुछ नहीं सिर्फ उन को बनाने में दिल का लगा होना होता है ।
यहां भी यही रूल्स फॉलो होता है.....मन अशांत हो तो भला दिल कहां लगेगा कहानी लिखने में.....
मैं शायद दो हफ्तों तक कुछ लिख ही नहीं पाऊं !
कुछ समय लगेगा ।
लेकिन अशांत मन को भटकाने के लिए यहां हर समय मौजूद रहूंगा..... कुछ पढ़कर । कुछ कमेन्टस कर ।
लाॅक डॉउन का असर अब मुझ पर भी पड़ गया है...... तो प्रोब्लम होगी ही..... इसीलिए कोई भी अपडेट लिख नहीं पाया......
लिखना बड़ी बात नहीं है लेकिन जब किसी चीज में आपका दिल नहीं करता है तो वो चीजें नीरश हो जाती है....... लोगों को पसंद नहीं आती है ।
हमारे घरों में सब्जियां रोज बनती हैं..... लेकिन वही सब्जी कभी कभी बहुत अच्छी लगती है और कभी कभी बेस्वाद...... जबकि उन सब्जियों में सेम वही मसाला होता है.... और बनाने का तरीका भी वही होता है............ जिन सब्जियों का स्वाद लज्जतदार होता है..उसका कारण कुछ नहीं सिर्फ उन को बनाने में दिल का लगा होना होता है ।
यहां भी यही रूल्स फॉलो होता है.....मन अशांत हो तो भला दिल कहां लगेगा कहानी लिखने में.....
मैं शायद दो हफ्तों तक कुछ लिख ही नहीं पाऊं !
कुछ समय लगेगा ।
लेकिन अशांत मन को भटकाने के लिए यहां हर समय मौजूद रहूंगा..... कुछ पढ़कर । कुछ कमेन्टस कर ।
लाॅक डॉउन का असर अब मुझ पर भी पड़ गया है...... तो प्रोब्लम होगी ही..... इसीलिए कोई भी अपडेट लिख नहीं पाया......
लिखना बड़ी बात नहीं है लेकिन जब किसी चीज में आपका दिल नहीं करता है तो वो चीजें नीरश हो जाती है....... लोगों को पसंद नहीं आती है ।
हमारे घरों में सब्जियां रोज बनती हैं..... लेकिन वही सब्जी कभी कभी बहुत अच्छी लगती है और कभी कभी बेस्वाद...... जबकि उन सब्जियों में सेम वही मसाला होता है.... और बनाने का तरीका भी वही होता है............ जिन सब्जियों का स्वाद लज्जतदार होता है..उसका कारण कुछ नहीं सिर्फ उन को बनाने में दिल का लगा होना होता है ।
यहां भी यही रूल्स फॉलो होता है.....मन अशांत हो तो भला दिल कहां लगेगा कहानी लिखने में.....
मैं शायद दो हफ्तों तक कुछ लिख ही नहीं पाऊं !
कुछ समय लगेगा ।
लेकिन अशांत मन को भटकाने के लिए यहां हर समय मौजूद रहूंगा..... कुछ पढ़कर । कुछ कमेन्टस कर ।
Take your own timeलाॅक डॉउन का असर अब मुझ पर भी पड़ गया है...... तो प्रोब्लम होगी ही..... इसीलिए कोई भी अपडेट लिख नहीं पाया......
लिखना बड़ी बात नहीं है लेकिन जब किसी चीज में आपका दिल नहीं करता है तो वो चीजें नीरश हो जाती है....... लोगों को पसंद नहीं आती है ।
हमारे घरों में सब्जियां रोज बनती हैं..... लेकिन वही सब्जी कभी कभी बहुत अच्छी लगती है और कभी कभी बेस्वाद...... जबकि उन सब्जियों में सेम वही मसाला होता है.... और बनाने का तरीका भी वही होता है............ जिन सब्जियों का स्वाद लज्जतदार होता है..उसका कारण कुछ नहीं सिर्फ उन को बनाने में दिल का लगा होना होता है ।
यहां भी यही रूल्स फॉलो होता है.....मन अशांत हो तो भला दिल कहां लगेगा कहानी लिखने में.....
मैं शायद दो हफ्तों तक कुछ लिख ही नहीं पाऊं !
कुछ समय लगेगा ।
लेकिन अशांत मन को भटकाने के लिए यहां हर समय मौजूद रहूंगा..... कुछ पढ़कर । कुछ कमेन्टस कर ।
100% complete hoga yaar.... Aur yahi kyon aage bhi likhunga..... Sirf 2 hafte bhar ki baat hai.Bs yhi dukh tha ki aap yha hokar apne priya ese readers ko kyu tadfa rhe the.
Aap waqt lijiyega, lekin story ko uske mukam tak jarur leke jaiaega.
Yahi Vinnati he is reader ki taraf se.
Firefox bhai.....ye to aap ne bilkul sahi kaha ki main thora samvedansheel hu.... lekin thora practical bhi hu........... Kamdev 99008 bhai bahut hi sulghe aur Gyani byakti hai.... Kafi matured person hai.....Ye unki kahani aur kahanio pe review dekh kar pata chal hi jata hai.ye to life mein chalta rehta hai .. utaar-chadhaav ke saath mann ki stithi aur bhaav badastoor badalte rehte hai .. aap jitna chhahe apne liye samay lijiye .. jab mood theek hoga jab update kar dena .. aaj nahi to kal ye kahani apne anzaam par pahuch he jaayegi .. itne aap dusri kahaniyo ke maje lo ..
main kayi dino se soch raha tha ki naye update ke liye comment likh du .. magar socha chalo Lekhak ji khud he kar denge .. baar-baar kehna bhi theek nahi .. waise bhi aap samvedansheel hai (par kamdev99008 par ye theory apply nahi hoti, waise to inpar duniya ke saare hathkande apnana he bekaar hai, isi liye inko din mein ek baar update ke liye poke karna padta hai)
100% complete hoga yaar.... Aur yahi kyon aage bhi likhunga..... Sirf 2 hafte bhar ki baat hai.