मे अपनी शादीशुदा दीदी की मेरी आंखों देखी हुई एक सच्ची कहानी आप सभी से साझा करना चाह रहा हूं
Nice sexy update hi cठीक है दीदी और मैं बाहर आकर बैठ गया क्योंकि दीदी को पक्का पता था कि मैं उनको रात देख लिया है इसलिए शायद वह मेरे को सब कुछ बताने के लिए तैयार हो गई थी
कुछ देर बाद दीदी और मैं खाना खाया जब तक हमारे बीच कोई बातचीत नहीं हुई खाना खाने के बाद दीदी मेरे से बोले तुझे सच जानना है ना चल मेरे रूम में जो भी जानना हो
आगे..........
हम उठकर दीदी के रूम के अंदर चले गए दीदी जाकर रूम में मिरर के सामने बैठ गई और अपने बालों को सवरने लगी.
दीदी ने बालों को कंगी करके लंबी चोटी के रूप में बांध लिया जो उनके सलवार सूट पर बहुत ही अच्छी लग रही थी अपने गोरे चेहरे पर एक छोटी काली बिंदी लगाई दीदी को लिपस्टिक लगाने की कोई आवश्यकता नहीं थी उनकी दीदी के हॉट बहुत ही ज्यादा खूबसूरत है और थोड़े-थोड़े मोटे-मोटे हैं और भी ज्यादा अच्छे लगते हैं मेकअप की दीदी को कभी जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि बिना मेकअप के ही दीदी बहुत ही ज्यादा सुंदर लगती है और ब्राह्मण होने की वजह से गोरी चिट्टी और बिल्कुल चिकनी है।
दीदी मेरी और देखकर बोली बोल क्या जानना चाहता है तु
मे,,, दीदी आप उसके पास ऊपर क्यों गई थी और उसके साथ इतना सा बोलकर ही मैं रुक गया और फिर बोला आज मैं सुबह जब दूध देने गया तो किसी आदमी को बुरी तरीके से मार रहा था आप इतने गुंडे जैसे आदमी के साथ ईतना कहकर में रुक गया
दीदी,,,, थोड़ा सा हंस के अरे वह उसका ही काम है वह मजदूरों का लीडर है कुछ गलती कर दी होगी उसने इसलिए कर रहा होगा बाकी अच्छा आदमी होगा और मैं उसके साथ यह तो बहुत बड़ी कहानी है।
मे,,,, दीदी को आपको ब्लैकमेल कर रहा है क्या आप उसकी इतनी बातों को कैसे मानती हो तो आपको इतनी बुरी बुरी गालियां देता है फिर भी आप हंस के उसकी बात मानती हो क्या प्लीज बताओ मुझे
दीदी,,, गहरी सांस लेते हुए नहीं वह मुझे ब्लैकमेल नहीं करता है और वह जो भी मेरे साथ करता है सब मेरी मर्जी से होता है मैं खुद जाती हूं उसके पास ऐसा कुछ नहीं है यह बहुत बड़ी कहानी है अभी नहीं बस बाद में बात करेंगे और इस बात को तो अपने और मेरे बीच में ही रखना किसी से कुछ मत कहना नहीं तो बहुत बुरा हो सकता है वह बहुत ही खतरनाक आदमी है समझा।
मे,,, ठीक है दीदी मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगा पर दीदी जीजा जी के साथ ऐसा धोखा क्यों कर रही हो आप
दीदी,,,, हंसकर तेरा जीजा चुतिया है उसके पास नहीं तो मेरे को संभालने की हिम्मत है और नहीं मेरी रखवाली करने की उसके भरोसे तो अब तक मेरे साथ जाने क्या-क्या हो जाता अगर समय पर रंगा जी ने मेरी मदद नहीं करी होती तो.
इतने में दीदी का फोन बजा
दीदी स्क्रीन पर नंबर देखकर एकदम से खुश होती हुई बोली मेरे से प्ले उनका ही फोन आ गया मेरी तरफ चुप रहने का इशारा करके उन्होंने फोन उठाया
( फोन पर दोनों की बातचीत)
रंगा,,, अरे क्या कर रही है मेरी चिकनी चमेली
दीदी,,,, अरे कुछ नहीं बस खाना खाकर रूम में आई हूं आराम करने कुछ नहीं आप कहां हो.
रंगा,,, अरे कर ले कर ले आराम आता हूं अभी दो 3:00 बजे आता हू
एक बार लेने की इच्छा हो रही थी तैयार रहना मैं फैक्ट्री में हूं अभी ठीक है ना
दीदी,,, अरे प्लीज दिन में नहीं तुम्हें पता है ना मेरा भाई है उसके सामने प्लीज नहीं उसको पता चल जाएगा तो मेरी बहुत ज्यादा बदनाम हो जाएगी और मम्मी पापा को बता देगा घर पर
रंगा,,,, बहन की लोड़ी उससे इतना क्यों डर रही है तू तू मेरा माल है समझी ना
और एक बार उसके सामने ही बजने दे किसी से कुछ नहीं देगा मेरे को देखते ही गांड पटती है उसकी और उसे डर रही है तू
दीदी,,, नहीं प्लीज ऐसा मत करो वह भी मेरा भाई है 5 10 दिन की तो बात है और रात को तो मिलेंगे ना अपन रोक नहीं सकते क्या तुम
रंगा,,,, ज्यादा चु चपड मत कर जैसा कहता हूं वैसा कर और सुन रात को नहीं रहूंगा मैं आज
इसलिए कह रहा हूं ओर तु ज्यादा ही परेशान हो रही है तो ठीक है कि नहीं आता दिन में
फिर फोन करके कहेगी चुत में बहुत खुजली हो रही है आ जाओ प्लीज
दीदी,,, कहां जा रहे हो तुम रात को मत जाओ प्लीज आज अच्छे से मिलेंगे रात भर
रंगा,, मां की लोड़ी बहुत जरूरी काम है मेरे नहीं तो तेरे को छोड़कर मैं मां चुदाने जाता क्या वैसे कल वापस भी आ जाऊंगा ज्यादा दुखी मत हो इसलिए एक बार आ रहा हूं मैं दिन में तैयार रहना और खाना बनाना मेरे लिए तेरा हाथ खाना खाएंगे बहुत दिन हो गए
दीदी,,, चलो ठीक है जल्दी आना पर थोड़ा मैं खाना बना देता हूं तुम्हारे लिए
फिर दोनों ने फोन पर किस करके फोन काट दिया और दीदी मेरे से बोली तू सो जा अब जाकर मैं उनके लिए खाना बना लेती हूं और बाहर मत निकलना 5:00 बजे से पहले ठीक है ना
मे,,, दीदी में इतने समय अंदर कैसे रहूंगा रूम में बंद टॉयलेट वगैरा भी करूंगा मैं आप रूम में कर लेना दोनों
दीदी,,,, हां ठीक है रूम मे हीं करेंगे लेकिन तो उसके सामने मत आना
मैं उनको बोल दूंगी कि तुझे किसी काम से मैं बाहर भेज दिया है ठीक है अब तू जा और रूम में टीवी वगैरह देख ले और फिर 2:00 बजे के लगभग सो जाना
इतना क्या कर दीदी रसोई में चली गई चाहते वक्त में उनके गांड को देख रहा था दीदी अपनी गांड को इतनी कामुक तरीके से मटका रही थी जैसे उनके शरीर में एक खुशी की लहर दौड़ गई हो मैं रूम में आकर
यह सोचने लगा की दीदी क्या से क्या हो गई है क्योंकि तो एक रंडी की तरह हो गई है उसकी रखैल बन चुकी है और जैसा बोलता है वैसा ही करती है लेकिन एक बात है दीदी एक मस्त और रसीला माल तो बन गई है
मैं यही सोच रहा था की दोनों की चुदाई* को देखना है किसी भी कंडीशन मे
मैं जुगाड़ लगा रहा था तो कैसे देखें और कुछ आईडिया लगाकर में रूम में लेट गया और अपने लंड हाथ में लेकर मुड़ मरने लगा लगा
आंखें बंद करके उन दोनों के बारे में सोचते सोचते कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला और मैं सो गया
अचानक कुछ आवाजों से एकदम से मेरी आंख खुली मैंने मोबाइल में टाइम देखा तो करीब 4 बज चुके थे मैं जल्दी से उठा
मैं आवाज को सुनकर समझ गया की बहुत ही बुरी तरीके से दीदी की चुदाई चल रही है क्योंकि दीदी हल्की-हल्की चीखो के साथ आआआ उपपप शीशशश थोडा धीरे प्लीज बहुत मजा आ रहा है ऐसे ही करो धीरे प्लीज के साथ कामुक शिसकारियों की आवाज़ गूंज रही थी।
मुझे यह समझने में समय नहीं लगा की आवाज दीदी के बेडरूम से आ रही है और कभी-कभी चटाक चटाक की आवाज भी आ रही थी
शायद हुआ दीदी की गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था
मैं रूम का दरवाजा खोला और कमरे से बाहर निकाल और सामने डाइनिंग हाल में देखते ही मेरा सर चकरा गया सोफा के बीच रखी हुई छोटी सी टेबल पर एक देसी दारू का सीसी रखी हुई थी एक बीड़ी का बंडल रखा हुआ था और कुछ जली हुई बीडी के छोटे-छोटे टुकड़े पड़े हुए थे एक प्लेट में थोड़ा सा झूठ हुआ खाना पड़ा हुआ था
सोपों पर दीदी की सलवार और कमीज पड़ी हुई थी
मैं आगे दीदी के रूम की तरह चलता हूं उसे शैतान के कपड़े भी वहां पर पड़े हुए थे और रूम का दरवाजा के पास जाकर पहुंचता हूं तो आवाजों का शोर और जोर से आ रहा था मुझे यह समझते हुए देर नहीं लगी की अंदर जो कुछ भी प्रोग्राम चल रहा था तो बहुत ही भयानक चल रहा था
मैं अंदर देखने के लिए कुछ जगह ढूंढता हूं लेकिन मुझे कोई भी ऐसी जगह नहीं मिलती है जिससे अंदर देखा जा सके फिर मैं वापस दरवाजे के पास आकर अंदर देखने की कोशिश करता हूं लेकिन यहां पर भी मुझे कोई ऐसी जगह नहीं मिली तो मैं दरवाजे के पास खड़ा होकर अंदर के बातों को सुनने लगा
अंदर दोनों की बातचीत चुदाई*** के साथ-साथ
रंगा,,,, वह मेरी रंडी क्या मस्त माल है तु शीशशशश मजा आता है तेरे रसीले शरीर को कुचलना में
बहन की लोडी ले ले जमकर चुद
और वह तेज तेज धक्के मारने लगता है और साथ ही साथ चटाक चटाक की आवाज़ भी आती है शायद वह दीदी के गांड पर अपने हाथों से मार रहा था
दीदी,,,, शीशशशश आहहह शीशशशश धीरे करो ना शीशशश गांड पर मत मारो लाल हो जाएगी धीरे प्लीज शीशशशश
रंगा,,,, कुत्तिया तू ही तो बोल रही थी चुत बह रही है इसका इलाज करो अभी इलाज कर रहा हूं तो बोल रही है कि धीरे करो
ले मादरचोद ले अच्छे से बजाता हूं तेरी प्यास
वह दीदी को गालियां देकर बहुत ही बुरी तरह से बजा रहा था कमरे से दीदी के मदमस्त शिशकारीयो के साथ हल्की हल्की चीखो की आवाज आ रही थी दोनों का खेल लगभग 20 मिनट और चला और फिर एकदम से कमरे में शांति आ गई
इतने में रंग बोला मेरी जान मुझे जाना है कल आऊंगा कल अच्छे से तैयार रहना
इतना कहकर दोनों किस करने लगे कुछ देर किस करने के बाद वह बोला ठीक है जान अब मैं निकलता हूं
अब वह कमरे से बाहर आने वाले थे इसलिए मैं भाग कर अपने रूम में आ गया और अंदर से रूम को बंद कर लिया कुछ देर में उनकी किस करने की
एक दूसरे के गले लगने के आवाजों के साथ वह फिर चला गया
कुछ देर बाद में कमरे से बाहर आया और मैंने देखा दीदी में इस वक्त एक बड़ा सा ट्रैवल अपने शरीर से लपेट रखा था
डाइनिंग हॉल की सफाई कर रही थी हमने सभी कचरे को डस्टबिन में डाल रही थी जैसे मेरी नजर दीदी पर पड़ी तो मैं दीदी को देखकर मुझे लगा कि शायद दीदी की बहुत ही तगड़ी रगड़ाई हुई है दीदी के बाल बिखरे हुए थे और चेहरे पर संतुष्टि के भाव साफ नजर आ रहे थे
मुझे देखते ही दीदी बोली विनेश इस सब कचरे को एक थैली में भरकर बाहर गस्टबिन में डालकर आजा
तब तक मैं नहा लेती हूं आज तो कसम से बहुत ही तगड़ी ठुकाई करके गया है मेरी ऐसा कह कर दीदी अंगड़ाई लेने लगी
मैं कचरे को उठाकर बाहर डालने चला गया और दीदी नहाने के लिए बाथरुम में चली गई मैं वापस घर के अंदर जाकर दीदी के बेडरूम में गया जैसे ही अंदर गया तो बेडरूम से एक सेक्स की बहुत ही तगड़ी गंद आ रही थी
जैसे ही बेड की हालत देखी तुम मेरा सर चकरा गया बेड की हालत देखकर कोई भी कह सकता था कि इस पर बहुत ही जोरदार घमासान चु**ई** हुई है
कुछ देर में दीदी नाहकर आई और मेरे से बोली तू बाहर जा मैं कपड़े पहन लेती हूं क्योंकि वह टावल लपेटकर ही आई थी
दीदी के चेहरे पर हल्की पानी की बूंदे बहुत ही गजब लग रही थी क्योंकि दीदी का शरीर बहुत ही गोरा चिट्टा और चिकना था
मैं बेमन से दीदी के रूम से बाहर आया और हाल में आकर सोफे पर बैठ गया और सोचने लगा की दीदी की कितने घंटे तक उसके साथ रही वह कितने बजे आया था मैं तो 12:00 बजे ही सो गया था तो शायद मेरे सोते ही वह आ गया इसका मतलब वह पूरे 5 घंटे तक दीदी के साथ रहा और
इनका प्रोग्राम हाल से ही चालू हो गया था
मैंने टीवी चालू करी और टीवी पर कुछ देखने लगा करीब आधे घंटे बाद दीदी तैयार होकर बाहर आई तो मैं दीदी को देखा ही रह गया उन्होंने एक बहुत ही सेक्सी साड़ी पहनी हुई थी माथे पर बिंदी मांग में सिंदूर बिल्कुल शादीशुदा ब्राह्मण सुंदर औरत लग रही थी जब बिल्कुल प्रतिवर्ता दिख रही थी लेकिन दुनिया को क्या पता कि यह बहुत ही चुडक्कड़ रांड है जो अभी-अभी अपने काले साड जेसे बदसूरत यार से पूरे 5 घंटे तक जाम कर ठुकी है
वह आकर मेरे साथ सोफे पर बैठ गई उनके बदन से बहुत ही काम मुख खुशबू आ रही थी शायद अभी-अभी हुई उनकी चु*दाई* से उनको एक अजीब चमक शरीर पर देखने को मिल रही थी
मेरे से बोली आहहह विनेश आज तो बहुत ही खतरनाक तरीके से ठुकाई किया मेरी पूरे शरीर के अंग अंग को खोल के रख दिया बहुत मजा आया आज तो कसम से
मे,,, दीदी यहां दारू की बोतल भी रखी थी टेबल पर आप कैसे शराबी आदमी के साथ छी मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा यह सब
आपको तो शराब पीने वाले आदमियों से बहुत नफरत थी पहले फिर यह सब कैसे हैं
दीदी,,, अरे कुछ नहीं वह तो हल्का सा नशा करता है जब भी मेरी चुदाई करता है तब मुझे भी बहुत मजा आता है जब वह हल्के नशे में जबरदस्त तरीके से मजा देता है
और सभी शराब पीने वाले आदमी बुरे नहीं होते वैसे वह नशे के लिए नहीं पीता है वह तो मजे के लिए बीते बस
मैं दीदी से इतने गंदे चुदाई जैसे शब्द सुनकर एकदम से शौक हो चुका था दीदी डायरेक्ट ही खुलकर बात कर रही थी तो मे और कुछ उनसे पूछने की सोचने लगा
मे,, अच्छा दीदी को कितने बजे आ गए थे घर पर और कितने घंटे तक आपके साथ रहे पर कितनी बार आपके साथ किया
दीदी,,,, 1:00 बजे आ गए थे वह और और आधे घंटे में खाना वगैरह खाकर 1:30 हम रूम में चले गए थे और तब से ही चल रहा है प्रोग्राम
आज तो दो बार ठुकाई करिए मेरे अच्छे से मजा आ गया कसम से आज
मे,,,, दीदी मैं बाहर से आपकी चिखने की आवाज सुन रहा था क्या आपको दर्द होता है अभी भी उनसे करवाने में
दीदी,,, अरे कुछ भी दर्द नहीं होता है बहुत ही ज्यादा मजा आता है अब तो आप कितना समय हो गया उनसे चोदते हुए 1 साल के ऊपर हो गया है अब तो आप कहीं का दर्द होगा तो मजा ही मजा आता है बहुत ही ज्यादा मजा देते हैं मुझे और उनका वह भी बहुत बड़ा और मोटा है कसम से बहुत मजा देता है
यह कह कर दीदी ने अपने दांतों से अपने होंठ काट लिए और एक कामुक मुस्कान चेहरे पर आ गई।
मे,,,, कितना बड़ा है दीदी उनका व
दीदी बोलि अरे छोड़ इन सब बातों को किसी दिन दिखा दूंगी तुझे अभी अपन को बाजार चलना है सब्जी लेने चल बाजार चलते हैं तू कपड़े पहन कर आ
और मैं उठकर कपड़े पहने अपने रूम में चला गया
जारी अगला अपडेट कल आएगा पक्का
लेकिन आप मुझे कमेंट करके मेरा हौसला बढ़ाते रहे तो लिखने में मजा आता है आप लोग कमेंट नहीं करते हो तो मैं थोड़ा.....
Good start.सभी पाठको को मेरा नमस्कार मैं विनेश शर्मा जयपुर राजस्थान। यह मेरी पहली कहानी है और यह कहानी बिल्कुल सच्चाई पर आधारित है अगर कहानी लेखन में मेरे से कोई गलती हो जाए तो क्षमा करें और मुझे सभी सदस्य गाइड करते रहे तो चलिए दोस्तों कहानी शुरू करते हैं।
मेरा नाम विनेश शर्मा है ओर मे जयपुर का रहने वाला हुँ। मेरे परिवार में पापा राकेश शर्मा उम्र 50 साल हाईट 5.11 इन्च,मम्मी सुषमा शर्मा रंग गोरा उम्र 47 साल हाईट 5.1 इन्च उसके बाद मेरी सुमन दीदी जो कहानी की नायिका है अभी उनकी उम्र 25 साल है शादी को 3 साल हो चुके हे। बाकी उनका शारीरिक विवरण बाद में बताऊंगा और मैं मेरी उम्र अभी 19 साल है मैं भी मम्मी पापा की तरह ही गोरा हु शरीर से दुबला पतला और मेरी हाइट 5.3 इन्च हे। क्योंकि मैं मम्मी पर गया हूं इसलिए मेरी हाइट पापा और मेरी दीदी से कम है।
दोस्तों कहानी शुरू करते हैं आज से 3 साल पहले 2022 में मैं दनवी कक्षा में पढ़ता था और 16 साल का था। सुमन दीदी उसे समय 22 साल की थी और अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर चुकी थी दीदी की उम्र में और मेरी उम्र में इतना गेप इसलिए है मेरे से बड़ा और दीदी से छोटा मेरा एक भाई पैदा होते ही मर गया था मेरा जन्म होने के बाद मैं हमेशा से ही मम्मी पापा दीदी का लाडला था।
हम ब्राह्मण परिवार में होने की वजह से हम सभी सदस्य संस्कारी हे। पूजा पाठ में भगवान ने विश्वास रखते हे।
2022 में क्लास के कुछ बिगड़े हुए लड़कों के साथ रहने लग गया और मोबाइल फोन में सेक्सी सामग्री देखने लग गया हॉट सेक्सी वीडियो देखने से अब मेरी नजर में वासना उत्पन्न होने लग गई थी उन वासना नजरों से मैं अपनी जवान बहन के ऊपर भी देखने लग गया
उसे समय मेरी संस्कारी दीदी 22 साल की जवान लड़की हो चुकी थी हाईट 5.8 इन्च, उनका रंग बिल्कुल दूध के जैसा गोरा, लंबे काले बाल चेहरा बिल्कुल मासूम उनका फिगर बिल्कुल एक जवान लड़की जैसा हो गया था उनके चूचियां 32 साइज की चिकन पेट कमर पतली 26 और उनके गाँड 34 हो चुकी थी दीदी घर में हमेशा सलवार सूट ही पहनती थी और साधारण तरीके से ही रहती थी। कॉलेज पूरा होने के बाद सुबह जल्दी उठकर स्नान करना पूजा करना और घर के कामों में मम्मी का हाथ बठाना वह कभी भी अपनी सहेलियों के साथ बाहर घूमने नहीं जाती थी शॉपिंग पर उसे करनी होती थी तो मम्मी के साथ ही हो जाती थी उसकी पूरी कॉलेज की पढ़ाई भी गर्ल्स कॉलेज से हुई थी। दीदी की सहेलियां दी उनके जैसे ही ब्राह्मण परिवारों से थी और सभी संस्कारी और मासूम थी इसलिए वह कभी भी गलत कामों में नहीं पड़ी।
ग्रेजुएशन पूरी होते ही पापा ने दीदी के लिए लड़के देखने शुरू कर दिए और फिर उनके लिए जयपुर में ही एक लड़के का रिश्ता आया लड़का दिल्ली में एक MNC कंपनी में जॉब करता था और उनका परिवार भी एक अच्छा ब्राह्मण था पापा ने सोचा अच्छे लोग हैं जयपुर के रहने वाले हैं तो उन्होंने रिश्ता पक्का करने के लिए लड़के को हमारे घर आने के लिए बोल दिया।
दो-तीन दिन बाद लड़का और उनकी फैमिली हमारे घर आए वह भी बहुत ही संस्कारी सज्जन परिवार के व्यक्ति लग रहे थे जब मैं होने वाले जीजा जी को दिखा उनका नाम संजय था उमर उनकी उस समय 25 साल थी और शरीर से भी मीडियम ठीक-ठाक थे हाइट उनकी 5 फुट 7 इंच जो दीदी से 1 इंच कम थी लेकिन उनका स्वभाव बहुत ही सरल और सौम्या था दिखने में भी अच्छे गोरे और हैंडसम थे सभी घर वालों ने और सोच लड़का अच्छा है नौकरी करता है अच्छा परिवार है तो सभी में रिश्ते को पक्का कर लिया और ठीक 1 महीने बाद शादी का मुहूर्त भी निकलवा लिया। और दीदी की धूमधाम से शादी कर दी
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दीदी की शादी बड़ी धूमधाम से हो गई और अपने ससुराल चली गई शादी के शुरुआत के 1 साल में दे दी जयपुर में अपने ससुराल वालों के साथ रहे और हमारे घर भी आती रही जब तक सब ठीक चल रहा था लेकिन मुझे एक बात समझ में नहीं आई की दीदी के शरीर में शादी से भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ जबकि मैंने ऐसा सुना था की लड़की की शादी होते ही लड़की का गदराने लग जाता है शरीर में एक अजीब चमक उत्पन्न होती है लेकिन दीदी के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ वह जेसी से शादी के पहले थी वैसे ही शादी के 1 साल तक रही उनके शरीर और उन्हें कुछ भी परिवर्तन नहीं हुआ हां थोड़ा बहुत परिवर्तन हुआ कि वह अब सलवार सूट कि जगह साड़ी और ब्लाउज पहने लग गई सिंदूर लगाने लग गई माथे पर बिंदी और थोड़ी बहुत सजसवरके के जरूर रहने लगे शादीशुदा लड़की के जैसे रोने लग गई जिससे वह थोड़ी बहुत सुंदर और नजर आने लग गई क्योंकि उनका शरीर रंग रूप बहुत अच्छा था मैं भी अपनी पढ़ाई में ध्यान देने लग गया और बुरे लोगों के संगत को छोड़ दिया.।
असली कहानी जब शुरू हुई जब वह जीजा जी के साथ जयपुर छोड़कर दिल्ली रहने चली गई मैं भी अपनी नेट की तैयारी के लिए जयपुर की जगह कोटा रहने लग गया और 1 साल तक में दीदी से मिली नहीं पाया गर्मियों की छुट्टियों में जब में दसवीं की परीक्षा देखकर घर आया तो मम्मी पापा ने दीदी को फोन किया और बोला कि तुम्हारा भाई की परीक्षाएं खत्म हो चुकी है और वह छुट्टी में घर आया हुआ है तो तू भी कुछ दिनों के लिए हमसे मिलने जयपुर आ जाओ और अपने भाई से भी मिल लेना हमें भी तुम्हारी बहुत याद आ रही है हमसे मिल लेना तो दीदी ने बोला मैं देखती हूं और मुझे भी खुशी थी कि दीदी से मिलेगी उन्हें देखी हुई है 1 साल के ऊपर हो चुका है तो मैं भी दीदी से मिलने के लिए बहुत ही ऊतस्क था
तीन-चार दिन बाद दीदी का फोन आया कि मैं कल जयपुर आ रही हूं और दो-तीन दिन आपके पास ही रहूंगी उसके बाद मुझे वापस आना पड़ेगा क्योंकि उनके खाने पीने में दिक्कत होती है इसलिए।तो पापा बोले ठीक है दो-तीन दिन बाद वापस से चली जाना।
Nice going. Achhi likh rahe ho.दो दिन बाद शाम 4:00 बजे पापा को फोन आता है दीदी का कि मैं और संजय स्टेशन पहुंच गए हैं और 30 मिनट में घर पहुंचने वाले है। जैसे ही मुझे पता चला की दीदी और जीजु 30 मिनट में घर पहुंचने वाले हैं मैं उनसे मिलने के लिए बहुत ही ज्यादा उतावला हो रहा था क्योंकि दीदी से मिले हुये, उन्हें देखे हुए लगभग 1 साल से ऊपर हो चुका था मुझे भी दीदी की बहुत याद आ रही थी जैसे ही 30 मिनट बाद एक ओला कैब हमारे घर के बाहर रुकी
गाडी की आवाज सुनते ही मैं घर और मम्मी पापा घर के बाहर आए।
जैसे ही दीदी गाड़ी से उतरकर घर के दरवाजे की तरफ आई जैसे ही मेरी नजर दीदी पर पड़ी। मैं तो दीदी को देखा ही रह गया मुझे तो पहचान मे भी नही आयी की येही मेरी दीदी है।
मे तो देखते ही दंग रह गया क्या यह मेरी वही दीदी है जिसको मैंने एक साल पहले देखा था यह तो बिल्कुल ही बदल गई है मैं तो एकदम से खड़ा-खड़ा दीदी को देखा ही रहा
दोस्तों सचमुच दीदी को देखकर एकदम पागल हो गया दीदी तो एकदम एक बहुत ही सुडोल, लंबी गोरी चिट्टी चिकनी औरत के रूप में बदल चुकी थी ऐसा बदलाव आया दीदी के शरीर में किसी को पहचानना भी मुश्किल हो रहा था क्या यह वही सुमन है जो 1 साल पहले थी दीदी का चेहरा एक अलग ही तेज में चमक रहा था उनके होट थोड़े-थोड़े मोटे हो चुके थे चेहरे पर एक ऐसी अलग ही मुस्कान थी जिसे देखकर अच्छे-अच्छे पागल हो जाए उन्होंने उस दिन ब्लैक कलर की साड़ी और मैचिंग ब्लाउज पहन रखा अपने गोरे चिट्टे बदन पर ब्लैक साड़ी में दीदी तो कयामत लग रही थी। दीदी के ब्लाउज का गला गहरा ओर ब्लाउज थोड़ा सा टाइट होने से उनकी चुचिया में गहरी घाटी बनी हुई थी दीदी की चूचियां जो 1 साल पहले मैंने देखी थी वह बिल्कुल नॉर्मल थी मीडियम लेकिन अभी मेरे अनुमान से 36 साइज की मोटी गोलाकार बहुत ही सुडौल हो चुकी थी उनका ब्लाउज उनको बहुत ही मुश्किल से संभाल पा रहा था के बाद उनका चिकन पेट जो पहले सपाट था उस पर अब हल्की- चर्बी थी उनकी नाभि पहले से बहुत ही ज्यादा गहरी हो चुकी थी उन्हें साड़ी को नाभि से 4 इंच नीचे अपनी कमर पर बंधा हुआ था वह सीधी मेरी और चल कर आ रही थी उनकी चाल में एक अलग ही कामुक सी लचक थी दीदी मेरे पास आई और मुझे अपनी बाहों में भर लिया और अपने सीने से चिपका लिया मैं सीधा जाकर दीदी के सीने से लगा तो मेरा मुह उनकी रसभरी चुचियों में जा लगा उनकी चूचियां ना तो ज्यादा ढीली और ना ही ज्यादा टाइट मीडियम थी और बहुत ही ज्यादा चिकनी थी उनके शरीर से मुझे कामुकता की बहुत ही अजीब गंद महसूस हो रही थी मेरे शरीर में एकदम से करंट हो उत्पन्न हो गया और मेरा लन्ड बिल्कुल खड़ा हो गया कहीं दीदी को यह सब पता नहीं चल जाए इसलिए मैं उनसे ना चाहते हुए भी उनसे दूर हो गया मेरे से अलग होकर दीदी घर के अंदर जाने लगी मैं भी दीदी के पीछे पीछे चलने लगा जैसे ही मेरी नजर दीदी के पिछवाड़े पर पड़ी दीदी की मटकती भारी गाण्ड और वो गोरे गोरे पेट का सारी की बगल से देखना मेरे ऊपर तो कंट्रोल ही नहीं रहा दीदी की बड़ी गांड को उनकी पतली कमर बहुत ही मुश्किल से संभाल पा रही थी उनकी भारी गांड को देखकर कोई भी यह कह सकता था कि यह औरत बहुत ही बड़े और मजबूत घोड़े की जमकर सवारी कर रही है जैसे वह चल रही थी उनकी कामुकता भरी लचक और चूतड़ बहुत ही कामुक तरीके से थिरक रहे थे मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि यह मेरी वही दीदी है जो बहुत ही मासूम और शांत थी
हम सब चलकर घर के अंदर आकर बैठ गए जैसे मेरी नजर जीजा जी पर पड़ी तो मुझे यही समझ में नहीं आ रहा था की दीदी के सामने जीजा जी तो बिल्कुल ही छोटे पड रहे हैं जहां दीदी 5 फुट 8 इंच लंबी चौड़ी गोरी चिट्टी जिसकी बड़े-बड़े 36 साइज की चूचियां और उनके शरीर की सबसे खतरनाक और कयामत डाने वाली भारी गाँड मोटी मोटी जांगे और गदराया हुआ बदन इस समय उनका साइज़ मेरे हिसाब से 36 28 38 इंच का होना चाहिए और वजन 65 किलो के आसपास होना चाहिए जबकि जीजा जी उनके सामने 5 फुट 6 इंच लंबे और शरीर से भी थोड़े दुबले पतले दोनों की जोड़ी बिल्कुल भी नहीं मिल रही थी।
मुझे तो पूरा यकीन हो चुका था की दीदी ने किसी और ही घोड़े की सवारी करी है क्योंकि 1 साल के अंदर ही एक लड़की से किसी जबरदस्त तरीके से गदराई हुई औरतों रूप में बदलने का काम जीजा जी के बस की बात तो नहीं है मैं एक मासूम लड़की से बहुत ही चंचल और कामुक औरत के रूप में नजर आ रही थी।
हम सब ने रात्रि का खाना खाया दीदी और जीजू एक अलग रूम में सो गए मम्मी पापा और मैं अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए क्योंकि दीदी सफर करके आई थी तो थकान हो रही थी इसलिए हम जल्दी सो गए जब सुबह उठ तो इधर-उधर परिवार की बातें करते हैं मम्मी दीदी से कह रही थी कि अब तो मुझे जल्दी से नानी बनने के प्लानिंग करो ऐसे करके दो दिन बहुत ही जल्दी से बीत गए मैं तो हर समय बस दीदी के आसपास ही रहा उनके बदन की कामुक खुशबू उनसे बिल्कुल चिपक ही रहा और रात में दोनों दिन चार-चार बार मुठ मार के दीदी को याद करते हुए सो गया जब दीदी के जाने वाला दिन आया तो हम सभी परिवार के लोग बैठे हुए थे और जीजा जी बोले पापा से की विनेश को हमारे साथ ही दिल्ली भेज दो 10 दिन के लिए मुझे भी अभी कंपनी से फोन आया है कि बिजनेस टूर के लिए 8 दिन के लिए कोलकाता जाना पड़ेगा वह भी अपने दीदी के साथ 10 दिन रह लेगा
जीजाजी ने ऐसा करते हैं मेरी तो मानो लॉटरी ही लग गए हो बहुत ही खुशी से झूम उठा 10 दिनों तक दीदी के साथ रहने को मिलेगा और जीजा जी नहीं रहेंगे तो डर का बहाना करके दीदी के साथ सोऊंगा और उनके बदन से थोड़ा बहुत छूने का मौका तो मिलेगा लेकिन इस प्रस्ताव से मुझे ऐसा लगा कि दीदी का चेहरा थोड़ा बहुत उतर गया है और बोली चल तो रहा है लेकिन एक-दो दिन में ही तू बोले कि मुझे तो वापस जाना है सोच ले अगर चलना चाह रहा हूं तो मैं कहां मना करने वाला था मैं बिल्कुल जाने के लिए तैयार हो गया लेकिन मुझे लग रहा था कि दीदी इससे इतने खुश नहीं है
मैं जीजा जी और दीदी तैयार होकर दिल्ली के लिए निकल गया
दोस्तों अगर आप कहानी पूरी पढ़ना चाहते हो तो मुझे प्लीज कमेंट करके बताएं मैं आगे और भी कामों और बहुत ही बढ़िया तरीके से इसको लिखो
मैं पहली कहानी लिख रहा हूं इसलिए थोड़ी बहुत गलतियां होगी तो प्लीज एडजस्ट कर लेना
Now the action starts.अपडेट 3
तो दोस्तों में दीदी के साथ दिल्ली जाने के लिए रवाना हो रहे थे यह बात 2024 मई की है।
हम दिल्ली के लिए ट्रेन से ना जाकर टैक्सी से जाने वाली थे तो सुबह 10:00 बजे घर के बाहर आ गई हम सब तेयार हो चुके थे जाने के लिए।
दीदी ने फिर से आज साड़ी ओर गहरे गले का टाइट ब्लाउज पहन रखा था और साड़ी को बहुत ही टाइट तरीके से अपनी नाभि से चार इंच नीचे बंधा हुआ था जिससे उनकी गांड बहुत ही कामुक तरीके से और बहुत ही बड़ी नजर आ रही थी उनके गोरे चेहरे पर आज छोटी सी काली बिंदी लगा रखी थी। दीदी आज बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी हम सब तैयार होकर टैक्सी में बैठ गए।
टैक्सी ड्राइवर 25 साल का जवान लड़का था शरीर से भी थोड़ा ठीक था दीदी को देखकर लार टपकाने लग गया आगे की सीट पर जीजाजी और पिछे दिदी ओर मे बेठ गया और हम रवाना हो गए ड्राइवर बीच के शीशे से बार-बार दीदी को देखकर अपनी जीभ होठों पर फेर रहा था लेकिन दीदी ने ड्राइवर को बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और आधा घंटे की दूरी तय करने के बाद दीदी आंखें बंद करके सोने लग गई
मैं भी दीदी के सट कर बैठ गया तेरी नजर सीधी उनके ब्लाउज में बन रही है चूचियों की घाटी पर पड़ी इतने करीब से उनकी चूचियां दिखने में और भी बड़ी बहुत ही सुडोल लग रही थी उनके सांस लेने से दोनों धीरे-धीरे ऊपर नीचे हो रही थी उनके बदन से आती मादक महक से अपने आपके कंट्रोल रखना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो गया था।
4 घंटे का सफर करके दिल्ली लगभग 3:00 बजे के आसपास दीदी के घर पर पहुंच गए जहां पर दीदी रहती है वहां पर एक छोटा सा मकान किराए पर लिए रखा था इसमें दो कमरे एक होल एक रसोई एक बाथरूम था। मकान छोटा था और यह एरिया लगभग अभी डेवलप हो रहा था इसमें ज्यादा मकान नहीं थे थोड़ी-थोड़ी दूर छोड़कर मकान थे लेकिन दीदी के जस्ट पास में एक मकान होता है बिल्कुल दोनों भी छत मिल गई थी वह भी से इसी तरह का मकान था लेकिन उसके ऊपर एक कमरा और बना हुआ था।
हम पहुंचते हैं जीजा जी को 5:00 बजे ट्रेन से कोलकाता के लिए निकलना था तो वह थोड़ा प्रेस ओके कपड़े जमा के 10 दिनों के लिए निकल गए घर पर मैं और दीदी दोनों ही बच गए थे गर्मियों के दिन थे इसलिए सफर की थकान की वजह से दीदी ने कहा कि कुछ देर आराम कर लो और मैं नहा लेती हूं मैं तो पूरे सफर में 1 मिनट भी सो नहीं पाया पूरे रास्ते में तो दीदी के गदराये बदन को देखा हुआ ही आया था और मेरे लंन्ड ने बहुत ही बुरा हाल कर रखा था इसलिए मैंने सोचा थोड़ी देर रूम में चलकर मुठ मार लेता हूं ओर दीदी के कामुक बदन को याद कर के मुठ मारने लगा मुठ मारते ही मुझे नींद आ गई और मैं सो गया.
शाम को 6:30 जब मेरी आंख खुली मैं उठा और कमरे से बाहर आया तो दीदी रसोई में कुछ कर रही थी और दीदी ने इस समय एक काली लेगी और व्हाइट कुर्ता पहन रखा था लगी उनके पूरी टांगों में की हुई थी जिससे उनकी मोटी मोटी जांगे साफ नजर आ रही थी उनकी गांड का सेफ बहुत ही बड़ा नजर आ रहा था मैं तो बस हर समय यही सोचता था आखिर यह गांड इतनी बड़ी कैसे हो गई कुर्ता था वह भी बहुत टाइट था जिसमें उनके दोनों चूचियां गोलाइयों में और बहुत बड़ी-बड़ी नजर आ रही थी।.
मैं रसोई के बाहार छिपकर खड़ा था और उनके कामुक बदन को निहार रहा था तभी दीदी के फोन पर किसी का फोन आया।
तो दीदी एकदम से बहुत ही खुश हो गई फोन को देखकर और अपने होठों पर कामुक मुस्कान आ गई दीदी ने फोन उठाया सामने वाले ने क्या पता मुझे नहीं सुनाया मेरा लेकिन दीदी ने जवाब दिया अभी 3:00 बजे पहुंची
काल पर सवाल....?
दीदी.,, हा व तो कोलकाता निकल गया 10 दिनों के लिए
काल पर सवाल....?
दीदी,,, नहीं प्लीज आप अभी घर मत आईए मेरा छोटा भाई मेरे साथ आ गया जयपुर से
काल पर सवाल....?
दीदी,, अरे मैं नहीं लेकर आई उसको वह साला चुतिया लाया है बोला कि हमारे साथ ही दिल्ली चल चल 5,,10 दिन दीदी के साथ रह लेना तुम दोनों को मिले हुए भी 1 साल के ऊपर हो गया है
मैं तो लेकर आना ही नहीं चाहती थी पर क्या करे
काल पर सवाल....?
दीदी,,, अभी नहीं रात को देखते हैं मैं कुछ जुगाड़ करती हूं मेरी भी चुत में बहुत तगड़ी आग लगी हुई है और हां सुनो ज्यादा शराब मत पीना आज मैं कुछ भी जुगाड़ करके तुम्हें बता दूंगी ओके
काल पर सवाल....?
दीदी,,, ज्यादा बड़ा नहीं है अभी वह छोटा ही है 17 साल का है अभी तो
काल पर सवाल....?
दीदी,,, ठीक है मैं तुम्हें बता दूंगी।
और हां आज बाहार ही खा लेना
काल पर सवाल....?
दीदी,, हां ठीक है मैं उसको सुला के जुगाड़ करती हूं कुछ।ओके बाय
दीदी को फोन पर ऐसी बातै सुनते ही मेरे तो दिमाग का ही ढक्कन खुल गया मेरी मासूम सी दीदी तो पूरी तरह से ही बदल गई है यह कैसी-कैसी बातें करने लग गई है अपने पति को ही चुतिया बोल रही है।
मेरे को तो अपने आप पर विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मेरी दीदी ऐसी हो चुकी है मैं थोड़ी देर बाद किचन में जाता हूं तो दीदी सब्जी काट रही थी शाम का लगभग 7 बजे का टाईम हो चुका था।
दीदी मुझे देखकर बोली उठ गया क्या मैं खाना बना रही हूं जब तक खाना बन तू टीवी वगैरह देख ले तो मैं दीदी को बोला नहीं मैं थोड़ी देर छत जाकर आता हूं दीदी बोली ठीक है
मैं किचन से निकाल कर छत पर जाने लगा सोच रहा था कि मुझे आज पता चल जाएगा और मुझे पता करना ही है की जिसने दीदी को इतना गदराया माल बनाया है आखिर कौन हे वह
जारी........