आनंद की दशा देख कर ऐसा महसूस होता है जैसे एक शरीफ , भले और चिकने - चुपड़े युवक को चार - चार तेज तर्रार महिलाओं के बीच मे एक कमरे के अंदर छोड़ दिया गया हो ।
सवाल ही नही पैदा होता ऐसे सिचुएशन मे कोई भी मर्द इनसे पार पा सके ।
आनंद साहब का ब्रेक फास्ट भांग मिश्रित पकवानों के साथ साथ वाइन , वोदका और वियर का रूकने का नाम ही नही ले रहा । कभी चंदा भाभी के साथ , कभी गुड्डी के साथ , कभी रीत के साथ और कभी दूबे भाभी के साथ मिलाकर कई - कई दौर का यह खान-पान हो चुका ।
पर ताज्जुब है अब तक आनंद साहब होशो हवाश मे है और साथ मे सभी महिलाएं भी भली चंगी हैं । काफी मजबूत मिट्टी के बने हैं यह सब ।
इस अपडेट मे आनंद साहब को रंगपंचमी मे वापस बनारस आने की बात कही गई है । कारण अवश्य रंग खेलने का और उस दौरान कुछ मस्ती करने का है । लेकिन चूंकि आनंद को ट्रेनिंग के लिए बाहर जाना है इसलिए यह प्रोग्राम कुछ फेरबदल के साथ दो दिन पहले तक का कर दिया गया ।
नो डाऊट , इस दौरान वह सबकुछ होगा जो इन महिलाओं ने सोच रखा है एक्सेप्ट राॅकी इवेंट । राॅकी की चर्चा सिर्फ आनंद साहब की शर्म दूर करने की ही है ।
और वह सब भी होगा जो आनंद साहब के ममेरी बहन के बारे मे कहा गया है । गुड्डी अपने कमिटमेंट पर खरा न उतरे , यह हो नही सकता ।
आनंद साहब को ट्रेनिंग से वापसी के बाद शायद वह बनारस और वह ससुराल न दिखे जो वर्तमान मे दिखाई दे रहा है । मुझे याद है बनारस उस वक्त बम धमाकों से बहुत कुछ बदल चुका था । शायद रीत का साथ भी उनके ट्रेनिंग जाने से पूर्व तक का ही है ।
बहुत खुबसूरत अपडेट कोमल जी ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट ।