जोरू का गुलाम भाग 254
गुड्डी की कहानी, गुड्डी की जुबानी-
किस्सा गुड्डी बाई के गैंगबैंग का
३९६२७५४
और गुड्डी की आवाज चालू हो गयी, जी गुड्डी के गैंगबैंग का ये जिक्र गुड्डी की ही आवाज में, अब उसके साथ मैं तो गयी नहीं थी और ये थे नहीं तो बूट कैम्प में जाने के पहले ही गुड्डी ने अपनी आवाज में ही रिकार्ड कर दिया था पूरा खेल।
मैं बस में जब चढ़ी तो खूब हो हल्ला हुआ, लड़कियों से ज्यादा लड़कों ने।
दो तीन कॉमन पिक अप प्वाइंट थे, जहाँ लड़कों लड़कियों को जो पार्टी में इन्वाइटेड थे, उन्हें पिक अप किया जा रहा। कोमल भाभी भी न कुछ ज्यादा ही केयर करती हैं, ।
खुद ड्रेस अप किया, मेक अप किया और छोड़ के भी और जब तक बस चली नहीं, स्टॉप पे खड़ी देखती रहीं, मैंने कहा भी भाभी, ससुराल नहीं जा रही हूँ कल सुबह दिन में आपको तंग करने के लिए हाजिर हो जाउंगी,... पर वो भी न।
रानी ने मुझे दबोच लिया और ले चुम्मी पे चुम्मी और जैसे उसने मेरा नाम अनाउंस किया फिर खूब जोर से हल्ला हुआ,
" मालूम है, मालूम है "
असली खेल मीठी भाभी और इस छिनार रानी का था,
अजय जीजू ने जो मेरी सेमी न्यूड्स खींची थी, कई एकदम टॉपलेस
वो सब रीनू भाभी ने रानी के साथ और रानी ने उस ग्रुप में जिसमें ज्यादातर पार्टी वाले, तो काफी कुछ तो सबने देख रखा था और कई दिन से लिबरा रहे थे,
लड़कियां जल रही थीं,
और मेरी तरह रानी ने भी रेनकोट पहन रखा, ये आइडिया भी उस का और भाभी का था।
पार्टी का रूल था ख़ास तौर से लड़कियों के लिए की पार्टी में पहुँचने तक देह आलमोस्ट कवर होनी चाहिए थी, लड़को को भी डिसेंट ड्रेस पहनना था, जिससे रास्ते में कहीं कुछ, कोई कुछ और न सोचे, चार तो बुर्के वालियां था, दो तो असली बुर्के वालियां, साजिदा और जाहिरा, उन दोनों को तो मैं जानती थी, कोचिंग में भी मिली थी और फेसबुक पे भी, और दो बस, दो बस, बुर्के में थी लेकिन नाम कुछ और था, लीला और दिया।
रानी ने उन दोनों से भी मिलवाया।
लड़को में रानी की लिस्ट वाले भी थे, कुछ से मैं कोचिंग में मिल चुकी थी और कुछ से फेसबुक पे।
आखिरी स्टाप पे जावेद आया और कुछ लड़कियां भी और जावेद को देखते ही सब लड़कियां जैसे पागल, हाय, हेलो के बाद लेकिन वो आया रानी और मेरे पास।
मैंने अब तक गिनलिया था, कुल ४० लोग थे, १६ लड़कियां, २४ लड़के, जैसा रानी ने बोला था लड़कियां हमेशा थोड़ी कम ही होती हैं, लेकिन इन चालीस के अलावा भी कुछ लोग थे, जैसे दो लड़कियां बाउंसर टाइप, लेकिन बड़ी पोलाइट, सबको बैठा रही थीं, अपने टैब से नाम चेक कर रही थीं, थम्ब प्रिंट्स ले रही थीं।
( लेकिन बाद में मुझे पता चला ये लेडीज बाउंसर असल में क्या थीं, और पार्टी में लड़कियों की कमी कभी क्यों नहीं पड़ती थी। ये दोनों बाउंसर जबरदस्त फेम डॉम थीं, खड़े खड़े लड़को को चोद दे, और पार्टी में भी दो चार बाउंसर थी, सब लेडीज और सब की सब फेम डॉम।
बार गर्ल्स, कुछ डांसर्स के अलावा चार पांच होस्टेस भी थीं, कुल जोड़ लें तो १२-१४,
तो पार्टी के सेकेण्ड राउंड में जब लड़कियां एक दो बार चुद के थकने लगती थीं तो ये सब मैदान में आ जाती थीं,
सब की सब नंबरी चुदक्क्ड़ और लास्ट राउंड यानी जब सुबह होने वाली होती थी, चार पांच बार चुद के आधी से ज्यादा लड़कियां मैदान छोड़ चुकी होती थीं तो भी ये सब लगी रहती थीं तो १२ घंटे की पार्टी में न तो ड्रग्स की कमी थी, न ड्रिंक्स की न डांस की और सबसे बढ़कर न लड़कियों की। और हाँ ये बाउंसर पार्टी में भी लड़कियों को कंट्रोल में रखती थीं )
बस भी बहुत कम्फर्टेबल थी, काफी बड़ी, करीब ६० सीट वाली, एयर कंडीशंड, पुशबैक चेयर्स,
हाँ ड्राइवर का केबिन एक परदे से सेपरेट किया था, सिर्फ वो दोनों बाउंसर टाइप्स ही परदे के उस पार आ जा रही थीं, और शीशे सारे ब्लैक टिंटेड, और पीछे वाले शीशे पर भी पर्दा लगा था, लेकिन ये सिर्फ कुछ लोगों के लिए नई बात थी।
मेरे अलावा सिर्फ दो और लड़किया और एक लड़का था जो पहली बार पार्टी में जा रहा था, बाकी सब पुराने थे, और कुछ तो कई साल से और आठ दस पार्टियां अटेंड कर चुके थे।
गुड्डी की कहानी, गुड्डी की जुबानी-
किस्सा गुड्डी बाई के गैंगबैंग का
३९६२७५४
और गुड्डी की आवाज चालू हो गयी, जी गुड्डी के गैंगबैंग का ये जिक्र गुड्डी की ही आवाज में, अब उसके साथ मैं तो गयी नहीं थी और ये थे नहीं तो बूट कैम्प में जाने के पहले ही गुड्डी ने अपनी आवाज में ही रिकार्ड कर दिया था पूरा खेल।
मैं बस में जब चढ़ी तो खूब हो हल्ला हुआ, लड़कियों से ज्यादा लड़कों ने।
दो तीन कॉमन पिक अप प्वाइंट थे, जहाँ लड़कों लड़कियों को जो पार्टी में इन्वाइटेड थे, उन्हें पिक अप किया जा रहा। कोमल भाभी भी न कुछ ज्यादा ही केयर करती हैं, ।
खुद ड्रेस अप किया, मेक अप किया और छोड़ के भी और जब तक बस चली नहीं, स्टॉप पे खड़ी देखती रहीं, मैंने कहा भी भाभी, ससुराल नहीं जा रही हूँ कल सुबह दिन में आपको तंग करने के लिए हाजिर हो जाउंगी,... पर वो भी न।
रानी ने मुझे दबोच लिया और ले चुम्मी पे चुम्मी और जैसे उसने मेरा नाम अनाउंस किया फिर खूब जोर से हल्ला हुआ,
" मालूम है, मालूम है "
असली खेल मीठी भाभी और इस छिनार रानी का था,
अजय जीजू ने जो मेरी सेमी न्यूड्स खींची थी, कई एकदम टॉपलेस
वो सब रीनू भाभी ने रानी के साथ और रानी ने उस ग्रुप में जिसमें ज्यादातर पार्टी वाले, तो काफी कुछ तो सबने देख रखा था और कई दिन से लिबरा रहे थे,
लड़कियां जल रही थीं,
और मेरी तरह रानी ने भी रेनकोट पहन रखा, ये आइडिया भी उस का और भाभी का था।
पार्टी का रूल था ख़ास तौर से लड़कियों के लिए की पार्टी में पहुँचने तक देह आलमोस्ट कवर होनी चाहिए थी, लड़को को भी डिसेंट ड्रेस पहनना था, जिससे रास्ते में कहीं कुछ, कोई कुछ और न सोचे, चार तो बुर्के वालियां था, दो तो असली बुर्के वालियां, साजिदा और जाहिरा, उन दोनों को तो मैं जानती थी, कोचिंग में भी मिली थी और फेसबुक पे भी, और दो बस, दो बस, बुर्के में थी लेकिन नाम कुछ और था, लीला और दिया।
रानी ने उन दोनों से भी मिलवाया।
लड़को में रानी की लिस्ट वाले भी थे, कुछ से मैं कोचिंग में मिल चुकी थी और कुछ से फेसबुक पे।
आखिरी स्टाप पे जावेद आया और कुछ लड़कियां भी और जावेद को देखते ही सब लड़कियां जैसे पागल, हाय, हेलो के बाद लेकिन वो आया रानी और मेरे पास।
मैंने अब तक गिनलिया था, कुल ४० लोग थे, १६ लड़कियां, २४ लड़के, जैसा रानी ने बोला था लड़कियां हमेशा थोड़ी कम ही होती हैं, लेकिन इन चालीस के अलावा भी कुछ लोग थे, जैसे दो लड़कियां बाउंसर टाइप, लेकिन बड़ी पोलाइट, सबको बैठा रही थीं, अपने टैब से नाम चेक कर रही थीं, थम्ब प्रिंट्स ले रही थीं।
( लेकिन बाद में मुझे पता चला ये लेडीज बाउंसर असल में क्या थीं, और पार्टी में लड़कियों की कमी कभी क्यों नहीं पड़ती थी। ये दोनों बाउंसर जबरदस्त फेम डॉम थीं, खड़े खड़े लड़को को चोद दे, और पार्टी में भी दो चार बाउंसर थी, सब लेडीज और सब की सब फेम डॉम।
बार गर्ल्स, कुछ डांसर्स के अलावा चार पांच होस्टेस भी थीं, कुल जोड़ लें तो १२-१४,
तो पार्टी के सेकेण्ड राउंड में जब लड़कियां एक दो बार चुद के थकने लगती थीं तो ये सब मैदान में आ जाती थीं,
सब की सब नंबरी चुदक्क्ड़ और लास्ट राउंड यानी जब सुबह होने वाली होती थी, चार पांच बार चुद के आधी से ज्यादा लड़कियां मैदान छोड़ चुकी होती थीं तो भी ये सब लगी रहती थीं तो १२ घंटे की पार्टी में न तो ड्रग्स की कमी थी, न ड्रिंक्स की न डांस की और सबसे बढ़कर न लड़कियों की। और हाँ ये बाउंसर पार्टी में भी लड़कियों को कंट्रोल में रखती थीं )
बस भी बहुत कम्फर्टेबल थी, काफी बड़ी, करीब ६० सीट वाली, एयर कंडीशंड, पुशबैक चेयर्स,
हाँ ड्राइवर का केबिन एक परदे से सेपरेट किया था, सिर्फ वो दोनों बाउंसर टाइप्स ही परदे के उस पार आ जा रही थीं, और शीशे सारे ब्लैक टिंटेड, और पीछे वाले शीशे पर भी पर्दा लगा था, लेकिन ये सिर्फ कुछ लोगों के लिए नई बात थी।
मेरे अलावा सिर्फ दो और लड़किया और एक लड़का था जो पहली बार पार्टी में जा रहा था, बाकी सब पुराने थे, और कुछ तो कई साल से और आठ दस पार्टियां अटेंड कर चुके थे।
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