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Thank you very much for your valuable review and support parkas bhaiBahut hi badhiya update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and beautiful update....
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e ka bhail sir ji?? Btw. Lash hi gayab ho gayi? Ab sala kispe shak kare or kispe nahi? Or wo keedo ko kis baat ka keeda hai? bechari Kristi ke ghaaghre me ghusing? Acha kiya nipta diya taufiq ne warna bechara alex randwa hui jaata abhi bole to bruno my kutadiya can do something per wo bhi sala us pollwa ke pas jakar atak gawa ho kya raha hai?dimaak ki basanti chood di is kahani ne to, bole to ekdum bhaari dhasu likh rahe ho aap super hit# 25 .
3 जनवरी 2002, गुरुवार, 04:35;
कोल्ड स्टोर रूम में पहुंचकर सभी हैरान रह गए। क्यों कि लॉरेन की लाश सच में अपनी जगह पर नहीं थी।
“ओ माई गॉड! यह क्या ?“ एक गार्ड के मुंह से आश्चर्य भरे स्वर निकले।
“क्या हुआ?“ सुयश ने गार्ड को आश्चर्यचकित होते देख पूछ लिया।
“वो....वो.... सर! लॉरेन की लाश तो गायब है ही, पर जो गार्ड की लाश हम अभी-अभी छोड़ कर गए थे। वह भी गायब है।“ गार्ड ने डरते हुए जवाब दिया।
“क्याऽऽऽऽऽऽ?“ एक क्षण के लिए सभी के शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई।
“डरो मत! साफ-साफ शब्दों में बताओ कि जब तुम यहां आए तो तुमने क्या देखा ?“ ब्रैंडन ने गार्ड को हिम्मत बंधाते हुए कहा।
“जब हम दोनों...... मृत गार्ड की लाश को लेकर आए, तो हमने यह देखा कि जहां पर लॉरेन की लाश रखी गई थी। वह अब वहां पर नहीं थी। यह देखकर हम इतना डर गये कि डर की वजह से हम उस गार्ड की लाश को भी यहां छोड़कर आपको बताने के लिए भाग गए।“ इतना कहकर गार्ड चुप हो गया।
“यदि तुम गार्ड की लाश अभी यहां छोड़ कर गए हो तो फिर वह कहां चली गई?“ सुयश ने तेजी से इधर-उधर देखते हुए कहा।
तभी ब्रैंडन की नजर स्टोर के दूसरी साइड वाले दरवाजे की ओर गई, जो कि खुला हुआ दिख रहा था। ब्रैंडन ने सुयश को भी इशारे से खुला दरवाजा दिखाया। सुयश धीरे-धीरे चलता हुआ, उस पिछले दरवाजे के पास पहुंच गया। कुछ देर सोचने के बाद सुयश ने दरवाजे को धक्का दे पूरा खोल दिया।
वह दरवाजा डेक नं0 12 पर खुलता था। सुयश ने अपना सिर निकाल कर इधर-उधर देखा, पर अंधकार के सिवा उसे सामने कुछ नहीं दिखाई दिया।
“मिस्टर लारा !“ सुयश ने वापस स्टोर रुम के अंदर कदम रखते हुए लारा से मुखातिब हो कर कहा-
“क्या स्टोर रुम में ताला नहीं लगा था ?“
“नो सर! स्टोर रुम में तो ताला नहीं लगाथा। क्यों कि ना तो यहां पर कोई कीमती चीज रखी है, और ना ही किसी यात्री को इस दिशा में आने की इजाजत है। हां लेकिन इसके पीछे का यह दरवाजा अवश्य अंदर से बंद था।“ लारा ने सफाई देते हुए कहा।
“इसका मतलब जो भी लाश लेकर गया है, वह अगले दरवाजे से आया था और लाश लेकर पीछे के दरवाजे से निकल गया।“ सुयश ने स्टोर रूम में चहलकदमी करते हुए कहा।
“लेकिन सर कोई भला इन लाशों को क्यों ले गया ? उसे इन लाशों से क्या फायदा हो सकता है?“ जेनिथ ने सुयश से मुखातिब हो पूछ लिया।
“फिलहाल तो आपकी इस बात का जवाब अभी मेरे पास भी नहीं है मिस जेनिथ।“ सुयश ने जेनिथ के बाद तौफीक, असलम, ब्रैंडन, लारा , जैक, जॉनी, अलबर्ट, ऐलेक्स, क्रिस्टी व लोथार सहित वहां खड़े सभी के चेहरे पर बारी-बारी नजर डालते हुए कहा।
ब्रैंडन की भी निगाहें बहुत तेजी से स्टोर रूम में किसी क्लू के लिए फिर रहीं थीं। सुयश भी बहुत तेजी से कुछ सोच रहा था कि अचानक उसे शैफाली के कहे शब्द याद आ गए-
“अंकल! वैसे आपको अगर ब्रूनो की जरूरत पड़े, तो आप जरुर बताइएगा क्यों कि वह भी आपकी काफी मदद कर सकता है।“ यह ख्याल दिल में आते ही वह सभी को वहां रुकने को बोल सीधा शैफाली के रूम की ओर चल दिया।
चैपटर-8 3 जनवरी 2002, गुरुवार,
05:15; रूम के बाहर पहुंच कर सुयश ने एक बार नजर अपनी घड़ी पर मारी। घड़ी में सुबह के 05:15 का समय हुआ था। दरवाजे पर लगी घंटी पर एक बार उसकी उंगली ठिठकी, लेकिन फिर ना जाने कैसे उसने घंटी दबा ही दी।
कुछ देर के बाद रूम का दरवाजा खुला। दरवाजा खोलने वाला माइकल था। माइकल के चेहरे पर गहरी नींद के निशान स्पष्ट थे।
“क्या बात है कैप्टेन! आप इतने समय यहां ? सब ठीक तो है ना ?“ माइकल के स्वर में आश्चर्य के भाव थे।
“क्या मैं अंदर आ सकता हूं?“ सुयश ने माइकल का जवाब ना देते हुए उल्टा अपना एक सवाल और कर दिया।
“यस-यस क्यों नहीं ? आइये।“ माइकल दरवाजे के आगे से हटता हुआ बोला। सुयश धीरे से अंदर आकर एक सोफे पर बैठ गया।
“शैफाली सो रही है क्या ?“ धीरे से सुयश ने इधर-उधर____नजरें दौड़ाते हुए पूछा।
“हां वह तो अभी सो रही है।“ माइकल ने ना समझ में आने वाले भाव से जवाब दिया।
“दरअसल मुझे आपसे कुछ समय के लिए एक चीज चाहिए थी।“ सुयश ने समय ना बर्बाद करते हुए, सीधे टॉपिक पर आते हुए कहा।
“मुझसे भला क्या चाहिए आपको?“ माइकल हैरानी से सुयश को देखते हुए बोला। पर इससे पहले कि सुयश कुछ जवाब दे पाता, वातावरण में शैफाली की आवाज गूंजी-
“ब्रूनो चाहिए होगा, क्यों कैप्टेन अंकल मैंने सही कहा ना ?“ कमरे में शैफाली ने ब्रूनो के साथ प्रवेश करते हुए कहा।
“हाँ बेटे! हर बार की तरह तुम इस बार भी बिल्कुल सही हो।“ सुयश के चेहरे पर प्रशंसा के भाव उभरे-
“किन्हीं कारणों से मुझे कुछ देर के लिए ब्रूनो चाहिए था।“
“आप ब्रूनो को ले जा सकते हैं, बस एक छोटी सी शर्त है, आपको अगले स्टॉपेज पर ब्रूनो के लिए बिस्किट खरीद कर देना होगा और ब्रूनो के बाहर निकलने के प्रतिबंध को हटाना होगा।“ शैफाली ने मुस्कुराते हुए कहा।
“ठीक है, मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है।“ सुयश के चेहरे पर बेसाख्ता ही मुस्कान उभर आयी – “मैं वादा करता हूं कि मैं अगले स्टॉपेज पर ब्रूनो के लिए कुछ बिस्किट के पैकेट जरूर खरीदूंगा और इसे रूम से बाहर भी निकलने दूंगा।“
“फिर ठीक है।“ शैफाली ने अपनी सजीव सी लग रही नीली आंखों को शरारत भरे अंदाज में गोल गोल नचाते हुए कहा-
“अब आप ब्रूनो को अपने साथ ले जा सकते हैं।“ सुयश समझ गया कि शैफाली ने मौके का फायदा उठाकर अपनी बात मनवा ली।
शैफाली की चालाकी देखकर, चाहे थोड़ी देर के लिए ही सही, पर सुयश अपनी प्रॉब्लम भूल गया था। मगर जैसे ही सुयश को स्टोर रुम की याद आई, वह तुरंत उठ कर खड़ा हो गया। ब्रूनो मानो सबकी बातें समझ रहा था, वह धीरे-धीरे चलकर सुयश के पास आकर खड़ा हो गया।
“सॉरी कैप्टेन!....“ माइकल ने माफी मांगने वाले अंदाज में कहा- “शैफाली की बात का बुरा मत मानियेगा।“
“कोई बात नहीं ! मुझे आपकी बेटी की शर्त से कोई परेशानी नहीं है, बल्कि मैं यह कहूंगा कि आपकी बेटी का दिमाग बहुत तेज है। अच्छा चलता हूं। चलो ब्रूनो।“ यह कहकर सुयश ने धीरे से ब्रूनो के सिर पर हाथ फेरा और बाहर निकल गया।
ब्रूनो भी किसी आज्ञाकारी बालक की तरह सुयश के पीछे-पीछे चल दिया।
3 जनवरी 2002, गुरुवार, 05:45;
“क्या बात है कैप्टेन? आप कहां चले गए थे?“ असलम________ने आगे बढ़ते हुए सुयश से पूछ लिया।
सुयश ने असलम की किसी बात का जवाब ना देकर, सिर्फ ब्रूनो की तरफ इशारा किया। ब्रूनो पर नजर पड़ते ही असलम सारी बातें समझ गया।
“यह शिप पर इतना भयानक कुत्ता कहां से आया कैप्टेन? जबकि आप तो कह रहे थे कि शिप पर जानवरों का लाना मना है।“ जॉनी ने भयभीत नजरों से ब्रूनो को देखते हुए कहा।
“सब कुछ रखना पड़ता है।“ सुयश ने जैक की ओर देखते हुए कहा- “क्या पता कब किस चीज की जरूरत पड़ जाए?“ सुयश को अपनी तरफ घूरता देखकर, जैक ने घबरा कर अपना मुंह दूसरी तरफ घुमा लिया।
“लॉरेन की लाश कहां रखी गई थी?“ सुयश ने लारा की तरफ देखते हुए पूछा।
“उस टेबल पर।“ लारा ने एक तरफ रखी हुई एक लंबी सी स्ट्रेचर टाइप टेबल की ओर इशारा किया। सुयश ब्रूनो को लेकर उस टेबल तक पहुंचा और फिर उसने ब्रूनो को वहां सूंघने का इशारा किया।
ब्रूनो तुरंत उछलकर उस टेबल पर चढ़ गया और फिर टेबल को सूंघकर बहुत तेजी से पिछले दरवाजे की तरफ भागा। सभी लोग उसके पीछे-पीछे भागे। दरवाजे से निकल कर ब्रूनो डेक पर आ गया। उसने अपनी नाक को हवा में उठा कर कुछ सूंघने की कोशिश की और फिर कुछ आगे जा कर, एक ड्रम के पीछे कुछ सूंघने लगा। थोड़ी देर में वह ड्रम के पीछे से एक कपड़ा लेकर निकला। सुयश ने उस कपड़े को ब्रूनो से ले लिया।
वह कपड़ा एक खूबसूरत सा नीले रंग का चेकदार रुमाल था। ब्रूनो पुनः तेजी से डेक पर आगे की ओर भागा। सभी उसके पीछे थे। आगे जा कर ब्रूनो 2 खंभों के पास चक्कर लगाने लगा और फिर चुपचाप खड़ा हो गया।
जारी रहेगा.....…..
बहुत ही रोमांचकारी और अद्भुत जानदार अपडेट हैं भाई मजा आ गया# 24 . 3 जनवरी 2002, गुरुवार, 04:00;
आवाज क्रिस्टी के रूम से आई थी। आवाज को सुन तीनों भाग कर क्रिस्टी के रुम के पास पहुंच गये। रूम का दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था। तब तक चीख की आवाज सुनकर कुछ सिक्योरिटी गार्ड व आस-पास के रूम के लोग भी एकत्र हो गए थे।
लारा ने 2 सिक्योरिटी गार्ड को लेकर, दबे पाँव क्रिस्टी के रूम के दरवाजे को अंदर की ओर धकेल दिया । रूम का दरवाजा पूरा खुल गया। अब रुम के अंदर का दृश्य बिल्कुल साफ नजर आने लगा। क्रिस्टी एक तरफ डरी-डरी सी खड़ी हुई थी।
“क्या बात है? तुम अभी-अभी चीखी क्यों थी ?“ लारा ने क्रिस्टी की ओर देखते हुए पूछा।
“वो.....वो....... वो...... बेड के पीछे...........!“ क्रिस्टी ने डरे-डरे शब्दों में बेड की ओर इशारा करते हुए कहा।
तुरंत एक गार्ड बिना आवाज किए, रिवाल्वर हाथ में लेकर, सतर्कता से बेड की ओर खिसकने लगा। चूँकि किसी को भी नहीं पता था कि बेड के पीछे किस तरह का खतरा है, इसलिए बाकी के गार्ड्स और लारा ने भी रिवाल्वर निकालकर बेड की ओर सतर्कता वश तान दी।
धीरे-धीरे वह गार्ड बेड के पास पहुंच गया। सभी की सतर्क निगाहें बेड के पीछे वाली साइड पर थीं। उधर जैसे ही उस गार्ड ने बेड के पीछे झांका।
एक गहरे हरे रंग का लगभग 8 इंच लंबा एक कीड़ा, बेड के पीछे से उछल कर, उस गार्ड के चेहरे पर बैठ गया और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उस कीड़े ने तेजी से उस गार्ड के गाल पर अपने बिच्छूनुमा डंक गड़ा दिए।
“ओ माई गॉड!..........“ सभी के मुंह से समवेत स्वर निकला।
कुछ लोगों के मुंह से तो उस खतरनाक कीड़े को देखकर चीख निकल गई। उधर जैसे ही उस कीड़े ने गार्ड के चेहरे पर डंक मारा, गार्ड बिना आवाज किए, उसी समय
‘धड़ा ऽऽऽम‘ की आवाज करते हुए वहीं गिर पड़ा।
हरे रंग के उस कीड़े ने अब अपनी लाल-लाल आँखों से कमरे के बाहर नजर मारी और मेढक की तरह से जंप मार कर कमरे के बाहर की ओर भागा। लेकिन इससे पहले कि वह बाहर आ पाता या फिर किसी और को कोई और नुकसान पहुंचा पाता, वहां पर कुछ देर पहले आ चुके तौफीक ने बिजली की फूर्ति दिखाते हुए, एक गार्ड से रिवाल्वर छीनकर, उस कीड़े को हवा में ही गोली मार दी।
“धाँ य ऽऽऽऽऽऽऽ!“ शानदार निशाना। दूसरी गोली की कोई जरूरत नहीं थी। निशाना बिल्कुल परफेक्ट था।
कीड़ा वहीं जमीन पर गिर पड़ा। उसके शरीर का एक हिस्सा गोली लगने के कारण फट सा गया था। उधर गोली चलाने के बाद तौफीक ने फूंक मारकर रिवाल्वर से निकलते धुंए को हवा में उड़ाया।
उसकी यह हरकत देख सुयश के चेहरे पर आश्चर्य के भाव आ गए। उसे तुरंत शैफाली के कहे शब्द याद आ गए-
“उस अपराधी की आदत, गोली चलाने के बाद रिवाल्वर की नाल से निकलते धुंए को फूंक मारने की है और ऐसा वही आदमी करता है, जो बहुत बड़ा निशानेबाज हो और रिवाल्वर हमेशा अपने साथ रखता हो।“
उधर अब फायर की आवाज सुनकर बहुत से लोग वहां एकत्रित हो चुके थे। सभी एक दूसरे से हालात के बारे में जानने के लिए पूछताछ कर रहे थे।
“यह कीड़ा यहां पर कैसे आया मिस क्रिस्टी ?“ सुयश ने आगे बढ़कर क्रिस्टी से पूछा।
“मुझे नहीं पता !“ क्रिस्टी ने अब अपनी सांसों पर नियंत्रण करते हुए कहा- “मैं उस समय बाथरूम में थी, तभी मुझे बाथरूम की ऊपर वाली खिड़की से दो पंजेनुमा हाथ दिखाई दिए। जो इसी कीड़े के थे। मैंने आज तक ऐसा खतरनाक कीड़ा नहीं देखा था। इसलिए मेरे मुंह से तेज चीख निकल गई। मैं उस कीड़े से बचने के लिए भागकर रूम में आ गई। कीड़ा अब भी मेरे पीछे था। मैं काफी देर तक उससे बचती रही, फिर जब वो एक बार मेरी तरफ उछला तो मैंने उसे हवा में ही लात मार दी। जिससे वह बेड के पीछे गिर पड़ा। तब तक आप लोग मेरी चीख सुनकर यहां आ ही गए।“
उधर लारा ने आगे बढ़कर गिरे पड़े गार्ड की नब्ज चेक की। “नो मोर सर! अब यह जीवित नहीं है।“
अब सबकी निगाह सिर्फ और सिर्फ कीड़े पर थी।
“ऐसा कीड़ा तो मैंने आज तक कहीं नहीं देखा।“ सुयश ने कीड़े को ध्यान से देखते हुए कहा।
“आप ठीक कह रहे हैं सर!“ लारा ने भी आगे बढ़कर कीड़े को देखते हुए कहा- “मैंने भी आज तक ऐसा कीड़ा कभी नहीं देखा। और इसके पंजे तो देखिए, इसके शरीर के हिसाब से इसके पैर काफी बड़े व पंजे काफी नुकीले हैं। यह देखने में छिपकली व मेंढक की मिली जुली प्रजाति का लग रहा है। इसकी सुर्ख लाल आंखें व इसकी पूंछ में लगा, बिच्छू जैसा डंक कितना खतरनाक है और वैसे ही इतने जहरीले प्राणी के बारे में तो मैंने कभी सुना ही नहीं। जिसके शरीर में इतना जहर हो कि डंक मारते ही आदमी मर जाए।“
“एक मिनट कैप्टन!“ तौफीक ने आगे आते हुए कहा- “यह कीड़ा निश्चित रूप से समुद्र से हमारे शिप पर आया था, क्यों कि इसके पंजे के बीच की बनावट ठीक वैसे है, जैसे पानी में तैरने वाले बत्तख या मेंढक की होती है।“
“मैं आप लोगों से इस कीड़े के बारे में कुछ बताना चाहता हूं।“ अलबर्ट ने आगे बढ़कर ध्यान से उस कीड़े को देखते हुए कहा।
अब सभी का ध्यान की ड़े से हटकर अलबर्ट की ओर हो गया। अलबर्ट ने सबका ध्यान अपनी तरफ देख बोलना शुरू कर दिया-
“यह घटना 30 जून सन 1908 की है। मध्य साइबेरिया के ‘टुंगुस‘ क्षेत्र के आस-पास के स्थानों में सभी व्यक्ति जब गहरी नींद से सो कर उठे, तो प्रातः लगभग 7 बजकर 17 मिनट पर उन्हें आकाश में एक भयानक गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी। फिर देखते ही देखते, आकाश से एक आग का गोला तेजी से जमीन की ओर आता दिखाई दिया और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता। तीन-चार तालियों जैसी गड़गड़ाहट के साथ, कोई चीज बहुत तेजी से आवाज करती हुई साइबेरिया के जंगलों में गिरी। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि उससे 250 मील दूर ‘किर्नस्क‘ में रहने वाले लोगों के कानों में तीव्र दर्द शुरू हो गया। उस विस्फोट के पास के एक स्थान ‘कंस्क‘ में तो घोड़े जैसे विशालकाय जानवर कई मील दूर जा गिरे। उस से 40 मील दूर रहने वाले एक किसान सेमीनोव की कमीज उसके शरीर पर जल गयी और विस्फोट के कारण वह सीढ़ियों से जा गिरा। इस विस्फोट से डेढ़ हजार रेंडियर पशु मारे गये और ना जाने कितने डॉलर की धन-संपदा का नुकसान हुआ। सभी का यही अनुमान था कि आकाश से शायद कोई उल्का पिंड वहां पर आकर गिरा था, परंतु जब वहां की आग बुझाई गई तो उस स्थान पर किसी भी प्रकार की किसी चीज के गिरने का कोई प्रमाण नहीं मिला। यहां तक कि कोई गड्ढा भी नहीं मिला। हाँ इतना जरूर था कि 20 मील की त्रिज्या में मौजूद सभी वृक्ष जल गए।“
“आप यह सब क्यों सुना रहे हैं?“ लारा ने आगे बढ़कर अलबर्ट को टोकते हुए कहा- “उस घटना का इस विचित्र कीड़े से क्या संबंध?“
“बाद में इस घटना के कुछ दिनों बाद......।“ अलबर्ट ने इशारे से लारा को चुप रहने को बोल, स्वयं बदस्तूर जारी रहे-
“जब ‘किर्नस्क‘ व ‘कंस्क‘ के निवासी ‘क्रिसोन‘ नामक एक छोटे से गांव में गए तो उन्हें एक अजीब सी घटना देखने को मिली। उस गांव में रहने वाले लगभग 1500 व्यक्ति अपने जानवरों सहित गायब हो गए थे। मतलब कि उस गांव में एक भी व्यक्ति या जानवर, जीवित या मृत किसी भी अवस्था में नहीं मिला। जबकि सभी के घरों व दुकानों में जो भी वस्तुएं थीं, वह सब ज्यों की त्यों रखीं थीं। किसी भी स्थान पर किसी प्रकार के संघर्ष का भी कोई निशान नहीं था। फिर रातों-रात वहां के 1500 इंसान अपने मवेशी सहित अचानक कहां गायब हो गए, यह आज तक कोई भी नहीं जान पाया। हाँ ! एक तालाब के पास, इसी तरह का एक हरा कीड़ा मृत पाया गया था। जब वैज्ञानिकों ने इसे देखा तो वह इसे उठा कर अपनी प्रयोगशाला में ले आये। पूर्ण रूप से इस पर शोध करने के बाद उन्होंने यह बताया कि ऐसा कीड़ा पृथ्वी पर कहीं नहीं पाया जाता। अब यह कहां से आया और वहां के निवासी कहां चले गए। यह आज तक नहीं पता चला। बाद में इस कीड़े की तस्वीर ‘क्रीचर वर्ल्ड‘ नामक पुस्तक में छपी। जहां से मैंने इसको देखा था।“
इतना कहकर अलबर्ट बिल्कुल शांत हो गया और बारी-बारी से उन सब को देखने लगा जो साँस रोके लगातार उनकी कहानी सुने जा रहे थे।
“यह कैसे हो सकता है?“ असलम जो काफी देर से वहां आकर खड़ा था और उनकी बातें सुन रहा था, बोल उठा-
“साइबेरिया के जंगलों का कीड़ा यहां अटलांटिक महासागर में क्या कर रहा है?“ परंतु इसका जवाब शायद किसी के पास नहीं था, इसलिए सब चुप रहे। लेकिन कुछ लोगों के चेहरों पर दहशत के भाव अब साफ नजर आने लगे थे।
“प्रोफेसर अलबर्ट, बस आपसे एक सवाल और?“ सुयश ने अलबर्ट की ओर देखते हुए कहा -
“क्या यह कीड़ा इतना जहरीला होता है कि किसी को यदि यह डंक मार दे तो वह एक सेकेंड में मर जाएगा।“
“माफी चाहता हूं कैप्टेन, पर मैं इस बारे में नहीं जानता क्यों कि उस किताब में इसके जहरीले होने के बारे में नहीं लिखा था। हाँ, इस घटना को देखने के बाद इतना जरूर कहूंगा कि इसके बिच्छू जैसे डंक में अवश्य ही इतना खतरनाक जहर होगा जो एक सेकंड में किसी की जान लेने में सक्षम है।“ इतने जहरीले जानवर के बारे में सुनकर एक सेकेंड के लिए मानो सबको सांप सूंघ गया हो।
“अब तुम एक काम करो लारा।“ सुयश ने लारा को आर्डर देते हुए कहा-
“इस गार्ड की लाश को भी वहीं रखवा दो, जहां लॉरेन की लाश रखी है।“
आर्डर मिलते ही लारा ने दो गार्डों को इशारे से बुलाया और उस गार्ड की लाश को ले जाने के लिए कहा। दोनों गार्ड उस लाश को उठा कर वहां से चले गए।
सुयश ने शिप के एक लैब टेक्निशीयन को बुलाकर उस कीड़े की बॉडी को भी हटवा कर टेस्टिंग के लिए लैब भिजवा दिया।
“थैंक यू मिस्टर तौफीक!“ सुयश ने तौफीक का आभार प्रकट करते हुए कहा-
“अगर आपने ठीक वक्त पर कीड़े को निशाना ना बनाया होता तो शायद वह अभी एक-दो लोगों को और काट सकता था। आपके निशाने की एक बार फिर से तारीफ करनी होगी। वैसे आपके रिवाल्वर चलाने की स्टाइल काफी अच्छी है और गोली चलाने के बाद फूंक मारकर, रिवाल्वर से निकलते धुंए को उड़ाना, यह भी काफी अच्छा है।“
तौफीक ने अपने हाथ में पकड़ी रिवाल्वर अब गार्ड को सौंप दी। पर इससे पहले कि अभी और कोई कुछ बोल पाता, तभी वह दोनों गार्ड, जो अभी-अभी मृत गार्ड की लाश को ले गए थे, भागकर उधर आते दिखाई दिए। सभी आश्चर्य से उधर देखने लगे।
“सर.....सर....वो.... वो....!“ एक गार्ड ने घबराए स्वर में कहा।
“क्या वो...वो... लगा रखा है। बोलते क्यों नहीं ? बात क्या है?“ सुयश ने बिल्कुल डांटने वाली स्टाइल में कहा।
“वो....वो..कैप्टन! लॉरेन की लाश अपनी जगह पर नहीं है। लॉरेन की लाश गायब हो गई।“ दूसरे गार्ड ने हकलाये स्वर में कहा।
“व्हाट!“ लारा के मुंह से आश्चर्य भरे भाव निकले। “ओ गॉड! ये सब क्या हो रहा है?“ सुयश ने चिन्तित स्वर में कहा।
तुरंत सारे लोग उस दिशा में भाग लिए जिधर कोल्ड स्टोर रूम था।
जारी रहेगा....…..
बडा ही जबरदस्त और लाजवाब अपडेट है भाई मजा आ गयाEk or update pesh kar diya hai dosto, bole to Dubble dhamaal,padho or review de kar batao kaisa laga
Intersting update# 25 .
3 जनवरी 2002, गुरुवार, 04:35;
कोल्ड स्टोर रूम में पहुंचकर सभी हैरान रह गए। क्यों कि लॉरेन की लाश सच में अपनी जगह पर नहीं थी।
“ओ माई गॉड! यह क्या ?“ एक गार्ड के मुंह से आश्चर्य भरे स्वर निकले।
“क्या हुआ?“ सुयश ने गार्ड को आश्चर्यचकित होते देख पूछ लिया।
“वो....वो.... सर! लॉरेन की लाश तो गायब है ही, पर जो गार्ड की लाश हम अभी-अभी छोड़ कर गए थे। वह भी गायब है।“ गार्ड ने डरते हुए जवाब दिया।
“क्याऽऽऽऽऽऽ?“ एक क्षण के लिए सभी के शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई।
“डरो मत! साफ-साफ शब्दों में बताओ कि जब तुम यहां आए तो तुमने क्या देखा ?“ ब्रैंडन ने गार्ड को हिम्मत बंधाते हुए कहा।
“जब हम दोनों...... मृत गार्ड की लाश को लेकर आए, तो हमने यह देखा कि जहां पर लॉरेन की लाश रखी गई थी। वह अब वहां पर नहीं थी। यह देखकर हम इतना डर गये कि डर की वजह से हम उस गार्ड की लाश को भी यहां छोड़कर आपको बताने के लिए भाग गए।“ इतना कहकर गार्ड चुप हो गया।
“यदि तुम गार्ड की लाश अभी यहां छोड़ कर गए हो तो फिर वह कहां चली गई?“ सुयश ने तेजी से इधर-उधर देखते हुए कहा।
तभी ब्रैंडन की नजर स्टोर के दूसरी साइड वाले दरवाजे की ओर गई, जो कि खुला हुआ दिख रहा था। ब्रैंडन ने सुयश को भी इशारे से खुला दरवाजा दिखाया। सुयश धीरे-धीरे चलता हुआ, उस पिछले दरवाजे के पास पहुंच गया। कुछ देर सोचने के बाद सुयश ने दरवाजे को धक्का दे पूरा खोल दिया।
वह दरवाजा डेक नं0 12 पर खुलता था। सुयश ने अपना सिर निकाल कर इधर-उधर देखा, पर अंधकार के सिवा उसे सामने कुछ नहीं दिखाई दिया।
“मिस्टर लारा !“ सुयश ने वापस स्टोर रुम के अंदर कदम रखते हुए लारा से मुखातिब हो कर कहा-
“क्या स्टोर रुम में ताला नहीं लगा था ?“
“नो सर! स्टोर रुम में तो ताला नहीं लगाथा। क्यों कि ना तो यहां पर कोई कीमती चीज रखी है, और ना ही किसी यात्री को इस दिशा में आने की इजाजत है। हां लेकिन इसके पीछे का यह दरवाजा अवश्य अंदर से बंद था।“ लारा ने सफाई देते हुए कहा।
“इसका मतलब जो भी लाश लेकर गया है, वह अगले दरवाजे से आया था और लाश लेकर पीछे के दरवाजे से निकल गया।“ सुयश ने स्टोर रूम में चहलकदमी करते हुए कहा।
“लेकिन सर कोई भला इन लाशों को क्यों ले गया ? उसे इन लाशों से क्या फायदा हो सकता है?“ जेनिथ ने सुयश से मुखातिब हो पूछ लिया।
“फिलहाल तो आपकी इस बात का जवाब अभी मेरे पास भी नहीं है मिस जेनिथ।“ सुयश ने जेनिथ के बाद तौफीक, असलम, ब्रैंडन, लारा , जैक, जॉनी, अलबर्ट, ऐलेक्स, क्रिस्टी व लोथार सहित वहां खड़े सभी के चेहरे पर बारी-बारी नजर डालते हुए कहा।
ब्रैंडन की भी निगाहें बहुत तेजी से स्टोर रूम में किसी क्लू के लिए फिर रहीं थीं। सुयश भी बहुत तेजी से कुछ सोच रहा था कि अचानक उसे शैफाली के कहे शब्द याद आ गए-
“अंकल! वैसे आपको अगर ब्रूनो की जरूरत पड़े, तो आप जरुर बताइएगा क्यों कि वह भी आपकी काफी मदद कर सकता है।“ यह ख्याल दिल में आते ही वह सभी को वहां रुकने को बोल सीधा शैफाली के रूम की ओर चल दिया।
चैपटर-8 3 जनवरी 2002, गुरुवार,
05:15; रूम के बाहर पहुंच कर सुयश ने एक बार नजर अपनी घड़ी पर मारी। घड़ी में सुबह के 05:15 का समय हुआ था। दरवाजे पर लगी घंटी पर एक बार उसकी उंगली ठिठकी, लेकिन फिर ना जाने कैसे उसने घंटी दबा ही दी।
कुछ देर के बाद रूम का दरवाजा खुला। दरवाजा खोलने वाला माइकल था। माइकल के चेहरे पर गहरी नींद के निशान स्पष्ट थे।
“क्या बात है कैप्टेन! आप इतने समय यहां ? सब ठीक तो है ना ?“ माइकल के स्वर में आश्चर्य के भाव थे।
“क्या मैं अंदर आ सकता हूं?“ सुयश ने माइकल का जवाब ना देते हुए उल्टा अपना एक सवाल और कर दिया।
“यस-यस क्यों नहीं ? आइये।“ माइकल दरवाजे के आगे से हटता हुआ बोला। सुयश धीरे से अंदर आकर एक सोफे पर बैठ गया।
“शैफाली सो रही है क्या ?“ धीरे से सुयश ने इधर-उधर____नजरें दौड़ाते हुए पूछा।
“हां वह तो अभी सो रही है।“ माइकल ने ना समझ में आने वाले भाव से जवाब दिया।
“दरअसल मुझे आपसे कुछ समय के लिए एक चीज चाहिए थी।“ सुयश ने समय ना बर्बाद करते हुए, सीधे टॉपिक पर आते हुए कहा।
“मुझसे भला क्या चाहिए आपको?“ माइकल हैरानी से सुयश को देखते हुए बोला। पर इससे पहले कि सुयश कुछ जवाब दे पाता, वातावरण में शैफाली की आवाज गूंजी-
“ब्रूनो चाहिए होगा, क्यों कैप्टेन अंकल मैंने सही कहा ना ?“ कमरे में शैफाली ने ब्रूनो के साथ प्रवेश करते हुए कहा।
“हाँ बेटे! हर बार की तरह तुम इस बार भी बिल्कुल सही हो।“ सुयश के चेहरे पर प्रशंसा के भाव उभरे-
“किन्हीं कारणों से मुझे कुछ देर के लिए ब्रूनो चाहिए था।“
“आप ब्रूनो को ले जा सकते हैं, बस एक छोटी सी शर्त है, आपको अगले स्टॉपेज पर ब्रूनो के लिए बिस्किट खरीद कर देना होगा और ब्रूनो के बाहर निकलने के प्रतिबंध को हटाना होगा।“ शैफाली ने मुस्कुराते हुए कहा।
“ठीक है, मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है।“ सुयश के चेहरे पर बेसाख्ता ही मुस्कान उभर आयी – “मैं वादा करता हूं कि मैं अगले स्टॉपेज पर ब्रूनो के लिए कुछ बिस्किट के पैकेट जरूर खरीदूंगा और इसे रूम से बाहर भी निकलने दूंगा।“
“फिर ठीक है।“ शैफाली ने अपनी सजीव सी लग रही नीली आंखों को शरारत भरे अंदाज में गोल गोल नचाते हुए कहा-
“अब आप ब्रूनो को अपने साथ ले जा सकते हैं।“ सुयश समझ गया कि शैफाली ने मौके का फायदा उठाकर अपनी बात मनवा ली।
शैफाली की चालाकी देखकर, चाहे थोड़ी देर के लिए ही सही, पर सुयश अपनी प्रॉब्लम भूल गया था। मगर जैसे ही सुयश को स्टोर रुम की याद आई, वह तुरंत उठ कर खड़ा हो गया। ब्रूनो मानो सबकी बातें समझ रहा था, वह धीरे-धीरे चलकर सुयश के पास आकर खड़ा हो गया।
“सॉरी कैप्टेन!....“ माइकल ने माफी मांगने वाले अंदाज में कहा- “शैफाली की बात का बुरा मत मानियेगा।“
“कोई बात नहीं ! मुझे आपकी बेटी की शर्त से कोई परेशानी नहीं है, बल्कि मैं यह कहूंगा कि आपकी बेटी का दिमाग बहुत तेज है। अच्छा चलता हूं। चलो ब्रूनो।“ यह कहकर सुयश ने धीरे से ब्रूनो के सिर पर हाथ फेरा और बाहर निकल गया।
ब्रूनो भी किसी आज्ञाकारी बालक की तरह सुयश के पीछे-पीछे चल दिया।
3 जनवरी 2002, गुरुवार, 05:45;
“क्या बात है कैप्टेन? आप कहां चले गए थे?“ असलम________ने आगे बढ़ते हुए सुयश से पूछ लिया।
सुयश ने असलम की किसी बात का जवाब ना देकर, सिर्फ ब्रूनो की तरफ इशारा किया। ब्रूनो पर नजर पड़ते ही असलम सारी बातें समझ गया।
“यह शिप पर इतना भयानक कुत्ता कहां से आया कैप्टेन? जबकि आप तो कह रहे थे कि शिप पर जानवरों का लाना मना है।“ जॉनी ने भयभीत नजरों से ब्रूनो को देखते हुए कहा।
“सब कुछ रखना पड़ता है।“ सुयश ने जैक की ओर देखते हुए कहा- “क्या पता कब किस चीज की जरूरत पड़ जाए?“ सुयश को अपनी तरफ घूरता देखकर, जैक ने घबरा कर अपना मुंह दूसरी तरफ घुमा लिया।
“लॉरेन की लाश कहां रखी गई थी?“ सुयश ने लारा की तरफ देखते हुए पूछा।
“उस टेबल पर।“ लारा ने एक तरफ रखी हुई एक लंबी सी स्ट्रेचर टाइप टेबल की ओर इशारा किया। सुयश ब्रूनो को लेकर उस टेबल तक पहुंचा और फिर उसने ब्रूनो को वहां सूंघने का इशारा किया।
ब्रूनो तुरंत उछलकर उस टेबल पर चढ़ गया और फिर टेबल को सूंघकर बहुत तेजी से पिछले दरवाजे की तरफ भागा। सभी लोग उसके पीछे-पीछे भागे। दरवाजे से निकल कर ब्रूनो डेक पर आ गया। उसने अपनी नाक को हवा में उठा कर कुछ सूंघने की कोशिश की और फिर कुछ आगे जा कर, एक ड्रम के पीछे कुछ सूंघने लगा। थोड़ी देर में वह ड्रम के पीछे से एक कपड़ा लेकर निकला। सुयश ने उस कपड़े को ब्रूनो से ले लिया।
वह कपड़ा एक खूबसूरत सा नीले रंग का चेकदार रुमाल था। ब्रूनो पुनः तेजी से डेक पर आगे की ओर भागा। सभी उसके पीछे थे। आगे जा कर ब्रूनो 2 खंभों के पास चक्कर लगाने लगा और फिर चुपचाप खड़ा हो गया।
जारी रहेगा.....…..