Update 07
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मेरे प्यारे दोस्तो मेरी कहानी को पसंद और पढ़ने के लिए तहे दिल से शुक्रिया।
अब आते हैं कहानी पे ,
मै अपने खेती के सभी काम निपटा के फुरसत में हो गया था अब मुझे अगले 15 दिनों तक खेतो में कोई काम नहीं था। सिर्फ टहलने ही जाना था। और टहलते टहलते खेतो की देख भाल करनी थी ताकि कोई लावारिस जानवर या जंगली जानवर खेती को नुकसान ना पहोचाए।
बस यूं ही जिंदगी गुजर रही थी । साम को दिन ढलने के करीब था मै गांव में टहलने जा रहा था जाते जाते मैने पप्पू के घर गया ।बाहर से ही आवाज लगाते हुए घरकेे अंदर चला गया तो पप्पू की मां खाना बनाने की तयारी कर रही थी।
मैने पूछा चाची क्या बनाने जा रही हो ।
अरे राजू बेटा तू कभी आया बैठ पप्पू तो है नही घरपे किधर गया होगा। दिन भर घूमके उसका पेट नही भरता है दिन ढलने को है बेटा लेकिन सुबह का निकला अभी तक पता नहीं है।
राजू बेटा उसको थोड़ा समझा बेटा देख तू कितना होसियार है। अपने दादा के साथ में रहे कर खेती के सभी काम निपटा लेता है । और एक पप्पु है। जरा भी मन नहीं लगता उसका अपने पापा के साथ । कामों में कितनी बार मैं डांट खाती हु उसकी वजह से। अरे चाची समझ जाएगा मत फिकर करो उसको भी। धीरे धीरे सब समझ आ जाएगा। अरे चाची नसरीन कहां है नही दिख रही है। है बेटा अभी तो यहीं थी। इतने में टॉयलेट के इधर से आते हुए दिखी।मुझे
आके मेरे बगल में बैठ गई बोली किधर रहेता है आज कल आता भी नही अपनी चाची से मिलने। (दोस्तो मैं बताते चलता हु, दरअसल नसरीन और मैं हम उमर है दोनो की पैदाइश एक ही दिन की थी)। और पप्पु मुझ से दो साल बड़ा था
दरअसल हम एक ही खानदान के है। पप्पू के दादा और मेरे दादा भाई है। लेकिन पप्पू के दादा जी अब इस दुनिया में नहीं है पप्पू के घर में सिर्फ चार लोग ही है । नसरीन,पप्पू, और चाचा चाची बस।
हम जब छोटे छोटे थे तो नसरीन मेरे साथ में ही स्कूल में बैठा करती थी। और मैं उसका खयाल अपनी बहन की तरह रखता था। खैर अब आगे बढ़ते है ।
किधर रहूंगा मेरी बहन बस अपने कामों में ही लगा रहता हु आज ही सभी काम निपटाने के बाद फुरसत मिली तो चलें आया अपने चाची से मिलने । मुझे तो बोलती हैं तू कितनी बार आई है अपने चाची और बहेनों को मिलने । मै रोज जाती हु,, एक बार ।तेरे घर समझा,,,, तू ही घरपे नही रहता है जब भी चाची से पूछती हु तो बस खेत में है । यही जवाब मिलता है । अब तू तो बहुत बड़ा किसान बन गया है ना। इतना बोल कर वो मेरे जांघो में चिमटी काट ली
अरे नसरीन मत कर ऐसा दुखता है,,,,। मेरे बोलने के बाद एक जोर दार चिमटी काट कर अपनी मां के पास भाग गई
उसके चिमटी काटने ओर बगल में बैठने के वजह से मेरे लन्ड
में हरकत होने लगी थी,,,,,लन्ड मेरा धीरे धीरे बड़ा होने लगा था।
जब मैने नसरीन को पकड़ ने के लिए उठा तो देखा की चाची
और नसरीन की नजर मेरे लोअर पे ही टिकी हुई थी मेरा लन्ड खड़े होने के कारण मेरा लोअर एक दम से उठ गया था मेरे अंदर चड्डी ना pahen ने की वजह से मेरे लन्ड का सुपाड़ा नजर आने लगा था । मैंने जब खयाल किया तो तुरंत ही खाट पे वापस बैठ गया।
चाची ने मौके को भांपते हुए बात को बदलते हुए बोली की तेरी मां के क्या हाल है। मैने सकपकाते हुए वो वो चाची ठीक है मां,,,, फिर चाची बोली,,तू अपने मां का ख्याल रखना बेटा तेरी मां सिर्फ तुम लोगो के सहारे से ही जी रही है नही तो कब का वो छोड़ के जा चुकी होती,, बाबू जी,,का।बहुत अहसान है की वो तुम लोगो को संभाल के यहां तक ले आए बेटा तू ही है तेरी मां और छोटे भाई बहिनों का सहारा ।
हा चाची दादा जी का बहुत अहसान है हम पर ।मै उनका एहसान कभी नही उतार सकता बस कोशिश करता हु की उन्हें किसी बात की तकलीफ न हो ।
जो हम लोगो के लिए मेरे दादा जी ने किया है संसार का कोई दादा अपने पोते पोतियों के लिए नही किया होगा चाची।
बहुत अहसान है मेरे दादा जी का
अच्छा चाची मैं जाता हु। फिर कभी दिन में आऊंगा। बैठ बेटा मैं पराठा बना रही हूं ख़ाके जा,,,नही चाची फिर कभी ।
फिर कभी क्या मैं रोज रोज थोडी पराठे बनाऊंगी रूक थोड़ा टाइम । इतने में नसरीन मेरे पास आके बोली क्या नाटक कर रहा है बैठ मां बोल रही है ना खा के जा तो क्या नही नही लगाके रखा है । ठीक है बाबा रुकता हु नही तो वापस तेरी सैतानी चालू होजाएगी। मै वापस खाट पे बैठ गया। चाची खाना बनाने में व्यस्त थी इधर नसरीन वापस आके मेरे बगल में बैठ गई । मै तो बहुत डर गया था की कहीं कुछ हरकत ना चालू करदे तो मैं थोड़ा दूर खसक के बैठा
नसरीन धीरे से बोली क्यों भाग रहा है मेरे से मै इतनी बुरी लगती हु क्या जब छोटे थे तभी तो बड़ा चिपक कर बैठा करता था अब क्या होगया।
नहीं नसरीन ऐसी बात नहीं है माशाअल्लाह तू तो बहुत खूबसूरत है । तेरे से नही तेरे हरकतों से दूर भाग रहा हूं
तू अभी भी बच्चो जैसे हरकत करती है ।
अच्छा मै बच्चो जैसी हरकत करती हु और तू तो बड़ा बूढ़ा दादा जी बन गया है ।
अरे मेरी बहन, ये चिमटी काटना छेड़ना ये सब क्या है।
क्यो तुझे नही अच्छा लगता है ये सब,,,। फिर कैसे तेरे तेरे लोअर में क्या होगया था तभी क्यो उसमें तम्बू बना हुआ था बता मुझे । हा वो क्या था । मै एक दम से चुप था। मुझे कुछ समझ में नहीं अरहा था की मै क्या करू
और क्या जवाब दु,,,, खैर जो भी था बड़ा मस्त था नसरीन बोली,,,, मेरी मां भी देख कर ललचा रहीं थी। छोड़ ना ये सब बातें। इतने में चाची पराठा लेके आई बोली ख़ाके बता कैसी बनी है। और मैं हाथ धोने के लिए नल पे गया और अपना हाथ धोने के बाद वापस आने लगा। अभी भी मेरा लन्ड आधा खड़ा ही था। जो मेरे लोअर में हिल रहा था जब वापस आकर मैने खाट पे बैठ गया चाची भी वहीं थी । उनकी नजर अभी।भी मेरे लन्ड पर ही टिकी हुई थी। और मैं पराठा लेके खानें लगा। बहुत ही लाजवाब था गोभी का पराठा मजा आगया। चाची पराठा बनाने वापस चली गई चूल्हे के पास।लेकिन नसरीन वहीं बैठी थी और उसकी नजर कभी मेरे तो कभी मारी लन्ड के तरफ जाती।
करीब 5 मिनट में मैनें दो पराठे खा लिए थे । अब मैं अपने हाथ साफ किए और चाची से बोला चाची पराठा बहुत अच्छा था, , चाची मैं अब चलता हु । ठीक हैं बेटा अब कभी आएगा। चाची अभी दस पंद्रह दिन तक फुर्सत ही है आतें रहूंगा। ठीक है बेटा जाओ । ओके चाची और मैं जाने लगा तो नसरीन वापस मेरे चूतड पर चिमटी काट ली मै भी झपट कर वापस पलटा तो भागने लगीं मां,,,,जोर से चिल्लाई देख मुझे मार रहा है। चाची बोली। तूने ही उसे छेड़ी होगी।
फिर मैं पलट कर बाहर निकल गया।
अब पूरी तरह से अंधेरा हो चुका था । मै जैसे ही रस्टेवपे पहोंचा तो पप्पू आते हुए दिखा । अरे किधर था यार तुझे ही ढूंढ रहा था मैं। पप्पु ने बोला ।
क्या होगया मै तो तेरे घर गया था तुझे ढूंढने।
कुछ नही भाई तेरे लन्ड के चर्चे चल रहे है कहीं पर । किधर
अरे आज माहिरा मिली थी ,,, अभी थोड़ी देर पहले वो अभी भी सही से चल नही सक्ति है। बोल रहीं थी। बहुत तकलीफ हुई। यह तीन चार दिन में लेकीन अब ठीक है अब अच्छा लग रहा है। वोह बता रही थी कि जभी मैने अपनी मां और बहन को । बताई की जिसने मेरे साथ किया है उसका लन्ड बहुत बड़ा था। तभी मुझे इतनी तकलीफ होरही हैं।बड़ा लन्ड के बारे में सुनकर वो दोनों अपनी चूत को मसलने लगी थी।
अबे कहीं उसने ये तो नहीं बता दी कि किसने किया है उसके साथ। नही यार उसने ये नही बताई है उसने कहा की वोह दोनो अपने अपने मुंह ढके हुए थे। तो वो पहचान नहीं पाई
वोह पूछ रही थी कि अगर तुम दोनो को सालू और मेरी मां की चूत लेनी हो तो बड़ी आसानी से मिल जायेगी।
अब बता क्या बोलता है तू मै क्या बोलू यार लेकीन तू दिन भर यही सब करता है क्या पप्पू । नही यार ऐसी बात नहीं है लेकीन कोशिश करता रहता हु । अबे आज चाची तेरी सिकायेत कर रही थी की दिन भर घूमते रहते हो और चाचा
के काम मे हाथ नहीं बंटाते हो जिसकी वजह से उन्हें डांट खानी पड़ती है। अरे छोड़ ना यार
क्या छोड़ना यार वो तेरी मां है तेरे अच्छे के लिऐ सोचती है ।
ईस लिए चाचा से डाट खाने से तुझे बचाती है । और तू उसका फायदा उठाता है। अरे बाबा ठीक भाई आजके बाद मै पापा के साथ काम करने जाऊंगा बस।
बस नही तुझे जाना होगा, अगर तू अपने पापा के कामों में हाथ बटाने लगा तो जो तू कहेगा मै करूंगा । वादा है मेरा
ठीक है फिर मैं भी वादा करता हु की आज से मै अपने पापा के साथ कामों में जरूर उनका हाथ बटा ता रहूंगा ।
चलो फिर तुम अपनें घर जाओ और मैं अपने घर ।
और हां आज चाची ने गोबी के पराठे बनाई है मैनें दो खाए हैं बहुत ही टेस्टी थे मजा आगया।
चल मेरे साथ और खाले । नही भाई बस हो गया अब में घर जाता हु।ठीक है चलो कल मिलते है।
और मैं अपने घर आगया आते ही दादा जी के पास चला
गया मैने बोला क्या हाल है बाबा मेरे बाबा बोले ठीक है बेटा
खाट पे ही लेटे लेटे जवाब दिए मैने पूछा खाना खा लिए हो
तो बाबा बोले नही बेटा अभी नहीं खाया हु तो मैने कहा घर में। खाना खाने साथ मे ही खाते है । फिर बाबा बोले की मुझे यांही पहोंचा देते तो ठीक रहता ।
मैने कहा जैसे आपकी इच्छा बाबा पहोंचा देता हु । और मैं
घर में चले गया और फिर मैने बाबा को बाहर ही लाके खाना खिला दिया।फिर हम सब घर में साथ बैठ कर खाना खाए और अपनें अपने बिस्तर पे सोने चले गए।
To be continued