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Incest Ghar me ghamasan

Jiashishji

दिल का अच्छा
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babakhaa

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Most story hai yaar land Kara ho gaya
 

Xabhi

"Injoy Everything In Limits"
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Update 07
To be continue
मेरे प्यारे दोस्तो मेरी कहानी को पसंद और पढ़ने के लिए तहे दिल से शुक्रिया।
अब आते हैं कहानी पे ,
मै अपने खेती के सभी काम निपटा के फुरसत में हो गया था अब मुझे अगले 15 दिनों तक खेतो में कोई काम नहीं था। सिर्फ टहलने ही जाना था। और टहलते टहलते खेतो की देख भाल करनी थी ताकि कोई लावारिस जानवर या जंगली जानवर खेती को नुकसान ना पहोचाए।
बस यूं ही जिंदगी गुजर रही थी । साम को दिन ढलने के करीब था मै गांव में टहलने जा रहा था जाते जाते मैने पप्पू के घर गया ।बाहर से ही आवाज लगाते हुए घरकेे अंदर चला गया तो पप्पू की मां खाना बनाने की तयारी कर रही थी।
मैने पूछा चाची क्या बनाने जा रही हो ।
अरे राजू बेटा तू कभी आया बैठ पप्पू तो है नही घरपे किधर गया होगा। दिन भर घूमके उसका पेट नही भरता है दिन ढलने को है बेटा लेकिन सुबह का निकला अभी तक पता नहीं है।
राजू बेटा उसको थोड़ा समझा बेटा देख तू कितना होसियार है। अपने दादा के साथ में रहे कर खेती के सभी काम निपटा लेता है । और एक पप्पु है। जरा भी मन नहीं लगता उसका अपने पापा के साथ । कामों में कितनी बार मैं डांट खाती हु उसकी वजह से। अरे चाची समझ जाएगा मत फिकर करो उसको भी। धीरे धीरे सब समझ आ जाएगा। अरे चाची नसरीन कहां है नही दिख रही है। है बेटा अभी तो यहीं थी। इतने में टॉयलेट के इधर से आते हुए दिखी।मुझे
आके मेरे बगल में बैठ गई बोली किधर रहेता है आज कल आता भी नही अपनी चाची से मिलने। (दोस्तो मैं बताते चलता हु, दरअसल नसरीन और मैं हम उमर है दोनो की पैदाइश एक ही दिन की थी)। और पप्पु मुझ से दो साल बड़ा था
दरअसल हम एक ही खानदान के है। पप्पू के दादा और मेरे दादा भाई है। लेकिन पप्पू के दादा जी अब इस दुनिया में नहीं है पप्पू के घर में सिर्फ चार लोग ही है । नसरीन,पप्पू, और चाचा चाची बस।
हम जब छोटे छोटे थे तो नसरीन मेरे साथ में ही स्कूल में बैठा करती थी। और मैं उसका खयाल अपनी बहन की तरह रखता था। खैर अब आगे बढ़ते है ।
किधर रहूंगा मेरी बहन बस अपने कामों में ही लगा रहता हु आज ही सभी काम निपटाने के बाद फुरसत मिली तो चलें आया अपने चाची से मिलने । मुझे तो बोलती हैं तू कितनी बार आई है अपने चाची और बहेनों को मिलने । मै रोज जाती हु,, एक बार ।तेरे घर समझा,,,, तू ही घरपे नही रहता है जब भी चाची से पूछती हु तो बस खेत में है । यही जवाब मिलता है । अब तू तो बहुत बड़ा किसान बन गया है ना। इतना बोल कर वो मेरे जांघो में चिमटी काट ली
अरे नसरीन मत कर ऐसा दुखता है,,,,। मेरे बोलने के बाद एक जोर दार चिमटी काट कर अपनी मां के पास भाग गई
उसके चिमटी काटने ओर बगल में बैठने के वजह से मेरे लन्ड
में हरकत होने लगी थी,,,,,लन्ड मेरा धीरे धीरे बड़ा होने लगा था।
जब मैने नसरीन को पकड़ ने के लिए उठा तो देखा की चाची
और नसरीन की नजर मेरे लोअर पे ही टिकी हुई थी मेरा लन्ड खड़े होने के कारण मेरा लोअर एक दम से उठ गया था मेरे अंदर चड्डी ना pahen ने की वजह से मेरे लन्ड का सुपाड़ा नजर आने लगा था । मैंने जब खयाल किया तो तुरंत ही खाट पे वापस बैठ गया।
चाची ने मौके को भांपते हुए बात को बदलते हुए बोली की तेरी मां के क्या हाल है। मैने सकपकाते हुए वो वो चाची ठीक है मां,,,, फिर चाची बोली,,तू अपने मां का ख्याल रखना बेटा तेरी मां सिर्फ तुम लोगो के सहारे से ही जी रही है नही तो कब का वो छोड़ के जा चुकी होती,, बाबू जी,,का।बहुत अहसान है की वो तुम लोगो को संभाल के यहां तक ले आए बेटा तू ही है तेरी मां और छोटे भाई बहिनों का सहारा ।
हा चाची दादा जी का बहुत अहसान है हम पर ।मै उनका एहसान कभी नही उतार सकता बस कोशिश करता हु की उन्हें किसी बात की तकलीफ न हो ।
जो हम लोगो के लिए मेरे दादा जी ने किया है संसार का कोई दादा अपने पोते पोतियों के लिए नही किया होगा चाची।
बहुत अहसान है मेरे दादा जी का
अच्छा चाची मैं जाता हु। फिर कभी दिन में आऊंगा। बैठ बेटा मैं पराठा बना रही हूं ख़ाके जा,,,नही चाची फिर कभी ।
फिर कभी क्या मैं रोज रोज थोडी पराठे बनाऊंगी रूक थोड़ा टाइम । इतने में नसरीन मेरे पास आके बोली क्या नाटक कर रहा है बैठ मां बोल रही है ना खा के जा तो क्या नही नही लगाके रखा है । ठीक है बाबा रुकता हु नही तो वापस तेरी सैतानी चालू होजाएगी। मै वापस खाट पे बैठ गया। चाची खाना बनाने में व्यस्त थी इधर नसरीन वापस आके मेरे बगल में बैठ गई । मै तो बहुत डर गया था की कहीं कुछ हरकत ना चालू करदे तो मैं थोड़ा दूर खसक के बैठा
नसरीन धीरे से बोली क्यों भाग रहा है मेरे से मै इतनी बुरी लगती हु क्या जब छोटे थे तभी तो बड़ा चिपक कर बैठा करता था अब क्या होगया।
नहीं नसरीन ऐसी बात नहीं है माशाअल्लाह तू तो बहुत खूबसूरत है । तेरे से नही तेरे हरकतों से दूर भाग रहा हूं
तू अभी भी बच्चो जैसे हरकत करती है ।
अच्छा मै बच्चो जैसी हरकत करती हु और तू तो बड़ा बूढ़ा दादा जी बन गया है ।
अरे मेरी बहन, ये चिमटी काटना छेड़ना ये सब क्या है।
क्यो तुझे नही अच्छा लगता है ये सब,,,। फिर कैसे तेरे तेरे लोअर में क्या होगया था तभी क्यो उसमें तम्बू बना हुआ था बता मुझे । हा वो क्या था । मै एक दम से चुप था। मुझे कुछ समझ में नहीं अरहा था की मै क्या करू
और क्या जवाब दु,,,, खैर जो भी था बड़ा मस्त था नसरीन बोली,,,, मेरी मां भी देख कर ललचा रहीं थी। छोड़ ना ये सब बातें। इतने में चाची पराठा लेके आई बोली ख़ाके बता कैसी बनी है। और मैं हाथ धोने के लिए नल पे गया और अपना हाथ धोने के बाद वापस आने लगा। अभी भी मेरा लन्ड आधा खड़ा ही था। जो मेरे लोअर में हिल रहा था जब वापस आकर मैने खाट पे बैठ गया चाची भी वहीं थी । उनकी नजर अभी।भी मेरे लन्ड पर ही टिकी हुई थी। और मैं पराठा लेके खानें लगा। बहुत ही लाजवाब था गोभी का पराठा मजा आगया। चाची पराठा बनाने वापस चली गई चूल्हे के पास।लेकिन नसरीन वहीं बैठी थी और उसकी नजर कभी मेरे तो कभी मारी लन्ड के तरफ जाती।
करीब 5 मिनट में मैनें दो पराठे खा लिए थे । अब मैं अपने हाथ साफ किए और चाची से बोला चाची पराठा बहुत अच्छा था, , चाची मैं अब चलता हु । ठीक हैं बेटा अब कभी आएगा। चाची अभी दस पंद्रह दिन तक फुर्सत ही है आतें रहूंगा। ठीक है बेटा जाओ । ओके चाची और मैं जाने लगा तो नसरीन वापस मेरे चूतड पर चिमटी काट ली मै भी झपट कर वापस पलटा तो भागने लगीं मां,,,,जोर से चिल्लाई देख मुझे मार रहा है। चाची बोली। तूने ही उसे छेड़ी होगी।
फिर मैं पलट कर बाहर निकल गया।
अब पूरी तरह से अंधेरा हो चुका था । मै जैसे ही रस्टेवपे पहोंचा तो पप्पू आते हुए दिखा । अरे किधर था यार तुझे ही ढूंढ रहा था मैं। पप्पु ने बोला ।
क्या होगया मै तो तेरे घर गया था तुझे ढूंढने।
कुछ नही भाई तेरे लन्ड के चर्चे चल रहे है कहीं पर । किधर
अरे आज माहिरा मिली थी ,,, अभी थोड़ी देर पहले वो अभी भी सही से चल नही सक्ति है। बोल रहीं थी। बहुत तकलीफ हुई। यह तीन चार दिन में लेकीन अब ठीक है अब अच्छा लग रहा है। वोह बता रही थी कि जभी मैने अपनी मां और बहन को । बताई की जिसने मेरे साथ किया है उसका लन्ड बहुत बड़ा था। तभी मुझे इतनी तकलीफ होरही हैं।बड़ा लन्ड के बारे में सुनकर वो दोनों अपनी चूत को मसलने लगी थी।
अबे कहीं उसने ये तो नहीं बता दी कि किसने किया है उसके साथ। नही यार उसने ये नही बताई है उसने कहा की वोह दोनो अपने अपने मुंह ढके हुए थे। तो वो पहचान नहीं पाई
वोह पूछ रही थी कि अगर तुम दोनो को सालू और मेरी मां की चूत लेनी हो तो बड़ी आसानी से मिल जायेगी।
अब बता क्या बोलता है तू मै क्या बोलू यार लेकीन तू दिन भर यही सब करता है क्या पप्पू । नही यार ऐसी बात नहीं है लेकीन कोशिश करता रहता हु । अबे आज चाची तेरी सिकायेत कर रही थी की दिन भर घूमते रहते हो और चाचा
के काम मे हाथ नहीं बंटाते हो जिसकी वजह से उन्हें डांट खानी पड़ती है। अरे छोड़ ना यार

क्या छोड़ना यार वो तेरी मां है तेरे अच्छे के लिऐ सोचती है ।
ईस लिए चाचा से डाट खाने से तुझे बचाती है । और तू उसका फायदा उठाता है। अरे बाबा ठीक भाई आजके बाद मै पापा के साथ काम करने जाऊंगा बस।
बस नही तुझे जाना होगा, अगर तू अपने पापा के कामों में हाथ बटाने लगा तो जो तू कहेगा मै करूंगा । वादा है मेरा
ठीक है फिर मैं भी वादा करता हु की आज से मै अपने पापा के साथ कामों में जरूर उनका हाथ बटा ता रहूंगा ।
चलो फिर तुम अपनें घर जाओ और मैं अपने घर ।
और हां आज चाची ने गोबी के पराठे बनाई है मैनें दो खाए हैं बहुत ही टेस्टी थे मजा आगया।
चल मेरे साथ और खाले । नही भाई बस हो गया अब में घर जाता हु।ठीक है चलो कल मिलते है।
और मैं अपने घर आगया आते ही दादा जी के पास चला
गया मैने बोला क्या हाल है बाबा मेरे बाबा बोले ठीक है बेटा
खाट पे ही लेटे लेटे जवाब दिए मैने पूछा खाना खा लिए हो
तो बाबा बोले नही बेटा अभी नहीं खाया हु तो मैने कहा घर में। खाना खाने साथ मे ही खाते है । फिर बाबा बोले की मुझे यांही पहोंचा देते तो ठीक रहता ।
मैने कहा जैसे आपकी इच्छा बाबा पहोंचा देता हु । और मैं
घर में चले गया और फिर मैने बाबा को बाहर ही लाके खाना खिला दिया।फिर हम सब घर में साथ बैठ कर खाना खाए और अपनें अपने बिस्तर पे सोने चले गए।
To be continued

Update 08
Hi dear my friend
पिछली अपडेट कैसी थी इसके बारे आप लोगो की पर्तिकीर्य bahot कम मिली उम्मीद करता हु की आप लोग आगे अच्छी या बुरी। लेकिन अपनी राय जरूर दे।

आज सुबह उठ ते ही मै toilet के लिए पानी लेकर खेत की तरफ निकल गया। ठीक उसी समय पप्पू भी निकला।
अरे भया मै भी चल रहा हु रुको जरा। मै ठहेर गया पप्पू अब मेरे साथ चुका था । क्या हाल है पप्पू भाई तुम्हारा । मेरा तो ठीक है तेरा बता । क्या इरादा है । माहिरा के बातो पर कुछ
गौर . किया। नही अभी तो नही सोचा हु तुम्हारे खयाल से कैसा रहेगा।
मैने पप्पू से ही पूछा,, पप्पु बोला यार मुझे तो जितना मिलें कम है मेरे हिसाब से चोदना चाहिए उन दोनों को
फिर मैनें पप्पु से बोला ठीक है करने को मै त्यार हु
लेकीन उन दोनों को पता नही होना चाहिए कि हम कौन है। पप्पु बोला ये कैसे मुमकिन है । फिर मैं पप्पू को बताया की ,,, माहिरा ने अपनी मां से कहा की मुझे नही पता चला कि वे दोनों कौन थे क्योंकि वे दोनों ने अपना चेहरा ढका हुआ था। समझे पप्पू भया। की अभी भी नही समझे। हम अपना चेहरा ढक के ही उनकी चुदाई
करेंगे। कोई ऐसा मास्क ढूंढो जो पूरा सर का हिस्सा छुपा सके मुंडी में पहन ने वाला । पप्पू बोला ठीक है मैं जुगाड करता । मै भी बोला ठीक है चलो अब टॉयलेट करो । मै एक तरफ खेत में चले गया और झाड़ा फिरने लगा। और सोचने लगा की नसरीन ने मुझे ऐसे क्यों छेड़ रही थी कहीं उसे भी तो चूदाई करने का मन तो नहीं हो रहा है।,, लेकिन उसे कैसे पता चला ये सब करने के बारे में कुछ तो गड़बड़ है । कहीं ना कहीं वोह चुदाई देखी।होगी । या चुदाई कर चुकी हैं। तभी वो इतना हरकत कर रही थी।और चाची का भी ऐसे देखना मुझे कुछ समझ मे नही आ रहा था। यही सब सोचते हुए। बैठा था की इतने मे पप्पु चिल्लाने लगा,,,,, राजू चल भाई कितना देर लगता है तू ,,,मैने भी आवाज दी रुक जा आ रहा हु मै। फिर मैने अपनी चूतड को धोया और आके पप्पू के साथ चलने लगा । पप्पू बोला राजू मै बाजार से कोई मास्क लता हु ,,मैने कहा ठीक है तू जुगाड कर जब जुगाड हो जाए तो मुझसे बताना फिर आगे की रडनीति
बताता हूं क्या करना है कैसे करना है ठीक है हां और मास्क काले कलर की ही लेना । ठीक है राजू ।
आज तो मैं पापा के साथ दुकान पे जरहा हूं आज से ही मैने जैसा तुझ से प्रोमिस किया था वैसे ही आज मैं दिन भर दुकान पे रहूंगा पापा के साथ । अगर दो चार दिन में बाजार को जाना हुआ तो मैं मास्क का बंदोबस्त करता हु। तू बता आज क्या करने वाला है पप्पु ने मुझ से पूछा

देख भाई मेरा तो खेती का सभी काम करचुका हु अभी नाश्ता करके वापस खेतो का चक्कर लगाऊंगा बस और क्या है ।
मै किसान आदमी हु अपने खेतो में ही रहूंगा दिन भर ।
लेकिन मुझे खुशी हुई तेरी बातो से की आज तू चाचा के साथ रहेने वाला है दिन भर । दोपहर में चाचा खाना खाने आते है की नही । नही भाई मै टिपिन लेके जाता था लेकिन आज मैं भी दुकान पे ही रहूंगा। ठीक है फिर आज तुम दोनो के लिए मैं टिपीन लेकर आऊंगा । ठीक है भाई जैसे तेरी मर्जी ।
फिर हम दोनो अलग अलग अपने घर चले गए। मै जाते ही बाबा के पास गया । बाबा बैठे हुए थे मैने बाबा से पूछा की कुछ तकलीफ है बाबा । नही बेटा कोई तकलीफ नहीं है ।
मुझे बहुत खुशी होती है बेटा जब तुझे अपने परिवार के बारे में काम करते हुए देखता हु। मेरा सीना चौड़ा हो जाता है तेरे बारे में जब लोगो से सुनता हु की तू कितना मेहनत करता है अपने कामों में। बेटा फिर मुझे दुख भी होता है की तुझे पढ़ा लिखा नही सका मेरी ताकत ने मेरा साथ छोड़ दिया बेटा ।
नही बाबा ऐसा मत सोचो। आप दुखी न हो मै शाहिद को जरूर पढ़ाऊंगा वो पढ़ेगा आपका एहसान है बाबा हमारे पे आपने बहुत किया हमारे लिए । अब आप सिर्फ आराम करे ओर कुछ नही करना है आपको । मुझे भी आप पर गर्व होता है जब लोग मुझ से कहते है की तेरे दादा जी ने बहुत कुछ किया है तुम लोगों के लिए । मुझे भी आप जैसा बनना है ।
अपने परिवार को एक रखना है और अपने पापा को लाइन पे लाना है। उनके जो गंदे काम है उसको छुड़वाना है बाबा।
चलो घर में नाश्ता करते है । ठीक है चलो मैने बाबा को सहारा देकर उठने में मदत की लेकिन बाबा अपने से ही उठ गए। अब उनका शरीर का दर्द खत्म हो चुका था
फिर बाबा आवाज देते हुए अंदर दाखिल हुए मेरी मां और गुडिया चूल्हे के पास बैठी थी । ओर साहिद ,,,,जरीना दोनो अपन होम वर्क कर रहे थे। मैने देखा तो पूछा क्यों शाहिद जी आज बड़े मेहनत से लगे हो क्या बात है ।
भाई अगर आज पूरा कर के नही गया तो बहुत मार पड़ेगी
अच्छा ये बात है । फिर तो ठीक है लगे रहो ।
और छुटकी तुम्हारा क्या मसला है । भाई मसला तो कुछ नही है मैनें सोचा शाहिद लगा है तो मैं भी कर लूं अकेली मै क्या करती बैठ के लड़ाई भी नही करसकती,, ओह अच्छा ये बात है। आजो नाश्ता karlo पहले फिर होम वर्क कर लेना ।
ठीक भाई अभी आती हु । बाबा पहले ही बैठ चुके थे । मै भी बैठ गया । मेरी मां नाश्ता निकली आज कुछ खास नही था
रोटी और सब्जी । थी और उबले हुए अंडे थे । हम लोग नाश्ता कर लिए अब बाबा जाने लगे। तो पूछा आप किधर जा रहे हो बाबा। ओह बोले काफी दिन हो गया है खेत की तरफ नही गया हु आज मेरा मन नहीं मान रहा है। आज जाता हु घुमके आता हु। मेरी मां बोली की अभी आज ही आपको थोड़ा अच्छा फील हुआ की आप खेती की तरफ वापस जा रहे हो। मत जाओ ओर एक दो दिन आराम कर लेते।।
अरे नही बेटी अब बैठा नही जाएगा मुझ से जाने दो थोड़ा घूम फिर कर आऊंगा तो अच्छा लगेगा । ठीक है जाओ लेकीन कुछ करने मत लगजाना। कुछ रहेगा तो बता देना मुझे मै जाकर कर लूंगा । वैसे भी कुछ है नही लेकिन आप नही जाते तो मैं जाता ही टहलने । ठीक है आप जाओ और जल्दी आजाना। ठीक बेटा । इतना बोलकर अपनी लाठी लेके निकल गए ।
अब मैं क्या करूं ,,,आज पप्पू भी दुकान जरहा था बाबा भी खेत में चले गए । अब मैं अकेला क्या करू ,,मै भी बाहर जाके लेट गया खाट पे करीब दस बजे शाहिद और जरीना स्कूल चले गए। मां भी अपने घरके काम निपटा के बैठी थी उधर मेरे पापा रोज की तरह आज भी नाश्ता करके अपने
ड्यूटी पर चले गए वही रेशमा के घर पे बैठने की ड्यूटी।
मै घरके अंदर दाखिल हुआ तो मां अपने कमरे में खाट पे लेटी हुई थी और गुडिया उनके पैर दबा रही थी। मै भी मां के कमरे में गया और बैठ कर मां के पैर दबाने लगा ।
मै अक्सर घर में या खेती के काम के समय लोअर ही पहिना करता था जी आज भी पहन रखा था। मै अंदर चड्डी नहीं पहनता हूं। क्यो कि मुझे चड्डी से इन्फेक्शन होजाता है इस वजह से मैं चड्डी नहीं पहन पाता हूं।
मै अपने मां के पैर दबाते हुए पूछा मां ये बता की कौन अच्छा पैर दबा लेता है । मेरी मां बोली की दोनो ही अच्छे से ही दबाते हो। मै किसका नाम लू खैर मेरी बेटी सबसे अच्छा दबाती है । अच्छा फिर तो ठीक है मां अच्छा दबाना ही चाहिए। जब इसकी शादी करेंगे तो ये अपने शौहर से मार नही खाए गी। है ना मां।ठीक कहा न मैंने।
अब तो गुडिया का मुंह ही टेढ़ा होगया अरे भाई आप जब भी काम से फारिग होजाते हो।तब मैं ही मिलती हूं खिंचाई करने के लिए। नही गुडिया मैने कहां तुम्हारी खिंचाई की है मां मैने खिंचाई की है क्या । मैने तो सच बोला है । अरे बाबा जाने दे राजू । मत बोल । उसको नही तो मेरी भी सेवा करना बंद कर देगी । अरे मां अब आप भी सुरू होगए । ठीक है भाई मै रहा हु मां मैं पप्पु के घर जरहा हूं उसका खाना देने जाऊंगा आज वो अपने दुकान पे गया है काम करने तो मैंने वादा किया है
उस से खाना पहोचने के लिए। और अभी उसके घर जाऊंगा तो चाची बिना कुछ खाए जाने नही देगी । ठीक है बेटा ये तो अच्छी बात जाके पहुंचा दो खाना । ठीक है मां उसके बाद मैं खेतो की तरफ चला जाऊंगा साम तक वही रहूंगा । फिर साम को आऊंगा मां।ठीक है बेटा जाओ तुम्हारे दादा जी भी आते ही होंगे। मै इतना सुन कर बाहर निकल गया अभी करीब एक बजने वाले थे मै सीधा पप्पु के घर गया घर के अंदर जाते ही मैंने देखा की चाची टिफिन बॉक्स त्यार कर रही थी चाची सलाम वाले कुम । वालेकुम अस्सलाम बेटा ले टिफिन जा जल्दी से देके वापस आ। अरे चाची टिफिन देके मै खेतो में चला जाऊंगा। नही बेटा तू वापस आएगा आज तेरे वजह मेरा बेटा पहेली बार काम करने गया है । तुझे ऐसे ही नहीं जानें दूंगी। वापस आजाना बेटा नही तो मैं तेरे से कभी भी बात नही करूंगी । मैने जब चाची को देखा तो मुझे एक अलग ही फीलिंग हुई उनकी पूरी बॉडी में बदलाव नजर आ रही थी मैंने जब गौर किया तो देखा की वो कमीज के नीचे कुछ पहेनी नही थी और उनकी बड़ी बड़ी चूचिया लटक रहे थे जो काफी कामुक लग रही थी । मेने झट से टिफिन लिया और बाहर जाने लगा तो नसरीन भी आगायी मैने उसे देखा तो देखते ही रहे गया बहुत ही सुंदर लग रही थीं । ये सब होने के बाद मेरा लन्ड खड़ा होने लगा। जैसे ही मुझे एहसास हुआ की मेरे लोअर में बढ़ाओ होने लगा मैं झट से बाहर निकल गया चाची को बोला मैं ये देके आता हु चाची फिर बाते करेंगे ।

मेरे प्रिय मित्रो कहानी कैसी लग रही जरा मुझे फीड बैक देते रहे आप सभी दोस्तो को नए साल की मेरे तरफ से बहुत सारी सुभ कामना
Superb bhai jabarjast sandar lajvab amazing updates

mujhe padh kr anand aa gya bhai ye Pappu ki MA or bahan ke irade samajhne ki Kosis kr rha hai Apna hero pr Dekhte hai vo pahchan payega ya nhi vahi Mahira ki MA or badi bahan ko chodne ki planning chal rhi hai, uske liye Pappu se 2 black mask kharidne ko kaha hai dekhte hai unhe bina pta lge chod sakte hai ki nhi...

Pappu ko uske pita ke sath hath btane ko raji kr liya hai hero ne jiske chalte Pappu ki MA hero se bahut khush hai, Dekhte hai Vo kya uphar deti hai Apne hero ko...
 

1112

Well-Known Member
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Mai is kanhani me kisi ka parichay nahi dunga ek ek karke sab aate jayenge jaise jaise kahani aage badhegi corrector aate jayenge meri aap sabhi foram wasiyo se gujarish hai ki Mera sapport kariye ga
Pehli kahani ki subhkamnaye💐💐💐. Aasha karta hu ke kahani mast hogi. Update regularly dete rahena nahin toh support nahi milega. Pathak yha manoranjan ke liye aate hai.
 

1112

Well-Known Member
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Kuch galat hua rahega to coment me bataye mujhe
Abhi toh thik thak hai sub kuch. Kahani bhi mast lag rahi hai. Lage raho.
 

shahil3

Mere pyare dosto
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Update 08
Continue
मैं जल्दी से भाग कर पप्पू के दुकान पर पहुंचा जो चौराहे पे था गांव से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर चौराहा था जहा हर जरूरत के समान मिल जाया करते थे वहीं पे पप्पू का भी दुकान था जो की उनके खुद के जमीन मे ही बनी हुई थी।
खैर अब आगे बढ़ते है। मै पप्पू को टिफिन दिया। और फिर मैने पप्पू से बोला भाई मेने भी अभी खाना नहीं खाया है।
मै जाता हु । पप्पू बोला ठीक है जा । और सुन कल मुझे बाजार जाना है दुकान के सामान खरीदने तो कल मैं वोह मास्क वाला मसला हल कर दूंगा। मैने कहा ठीक है पहले ले तो आ। चाचा कहां है नही दिख रहे है। कहीं गए होंगे । मै आगया हु न आज तो गए होंगे चाय पानी करने ।मुझे नही पता। है की कहां है । चल भाई मैं अब चलता हु।
ठीक है जा । और मैं दुकान से गांव की तरफ चल दिया
मै जल्दी से पप्पू की घर पंहुचा। मै सीधा घर में चले गया।
अंदर बरामदे मे खाट पे बैठा। और आवाज दिया नसरीन नसरीन । किधर है सब इतने में चाची कमरे से बाहर आते हुए।अरे बेटा आगया तू । हा चाची नसरीन कहा है। नही दिख रही हैं।बेटा वो नहा रही है । बेटा तू हाथ मुंह धोले में खाना निकलती हूं। ठीक है चाची और मैं उठ कर नलपे जाके हाथ पैर मुंह धुला।ढलने के बाद वापिस खाट पे आके बैठ गया।
चाची अभी बिना ब्रा के ही सलवार और कमीज़ में थी जिसके वजह से उनकी चूचियां कन्ट्रोल में नही थी उनके निप्पल तो साफ दिखाई दे रहे थे। चाची ने खाना लाते हुए बोली बेटा तू सही से बैठ ऐसे क्या पैर लटका के बैठा है अच्छे से बैठ जा।और मैं दोनो पैर ऊपर करके खटिया पे बैठा चाची खाना रखते हुए मेरे सामने झुकी जिसके कारण उनके गले वाले हिस्से से उनकी पूरी चूची दिख रही थी इतना गज़ब दिख रही थी करीब 4 किलो के एक रहे होंगे मेरी नजर उनके चूची से नही हट रही थी। क्या देख रहा है बेटा मैं हड़बड़ा सा गया कुछ नही चाची। मै खाना देख रहा था क्या मस्त खुश्बू अराहि है। सरमा मत बेटा जवानी की पहेचान है ये अब नही देखेगा तो कब देखेगा,,,,नही चाची ऐसी कोई बात नही है।
और चाची बैठ गई मेरे पास हस्ते हुए । खाना खाना चालू करो बेटा।मेरी तो हालत गंभीर बनी हुई थी मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करू । अरे बेटा खाओ खाना
क्यो इतना फिकर कर रहे हो । मैने जैसे तैसे खाना चालू किया। बेटा देखो हम अपने बच्चो का खयाल नहीं रखे गे।
तो तुम लोगों का।खयाल कौन रखेगा।
बेटा तुमने वो करदिए जो मैने इतने दिनो में नही कर सकी तुमने पप्पू को काम करने के लिए राज़ी करलिया। लेकिन मेरे बहुत कोसिसो के बाद भी। वोह दुकान पे या खेती में नही जा रहा था और तुमने उसे एक दिन में ही लाईन पे ले आए।
चाची आपको तो पता ही है की मेरे पापा के वजह से मेरा परिवार किन परिस्थितियों से गुजरा है। इसलिए मैं ने कभी इन सब बातो पे ध्यान नहीं दिया कभी मेरे मन औरत की परती कोई भावना नही आई लेकिन आज जो मेरे दिल में गुबार उठा है। ऐसा मै पिछले करीब तीन चार दिनों से महेसुस कर रहा हु इसके पप्पू का भी हाथ है। वो पिछले चार पांच दिनों से मेरे साथ यही सब बातें कर रहा है। लेकीन मै इग्नोर करता रहता हु ।जब आपने उसकी सिकाएत मेरे से की तो मैने उसी को हथियार बना के उस से बोला की अगर तू मेरी बात मान लेगा तो । मै भी जो तू कहेगा मै करूंगा। इस पर उसने कसम उठाया की जो भी कहोगे मैं करूंगा। फिर मैने भी कसम उठाया की जो तू चाहेगा मै करूंगा । फिर मैने अपनी बात रखी की आज से तू चाचा के कामों में उनके साथ रहेगा और उनका बराबर हाथ बांटे गा। वो बोला ठीक है । और वो राजी होगया फिर आज से उसने सुरु भी करदीया।
वाह बेटा तूने बहुत बड़ी कुर्बानी दी है उसे सही रास्ते पे लाने के लिए। हा चाची लेकिन मैं क्या करता वोह ज्यादा से ज्यादा। यही चाहेगा की मै उसके गलत कामों में उसका साथ दु। सो मैं दूंगा लेकिन जब वो चाचा के साथ रहेगा तो उसे फुर्सत ही नहीं मिलेंगी इस लिए मैंने भी हां करदी उसे गंदे काम करने के लिए टाइम तो मिलेगा ही नहीं।,,, तो आखिर वो मुझसे क्या करा लेगा गंदे काम।ऐसे सांप भी मर गया और लाठी भी नही टूटी,,,
अरे वाह बेटा बहुत ही कमाल की सोच है तुम्हारी।
और कुछ चाहिए राजू तुम्हे । नही चाची बस होगया इतने में नसरीन भी आगयी। वो सिर्फ टॉवल लपेट के ही बाहर निकल आई मेरी नजर उसपे गई तो मैं देखते ही रहेगया बहुत ही हसीन लग रही थी,,,,भीगे हुए बाल उसकी चूची के उभार जो आधा टॉवल में जकड़े हुए थे और आधे बाहर दिख रहे थे नीचे से गाठ तक खुले हुए पैर जिसपे हल्के हल्के बाल थे उसकी चूतड के उभार बहुत खूबसूरत नजारा था सीधा वो मेरे पास आके खड़ी होगई। मै तो सिर्फ देखते ही रहेगया।
फिर उसकी कोयल जैसे आवाज सुनाई दी। क्या देख रहा है किधर खो गया राजु। मै झेप सा गया। फिर मुझे होश आया तो मैं शर्म से सिर झुका लिया।
अरे नसरीन जा बेटा कपड़े पहन ले क्यो ऐसे खड़ी है । चाची ने नसरीन से कहा। जाती हु मां
अरे बेटा ये ऐसे ही है । क्या है ना बेटा तेरी गलती नही है तूने कभी किसी लड़की को ऐसे अभितक नही देखा है ना इस लिए तुझे ये सब अलग लग रहा है ।
और राजू वो तेरे लोअर में क्या है इतना बड़ा अभी तक नही था। अभी ये बड़ा होगया । चाची ने बोला ,,मुझे ,,मेरी तो हालत ही खराब हो गई ये सुनकर । मुझे नही पता चाची ये कैसे हुआ है। सच बोल रहा हु । मै बताती हु बेटा ये औरतों के गुप्त अंग देखने से बड़ा होता है। ( नसरीन भी अभी तक वहीं खड़ी थी)
मां ये गुप्तांग क्या होता है नसरीन बोली तू चुपकर तुझे तो सब पता है फिरभि नाटक करती है । ले ये प्लेट उठा के लेजा नल के पास रख अरे मां मैं ऐसे कैसे ले जाऊं अभी मैने कपड़े भी नही पहिने है। कहीं मेरी टॉवेल खुल गई तो,,,, तो मेरे गुप्तांग दिख जायेंगे फिर क्या होगा। फिर भाई का लोअर तो फट ही जायेगा। और हस्ते हुए प्लेट उठाने लगी।
मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। मजा भी आता और शर्म भी अरहि थी । इतने में चाची बोली बेटा शर्मा मत क्यो शर्म कर रहा है कही बहार थोड़े ही है बेटा अपने घर में है। जब तक नसरीन जा चुकी थी और प्लेट नल पर रख कर अपने कमरे में चली गईं । अब मुझे थोड़ा सुकून हुआ । अब चाची और मैं खाट पे ही बरामदे में बैठे हुए थे।
फिर चाची बोली बेटा देख जिस बारे में मैं तुझ से बात कर रही हु वो एक मर्द और औरत साथ में करतें है। क्या करतें है
चाची। बेटा तू अभी तक किया नही है ना । इसलिए तुझे अजीब लग रहा है,,,मैने बोला चाची थोड़ा थोडा मजा आ रहा है । लेकिन मुझे शर्म बहुत आ रही हैं। चाची मैं आपके बेटे जैसा हु । बेटे जैसा क्या मैं आपका बेटा ही हूं और नसरीन मेरी बहन है। लेकिन ये सब एक शादी शुदा मर्द और औरत के बीच में संभव है जैसे चाचा और आप दोनो कर सकतें हो।
मेरे साथ ये सब गुप्त बातें कैसे मुमकिन है ।,, बेटा मैं समझाती हु तुझे । देख तेरे पापा और रेशमा के बीच क्या संबंध है। कुछ नही न फ़िर तेरे पापा उसके साथ ये सब करतें है। वो बाहर कर रहे है इसलिए बदनामी होती है । लोगो को पता है की तेरे पापा ओर रेशमा के बीच नजायेज संबंध है ।
इसलिए बेटा जरूरत तुझे भी है इन सब की अगर तू बाहर तेरे पापा के जैसा करेगा तो सबको पता चल जायेगा फिर पूरे गांव में बदनामी होगी । और यही काम अगर हम घर में करते है तो किसी को पता भी नही चलेगा और जरूरत भी पूरी होजाएगी। न घर के लड़कियों या औरतों को बाहर जाने की जरूरत पड़ेगी और न घरके बच्चो और मर्दों को बाहर जाने की जरूरत पड़ेगी। घर की इज्जत घर में ही रहेगी। इसलिए हमने ये कदम उठाया है अब तू बता तेरी राय क्या है।,,
तू सोच कर बता बेटा मैं मेन दरवाजा बंद करके आती हु।

मै गहरी सोच में पड़ गया की क्या ये एक मां बेटे के पवित्र रिश्ते में ठीक है और अपनी बहन के साथ ,, ये सब ,,मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था,,मै गहरी सोच में डूबा हुआ था ।
फिर जब तक चाची अगाई फ़िर मेरी नजर उनके चुचियों पे पड़ी और मेरा मन विचलित होने लगा मेरे लन्ड में तनाव बढ़ने लगा।
क्या सोचा बेटा चाची ने पूछा चाची आपकी बात तो ठीक है
लेकिन समाज में अगर ये पता चल गया। तो क्या होगा ।
अरे बेटा कौन बताएगा समाज को । कोई बाहरी थोड़े ही है
हम सब घरवाले ही है ना तुम बताओगे न हम कहीं बताने जायेंगे। जब हमारे घरके मर्द और औरत दोनो की जरूरत घर में ही पूरी होजाएगी तो बाहर कौन जायेगा। इसी वजह से ही तो हम ने ये फैसला किया है की अब कोई तुम्हारे पापा जैसे बाहर अपनी जरूरत पूरा करने कोई नही जाएगा।
और हम सब अपनी जरुरते घरमें ही पूरी करते रहेंगे अगर किसी को कोई तकलीफ होगी तो हम साथ में बैठ कर सभी समस्या को हल करेंगे । बोलो बेटा क्या फैसला है तुम्हरा
चाची इस बारे में पप्पू जनता है क्या । बेटा तुम्हे कुछ पता है,,
चाची मुझे कुछ नही पता है। पप्पु ने कभी आपके नसरीन के बारे में या चाचा के बारे मे कोई बात नही बताई है।
हां बेटा यही वजह है की कोई अपने घरके बारे में किसी को नही बताता है। बेटा पप्पू को पहेली बार मैने ये सब करने को बताया है।
मै चाची के मुंह से ये सुनकर सोक होगया क्या बात करती हो चाची आपने ही उसे सब सिखाया है ।
कभी पप्पू ने कोई इशारा भी नही दिया। अच्छा चाची
चाचा को पता है ये सब ,,,
हां बेटा तेरे चाचा और मैं मिल कर ही सुरू किए थे।
अब मुझे काफी मज़ा आने लगा था दोस्तो इतना मजा की सब्दो में क्या लिखूं मुझे समझ नहीं आ रहा ।
और नसरीन का क्या हुआ चाची वो भी साथ में होती है।
क्या बोलूं बेटा हम सब घर में हमेशा नंगे ही होते है रात को 8बजे के बाद ।
चाची मतलब नसरीन ने भी मजे लिए है ।
बेटा मजे तो लिए है लेकिन अभी वो पूरा खेल नही खेली हैं । उसका मन बहुत करता है। लेकीन उसको उसके दूल्हे के लिए बचा के रखे है।
वोह मुझे लगा वो भी कर चुकी है ,,, नही बेटा अभी तक उसकी चूत कुंवारी ही है लेकिन उसका पानी हम सब चाट कर निकाल देते है।
चाची के मुंह से चूत और चाटने वाला शब्द सुनकर मेरा लन्ड एक दम से खड़ा हो चुका था।
नसरीन नसरीन चाची जोर से आवाज देते हुए बुलाई।
मै और चाची अभी भी बरामदे में खाट पे ही बैठे थे ।
चाची मेरा बहुत खड़ा होगया है । लोअर में ऐसा लगता है की लोअर फाड़ देगा मेरा वो,,,। वो क्या बेटा उसे लन्ड कहते है। हा चाची वही ला,,, ला,,लन्ड ही।
हां बेटा ऐसा लन्ड कहो। ठीक है चाची ,,, लन्ड ही चाची क्या करू मैं बहुत दुख रहा है
इतने में नसरीन भी कपड़े पहन कर बाहर आ गई मैं तो देख कर sock होगया क्या कपड़े पहन रखी थी एक बारीक सी सफेद कमीज जिसमे से उसके शरीर का पूरा हिस्सा दिखाई दे रहा था जब करीब आई तो देखा की अंदर चड्डी और ब्रा भी पहनी थी।
लेकिन बहुत ही सुंदर लग रही थी जैसे कोई परी हो।
क्या हुआ भाई । क्या देख रहें हो ,, तुझे ही देख रहा था,,
अरे बेटा तेरे भाई के लन्ड में बहुत दर्द हो रहा तनाव के कारण।और तू भी ऐसे कपड़े पहन कर सामने आ गई अब तो । मेरा बेटा और परेशान होजाएगा।
बेटा देख पप्पू और तेरे चाचा के बिना हम कुछ कर नही सकते ।
लेकिन तू लोअर निकाल सकता है जिस से तुझे आराम मिलेगा।
चाची नही मुझे शर्म आती है । मै नही निकाल सकता
मै बर्दास्त करूंगा मैं भी आप लोगो की प्रोमिस नही तोड़ना चहेता।
ऐसी कोई बात नही बेटा तुझे तकलीफ है तो निकाल दे
नही चाची मै नही निकालूंगा।
ठीक है बेटा वैसे तेरा बहुत बड़ा लगता है ऐसा मुझे ऊपर से ही महेसुस होता है।
चाची ये तो आप लोग जब देखोगे तभी पता चलेगा की बड़ा है या छोटा है ।
अब आगे क्या करना है चाची वो बताओ बेटा देखो आज रात में तुम खाना खाने के बाद आजाना करीब साढ़े सात बजे तक फिर हम सब साथ में तुम्हे सिखाएंगे।
चाची वो तो ठीक है लेकिन मां को क्या बोलूंगा। उनसे क्या कहूंगा किधर जा रहा हु रात भर ।
बेटा तुम सिर्फ अपनी मां से इतना बोल देना की चाची के घर जा रहा हु। बस और बोलदेना की सुबह आऊंगा
और कुछ कहेने की जरूरत नहीं पड़ेगी
मै तो सन होगया ये सुन कर चाची क्या मेरी मां भी इनवॉल्ब है इन सब में।
बेटा तुम और किसी बात की जिक्र अपनी मां से मत करना बस जितना बोला है उतना बोल कर चले आना
बाकी की सभी बाते मै यहां समझा दूंगी।
ठीक है चाची मै अब चलता हु।
आप लोग रात की तैयारी करो मैं भी जरा खेत घूम के घर जाऊंगा। फिर साम को मतलब रात को आता हु,,
ठीक है बेटा जाओ ,,, और मैं पप्पू के घर से चले आया ,,,,,

मेरे प्यारे दोस्तो मुझे जरूर बताएं की कहानी कैसे जरही है और कैसी लग रही है ।
 

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Update 06
हम खेत में पहोंच गए। अब आगे माहिरा का मन बुझा हुआ था। जैसे वो कुछ सोचो में डूबी हुई थी तभी पप्पू बोला क्या हुआ जाने मन क्या सोच रही हो जरा भी हम दोनों तुम्हारा भरपूर सहयोग करेंगे। माहिरा बोली ऐसी बात नहीं है पप्पू मैं मेरी मां बहन के बारे में सोच रही हु ।वो कैसे नगें होके अंकल का ।वो चूस रही थी उन्हें शर्म भी नही।है मां भी वैसे ही है ।
पप्पू बोला जाने मन तुम भी चूसो मेरा । नही मुझे शर्म आती है।देखो डीयर सरमाओ नही।चलो कपड़े निकालो । और पप्पू उसकी कमीज़ निकलने लगा तो वो थोड़ा पप्पू को रोकने लगी अपनें हाथ से उसका हाथ छुड़ाने की नाकाम कोसिस कर रही थी मैं भी सामने आके उसके दोनो हाथ पकड़ कर ऊपर की तरफ उठाया और पप्पू नीचे से कमीज उतारने लगा थोड़े ही समय में माहिरा कमर के ऊपर से नंगी हो चुकी थी मैंने देखा की उसके चूची अनार के जैसे तने हुए थे ये नजारा किसी लड़की का सरीर इतने नजदीक से पहेली बार देख रहा था मेरे लन्ड में अजीब सी कसक होने लगी वो वापस अपना विशाल रूप धारण कर लिया था। एक साथ हम दोनो एक एक अनार अपने मुंह में लेके चूसने लगे माहिरा की दोनो आंखे बंद थी और वो उसके मुंह से हल्की हल्की सिसकियां निकलने लगी पप्पू ने उसकी एक हाथ पकड़ कर अपनी पैंट में ले जाने लगा जैसे ही उसके लन्ड पर उसकी हाथ लगी तो वो बोली की कितना गरम है ये पप्पू अपना पैंट उतार चुका था और वो अब सिर्फ अंडर वियर में ही अपना लन्ड बाहर निकाल कर उसके हाथ में देदिया पप्पू का लन्ड लगभग 6.5 का रहा होगा मोटाई में करीब 1,5 का था । माहिरा अभी भी अपनी आंखे बंद करके हल्की हल्की सिसकियां ले रही थी।
पप्पू कभी उसकी चूची को कभी उसके गर्दन को तो कभी उसकी कानो की lari को हल्के हल्के होटों से चूम रहा था ।
उसको ही देख कर जैसे वोह करता मै भी वही करता रहा
माहिरा बहुत मजे लेके मस्त हो गई थीं उसे भी इस क्रिया कल्प का अनुभव पहेली बार मिल रहा था उसे ऐसे आनंद की कल्पना भी नहीं थी वो एकदम से मद होश हो चुकी थी ।
पप्पू उसके होंटो को चूसते हुए बोला कैसा लग रहा है माहिरा माहिरा hmm hmm karke maje le rahi thi itne me पप्पू नीचे बैठबकर उसकी सलवार उतार दी पप्पू उसकी chut पर अपनी उंगली फिराया तो माहिरा आह आह करके तड़प उठी उसकी चूत पे अभी हल्के हल्के बाल थे मस्त गोरी गोरी त्वचा थे उसके चूत के फाकों के पप्पू देख के मचल उठा ओर बोला क्या चूत है।भाई इसकी मै भी चुना छोड़ के उसके चूत की दीदार करने के लिये नीचे बैठ गया ।मैने तो चूत पहेली बार देखी थी जो मुझे काफी आनंदित कर रही थी माहिरा अभी भी खड़ी ही थी मैं बोला राजू इसको लिटा लेते है फिर अच्छा रहे गा पप्पू भी सहमत हो गया मैंने अपनी t sirt निकाल के ओर पप्पू के भी निकलवा के सभी के कपड़े नीचे बिछा दिए अब मैं सिर्फ शॉर्ट में था और मेरा लन्ड एक दम से खड़ा हुआ था जिसके वजह से मेरा शॉर्ट में तम्बू बना हुआ था । पप्पू बोला मेरे तरफ देख के बोला अबे तू भी निकल दे शॉर्ट मै बोला निकाल दूंगा मत सोच इसके बारे में माहिरा ने बैठ ते हुए मेरे लन्ड को ही निहार रही थी । पप्पू तुम्हारे और राजू के लन्ड में कितना अंतर है और अंकल का तो और छोटा था । माहिरा की बात सुनके मै बोला छीनाल दूर से छोटा ही दिखे गा न । फिर वो लेट गईं और पप्पू उसके चूत के तरफ जाके उसके टांगों को फैला दिया और बीच में घुटनों के बल बैठ कर उसकी चूत पर उंगली फिराने लगा और मुझे हुकुम दिया की tu apni chaddi se इन महान जीव को बाहर निकाल कर मिस माहिरा से चुसवाने का कष्ट करें।
मैने बोला जैसे आपका हुकुम मेरे आका और पप्पू की उंगली चूत पे लगते ही माहिरा जन्नत की सैर करने लगी बोली मुझे bahot ही मजा araha hai jiska mai bayan nahi kar sakti ki mujhe क्या फील हो रहा है इतने में मै अपनी चड्डी उतार दी और माहिरा के चुचियों को सहलाते हुए उसकी हाथ पकड़ कर मैंने अपने लन्ड पे रखा तो वो घबरा सी गई झट से हाथ खींच के अपनी आंखे खोल दी और बोली की मैने क्या पकड़ा था अभी इतना गरम की जैसे कोई लोहे की रॉड हो पप्पू बोला वो लोहे का नही बल्कि इन महासे का लन्ड है जरा अपनी नजर बाए तरफ करके देखो वो देख कर बोली अल्लाह इतना विशाल भी होता है तुम्हारा तो ठीक है लेकिन राजू का कई जाएगा मेरी छोटी सी चूत में चूत सब्द उसके मुंह से सुनके बड़ा अच्छा लगा पप्पू बोला रानी तुम फिकर मत करो सब जाए गा और तुम्हे असली मजा जब आए गा जब ये राजू का हथियार तुम्हारे चूत मेवजाएगा मुझे बहुत डर लग रहा है पप्पू क्यों की मैने अभी तक एक उंगली भी अंदर नही डाली है । कभी भी चूत पे उंगली मेरी पड़ती थी तो अजीब से फीलिंग आती थी शरीर में लेकिन जो मजा तुम्हारे छूने से आज मुझे मिला है वो मुझे आज के पहले कभी नही मिला
पप्पू बोला रानी मजा तो अभी तुम्हे 100 में से 10 भी नही मिला है तुम राजु का लन्ड चूसो मै तुम्हारी चूत चाट के तुम्हे मजा देता हू और पप्पू उसकी चूत पे अपना मुंह रख कर चाटने लगा माहिरा की चूत एक दम से गीली हो चुकी थी जिसका रस अब पप्पू चाट रहा था मैं ने अपना लन्ड माहिरा के मुंह में डाल दी जिस से उसका मुंह एक दम से भर गया मुश्किल से करीब तीन इंच तक ही अन्दर जा रहा था aur
माहिरा बोल भी नहीं पा रही थी
चूत चाट ने ।की वजह से माहिरा आंखे बंद करके मजे ले रही थी । मैने माहिरा की चूची पकड़ते हुए बोला छीनाल पूरा लन्ड चाट । एकदम से गीला करदे रण्डी।
और मैं उसकी चूची को जोर जोर से मीजने लगा ।मेरा लन्ड मुंह से बाहर निकाल के दर्द के मारे कराह उठी ।बोली राजु जी आराम से दबाओ दर्द होता है जोर से दबाते ही तभी ।मै बोला छीनाल अभी तेरी चूची बहुत कड़क है दबाने से ही ढीला होगा अभी सुरवात में दर्द होगा फिर अच्छा लगने लगेगा तुझे भी बहुत मजा आयेगा ।और तू खुद ही दबवाए गी अभी थोड़ा बरदास्त करेगी तो मजा भी जल्दी मिलने लगेगा और चुपचाप लन्ड चूस मेरा । माहिरा बोली इतना बड़ा है आपका मेरे मुंह में भी नहीं जा पा रहा है।कैसे चुसू।मैने उसके मुंह को खोल कर जबरन उसके मुंह में करीब चार ईंच तक डाल दिया और वोह सांस भी नही ले पा रही थी सांस न लेपाने की वजह से वो अपनी गांड़ उठा उठा के तड़प ने लगी माहिरा के इस हरकत से पप्पू जो उसकी चूत चाट रहा था वो डिस्टर्ब होगया मुंडी उठाके बोला मदरचोद।
इतना क्यो छटपटा रही है जब वो मेरी तरफ देखा तो बोला अबे साले निकाल बाहर वो सांस भी नही ले पा रही हैं मर जायेगी बे।मै अपने जॉस में ही पेले जा रहा था। इतने में पप्पू मुझे जोर से धक्का देके पीछे धकेल दिया और मेरा लन्ड माहिरा के मुंह से बाहर निकल गया अब वो जोर जोर से खांसते हुए उठके बैठ गई बोली मुझे माफ कर दो मेरे से नही होगा मै बोला साली नाटक मत कर ।अल्लाह कसम नाटक नही कर रही हूं मुझे तो ऐसा लगा की अब मेरी जान निकलने वाली है । इतने में पप्पू बोला भाई चूत चाटेगा बहोत मस्त टेस्ट है इसकी अभी तक कोइ चाटा नही है मेरे इलावा।
मै बोला भाई मेरे से होगा नही अब मुझ से बर्दास्त नही होरहा है मुझे चुदाई करनि है।भाई अगर तु कहे तो पहले मैं करके।
इसकी चूत को ढीली कर दु । मैंने बोला बेटा इसकी और मेरी उदघाटन मैं ही करू तो कैसा रहेगा। पप्पु बोला । जैसे तेरी मर्जी मेरे भाई मै तो इसलिए बोला की तू भी पहेली बार कर रहा है तो पहले मैं करके बता देता । फिर tu आराम से करता
मैने कहा भाई तू तो रहेगा ही न कुछ गलत लगा तो बोल देना मुझे बता देना ।
Too be continued
Mast,dushman ke pure ghar ko pharh kar rakh dena. Tabhi badla pura ho ga.
 

Mr.007

Black dick
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1,225
124
Bohot mast ab pappu ke pariwar ke maje lega bhai apna mast waiting for next update
 
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