वापस आई और अलमारी से नई नाइटी निकाल के पहने लगी वो बाथरूम से नंगी ही आई थी पर उसके खूबसूरत जिस्म को देखनेवाला वहा था ही कोन जो उसे इस तरह देख के पागल हो जाए और उसके खिंबसूरत जिस्म को भोगे नाइटी पहने के बाद वो फिर से बेड पे आ गई और सोती हुई सोचने लगी की ये मां बेटा तो दिमाग में घुस गए है अब उस बारे में सोचना ही नही है वरना वो उसके दिमाग में घूमते रहेंगे इसे भूल जाना ही बेहतर है और यही सोचके वो फिर से नींद की आगोश में चली गई
शुभाह सबके लिए फ्रेस थी विवान की मां पहले उठी उठते ही उसके दर्शन हुए छत की तरफ अपना मुंह उठाए विवान के लन्ड के ,वो उसके चिपक के सोयी हुई थी उसकी जांघ के पास ही लन्ड एकदम कड़क होके खड़ा था कंचन उसे भरी निगाहों से देख रही थी कंचन का हाथ धीरे धीरे उसके पास चला गया और लन्ड को पकड़ लिया वो उसको सहलाते हुए उसके कड़कपन को महसूस करती है वो लपकते हुए उसके पास चली जाती है और बिलकुल पास से उसे सहलाते हुए देखती रहती है धीरे धीरे उसका मुंह उसके पास चला जाता है उसकी नाक में विवान के वीर्य खुश्बू आनी शुरू होती है जो रात की चुदायी के बाद लन्ड साफ ना करने से आ रही थी वो आंखे बंद करके एक लंबी सांस लेके खुश्बू को अंदर लेती है तो वो अनायास ही उसके पास खींची चली जाती है और कंचन के होठ उसके लन्ड के खुले टोपे से टच हो जाते है और वो उसे धीरे धीरे चूमते हुए उसकी खुशबू का मजा लेती रही फिर उसने अपना मुंह खोलते हुए लन्ड को अंदर ले लिया और चूसने लगी वो उसके सूखे पड़े लन्ड पे वीर्य को चटकारे लेके चाटने लगी उसने महसूस किया की विवान का शरीर में हलचल हो रही है कंचन ने लन्ड को चूसते हुए ही विवान की और देखा उसे उसके चेहरे पे परेशानी देखी आंखे अभी भी उसकी बंद थी वो अभी भी नींद में था कंचन को लगा की उसे अभी भी रात की जलन हो रही है फिर भी वो हटी नही और उसने जीभ से चाट चाट कर पूरा लन्ड पे सुखा वीर्य चाट लिया फिर उसने लन्ड को छोड़ा जब कंचन ने लन्ड को छोड़ा तो लन्ड पूरा साफ हो गया था और उसकी थूक से चमक रहा था उसने अपने होठों को साफ किया और थूक निगलते हुए पलंग से उठ के बाथरूम की और चली गई नहा धोखे फ्रेस होके वो चाय और नाश्ता बनाने किचन में चली गई
विवान आधे घंटे बाद उठा उसकी आंखे अभी भी नींद में थी लन्ड पे कंचन का थूक सुख गया था लेकिन अभी भी खड़ा था पेशाब का प्रेशर भी आया हुआ था वो जल्दी से उठा और अपना लहराता हुआ लन्ड लेके बाथरूम में चला गया बाथरूम से अभी भी उसके मां के नहाके साबुन की खुस्बू आ रही थी जब पेशाब निकला तो उसे जलन हुई पर कम हुई जब उसने खत्म किया तो उसे आराम हुआ थोड़ी देर के बाद जब उसके नहाने की आवाज आई तो कंचन रूम में आ गई और पलंग की चादर समेटने लगी विवान ने दरवाजा खोल के अपनी मां से टावेल मांगा वो टावेल लिए बिना ही बॉथरूम में चला गया था कंचन ने उसे टावेल दिया और चादर हाथ में पकड़े बाहर खड़ी उसे देखने लगी विवान अपने बाल टावेल से सुखा रहा था कंचन उसके नंगे बदन को देख रही थी लन्ड ढीला पड़ गया था पर अभी भी फूला हुआ नीचे लटक रहा था बाल को टावेल से सुखा ने से वो हिल रहा था और कंचन की नजर उसी पे थी बाल सुखा के वो नंगा ही अपनी मां के पास आके खड़ा हो गया कंचन अभी उसके लन्ड को ही देख रही थी
..मां जल्दी से नाश्ता देदो आज काम पर जाना है..
कंचन उसके लन्ड को देख रही थी लटके हुए लन्ड पे भी उसकी नशे साफ दिख रही थी उसका मन तो उसे पकड़ के सहलाने को कर रहा था लेकिन उसने अपनी नजर उपर करके विवान की और देखते हुआ कहा
.. नाश्ता तैयार है अभी परोस देती हूं तू जल्दी से करले..
विवान उसे नंगा ही गले लगा लेता है और उसके गालों को चूम लेता है उसका लन्ड साड़ी के उपर से सीधा उसकी मां की चूत से छू जाता है और उसकी मां मस्ती से भर जाती है उसके लन्ड को महसूस करके वो उसे जोर से गले लगा लेती है और उसके लन्ड को अपनी चूत से भिड़ा देती है लन्ड में हलचल हो रही थी जिसे कंचन अच्छे से अपनी चूत पे महसूस कर रही थी और वो आंखे बंद किए उसे गले लगाए रखती है थोड़ी देर के बाद वो हटती है और उसके माथे को चुमके उससे कहती है
..चल जल्दी से तैयार हो जा तुझे देर हो रही होगी ..
विवान मुस्कुरा के अपने कपड़े पहन ने चला जाता है उसकी मां उसे जाता हुआ देखती है और जब वो पेंट पहन के अपने लन्ड को पकड़ के अपनी पेंट के अंदर करके जिप बंद करता है तो वो आखरी बार लन्ड को देख के एक लंबी सांस छोड़ती है और कपड़े धोने चली जाती है
विवान कपड़े पहन के बाहर निकलता है पर उसके मन में अब भी चिंता थी की निशा दी उसे देख के उससे क्या कहेंगी गुस्सा तो होगी वो पर वो क्या उसे काम से निकाल देगी यही सोच के वो परेशान हो रहा था की निशा दी का क्या रिएक्शन होगा खेर वो निशा के घर के लिए निकल जाता है