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Adultery छुटकी - होली दीदी की ससुराल में

komaalrani

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छुटकी - होली दीदी की ससुराल में

भाग ११२ -अगला दिन, बुच्ची और इमरतिया पृष्ठ ११४५

मेगा अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें लाइक करें और कमेंट जरूर करें
 
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motaalund

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१५, लाख व्यूज के लिए

सभी पाठक मित्रों का आभार धन्यवाद

Thanks Thank You GIF by Lumi
Peter Pan Thank You GIF
Wooow... 1.5 million views.
Many many congratulations to you ma'am.
It reflects that readers are going through your content but hesitant to comment.
I think it is progressing faster than JKG.
 

komaalrani

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ससुर और बहू

Part 1
मेरे ससुर का पति को आया फोन इस रविवार

बहू को जल्दी भेज दो गांव को सासु है बीमार

अनिल को काम के कारण अभी नहीं था जाना

लेकिन मुझे सुबह की ट्रेन से किया गया रवाना


आरुषि जी की नयी कविता की शुरुआत पृष्ठ ११९५ पर ( जोरू का गुलाम में )



जरूर पढ़ें
 

komaalrani

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Thanks, Friends

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15 Lakh Views of this thread


 

komaalrani

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सकल बन फूल रही सरसों

सकल बन फूल रही सरसों।
बन बिन फूल रही सरसों।

अम्बवा फूटे, टेसू फूले,
कोयल बोले डार-डार,
और गोरी करत सिंगार,

मलनियाँ गेंदवा ले आईं कर सों,
सकल बन फूल रही सरसों।

तरह तरह के फूल खिलाए,
ले गेंदवा हाथन में आए।
निजामुदीन के दरवज़्ज़े पर,
आवन कह गए आशिक रंग,
और बीत गए बरसों।


सकल बन फूल रही सरसों।



बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
 

komaalrani

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बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
 

Lakshmanain

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कोमल मैं जो जोरू के गुलाम कहानी है जो लेखक है लिखावट करता है उसका बहुत प्रशंसक करता हूं जो काल्पनिक दुनिया है कोमल में जोरू के गुलाम में एक स्त्री जो शीर्षक के तौर पर मानी जाती है कोमल में हर एक पाठक अपनी अपनी नजरियों के तौर तरीके से पड़ता है जैसे कोई कामुकता को लेकर पड़ता है तो कोई कहानियों को तौर तरीके से पड़ता है कोमल मैं हमने भी यह कहानी बहुत बारीकी से पड़ा है शुरू से लेकर लास्ट तक जो इसमें तीन किरदार होते हैं मुख्य सजना सजनी और गुड्डी यह तीनों मुख्य किरदार होते हैं जो शुरू से अभी तक चलते आ रहे हैं और जब हीरो को लेकर में टिप्पणी किया था कोमल में पाठक ने कहा था। हीरो पर नहीं हीरोइन पर कहानी करी गई है अगर मूवी से कंपेयर करें तो जैसे मूवी में एक हीरो होता है अगर उसके साथ एक स्त्री होती है तो वह भी हीरोइन ही कहलाती है मूवी जैसी होती है उसी के हिसाब से हीरो के ताकत और अक्ल दिया जाता है और गांव में जैसे पकड़ लो मुखिया इन है उसको उसके पति को मुखिया ही कहते हैं मूवी में किरदार बहुत होते हैं लेकिन असली फॉक्स सिर्फ हीरो और हीरोइन पर लिया जाता है ‌ अब आ जाते हैं कोमल में आपकी कहानी पर इसमें जो मेंन किरदार हैं वह है तीन सजना सजनी गुड्डी जो शुरू से लेकर लास्ट तक इस कहानी में बने हुए हैं पाठक लोगों इन्हीं पर ज्यादा फोकस होता है जो सजनी का सजना है जो बहुत साधारण तरीके से रहता है शुरू में ऐसे ही दिखाया गया है जो सजनी है अपने सजन को रोमांटिक और प्यार करना सिखाती है जो सजनी है अपने सजना के बहन को इनका माल भी बताती थी और उनकी रखैल भी छेड़खानी के तौर पर आब आ जाते हैं देवरान और जेठान पर जो जेठान अपने देवरान के ऊपर चल चलती है जो देवरान अपने जेठान को मुंहतोड़ जवाब देती है जो देवरानी ने अपनी जेठान का पिछवाड़ा खुद 8 इंच से सील तोड़ा था दूसरे नंबर पर सजना नंबर लगता है 7 इंच
 

komaalrani

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फागुन के दिन चार -महागाथा

पहला भाग पोस्ट हो गया।


फागुन के दिन चार भाग 1

फागुन की फगुनाहट
update posted, please do read, enjoy, like and post your comments.
holi-image-3-big.jpg

 
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komaalrani

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बसंत पंचमी की शुभकामनाएं



बसंत का दिन हो और मन्मथ का जिक्र न हो, फूलों का जिक्र न हो

मदन के पांच शर फूलों के ही तो थे, अशोक, अरविन्द ( श्वेत कमल ), निलोत्प्ल ( नील कमल ) नवमल्लिका (चमेली) और आम्र मंजरी और धनुष गन्ने का बना हुआ।

लेकिन जब कंदर्प भस्म हुए, उनका उनका रत्नमय धनुष टूटकर खंड-खंड हो धरती पर गिर गया। जहाँ मूठ थी, वह स्थान रुक्म-मणि से बना था, वह टूटकर धरती पर गिरा और चंपे का फूल बन गया!

हीरे का बना हुआ जो नाह-स्थान था, वह टूटकर गिरा और मौलसिरी के मनोहर पुष्पों में बदल गया!

इंद्रनील मणियों का बना हुआ कोटि देश भी टूट गया और सुंदर पाटल पुष्पों में परिवर्तित हो गया।

लेकिन सबसे सुंदर बात यह हुई कि चंद्रकांत-मणियों का बना हुआ मध्य देश टूटकर चमेली बन गया और विद्रुम की बनी निम्नतर कोटि बेला बन गई, स्वर्ग को जीतनेवाला कठोर धनुष, जो धरती पर गिरा तो कोमल फूलों में बदल गया!


संहार में सृजन का इससे अच्छा उदाहरण क्या मिलेगा, खुद नष्ट होकर जहाँ एक आयुध भी फूलों की रचना करता है।

वह देह विहीन हो कर भी हर विवाह मंडप में अपने वाहन शुक के रूप में नव वर वधू के मन में कामना का संचार करता है, उनका वंश अक्षुण रहे, मानव जाति बनी रहे, इसका वर, वर वधू को देते हैं।

उन मन्मथ और रति की कृपा इस कथा यात्रा पर हो और इस कथा के सह यात्रियों पर भी ,

सभी पाठक मित्र, उनके प्रियजन, परिजन पर उनके अक्षुण आशीष की वर्षा हो


Mango-Baur-esy-005382606.jpg




बसंत पंचमी की शुभकामनाये



Holi-palash-2-images.jpg




फागुन के दिन चार -पहला भाग पोस्टेड

Champa-Nature-Rabbit-Plumeria-Yellow-Plant.jpg




Marigold-licensed-image.jpg
 
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komaalrani

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कोमल मैं जो जोरू के गुलाम कहानी है जो लेखक है लिखावट करता है उसका बहुत प्रशंसक करता हूं जो काल्पनिक दुनिया है कोमल में जोरू के गुलाम में एक स्त्री जो शीर्षक के तौर पर मानी जाती है कोमल में हर एक पाठक अपनी अपनी नजरियों के तौर तरीके से पड़ता है जैसे कोई कामुकता को लेकर पड़ता है तो कोई कहानियों को तौर तरीके से पड़ता है कोमल मैं हमने भी यह कहानी बहुत बारीकी से पड़ा है शुरू से लेकर लास्ट तक जो इसमें तीन किरदार होते हैं मुख्य सजना सजनी और गुड्डी यह तीनों मुख्य किरदार होते हैं जो शुरू से अभी तक चलते आ रहे हैं और जब हीरो को लेकर में टिप्पणी किया था कोमल में पाठक ने कहा था। हीरो पर नहीं हीरोइन पर कहानी करी गई है अगर मूवी से कंपेयर करें तो जैसे मूवी में एक हीरो होता है अगर उसके साथ एक स्त्री होती है तो वह भी हीरोइन ही कहलाती है मूवी जैसी होती है उसी के हिसाब से हीरो के ताकत और अक्ल दिया जाता है और गांव में जैसे पकड़ लो मुखिया इन है उसको उसके पति को मुखिया ही कहते हैं मूवी में किरदार बहुत होते हैं लेकिन असली फॉक्स सिर्फ हीरो और हीरोइन पर लिया जाता है ‌ अब आ जाते हैं कोमल में आपकी कहानी पर इसमें जो मेंन किरदार हैं वह है तीन सजना सजनी गुड्डी जो शुरू से लेकर लास्ट तक इस कहानी में बने हुए हैं पाठक लोगों इन्हीं पर ज्यादा फोकस होता है जो सजनी का सजना है जो बहुत साधारण तरीके से रहता है शुरू में ऐसे ही दिखाया गया है जो सजनी है अपने सजन को रोमांटिक और प्यार करना सिखाती है जो सजनी है अपने सजना के बहन को इनका माल भी बताती थी और उनकी रखैल भी छेड़खानी के तौर पर आब आ जाते हैं देवरान और जेठान पर जो जेठान अपने देवरान के ऊपर चल चलती है जो देवरान अपने जेठान को मुंहतोड़ जवाब देती है जो देवरानी ने अपनी जेठान का पिछवाड़ा खुद 8 इंच से सील तोड़ा था दूसरे नंबर पर सजना नंबर लगता है 7 इंच
मेरी नयी कहानी फागुन के दिन चार पढ़ें, उम्मीद है पसंद आएगी। आज ही से पोस्ट करना शुरू की है लिंक शेयर कर रही हूँ


https://exforum.live/threads/फागुन-के-दिन-चार.126857/page-11
 

komaalrani

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कोमल जी पाठकों के नब्ज को अच्छे से पहचानती हैं...
और लिखने की कला में भी धाकड़ हैं...
🙏🙏🙏🙏🙏
 
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