एकदम सही कहा फैंटसी और चाहत
शादी ब्याह में कोई लड़की दिखती है, अच्छी लगती है, वो कभी देख के मुस्करा देती है, बस. फिर कभी सहेलियों के झुरमुट में बादल में बिजली की तरह दिखती है, आँखे चार होती हैं,
बस यही मन करता है बस एक बार और दिख जाए,...
फिर नाम मालूम हो जाए ,... और मुंह भर बात हो जाए,... और प्यार की बेल चढ़नी शुरू होती है,...
और उसी में कोई उसी लड़की के बारे में पूछ ले, ब्याह करोगे,... झिझक लाज,... और बाद में अहसास होता है की चिढ़ाया जा रहा था, .... लेकिन उस मज़ाक में भी चाहत को एक उम्मीद दिखती है क्या पता,... हो जाये तो
और उसी उम्मीद की ऊँगली पकड़ के जिंदगी थोड़ा और आगे बढ़ती है, थोड़ा मुस्कराती है
गुड्डी और आनंद का यह किस्सा कितने टीनेजर्स का होता है,
आपने इसे सहारा दिया, आपको अच्छा लगा,... आभार।