• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Erotica जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

komaalrani

Well-Known Member
24,298
65,497
259
जोरू का गुलाम भाग २५६ पृष्ठ १६०७

अब मेरी बारी


अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, लाइक करें और कमेंट जरूर करें
 

motaalund

Well-Known Member
10,043
24,369
213
मेरे प्रिय पाठकों...प्रस्तुत है अनाचार यथार्थता पर एक नई कविता। आशा है कि मुझे वही प्रेरणा मिलेगी जो मुझे पहले मिली थी….

शुरू कर रही हूं सलहज और ननदोई की कहानी
कैसे एक सलहज बन गई ननदोई की दीवानी
सुंदर बांका नौजवान और दिखाने में शरीफ
ननद रानी भी करती थी उनकी खूब तारीफ


IMG-9080
पंकज जी भी बड़े शर्मीले देख के आँख चुराते थे
भाभी जी के सम्बोधन से मुझको सदा बुलाते थे
गुड्डी मेरे बहुत करीब थी मुझको बहुत ही भाती थी
दोनों जी भर बतियाते वो जब भी मायके आती थी

IMG-9081

मेरी ननद की शादी को अभी हुआ था एक ही साल
पर एक साल में ही ननदोई जी ने कर दिया कमाल
दुबली पतली ननद थी मेरी और नींबू छोटे छोटे
अब बाहर को निकली गांड और मम्मे मोटे मोटे

IMG-9104
पूछो जब भी राज़ इसका वो थोडा शरमाती थी
सब पति की मेहनत बस इतना ही कह पाती थी

IMG-9107
वैसे तो मेरे पति भी बिस्तर में दिखलाते थे पूरा दम
पर दस साल की शादी में अब रोमांस हो गया कम
हफ़्ते में बस एक दो बार ही चुत मे लंड घुसाते थे
और एक बार में होकर ठंडे वो जल्दी सो जाते थे

IMG-9047
बत्तीस की उमर थी मेरी और उमंगे अभी जवान
सेक्स को लेकर दिल में मेरे भरे थे खूब अरमान
कुचल दी दिल की चाहत सब छोड़ दिया किस्मत पे
खुद को मैंने झोंक दिया था अपनों की खिदमत में
लेकिन कभी देख ननद को दिल में होती थी हलचल
कुछ नादानी करने को मेरा भी मन मचले था हर पल

IMG-9109
इस बार जब आई गुड्डी तो मैंने खूब उसे उक्साया
जाग उठी सब दबी चाहते फिर जो उसने बतलाया
खुल के बोलो ननद रानी अब मुझसे क्या शरमाना
हम दोनों तो राज़दार हैं फिर मुझसे क्या घबराना
बालिशत भर का ख़ूँटा इनका और हद से ज़्यादा मोटा
कड़क तो इतना हो जाता है जैसे कोई बांस का सोटा

IMG-9012
सुहागरात को नंगा करके पतिदेव ने इतनी करी ठुकाई
अगले दो दिन गरम पानी के टब में करती रही सिकाई


IMG-9101
ख़ूब दबाते हैं मम्मे मेरे और ख़ूब चूसते चूत
चूस चूस के निकाल देते हैं मेरी चूत से मुत

IMG-9013

IMG-9055
जब भी मौका मिलता इनको मैं जाती हूं पेली
पहले हफ़्ते में ही पंकज ने गांड थी मेरी ले ली
दिन रात मेरी चूत से कामरस की नदिया बहती थी
पूरी रात मेरी चूत और गांड इनके लौड़े पे रहती थी

IMG-9097
हनीमून में तो चोद चोद के हालत पतली कर दी थी
मेरे हर इक छेद में पंकज ने अपनी मलाई भर दी थी
अब भी इतनी ठरकी है ये मेरी रोज़ रात को लेते हैं
पहले चुसवाते अच्छे से लौड़े फ़िर मेरी चूत में देते हैं

IMG-9089 IMG-9071
भारी हो गई सांसे मेरी धड़क धड़क दिल जाए
ऐसा कोई मर्द कभी भी काश मुझे मिल जाए
कितनी अलग है गुड्डी से ये सेक्स लाइफ हमारी
दस साल की शादी में बाद भी मेरी गांड कुंवारी
दिन मैं तो जो मुझे बनाकर रखे वो अपनी रानी
रोज़ रात को खोद खोद के निकाले चूत का पानी

IMG-9084

IMG-9031
दस साल में औरत की क्या सब हसरते मर जाती है
अपने दिल की बात वो किसी से क्यों नहीं कह पाती है

IMG-9010
भाभी अब तुम अपनी बोलो क्या अब भी भैया सताते हैं
मेरी इस गदराई भाभी को क्या अब भी रोज़ जगाते हैं
तेरी शादी अभी नई है हमारे बीत गए दस साल
अपना तो हफ़्ते में दो दिन तेरे जैसा नहीं है हाल
भाभी तुम तो अभी जवान ही क्यों करती हो ऐसी बात
भैया की जगह पंकज होते तो सोने ना दे तुम्हें पूरी रात

IMG-9096

IMG-9086
गुड्डी ने तो बेख्याली मे बोल दी ऐसी बात
लेकिन उसने छेड़ दिए थे सोए हुए जज्बात

IMG-9098
उफ्फ .. हर रिश्ते को एक नए मुकाम तक पहुँचाने का माद्दा रखती हैं..
 

motaalund

Well-Known Member
10,043
24,369
213
क्या जबरदस्त रिश्ता चुना आपने, नन्दोई और सलहज का।

जो तीन रिश्ते, जिसमे कुछ कुछ छूट रहती है, जीजा-साली, देवर -भाभी, और नन्दोई- सलहज तीनो में सबसे न्यारा है सलहज का रिश्ता।

जीजा- साली में साली कुँवारी, बिना अनुभव की और देवर भाभी में देवर कुंवारा, अनाड़ी।

लेकिन सलहज -नन्दोई में दोनों ही शादी शुदा, दोनों ही अनुभवी, और भावनात्मक तौर पर भी इसलिए जुड़े रहते है की एक तरह से ' दोनों बाहरी ', सलहज अपने मायके से आयी और नन्दोई अपने मायके से. ससुराल में ननद हो ( नन्दोई की पत्नी ) या ननद के भाई ( सलहज के पति ) दोनों तो घर से जुड़े रहते हैं, शेयर्ड एक्सपीरियंस, शेयर्ड जोक्स, बचपन की बातें,... ' आपको नहीं मालूम होगा आपके पहले की बात है ' टाइप्स,... और नन्दोई सलहज दोनों बाहरी,

इसलिए कहा गया है साली से सलहज अधिक पियारी,

और सबसे बड़ी बात, इन सबसे बड़ी बात जो आपने इस कविता -चित्र कथा में लिख दी,..

नारी जबतक प्रौढ़ा होती है उसकी काम ज्वाला धधकने लगती है, ... पुरुष की काम ज्वाला, आफिस के टारगेट मीट करने में, घर के बाहर एक्सेल करने में लग जाती है, दूसरी बात,... पुरुष के लिए अक्सर काम एक बॉक्स टिक करने जैसा, क्यूरियासिटी से शुरू होकर परफॉर्मेंस अचीवमेंट तक,...

और उस समय एक ऐसे नवविहित पुरुष जिसके साथ खुल कर सेक्सी बातों की मज़ाक़ की इजाजत है,... और ये उस की शक्ति और क्षमता का पता चले तो एक बार फिर मन का बहकना स्वाभाविक है,...

लेकिन ये सब शुद्ध गद्य है,

रस शून्य ,... सिर्फ तर्क और अनुभव पर आश्रित,

लेकिन रससिक्त इस रिश्ते को बनाया आपने, आपकी कविता और चित्रों ने,... और चित्र भी ऐसे की लगता है बोल पड़ेंगे। हजार शब्दों के बराबर एक चित्र, और उसी की तरह रस का झरना बहानेवली कवितायेँ, ...

बहुत बहुत आभार, कोटिश: धन्यवाद

Thanks Thank You GIF by 大姚Dayao
गागर में सागर....
 

motaalund

Well-Known Member
10,043
24,369
213
कोमला जी को 1100 पेज पूरे करने पर बधाई। आप सचमुच अद्भुत और शानदार हैं। आपने डिस्को संस्कृति को बहुत अच्छी तरह से चित्रित किया है लेकिन बेचारे लड़कों का केएलपीडी करवा दिया। आशा है कि अगली बार उन्हें भी ब्याज मिलेगा और गाइडी के दोनों छिद्रों का उपयोग इसके लिए किया जाएगा।🎉👏🎉🎉👏👏
अरे तीनों छेद एक साथ...
साथ में चूचियों के बीच एक...
और दो दोनों हाथों में...
 

motaalund

Well-Known Member
10,043
24,369
213
धन्यवाद कोमल जी. आपकी टिप्पणियाँ पढ़कर बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है। बिल्कुल अपनी कहानी की तरह, आप एक माला में मोतियों की तरह टिप्पणियाँ देती है। रिश्तों के बीच सहजता और परिपक्वता को लेकर आपमें जिस तरह की समझ है....उसका कोई मुकाबला नहीं है। मैं आप जैसी मित्र और समीक्षक पाकर प्रसन्न और भाग्यशाली हूं🙏🙏🙏
कहानीकार तो उत्तम हैं हीं समीक्षा भी एकदम उच्च स्तर का प्रदान करती हैं...
 
Top