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जोरू का गुलाम भाग २३८ पृष्ठ १४५०
वार -१ शेयर मार्केट में मारकाट
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Yes. but that is not likely to come soon, at least 8-10 days more. I will not be posting more than 2 episodes on each of the two stories ( JKG and Chhutaki) and will try to post 3-4 updates on Phagun. That will make it 8, two updates per week. Secondly, what will come in that post one can know only then but the last post already had given some hints.On a lighter note Madam.. I just glanced thru the food platter..I cannot distinguish between non veg food (I am pure veg)....so, don't know anything about chicken, mutton, etc...
The sweet dish..mango..yes..pasand hain..
But more than that..what is more exciting is to look forward to the next update which holds a lot more promise... thanks.
komaalrani
Finally, guddi ke bhai ne guddi ke har chhed ka maja le hi liyaगुड्डी का पिछवाड़ा और गुड्डी के भैया
रीनू ने शायद कमल जीजू को कुछ इशारा किया और कमल जीजू ने खुद ही कमल जीजू को इसी मौके का इंतजार था , उन्होंने पलटी मार दी।
अब गुड्डी ऊपर और वो नीचे , लेकिन अपने पैरों और हाथों दोनों से उन्होंने गुड्डी को कस के दबोच रखा था , खूंटा एकदम जड़ तक घुसा , वो सूत भर भी हिल नहीं सकती थी
और वैसे भी अभी भी रुक रुक कर के वो बार बार झड़ रही थी , और उसे देस दुनिया की खबर नहीं थी ,
रीनू जोर जोर से इनका खूंटा मुठिया रही थी , और इनकी निगाहें गुड्डी की दुबडुबाती , गोल गोल , अभी ताज़ी फटी गाँड़ के छेद पर चिपकी थी ,
रीनू ने अपने जीजू को चढ़ाया ,
" जीजू मौका अच्छा है चढ़ जाइये , देखिये गोल छेद आपके सामने है , अगर अब भी आपने इसकी नहीं ली तो ,... "
सच में गुड्डी की ताज़ी मारी गयी गांड का छेद दुपुर दुपुर कर रहा था , ,...
" हे पिछली बार तो मेरी इस बहना की जबरदस्त सैंडविच बनी थी , काठमांडू में रोज मेरी और चीनू की सैंडविच बनती थी, और आज जब अपनी बहन का नंबर आया है तो कुंडली बिचार रहे हो ,... "
रीनू ने इन्हे हड़काया ,
और आग और लगाने के लिए मैंने अजय को चढ़ाया , रीनू से बोली
" हे अगर तेरे जीजू को चढ़ने में कुछ मुश्किल हो रही हो , ठीक से खड़ा न हो रहा हो या मेरी जवान टीनेजर ननद की कसी गाँड़ में पेलने में मुश्किल आ रही हो , तो मेरे जीजू हैं न , क्यों अजय जीजू ,...
अजय जीजू तो चाहते ही थे,... और कौन मर्द नहीं चाहेगा इत्ती मस्त गांड मारना लेकिन प्लानिंग हम दोनों बहनों की कुछ और थी, अजय जीजू नहीं रीनू के जीजू, मेरे ये और मेरी ननद के बचपन के यार
और मौका देख कर मैंने रीनू को जबरदस्त आँख मारी , ... चाहती तो मैं भी यही थी , सब के सामने न सिर्फ ये अपनी 'सीधी साधी बहना की ' उस एलवल वाली की गाँड़ , बल्कि कमल जीजू के साथ मिलकर सैंडविच बनाएं ,...
" हे कमीनी साली , मेरे जीजू को समझती क्या है , देख कितना मस्त खूंटा खड़ा है इनका , तेरी इस ननद की गांड का गोल गोल छेद देख कर , देखना अभी मेरे जीजू तेरी उस एलवल वाली की गाँड़ के कैसे चीथड़े करते हैं , अपने गली के गदहों को भूल जायेगी मेरे जीजू का लौंडा गाँड़ मने खाकर , समझती क्या है मेरे जीजू को , ... क्यों जीजू , फाड़ दो यार , आप की साली की इज्जत का सवाल है ,... "
रीनू ने चढ़ाया इन्हे ,
यह बड़े उहापोह में ,...
सामने गुड्डी के गदराये गोल गोल नितम्ब , कसी दरार , ... गोल गोल छेद
…………………………………….
हाँ उन के उठने के पहले , ... रीनू ने इनका का हाथ पकड़ कर पहले एक ऊँगली चूमी , बल्कि कस कस कर चूसी ,.. अपने थूक से लबरेज कर दिया , फिर दूसरी भी ,और गुड्डी के पास पहुँच कर ,... पूरी ताकत से कमल जीजू के ऊपर चढ़ी ,... गुड्डी के दोनों नितम्ब अपने दोनों हाथों से कस कर चियारे , , थोड़ा और जोर लगा कर , एक बार फिर और अब पिछवाड़े का छेद साफ़ साफ़ खुला दिख रहा था।
गच्चाक , कलाई की पूरी ताकत लगा कर वो ऊँगली , जिसे थोड़ी देर पहले रीनू ने अपने थूक से लिथेड़ा था , गुड्डी की गांड में उन्होंने पेल दिया ,
एक पोर दो पोर नहीं पूरी ऊँगली , ... और मेरी ओर मुड़ कर देखा , मैंने जोर को थम्स अप साइन दी ,
गच्चागच्च , गच्चागच्च , ... कभी अंदर बाहर कभी गोल गोल ,
पूरे चार पांच मिनट तक ,
और जो ऊँगली बाहर निकली , तो
मुझे और रीनू को तो मालुम ही था ये ऊँगली कहाँ जायेगी , ...सीधे गांड से निकली ऊँगली , गुड्डी रानी के मुंह में।
" अरे जरा जोर से चूस जितना चूसेगी न उतना गांड में कम दरद होगा , तेरे ये कंजूस भैया लोग वैसलीन और तेल पर पैसा नहीं खर्च करने वाले। "
रीनू ने छेड़ा ,
और गुड्डी सच में कस कस के चूसने लगी , और वो ऊँगली जब गांड में दुबारा घुसी तो साथ में दूसरी ऊँगली भी जिसे मैंने चाट चूट कर के चिकना किया था , खूब गीली ,
कमल जीजू ने कित्ती बार अपनी सालियों की सैंडविच बनाई थी, वो जानते थे उनका रोल अभी सिर्फ ये है की ऊपर चढ़ी घोड़ी छटकने न पाए , जब मोटा खूंटा अंदर उसके पिछवाड़े घुसे तो चूतड़ चाहे जितना पटके लेकिन खूंटे से बच न पाए , अभी वो पैसिव रोल में थे उनका काम सिर्फ अपने ऊपर चढ़ी गुड्डी को कस के रोकना था , और वो काम वो कर रहे थे, अपने दोनों हाथों से कस के उन्होंने गुड्डी को दबोच रखा था।
और अब रीनू की दोनों उँगलियाँ जैसे चम्मच , मोड़ के करोच के गांड की दीवालों के अंदर तक , ... और दो चार मिनट में बाहर आयीं तो एक बार फिर मेरी छोटी ननद के मुंह में , थोड़ा जबरदस्ती के साथ ,
चार पांच बार इस तरह मुंह से पिछवाड़े और पिछवाड़े के छेद से मुंह में ,...
गांड का छेद थोड़ा तो खुल गया था ,
इन्हों ने अपना सुपाड़ा उस टीनेजर के गोल छेद को दोनों हाथों के अंगूठों से खूब फैला कर , सेट कर दिया , और फिर कमर पकड़ कर एक करारा धक्का ,
अपनी सगी एकलौती भौजाई की चौड़ी चाकर गाँड़ मारकर, ( उनकी भौजाई की बुरिया ने लंड तो अनगिनत खाये थे पर गाँड़ कुँवारी बचा के लायी थीं देवर के लिए) अब उनकी हिचक खुल गयी थी और हफ्ते भर के अंदर ही मिसेज मोइत्रा और उनके दोनों रसगुल्लों के भी कोरे पिछवाड़े का फीता उन्हें काटना था।
उईईईईईई उईईई ,... गुड्डी जोर से चीख उठी , वो तड़प रही थी , दर्द से पिघल रही थी ,
पर कमल जीजू ने नीचे से उसे इतनी कस के अपने हाथ और पैर दोनों से पूरी ताकत से बाँध रखा था ,
वो दर्द से छटपटा रही थी , छुड़ाने की कोशिश कर रही थी , पर ,...
धक्के पर धक्का , रीनू के जिज्जा
ठेलता रहा , पेलता रहा , धकेलता रहा ,
पहले सुपाड़ा घुसा
फिर गांड का छल्ला भी पार हो गया ,
गुड्डी दर्द से दुहरी हो रही थी, तड़प रही थी। जब उसकी कसी गाँड़ में उसके भैया का मोटा खूंटा दरेरते, रगड़ते फाड़ते घुस रहा था। उसे लग रहा था कमल जीजू की गाँड़ मराई से तो गाँड़ बच गयी लेकिन अबकी बिना फटे नहीं बचेगी, जहाँ जहां कमल जीजू की गाँड़ मराई से अंदर गाँड़ छिली थी वहीँ पे जब रगड़ता हुआ इनका लंड घुस रहा था तो बस इतनी जोर से छरछरा रहा था जैसे कटे पर किसी ने नमक छिड़क दिया हो,
ओह्ह नहीं भैया उह बाहर दर्द हो रहा है , कभी रोती सुबकती कभी दांतों से होंठों को काट के दर्द रोकने की कोशिश करती
देह उसकी मरोड़ रही थी उछल रही थी,
कमल जीजू ने जो नीचे से पकड़ा था उससे ज्यादा कस के रीनू ने अपनी ननद को दबोच रखा था और अपने जीजू को चढ़ा रही थी,
" अरे जीजू, स्साली कोमल के जीजू से तो हंस के घोंट लिया इस स्साली ने और मेरे जीजू का घोंटने में नौ नौ आंसू बहा रही है, कोमल के जीजू का मखमल का था और मेरे जीजू में कांटे लगे हैं,... "
Ajay jiju ko to ek line me nipta diya, galat baat komal jiडी लिट् -पिछवाड़े की
ये बात सुन के गुड्डी हलके से मुस्करायी और मुड़ के इनको भी देखा लेकिन अगले ही पल खूब जोर से चिल्लाई,
नहीं भैया नहीं , ओह्ह्ह , जान गयी
गुड्डी के मुलायम मखमल से गाल पर नमकीन आंसू टपक रहे थे।
हुआ यह था की इन्होने आलमोस्ट पूरा निकाल के अपनी कमर का पूरा जोर लगा के एक बार में ही ठेला तो वो गांड का छल्ला जो छिल गया था बस वही,.. छिली चमड़ी पर कोई लोहे का रॉड रगड़े तो कांटे ऐसा ही लगेगा न।
लेकिन रीनू पर कोई असर नहीं हुआ, किस भौजाई पर होता है ननद के चीखने चिल्लाने का असर,... उलटे उसने अपने जीजू को हड़काया
" ये आधा किस के लिए बचा रखा है अपनी महतारी के लिए, हम दोनों की सास के लिए , जिस भोंसडे से निकले हो उसके लिए "
अजय जीजू का खूंटा मुठियाते मैंने वहीं से अनाउंस किया आने वाली हैं वो,... जिनके भोंसडे से तेरे जीजू निकले थे। "
" अरे आधे तीहै से क्या होगा हम सब की सास का, गदहा घोडा से चुदवा के तुम सबको जनी हैं तो उनके लिए गदहा ही ले आएंगे, अगर अगले चार धक्के में स्साले ये लंड पूरा अंदर नहीं गया तो सोच ले तेरी बहन की गाँड़ बाद में मारी जायेगी, पहले तेरी ही गाँड़ मारी जायेगी। तेरी स्साली की कसम पेल पूरी ताकत से .
उनकी बहन रोती रही चूतड़ पटकती रही लेकिन क्या ताकत दिखाई पता नहीं साली की कसम का असर या,
चार नहीं तीन धक्के में ही पूरा लंड उनकी बहन के गांड के अंदर, एकदम बॉल्स तक।
मैं अजय को चिढ़ा रही थी
" क्यों जीजू न मैं छू रही हूँ न दबा रहीं हूँ , फिर भी तेरा खूंटा इतना कस के टनटनाया है , मजा आ रहा है न बहन को गांड मराते हुए देखने में ,. तेरा भी मन कर रहा है न इसकी गांड मारने का ,..अरे यार दिलवा दूंगी ,... तू भी क्या याद करेगा कैसी साली से पाला पड़ा है ,...,... बस जैसे ही मेरी इस कमीनी बहिना के जीजू हटेंगे न , बस मेरे जीजू चढ़ जाएंगे , हचक के मारना , बड़ा मजा देगी ये ,... मस्त चूतड़ हैं इसके ,... "
सच में गुड्डी की गांड मरौव्वल देख कर अजय का खूंटा एकदम पगलाया हुआ था ,...
पूरे दस मिनट तक कमल जीजू नीचे चुपचाप लेटे रहे और ऊपर से रीनू के जीजू , मेरी ननद की हचक हचक कर गांड मारते रहे , ,...
ये बात नहीं की मेरी ननद दर्द से कराह नहीं रही थी लेकिन पहली बार की तरह अब लंड उतनी मुश्किल से नहीं घुस रहा था ,
लेकिन थोड़ी देर में मैं समझ गयी बात क्या ,थी दो बातें थीं एक तो अब गुड्डी को गाँड़ मराने का स्वाद मिल गया था, दूसरे ये उनके बचपन का यार जब उसके कच्चे टिकोरे आ ही रहे थे, वो हाईस्कूल में गयी ही थी, इन्हे लाइन मार रही थी, उस समय भी ये उसकी मार लेते तो खुद टांग फैला देती वो गाँड़ मरवाने के लिए निहुर जाती,.. लेकिन इनकी नथ तो मुझसे उतरनी लिखी थी तो सुहाग रात को ही इनका फर्स्ट टाइम हुआ,... और आज, गुड्डी भी वही सोच रही होगी, इसलिए अभी वो खुद इन्हे चिढ़ा रही थी उकसा रही थी गाँड़ मरवाने में इनका साथ दे रही थी,
और चिढ़ा रीनू को भी वो रही थी, रीनू ने गुड्डी से पूछा
" क्यों आ रहा है बहिनिया को भैया से गाँड़ मरवाने का मज़ा "
गुड्डी ने खुद कमर के धक्के से अपने किशोर चूतड़ों को पीछे ढकेलते हुए उनका लंड गपक लिया और रीनू से बोली
" अरे मीठी भौजी, मेलोडी खाओ खुद जान जाओ, वैसे भी भी मेरे भैया अपनी इस मीठी स्साली की नमकीन गाँड़ मारे बिना नहीं छोड़ेंगे। "
फिर अपने भैया से बोली,
" भैया, मीठी भाभी की ऐसे कस के मारिएगा की मेरे भाई को याद रखें। बचपन से आज तक अपने जिन जिन भाइयों से मरवाई होंगी न भौजी सब भूल जाइयेगा। "
उसकी ऐसी मीठी बात सुन के उन्होंने झुक के कस के अपनी बहन का गाल पहले तो चूमा फिर काट लिया और लंड आधा निकाल के पेल दिया। क्या तूफानी गाँड़ मार रहे थे वो।
इनका लंड सटासट सटासट , पूरे जड़ तक गुड्डी की गांड में ,
दस मिनट के बाद ये रुके तो नीचे से कमल जीजू ने धक्के लगाने शुरू किये और अब वो पूरे दस मिनट तक
ये नहीं की ये खाली…, गुड्डी की दोनों चूँचिया उस के हाथ में थीं और वो कस के मीज रहा था , रगड़ रहा था। बीच बीच में हाथ गुड्डी के जांघों के बीच कभी क्लिट छेड़ देता तो कभी बुर मसल देता ,
कुछ देर तक तो मेरे दोनों जीजू ने बारी बारी से मेरी बारी उमरिया वाली छुटकी ननद की कुटाई की , फिर एकदम साथ साथ
क्या कोई धुनिया रुई धुनेगा , जिस तरह से दोनों जीजू ,...
जबरदस्त डबल चुदाई का असर हुआ की मेरी ननद फिर झड़ रही थी और उसका झड़ना ख़तम हुआ तो नीचे से कमल जीजू ने फवारा छोड़ दिया।
मारी गुड्डी की जा रही थी, मारने वाले उसके भैया, और फट मेरी बहिनिया की रही थी, रीनू उनकी स्साली की।
कमल जीजू थोड़ी देर पहले ही झड़ के अलग हो गए थे
और इन्होने अब आसन बदल दिया था, अब गुड्डी अपनी पीठ के बल लेटी थी थोड़ी आराम से, इन्होने सब कुशन तकिया लगा के उसके चूतड़ों को खूब ऊँचा कर दिया था, गुड्डी की दोनों लम्बी गोरी टाँगे इनके कंधे पर और सटासट सटासट, साथ में दोनों हाथ अपनी बहन की छोटी छोटी चूँची पर क्या मस्त मसल रहे थे
" यार ये तेरा वाला तो बड़ा छुपा रस्तम निकला, स्साला नम्बरी,... " रीनू की निगाह इनकी बहन के पिछवाड़े से निकलते इनके मोटे पिस्टन पर चिपकी थी।
लेकिन मैंने रीनू को घूर के देखा,... पति की तारीफ़ सुन के कौन पत्नी खुश नहीं होगी, खास तौर पर जब पति अपनी जस्ट इंटर पास टीनेजर बहन की कसी कसी गाँड़ मार रहा हो,...
लेकिन मैंने घूर के इसलिए देखा की हम तीनो मौसेरी बहनों का बचपन का करार था ' तेरा वाला' मेरा वाला ' नहीं चलेगा। और साली के रहते बीबी के पहले साली का हक़ होगा,
रीनू मुस्करायी और बोली
मेरा मतलब मेरा वाला, अब तीन दिन तो स्साली कमीनी तुझे इसे छूने नहीं दूंगी हाँ अनारकली ऑफ़ आजमगढ़ की बात और है, ऐसी ननद पर सौ लंड कुर्बान, लेकिन यार मेरा वाला अपनी बहन का यार मार मस्त रहा है गाँड़ अपनी छोटी बहिनिया की, देख कैसे मस्त हो रही है।
सच में अपनी भौजाई की गाँड़ मारने के बाद इस इलाके में भी इन्हे महारत हो गयी थी। और औजार तो कुछ गीता की पहलौठी के दूध का कमाल कुछ मंजू के जड़ी बूटी का, और तलवारबाजी कुछ इनकी सास ने सिखाई कुछ खुद सीख ली।
" आज पता चलेगा जब रात को तेरी गाँड़ मारेगा,... कल मेरी बहिनिया दीवाल पकड़ पकड़ के चलेगी, ... " मैंने अपनी बहिनिया को चिढ़ाया
" बात तो तेरी सही लग रही है लेकिन बिन मरवाये मैं छोडूंगी भी नहीं " रीनू बोली।
कमल जीजू दो बार झड़ने के बाद वाशरूम चले गए थे, मैं अजय जीजू ( रीनू के मरद ) के साथ। और ये अपनी बहन गुड्डी की गाँड़ मारने में लगे। और ये भी बात नहीं की अंदर कमल जीजू की मलाई हो इसलिए उन्हें आसानी हो रही हो, रीनू कमीनी थी न उसने एक एक बूँद अंदर तक गुड्डी की ही स्कूल की स्कर्ट दो ऊँगली में लपेट के पूरी तरह साफ़ कर दी थी. और एक बार मारने में गांड कोई इत्ती ढीली नहीं हो जाती।
अब ये न गुड्डी की चूँची छू रहे थे न चूत , लेकिन गुड्डी मस्त हो रही थी, अपनी नीमबाज आँखों से अपने बचपन के यार को देख रही थी। और अब वो भी चूतड़ उठा उठा के धक्को का जवाब धक्के से दे रही थी. और थोड़ी देर में जब वो झड़ने के कगार पर पहुंची तो इन्होने धक्को की रफ्तार बढ़ा दी। कुछ देर में ही गुड्डी तूफ़ान की तरह काँप रही थी झड़ रही थी।
और रीनू बस कभी झड़ती हुयी गुड्डी को देखती कभी इन्हे, फिर उसके मुंह से निकला " स्साला, बहनचोद,... देख अपनी बहिनिया को सिर्फ गाँड़ मार के झाड़ दिया, क्या मस्त झड़ रही है साली,... "
रीनू की निगाहों से अपने जीजू के लिए तारीफ़ झलक रही थी पर मैं मौका क्यों छोड़ती, उसे चिकोटी काट के चिढ़ाते हुए बोली,...
" घबड़ा मत मेरी बहिनिया को भी सिर्फ गाँड़ मार मार के झड़ायेगा वो. वो मेरी बहन और अपनी बहन में फर्क नहीं करता "
रीनू की एक निगाह अपने जीजू पर दूसरी घडी पर थी, फुसफुसा के बोली, " यार तेरे मेरे जीजू ( कमल जीजू ) ने साढ़े चौदह मिनट इस कच्ची कली की गांड मारी थी और झड़ गए थे लेकिन मेरे जीजू ने तो सवा सोलह मिनट हो गए हैं और अभी तक सांड चढ़ा हुआ है। "
हाँ ये बताना मैं भूल गयी थी की रीनू का एक सब्जेक्ट स्टैटिस्टिक्स भी था इसलिए आंकड़े उसकी जुबान पे होते थे।
गुड्डी का झड़ना रुक गया था पर गाँड़ मराई बदस्तूर चालू थी।
" मैं हम दोनों के जीजू ( कमल जीजू ) को गाँड़ मारने में पी एच डी समझती थी लेकिन मेरा वाला, मेरा जीजू तो, पी एच डी के आगे कोई डिग्री होती है क्या,... "
रीनू ने फुसफुसा के मुझसे पूछा।
" डी लिट् " मैंने उसी तरह से जवाब दिया।
" मेरा वाला, मेरा जीजू वही है "
रीनू ने उन्हें डिग्री अवार्ड कर दी। लेकिन एक चीज रीनू को अच्छी नहीं लग रही थी, ननद की गाँड़ मारी जा रही थी उसका भाई मार रहा था लेकिन वह न रो रही थी न चिल्ला रही थी। किस भौजाई को अच्छा लगेगा। असली मजा तो ननद की रुलाई धुलाई सुनने का है।
" हे जीजू, जरा रेडियो मिर्ची लगाओ न "
रीनू इनसे अपने जीजू से बोली और ये समझ गए। कौन जीजा होगा जो साली की बात टाल दे।
अपनी जाँघों के बीच उन्होंने गुड्डी की जाँघे दबोच लीं, टांगों में टाँगे कैंची मार के फंसा ली। मोटा लंड इनका पूरा अंदर धंसा हुआ था, उस समय तो गुड्डी को कुछ नहीं पता चला लेकिन जब धीरे धीरे उन्होंने बाहर निकाला, गाँड़ के छल्ले के भी बाहर बस सुपाड़ा फंसा हुआ था और अब गांड एकदम टाइट हो गयी थी, जाँघों और पैर के बीच फंसी दबी,
जब उन्होंने अंदर ठेलना शुरू किया, जहाँ जहाँ हल्का सा भी छिला था अब सुपाड़ा उसे रगड़ते दरेरते जा रहा था, गाँड़ इनकी बहन की सच में फटी पड़ रही थी, और जितना वो चिल्लाती रोती उतना उन्हें और उनसे ज्यादा उनकी साली को रीनू को और मजा आ रहा था।
" हाँ जीजू हाँ , जरा रेडियो मिर्ची का वॉल्यूम बढ़ा दीजिये "
और रीनू के जीजू अपनी बहन के आये आये निपल को नाख़ून से नोंच देते
" ओह्ह भैया नाहीइइइइइइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ नहीं दर्द हो रहा है जान गयी "
और ये उसके निपल का दर्द का फायदा उठा के एकदम कसी सटी गांड के छेद में और कस के पेल देते और अब दर्द दूसरी जगह होने लगता। पांच सात मिनट तक इसी तरह वो रगड़ के गुड्डी की मारते रहे। और रीनू बस झड़ी नहीं इत्ती मस्त हो गयी अपने जीजू का गाँड़ मारना देख के
पर इनकी बहन झड़ गयी।
गुड्डी तो पता नहीं कितनी बार झड़ी पर ,... रीनू के जीजू ये आधे घंटे तक हचक कर चोदने के बाद ही झड़े ,
कुछ देर तक तो ,रीनू के जीजू ये वैसे ही इनकी ममेरी बहन को दबोचे , उसके अंदर घुसेड़े पड़े रहे, और जब बाहर निकाला तो इनकी बहन की गाँड़ से कटोरी भर तो इनकी मलाई बाहर निकली ही होगी।
और कहने की बात नहीं की निकालने के बाद एक बार फिर , मेरी ननद से चुसवाया , चटवाया।
उसके बाद अजय जीजू ने गुड्डी की गांड पर नंबर लगाया और झड़ने के बाद चटवाया भी
एक बार गुड्डी गिंंनगिनाइ जरूर , मुंह भी बनाया , पर कोई रास्ता था क्या उसके पास , ... तो मुंह में भी लिया और चाट चूट के फिर से चिक्कन भी किया।
गुड्डी वहीँ गद्दे पर , पेट के बल पड़ी रही , और दोनों जीजू हम लोगो के पास आकर दीवाल के सहारे लगे कुशन पर ,... सहारा लेकर ,
बहुत से मर्दों को आदत होती है , सेक्स के बाद स्मोक की , अजय जीजू को भी थी , और उन्होंने अपनी सिगी निकाल ली ,
और मुझसे गाली भी खायी ,
" जीजू अकेले अकेले , और मौंकों पर तो साली याद आती है , लेकिन ऐसे समय , बस अकेले , ... एकदम स्वार्थी हो आप ,.. " और जो उन्होंने सुलगायी थी वो मेरे मुंह से खोंस दी , फिर रीनू चढ़ गयी उनके ऊपर और थोड़ी देर में हम दोनों बहनें ,
और मैं पहले से जानती थी अजय जीजू की पसंद ,
सिगी पेसल थी , और उसके अंदर का 'मसाला ' महा पेसल , ... एकदम इम्पोर्टेड, एक सुट्टे ने बुर में आग लगा दी ,
भाभियाँ सुट्टे मारें और ननद बैठी रहे , ये कैसे हो सकता है , तो रीनू भी थकी दर्द में डूबी , गुड्डी के पास , जो पेट के बल अभी भी लेटी थी ,
रीनू ने एक बार फिर उसे पलटा नहीं लेकिन गुड्डी के पेट के नीचे कमर के नीचे कुशन , तकिये लगाकर म कुछ उसे आराम का सहारा दिया , और बिना बोले , उसका चेहरा , लम्बे बाल सहलाते ,... अपनी मुँह की सिगरेट बिना बोले गुड्डी के मुंह में खोंस दी ,
Sukhi kyun padi hai dono ki, dekhkar geeli ho rhi hogi khoobकिचेन
गुड्डी खड़ी भी नहीं हो पा रही थी , चलने की कौन कहे , इत्ता जबरदस्त मूसल चला था उसके पिछवाड़े पर उसकी दोनों भौजाइयां , मैं और रीनू , उसकी बगल में हाथ डाले , आलमोस्ट टांग कर किचेन में ले आये।
और किचेन में पहुँचते ही फिर , जैसे कोई हिरन शाविका , दो शेरनियों के बीच में ,...
गुड्डी किसी तरह किचेन सिल पकड़ कर खड़ी हुयी , रीनू ने उसे छेड़ते हुए बोला ,
" क्यों मेरी ननदो मजा आया ,... "
गुड्डी बड़ी मुश्किल से किचेन के सिल का सहारा छोड़कर अलग हुयी , मुस्करायी और जवाब उसके होंठों ने दिया ,
लेकिन बिना बोले ,... जोर से उसने अपनी नयकी भौजी को गपुच लिया , और सीधे अपने रसीले होंठ रीनू के होंठों पर ,
उसके छोटे छोटे उभार , रीनू के गदराये बड़े बड़े उभारों को दबा रहे थे , खूब कस के हग कर लिया इनकी ममेरी बहन ने मेरी मौसेरी बहन को।
रीनू को जवाब मिल गया था , और वो भी मौका क्यों चूकती , एक हाथ से उसने ननद को कस के दबोच रखा था , दूसरे से उसके टेनिस बाल साइज बूब्स का टॉप के ऊपर से ही हालचाल ले रही थी।
और जब गुड्डी के होंठ अलग हुए तो , गुड्डी मीठी मीठी आवाज में बोली ,
" मेरी इत्ती प्यारी मीठी मीठी भाभी , और मैंने हग ही नहीं किया ,... "
रीनू ने जवाब दुबारा चुम्मी ले कर दिया और अब वो एकदम भाभी जैसे किसी छोटी ननद की , रीनू के होंठों ने कस के , गुड्डी के होंठों को दबोच रखा था , हलके से काट भी रही थी , ... और धीरे से अपनी जीभ उसने गुड्डी के खुले होंठों के बीच ठेल दी।
गुड्डी मजे ले ले कर उसे चूस रही थी , उसके दोनों हाथों ने कस के रीनू को पकड़ रखा था , ... और उसने अब अपने को पूरी तरह नयी मिली भाभी के हवाले कर दिया था , और उसकी नयी मिली भाभी भी पक्की लड़की खोर ,... और गुड्डी ऐसा माल देख कर तो कोई स्ट्रेट औरत भी लेस्बियन हो जाए ,...
और जब गुड्डी के होंठ रीनू के होंठों के चंगुल से छूटे तो मैंने वो बात पूछ ली , जिसके लिए मेरा मन बहुत देर से बैचैन था ,
" हे बहुत दर्द तो नहीं हुआ न ,.... "
वो शरीर शोख बदमाश , मेरी बहन के होंठो से हेट होंठ उसने मेरे होंठों पर चिपका दिए , और जब होंठ हटाए तो बड़ी अदा से बोली ,
" भाभी,... आप ही ने तो सिखाया था , जितना ज्यादा दर्द , उतना ज्यादा मजा ,... और साथ देने के लिए ये मेरी मीठी मीठी भाभी तो थी न , सच में ये न होती न तो मैं नहीं झेल पाती , बीच मैदान से खूंटा छुड़ा के भाग जाती ,... "
और मेरे होंठों से हटे ननद के रसीले होंठ एक बार फिर नयी आयी भाभी के होंठों पर चिपक गए।
और जब होंठ अलग हुए तो अबकी उसकी मीठी मीठी भाभी बोल उठीं ,
" अरे वाह मैं क्यों नहीं होती ,... इत्ती प्यारी सेक्सी ननद , ये मेरी कमीनी बहन अकेले अकेले मजा लूट रही थी ,... मैं तो आयी ही तेरे लिए ,... और जब ननद की फट रही हो तो उसकी भौजी साथ नहीं देगी तो कौन देगा।
और एक बार फिर दोनों ननद भाभी चिपक गयीं , लेकिन मैंने हड़काया
अच्छा बहुत चुम्मा चाटी , चिपका चिपकी हो गयी हो ,... बहुत काम पड़ा है , थोड़ी देर में फिर भूख भूख का हल्ला मचेगा। और डीजल नहीं डालोगी तो गाडी आगे कैसे चलेगी अभी तो रात भर ,... लांग ड्राइव ,.... गुड्डी तूने तो मजा ले लिया लेकिन हम दोनों तो सूखी ही पड़ी हैं , ... "
गुड्डी रीनू से अलग होते हुए हँस कर बोली ,
" एक दम भाभी , अब आगे के राउंड आप दोनों के , ... चलिए बोलिये क्या करना है ,... "
Main course ka baad intercourse chalu hogaजोरू का गुलाम भाग २१९
डिनर -स्टार्ट्स
२४,६१,४००
(Kindly don't post any comments or anything on this thread till these words remain, posting in Progress.)
इनकी और अजय जीजू की आवाज आयी
" हे बीरबल की खिचड़ी अभी तक बनी की नहीं , ... "
और हम तीनों टेबल लगाने में लग गए।
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थोड़ी देर में तीनो लोग आ गए , एक ओर वो दूसरी ओर मैं गुड्डी और रीनू . गुड्डी हम दोनों के बीच में।
लेकिन खाने के शुरू में रीनू ने एक बैन लगा दिया था ,
नो सेक्स ड्यूरिंग मील्स और ये बैन एक घंटे तक चलने वाला था , खाने के बाद भी ,
बस खाना शुरू होने के पहले ही सारे लड़कों ने खूब जोर जोर से हो हो किया , नहीं नहीं नहीं नहीं
और सरप्राइज , .... गुड्डी भी उन्ही लोगों की ओर ,...
जिसकी मेरे जीजू लोगों ने अभी जबरदस्त कुटाई की थी ,बेचारी से अभी तक चला नहीं जा रहा था , सीधे से , कुर्सी पर भी आड़े तिरछे मेरी ननद रानी किसी तरह बैठी थीं , तो बीच बीच में पिछवाड़े चिलख उठी जाती थी , ऐसे कस के मूसल ठेले गए थे , पर वो भी ,
" मेरी मीठी मीठी भाभी ,... कुछ तो रहम करिये न बिचारे ,... देखिये ,... "
रीनू ने गुड्डी को घूर के देखा , फिर मुस्करायी , फिर जोर की गाली दी , सबके सामने ,
" मान गयी , तू मेरी असली ननद है , एकदम पैदायशी छिनार , मर्द देखकर चूत में चींटे काटने लगते हैं , वो भी मोटे मोटे , तुझे ही बचाने को तो मैं बोल रही थी , वरना ये तीनों खाना छोड़ देंगे और तुझे ही गड़प कर लेंगे ,... "
गुड्डी मीठा मीठा मुस्करा रही थी , सिर्फ बोली , भाभी प्लीज , अच्छा थोड़ा सा ,
और ये काम मैंने और रीनू ने गुड्डी पर ही डाल दिया , ... और गुड्डी मेरी ननद एकदम पॉलिट्सियन दोनों पक्षों को खुश करने में एक्सपर्ट , बोली
" देखिये भाभी की बात भी सही है , इन्होने खाने के समय का ये रिस्ट्रिक्शन सिर्फ आज के लिए हो तो लगाया है , ये हर रोज के लिए थोड़ी है , कल दिन का खाना , रात का डिनर ,... और नाश्ते वाश्ते के लिए तो एकदम नहीं , है न भाभी ,... "
रीनू ने घूर के देखा , पर अब तो बात निकल चुकी थी।
गुड्डी ने फिर बात आगे बढ़ाई , ...
"और आप ही लोग तो डीजल डीजल चिल्ला रहे थे , तो अच्छी तरह से गाड़ी फूल कर लीजिये , दो चार डिब्बा गाडी की डिक्की में डाल लीजिये ,... बस ये समझ लीजिये अभी सिर्फ साढ़े नौ बज रहे हैं , ... और गाडी को लांग ड्राइव पर जाना है , नान स्टाप , फिर कोई कहानी नहीं चलेगी की , ये चाहिए वो चाहिए ,... बस इसी लिए मेरी समझदार भाभी बोल रही थी ,... मोबाइल चार्ज करते करते बात करना ठीक थोड़ी है , फुल्ली चार्ज , पावर पैक रेडी , उसके बाद ,... नान स्टाप ,.... "
आज मेरे जीजू लोगों की संगत में ये भी शेर हो गए थे , बोले ,
'लेकिन खाने के बाद भी एक घंटे ,..."
" ओके ओके , ...चलिए अब मेरी प्यारी भाभियों ने वीटो दे दिया है तो , ... एक घंटे का ४५ मिनट कर देती हूँ , ठीक और ये ये रिस्ट्रिक्शन सिर्फ डिनर टेबल पर ही रहेगा , डेजर्ट और काफी मैं बेड रूम में सर्व करुँगी ,.... मंजूर ,... "
यानि उस ४५ मिनट में भी स्वीट डिश का टाइम निकल गया तो बस पन्दरह बीस मिनट का गैप ,
और गुड्डी ने झुक झुक कर स्टार्ट्स सर्व करने शुरू कर दिए , कमल जीजू के तो वो एकदम पीछे ही पड़ी थी ,
" जीजू आज आपने बहुत मेहनत की थी , आप को तो मुझे एक्स्ट्रा ,... और मेहनत मैंने करवाई आपसे तो जिम्मेदारी भी मेरी बनती है , ये कबाब मैंने सेंके है , प्लीज थोड़ा बहुत जले भी हों तो तारीफ़ जरूर कीजियेगा ,... "
फिर ढेर सारे शामी कबाब , काकोरी कबाब ,
चिकेन टिक्का ,...
और उसके बाद अजय जीजू का नंबर ,...
जीजू , आपकी बीबी पर तो अब मेरे भइया ने नंबर लगा दिया है , अब आपको मेरे और मेरी भाभी से ही काम चलाना पडेगा , ... इसलिए मैं जो दे रही हूँ तो चुपचाप , ज़रा भी बचना नहीं चाहिए , सारे कबाब मैंने सेंके है ,...
और उनकी भी प्लेट उसने भर दी ,...
और जब गुड्डी झुकती देने के लिए तो उसके छोटे से टॉप से उसके कड़े कड़े छोटे छोटे जुबना न सिर्फ दिख जाते , बल्कि निप्स भी , ... और वो भी जान के खूब झुक के ही ,...
" हे मेरी ननद दे रही है इतने प्यार से और तुम लोग लेने में हिचकिचा रहे हो ,... " रीनू ने चिढ़ाया।
प्लेट खाली होने के पहले ही गुड्डी दुबारा ,...इतना इसरार करके , और कभी कभी ,
" जीजू एक सिर्फ एक मेरे हाथ से ,... "
" हे ये तेरे भैया लोग हैं की जीजू लोग ,... " मैंने उसे चिढ़ाया
" दोनों " बड़ी अदा से वो बोली।
" असल में ये कन्फूजन हम दोनों किस ससुराल में ही है , ... मेरी सास , कभी इन्हे मुन्ना बनाती है , तो कभी यार , और सबसे मजेदार रिश्ता तो इनकी जेठानी के साथ , देवर भी है , ननदोई भी , और खसम तो अपने मायके के सारी लड़कियों और औरतों के हैं। " मैं बोली ,...
अब तक मेन कोर्स चालू हो गया था।
Sej to saj chuki hai raat bhar kabaddi ke liyeरीनू और गुड्डी
रीनू ने बोला कुछ नहीं , बस उसे घूर कर देखा ,
और अब गुड्डी जैसे उसे मनाते अपना कान पकड़ के मीठे से बोली ,
" सॉरी भाभी , लेकिन जैसे आप ने मुझे पिछवाड़े का फायदा समझाया था न ,.. तो मुझे लगा की आप मेरे बारे में भी अपने कुछ इरादे बता रही थीं न , पचा पचाया ,... वो जादू ,... जो आपके पेट में जाएगा ,... वो मेरे पेट में ,.... इसलिए ,... मुझे लगा की जितना ज्यादा आपके पेट में जाएगा , उतना ही ,... "
रीनू जोर से मुस्करा उठी और जूठे होंठों से ही सबके सामने उसे चूम लिया और बोला ,
" घबड़ायेगी तो नहीं तू , ... सोच ले ,... "
" अरे भाभी इसी सब के लिए तो आपकी फ्लाइट पोस्टपोंड कराई , इतना जुगाड़ कर के ,... हाँ अगर आपका मन न हो इस ननद के साथ मनमर्जी करने का या ये ननद पसंद न हो , तो बात अलग है ,... " वो सीरियसली बोली ,
और रीनू भी इतनी ही सीरियसली , ... उसका कान पकड़ के ,..
" हे तू कुछ भी बोले ,... लेकिन मेरी इस ननद के बारे में कुछ मत बोल , ये तो मुझे अपनी जान से भी ज्यादा प्यारी है , इससे ज्यादा पसंद तो मुझे कुछ भी नहीं, इत्ती स्वीट सेक्सी ,... बस थोड़ा बहुत जबरदस्ती करना पड़ता है तो भाभियाँ होती ही इसी लिए हैं , कर लूंगी न। "
" और न करियेगा जबरदस्ती तो आपकी ये ननद सच में बुरा मान जाएगी , ... लेकिन इत्ती सूखी सूखी बिरयानी , थोड़ा सा ,.. "
और खिलखिलाते हुए गुड्डी ने रीनू की प्लेट में रोगन जोश जितना बचा था सब ,...
खाने के बाद भी ननद भौजाई चालू थीं , रीनू ने हाथ धोके गुड्डी के गाल में पोंछ दिया और छेड़ा ,
" जितना तूने जबरदस्ती मुझे खिलाया है न आज , सोच ले कल सुबह सुबह , उसका आधा तेरे पेट में जाएगा। "
" मुझे मालुम था आप भाभी बेईमानी करेंगी , सिर्फ आधा ही क्यों बाकी क्यों नहीं ,... " गुड्डी कम नहीं थी।
" लेकिन चलिए अभी जीजू लोगो के लिए स्वीट डिश , ... " गुड्डी रीनू को खींच कर के फिर से किचेन में
रीनू ने जो रेस्ट्रिक्शन लगाया था या जो गुड्डी गुजराती थाली की तरह बार बार प्रेस करके खिला रही थी , उसका असर , आधे घंटे में ही खाना ख़तम हो गया था , और सब लोग बेड रूम में ,
मैंगो फिरनी पर रीनू और गुड्डी ने मैंगो की फ्रेश स्लाइसेज लगाई , और रीनू से एक रिक्वेस्ट की ,
" भाभी प्लीज , .... अभी बही बहुत दर्द हो रहा , पिछवाड़े तो एकदम ,... थोड़ी देर जीजू लोगों से मुझे ,... "
" चल यार कुछ चलती हूँ चाल , लेकिन सिर्फ आज की रात , कल से कोई बहाना नहीं ,... और जो मेरी वाले बाते हैं उसमें भी तो नहीं ,... "
"क्या भाभी , अपनी इस मीठी भाभी के लिए तो ,.. जो आपकी मर्जी हो , मन मर्जी हो ,.... हाँ आपने जो भी कहा है , ज़रा भी कोताही की , तो बस मैं बुरा मान जाउंगी ,... कुछ एक्स्ट्रा हो तो चलेगा। " गुड्डी बोली ,
और तब तक वो दोनों ननद भाभी ट्रे लेकर लिविंग रूम में पहुँच गयी , ( आज सोने का इंतजाम वहीँ था )जहां मैं इनके और अपने जीजू लोगों के साथ थी।
लेकिन उसके पहले मेरी बहन और ननद मिलकर वहां का खाका बदल चुकी थीं , लिविंग रूम का सारा फर्नीचर एक कोने में रीनू और गुड्डी ने समेट दिया था और चार मोटे मोटे डबल बेड के मैट्रेस जमीन पर वाल टू वाल , उसपर साटन की बेडशीट , ... एक साइड में एक सोफा सेट , दो सेटी , दो स्टूल और एक मेज , उसके सामने थोड़ी सी जगह खाली थी , बाकी पूरे कमरे में मोटे मोटे गद्दे , साथ में एक अटैच्ड बाथरूम भी था ,
ये मेरे दोनों जीजू के साथ वहीँ थे , गद्दे पर अधलेटे सामने टीवी पर कुछ देख रहे थे , बात कर रहे थे ,
मैं रात की कब्बडी के लिए मेरी बहन और इनकी बहन ने जो तैयारी की थी , बस उसमे कुछ फाइनल टचेज दे रही थी। पूरे घर के तकिये, कुशन लाकर ,... उस कमरे में फ्रिज भी था तो व्हिस्की और रम की बॉटल , ...एक टेबल पर ग्लासेज ,.. इन तीनों लड़कों का क्या ठिकाना भी नहीं था था कब क्या मन करे ,...
पहले मेरे मन में गुड्डी को सोच कर आया की वैसलीन की एक बॉटल या कच्ची घानी वाला कडुआ तेल ही रख लूँ , पर आज शाम को जब वो कमल जीजू का मोटा घोंट गयी पिछवाड़े तो ,... और अभी तो उसकी मीठी भाभी , रीनू ने उसे अभय दान भी दे दिया ही , ... आज रात , कम से कम अभी थोड़ी देर तक कोई कुछ नहीं ,... वो दूर ही बैठेगी , ..
और वैसे भी आज रात तो कम से कम उसका पिछवाड़ा सुरक्षित रहेगा ,...
और तभी रीनू और मेरी ननद , मैंगो फिरनी लेकर ,…. हॉट , सुपर हॉट लग रही थी दोनों , एकदम सगी बहने मात ,
दोनों ,मैचिंग सेक्सी पिंक बेबी डाल ड्रेस में , और उसके अंदर न ब्रा न पैंटी ,...
गुड्डी ने तो शाम से ही आज आग लगा रखी थी , मेरे दोनों जीजू का झंडा झुकने का नाम ही नहीं ले रहा था , लेकिन मेरी रीनू , मेरी बहन ,
उसे देखकर , मेरे इनके मुंह में ऐसे पानी आ रहा था , और वो भी परफेक्ट साली की तरह अपने जीजू को ललचा रही थी
घप्प से रीनू इनकी गोद में बैठ गयी , रीनू के हाथ में मैंगो फिरनी , और जैसे ही इन्होने फिरनी की ओर हाथ बढ़ाया , मेरी कमीनी बहन ने फिरनी इनके हाथ से दूर कर ली और प्यार से चिढ़ाया ,
" क्या जीजू , आप भी एकदम भुक्खड़ ,... नदीदे , इत्ती सेक्सी प्यारी साली आपके पास , और आपको मैंगो फिरनी की पड़ी है ,.."
Ab jakar jiju or sali ka intejar khatam hogaमस्त इंटर वाली टीनेजर
डिम्पल वाले गाल पर फिरनी लगा के एक ओर से कमल जीजू , दूसरे गाल पर अजय जीजू ,
चाट रहे थे , चूस रहे थे , उस किशोरी के मालपूआ ऐसे गाल ,
उस कच्ची नयी नयी आयी जवानी ने खुद कमल जीजू का हाथ पकड़ कर अपने एक टेनिस बाल साइज के एक उभार पर , और अजय जीजू का दूसरे उभार पर ,
खुद अपने उभार उचका उचका कर मजे से मिजवा रही थी , मसलवा रही थी ,
और मेरे दोनों जीजू के खूंटे भी ,.... मैं मान गयी अपनी ननद को ,
अगर कोई ऐसी मस्त इंटर वाली टीनेजर , गोद में बैठी हो ,
अपने ब्वाइश चूतड़ों से को घुमा घुमा के आपके खूंटे को खुल के रगड़ रही हो , ... तो क्या हाल होगा , और ऊपर से कमल जीजू ऐसे ही चूतड़ के दीवाने वो भी ऐसी कमसिन लौंडिया के ,
और ये बात गुड्डी को भी अच्छे से मालूम थी , पतला सा बेबी डाल का कपडा और कमल जीजू का मेश का बॉक्सर शार्ट , बस यही बीच में थे जीजू के उस मोटे से बित्ते भर लम्बे अच्छी तरह से टनटनाये खूंटे और मेरी ननद के किशोर गांड की दरार के बीच में,
पर मेरी शैतान ननदिया , ज़रा उचकी वो जैसे अपनी ड्रेस ठीक कर रही हो , और बेबी डाल , वैसे भी छोटी सी , अब उसकी कमर के ऊपर , ... और ये उसे अंदाज नहीं था की कमल जीजू भी कुछ कम नहीं , उससे भी कच्ची उमर के लौंडों की नेकर सरका के ,...
कमल जीजू का शार्ट भी सरक कर उनके घुटने के पास , और जब गुड्डी बैठी तो उनका फनफनाया खूंटा सीधे उस किशोरी की गांड के दरार के बीच ,...
बस गुड्डी पर एक फरक पड़ा , ... उसने अपनी दरार से जीजू के खूंटे को रगड़ने की रफ़्तार दूनी कर दी , हलके हलके वो शोख नयी बछेड़ी अपनी कमर हिला रही थी , चूतड़ मटका रही थी ,
और ये नहीं की उसने अजय जीजू को ऐसे ही छोड़ दिया हो , अभी तक उसका हाथ जीजू के ब्रीफ के ऊपर से उनके खूंटे को रगड़ मसल रहा था , छेड़ रहा था ,...
मेरी ननद आज शाम से मेरे दोनों जीजू के खूंटे घोंट चुकी थी , कमल जीजू का तो दोनों ओर और अजय का अपने पिछवाड़े ,... इसलिए उसे ताकत मालूम थी दोनों के खूंटो की ,
और अब गुड्डी ने सीधे अजय जीजू के ब्रीफ में हाथ डाल दिया और पकड़ कर ऐसे खींचा की चमड़ा नीचे , सुपाड़ा बाहर खुल कर ,.... और अब गुड्डी की तर्जनी सीधे अजय के पी होल ( पेशाब के छेद ) ओर डांस कर रही थी।
गुड्डी के दोनों गाल , दोनों जीजू चूम रहे थे , चूस रहे थे ,
दोनों उभार , दोनों जीजू मीज रहे थे रगड़ थे ,
गुड्डी के दोनों गाल , दोनों जीजू चूम रहे थे , चूस रहे थे ,
दोनों उभार , दोनों जीजू मीज रहे थे रगड़ थे , और गुड्डी रानी एक के खूंटे पर अपने छोटे चूतड़ रगड़ रही थीं और दूसरे के औजार को खुल कर मुठिया रही थीं ,
फिरनी कब की ख़तम हो गयी थी , मेरे जीजू लोगों की भी और इनकी भी पर
इनकी गोद में इनकी साली
और मेरे दोनों जीजू की गोद में मेरी कमसिन इंटर वाली ननद , ....
मैंने फिरनी के खाली सकोरे , ट्रे उठायी और सीधे किचेन में ,...
और जब मैं पांच मिनट में लौटी तो मैं भी अपनी बहन और ननद की तरह एक बहुत ही छोटी सी बेबी डॉल ड्रेस में ,
और गुड्डी को सरका कर अपने जीजू की गोद में बैठ गयी ,
बेचारी गुड्डी लग रहा था जैसे कोई स्कूल जानेवाली लड़की के मुंह से किसी ने लॉलीपॉप छीन लिया हो , ....
और गुड्डी हम दोनों से थोड़ी दूर , हम सबके सामने , बैठ गयी ,
गुड्डी इस बार ,... सिर्फ , दर्शक नहीं थी , रेफरी , अम्पायर , स्कोरर, जो कहिये सब थी , गेम के रूल उसी को अनाउंस करना था , ...
………………………………………..
और वो अपना रोल बहुत सीरियसली ले रही थी ,
इस बार जीजू साली का ,
रीनू अपने जीजू के साथ , इनके साथ
और मैं अपने दोनों जीजू के साथ , अजय और कमल दोनों के
Ekdam sahi comment diya hai aapne Guddi ke liye
Aur uske lie to kya bhaiya aur kya jiju. Jo pel de vahi jija.