इतना अच्छा रूपक मैं भी नहीं सोच सकती थी और आप ने एकदम सही उदाहरण दिया और मैंने उसे आगे बढ़ाया,
अब जो पुराने ज़माने की दर्जिने होती थीं वो आज के फैशन डिजाइनर होते हैं,
अन्यथा लेने का सवाल ही नहीं था, और आप की एक एक बात एकदम सटीक है
ड्रेस की तारीफ़ का शुक्रिया और एक बार और, पहले वाली कहानी में शुरू के और बाद के भागों में कुछ हलका फुल्का द्व्न्द सा या बल्कि ये कहें की मिलान नहीं था, और एक लम्बे सीरियल में ये कंटीन्यूटी वाली दिक्क्त आ जाती है, इसलिए उसे बस एकरस कर रही हूँ लेकिन उस चक्कर में लिखना भी बहुत पड़ रहा है और कुछ पार्ट तो पूरे के पूरे और एकदम लम्बे जैसे गूंजा वाला ये पार्ट था
दूसरी बात की कहानी में कुछ आगे आने वाली घटनाओं की भी पदचाप सुनाई देनी चाहिए तो इस लिए गूंजा का स्कूल, उसकी सहेलियां थोड़े विस्तार से आयीं
एक बार फिर से आभार धन्यवाद, साथ बनाये रखिये